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उत्तराखंड को मार्च महीने में मिलेगा नया मुख्य सचिव, राधा रतूड़ी का कार्यकाल समाप्त

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उत्तराखंड को मार्च महीने में मिलेगा नया मुख्य सचिव, राधा रतूड़ी का कार्यकाल समाप्त

उत्तराखंड में इस महीने की समाप्ति तक नया मुख्य सचिव नियुक्त किया जाएगा। वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो रहा है, और इसको लेकर ब्यूरोक्रेसी में चर्चाएँ तेज हो गई हैं कि किस अफसर को राज्य का सुपर बॉस (मुख्य सचिव) बनाया जाएगा। केंद्र सरकार में गए किसी अफसर को राज्य में वापस लाया जाएगा या फिर राज्य से ही किसी वरिष्ठ अफसर को यह जिम्मेदारी दी जाएगी, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को पहले दो बार छह-छह महीने का सेवा विस्तार मिल चुका है, लेकिन इस बार उनकी तीसरी बार सेवा विस्तार मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। खुद राधा रतूड़ी भी अब मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए आवेदन कर चुकी हैं, जिससे उनकी विदाई के बाद मुख्य सचिव पद की नियुक्ति को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

मुख्य सचिव बनने के लिए वरिष्ठता की दौड़
मुख्य सचिव बनने के लिए कम से कम 30 वर्ष की सेवा अवधि जरूरी होती है। यदि वरिष्ठता के हिसाब से देखा जाए, तो 1992 बैच के आईएएस अफसर आनंदबर्धन इस शर्त को पूरा करते हैं। उनका हाल ही में केंद्र सरकार में सचिव पद के लिए इम्पैनलमेंट हो चुका है, लेकिन उन्होंने कहा है कि वे यहीं अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। वर्तमान में वे अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

उनके बाद वरिष्ठता क्रम में 1997 बैच के प्रमुख सचिव एल फैनई और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु के नाम भी शामिल हैं। ये दोनों अधिकारी अभी अपर मुख्य सचिव पद के लिए योग्य माने जा रहे हैं। सरकार के पास विकल्पों की संख्या सीमित है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि मार्च के अंत तक इस पद के लिए नियुक्ति का ऐलान कर दिया जाएगा।

उत्तराखंड में मुख्य सचिव की कुर्सी पर विराजमान होने के लिए कई कयास लगाए जा रहे हैं, और इसका फैसला मार्च के आखिर तक हो सकता है।

लड्डू गोपाल के गुलाल से होली खेलेंगे बाबा काशी मथुरा का होगा मिलाप

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लड्डू गोपाल के गुलाल से होली खेलेंगे, बाबा काशी-मथुरा का होगा मिलाप

काशी में इस बार की होली बेहद खास होने वाली है। मथुरा में लड्डू गोपाल के लिए उपहार भेजे जाएंगे। काशी और मथुरा के बीच समन्वय और श्रद्धा का आदान-प्रदान करने की यह पहल एक नई शुरुआत है। इस होली के महापर्व पर पहली बार बाबा के दरबार से लड्डू गोपाल के लिए उपहार भेजे जाएंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से मथुरा में विराजमान लड्डू गोपाल को भस्म, अबीर, गुलाल, चॉकलेट और वस्त्र भेजे जाएंगे। वहीं, मथुरा से बाबा विश्वनाथ के लिए रंगभरी एकादशी के अवसर पर अबीर और गुलाल का भेंट भेजा जाएगा। इसके लिए मंदिर न्यास और श्री कृष्ण जन्मस्थली मथुरा के पदाधिकारियों से बातचीत की गई है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि होली के मौके पर श्री काशी विश्वनाथ धाम से श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में लड्डू गोपाल के लिए उपहार भेजे जाएंगे। वहीं, मथुरा से बाबा विश्वनाथ के लिए रंगभरी एकादशी से पहले अबीर, गुलाल और रंग भेजे जाएंगे।

