Wednesday, January 21, 2026
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हल्द्वानी : पार्षद अमित बिष्ट के बेटे जय के पास मिली पिस्टल, आर्म्स एक्ट में केस दर्ज

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हल्द्वानी पुलिस ने पार्षद अमित बिष्ट के बेटे जय बिष्ट को एक विदेशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक सनसनीखेज राजनीतिक मामले से जुड़ी है, जिसमें मृतक नितिन लोहनी के दोस्त ने जय पर अपने पिता की फायरिंग के दौरान पिस्टल रखने का आरोप लगाया था। जय के पास पिस्टल का कोई लाइसेंस नहीं था, जिसके चलते उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

हल्द्वानी: शहर की राजनीति से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में कोतवाली हल्द्वानी पुलिस ने हत्या के आरोपित पार्षद अमित बिष्ट के बेटे को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से 6.35 बोर की विदेशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

दरअसल, सी ब्लाक जज फार्म निवासी 22 वर्षीय मृतक नितिन लोहनी का दोस्त न्यू फ्रेंड्स कालोनी डहरिया निवासी कमल भंडारी ने बीते दिनों पहले पुलिस को बयान दिए थे कि रविवार की रात पार्षद अमित बिष्ट की ओर से फायरिंग करने के दौरान उसके बेटे जय बिष्ट के पास भी पिस्टल मौजूद थी।

उस पिस्टल से जय ने दोनों को बंदूक से मारने इसके आधार पर ही पुलिस ने जय बिष्ट पर अपने पिता की पिस्टल रखने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जय बिष्ट के पास पिस्टल रखने का कोई लाइसेंस नहीं है।

अंकिता भंडारी केस को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान, आज खुद सामने आएंगे सीएम धामी

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देहरादून: उत्तराखंड राज्य में पिछले एक महीने से राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. प्रदेश में इन दिनों तमाम ऐसे मुद्दे हैं जिस पर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कवायद में जुटा हुआ है. जिसमें मुख्य रूप से अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में विपक्षी दल के साथ ही तमाम सामाजिक कार्यकर्ता सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. इसको लेकर पहले भी भाजपा के कैबिनेट मंत्री समेत कई नेता प्रेसवार्ता को संबोधित कर चुके हैं, ऐसे में मंगलवार की दोपहर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद प्रेस वार्ता करने जा रहे हैं.

दरअसल, अंकित भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में मचे राजनीतिक घमासान के बीच भाजपा और सरकार असहज महसूस कर रही है. जिसकी मुख्य वजह यही है कि कथित वीआईपी के नाम को लेकर मुख्य विपक्षी दल लगातार प्रदेश भर के सभी जिलों में प्रदर्शन कर रही है. भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर की ओर से सुरेश राठौर के तमाम ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद प्रदेश भर में भूचाल मचा हुआ है. हालांकि, वायरल ऑडियो में इस बात का दावा किया गया है कि जिस वीआईपी के नाम की चर्चा है.

इस पूरे मामले पर भाजपा संगठन की ओर से तीन नेताओं ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया सबसे पहले भाजपा विधायक खजान दास ने प्रस्ताव को संबोधित किया था. इसके बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस वार्ता कर पार्टी और सरकार का पक्ष जनता के सामने रखा था इसके साथ ही बीते दिन राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने भी प्रेस वार्ता कर अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार और संगठन की राय रखी थी. हालांकि, इन प्रेसवार्ता के दौरान इन नेताओं को पत्रकारों के सवालों ने काफी अधिक परेशान किया था. क्योंकि प्रदेश में मचे राजनीतिक घमासान और विपक्ष की ओर से लगातार उठाए जा रहे तमाम सवालों पर ये नेता कोई ठीक-ठाक जवाब नहीं दे पाए.

