Wednesday, March 4, 2026
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विधानसभा चुनाव में मौजूदा सीटें बरकरार रखेंगे महायुति के घटक दल

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India Breaking News Latest Hindi News Indian विधानसभा चुनाव में मौजूदा सीटें बरकरार रखेंगे महायुति के घटक दल महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रहीं हैं। इसे लेकर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, आगामी चुनाव में महायुति गठबंधन के सभी घटक दल अपने मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों को बरकरार रखेंगे। 

सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी शामिल हैं। अजित पवार ने कहा, ‘आगामी विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियां अपने मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों को बरकरार रखेंगीं।

अगर किसी निर्वाचन क्षेत्र में बदलाव जरूरी होगा, तो सभी पार्टियां इसके लिए तैयार हैं। सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला जल्द तय कर दिया जाएगा।

13 महिलाओं व युवतियों को “राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली” व 32 आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से सम्मानित

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तीलू रौतेली और आंगनवाड़ी कार्यकत्री पुरूस्कार अन्य महिलाओं को अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए करते हैं प्रेरित-पुरस्कार मिलने के बाद जिम्मेदारी बढ़ जाती है दोगुनी ,अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सभी को उतरना होगा खरा-रेखा आर्या

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 महिलाओं व युवतियों को “राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली” जबकि 32 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से किया गया सम्मानित

पुरस्कारों का चयन किया गया है पारदर्शिता के साथ अन्य महिलाएं भी होंगी प्रेरित-रेखा आर्या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल संदेश के माध्यम से समस्त तीलू रौतेली पुरस्कार विजेताओं और पुरस्कृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी शुभकामनाएं

आज तीलू रौतेली जी की जयंती पर संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में “राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली व आंगनवाड़ी कार्यकत्री पुरूस्कार”( 2023-24) का वितरण किया गया।कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मलित हुई।जहां उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर पुरुस्कार वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस दौरान प्रेक्षागृह में पौधरोपण भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने चयनित सभी महिलाओं को बधाई व शुभकामनाएं दीं।कहा कि यह पुरस्कार यह दर्शाता है कि राज्य की मातृशक्ति विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहीं है।वीरबाला तीलू रौतेली के जन्मदिम पर प्रतिवर्ष 8 अगस्त को यह सम्मान दिया जाता है।इस सम्मान से जहां चयनित महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र में और अधिक मनोयोग के साथ काम करेंगी तो वहीं उनसे प्रेरणा लेते हुए अन्य भी अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करेंगी।

साथ ही कहा कि यह पुरस्कार खेल, कला, संस्कृति, पर्यावरण, समाजसेवा आदि के क्षेत्र में दिया जाता है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण ट्रेकर ऐप आने वाले समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ ही जनता भी इसको देख सकेगी।कहा कि यह पुरस्कार मिलने के बाद जिम्मेदारी दोगुनी बढ़ जाती है। इस पर सभी को खरा उतरना है।

इस दौरान वीरांगना तीलू रौतेली के जीवन पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।कहा कि पुरूस्कार प्राप्त करने वाली महिलाएं उत्तराखण्ड के साथ ही देश की महिलाओं के लिए आदर्श उदाहरण है व उत्तराखण्ड सरकार महिला शक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।आने वाले समय में खेल जगत में उत्तराखण्ड की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नये कीर्तिमान स्थापित करेंगीं।कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए प्रयासरत है।

बताते चलें कि राज्य में महिलाओं एवं किशोरियों के द्वारा विषम परिस्थितियों शिक्षा, समाज सेवा, साहसिक कार्य, खेल, कला क्राफ्ट, संस्कृति, पर्यावरण एवं कृषि आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला एवं किशोरियों को राज्य स्त्रीशक्ति ’’तीलू रौतेली’’ पुरूस्कार प्रतिवर्ष वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस 08 अगस्त, को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तत्वाधान में प्रदान किया जाता है।

