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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 Delhi Election Voting

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान जारी है। 13,766 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक मतदान किया जा रहा है। मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने-अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारकर मुकाबला किया है। दिल्ली विधानसभा 2025 के लिए मतदान इस समय हो रहा है।

दिल्ली में कई सीटों पर मतदान में काफी तेज़ी देखी जा रही है। विधानसभा चुनाव में दिल्ली की 70 सीटों पर मतदान हो रहा है। बहुमत प्राप्त करने के लिए 36 सीटें आवश्यक हैं। चुनाव में बीजेपी और आप के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर आप सरकार तक के बीच की राजनीतिक लड़ाई को देश और दुनिया ने नजदीकी से देखा है। अब असली तस्वीर के लिए मतदान हो रहा है, जिसके परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

दिल्ली में मतदान प्रतिशत: सुबह 9 बजे तक 8.10 फीसदी मतदान हुआ है।

  • सेंट्रल दिल्ली: 6.7%
  • पूर्वी दिल्ली: 8.1%
  • नई दिल्ली: 6.51%
  • उत्तर दिल्ली: 7.12%
  • उत्तर-पूर्वी दिल्ली: 10.70%
  • उत्तर-पश्चिमी दिल्ली: 7.66%
  • शाहदरा: 8.92%
  • दक्षिण दिल्ली: 8.43%
  • दक्षिण-पूर्वी दिल्ली: 8.36%
  • दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली: 9.34%
  • पश्चिमी दिल्ली: 6.76%

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा 10.70 फीसदी मतदान हुआ है। जिले की दो विधानसभा सीटों, मुस्तफाबाद और सीलमपुर, पर क्रमशः 12.43% और 11.02% मतदान हुआ है।

दिल्ली मतदान से राजनैतिक दलों की बड़ी धड़कने

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है। कुल 13,766 मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है, जो सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक चलेगा। मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी समर में अच्छा मुकाबला किया है। अब तक सुबह 9 बजे तक 8.10 प्रतिशत मतदान हो चुका है।

दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने अपनी पत्नी के साथ आर एन मार्ग स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के मतदान केंद्र पर मतदान किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री और कालकाजी विधानसभा सीट से आप उम्मीदवार आतिशी ने भी कालकाजी के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। वहीं, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कामराज लेन स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

दिल्ली की सीएम और कालकाजी विधानसभा सीट से आप उम्मीदवार आतिशी ने मतदान करने से पहले कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कहा, “मैंने कालका मैया का आशीर्वाद लिया है और मुझे विश्वास है कि दिल्ली के लोग धर्मयुद्ध में काम, सच्चाई और अच्छाई को अपना वोट जरूर देंगे।”

कालकाजी विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने कहा, “दिल्ली का विकास एक राष्ट्रीय राजधानी के रूप में होना चाहिए। जैसे आज भारत दुनिया में पहचाना जा रहा है, उसकी राजधानी दिल्ली भी उसी प्रकार की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि जैसे देश का विकास हो रहा है, वैसे ही दिल्ली का भी विकास हो। इसलिए मैं दिल्ली के सभी भाई-बहनों से अपील करता हूं कि वे दिल्ली के विकास के लिए वोट डालें।”

मुख्यमंत्री ने किया शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का विमोचन

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मुख्यमंत्री ने किया शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का विमोचन

शीतकालीन चारधाम यात्रा हेतु श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से शीतकालीन प्रवास स्थलों में दर्शन करने की भी की अपील

शीतकालीन चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढावा देने में भी होगी मददगार-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ का पोस्टर का विमोचन करते हुये गीत को यू-ट्यूब पर लांच किया। मुख्यमंत्री ने इस गीत की सराहना करते हुए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष से प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के प्रचार-प्रसार एवं उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक और नैसर्गिक सुंदरता के परिप्रेक्ष्य में भी इस प्रयास को प्रासंगिक बताया।