वहीं, दूसरी ओर अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में नाम जोड़ने के बाद बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर किया है. साथ ही छवि को खराब करने का आरोप लगाया है. वहीं देहरादून के थाना डालनवाला में बीएनएस और आईटी एक्ट की तमाम धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई है. अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ व कथित पत्नी उर्मिला सनावर के वीडियो ने बीजेपी के भीतर खलबली मचा दी है. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद से ही कुछ दिनों के भीतर ही भाजपा के तीन नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है.

सबसे पहले पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए सीबीआई जांच की मांग की. इसके बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री भगत राम कोठारी ने भी पार्टी छोड़ दी. अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि अंकिता को अब तक न्याय नहीं मिला है, जबकि ये मामला उत्तराखंड की जनभावनाओं से जुड़ा है. स्थितियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि ऋषिकेश से भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बनखंडी ने भी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को इस्तीफा भेजते हुए कहा कि उर्मिला सनावर, सुरेश राठौर और यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट की जांच होनी चाहिए.

ऐसे में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद प्रेस वार्ता को संबोधित करने जा रहे हैं. प्रदेश भर में अंकित भंडारी हत्याकांड मामले की सीबीआई जांच को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं उसे पर भी सीएम धामी सीबीआई जांच की घोषणा कर सकते हैं. लेकिन ये सब सीएम धामी की प्रेसवार्ता के बाद ही पता लग पाएगा.

मा0 मुख्यमंत्री के विज़न व जिलाधिकारी के प्रयासों से त्यूनी को आधुनिक लाइब्रेरी की सौगात

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सीमांत क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लिए जिला प्रशासन का दूरगामी, क्रांतिकारी कदम

डीएम ने त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था हेतु रु0 12.20 लाख किए स्वीकृत ₹7.20 लाख की प्रथम किस्त जारी

मा0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के शिक्षा-प्रेरित विज़न एवं जिलाधिकारी सविन बंसल के सशक्त नेतृत्व में जनपद देहरादून के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र त्यूनी में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और ठोस उपलब्धि दर्ज की गई है।  सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था हेतु रु0 12.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से प्रथम किस्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि  रु0 7.20 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। जिलाधिकारी के त्यूनी भ्रमण कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं एवं संकल्प जनजातीय उत्थान फांउडेशन समिति द्वारा जिलाधिकारी से पुस्तकालय बनाने का अनुरोध किया गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखण्ड देहरादून के माध्यम से त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था हेतु रु0 12.20 लाख का प्राक्कलन के अनुसार धनराशि स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त जारी  कर दी है।

जिला प्रशासन के सत्त प्रयासों से जनपद देहरादून के दूरस्थ क्षेत्र त्यूनी में शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था हेतु रु0 12.20 लाख का प्राक्कलन तैयार किया गया था, जिसमें से रु0 12.00 लाख की धनराशि स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में 60 प्रतिशत अर्थात रु0 7.20 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है।
अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखण्ड देहरादून द्वारा  03 दिसम्बर 2025 के माध्यम से त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था हेतु रु0 12.20 लाख का प्राक्कलन तैयार कर मुख्य शिक्षा अधिकारी, मयूर विहार, देहरादून को प्रस्तुत किया गया था।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में उक्त प्रस्ताव को जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास की शासी परिषद की आहूत बैठक में सम्मिलित किया गया, जहाँ शासी परिषद के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा रु0 12.00 लाख (रुपये बारह लाख मात्र) की धनराशि स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया।
स्वीकृत धनराशि में से 60 प्रतिशत अर्थात रु0 7,20,000/- (रुपये सात लाख बीस हजार मात्र) अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण निर्माण विभाग, देहरादून को भुगतान हेतु जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के निर्धारित बैंक खाते से चौक निर्गत कर दिया गया है। शेष 40 प्रतिशत धनराशि रु0 4,80,000/- (रुपये चार लाख अस्सी हजार मात्र) की धनराशि उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं तृतीय पक्ष द्वारा जाँच आख्या प्राप्त होने के उपरान्त जारी की जाएगी।
मा0 मुख्यमंत्री की दूरस्थ क्षेत्रों तक समान शिक्षा अवसर उपलब्ध कराने की नीति को धरातल पर उतारते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु निरंतर ठोस एवं परिणामोन्मुखी कार्य कर रहा है। त्यूनी जैसे दुर्गम क्षेत्र में पुस्तकालय सुविधा का     सुदृढ़ीकरण विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं ज्ञानवर्धन के लिए सशक्त मंच प्रदान करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा  कि समस्त जनपद सहित दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। पुस्तकालय जैसी सुविधाएँ विद्यार्थियों में अध्ययन संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायक सिद्ध होंगी। जिला प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर क्रांतिकारी एवं परिणामोन्मुखी कदम उठा रहा है।

