Wednesday, March 4, 2026
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सीएम धामी ने किया महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ

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देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना एवं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलो का अवलोकन करते हुए स्थानीय उत्पादों ( घी एवं अन्य) की खरीदारी भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूह को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। राज्य की महिलाएं समूहों के माध्यम से बहुत बेहतर उत्पाद बना रही है। समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है एवं रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन से पूर्व स्वयं सहायता समूह द्वारा राखियां बनाई जा रही हैं। सरकार द्वारा महिलाओ को अपने उत्पाद बेचने के लिए उन्हें सुविधा अनुसार मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों से आगामी रक्षा बंधन के लिए स्थानीय स्तर पर बनी राखियों एवं अन्य उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।

सचिवालय में बड़ोवाला से देवभूमि स्वयं सहायता समूह, डाकपत्थर से वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह, रायपुर से मिलन स्वयं सहायता समूह, सहसपुर से आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन, हवालबाग अल्मोड़ा से विकास क्लस्टर लेवल फेडरेशन, आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन, विरांगना क्लस्टर लेवल फेडरेशन, एवं अन्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पाद बेचें जा रहे हैं।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, सीडीओ देहरादून सुश्री झरना कामठान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

धामी नेतृत्व मे उत्तराखंड सरकार बेहतर काम कर रही : दुष्यंत गौतम

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देहरादून। भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि उत्तराखंड मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मे राज्य सरकार बेहतर कार्य कर रही है और निश्चित रूप से उत्तराखंड आगामी दशक मे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की दिशा मे आगे बढ़ रहा है।

पत्रकारों द्वारा पूछे सवालों का जवाब देते हुए उत्तराखण्ड प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी हर चुनौतियों पर खरे उतरते रहे है। उन्होंने कहा कि हाल ही मे कांवड़ यात्रा को बेहतर रूप मे संचालित किया गया।

चाक चौबंद व्यवस्था के बीच काँवड़िये जल लेकर गए और व्यवस्था भी सुचारु रूप से चलती रही। वहीं केदारनाथ मे आई आपदा मे भी बेहतर प्रबंधन किया गया। सभी यात्रियों को कुशलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। वहीं यह राहत की बात रही कि जन हानि नही हुई, जबकि आपदा बड़ी थी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भी समय पर हेलिकाप्टर और जरूरी संसाधन मुहैया कराये जिससे बड़ी आपदा से समय पर निपटा गया।

गौतम ने कहा कि उत्तराखंड को आगामी दशक का श्रेष्ठ राज्य बनाना पीएम नरेंद्र मोदी का सपना है। पीएम के मार्गदर्शन मे सीएम धामी उसी दिशा मे राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं। केंद्र के सहयोग से धरातल पर चल रही तमाम विकास योजनाएं राज्य के विकास को पंख लगा रहे है और राज्य आज मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व हर क्षेत्र मे प्रगति कर रहा है।

दुल्हन करती रही इंतजार दूल्हा नहीं लाया बारात

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झबरेड़ा दुल्हन करती रही इंतजार दूल्हा नहीं लाया बारात दूल्हा बारात लेकर नहीं आया तो दुल्हन पुलिस के पास पहुंच गई नगर में मामला चर्चा का बन गया पुलिस मामले की जांच कर रही है आखिर ऐसा कैसे हुआ जो दूल्हा बारात लेकर क्यों नहीं पहुंचा मामले का पता चला तो सबके होश उड़ गए गांव देहात में ऐसी खबरे कोई नई बात नहीं

असल में जो दुल्हन थी वो गर्भवती थी पिछले दो साल से प्रेम की कहानी ऐसे ही चल रही थी महिला पहले से शादी वाली है जिसका अपने पहले पति से विवाद चल रहा है प्रेमी नगर का ही रहने वाला है बारात लेकर क्यों नहीं आया इसको लेकर सवाल उठ रहे है फ़िलहाल पुलिस दूल्हे को खोज रही है