जबकि राज्य स्तरीय आंगनवाड़ी कार्यकत्री पुरूस्कार हेतु राज्य में न्यूनतम 05 वर्ष से निरन्तर कार्यरत् आंगनवाड़ी कार्यकत्री /मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्री जिनके केन्द्र पर ग्रामीण क्षेत्रों में 3 से 6 वर्ष के न्यूनतम 08 बच्चे एवं शहरी क्षेत्रों मे न्यूनतम 18 बच्चें पंजीकृत हो एवं समस्त लाभार्थी पोषण ट्रेकर एप में पंजीकृत हो।

आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन, केन्द्रों में अभिलेखों का उचित रख-रखाव, अनुपूरक पोषाहार का नियमित वितरण एवं जनसमुदाय को योजनाओं के प्रति जागरूक किया हो, कुपोषण उन्मूलन हेतु विशेष प्रयास किया हो एवं वर्ष में ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का नियमित आयोजन किया हो, आगंनवाड़ी केन्द्र व केन्द्र के आस-पास की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया हो, उनकी कार्यप्रणाली में बेहतर परिणाम एवं प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से इस पुरूस्कार में कार्यकत्री को रू0 51,000/- की धनराशि आनलाईन, प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह् प्रदान किया जाता है।

कार्यक्रम में इस दौरान इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल संदेश के माध्यम से समस्त तीलू रौतेली पुरस्कार विजेताओं और पुरस्कृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कहा कि राज्य की बालिकायें एवं महिलाएं पुरुस्कार प्राप्त विजेताओं के आदर्शों का अनुकरण करते हुए उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहयोग करेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं बड़े सपने देखें व उनको सच करने का प्रयास करें, राज्य सरकार उनके साथ है।

कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष उत्तराखंड संस्कृति साहित्य एवं कला परिषद मधु भट्ट, निदेशक प्रशांत आर्य, पद्मश्री माधुरी बर्थवाल, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी, सहित विभागीय अधिकारी,कर्मचारी,समस्त मातृशक्ति व आंगनवाड़ी बहनें उपस्थित रहीं।

हरीश रावत दुविधा में बीजेपी नेता ने उठा दिए सवाल

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केदारनाथ मे प्रत्याशी चयन पर दुविधा मे हरदा है ऐसा बीजेपी नेता मनवीर चौहान का कहना है मीडिया को जारी प्रेस नोट में केदारनाथ उपचुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर हरीश रावत पर सवाल उठाए गए है

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा केदारनाथ आपदा में पुष्कर सिंह धामी सरकार बेहतर वर्क आउट कर रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म करके तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित निकाल पाई है ऐसे में कांग्रेस को सफल आपदा प्रबंधन की समझ नही होने की बात भी कही गई है

देहरादून। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि केदारनाथ उप चुनाव मे जीत का दावा करने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत प्रत्याशी चयन को लेकर दुविधा मे हैं।

केदारनाथ की डगर ओम गणेश से शुरू करने को लेकर उन्होंने कहा कि उनका उद्बबोधन चाहे भगवान गणेश से हो अथवा पूर्व अध्यक्ष से, लेकिन इससे भाजपा को कोई फर्क नही पड़ने वाला है।

उन्होंने कहा कि केदार की गरिमा के अनुरूप स्वच्छ प्रत्याशी को लेकर वह इच्छा जता भर रहे हैं, लेकिन उनकी गुगली से खुद पार्टी के दिग्गज असमंजस मे हैं।

चौहान ने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता के पास हर चुनाव की
कमान होती है,क्योंकि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और जनता के सुख दुख मे खड़ी रहती है।

केदारनाथ की कांग्रेस ने जो उपेक्षा अब तक की है उसका दंड उसे अवश्य जनता देगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन मे हमेशा ही बूथ लेबल तक कार्यकर्ता कमान संभालते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास यह समस्या जरूर है कि उनके पास न नेता और न ही कार्यकर्ता हैं।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ के साथ कांग्रेस ने जो अन्याय किया उसे सब भली भाँति जानते हैं। आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठा रही कांग्रेस को इस बार केदारनाथ मे आई आपदा को देखने की जरूरत है कि अल्प समय मे बेहतर प्रबंधन कैसे होता है।

