Wednesday, January 21, 2026
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महाराज ने की सिक्किम के राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट, उत्तराखंड आने का दिया न्यौता

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देहरादून/सिक्किम। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री और मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक, सतपाल महाराज ने लोक भवन में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें शीतकालीन यात्रा पर उत्तराखंड आने का न्योता दिया।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री और मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक, सतपाल महाराज ने रविवार को सिक्किम के लोक भवन में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें शीतकालीन यात्रा पर उत्तराखंड आने का न्योता देते उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई यात्रा तैयारियों से भी अवगत करवाया। उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल को बताया कि उत्तराखंड में ऋषिकेश के शिवपुरी के पास एक पुल के ऊपर “होटल द ब्रिज” बनाया गया है जो एक अनोखा बुटीक होटल है, जो गंगा नदी के ऊपर स्थित है और प्रकृति, आध्यात्मिकता तथा शांति का अनुभव कराता है, जहाँ से पहाड़ों और नदी के नज़ारों को देखा जा सकता है। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि यह होटल एक परित्यक्त (abandoned) पुल को पुनर्जीवित करके बनाया गया है जो चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को नदी के ऊपर ठहरने और प्रकृति का अद्भुत अनुभव देने के लिए है।

श्री महाराज ने सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा, बर्फ से ढके पहाड़, स्कीइंग, ट्रेकिंग (जैसे औली, केदारकंठ), और शीतकालीन चारधाम यात्रा, वन्यजीव सफारी (जिम कॉर्बेट) जैसे कई गंतव्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने उन्हें बताया कि प्रदेश में दरकोट, बिर्थी फॉल जैसे स्थान हैं तो वहीं चोपता “मिनी स्विट्जरलैंड” के रूप में प्रसिद्ध है।

इस दौरान श्री महाराज के साथ उनके बेटे और भाजपा के युवा नेता सुयश रावत भी मौजूद रहे।

अंकिता भंडारी केस: देहरादून में जनसैलाब का सीएम आवास कूच, VIP का नाम बताने की मांग

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर देहरादून में भारी विरोध प्रदर्शन। 1500 प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास घेरा, सीबीआई जांच और VIP के नाम पर अड़े लोग।

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। आज देहरादून की सड़कों पर करीब 1500 लोगों का हुजूम मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकला। प्रदर्शनकारी इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने और कथित ‘VIP’ का नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन में कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) समेत कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों का जत्था सुबह 11 बजे परेड ग्राउंड से रवाना हुआ। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए लोग “अंकिता को न्याय दो” और सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। प्रशासन ने भीड़ को रोकने के लिए सीएम आवास से 2 किलोमीटर पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। करीब 450 पुलिसकर्मियों ने मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बैरिकेडिंग के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जबरदस्त धक्कामुक्की देखने को मिली। कुछ आक्रोशित युवा बैरिकेडिंग पर चढ़ने की कोशिश करते नजर आए, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें हाथ जोड़कर शांत रहने की अपील करते दिखे। प्रदर्शनकारी उस VIP का नाम उजागर करने की मांग पर अड़े थे, जिसका जिक्र अंकिता की आखिरी चैट्स में हुआ था। हालांकि, बीते कल पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘धर्मेंद्र’ नाम के व्यक्ति को VIP बताया था, जिसे प्रदर्शनकारियों ने नकार दिया।

ज्ञात हो कि 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट से अंकिता लापता हुई थी, जिसकी बाद में हत्या कर दी गई। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य समेत तीन आरोपी जेल में हैं। अंकिता ने अपने दोस्त को बताया था कि उसे ‘विशेष सेवा’ देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। करीब ढाई घंटे चले इस हंगामे के बाद पुलिस ने भीड़ को वापस भेजा और प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन न्याय की यह गूंज शांत होती नहीं दिख रही है।

उत्तराखंड का गौरव बने स्वप्निल जोशी, राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में करेंगे राज्य का प्रतिनिधित्व

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उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। चकराता क्षेत्र के कोरु खत, मुन्धान गांव निवासी स्वप्निल जोशी (28 वर्ष) का चयन राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। राज्य स्तरीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वप्निल जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद उनका चयन उत्तराखंड की राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम में किया गया।

राष्ट्रीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चेन्नई (तमिलनाडु) में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में स्वप्निल जोशी उत्तराखंड टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