दुल्हन घंटों तक बरात के आने का इंतजार करती रही। जब दूल्हा बरात लेकर नहीं आया तो वह थाने पहुंची और मंगेतर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। यह भी बताया कि वह गर्भवती है। बताया जा रहा है कि महिला पहले से शादीशुदा है और उसका अपने पति से विवाद चल रहा है। इस कारण वह झबरेड़ा में किराये पर रहती है।

पुलिस के अनुसार, महिला उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर की रहने वाली है। पति से विवाद के चलते वह झबरेड़ा कस्बे में किराये के मकान में रहती है। उसका एक बच्चा भी है। पुलिस को दी तहरीर में महिला ने बताया कि यहां रहते हुए करीब दो वर्ष पहले उसका परिचय मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के टांडा भनेड़ा निवासी एक युवक से हुआ। दोनों के बीच प्रेम पनप गया।

सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की मौत

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बिहार सोमवार को मंदिर में जल चढ़ाये जाने को लेकर उमड़ी भीड़ से भगदङ मच जाने से आधा दर्जन से अधिक लोगो की मौत हो गयी है जबकि कई घायल बताये जा रहे है हादसा बिहार के एक प्रचीन मंदिर में जल चढ़ाये जाने को लेकर उमड़ी भीड़ के बाद हुआ है सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है।

बिहार में जहानाबाद जिले के मखदुमपुर में ऐतिहासिक वाणावर पहाड़ी पर सिद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है। 30 से अधिक घायल हो गए हैं।

मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल, मृतकों में पांच महिलाएं एक पुरुष व एक बच्चा शामिल है। घटना रात्रि एक बजे की है। चौथी सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।

सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक पुष्कर सिंह धामी

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देहरादून भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल ने कहा कि हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। हर कोई अपने जीवन में एक बार जरूर चार धाम की यात्रा करना चाहता है।चारधाम में केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमनोत्री और गंगोत्री आते हैं। इन चार धामों के साथ अन्य प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल भी सम्मिलित है। कोरोना काल के बाद से 2021-2022-2023 और 2024 में श्रद्धालुओं का धाम में दर्शन करने के लिए तांता लगा रहा।

विनोद सुयाल ने बताया कि उत्तराखंड चारधाम यात्रा जोरों शोरों से चल रही है। चारधाम यात्रा की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद कमान संभाली है। वह यात्रा से संबंधित पल-पल की जानकारी ले रहे हैं, ताकि चारधाम यात्रा अच्छी तरीके से चलती रहे। इसके चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई बार चारधाम यात्रा की व्यवस्था का धरातलीय निरीक्षण भी किया।

विनोद सुयाल ने बताया कि अगर 3 वर्षों के श्रद्धालुओं का आकलन किया जाए तो वर्ष 2021 में 5,48,209 श्रद्धालु,
वर्ष 2022 में 48 लाख के लगभग श्रद्धालु, वर्ष 2023 में 58 लाख के लगभग श्रद्धालु चारों धाम में दर्शन करने आए और इस वर्ष 2024 में अभी तक कुल 32 लाख 44 हजार 26 श्रद्धालुओं ने चारधाम में दर्शन कर चुके हैं जो यह दर्शाता है कि सरकार द्वारा हर वर्ष सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है, जिससे देश-विदेश में अच्छा संदेश जा रहा है। इससे उत्तराखंड राज्य को बहुत बड़ा आर्थिक लाभ भी हो रहा है।

विनोद सुयाल ने बताया कि आर्थिक दृष्टि से अगर देखा जाए तो चार धाम यात्रा से जहां एक ओर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं वही पलायन भी घटा है।

विनोद सुयाल ने कहा कि 2011 में भाजपा की सरकार ने यमुनोत्री धाम के लिए रोपवे की स्वीकृति दिलाई थी। जिसको की हरीश रावत की सरकार ने निरस्त कर दिया था जो कि उत्तराखंड का बहुत बड़ा दुर्भाग्य साबित हुआ और 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिर से केंद्र से इसकी अनुमति दिलाई है। कांग्रेस हमेशा से हिंदू संस्कृति के विरोध में काम करने की शैली को बढ़ावा देती रही है और उत्तराखंड में भी जब-जब कांग्रेस की सरकार आई है उसने इस पर कुठाराघात किया है।