उत्तराखंड में एडमिशन के नाम पर डोनेशन लेने वाले प्राइवेट स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, मान्यता होगी रद

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प्रदेश में संचालित किसी भी बोर्ड के निजी विद्यालय यदि दाखिले के नाम पर डोनेशन या चंदा लेते पाए गए तो उनकी मान्यता रद की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि निजी स्कूल केवल वही शुल्क वसूल कर सकेंगे, जो शासन की ओर से निर्धारित है।

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

निदेशक ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सीबीएसई एवं आइसीएसई बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के विरुद्ध लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इन शिकायतों के आधार पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली की 18 अक्टूबर, 2018 की अधिसूचना के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिसूचना में विद्यालयों को केवल संचालन व्यय की पूर्ति तक सीमित शुल्क लेने की अनुमति दी गई है। निर्देशों के अनुसार कोई भी समिति या विद्यालय छात्रों के दाखिले के उद्देश्य से प्रति व्यक्ति कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकेगा। शुल्क की वसूली केवल शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित शीर्षों में ही की जा सकेगी।

इसके अलावा शुल्क में किसी भी प्रकार का संशोधन बिना सक्षम प्राधिकारी अथवा निर्धारित प्रक्रिया की पूर्व स्वीकृति के नहीं किया जा सकेगा।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि राज्य या केंद्र सरकार की ओर से फीस विनियमन को लेकर बनाए गए सभी अधिनियम और नियम सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों पर भी समान रूप से लागू होंगे। विद्यालयों को अपनी वार्षिक व्यापक सूचना रिपोर्ट तैयार कर हर वर्ष 15 सितंबर से पहले विद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

इस रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, पता, संपर्क विवरण, संबद्धता की स्थिति, अवसंरचना, शैक्षणिक कैलेंडर, शिक्षकों की योग्यता व प्रशिक्षण, शैक्षणिक व खेल उपलब्धियां, पीटीए गतिविधियां और विद्यार्थियों की संख्या सहित सभी जरूरी जानकारियां शामिल होंगी। शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता रद की जाएगी।

हरीश रावत की तबीयत बिगड़ी: दून अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने दी एंजियोग्राफी की सलाह

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सांस लेने में दिक्कत के बाद दून अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दिल की जांच के लिए एंजियोग्राफी और किडनी के लिए नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह दी है।

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें देहरादून के दून अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक, रावत को पिछले कुछ समय से लगातार सांस फूलने की समस्या हो रही थी, जिसके बाद वे विशेषज्ञों से परामर्श लेने ओपीडी पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने उनकी प्रारंभिक जांच के बाद कुछ गंभीर चिकित्सा परीक्षणों की सलाह दी है।

दून अस्पताल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय, ईएनटी सर्जन डॉ. नितिन शर्मा और फिजिशियन डॉ. अरुण पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि उन्हें दिल और किडनी संबंधी कुछ जटिलताएं हो सकती हैं। कॉर्डियोलॉजिस्ट ने उनकी स्थिति को देखते हुए दिल की महत्वपूर्ण जांच ‘एंजियोग्राफी’ कराने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही उनकी नाक बंद होने की समस्या की भी पुष्टि हुई है।