शुरुआती दौर में मिला मजबूत मार्गदर्शन
स्वप्निल जोशी ने फोन पर बातचीत के दौरान अपनी सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शकों को देते हुए कहा,
“शुरुआती दौर में मुझे मेरे बड़े भाई समान साकेत पंत और नवनीत सुंदरियाल का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने मुझे बास्केटबॉल की बारीकियां सिखाईं, जिसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद करता हूं।”

उपलब्धियों से भरा खेल सफर
स्वप्निल जोशी इससे पूर्व तीन बार गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से अंतर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा वे पंजाब विश्वविद्यालय की टीम से भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते वे राज्य के प्रतिभाशाली और उभरते बास्केटबॉल खिलाड़ियों में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

परिवार और गांव में खुशी
स्वप्निल के पिता लाखीराम जोशी वन अनुसंधान संस्थान (FRI) से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनकी माता सुन्नी जोशी उत्तरकाशी जिले के आराकोट में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्वप्निल जोशी की इस उपलब्धि पर ग्राम प्रधान नरेश जोशी, कालसी ब्लॉक प्रमुख सावित्री देवी, कनिष्ठ उप प्रमुख मीरा राठौर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा
स्वप्निल जोशी की यह सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

धामी बोले- लैंड, लव और थूक जिहाद से देवभूमि को बिगाड़ने की कोशिश, घुसपैठ पर ये कहा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राज्य में अवैध घुसपैठियों से सावधान रहने के लिए कहा है। सीएम ने इसके साथ ही लैंड जिहाद पर भी प्रदेशवासियों को आगाह किया। धामी ने सशस्त्र सीमा बल के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कार्यक्रम में कहा ‘कुछ तत्व लैंड जिहाद के माध्यम से खाली पड़ी भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे हैं, वहीं थूक जिहाद और लव जिहाद जैसे कृत्यों से देवभूमि के स्वरूप को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी सरकार ने लैंड जिहाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।

सीएम ने आगे कहा ‘देवभूमि की संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए यह अभियान पूरी दृढ़ता से जारी रहेगा। राज्य में भू-कानून को सख्त करने के साथ ही अब परिवार रजिस्टरों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। हमारी सरकार पूरी तरह सजग रहते हुए अवैध घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने कहा ‘हमारे प्रदेश की डेमोग्राफी को बिगाड़ने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध रूप से रह रहे लोगों के विरुद्ध हमारी सरकार पूरी सख्ती और प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई कर रही है। देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता से कोई समझौता नहीं होगा। हम अपने बच्चों को सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित उत्तराखंड सौंपने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमें घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे अवैध घुसपैठियों से सावधान रहना होगा और सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

आपको बता दें कि बीते साल अक्टूबर में उत्तरकाशी पुलिस चौकी के सामने स्थित एक रेस्टोरेंट में थूक लगाकर रोटी बनाने की घटना सामने आई थी जिसके बाद जनता में आक्रोश देखने को मिला था। वहीं धामी सरकार का मानना है कि राज्य में बड़ी संख्या में घुसपैठिए मौजूद हैं जिन्होंने आधार और वोटर कार्ड सहित कई दस्तावेज अवैध रूप से बनवाया है। वहीं राज्य में लव जिहाद के मामले भी सामने आते रहते हैं।

रामनगर कोतवाली में पांच पुलिसकर्मी पदोन्नत:सीओ सुमित पांडे ने स्टार लगाए, नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई दी

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रामनगर कोतवाली में रविवार को पांच पुलिसकर्मियों को पदोन्नत किया गया। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी (सीओ) सुमित पांडे और कोतवाल सुशील कुमार ने पदोन्नत कर्मचारियों के कंधों पर स्टार लगाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

सीओ सुमित पांडे ने बताया कि रामनगर कोतवाली में तैनात नसीम अहमद, तालिब हुसैन, प्रकाश चंद्र सनवाल और सुभाष चौधरी को पदोन्नति मिली है। इसके अतिरिक्त, सीओ पेशी में कार्यरत महिमन कुमार को भी विभागीय पदोन्नति प्रदान की गई है। इन सभी को उत्तराखंड पुलिस में उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई दी गई।

सीओ सुमित पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि पदोन्नति केवल सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का विस्तार भी है। उन्होंने पदोन्नत कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे जनता के बीच “उत्तराखंड मित्र पुलिस” के स्लोगन को सार्थक बनाएंगे। साथ ही, आम जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कोतवाल सुशील कुमार ने भी पदोन्नत कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कार्यकुशलता और ईमानदारी ही समाज में विश्वास पैदा करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी पदोन्नत कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे।