कांग्रेस पूर्व में आई आपदाओं में घपले घोटालों में ही मस्त रही । इस समय केदारघाटी में आई आपदा के कुछ ही घंटों में सीएम पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर आपदा प्रभावितों के बीच उपस्थित होकर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया गया ।

इस बार सरकार ने समय पर रेस्क्यू कार्य शुरू कर सभी जरुरी कदम उठाये और हजारों लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। सीएम धामी खुद रेस्क्यू कार्यों की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

चौहान ने कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों के लिए पीएम मोदी ने जो अद्वितीय प्रयास कर धरातल पर उतारे वह ऐतिहासिक हैं। आज केदारनाथ सुलभ और सुरक्षित है।

केदारनाथ आज विश्व पटल पर उभरकर सामने आया है और पीएम मोदी के मार्गदर्शन मे सीएम धामी के नेतृत्व मे केदारनाथ बेहतर स्वरूप मे खड़ा हो गया है। इसका आशीर्वाद भी भाजपा को ही मिलेगा।

वहीं हिटो केदार का राग अलापने वाले एल्बम निर्माण के लिए लाखों लुटा बैठे तो साथ ही निर्माण कार्यों मे भी लाखों के वारे न्यारे कर बैठे। ऐसे मे वह केदारनाथ मे आशीर्वाद की कल्पना कर रहे हैं।

गणेश जोशी ने ऋषिकेश इंदरा नगर स्थित सैनिक विश्राम गृह का किया औचक निरीक्षण

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ऋषिकेश इंदरा नगर स्थित सैनिक विश्राम गृह का औचक निरीक्षण करते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने ऋषिकेश के सैनिक विश्रामगृह में मारा छापा, अकारण गैर हाजिर कर्मचारी पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश। मंत्री ने सैनिक विश्राम गृह का किया औचक निरीक्षण अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज ऋषिकेश इंदरा नगर स्थित सैनिक विश्राम गृह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विश्राम गृह की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक विश्राम गृह में कार्यरत कर्मचारी (इंचार्ज) के गैर हाजिर रहने पर निदेशक सैनिक कल्याण को दूरभाष के माध्यम से कर्मचारी के अनुपस्थिति होने के कारण की जानकारी लेने के निर्देश दिए। उन्होंने निदेशक सैनिक कल्याण को अकारण गैर हाजिर कर्मचारी पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक विश्राम गृह में विश्राम कर रहे सैनिकों से भी फीडबैक लिया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक विश्राम गृह के प्रत्येक विश्राम कक्ष का निरीक्षण कर निदेशक सैनिक कल्याण को सैनिक विश्राम गृह के रखखाव और साफ सफाई रखने के निर्देश भी दिए। सैनिक कल्याण मंत्री ने ऋषिकेश के सैनिक विश्राम गृह में हुए जीर्णोद्धार के कार्य पर असंतोष व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि करीब ₹14 लाख ऋषिकेश के इंद्रा नगर स्थित सैनिक विश्राम गृह के जीर्णोद्धार हेतु दिए गए थे। जो कार्य संतोष जनक नहीं है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा निदेशक सैनिक कल्याण को सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा सेवारत सैनिकों पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए प्रदेश भर में 35 सैनिक विश्राम गृह बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सैनिकों पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण हेतु अनेकों हितकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मैं भी स्वयं सैनिक पृष्ठभूमि से हूं और मैं सैनिकों की समस्याओं को समझता हूं। उन्होंने कहा प्रदेश भर में सैनिक विश्राम गृहों का जीर्णोद्धार के साथ ही उच्चीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश भर में सैनिक विश्राम गृहों का जीर्णोद्धार करने के साथ ही पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुस्लिम अधिकारों का हनन कांग्रेस की सोच, केंद्र सरकार बदल रही नियम