मेडिकल जांच में हरीश रावत के शरीर में ‘क्रिएटिनिन’ का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है, जो किडनी (गुर्दे) की कार्यक्षमता में कमी का संकेत देता है। इस कारण डॉक्टरों ने एंजियोग्राफी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) से परामर्श लेना अनिवार्य बताया है। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दवाइयां दी हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने पहले भी सांस फूलने की शिकायत पर चिकित्सकों से सलाह ली थी।

हरीश रावत की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। अस्पताल परिसर में उनके प्रशंसकों की भीड़ जुटने लगी है। वरिष्ठ नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट आने और नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह के बाद ही आगे के इलाज की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल उन्हें आराम करने और स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने को कहा गया है।

वजूद ZERO, बन रहे HERO धामी सरकार में ड्रामा नहीं, सिर्फ न्याय चलता है।

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वजूद ZERO, बन रहे HERO धामी सरकार में ड्रामा नहीं, सिर्फ न्याय चलता है। राजनीतिक रोटियां सेकने वालों पर कार्रवाई, दुष्यंत गौतम की तहरीर पर FIR दर्ज

देहरादून, उत्तराखंड —प्रदेश में फैलाए जा रहे कथित झूठ और भ्रामक प्रचार को लेकर भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस कार्रवाई के बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ सच सामने आने की बात कही जा रही है।

बीते कुछ समय से अंकिता भंडारी मामले को लेकर राज्य में सियासत सड़कों पर दिखाई दे रही है। कांग्रेस, यूकेडी और आम आदमी पार्टी पर आरोप है कि जिनका राज्य में कोई ठोस राजनीतिक वजूद नहीं है, वे इस संवेदनशील मामले को लेकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने बिना देरी किए पहले ही तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। निष्पक्ष कार्रवाई का परिणाम यह है कि आरोपियों का कोई भी राजनीतिक रसूख नहीं चला और मामला पिछले तीन वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन रहते हुए भी आरोपी जेल से बाहर नहीं आ पाए।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह अपने आप में एक मिसाल है कि सरकार ने अपनी ही पार्टी से जुड़े लोगों पर भी सख्त कार्रवाई करने से कोई संकोच नहीं किया। भाजपा का कहना है कि यदि आरोपियों को बचाने का इरादा होता, तो कमजोर पैरवी के जरिए अब तक उन्हें राहत मिल चुकी होती, लेकिन धामी सरकार में ऐसा नहीं हुआ।

आरोप है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कुछ लोग इस मामले को तूल देकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं, लेकिन भाजपा के भीतर से ही यह संदेश दिया जा रहा है कि धामी सरकार में दोषियों को बचाने की कोई गुंजाइश नहीं है।

फिलहाल, दुष्यंत गौतम द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए कथित आपत्तिजनक पोस्टों को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर सहित कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़े लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

वजूद ZERO, बन रहे HERO — सेक रहे हैं राजनीतिक रोटियां!

उत्तराखंड में झूठ फैलाने वालों पर अब कानून का डंडा चला है।
भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की तहरीर पर
पूर्व विधायक सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर सहित कई लोगों पर FIR दर्ज।

अंकिता भंडारी मामले को लेकर जिनका राज्य में कोई वजूद नहीं,
वही आज सड़कों पर राजनीति चमकाने निकले हैं।
कांग्रेस, AAP, UKD — सबको मुद्दा नहीं, मौका चाहिए!

 सच्चाई ये है कि
धामी सरकार ने बिना देरी 3 आरोपियों को जेल भेजा
 3 साल से आरोपी जेल में हैं
 न रसूख चला, न सिफारिश
अपनी ही पार्टी के लोग हों, तब भी कार्रवाई

सवाल पूछने वालों से सवाल —
अगर बचाना होता तो आज तक जमानत क्यों नहीं मिली?
अगर दबाव होता तो कोर्ट में राहत क्यों नहीं मिली?