इस कार्यक्रम में कोतवाली के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पदोन्नत पुलिसकर्मियों को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

जिलाधिकारी ने (के०जी०बी०वी०)त्यूनी खेल मैदान लिए DMF से रु० 10.00 लाख स्वीकृत; 6 लाख की प्रथम किस्त जारी

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जिलाधिकारी सविन बंसल ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (के०जी०बी०वी०) टाईप-I, त्यूनी, विकासखण्ड चकराता में खेल मैदान के समतलीकरण हेतु जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) से कुल रु० 10.00 लाख की धनराशि स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में रु० 6.00 लाख की धनराशि निर्गत की है।

जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जनपद में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी स्वयं जिलाधिकारी द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी के सतत प्रयासों से जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है जिससे जनमानस को स्वास्थ्य तथा छात्र छात्राओं को सुरक्षित शिक्षा के माहौल के साथ ही खेल मैदान उपलब्ध होगा, जिससे उनके शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास को बल मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि जनपद में प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों की भांति आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिसकी नियमित मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है।

जिला विकास अधिकारी द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, त्यूनी में पूर्व में निर्मित खेल मैदान के समतलीकरण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। बजट के अभाव में मैदान का समतलीकरण नहीं हो पाने के कारण मैदान उबड़-खाबड़ हो गया था तथा वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी, जिससे छात्राओं को खेल गतिविधियों के संचालन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

खण्ड विकास अधिकारी, विकासखण्ड चकराता द्वारा खेल मैदान के समतलीकरण हेतु रु० 9.40 लाख की अनुमानित लागत प्रस्तुत की गई, जिसे जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की शासी परिषद के समक्ष परीक्षण एवं संस्तुति हेतु प्रस्तुत किया गया।

शासी परिषद के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों द्वारा प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान करते हुए कुल रु० 10.00 लाख (रुपये दस लाख मात्र) की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 60 प्रतिशत अर्थात रु० 6,00,000/- (रुपये छः लाख मात्र) की धनराशि प्रथम किस्त के रूप में खण्ड विकास अधिकारी, विकासखण्ड चकराता को निर्गत किए जाने हेतु जिला खनिज फाउंडेशन न्यास के निर्धारित बैंक खाते से चैक तैयार किया गया है। शेष 40 प्रतिशत अर्थात रु० 4,00,000/- (रुपये चार लाख मात्र) की धनराशि उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने एवं तृतीय पक्ष द्वारा जाँच आख्या प्राप्त होने के उपरान्त निर्गत की जाएगी।

जिलाधिकारी की इस पहल से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, त्यूनी की छात्राओं को सुरक्षित, समतल एवं उपयोगी खेल मैदान उपलब्ध होगा, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा जनपद में प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों की भांति आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत विद्यालयों में फर्नीचर, एलईडी/स्क्रीन, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पुस्तकालय एवं खेल अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: एसआईटी ने किया साफ- जांच में किसी वीआईपी का नहीं आया नाम, बताए पड़ताल से जुड़े तथ्य

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हत्याकांड के बाद गठित की गई एसआईटी के सदस्य रहे एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में जांच के तथ्य बताए हैं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में एसआईटी ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अभी तक जांच में किसी वीआईपी का नाम सामने नहीं आया है। हत्याकांड के बाद गठित की गई एसआईटी के सदस्य रहे एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में जांच के तथ्य बताए हैं। उन्होंने कहा कि उस वक्त एक कथित वीआईपी की पहचान हुई जरूर थी लेकिन उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले थे।