विनोद सुयाल ने कहा कि पुष्कर धामी सरकार ने जिस तरह से अवैध मजारों का सफाया किया और धर्मांतरण कानून लागू किया उससे उत्तराखंड के जन मानस में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की छवि एक सनातनी प्रशासक के रूप में स्थापित हुई।

पीएम मोदी और सीएम धामी की डबल इंजन की सरकार ने चार धाम तीर्थ स्थलो के विकास का जो मास्टर प्लान बनाया है उसमें केदारनाथ के लिए रोपवे, यमुनोत्री के लिए रोपवे और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे की भी अनुमति मिली है।

इस समय बद्रीनाथ में 481 करोड़ की लागत से और केदारनाथ में 188 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण और पुनर्विकास के कार्य किया जा रहे हैं।

विनोद सुयाल ने कहा कि सीएम धामी ने हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर, हरिपुर जमुना कृष्णधाम, गंगा कांवड़ यात्रा, गोरक्षा, जनसंख्या असंतुलन जैसे विषयो पर प्रभावी कदम उठाए है।

धामी सरकार ने गौ हत्या को रोकने के लिए कड़े कानून राज्य में लागू कर दिए है। गो हत्या, गो तस्करी करने वालो के खिलाफ अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कारवाई की जा रही है।

गुस्से में ‘भगवान’ दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर नहीं देंगे सेवाएं

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भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर दिल्ली में अपनी सेवाएं नहीं देंगे Docters will not provide service Delhi जिसकी वजह से दिल्ली में लोगो को परेशानी देखने को मिल सकती है गुस्से में ‘भगवान’ दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर नहीं देंगे सेवाएं रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि सिर्फ आपातकालीन सेवाएं मिलेंगी। ओपीडी, इलेक्टिव सर्जरी, वार्ड में सेवाएं, लैब में जांच सहित अन्य कार्यों में डॉक्टर मदद नहीं करेंगे।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में डॉक्टर की हत्या के विरोध में सोमवार को राजधानी के सरकारी अस्पतालों में सेवाएं बाधित रहेंगी। सफदरजंग, डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज व अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, गुरु तेग बहादुर अस्पताल, मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इबहास), मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज व संबंधित अस्पताल (लोकनायक व अन्य) सहित अन्य अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर सेवाएं नहीं देंगे।

केदारघाटी में रेस्क्यू मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य

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केदारघाटी में रेस्क्यू मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान का प्रथम चरण पूरा हो गया है। केदारनाथ में स्वेच्छा से रुके 78 लोगों को एमआई-17 के जरिये रविवार को गुप्तकाशी पहुंचाया गया, जिनमें स्थानीय दुकानदार, साधु-संत, घोड़ा-खच्चर चालक आदि शामिल थे।

इसके साथ ही वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर को विदा कर दिया गया है। अब कहीं भी कोई यात्री नीचे आने के लिए शेष नहीं बचा है। स्थानीय लोग जिन्हें नीचे आना था, वे सभी लाए जा चुके हैं। केदारनाथ धाम में खाद्य सामग्री तथा अन्य जरूरी सामान तथा रसद सामग्री जो पहुंचाई जानी थी, उन्हें एमआई-17 तथा स्टेट हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर भारतीय वायु सेना का चिनूक हेलीकॉप्टर को केदारनाथ में कुछ भारी मशीनों को पहुंचाने के लिए अभी रोका गया है। जैसे ही मौसम खुलेगा, बड़ी मशीनों को पहुंचाकर चिनूक को भी रवाना कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री का जताया विशेष आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस रेस्क्यू अभियान में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह का विशेष तौर पर आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा के तुरंत बाद उन्होंने भारत सरकार से यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के लिए वायु सेना की मदद मांगी और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए तुरंत एमआई-17 तथा चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आपदा के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इतने फिक्रमंद थे कि वे स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की अपडेट लेते रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य
केदारघाटी में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के बाद विभिन्न स्थानों से यात्रियों तथा स्थानीय लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए चलाए गए अभियान में सराहनीय योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों का आभार जताया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस रेस्क्यू अभियान में 15 हजार से भी अधिक लोगों का सुरक्षित किया। राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों ने शानदार रणनीति के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया और एक सप्ताह से भी कम समय में यह अभियान संपन्न हो सका।