जन्मभूमि के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर चतुर्वेदी से बृहस्पतिवार को इस संबंध में वार्ता हुई। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से इस प्रस्ताव और अनुरोध को ई-मेल के माध्यम से भी भेजा गया है।

रंगभरी एकादशी और होली पर इन दो तीर्थ स्थलों के बीच समन्वय की यह नई पहल की जा रही है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, रंगभरी एकादशी की कथा भगवान श्री कृष्ण ने राधारानी को सुनाई थी।

सीईओ ने बताया कि श्री कृष्ण और शिव भक्ति की दो प्रमुख सनातन धाराओं को जोड़ने वाला यह आयोजन सनातन धर्म की परंपराओं को और समृद्ध करेगा। मथुरा और काशी दोनों ही मोक्षदायिनी नगरी हैं, और इन दोनों तीर्थ स्थलों के बीच श्रद्धा और समन्वय का यह आदान-प्रदान एक अभिनव पहल है। इस वर्ष की रंगभरी एकादशी और होली में इसे शामिल किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम में भी रंगभरी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, जो न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक महत्व भी रखता है। उपहार आदान-प्रदान के साथ, दोनों धामों के भक्तों को विशेष रूप से भगवान लड्डू गोपाल और बाबा विश्वनाथ से आशीर्वाद मिलेगा।

फाल्गुन शुक्ल नवमी को गुलाल, पटुका, पिचकारी और गुजिया प्रसाद के साथ होगी यात्रा
बाबा काशी विश्वनाथ के लिए आठ मार्च को फाल्गुन शुक्ल नवमी पर एक भव्य यात्रा के साथ गुलाल और अन्य सामान मथुरा से वाराणसी भेजे जाएंगे। इस यात्रा को भव्य बनाने के लिए श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने तैयारी शुरू कर दी है।

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि शनिवार को सुबह 10 बजे श्री राधाकृष्ण युगल सरकार के भाव से गुलाल, पटुका, पिचकारी और गुजिया प्रसाद के रूप में काशी विश्वनाथ धाम भेजी जाएगी।

यह यात्रा भगवान श्री केशवदेव, मां योगमाया, श्री गर्भ गृह और भागवत भवन स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर से होते हुए श्री कृष्ण जन्मस्थान के मुख्यद्वार पर पहुंचेगी। यहां से दिव्य होली प्रसाद को लेकर सुसज्जित वाहन में श्री कृष्ण जन्मभूमि के पूजाचार्य और जन्मस्थान से जुड़े भक्त काशी विश्वनाथ धाम जाएंगे।

Holashtak 2025 होलाष्टक फाल्गुन, हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना है

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फाल्गुन माह की शुरुआत हो चुकी है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होने के कारण अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। फाल्गुन, हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना है, जिसके बाद चैत्र माह आता है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। इस समय महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। होली से पहले आठ दिन की अवधि होती है, जिसे होलाष्टक कहा जाता है।

होलाष्टक के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य को करना अशुभ माना जाता है। हिंदू परंपराओं के अनुसार, इन आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती, जिससे जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं में विघ्न उत्पन्न हो सकता है। इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे शुभ कार्यों को स्थगित किया जाता है। हालांकि, इस अवधि का आध्यात्मिक महत्व भी है, और इसे शांति तथा सकारात्मकता बनाए रखने के लिए कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं इस समय क्या करें और क्या न करें।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 2025 में होलाष्टक 7 मार्च से शुरू होगा और 13 मार्च को होली से एक दिन पहले समाप्त होगा। यह अवधि होलिका दहन के साथ समाप्त होती है, जो नकारात्मकता के नाश और रंगों के उल्लास के त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है।

होलाष्टक के दौरान हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इन पवित्र श्लोकों का पाठ करने से घर में शांति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा, जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। वंचितों को भोजन, कपड़े और धन देना पुण्य कार्य है, जो समृद्धि और आशीर्वाद को आकर्षित करता है। होलाष्टक के दौरान पितृ तर्पण भी करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने से उनका आशीर्वाद और सकारात्मक कर्म प्राप्त होता है। ग्रह शांति पूजा भी करनी चाहिए। इन अनुष्ठानों के माध्यम से ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद मिलती है, जिससे जीवन में सद्भावना और सुख-शांति का वास होता है।