सुयाल ने बताया कि हत्याकांड के तत्काल बाद ही यह बात कही जा रही थी कि रिजॉर्ट में किसी वीआईपी को आना था। उसे स्पेशल सेवाएं देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। अंकिता ने इस बात के लिए इन्कार कर दिया तो उसकी हत्या कर दी गई। उस वक्त तक एक ब्लाइंड केस था। मामले की शुरुआत गुमशुदगी से हुई थी। हालांकि, जब एसआईटी ने इसकी जांच शुरू की तो शुरुआती पांच घंटों में ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
वीआईपी का जिक्र अंकिता और उसके मित्र की चैट में भी किया गया था। लिहाजा इसकी गहनता से जांच की गई। अंकिता के मित्र पुष्प के बयान भी दर्ज किए गए। रिजॉर्ट के स्टाफ, अंकिता के दोस्त और अन्य कागजी प्रमाणों को आधार बनाया। इसमें एक स्केच तैयार कराया गया। इसकी पहचान नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान के रूप में हुई है। अंकिता का दोस्त जो घटना से पहले रिजॉर्ट में आया था उसने उसे पहचान लिया। एसआईटी ने धर्मेंद्र को भी जांच में शामिल किया। धर्मेंद्र की रिजॉर्ट में आवाजाही और उससे जुड़े हर पहलू को जांचा गया।
इसमें उसके खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिले। वह यहां पर जमीन खरीदने के सिलसिले में आया था। उसका स्थानीय निवासी एक साथी उसे खाना खिलाने के लिए रिजॉर्ट में लेकर गया था। इसके अलावा एसआईटी को किसी भी वीआईपी के आने के प्रमाण नहीं मिले हैं। सुयाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सजा काट रहे तीनों दोषियों ने अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव बनाने वाली बात कबूली है।
एसआईटी उर्मिला सनावर के आरोपों की भी कर रही जांच
एक्ट्रेस उर्मिला सनावर की ओर से फेसबुक लाइव व ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सहित अन्य लोगों पर लगाए गए आरोपों एवं अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंधित कथनों को गंभीरता से लेते हुए अलग से एसआईटी का गठन किया गया है। इसके हर पहलू को जांचा जा रहा है। उर्मिला को नोटिस जारी कर हाजिर होने और अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। उसने ऑनलाइन आकर पुलिस सुरक्षा भी मांगी है लेकिन उसका कोई भी पता स्पष्ट नहीं है।

स्मार्ट मीटर से बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक छलांग: एक दिन में 3.88 लाख रीडिंग, यूपीसीएल ने जारी किए ₹390 करोड़ के बिजली बिल

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देहरादून। उत्तराखंड की विद्युत वितरण व्यवस्था अब डिजिटल युग में पूरी मजबूती से प्रवेश कर चुकी है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा लागू की गई स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली ने राजस्व प्रबंधन के साथ-साथ उपभोक्ता सेवाओं को भी नई रफ्तार दे दी है। निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार के मार्गदर्शन में किए जा रहे तकनीकी सुधार अब धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई देने लगे हैं।
स्मार्ट मीटरों के माध्यम से इस माह एक ही दिन में 3.88 लाख उपभोक्ताओं की विद्युत खपत रीडिंग सफलतापूर्वक प्राप्त की गई। इन रीडिंग्स के आधार पर यूपीसीएल की बिलिंग प्रणाली से करीब 390 करोड़ रुपये के बिजली बिल निर्गत किए गए। यह आंकड़ा निगम के औसत मासिक राजस्व का लगभग 45 प्रतिशत है, जो यह दर्शाता है कि स्मार्ट मीटरिंग ने बिलिंग और राजस्व संग्रहण प्रक्रिया को कितनी तेज़, सटीक और भरोसेमंद बना दिया है।

रीयल-टाइम खपत की जानकारी मिलने से अब अनुमान आधारित या विलंबित बिलिंग की समस्या लगभग समाप्त हो गई है। स्वचालित प्रणाली के कारण मानवीय हस्तक्षेप और त्रुटियों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे पूरी बिलिंग-कलेक्शन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सुव्यवस्थित हो गई है। इससे जहां निगम की वाणिज्यिक दक्षता मजबूत हुई है, वहीं उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ा है।

उपभोक्ता सुविधा को केंद्र में रखते हुए यूपीसीएल अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी बिजली बिल उपलब्ध करा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को समय पर बिल प्राप्त हो रहा है और भुगतान प्रक्रिया आसान व पूरी तरह डिजिटल बन गई है। जिन उपभोक्ताओं को अभी यह सुविधा नहीं मिल रही है, वे यूपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना व्हाट्सएप नंबर पंजीकृत करा सकते हैं।

इसके साथ ही, प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित किए जा रहे विद्युत शिविरों के माध्यम से बिलिंग संबंधी शिकायतों का समाधान, बकाया राशि का निस्तारण, लोड व कनेक्शन से जुड़े मामलों का निपटारा, स्मार्ट मीटर की जानकारी और उपभोक्ता परामर्श जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिली है।

प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटरिंग जैसी डिजिटल पहलें यूपीसीएल के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही हैं। इनसे न केवल राजस्व प्रबंधन सुदृढ़ हुआ है, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के साथ तकनीक-आधारित पारदर्शी सेवाएं भी मिल रही हैं।