मुख्यमंत्री ने तीर्थाटन एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा हेतु श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से वर्ष भर उत्तराखण्ड आकर शीतकालीन प्रवासस्थलों में दर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि इसके लिये राज्य सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व चारधाम यात्र ग्रीष्मकाल में ही संचालित होती थी, अब शीतकालीन प्रवास स्थलों पर भी दर्शन की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढावा देने में भी मददगार होगी। उन्होंने कहा कि गीत अत्यन्त मधुर है तथा उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता, अध्यात्म एवं यहाँ के पवित्र धामों व मंदिरों से आम जनमानस को जोड़ते हुए उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड आने को भी यह प्रयास प्रेरित करेगा।

इस गीत को गीतकार व गायक श्री भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा तैयार किया गया है तथा नवोदित संगीतकार श्री ललित गित्यार द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। गीत के माध्यम से उत्तराखण्ड में प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के विशेष महत्व का उल्लेख करते हुये दर्शनार्थियों और पर्यटकों से देवभूमि उत्तराखण्ड आने तथा यहाँ के शीतकालीन प्रवासस्थलों-यथा ज्योर्तिमठ, ऊखीमठ, मुखवा व यमुनोत्री में चारों धामों के दर्शन कर पुण्य अर्जित करने का अनुरोध किया गया है।

इस गीत में उत्तराखण्ड के अन्य तीर्थस्थलों-यथा पंचकेदार, पंचबद्री, पंचप्रयाग, आदि कैलाश, ओम पर्वत, जागेश्वर, बागेश्वर, पूर्णागिरी, ऋषिकेश व हरिद्वार जैसे धामों व तीर्थस्थलों का उल्लेख करते हुये उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता से भरपूर कौसानी, मुक्तेश्वर, बिनसर, नैनीताल, मसूरी, चकराता व औली आदि स्थलों में आकर कुछ समय बिताने की अपील की गयी है।

गीत के विमोचन के अवसर पर अपर सचिव श्री पन्ना लाल शुक्ल, श्री ब्रदीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सचिव श्री विजय थपलियाल आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड के बाद गुजरात में समान नागरिक संहिता की तैयारी रंजना देसाई होगी अध्यक्ष

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Dhakad Dhami " Dynamic Three Years as CM

गुजरात में भी अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस बात की जानकारी दी कि यूसीसी समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई करेंगी। इसके अलावा समिति में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीएल मीना, अधिवक्ता आरसी कोडेकर, पूर्व कुलपति दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ भी शामिल होंगे।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का उद्देश्य यह है कि सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलें। उन्होंने यह भी बताया कि इस समिति को 45 दिनों के भीतर विस्तृत शोध करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

Dhakad Dhami " Dynamic Three Years as CM

गुजरात का यह कदम उत्तराखंड द्वारा समान नागरिक संहिता को लागू करने के बाद आया है, जिसने इस महीने की शुरुआत में इस कानून को अपने राज्य में लागू किया था। उत्तराखंड सरकार के इस कदम से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला था, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनावों में। अब गुजरात सहित अन्य राज्य भी इस कानून को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना था
इस महीने की शुरुआत में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने वाला पहला राज्य बना था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता का उल्लेख किया था।

उत्तराखंड में सामान नागरिक कानून लागू होने के बाद से देश भर में धामी सरकार को राजनैतिक रूप से फायदा मिला है दिल्ली चुनाव में इसका उपयोग किया गया है कई जनसभा में धामी मतदाता के बीच इसको लेकर राजनैतिक रूप से प्रयोग करते रहे बरहाल धामी सरकार के कानून को बल देने के लिए देश के कई राज्य आगे आ रहे है

38वें राष्ट्रीय खेल महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में धामी ने देखा ग्राउंड जीरो