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भाजपा ने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को जेपीसी में भेजने का स्वागत करते हुए, बिल को वक्त की जरूरत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए, बोर्ड में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले नियमों को समाप्त करना जरूरी है, लेकिन तुष्टिकरण की नीति के तहत विपक्ष इसका विरोध कर रहा है । चंद माफियाओं के समर्थन में करोड़ों मुस्लिमों के अधिकारों का हनन करने वाली कांग्रेस को अब अपनी सोच बदल की जरूरत है।

सदन में पेश इस अधिनियम को उन्होंने करोड़ों मजलूम और दबंगों से पीड़ित मुसलमानों की आवाज बुलन्द करने वाला बताया। जिसमे न किसी तरह संवैधानिक अधिकार का हनन किया जा रहा है और न ही उसके किसी अनुच्छेद का उल्लघंन किया जा रहा है । एनडीए सरकार इस अधिनियम के माध्यम से किसी का हक छीनने के लिए नहीं बल्कि जिनको हक नहीं मिला, उनके लिए है जैसे महिला, बच्चे आदि। फिलहाल सर्वसम्मिति से यह विधेयक जेपीसी को भेज दिया गया है।

वहीं उन्होंने विपक्ष के रुख पर आरोपों पर पलटवार करते हुए कि 2011 से अस्तित्व में आए इस कानून को आजाद भारत में 1954 में लाया गया। तब से लेकर अब तक इसमें अनेकों बार तुष्टिकरण के लिए संशोधन किया गया है, लेकिन कभी हल्ला नहीं हुआ । अब हम मुस्लिम समाज के अधिकांश तबके को न्याय और अधिकार दिलाने के लिए इसे लेकर आए हैं । संविधान का उल्लघंन तो 2013 में कांग्रेस सरकार ने किया, वक्फ बोर्ड के अधिकार को न्यायालयों पर तरजीह देकर।

उन्होंने तंज किया, कांग्रेस को तो खुश होना चाहिए कि जिस मकसद के लिए वक्फ बोर्ड बनाया गया उसे हम इससे पूरा करने जा रहे हैं। और जिन सुधारों को हम लेकर आएं वे सभी तो इनकी सरकारों ने गठित सच्चर आयोग एवं अन्य कमेटियों की रिपोर्ट को लागू करते हैं ।

साथ ही आरोप लगाया कि विगत दस वर्षों में लगातार व्यक्तिगत एवं संस्थागत विचार विमर्श के बाद इस संशोधन बिल को लाया गया है। आज सर्वव्यापक है कि चंद लोगों ने बोर्ड पर कब्जा किया हुआ है और करोड़ों आम मुसलमान उनके लिए एकत्र संपत्ति और दान का लाभ उन्हें कभी नहीं मिला । जिसके लिए बोर्ड की ऑडिट और अकाउंट के लिए सही तरीका अपनाना आवश्यक था । महिलाओं की भागेदारी और उच्च स्तरीय अधिकारियों का बोर्ड में होने पर विरोध कैसा ।

उन्होंने अफसोस जताया कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष चन्द लोगों की आवाज ही क्यों बुलन्द करता है। वे क्यों वक्फ बोर्ड को माफिया लोगों के कब्जे से मुक्त नहीं कराना चाहते हैं । इस बिल पर जेपीसी में पार्टियों के रुख से स्पष्ट हो जाएगा कि कौन उन्हें अधिकार नहीं देना चाहता है । लिहाजा सभी पार्टियों राजनीति से ऊपर उठकर इस बिल पर एकराय बनाने की जरूरत है।