 2027 चुनाव से पहले
कुछ लोग अंकिता के नाम पर राजनीतिक उल्लू सीधा करना चाहते हैं,
लेकिन साफ संदेश है —
धामी सरकार में ड्रामा नहीं, सिर्फ न्याय चलता है।

अब गिरफ्तारी होगी,
और झूठ की परत-दर-परत पोल खुलेगी।

MDDA की अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई, 10 बीघा भूमि पर चला ध्वस्तीकरण अभियान

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अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग बर्दाश्त नहीं: बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बढ़ते अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख़्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान तेज कर दिया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत एमडीडीए की प्रवर्तन टीमें लगातार फील्ड में उतरकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है, बल्कि नियोजित विकास को सुनिश्चित करना और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना भी है।

08 से 10 बीघा भूमि पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम द्वारा नीरज शर्मा एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा सलियावाला, धौलास, देहरादून क्षेत्र में लगभग 08 से 10 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में उक्त प्लॉटिंग बिना स्वीकृत लेआउट एवं मानकों के विपरीत पाई गई, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता सुर्जीत सिंह रावत, अवर अभियंता हर्षित मौठानी, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराई गई। एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध आगे भी सख़्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीद या निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।

नागरिकों को किया जा रहा जागरूक
एमडीडीए अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से संबंधित स्वीकृतियों की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से आम लोग अपने जीवन की गाढ़ी कमाई जोखिम में डाल देते हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। प्राधिकरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी सख़्त कार्रवाई की जाएगी। बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग बर्दाश्त नहीं: बंशीधर तिवारी 
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत और जनहित में की जा रही है। हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के सुनियोजित विकास और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना है। सभी नागरिकों से अपील है कि निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृति और अन्य आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें। जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष या क्षेत्र विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई की जा रही है। एमडीडीए का मानना है कि सख़्त प्रवर्तन के साथ-साथ नियोजित विकास की दिशा में सकारात्मक संदेश देना भी आवश्यक है। वैध निर्माण करने वालों और नियमों का पालन करने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह की जनता से अपील- अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा एमडीडीए की प्रवर्तन टीमें लगातार प्राधिकरण क्षेत्र में निरीक्षण कर रही हैं। अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों में नियमानुसार ध्वस्तीकरण, सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई की जा रही है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और कानूनी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है। आम जनता से अनुरोध है कि वे अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें और किसी भी निर्माण से पहले प्राधिकरण से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

सरकार आपके द्वारः सुदूरवर्ती न्याय पंचायत पंजीटिलानी में प्रभारी मंत्री ने सुनी जन समस्याएं,

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जनहित में बडी पहल: 50 आयुष्मान कार्ड, 18 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 57 आधार अपडेट

पंजीटिलानी बहुउदेशीय शिविरः 1286 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

लाभ भी, समाधान भीः 544 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,

मौके पर निस्तारण की मिसालः 178 में से अधिकांश समस्याओ का ऑन-द-स्पॉट समाधान

क्षेत्रवासियों का शिविर में सड़क और पेयजल संकट रहा प्रमुख मुद्दा

मा. मुख्यमंत्री का विज़न, जनता का विश्वास—सुशासन की मजबूत नींव: -प्रभारी मंत्री

जन-जन के द्वार पहुँची सरकार, बहुउद्देशीय शिविर बने ग्रामीणों की बड़ी राहत,

पंजीटिलानी में 5:30 बजे तक चली जनसुनवाई, प्रभारी मंत्री ने सुनीं जनसमस्याएँ

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत मा.प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में सोमवार को विकासखंड कालसी स्थित पंजीटिलानी मिनी स्टेडियम में वृहद बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से आम जनता को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिविर में लगाए गए विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और देहरादून जिला सूचना अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रकाशित ”विकास पुस्तिका-2025” का विमोचन भी किया। शिविर में लगे विभागीय स्टालो पर 1286 से अधिक लोगों का लाभान्वित किया गया।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री का संकल्प है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध ढंग से पहुँचे तथा कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह शिविर सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने तथा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना से काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियो को समयबद्दता के साथ समस्याओ का निराकरण के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आश्वस्त किया कि जनता से संबंधित प्रत्येक विषय एवं समस्या पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएँ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित कुल 178 समस्याएँ प्रस्तुत की गईं। प्रभारी मंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई एवं समाधान के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए।