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से देहरादून पहुंचते ही रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भोजन व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और खिलाड़ियों को भोजन परोसा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया और विभिन्न खेलों में भाग ले रहे राज्यों के खिलाड़ियों से बात की, उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने शूटिंग रेंज का भी दौरा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों की उत्तराखंड में बेहतरीन शुरुआत हुई है, और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सभी खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं और विशेष ध्यान रखा गया है कि हर राज्य के खिलाड़ियों को उनके खानपान के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह राष्ट्रीय खेलों की व्यवस्थाओं की हर पल की अपडेट ले रहे हैं और खुद भी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य, और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में मौसम अलर्ट: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का अनुमान

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उत्तराखंड में मौसम अलर्ट: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का अनुमान

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जनपदों में मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार सुबह से अटल टनल रोहतांग सहित हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर के ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 5, 8 और 9 फरवरी को राज्य के विभिन्न स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

बर्फबारी और बारिश का अलर्ट

अटल टनल के दोनों छोर पर बर्फबारी के कारण पुलिस प्रशासन ने सैलानियों और आम लोगों को इस दिशा में आवाजाही करने से रोक दिया है। वहीं, प्रदेश के किसान और बागवान, जो सूखे जैसे हालात से परेशान हैं, बारिश की उम्मीद में हैं। बारिश और बर्फबारी से मौसम में ठंडक आएगी, जिससे किसानों को राहत मिलने की संभावना है।

पर्वतीय इलाकों में तापमान में गिरावट

देहरादून सहित कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। खासकर 3500 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

आगे का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, और बागेश्वर जनपदों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। 5 फरवरी से मौसम में बदलाव की संभावना है, जिसके बाद 6 फरवरी से शुष्क मौसम रहने की उम्मीद है। इस बीच, मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी।

निष्कर्ष

मौसम में बदलाव से उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे ठंड बढ़ेगी और किसानों को राहत मिल सकती है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की स्थितियों पर नजर रखी जा रही है और यात्रा से पहले प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट का पालन करना जरूरी होगा।

खेल वन: राष्ट्रीय खेलों के दौरान पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

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खेल वन: राष्ट्रीय खेलों के दौरान पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के समीप स्थित वन विभाग की 2.77 हेक्टेयर भूमि अब एक नई पहचान मिलने जा रही है, और इसे खेल वन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत, राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 1600 खिलाड़ियों के नाम से रूद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे। यह कदम उत्तराखंड सरकार की हरित पहल को बढ़ावा देता है, जिसका उद्देश्य खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है।

ग्रीन गेम्स की पहल

38वें राष्ट्रीय खेलों की थीम “ग्रीन गेम्स” रखी गई है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्थायित्व पर जोर देती है। उत्तराखंड सरकार ने इस पहल के तहत कई कदम उठाए हैं, जो न केवल खेलों को बल्कि पर्यावरण को भी सशक्त बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस कदम की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी, जिन्होंने राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड सरकार की हरित पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री का उद्घाटन और सुरक्षा व्यवस्था

10 फरवरी को खेल वन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा, और इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल सचिवालय द्वारा एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रीन गेम्स के प्रभावी संदेश को फैलाने का प्रयास किया जाएगा। इस पूरे इलाके को तैयार किया जा रहा है, और तारबाड़ की जा रही है ताकि जब पेड़ लगाए जाएं, तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

चैंपियन से प्रेरणा और उनकी धरोहर

खेल वन के लिए तैयार किए गए एक बड़े बोर्ड पर विशेष रूप से यह लाइनें उकेरी जाएंगी: “चैंपियंस इंस्पायर अस, थियर लेगेसी ब्लूम्स इन एवरी ट्री वी प्लांट” (चैंपियंस हमें प्रेरित करते हैं, उनकी धरोहर हर पेड़ में खिलती है)। राष्ट्रीय खेल सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार, यहां लगाए गए प्रत्येक पेड़ से विजेताओं की यादें ताजगी से भरेंगी और उनकी प्रेरणा हमेशा बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से हम ग्रीन गेम्स की थीम पर राष्ट्रीय खेलों का सफलतापूर्वक आयोजन कर रहे हैं। हमने कई कदम उठाए हैं, जिनसे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दूर-दूर तक जाएगा। खेल वन इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