रविवार को राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों के नाम जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त और विपरीत परिस्थितियों में भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई आदि विभागों ने सराहनीय कार्य कर हजारों लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। मा0 मुख्यमंत्री ने मंदिर समिति के साथ ही व्यापार मंडल, स्थानीय दुकानदारों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए उनका विशेष तौर पर आभार प्रकट किया।

उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव सिंचाई आर राजेश कुमार, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, मीडिया से बेहतर समन्वय के लिए बंशीधर तिवारी एवं उनकी टीम, यूएसडीएमए के एसीइओ आनंद स्वरूप तथा डीआईजी राजकुमार नेगी, भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शैलेश कुमार एवं उनकी टीम, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सौरभ गहरवार एवं उनकी टीम, एसपी श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे एवं उनकी टीम, एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश दराल एवं उनकी टीम, आईजी एसडीआरएफ श्रीमती ऋद्धिम अग्रवाल, कमांडेंट मणिकांत मिश्रा एवं उनकी टीम, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेंद्र सिंह एवं उनकी टीम, एसडीएम आशीष घिल्डियाल एवं उनकी टीम तथा विभिन्न रेखीय विभाग एवं उनके अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा दिए गए योगदान की सराहना की है।

मुख्यमंत्री ने की पल-पल की निगरानी
पूरे रेस्क्यू अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पल-पल की निगरानी की। 01 अगस्त को मुख्यमंत्री ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर हालात का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भारत सरकार से रेस्क्यू करने के लिए वायु सेना की मदद प्रदान करने का अनुरोध किया तो भारत सरकार ने तुरंत एक एमआई-17 तथा एक चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव लोक निर्माण विभाग तथा सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वहीं कैंप किया।

मुख्यमंत्री ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात की समीक्षा की और युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। सरकार की प्राथमिकता है कि केदारघाटी में जल्द से जल्द हालात सामान्य हों।

युद्धस्तर पर चल रहा कार्य, 25 मार्ग हुए बहाल
केदारनाथ पैदल मार्ग में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते क्षतिग्रस्त अधिकांश रास्तों को पैदल चलने योग्य बना दिया गया है। विभिन्न स्थानों पर 29 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें से 25 रास्तों को यात्रियों के पैदल आवागमन के लिए सुचारु कर दिया गया है। शेष मार्गों को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन्हें भी जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं ताकि जल्द से जल्द पैदल मार्ग से भी चारधाम यात्रा शुरू की जा सके।

भीमबली में भूस्खलन से जान-माल का नुकसान नहीं
भीमबली में हेलीपैड के पास रविवार को हुए भूस्खलन से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस स्थान पर पहले से पत्थर गिर रहे थे, एहतियातन वहां से लोगों को पहले ही हटा दिया गया था। समय रहते वहां से लोगों को हटाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। भूस्खलन के कारण नदी के एक हिस्से में पानी एकत्र हुआ था, जिसे हटाने के लिए कार्रवाई गतिमान है।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की बड़ी घोषणा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक संगठन द्वारा रविवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट गढ़ीकैंट देहरादून में आयोजित आभार एवं संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पूर्व सैनिक संगठन के अधिकारियों एवं सैनिकों के साथ वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्य में शहीद सैनिकों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये किये जाने बात कही

