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केदारनाथ यात्रा को लेकर झूठी वीडियो फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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केदारनाथ यात्रा को लेकर झूठी वीडियो फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

केदारनाथ यात्रा के संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी वीडियो प्रसारित करने के मामले में राजस्थान के विराट मीणा और पश्चिम बंगाल के देवजीत दास के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

दोनों युवकों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भगदड़ की फर्जी रील और वीडियो शेयर किए, जिनमें यात्रा व्यवस्था को लेकर गुमराह करने वाली बातें भी कही गईं। यह सामग्री न केवल झूठी थी, बल्कि जनता में भ्रम और भय फैलाने वाली भी थी।

जिला सूचना अधिकारी वीरेश्वर तोमर की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया कि मंदिर परिसर के 15 मीटर के भीतर वीडियो बनाना सख्त मना है। इन नियमों का उल्लंघन कर रील और वीडियो तैयार किए गए और सोशल मीडिया पर डाले गए, जिससे यात्रियों में दहशत और प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचा।

पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल वीडियो बनाने वाले ही नहीं, बल्कि उसे साझा या प्रचारित करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने स्पष्ट किया कि यात्रा से जुड़ी किसी भी झूठी जानकारी या वीडियो को पोस्ट या फॉरवर्ड करने पर कड़ी सजा दी जाएगी। प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

Pawandeep Rajan Axident पवनदीप राजन अब खतरे से बाहर

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उत्तराखंड के चंपावत निवासी और ‘इंडियन आइडल 12’ के विजेता पवनदीप राजन हाल ही में एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गजरौला में हुए इस हादसे में उनकी कार एक खड़े कैंटर से टकरा गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही थी, जिससे उत्तराखंड में उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआओं का दौर शुरू हो गया था।

हालांकि, ताजातरीन जानकारी के अनुसार, पवनदीप राजन अब खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है। उनके परिवार और प्रशंसकों ने उनकी सलामती के लिए प्रार्थनाएं की थीं, जो अब सकारात्मक परिणाम दे रही हैं।

पवनदीप राजन उत्तराखंड की कला, संस्कृति और पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर भी हैं, और उनकी आवाज़ ने लाखों दिलों को छुआ है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की खबर से उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर है।

उत्तराखंड में कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी

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उत्तराखंड में कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी

पंतनगर में स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव, सीएम धामी ने दिए केंद्र से समन्वय के निर्देश

देहरादून, 4 मई – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने पंतनगर में “स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने हेतु तत्काल वर्किंग प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। यह अकादमी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान का एकीकृत केंद्र होगी।

मुख्यमंत्री धामी जल्द ही इस प्रस्ताव को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को कृषि और बागवानी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखने और प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने 20 से 25 वर्षों के परिप्रेक्ष्य में राज्य की कृषि और औद्यानिकी से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने को भी कहा, जिससे राज्य की भौगोलिक विशिष्टताओं के अनुरूप योजनाओं को केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग मिल सके।

प्रमुख प्रस्ताव और निर्देश:

  • मनरेगा में विशेष मजदूरी दर लागू करने हेतु सीमांत जिलों के लिए केंद्र से अनुरोध
  • एग्रो टूरिज्म स्कूल की स्थापना के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय को केंद्र से वित्तीय सहायता
  • हाउस ऑफ हिमालया ब्रांड को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख एयरपोर्ट्स पर स्टॉल्स
  • भरसार विवि में माइक्रोबायोलॉजी लैब की स्थापना
  • भारतीय सेना व पंतनगर विवि द्वारा मिलेट उत्पादों पर संयुक्त परियोजना
  • फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के तहत एरोमेटिक उत्पादों की प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन
  • सगंध पौध केंद्र, सेलाकुई में राष्ट्रीय ट्रेनिंग व इनक्यूबेशन सेंटर
  • ‘महक क्रांति’ नीति को साकार करने हेतु वित्तीय स्वीकृति का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार से समन्वय कर विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी जिससे राज्य के पर्वतीय व सीमांत क्षेत्रों के किसानों और युवाओं को सीधा लाभ मिल सके।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव राधिका झा, चंद्रेश यादव, एस. एन. पांडेय, अपर सचिव मनुज गोयल समेत कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

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चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

चारों धामों में कपाट खुलने के दिन मौजूद रहने वाले पहले मुख्यमंत्री बने

देहरादून, 4 मई – उत्तराखंड की जीवनरेखा मानी जाने वाली चारधाम यात्रा इस वर्ष नए कीर्तिमान की ओर बढ़ रही है। यात्रा के सुचारु संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मैदान में उतर चुके हैं और वह चारों धामों – गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ – में कपाट खुलने के दिन उपस्थित रहने वाले पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री, 2 मई को केदारनाथ, और 4 मई को बद्रीनाथ धाम में रहकर न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि व्यवस्थाओं का समीक्षा निरीक्षण भी किया। खास बात यह रही कि यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने के दिन पहले किसी भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति नहीं रही थी।

मुख्यमंत्री लगातार यात्रा मार्गों की तैयारियों, श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं, चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं और स्वच्छता की निगरानी कर रहे हैं। ऋषिकेश जैसे प्रमुख यात्रा पड़ाव पर भी वे व्यक्तिगत रूप से व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और यात्रियों से फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और यात्रियों को समय रहते मौसम की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री के इस सक्रियता पूर्ण प्रयास को लेकर यात्रियों और आमजन में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जिससे यात्रा में अधिक सुरक्षा, सुव्यवस्था और भरोसे का माहौल बना है।