निष्कर्ष

खेल वन का निर्माण न केवल खेलों में पर्यावरणीय पहल को बढ़ावा देगा, बल्कि यह खिलाड़ियों की प्रेरणा और उनके योगदान को भी याद रखेगा। यह पहल खेलों और पर्यावरण संरक्षण दोनों के सामंजस्यपूर्ण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

दिल्ली में चल रहे अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले ने इस साल धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों के प्रति बढ़ते रुझान को दिखाया है। रामचरितमानस, भगवद्गीता और वेद-पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों की बिक्री में युवाओं की बढ़ती रुचि देखने को मिल रही है। गीता प्रेस के स्टॉल पर युवा पाठकों की भारी भीड़ जुट रही है, जहां दो रुपये की हनुमान चालीसा से लेकर 1600 रुपये तक की रामायण तक की पुस्तकें खरीदी जा रही हैं। प्रकाशक इन किताबों पर विशेष छूट भी दे रहे हैं, जो अधिक आकर्षण का कारण बन रहा है।

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

इस पुस्तक मेले में महाकुंभ पर लिखी गई किताबों की भी बड़ी मांग रही है। ‘भारत में कुंभ’, ‘वॉइस ऑफ गंगा’, ‘ए विजिट टू कुंभ’ जैसी किताबें विशेष चर्चा में हैं। ये किताबें न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था के विविध पहलुओं को भी उजागर करती हैं।

कॉमिक्स और पुरानी यादें

पुरानी यादों को ताजा करने वाली कॉमिक्स भी मेले में बिक्री के मामले में पीछे नहीं हैं। चाचा चौधरी, नागराज, कैप्टन ध्रुव, पंचतंत्र जैसी कॉमिक्स की पुरानी और नई प्रतियां युवाओं और बच्चों में समान रूप से लोकप्रिय हो रही हैं। सोशल मीडिया के युग में जहां डिजिटल कॉमिक्स का चलन बढ़ा है, वहीं इन पारंपरिक कॉमिक्स को एक बार फिर से पसंद किया जा रहा है।

विदेशी भाषाओं की किताबें

विदेशी भाषाओं के प्रति भी युवाओं का रुझान बढ़ा है। जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, जापानी और कोरियन जैसी भाषाओं को सीखने के लिए किताबों की मांग तेज हुई है। जर्मन भाषा की किताबें ‘हैलो डॉइच’ और स्पेनिश की ‘हाऊ कुल बुक’ खास तौर पर युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही हैं। किताबों पर 20 फीसदी की छूट भी दी जा रही है, जिससे छात्रों को इन भाषाओं को सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

साथ ही, हिंदी भाषा सीखने के लिए व्याकरण की किताबें भी उपलब्ध हैं, और अब विदेशी नागरिक भी हिंदी सीखने में रुचि दिखा रहे हैं, जो इस पुस्तक मेले का एक दिलचस्प पहलू है।

निष्कर्ष

अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला न केवल किताबों की विविधता का प्रतिनिधित्व कर रहा है, बल्कि यह दिखा रहा है कि धर्म, आध्यात्मिकता, और विदेशी भाषाओं के प्रति भारतीयों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। धार्मिक ग्रंथों से लेकर विदेशी भाषाओं तक की किताबें, सभी उम्र के पाठकों के बीच अपनी जगह बना रही हैं।

5 फरवरी तक दिल्ली में नहीं मिलेगी शराब 8 को भी रहेगा ड्राई डे

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान ड्राई डे की घोषणा, शराब तस्करी और सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों पर कड़ी कार्रवाई