होलाष्टक के दौरान विवाह या किसी भी मांगलिक कार्य का आयोजन न करें। इस समय विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे समारोहों का आयोजन करना मना होता है। नई घर निर्माण की शुरुआत भी इस समय से बचना चाहिए। इसके अलावा, सोने, चांदी या वाहन की खरीदारी से भी बचें, क्योंकि इस समय कीमती धातुओं, संपत्ति या वाहनों की खरीद अशुभ मानी जाती है। किसी नए व्यवसाय या नौकरी की शुरुआत भी इस दौरान नहीं करनी चाहिए। होलाष्टक के बाद तक इंतजार करना उत्तम माना जाता है।

शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किये माँ गंगा दर्शन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में दर्शन के दौरान बहुत उत्साहित नजर आए। उनका हेलिकॉप्टर हर्षिल पहुंचा, जहां से वे सीधे मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां स्थित गंगा मंदिर में करीब 20 मिनट तक मां गंगा की विशेष पूजा अर्चना की।

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी की गई थीं और सभा में जाने के लिए सभी लोगों को पास जारी किए गए थे, ताकि कोई भी बिना अनुमति के सभा में न पहुंच सके। शीतकालीन यात्रा के इस शुभारंभ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुखबा में दर्शन करने के लिए बहुत उत्सुक दिखाई दिए। उन्होंने अपनी इस उत्सुकता को एक्स (Twitter) पर साझा किया।

उन्होंने लिखा, “मुखबा में पतित पावनी मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के दर्शन के लिए मैं बेहद उत्साहित हूं। यह पावन स्थल अपनी आध्यात्मिक महत्ता और अद्भुत सौंदर्य के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह विरासत और विकास के हमारे संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा, “मुझे खुशी है कि उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार ने इस वर्ष शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि होम स्टे सहित कई स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिल रहा है।”

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी की इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से मुखबा में हार्दिक स्वागत और अभिनंदन। आपकी प्रेरणा और मार्गदर्शन में देवभूमि के धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास हो रहा है। शीतकालीन यात्रा के माध्यम से हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त करने के लिए निरंतर काम कर रही है।”

हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने रोपवे स्वीकृति हेतु जताया डबल इंजन सरकार का आभार!

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हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने रोपवे स्वीकृति हेतु जताया डबल इंजन सरकार का आभार!

हम प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबी आधुनिक रोपवे के लिए 2730.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह रोपवे प्रति घंटे एक तरफ 1100 व्यक्तियों को ले जाने में सक्षम होगा।

हम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी को भी धन्यवाद देना चाहते हैं जिन्होंने इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उत्तराखंड राज्य भारत के सबसे सुंदर और पवित्र स्थलों में से एक है। चारधाम यात्रा जिसमें बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री शामिल हैं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हेमकुंट साहिब, जो सिख धर्म के लिए एक पवित्र स्थल है, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को और भी बढ़ाता है।

इस रोपवे के निर्माण से उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। हम फिर से प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहते हैं इस परियोजना को स्वीकृति देने के लिए।

नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा
चेयरमैन, हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट

स्पा सेन्टर और सुरा के शौकीनों के बाद हरिद्वार पुलिस की जद में आए फिटनेस जिम सेंटर

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हरिद्वार पुलिस हरी की नगरी में अपनी सक्रियता दिखा रही है। हरिद्वार, जिसे देवभूमि का प्रवेश द्वार माना जाता है, में जहां धर्म की प्रधानता है, वहीं यहां कुछ लोग गलत गतिविधियों में भी लिप्त पाए जाते हैं। हरिद्वार में शराब पर प्रतिबंध है, लेकिन फिर भी कुछ लोग कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए पुलिस ने हाल ही में कई जगहों पर अभियान चलाया है।

पहले स्पा सेंटरों और शराब के शौकीनों पर कार्रवाई करने के बाद अब हरिद्वार पुलिस की निगाहें फिटनेस जिम सेंटरों पर भी हैं। कप्तान के निर्देश पर पुलिस ने शिवालिक नगर में स्थित जिम सेंटरों का निरीक्षण किया। पुलिस ने जिम सेंटरों में स्थापित सीसीटीवी कैमरा, रजिस्टर एंट्री और साउंड सिस्टम की जांच की।

अगर किसी जिम सेंटर में कोई अनियमितता पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। इस निरीक्षण में 3 जिम संचालकों पर पुलिस एक्ट के तहत जुर्माना लगाया गया। जिन जिम सेंटरों का निरीक्षण किया गया, उनमें लाइफ लॉन्ग जिम, ऑक्सीजन फिटनेस हाउस, फिटनेस फैक्ट्री जिम, हेल्दी बिगिनिंग एरोबिक सेंटर और स्पार्टन जिम शामिल थे।

पुलिस ने जिम संचालकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग, महिलाओं के लिए महिला ट्रेनर की नियुक्ति और सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल फिटनेस जिम सेंटरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए थी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने के लिए थी कि यहां कानून और नियमों का पालन किया जा रहा है।

नाबार्ड उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 का आयोजन

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मुख्य अतिथि के रूप में ऋतु खण्डूडी भूषण, अध्यक्ष, उत्तराखंड विधानसभा उपस्थित रहीं

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), उत्तराखण्ड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऋतु खण्डूडी भूषण, अध्यक्ष, उत्तराखंड विधानसभा उपस्थित रहीं।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपनी पृष्ठभूमि के बारे में बताया की उनके परिवार में पूर्व में महिलाओं का प्रभुत्व रहा है जिसके कारण उन्हें भी प्रेरणा मिली और उनकी वर्तमान उपलब्धियों में उनके परिवार की महिलाओं से मिले समर्थन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पद ग्रहण करने के पश्चात उनके विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है एवं महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की संख्या बड़ी है, एवं उत्तराखण्ड में भी समय के साथ महिलाओं का विकास हो रहा है। ऋतु खण्डूडी ने बताया की महिलाओं का आर्थिक विकास सुनिश्चित किए बिना उनका समग्र विकास नहीं हो सकता एवं इस क्षेत्र में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी नाबार्ड को महिलाओं के हित में निरंतर प्रयासरत रहने एवं विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं का सम्पूर्ण विकास सुनिश्चित करने में प्रयासरत रहना चाहिए।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में विभिन्न उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाली एवं दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरने वाली महिलाओं को सम्मानित किया| उन्होंने नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित महिला स्वयं सहायता समूहों एवं उत्पादक संगठनों के उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने महिलाओं के साथ वार्तालाप कर उत्पादों की जानकारी ली और महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।

मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड पंकज यादव ने बताया कि सन् 1992 में नाबार्ड द्वारा स्वयं सहायता समूह की अवधारणा महिला विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम था। वर्तमान में लगभग 1.44 करोड़ स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं जिससे लगभग 18 करोड़ परिवार जुड़े हुए हैं। नाबार्ड अपनी विभिन्न प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम, वित्तीय समावेशन, आदिवासी विकास परियोजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण में निरंतर योगदान दे रहा है और उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम का समापन निर्मल कुमार, उप महाप्रबंधक, नाबार्ड द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर किया गया।

सीएम के संकल्प, डीएम के कमिटमेंट, सप्ताह भर में ही निर्णय धनराशि रिलीज में परिवर्तित

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त्यूनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बालिका छात्रावास, महाविद्यालय को 77.30 लाख फंड जारी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूनी को नई एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन उपकरण, प्रसव कक्ष विस्तारीकरण वार्ड आया, स्वच्छक स्टाफ हेतु 54.45 लाख फंड जारी

कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास में स्टडी टेबल, वाटर आरओ, इन्टरनेट, कम्न्यूटर, रोटीमेकर हेतु 17.95 लाख

प0 शिवराम राजकीय महाविद्यालय त्यूनी की लाईब्रेरी रीडिंगरूम, इन्टरनेट, फर्नीचर, आदि सुविधाओं के लिए 4.90 लाख फंड जारी

मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार के त्यूनी भ्रमण कार्यक्रम से जनपद के दुरस्त क्षेत्र त्यूनी को कई सौगात मिल गई है। जिलाधिकारी सविन बसंल ने मा0 मुख्यमंत्री के दुरस्थ क्षेत्रों में निवेश तथा अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिए जाने के संकल्प फलीभूत करने तथा जनमानस से किए कमिटमेंट को बरकार रखते हुए त्यूनी में चिकित्सालय, बालिका छात्रावास के निरीक्षण के दौरान तथा प0 शिवराम महाविद्यालय में व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में सामने आई कमियों के निराकरण के लिए एक सप्ताह के भीतर ही 77.30 लाख की धनराशि जारी कर दी है।

डीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूनी के निरीक्षण के एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासांउड मशीन, रूम हीटर, इलैक्ट्रिक कैटल, पिल्लो, थ्री सीटर चेयर, आउटसोर्स के माध्यक से एक वार्ड आया एवं स्वच्छक की तैनाती के लिए स्वीकृति के साथ ही 54.45 लाख फंड जारी किया है, चिकित्सालय में सुविधा बढने से जनमानस को सुगम सुविधाएं मिलेगी।

डीएम ने कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास के लिए स्टडी टेबल, फर्नीचर, उपकरण, रोटीमेकर मशीन, इन्टरनेट, डिजिटल बोर्ड हेतु 17.95 लाख की धनराशि जारी की है। वही प0 शिवराम राजकीय महाविद्यालय त्यूनी को लाइब्रेरी, रीडिंगरूम, कम्प्यूटर, इन्टरनेट, फर्नीचर, आदि सुविधाओं के लिए 4.90 लाख फंड जारी कर दिया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि अगले भ्रमण से पूर्व सभी व्यवस्थाएं धरातल पर दिख जाएं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में रेडियोलॉजिस्ट अब दो दिन बैठगें पहले माह में एक ही दिन बैठते थे, जनमानस की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए डीएम ने चिकित्सालय में नई एक्स-रे मशीन, नई अल्ट्रासाउण्ड मंशीन की स्वीकृति के साथ ही रेडियोलॉजिस्ट की भी मसूरी चिकित्सालय से माह में 02 दिन ड्यूटी लगाई है

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने किया अहमदाबाद के चिकित्सा संस्थानों का भ्रमण

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यू.एन. मेहता अस्पताल व बी.जे. मेडिकल कॉलेज में परखी स्वास्थ्य सुविधाएं

स्टेट मेडिकल कॉलेजों में बाल हृदय रोगियों के उपचार की होगी विशेष व्यवस्था

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने गुजरात भ्रमण के दौरान आज अहमदाबाद में यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तथा बी.जे. मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। जहां उन्होंने चिकित्सा संस्थानों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर शैक्षणिक, प्रशासनिक व स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर की मदद से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में बाल हृदय रोगियों के उपचार के लिये विशेष व्यवस्था की जायेगी।

अहमदाबाद के राजकीय प्रवास के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज प्रतिष्ठित यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर का भ्रमण किया। जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर संस्थान के चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने पावर प्वांइट प्रस्तुति के माध्यम से हृदय रोग देखभाल, उपचार सेवाओं और नवीनतम चिकित्सा प्रणालियों के बारे में जानकारी दी।

डॉ. रावत ने बताया पीडियाट्रिक कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के उपचार में यह चिकित्सा संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। जहां प्रत्येक वर्ष विभिन्न देशों से सैकड़ों हृदय रोगी उपचार के लिये आते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में भी इसी स्तर की बाल हृदय चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जायेंगी, जिससे नवजातों में हृदय रोग की समय पर पहचान और उपचार संभव हो सके। इसके लिये यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर की मदद से एक ठोस कार्ययोजना बनाकर उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में भी बाल हृदय रोगियों के उपचार की व्यवस्था की जायेगी।