यूपीसीएल की यह डिजिटल पहल उत्तराखंड में बिजली व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में उभर रही है।

उत्तरांचल प्रेस क्लब भवन निर्माण जल्द पूरा होगा, प्रशासन ने दिखाई गंभीरता

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देहरादून: उत्तरांचल प्रेस क्लब के नए भवन निर्माण को जल्द पूरा कराने के लिए प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी से शनिवार को भेंट कर इस आश्वासन दिया।

भेंट के दौरान तिवारी ने कार्यकारिणी को चुनाव जीतने की बधाई दी और पत्रकारों की समस्याओं को समय पर हल करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब भवन का निर्माण काम प्रगति पर है और इसे जल्द पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

अध्यक्ष अजय राणा और अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने पत्रकारों से जुड़ी समस्याओं को रखा, जिस पर सूचना महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि सभी मुद्दों का समयबद्ध समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया कर्मियों के हित में विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रशासन सभी स्तर पर सहयोग देगा।

भेंट में उत्तरांचल प्रेस क्लब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र नेगी, महामंत्री योगेश सेमवाल, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा और मीना नेगी, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल समेत अन्य सदस्य मौजूद थे।

उत्तराखंड पुलिस ने नए साल के लिए तय किया रोडमैप, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स फ्री देवभूमि पर रहेगा जोर

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डीजीपी दीपम सेठ ने अधिकारियों के साथ बैठक नए साल के लक्ष्यों को लेकर चर्चा की.

देहरादून: साल 2026 के लिए उत्तराखंड पुलिस ने रोडमैप तय करने के लिए डीजीपी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन पर विशेष फोकस दिया गया.साथ ही पुलिस कल्याण, पदोन्नति और प्रशिक्षण को प्राथमिकता, ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया पर जोर दिया गया है. डीजीपी दीपम सेठ ने आगामी वर्ष के लिए निर्धारित उत्तराखंड पुलिस की प्राथमिकताओं के संबंध में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता करने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की.

एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, राज्य की आंतरिक सुरक्षा के मद्देनजर से साइबर सर्विलांस और साइबर इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए गए. ATS, ANTF और ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया गया. एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा ATS की संरचना में एकरूपता पर दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई और मुख्यमंत्री के ड्रग-फ्री उत्तराखंड के विजन को साकार करने के लिए ANTF को इस साल और अधिक सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए गए.

जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी. जिसमें DGP-IGP Conference-2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा. साइबर अपराधों की जल्द शिकायत निस्तारण के लिए 1930 हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाते हुए 112 इमरजेंसी सिस्टम से उसके बेहतर और तकनीकी रूप से मजबूत समन्वय पर विशेष बल दिया गया.

मुख्यालय स्तर पर सभी अधिकारी अपने-अपने अनुभागों से संबंधित प्रस्तावों, प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के अनुरूप ठोस और समयबद्ध एक्शन प्लान तत्काल प्रस्तुत करेंगे.साथ ही वित्तीय साल की समाप्ति (31 मार्च) से पहले बजट, प्रोक्योरमेंट और अन्य वित्तीय मामलों का जल्द और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए.पिछले की लंबित पत्रावलियों और शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए, जिससे प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक विलंब को रोका जा सके.

फाइल कार्यों में अनावश्यक विलंब को समाप्त करने के लिए समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया अपनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण, समाधान और निस्तारण का उल्लेख किया गया. सभी अनुभागों में पत्रावलियों की गति बढ़ाने और पारदर्शिता करने के लिए ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से ही फाइलों के मूवमेंट पर विशेष जोर दिया गया. पीटीसी नरेंद्रनगर में उन्नत और विशेषीकृत प्रशिक्षण के लिए प्रस्तावित Centre of Excellence के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी कर निर्णय के लिए अवगत कराया गया.

सभी इकाइयों को समय पर ACR भरने के निर्देश दिए गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों के कल्याण,पदोन्नति, पदक, प्रशस्ति और अन्य प्रेरक पुरस्कारों के लिए योग्य कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके. डीजीपी दीपम सेठ ने बताया है कि उत्तराखंड पुलिस गीत को प्रचारित किए जाने के निर्देश दिए गए. यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान, पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और सेवा-भावना को अत्यंत सुंदर रूप से अभिव्यक्त करता है. इसे सभी प्रमुख पुलिस आयोजनों, परेडों, दीक्षांत समारोहों, स्थापना दिवस, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाया जाए, ताकि बल के मनोबल और राज्य भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके.