Wednesday, March 4, 2026
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निकाय चुनाव में बड़े मंत्रियों की नो एंट्री पहली लिस्ट पर मंथन फाइनल

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देहरादून उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी कांग्रेस में दावेदार टिकट पाने के लिए जुगत में लगे हुए है बुधवार को बीजेपी मजबूत दावेदार पर अपना होमवर्क कर चुकी है ऐसे में राजनैतिक जुगाड़ से टिकट पाने वाले कई चेहरे टिकट पाने से महरूम हो सकते है ऐसा बीजेपी जीत दर्ज करने के लिए फार्मूला वर्क आउट करती देखी जा रही है पहली सूचि में अभी तक 170 से अधिक दावेदारों पर मंथन हुआ है

पहली सूची बीजेपी जल्द जारी कर सकती है तीन नामों के पैनल पर फोकस है छोटी सरकार के चुनाव में बड़े मंत्रियों की नो एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट मिल रहा है निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव को लेकर सरकार के मंत्री से लेकर किसी को भी मतदाता केंद्र के अंदर प्रवेश को बंद कर दिया है कोई भी नयी घोषाण राज्य में जो निकाय चुनाव को प्रभावित करती हो नहीं हो सकेगी चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशी ही नहीं सत्ताधारी दल के लिए भी विशेष नियम बनाए हैं। कोई भी सरकार का मंत्री अपने मतदान केंद्र के भीतर केवल एक मतदाता की हैसियत से ही जा सकेगा।

बीजेपी में बाहरी दलों से आए कई दावेदार खेल बिगाड़ सकते है अधिक दावेदार होने से बीजेपी भी असहज नज़र आ रही है सही टिकट वितरण जीत का आधार बनेगा ऐसा प्रदेश भर में मिली गोपनीय रिपोर्ट में नज़र आ रहा है फिलहाल निकाय चुनाव का बिगुल बज जाने से उत्तराखंड में अगले एक महीने तक राजनैतिक सरगर्मिया नज़र आएगी जबकि कांग्रेस कई जगह पर मजबूत दावेदारों पर दांव लगाए जाने की जुगत में है कांग्रेस के पास भी कई जगह पर दावेदार मजबूत नहीं मिल रहे है ऐसे में उन जगह पर आसानी से जीत पाना टेडी खीर साबित हो सकता है

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा की

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज तीन नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के उत्तराखंड राज्य में क्रियान्वयन में की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों और त्वरित क्रियान्वयन की प्रशंसा की। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में तीन नए आपराधिक कानूनों के उत्तराखंड में क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में बताया कि उत्तराखंड राज्य में तकनीकी एकीकरण जैसे कि ई-साक्ष्य, ई-कोर्ट और ई-समन का सफल एकीकरण किया गया है। इन प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग ने न्याय प्रणाली को तेज, पारदर्शी, और प्रभावी बनाया है।

मेडलीप्र (MedLEaPR) के माध्यम से चिकित्सा और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच तालमेल बनाया गया है।
मुकदमों के निस्तारण में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि अदालतों द्वारा मामलों के शीघ्र निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। 41% मामलों का निपटान और दोषसिद्धि दर प्रभावी न्याय प्रणाली का प्रमाण है।

कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण और जनशक्ति विकास के अंतर्गत 23,000 से अधिक पुलिस कर्मियों और अभियोजकों का सफल प्रशिक्षण किया गया है। उत्तराखंड हिंदी भाषा में एआई (Artificial Intelligence) आधारित कोर्स तैयार करने वाला पहला राज्य है। नए तीन कानूनों के संबंध में जन जागरूकता अभियान संचालित किए गए है।सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए नुक्कड़ नाटक, चौपाल, और सेमिनार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।

केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य सरकार को ऑनलाइन तंत्र के क्रियान्वयन से हुई लागत में बचत का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सुविधाओं की संख्या बढ़ाने का भी सुझाव दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में न्याय प्रक्रिया को और सुलभ बनाया जा सके।

बैठक के दौरान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास में भारत सरकार से समर्थन का अनुरोध किया। गृह मंत्री ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

समीक्षा बैठक में भारत सरकार के गृह सचिव के साथ ही उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (कानून), सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, उपमहानिरीक्षक उपस्थित थे। बैठक में महानिदेशक बीपीआरएनडी (Bureau of Police Research and Development), गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी भी मौजूद थे।

निकायों में 23 जनवरी को होंगे चुनाव जमीनी पकड़ वाले दावेदारों पर नज़र

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निकायों में 23 जनवरी को होंगे चुनाव जमीनी पकड़ वाले दावेदारों पर नज़र

देहरादून निकायों में 23 जनवरी को होंगे चुनाव जमीनी पकड़ वाले दावेदारों पर नज़र उत्तराखंड के 100 नगर निकायों में मेयर, अध्यक्ष से लेकर वार्डों की आपत्तियों का निपटारा रविवार को देर रात तक कर दिया गया। सोमवार आरक्षण को लेकर अंतिम सूची जारी कर होने के साथ चुनाव तिथि का एलान भी कर दिया गया।

उत्तराखंड निकाय चुनाव के लिए आरक्षण को लेकर अंतिम सूची जारी कर दी गई है। देर रात तक आपत्तियों के निस्तारण के बाद आज सोमवार को शासन ने नगर निकायों में महापौर व अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी है। वहीं चुनाव की तिथि का एलान भी कर दिया गया है। 23 जनवरी को निकाय चुनाव होंगे। जबकि 25 को मतगणना होगी।

श्रीनगर, हल्द्वानी और अल्मोड़ा नगर निगम में आरक्षण में बदलाव किया गया है। हल्द्वानी नगर निगम में महापौर सीट सामान्य, अल्मोड़ा नगर निगम में ओबीसी और श्रीनगर में महापौर सीट महिला आरक्षित कर दी गई है।

निकायों में 23 जनवरी को होंगे चुनाव जमीनी पकड़ वाले दावेदारों पर नज़र

उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी कांग्रेस में दावेदार टिकट पाने के लिए जुगत में लगे हुए है बीजेपी मजबूत दावेदार पर अपना होमवर्क कर चुकी है ऐसे में राजनैतिक जुगाड़ से टिकट पाने वाले कई चेहरे टिकट पाने से महरूम हो सकते है ऐसा बीजेपी जीत दर्ज करने के लिए फार्मूला वर्क आउट करती देखी जा रही है

बीजेपी में बाहरी दलों से आए कई दावेदार खेल बिगाड़ सकते है अधिक दावेदार होने से बीजेपी भी असहज नज़र आ रही है सही टिकट वितरण जीत का आधार बनेगा ऐसा प्रदेश भर में मिली गोपनीय रिपोर्ट में नज़र आ रहा है फिलहाल निकाय चुनाव का बिगुल बज जाने से उत्तराखंड में अगले एक महीने तक राजनैतिक सरगर्मिया नज़र आएगी जबकि कांग्रेस कई जगह पर मजबूत दावेदारों पर दांव लगाए जाने की जुगत में है कांग्रेस के पास भी कई जगह पर दावेदार मजबूत नहीं मिल रहे है ऐसे में उन जगह पर आसानी से जीत पाना टेडी खीर साबित हो सकता है

देहरादून में असली पप्पू ढाबा का भव्य उद्घाटन, मोनी महाराज जी ने किया शुभारंभ

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सैलानियों के स्वागत में जुटी उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड में रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा चौबीसों घंटे खुले रखने की अनुमति

असली पप्पू ढाबा का भव्य उद्घाटन, मोनी महाराज जी ने किया शुभारंभ

देहरादून, मालसी रोड पर पारंपरिक और स्वादिष्ट भोजन का नया ठिकाना

देहरादून। राजपुर रोड स्थित ‘असली पप्पू ढाबा’ का भव्य शुभारंभ मोनी महाराज जी के कर-कमलों द्वारा हुआ। इस अवसर पर ढाबे के मालिक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि यह ढाबा ग्राहकों को पारंपरिक स्वाद और उच्च गुणवत्ता वाले भोजन के साथ विशेष अनुभव प्रदान करेगा।

सैलानियों के स्वागत में जुटी उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड में रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा चौबीसों घंटे खुले रखने की अनुमति

उद्घाटन समारोह के दौरान ढाबे के मेन्यू और खासियतों का परिचय कराया गया। उन्होंने बताया कि यहां का खाना न केवल स्वादिष्ट होगा बल्कि ग्राहकों की सेहत का भी ख्याल रखा जाएगा। ढाबा भारतीय परंपरा के अनुरूप व्यंजन पेश करेगा, जिन्हें बुजुर्गों और यात्रियों द्वारा खासा पसंद किया जाता था।

उत्तराखंड में बढ़ती पहचान

‘असली पप्पू’ ब्रांड ने अपनी शुरुआत वर्ष 1976 में की थी और आज यह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। देहरादून के प्रतिष्ठित राजपुर रोड पर स्थित यह ढाबा स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को ध्यान में रखकर खोला गया है। ढाबे के मालिकों का उद्देश्य स्वादिष्ट और किफायती भोजन उपलब्ध कराना है।

उद्घाटन समारोह में स्थानीय निवासी और शहर के प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। इस दौरान कुलबीर सिंह, गुरदीप सिंह, चौधरी नरदीप सिंह और बांके बिहारी शर्मा जैसे प्रमुख व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे।

पर्यटकों के लिए नया आकर्षण

राजपुर रोड, जो पहले से ही पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, अब ‘असली पप्पू ढाबा’ के साथ और भी खास बन गया है। मसूरी और देहरादून घूमने आने वाले पर्यटक यहां पारंपरिक और स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकेंगे।

मालिकों ने सभी उत्तराखंडवासियों और पर्यटकों को ढाबा पर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार यहां का स्वाद लेने के बाद ग्राहक बार-बार लौटने के लिए मजबूर होंगे।

समान नागरिक संहिता यूसीसी जनवरी में लागू होगा: सीएम

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उत्तराखंड में जनवरी 2025 से लागू होगी समान नागरिक संहिता – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस तरह उत्तराखंड, आजादी मे बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला प्रदेश बन जाएगा।

बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक के दौरान सीएम श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संकल्प के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में होमवर्क पूरा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, गठित करने का निर्णय लिया गया था।

इस क्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा से समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पारित किया गया। इस विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च, 2024 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसी क्रम में अब समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली है।

इस तरह उत्तराखंड अब जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, संहिता के प्रावधान लागू करने के लिए कार्मिकों का समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। साथ ही अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए, जनसामान्य की सुविधा का ख्याल रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जनवरी, 2025 में उत्तराखंड में राज्य समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता कानून, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना पर चलते हुए, समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगा।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

धामी की धमक से विरोधियो की हिलती खिड़कियाँ

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धामी की धमक से विरोधियो की हिलती खिड़कियाँ

देहरादून उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं में पुष्कर सरकार ने हज़ारो पदों पर नियुक्तियां देकर एक नयी पहल को साकार किया है पुष्कर सरकार हर वर्ग के लिए विकास से लेकर मुलभुत सुविधाएं प्रदान कर रही है अपने तीन साल से अधिक समय के कार्यकाल में पुष्कर सरकार के पास मजबूत इरादों वाली सरकार का विजन मौजूद है उत्तराखंड में सबसे पॉप्लर सरकार का तमगा भी धामी सरकार के पास है ऐसे में राजनैतिक नजरिये से उनका सफर बेहद बेदाग रहा है

विपक्ष से लेकर हर राजनैतिक पार्टी कुछ मुद्दों को छोड़ दिया जाये तो धामी सरकार की तारीफ करती रही है वर्ष 2024 में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने पास नक़ल विरोधी कानून,सामान नागरिक साहिता,दंगा करने पर कड़ी सजा का प्रावधान जैसे बड़े फैसले लेकर धामी सरकार ने देश दुनिया में अपने राजनैतिक विजन का लोहा मनवा लिया है अगर ये कहा जाये राजनैतिक रूप से धामी ने विरोधियो की खिड़कियों को हिला कर रहा हुआ है

धामी की धमक से विरोधियो की हिलती खिड़कियाँ

केदारनाथ उपचुनाव के बाद पुष्कर सरकार का पावर प्ले देखने को मिला रहा है निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी जीत का भगवा लहराए जाने को बेताब है आरक्षण को लेकर निकाय चुनाव में कुछ जगह पर विरोध भी नज़र आ रहा है ऐसे में पब्लिक फिगर वाले नेताओं को निकाय चुनाव में टिकट देने पर उत्तराखंड में बीजेपी मंथन कर रही है टिकट वितरण सही हुआ तो निकाय चुनाव में बीजेपी के लिए असली अग्नि परीक्षा देखने को मिल सकती है