शिविर में 80 प्रतिशत अनुदान पर अज्जू तोमर (ग्राम सुपौऊ) एवं इन्द्र सिंह (ग्राम तारली) को पावर वीडर, सुनील तोमर (ग्राम कोटतारली) को चेक कटर तथा सुनील (ग्राम अस्टी) को आटा चक्की प्रदान की गई।”

शिविर में ग्राम पंजीटिलानी, सलगा, खमरौली, चिबोऊ, टिबोऊ, मलोऊ, चन्दोऊ, खोई, सुयोऊ, जिसऊ घराना आदि गांवों के ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, वन, शिक्षा, विद्युत, सोलर लाइट, आर्थिक सहायता, आपसी विवाद, मुआवजा आदि से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से रखी।

ग्रामीणों द्वारा खमरौली–चिबऊ मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान डामरीकरण में घटिया सामग्री के उपयोग तथा वर्तमान में सड़क के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की गई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार कोठा बैंड–पंजियां मोटर मार्ग एवं खमरौली मोटर मार्ग के निर्माण में वर्ष 2008 से कृषि भूमि एवं फलदार वृक्षों के दबान का मुआवजा न मिलने की शिकायत पर पीएमजीएसवाई द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त सड़कें लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। इस पर लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि संयुक्त निरीक्षण कर वन-टाइम मेंटेनेंस के अंतर्गत मुआवजा प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। क्षेत्रवासियों ने खमरोली-तिरोसैंण मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त व स्कवर बंद होने, पंजीटिलानी मिनी स्टेडियम लिंक मोटर मार्ग डामरीकरण व खमरोली-टीराछानी तक नई सडक निर्माण की मांग रखी। दोयरा से देऊ मोटर मार्ग निर्माण न होने की शिकायत पर पीएमजीएसवाई ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है, जल्द निर्माण शुरू किया जाएगा।

ग्राम जिसऊ-घराना में एसीपी योजना से बरात घर स्वीकृत करने तथा गांव के मुख्य मार्ग से चलदा महाराज मंदिर तक सड़क किनारे सोलर लाइट लगाने की मांग पर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

ग्राम बोहरी में नलकूप सोलर पंप की मोटर न लगने की शिकायत पर जल संस्थान को शीघ्र मोटर लगाने के निर्देश दिए। खमरोली में कई घरों में पानी न आने, अवैध कनेक्शन, लीकेज की समस्या पर एक्शन जल संस्थान को मौका मुआयना कर शिकायत का समाधान करने के निर्देश दिए। डांडा-खुरडी पंपिंग योजना के निर्माण पर एक्शन ने बताया कि तकनीकी समस्या के कारण इस योजना को विलोपित किया गया है।

पीएचसी कोटी व पंजीटिलानी में चिकित्सक की कमी और एंबुलेंस न होने की समस्या पर सीएमओ को समस्या का समाधान करने को कहा। प्रा.वि खराया का भवन जर्जर स्थिति की शिकायत पर मंत्री ने प्राथमिकता पर भवन ठीक कराने के निर्देश दिए। पंजीटिलानी श्रेत्र में शिक्षकों का समय पर स्कूल न आने शिकायत पर डीएम को जांच कराने को कहा।

ग्राम नराया, बोआ, कौथी के आसपास 4-5 गांव की छानियों में बिजली न होने की समस्या पर प्रभारी मंत्री ने गांव वालों को कनेक्शन के लिए आवेदन करने और विद्युत विभाग को तत्काल लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविर में अन्य विभागों से संबधित शिकायतों का निस्तारण भी किया।