शहीद सैनिक के परिवारजनों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को 02 साल से बढ़ाकर 05 वर्ष किये जाने, शहीदों के आश्रितों को जिलाधिकारी कार्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के अलावा अन्य विभागों में भी इन पदों पर भी नियुक्ति प्रदान करने के साथ ही सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति अवकाश प्रदान किये जाने की घोषणा के प्रति उनका आभार व्यक्त कर मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक हिमालय के प्रहरी तथा पर्यावरण के संरक्षक भी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘एक पेड मां के नाम’ अभियान की सफलता में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए मसूरी में सैनिक विश्राम बनाये जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री का तथा मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले सेना एवं अर्द्धसैन्य बलों के जवानों के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी जा रही है। अभी तक 17 सैनिक आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी गई है।

उत्तराखण्ड एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वीरता पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों को एकमुश्त वार्षिक राशि का जीवन पर्यन्त भुगतान किया जाता है। विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों की एकमुश्त राशि बढ़ाई गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं युद्ध विधवाओं को प्रतिमाह दिये जाने वाले अनुदान को 08 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेना ने हमेशा अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है। हमारी सेना के शौर्य एवं पराक्रम का इतिहास है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखण्ड से प्रत्येक परिवार सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। उत्तराखण्ड के सैनिकों एवं सैन्य परिवारों द्वारा दिये गये योगदान को शब्दों से बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का भी लोकार्पण किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। होली, दीपावली और कोई विशिष्ट दिन हो तो सेना के बीच में जाकर उनके साथ मनाते हैं। उनके नेतृत्व में सेना के मनोबल बढ़ाने का कार्य हो रहा है। वन रैंक वन पेंशन से सैनिकों का मनोगल बढा है।

हमें अपनी भारतीय सेना पर गर्व है, जिनकी वजह से देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। हम राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में सामिल करने के लिये प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान मिला है। इसे बनाये रखना हमारे लिए चुनौती भी है, जिन इन्डीकेटर पर राज्य को और सुधार की आवश्यकता है, उनको भी बेहतर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बांगलादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की घटना को दुःखद बताते हुए कहा कि ऐसे समय पर हमारे देश के कई लोग जाति पति के बंधन में उलझे हैं। जबकि यह समय हमारे लिये सामुहिक रूप से इस विषय पर चिन्तन करने का है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में होने वाली घटनाओं पर कैंडल मार्च निकालने वाले भी इस घटना के प्रति अनजान बने है। उन्होंने कहा कि यह समय आपसी एकता का है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से राष्ट्र जागरण के कार्य में भी सहयोगी बनने को कहा।  

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध की अनुदान राशि, विशिष्ट सेना मेडल अवार्ड राशि में बढ़ोतरी तथा वीरता पदक पुरस्कार की एक मुश्त अनुदान राशि में भी कई गुना बढ़ोतरी की गई है।

इस अवसर पर जे. ओ. सी. एब एरिया मे.ज. प्रेम राज, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, अध्यक्ष उपनल ब्रिगेडियर जे. एस. बिष्ट सहित बड़ी संख्या में सेना एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिक तथा वीरांगनायें उपस्थित थी।

केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान आई-17 विदा, चिनूक कुछ समय रहेगा

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केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान का प्रथम चरण पूरा हो गया है। केदारनाथ में स्वेच्छा से रुके 78 लोगों को एमआई-17 के जरिये रविवार को गुप्तकाशी पहुंचाया गया, जिनमें स्थानीय दुकानदार, साधु-संत, घोड़ा-खच्चर चालक आदि शामिल थे इसके साथ ही वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर को विदा कर दिया गया है।