उत्तराखंड में पिछले साढ़े तीन साल में सरकारी सेवाओं में 19 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को उनके आवास पर गृह एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में यह बात कही।जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, उनमें गृह विभाग के अंतर्गत 11 प्रयोगशाला सहायक और प्रांतीय रक्षक दल विभाग के 34 क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी शामिल हैं।

सरकारी ऑफिस में लगेंगे सोलर पैनल

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प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा केंद्रों, अस्पतालों एवं मेडिकल कालेजों में अनिवार्य रूप से सोलर रूफटाप पैनल लगेंगे। साथ ही समस्त सरकारी विद्यालयों एवं छात्रावासों में भी ये पैनल जगाए जाएंगे। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव एवं शिक्षा महानिदेशक को तत्काल आदेश जारी करने के निर्देश दिए।

अधिक मातृत्व मृत्यु दर वाले संवेदनशील क्षेत्रों में मातृत्व मृत्यु आडिट करने के बाद पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैनात करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंगलवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि समयबद्धता से कार्य न होने की दशा में योजनाओं की लागत बढ़ती है। ऐसे में व्यय वित्त समिति में अनुमोदित सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

वन नेशन-वन इलेक्शन विधेयक पेश भाजपा सांसद सदन से रहे नदारद

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देश की संसद में बीजेपी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जिसको बाद में jpc के पास भेज दिया गया है लेकिन बीजेपी विहिप का उलघन किये जाने के चलते भाजपा सांसद सदन से रहे नदारद करीब 20 ऐसे सांसदों को बीजेपी नोटिस जारी कर सकती है

लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, विधेयक के पास होने के दौरान 20 भाजपा सांसद मौजूद नहीं थे। लोकसभा में मंगलवार को ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ विधेयक पेश किया गया। इस मौके पर सदन में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नोटिस भेज सकती है।

भाजपा ने मंगलवार को अपने लोकसभा सदस्यों को सदन में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हीप जारी किया था। जब विधेयक के लिए वोटिंग हुई तो भाजपा के 20 सांसद सदन में मौजूद नहीं थे। इसी को लेकर पार्टी ने इन लोगों को नोटिस भेजने का फैसला लिया है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में स्वीकार कर लिया गया। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक के रूप में जाना जाता है, इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पेश किया। पेश किए जाने के बाद विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया है।

पक्ष में 269 और विपक्ष में 198 वोट
लोकसभा में यह विधेयक पेश किए जाने के पक्ष में 269 और विपक्ष में 198 वोट पड़े। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के बाद पर्चे से मतदान हुआ और तब जाकर यह विधेयक लोकसभा में पेश हो सका। देशभर में एक साथ चुनाव कराए जाने को लेकर पिछले साल सितंबर में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने मार्च में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसी साल सितंबर में मोदी कैबिनेट ने इस रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। इस रिपोर्ट में लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा और पंचायत चुनाव एक साथ कराए जाने को लेकर सुझाव दिए गए थे। 

नेशनल गेम्स शुभंकर एंथम जर्सी और टाॅर्च की लॉन्चिंग

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देहरादून में नेशनल गेम्स का शनिवार समारोह में राष्ट्रीय खेलों के लोगो, शुभंकर, एंथम, जर्सी और टाॅर्च की लॉन्चिंग की गई। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर प्रतीक मौली (मोनाल पक्षी) नए अवतार में नजर आया। केंद्रीय युवा एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ,खेल मंत्री रेखा आर्या,सतपाल महाराज सहित कई लोग शामिल हुए

उत्तराखंड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने पर राज्य के खिलाड़ियों को सरकार पदक के लिए तय राशि के अतिरिक्त धनराशि देगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज के आइस स्केटिंग ऑडिटोरियम में बने हिमांद्री में आयोजित राष्ट्रीय खेलों के लोगो, गान, शुभंकर, मशाल और जर्सी के लॉचिंग कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।

मलखंब और योगासन में भी अब खिलाड़ियों को पदक मिलेंगे। मुख्यमंत्री धामी के अनुरोध पर भारतीय ओलंपिक संघ ने इसे कोर खेलों में शामिल करने की मंजूरी दी। सीएम ने कहा, उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। खेलों अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए सरकार ने 500 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था की है।

देशभर से 10 हजार से अधिक खिलाड़ी खेलों में प्रतिभाग करेंगे। सरकार खेल विवि भी जल्द बनाने जा रही है। इसके लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा कर निर्माण कार्य को लेकर आगे बढ़ने वाले हैं। इसमें खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। सीएम ने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी को राज्य के युवाओं के लिए बड़ा अवसर बताया।

युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें और अधिक से अधिक पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करें। केंद्रीय युवा एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा, देश में ओलंपिक खेल हों, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए खेलों के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है।

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कहा, 32 खेलों के अलावा मलखंब और योगासन को भी कोर खेलों में शामिल किया जाएगा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने राष्ट्रीय खेलों में 38 खेलों को पदक खेलों में शामिल करने को कहा। कहा, भारतीय ओलंपिक संघ इस पर विचार करे।

मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुर्गा परोसने पर गरमाई सियासत भाजपा ने उठाए सवाल

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प्रदेश में अब समोसे के बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मुर्गा परोसने पर सियासत गरमा गई है।

हिमाचल प्रदेश में अब समोसे के बाद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मुर्गा परोसने पर सियासत गरमा गई है। कुपवी में ग्रामीणों ने मुर्गा क्या परोसा भाजपा ने इसे मुद्दा बना दिया। अब ये मुर्गा जंगली है या देसी यह जांच का विषय है। भाजपा का आरोप है कि कुपवी के टिक्कर में हुए कार्यक्रम में परोसा मुर्गा जंगली है और इसका शिकार कानून प्रतिबंधित है।

भाजपा ने इसके लिए लिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और कथित मेन्यू का भी हवाला दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह तेल युक्त व्यंजनों और नॉन वेज दोनों से ही स्वास्थ्य कारणों से परहेज करते हैं। टिक्कर में जंगली नहीं, देसी मुर्गा परोसा था, जो इस क्षेत्र की आदिवासी संस्कृति का हिस्सा है। जयराम ठाकुर को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है।

शुक्रवार रात को कुपवी के टिक्कर गांव में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य अतिथियों के लिए रात्रिभोज रखा गया। इस रात्रि भोज के दौरान सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और अन्य लोगों के बीच बातचीत का एक कथित वीडियो और मेन्यू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसी को आधार बनाकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित कई अन्य नेताओं ने उनके खिलाफ हमलावर रुख अपनाया है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने इससे इससे गांववासियों को बदनाम करने का रास्ता चुना गया है। विपक्ष के नेताओं के पास अब कोई मुद्दा नहीं है।

सुक्खू ने कहा कि गांव वाले अपने लोकल हैं। हम खाते नहीं, फिर भी मुझे दे रहे थे। पहाड़ के जीवन में नॉन वेज भोजन है। इससे ग्रामीणों की छवि खराब हो रही है। इंदौरा में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जो हुआ ही नहीं, उसके बारे में वह क्या कहें? यह जंगली मुर्गा नहीं था, यह उनकी आदिवासी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वह मांसाहारी भोजन नहीं खाते। यह दुकान से खरीदा हुआ मुर्गा नहीं था, बल्कि उनके गांव का देसी मुर्गा था। वे वहां खाने नहीं गए थे, बल्कि लोगों की समस्याएं सुनने गए थे। भाजपा के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, इसलिए वे इस तरह के विचित्र मुद्दे उठा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सीएम के टिक्कर में रात्रिभोज कार्यक्रम का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘जनता के घरद्वार जाकर लोगों की समस्याओं के निराकरण करने की हमारी योजना जनमंच के फुलके जिन्हे खल रहे थे, वह आज गांव-गांव जाकर पिकनिक मना रहे हैं और क्या-क्या कर रहे हैं जनता सब देख रही है।  संरक्षित प्रजाति का जंगली मुर्गा खाने वालों को जेल होती है, जुर्माना होता है लेकिन मुख्यमंत्री मुर्गा खिलाने का पहले मेन्यू छपवाते हैं और फिर अपने मंत्रियों को अपने सामने चटखारे ले लेकर खिलाते हैं। क्या यही व्यवस्था परिवर्तन है।