बहुउद्देशीय शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 248, होम्योपैथिक में 231 तथा आयुर्वेदिक में 65 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। शिविर में 57 लोगों का आधार अपडेशन, 18 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 18 लोगों की टीबी जांच एवं 50 आयुष्मान कार्ड मौके पर निर्गत किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 98 पशुपालकों को पशु औषधियाँ प्रदान की गईं। राजस्व विभाग ने 48 खाता खतौनी, 07 आय व 01 स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए।

कृषि विभाग ने 137 तथा उद्यान विभाग ने 50 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा वयोश्री योजना के अंतर्गत 75 वृद्वजनों को 310 सहायक उपकरण वितरित किए गए। साथ ही 08 लोगों की विभिन्न सामाजिक पेंशन मौके पर ही स्वीकृत कर ऑनलाइन की गई। जिला पूर्ति विभाग ने 42 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी और 21 आवेदन राशन कार्ड में नई यूनिट दर्ज कराने के लिए गए। पंचायती राज विभाग द्वारा किसान, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा परिवार रजिस्टर से संबंधित 37 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त, डेयरी विभाग ने 17, बाल विकास विभाग ने 10 किशोरी किट, 03 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, एनआरएलएम ने 10, श्रम विभाग ने 56, पर्यटन 06, शिक्षा 35, उद्योग 15, वन विभाग 15, लीड बैंक 10, रीप 24, सेवायोजन 69, उरेड 40, विद्युत 13, सैनिक कल्याण 03, सहकारिता विभाग ने 40 लाभार्थियों को लाभान्वित किया।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया मा. मुख्यमंत्री की पहल पर जन जन की सरकार, जन जन के द्वार कार्यक्रम के तहत संचालित बहुउदेशीय शिविरों के माध्यम से अब तक जिले में 13 हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के साथ ही ढाई हजार शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।

शिविर में राज्यमंत्री कुलदीप कुमार, उपाध्यक्ष अमर सिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष प्रवीन चौहान, युवा मोर्चा अध्यक्ष विनय नौटियाल, जिप सदस्य दीवान सिंह व मधु चौहान, ब्लाक प्रमुख सावत्री चौहान, ज्येष्ठ प्रमुख मीना राठौर, कनिष्ठ उप प्रमुख प्रियंका चौहान, ग्राम प्रधान दयाराम शर्मा, क्रांति तोमर सहित जिलाधिकारी सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम प्रेम लाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, सीएमओ डॉ एम के शर्मा, डीडीओ सुनील कुमार, सी ए ओ देवेंद्र सिंह, डीपीओ मीना विष्ट, जितेन्द्र कुमार, बीडीओ जगत सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

हल्द्वानी : (बड़ी खबर) हत्याकांड के बाद पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिंटू BJP से निष्कासित

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हल्द्वानी में गोली कांड के बाद अब भाजपा ने किया अमित बिष्ट उर्फ चिंटू को निष्कासित

हल्द्वानी में हुए गोलीकांड के बाद राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बताए जा रहे अमित बिष्ट उर्फ चिंटू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। अमित बिष्ट के निष्कासन को संगठन की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड, VIP कंट्रोवर्सी पर घिरी BJP, सवालों को छोड़ भागे सांसद

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अंकिता हत्याकांड में VIP कंट्रोवर्सी पर बीजेपी से कोई जवाब देते नहीं बना पा रहा. आज भी बीजेपी पीसी में कोई जवाब नहीं दे पाई.

देहरादून: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड बीजेपी सरकार के गले की फांस बना हुआ है. अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद शुरू हुई VIP कंट्रोवर्सी पर बीजेपी को जवाब देते नहीं बन रहा है.

शनिवार को जहां इस मामले पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पहली बार सरकार का पक्ष रखा, तो वहीं आज सोमवार पांच जनवरी को राज्यसभा सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने पार्टी व सरकार का पक्ष रखा. हालांकि जब पत्रकारों ने नरेश बंसल से VIP कंट्रोवर्सी पर सवाल किए तो वो कोई सही जवाब नहीं दे पाए.

बीजेपी प्रदेश मुख्यालय देहरादून में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने पार्टी का पक्ष रखने की पूरी कोशिश की. उन्होंने कांग्रेस के उठाए सवालों पर बीजेपी का पक्ष रखा. राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कहना है कि कांग्रेस बिना किसी आधार के अंकिता हत्याकांड को उछाल रही है. कांग्रेस इस भावनात्मक मुद्दे पर प्रदेश के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी प्रकार की जांच से पीछे नहीं हटती है. तथ्य जैसे ही मिलेंगे उस पर भी जांच की जाएगी. वहीं जब सवाल यह भी पूछा गया कि उर्मिला सनावर के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट किया गया, लेकिन सुरेश राठौर को क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है. उनके खिलाफ क्यों नहीं नॉन बेलेबल वारंट जारी हो रहा है? इस पर भी उन्होंने जवाब दिया.

मैंने पहले ही बताया है कि एक महिला है, जिसका पहले ही NBW (गैर-जमानती वारंट) हो चुका है. सुरेश राठौर के लिए भी दबिश दी जा रही है. दोनों के मिलने के बाद उनके बयान लिए जाएंगे, उसकी जांच होगी. यदि उसके बाद किसी और व्यक्ति का नाम भी आता है, तो उसे भी सरकार सलाखों के पीछे भेजने में कोई कोताही नहीं बरतेगी. केवल अफवाह फैसलाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना निंदनीय है. कल दिलाराम चौक पर हुई घटना भी निंदनीय है, जो राजनीति में पूरी तरह से नकारे जा चुके हैं, वो इस प्रकार का प्रयास कर रहे हैं. सरकार किसी भी प्रकार की जांच से न भाग रही और न पीछे हट रही है.
– नरेश बंसल, राज्यसभा सांसद, बीजेपी –

वहीं, जब नरेश बंसल से पत्रकारों ने सवाल किया कि VIP कौन है? साथ ही VIP का मुद्दा जब अंकिता की चैट से आया तो आखिर यह सवाल इन्वेस्टिगेशन से गायब कैसे हो गया? इस पर नरेश बंसल कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए. उन्होंने कहा कि,

एसआईटी ने पूरी जांच की है, उसके बाद कोर्ट ने माना है कि किसी भी प्रकार का कोई वीआईपी नहीं है. शनिवार को ही एसआईटी के सदस्य ने प्रेस वार्ता कर वीआईपी का सच भी बताया था. एसआईटी को जांच में वीआईपी से जुड़ी कोई चीज नहीं मिली. हो सकता है कि अंकित और पुलकित भविष्य के लिए अपनी कोई योजना बना रहे हों, उसमें उन्होंने कुछ कहा हो.
– नरेश बंसल, राज्यसभा सांसद, बीजेपी –

इसके बाद नरेश बंसल से कई और सवाल किए गए तो उन्होंने सवालों को नजरअंदाज किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर चले गए.

जानिए पूरा मामला: दरअसल, अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP कंट्रोवर्सी की शुरुआत खुद को बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी कहने वाली उर्मिला सनावर के जारी किए गए वीडियो से हुई थी. उर्मिला सनावर ने अपने वीडियो में कुछ ऑडियो सुनाए थे, जिसमें उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक व्यक्ति का नाम लिया था और कहा था कि यही वह व्यक्ति है, जिसका जिक्र अक्सर अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के तौर पर होता. हालांकि उसका नाम आज तक बाहर नहीं आ पाया है.

उर्मिला सनावर के इस खुलासे के बाद कांग्रेस समेत प्रदेश की जनता भी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी और अंकिता भंडारी हत्याकांड की फिर से सीबीआई जांच की मांग करने लगी है. वहीं सरकार का कहना है कि उन्होंने एसआईटी से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराई थी. इसी वजह से तीनों आरोपी दोषी भी साबित हुए थे और ट्रायल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा भी सुनाई थी.