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, दिल्ली आबकारी आयुक्त ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें मतदान और मतगणना के दिन 3 से 5 फरवरी तक और 8 फरवरी को परिणाम घोषित होने तक ड्राई डे घोषित किया गया है। इस अवधि के दौरान शराब की दुकानों, होटलों, रेस्तरां, क्लबों और शराब बेचने या परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों को शराब बेचने या परोसने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम चुनाव के निष्पक्ष और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

शराब तस्करी और सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों पर कड़ी कार्रवाई

साथ ही, दिल्ली पुलिस ने शराब तस्करी और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर कार्रवाई तेज कर दी है। दक्षिण पश्चिम जिले की पुलिस ने अभियान चलाकर सात शराब तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया है, साथ ही सार्वजनिक जगहों पर शराब पी रहे 45 लोगों को भी पकड़ा है। पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए शराब तस्करों और सप्लायरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके तहत सभी थानों में अतिरिक्त पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो इन अपराधियों पर सतत निगरानी बनाए रखेगी।

निष्कर्ष

दिल्ली चुनाव के दौरान चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और इस दिशा में पुलिस और आबकारी विभाग की तरफ से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ड्राई डे के दौरान शराब से संबंधित गतिविधियों पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा, ताकि मतदान और मतगणना के दिनों में किसी भी प्रकार का अनुशासनहीनता न हो।

अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

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अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक रैली को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी को 55 सीटें मिल रही हैं और दिल्ली में एक बार फिर से आप की सरकार बनेगी।”

केजरीवाल ने इस दौरान दावा किया कि अगर सभी लोग मतदान के लिए निकलें और अपने परिवार के पुरुषों को भी आम आदमी पार्टी को वोट देने के लिए समझाएं, तो आप की पार्टी को 60 से ज्यादा सीटें भी मिल सकती हैं। उन्होंने दिल्लीवासियों से समर्थन की अपील की और कहा कि उनकी सरकार बनने पर हर परिवार को लगभग 35 हजार रुपये की बचत होगी।

अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

भ्रष्टाचार और भाजपा पर आरोप

केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर चुनाव में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव को प्रभावित कर रही है और अपने राज्यों में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत देखकर ही समझा जा सकता है कि उनकी सरकार किस प्रकार आम लोगों की बेहतरी के लिए काम करती है। इसके विपरीत, उन्होंने कहा, “हमने बच्चों के लिए रोजगार के बड़े मौके तैयार किए हैं, जबकि भाजपा कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाती है।”

भा.ज.पा. के दावों पर पलटवार

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा द्वारा यह दावा किए जाने पर कि नई दिल्ली, कालकाजी और जंगपुरा सीटें फंसी हुई हैं, जवाब दिया कि “मतगणना के दिन ये सीटें आम आदमी पार्टी ही जीतेगी।” उनका कहना था कि दिल्ली में उन्हें जोरदार समर्थन मिल रहा है और वह पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि आप की पार्टी जीत हासिल करेगी।

चुनाव में गड़बड़ी पर तंज

केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए उंगली पर काली स्याही लगाने की योजना बना सकते हैं, और दावा किया कि चुनाव आयोग इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गड़बड़ी को रोकने के लिए आप ने स्पाई और बॉडी कैमरा कार्यकर्ताओं को दिए हैं ताकि हर घटना का रिकॉर्ड रखा जा सके।

चुनाव आयोग और पुलिस पर आरोप

केजरीवाल ने दिल्ली में चुनाव कवर कर रहे पत्रकारों पर हमले होने की बात कही और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद से चुनाव में गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने भाजपा के सामने हथियार डाल दिए हैं और अब यह लगता है कि आयोग निष्पक्ष चुनाव करवाने में नाकाम है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के रिटायरमेंट की ओर इशारा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें शायद पद की लालसा है, इसलिए वे निष्पक्ष चुनाव के लिए कदम नहीं उठा रहे हैं।

निष्कर्ष: अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के आगामी चुनावों के लिए अपनी उम्मीदों को जाहिर करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में फिर से बनेगी और हर नागरिक को लाभ मिलेगा।