अब कहीं भी कोई यात्री नीचे आने के लिए शेष नहीं बचा है। स्थानीय लोग जिन्हें नीचे आना था, वे सभी लाए जा चुके हैं। केदारनाथ धाम में खाद्य सामग्री तथा अन्य जरूरी सामान तथा रसद सामग्री जो पहुंचाई जानी थी, उन्हें एमआई-17 तथा स्टेट हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर भारतीय वायु सेना का चिनूक हेलीकॉप्टर को केदारनाथ में कुछ भारी मशीनों को पहुंचाने के लिए अभी रोका गया है। जैसे ही मौसम खुलेगा, बड़ी मशीनों को पहुंचाकर चिनूक को भी रवाना कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री का जताया विशेष आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस रेस्क्यू अभियान में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह का विशेष तौर पर आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा के तुरंत बाद उन्होंने भारत सरकार से यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के लिए वायु सेना की मदद मांगी और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए तुरंत एमआई-17 तथा चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आपदा के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इतने फिक्रमंद थे कि वे स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की अपडेट लेते रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य
केदारघाटी में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के बाद विभिन्न स्थानों से यात्रियों तथा स्थानीय लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए चलाए गए अभियान में सराहनीय योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों का आभार जताया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस रेस्क्यू अभियान में 15 हजार से भी अधिक लोगों का सुरक्षित किया। राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों ने शानदार रणनीति के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया और एक सप्ताह से भी कम समय में यह अभियान संपन्न हो सका।

रविवार को राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों के नाम जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त और विपरीत परिस्थितियों में भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई आदि विभागों ने सराहनीय कार्य कर हजारों लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। मा0 मुख्यमंत्री ने मंदिर समिति के साथ ही व्यापार मंडल, स्थानीय दुकानदारों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए उनका विशेष तौर पर आभार प्रकट किया।

उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव सिंचाई आर राजेश कुमार, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, मीडिया से बेहतर समन्वय के लिए बंशीधर तिवारी एवं उनकी टीम, यूएसडीएमए के एसीइओ आनंद स्वरूप तथा डीआईजी राजकुमार नेगी, भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शैलेश कुमार एवं उनकी टीम, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सौरभ गहरवार एवं उनकी टीम, एसपी श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे एवं उनकी टीम, एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश दराल एवं उनकी टीम, आईजी एसडीआरएफ श्रीमती ऋद्धिम अग्रवाल, कमांडेंट मणिकांत मिश्रा एवं उनकी टीम, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेंद्र सिंह एवं उनकी टीम, एसडीएम आशीष घिल्डियाल एवं उनकी टीम तथा विभिन्न रेखीय विभाग एवं उनके अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा दिए गए योगदान की सराहना की है।

मुख्यमंत्री ने की पल-पल की निगरानी
पूरे रेस्क्यू अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पल-पल की निगरानी की। 01 अगस्त को मुख्यमंत्री ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर हालात का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भारत सरकार से रेस्क्यू करने के लिए वायु सेना की मदद प्रदान करने का अनुरोध किया तो भारत सरकार ने तुरंत एक एमआई-17 तथा एक चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव लोक निर्माण विभाग तथा सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वहीं कैंप किया।

मुख्यमंत्री ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात की समीक्षा की और युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। सरकार की प्राथमिकता है कि केदारघाटी में जल्द से जल्द हालात सामान्य हों।

युद्धस्तर पर चल रहा कार्य, 25 मार्ग हुए बहाल
केदारनाथ पैदल मार्ग में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते क्षतिग्रस्त अधिकांश रास्तों को पैदल चलने योग्य बना दिया गया है। विभिन्न स्थानों पर 29 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें से 25 रास्तों को यात्रियों के पैदल आवागमन के लिए सुचारु कर दिया गया है। शेष मार्गों को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन्हें भी जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं ताकि जल्द से जल्द पैदल मार्ग से भी चारधाम यात्रा शुरू की जा सके।

भीमबली में भूस्खलन से जान-माल का नुकसान नहीं
भीमबली में हेलीपैड के पास रविवार को हुए भूस्खलन से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस स्थान पर पहले से पत्थर गिर रहे थे, एहतियातन वहां से लोगों को पहले ही हटा दिया गया था। समय रहते वहां से लोगों को हटाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। भूस्खलन के कारण नदी के एक हिस्से में पानी एकत्र हुआ था, जिसे हटाने के लिए कार्रवाई गतिमान है।

शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग की खुली पोल

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हल्द्वानी उत्तराखंड में शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग हमेशा सुर्खियों में रहती है कई मामलो में विभाग ने कारवाही भी की है लेकिन इसके बाद भी ओवर रेटिंग खत्म नहीं होती देहरादून से लेकर हर ज़िले में शराब की ओवर रेटिंग कोई नई बात नहीं विभाग ने रेट लिस्ट के साथ दुकानदारों को अपनी दुकानों पर इसको लगाए जाने के फरमान तो जारी किये लेकिन सभी जगह ऐसा होता नज़र नहीं आया है।

कुमायु मंडल का मुख्य नगर हल्द्वानी अचानक अफसरों के छापो से चर्चा में बन गया ओवर रेटिंग की मिल रही शिकायतों पर जिला अधिकारी के निर्देश पर कारवाही को अंजाम दिया गया कुछ दुकानदारों पर कारवाही को अंजाम दिया गया तो कुछ में हड़कंप साफ तोर से देखा गया।

क़ानूनी रूप से ओवर रेटिंग किसी भी उपभोक्ता से नहीं ली जा सकती लेकिन उत्तराखंड में शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग खुल्ले आम होती है सर्किल आबकारी इंस्पेक्टर तक ऐसी ओवर रेटिंग से अनजान बने रहते है जिसका नतीजा ये रहता है हर दूसरा शराब खरीदार ओवर रेटिंग को लेकर अफसरों से लेकर सरकार तक अपनी बात नहीं पंहुचा पाता।

उत्तराखंड में शराब से राज्य सरकार को हर साल अरबो रूपए का राजस्व मिलता है राज्य सरकार के लिए शराब कारोबार एक बड़ा राजस्व देता है लेकिन सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए ऐसे अफसर जिनके पास आबकारी जैसे महकमे है उनको समय समय पर ओवर रेटिंग को लेकर छापा अभियान से लेकर हर दुकान पर रेट लिस्ट को लगाया जाना अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि ऐसी नौबत या सवाल ही ओवर रेटिंग को लेकर नहीं ऊठे ।

सिटी मजिस्ट्रेट AP बाजपेई ने आबकारी निरीक्षक धीरेंद्र सिंह बिष्ट के साथ ओवर रेटिंग की शिकायत पर विभिन्न देशी और विदेशी शराब की दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान तीन दुकानों में ओवर रेटिंग पाई गई तथा कई दुकानों में सीसीटीवी कैमरा सहित अन्य खामियां मिली।

शनिवार की शाम को सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई ने आबकारी विभाग की टीम सहित रामपुर रोड, कालाढुंगी रोड में लोहारियासाल, कुसुमखेड़ा और ब्लॉक के पास विभिन्न देशी और विदेशी मदिरा की दुकानों में छापेमारी की। इस दौरान लोहारिया साल में देशी शराब एवं कुसुमखेड़ा तथा ब्लॉक के समीप विदेशी शराब की दुकान में बियर की बिक्री में ओवर रेटिंग पाई गई। इसी प्रकार देशी मदिरा की दुकान में भी ओवर रेटिंग पाई गई। साथ ही तीनो शराब की दुकानों में स्टॉक रजिस्टर अनुरक्षित नहीं पाए गए। इसके अलावा रामपुर रोड में छापेमारी के दौरान देशी शराब की दुकान में सब कुछ ठीक मिला।

सिटी मजिस्ट्रेट AP बाजपेई ने बताया कि ओवर रेटिंग में 50-50 हजार का जुर्माना तथा स्टॉक रजिस्टर मेंटेन न करने पर भी जुर्माने की कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी को आख्या भेजी जाएगी।ओवर रेटिंग के खिलाफ छापेमारी का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस दौरान छापेमारी अभियान में आबकारी निरीक्षक धीरेंद्र सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।