डॉ. रावत ने इसके उपरांत बी.जे. मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। जहां उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल स्टॉफ और छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर कॉलेज की शिक्षा प्रणाली, स्वास्थ्य सुविधाएं और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सिविल अस्पताल का भी दौरा किया और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। अस्पताल भ्रमण के दौरान डॉ. रावत ने मरीजों व उनके तीमारदारों से मिलकर उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। डॉ. रावत ने बताया कि अहमदाबाद का सिविल अस्पताल अंग दान के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी है और यहां चिकित्सा सेवाएं अत्यधिक उन्नत है।

मोदी स्वागत के लिए हर्षिल-मुखवा सजकर तैयार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वागत के लिए हर्षिल-मुखवा क्षेत्र सज-संवर कर पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आग्रह पर शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री वृहस्पतिवार को हर्षिल-मुखवा क्षेत्र के भ्रमण पर आ रहे हैं। जिसे देखते हुए उत्तरकाशी जिले के इस सीमावर्ती क्षेत्र में गजब का उत्साह एवं उल्लास देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री की आगवानी के लिए हर्षिल क्षेत्र के निवासी बड़ी संख्या में निचली घाटियों के शीतकालीन प्रवास स्थलों से अपने मूल घरों को लौट आए हैं और पिछले दिनों हुई बर्फबारी से सराबोर हर्षिल घाटी में ठिठुरन की बजाय गर्मजोशी का माहौल है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वृहस्पतिवार 6 मार्च के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र के प्रस्तावित दौरे तहत सबसे पहले गंगा जी के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा (मुखीमठ) जाकर गंगा मंदिर में दर्शन-जून करने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए मुखवा स्थित गंगा मंदिर एवं स्थानीय भवन शैली से बने पौराणिक भवनों को भव्य तरीके से सजाने के साथ ही समूचे मुखवा गांव को भी सजाया-संवारा गया है।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुखबा मंदिर के बाद प्रधानमंत्री पूर्वाह्न 10.30 बजे हर्षिल पहुंचकर उत्तराखंड शीतकालीन पर्यटन और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद जादुंग व पीडीए के लिए मोटर बाईक व एटीवी-आरटीवी रैलियों तथा जनकताल एवं मुलिंगला के लिए ट्रैकिंग अभियानों को झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। सीमावर्ती नेलांग-जादुंग-पीडीए क्षेत्र का मनमोहक शीत मरूस्थली पठार का क्षेत्र अभी तक पर्यटन की गतिविधियों से अछूता रहा है। प्रधानमंत्री के हाथों इन क्षेत्रों के लिए साहसिक पर्यटन अभियानों के शुभारंभ से इस क्षेत्र में पर्यटन विकास के नए द्वार खुल जाएंगे।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री के द्वारा हर्षिल में जनसभा को भी संबोधित किया जाएगा। हर्षिल में जनसभा के लिए बड़ा पंडाल स्थापित करने के साथ ही साज-सज्जा कर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल सहित प्रशासन व पुलिस के तमाम अधिकारी इन दिनों हर्षिल में ही डेरा डाले हुए हैं। प्रधानमंत्री के दौरे की व्यवस्थाओं को लेकर अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को हर्षिल क्षेत्र में तैनात किया गया है। क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती करने के साथ ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर आज पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे, सचिव गृह शैलेश बगोली, आयुक्त गढवाल मंडल एवं सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी मुरूगेशन व ए.पी. अंशुमान, महानिदेशक सूचना वंशीधर तिवारी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भी आज हर्षिल क्षेत्र का भ्रमण कर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में की गई विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हैं और उत्तरकाशी जिला प्रधानमंत्री के स्वागत हेतु पूरी तरह से तैयार है।