गढ़वाल और कुमाऊँ की दो नदियों का पुनर्जीवीकरण करेगी सरकार- मुख्यमंत्री

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वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में छोटी-छोटी तलैया बनाई जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ही लोगों की आजीविका को बढ़ाने के हों प्रयास। मुख्यमंत्री ने जलागम प्रबन्ध निदेशालय में जलागम की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को जलागम प्रबन्ध निदेशालय इन्द्रानगर में जलागम विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रारंभिक चरण में राज्य की दो नदियों को चिन्हित कर उनके पुनर्जीवीकरण की दिशा में कार्य किये जाएं। इसमें एक नदी गढ़वाल मण्डल से और एक नदी कुंमाऊ मण्डल से चुनी जाय। वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में छोटी-छोटी तलैया बनाई जाए, इसमें जन सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ही लोगों की आजीविका को बढ़ाने की दिशा में जलागम विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण में इसका भी आंकलन किया जाए कि इससे जल स्रोतों पर कोई प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है, योजनाओं के निर्माण से प्रभावित होने वाले जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में भी कार्य किये जाएं। जलागम द्वारा संचालित योजनाओं के अन्तर्गत वाइब्रेंट विलेज को भी प्राथमिकता में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि बाह्य सहायतित परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए। केन्द्र सरकार से सहायतित योजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता में रखा जाए। 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश वाली योजनाओं में और तेजी लाने के निर्देश भी उन्होंने दिये। स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण द्वारा प्राकृतिक जल स्रोतों एवं वर्षा आधारित नदियों के पुनरोद्धार के लिए लघु एवं दीर्घकालिक उपचार की योजनाएं बनाकर उनका मूल्यांकन व अनुश्रवण किये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर उठाये जाएं प्रभावी कदम।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जलागम विकास परियोजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन के लिए सतत जल संसाधन प्रबन्धन, सतत भूमि एवं पारिस्थतिकी प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन न्यूनीकरण और जैव विविधता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जाएं। मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर प्रभावी कदम उठाये जाएं। पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही कृषि योग्य बंजर भूमि में औद्यानिकी एवं कृषि-वानिकी गतिविधियों द्वारा कृषकों की आय में वृद्धि करने के लिए कार्य किये जाएं। जलागम की योजनाओं में महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि जलागम विभाग द्वारा उत्तराखण्ड में चयनित सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों में पर्वतीय कृषि को लाभदायतक तथा ग्रीन हाऊस गैस न्यूनीकरण के लिए विश्व बैक द्वारा पोषित ‘उत्तराखण्ड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना’ को स्वीकृति मिली है। 1148 करोड़ की धनराशि की यह योजना 2024 से 2030 तक संचालित होगी।

इस परियोजना के तहत स्प्रिंग शेड मैनजमेंट के माध्यम से जल निकासी एवं मृदा अपरदन में कमी लाने, कृषि क्षेत्र में ग्रीन हाऊस गैस को कम करने, बारानी व परती भूमि पर वृक्षारोपण के द्वारा कार्बन की मात्रा में सुधार कर कार्बन फैंसिंग से कृषकों की आय में वृद्धि करने बारानी एवं सिंचित फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, उच्च मूल्य फसल उत्पादन के कृषि कलस्टरों की स्थापना एवं एग्री बिजनेस ग्रोथ सेंटर की स्थापना की जायेगी। बैठक में बताया गया कि राज्य के तीन जनपदों पौड़ी, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलागम विकास घटक 2.0 के तहत कार्य हो रहे हैं।

बैठक में जलागम प्रबंधन मंत्री सतपाल महाराज, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, जलागम परिषद के उपाध्यक्ष रमेश गढ़िया, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव नमामि बंसल, परियोजना निदेशक जलागम नीना ग्रेवाल एवं जलागम विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम हेतु कौशल विकास विभाग द्वारा Navis, Learnet, Genrise, Envertis चार एजेंसियां सूचीबद्ध

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ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम हेतु कौशल विकास विभाग द्वारा Navis, Learnet, Genrise, Envertis चार एजेंसियां सूचीबद्ध

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड से 1500 युवाओं की विदेशों में प्लेसमेंट के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए

1500 के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक पूरा करने के लिए Open Advertisement जारी करने तथा सम्बन्धित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिन की वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश

अक्टूबर में आयोजित होंगे 10 मार्केटिंग इवेंट

युवाओं के प्रशिक्षण हेतु नए बैच शुरू करने के निर्देश

राज्य के विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के कारण ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सीएस ने आईटीआई में स्पोकन इंग्लिश के र्कोर्स संचालित करने के निर्देश दिए

उत्तराखण्ड से 1500 युवाओं की विदेशों में प्लेसमेंट के लक्ष्य को दिसम्बर माह तक अनिवार्यतः पूरा करने का निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के छात्र-छात्राओं को सरकार के इस कार्यक्रम के बारे में जागरूक करते हुए कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित कोर्सेज में प्रतिभाग के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

अभी तक सरकार के ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम के तहत 23 छात्रों को केयर गिवर के रूप में जापान में प्लेसमेंट के लिए भेजा जा चुका है। इसके साथ ही 30 नर्सिंग स्टाफ का बैच 10 अगस्त तक जापान हेतु प्रशिक्षण की तैयारी शुरू करेगा। श्रीमती रतूड़ी ने युवाओं के प्रशिक्षण हेतु नए बैच शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि 1500 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रक्रियाओं में तेजी आ सके।

ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम हेतु कौशल विकास विभाग द्वारा Navis, Learnet, Genrise, Envertis चार एजेंसियों को सूचीबद्ध किया गया है। 1500 युवाओं को दिसम्बर तक विदेशों में प्लेसमेंट करवाने के लक्ष्य को समय से पूरा करने तथा राज्य के प्रतिभाशाली व योग्य युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त हो इसके लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने Open Advertisement जारी करने तथा सम्बन्धित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिन की वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक सूचीबद्ध एजेंसियों तथा एनएसडीसी (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ) द्वारा 56 छात्रों को प्रशिक्षण हेतु दाखिला दिया गया है।

राज्य के विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को अंग्रेजी भाषा की बाध्यता के कारण ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने आईटीआई में स्पोकन इंग्लिश के र्कोर्स संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिवालय में सेतु ( SETU ) व कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सभी विभागों को कौशल विकास को फोकस में रखते हुए कार्य करने की नसीहत दी है।

बैठक में जानकारी दी गई है कि राज्य के विभिन्न नर्सिंग व हॉस्पिटलिटी संस्थानों में कौशल विकास विभाग एवं सूचीबद्ध एजेंसियों द्वारा ओवरसीज प्लेसमेन्ट प्रोग्राम व छात्रों के Mobilization हेतु वर्कशॉप आयोजित की जा रही है। अक्टूबर में इसके लिए 10 मार्केटिंग इवेंट आयोजित किए जाएंगे। राज्य में वैश्विक स्तर के स्किल पार्क के विकास हेतु अडानी ग्रुप से बातचीत की जा रही है।

राज्य में मॉडल आईटीआई के विकास के लिए आईटीई एडुकेशन सर्विसेज सिंगापुर से आरम्भिक चर्चा हो चुकी है, इस सम्बन्ध में सितम्बर तक एमओयू होने की संभावना है। टाटा टेक्नॉलोजिस द्वारा राज्य में 13 आईटीआई के अपग्रेडेशन के प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है तथा अब इसे नाबार्ड को भेज दिया गया है। जल्द ही इस सम्बन्ध में टाटा टेक्नॉलोजिस के साथ एमओयू होने की संभावना है।

काशीपुर में जीआईटीआई में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के विकास के सम्बन्ध में पहले पांच बैच के लिए 95 प्रतिशत प्लेसमेंट हो चुके हैं। हरिद्वार में जीआईटीआई में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के विकास के सम्बन्ध में पहले चार बैच के 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हो चुके हैं। इन दोनों जीआईटीआई में जल्द ही भविष्य के बैच के लिए छात्रों का Mobilization किया जाएगा।

अभी तक राज्यभर में 300 से अधिक छात्रों की Mobilization हेतु काउंसलिंग हो चुकी है। 6 से ज्यादा सेमिनार छात्रों के Mobilization के लिए संचालित किए गए। जल्द ही जापान, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम व आयरलैण्ड में प्लेसमेंट के लिए 4 बैच प्रशिक्षित किए जा रहे हैं।

बैठक में वाइस चैयरमेन सेतु आयोग राजशेखर जोशी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सचिन कुर्वे सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

मनरेगा कार्मिको के नियमितीकरण को लेकर अधिकारियो को निर्देश

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मनरेगा कार्मिको के नियमितीकरण को लेकर अधिकारियो को निर्देश

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मनरेगा कार्मिको के नियमितीकरण को लेकर अधिकारियो को निर्देशित किया सुबे के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश के मनरेगा कार्मिको को अन्य राज्य की तर्ज पर समायोजन करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये।

गौरतलब है कि विगत 16 वर्षों से मनरेगा कर्मचारी पंचायत, विकास खण्ड व जिला स्तर पर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। इस बाबत कार्मिको द्वारा विभागीय मंत्री को ज्ञापन देकर राजस्थान एवं अन्य राज्यो में मनरेगा कर्मचारियों को स्थाई नौकरी में समायोजित किये जाने के सम्बंध में नियमावली और शासनादेश का परीक्षण कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये।

इस दौरान आयुक्त ग्राम्य विकास संविन बंसल एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं की वापसी के लिए राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा भावुक पत्र

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बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं की वापसी के लिए राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा भावुक पत्र

पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर शुक्ला ने बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं के साथ हो रहे अमानवीय अत्याचारों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संबोधित एक भावुक पत्र सौंपा, जिसमें हिन्दू भाइयों और बहनों की दुर्दशा का वर्णन किया गया है और उन्हें भारत वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की गई है। शुक्ला ने कहा, “हमारे हिन्दू भाई-बहन जिस दर्द और पीड़ा से गुजर रहे हैं, उसे शब्दों में बयां करना कठिन है। हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए कि वे सुरक्षित रूप से अपने वतन लौट सकें।”

इसके साथ ही, शुक्ला ने केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं के सफल रेस्क्यू के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “यह सरकार की संवेदनशीलता और तत्परता का परिचायक है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित वापस आ सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी और उनकी टीम का यह कार्य सराहनीय है और इसके लिए हम सभी आभारी हैं।”

इस मुलाकात के दौरान शुक्ला और मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। शुक्ला ने क्षेत्र की समस्याओं, विकास कार्यों और जनता की आवश्यकताओं को लेकर मुख्यमंत्री से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र के लोग कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हमें उनकी समस्याओं का समाधान करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए मिलकर काम करना होगा।”

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व विधायक शुक्ला को आश्वासन दिया कि वे बांग्लादेश में फंसे हिन्दुओं के मामले को गंभीरता से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे और इस दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी वादा किया कि क्षेत्र की जनहित की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

इस मुलाकात ने न केवल हिन्दू समुदाय के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाया, बल्कि जनहित के मुद्दों पर सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता को भी उजागर किया

केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग

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भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए शासन-प्रशासन की प्रशंसा

हाल ही में केदारनाथ में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण तथा भविष्य में आपदा से बचाव हेतु भारत सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मांग हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने प्रभावित विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग से भीमबली, केदारनाथ, सोनप्रयाग, चिम्बासा व लिंचौली क्षतिग्रस्त हैलीपेड्स का आंकलन, आपदा प्रबन्धन विभाग से भूस्खलन की निगरानी व पूर्व चेतावनी, लाइट डिटेक्शन एण्ड रेंजिंग सर्वेक्षण, असंतुलित ढलानों का भूतकनीकी अन्वेक्षण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए शमन उपाय, रिमोट सेंसिंग द्वारा बाढ़ निगरानी एवं भूस्खलन पूर्व चेतावनी हेतु आर्थिक पैकेज का आंकलन तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

         

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने यूएलएमएमसी , लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पुलिस, यूपीसीएल, आरडब्ल्यूडी, उरेडा, परिवहन व पशुपालन विभाग को आपदा न्यनीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों का आगणन भी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों व कार्मिकों की प्रंशसा की है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव पंकज पाण्डेय, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, डा0 आर राजेश कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी व  पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग मौजूद रहे।