उत्तराखंड की 7000 से अधिक ग्राम पंचायतों में फिर टलेंगे चुनाव

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उत्तराखंड की 7000 से अधिक ग्राम पंचायतों में फिर टलेंगे चुनाव

प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ेगा, ओबीसी आरक्षण और कानूनी संशोधन अधर में

देहरादून, 4 मई: उत्तराखंड की सात हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में एक बार फिर चुनाव टलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार अब इन पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी में है। हरिद्वार को छोड़कर बाकी जिलों की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 28 नवंबर 2024, क्षेत्र पंचायतों का 30 नवंबर, और जिला पंचायतों का 2 दिसंबर को समाप्त हो चुका है।

वर्तमान में प्रशासक के रूप में नियुक्त निवर्तमान प्रधान या सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) का कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है, लेकिन ओबीसी आरक्षण और दो से अधिक बच्चों के नियम को लेकर अभी तक पंचायती राज अधिनियम में संशोधन नहीं हुआ है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में देरी हो रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि ओबीसी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तुरंत भी शुरू हो, तो इसमें 10–15 दिन लग सकते हैं। इसके बाद चुनाव कराने के लिए 25 से 30 दिन की तैयारी भी आवश्यक है। ऐसे में आगामी दिनों में चुनाव कराना संभव नहीं है और प्रशासकों का कार्यकाल आवश्यक रूप से बढ़ाया जाएगा।

राज्य के पंचायत संगठन के संयोजक जगत सिंह मर्तोलिया ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि:

त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल प्रशासनिक समिति के माध्यम से बढ़ाना चाहिए था, लेकिन इसे प्रशासकों के हवाले कर दिया गया। इससे राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग की करीब 16 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च नहीं हो पा रही है।

विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार यादव से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

केदारनाथ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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केदारनाथ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

दो दिन में 55 हजार से अधिक भक्तों ने किए बाबा के दर्शन, सरकार के प्रबंधन की हो रही सराहना

केदारनाथ, 4 मई: बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए इस वर्ष श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। सिर्फ दो दिनों में ही 55,374 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। शनिवार को 25,220 श्रद्धालु, जबकि शुक्रवार को यात्रा के पहले दिन 30,154 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए बेहतर यात्रा प्रबंधन की तीर्थयात्रियों ने खुले दिल से सराहना की है। केदारनाथ धाम में भीड़ प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है, जिससे दर्शन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से हुआ था। 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए, और 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

केदारनाथ यात्रा मार्ग को बेहतर बनाने के साथ-साथ इस वर्ष यात्रियों के लिए फ्री वाईफाई जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। शनिवार को सफल ट्रायल के बाद यह सुविधा श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी गई है, जिससे श्रद्धालु उत्साहित हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा:

सुरक्षित यात्रा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केदारनाथ यात्रा सबसे कठिन है, इसीलिए हर स्तर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और संचार व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रुद्रप्रयाग जिले की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए वहां अलग मोबाइल नेटवर्क की व्यवस्था की गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में भी संचार बना रहे।

हेमंत द्विवेदी बने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नए अध्यक्ष

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हेमंत द्विवेदी बने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नए अध्यक्ष

दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति, तीर्थ प्रबंधन को सशक्त और समन्वित बनाने की दिशा में बड़ा कदम

देहरादून, : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इस बार समिति में एक अध्यक्ष के साथ दो उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जो तीर्थस्थलों के बेहतर संचालन और तीर्थयात्रियों को सुचारु सेवाएं प्रदान करने के दृष्टिकोण से एक अहम निर्णय माना जा रहा है।

हेमंत द्विवेदी, जनपद पौड़ी गढ़वाल को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं ऋषि प्रसाद सती (जनपद चमोली) और विजय कपरवाण (जनपद रुद्रप्रयाग) को समिति में उपाध्यक्ष के पद पर नामित किया गया है।

सरकार के अनुसार, तीर्थयात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और चारधाम यात्रा के संचालन के क्षेत्रीय विविधताओं को देखते हुए स्थानीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा:

हेमन्त द्विवेदी जी को अध्यक्ष और ऋषि प्रसाद सती व विजय कपरवाण जी को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह टीम समिति के कार्यों को नई दिशा और गति प्रदान करेगी। राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

इस नई नियुक्ति से बदरीनाथ और केदारनाथ धामों के कुशल प्रबंधन, तीर्थ यात्रियों की सुविधा और धार्मिक पर्यटन के सशक्तिकरण की दिशा में अपेक्षित बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की पूजा-अर्चना

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बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की पूजा-अर्चना

बदरीनाथ (चमोली): भगवान बदरीविशाल के कपाट आज सुबह 6 बजे रवि पुष्य नक्षत्र में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही धाम “जय बदरीविशाल” के जयघोषों से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

कपाटोद्धघाटन के लिए मंदिर को 40 क्विंटल गेंदे के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। साथ ही श्रद्धालुओं के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे वातावरण भक्तिभाव से सराबोर हो गया। बताया जा रहा है कि इस शुभ अवसर पर देश-विदेश से 10,000 से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे।

पॉलीथिन मुक्त तीर्थ यात्रा की पहल

इस वर्ष चमोली जिला प्रशासन ने बदरीनाथ यात्रा मार्ग को पॉलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित किया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने धाम और पड़ाव स्थलों पर होटल एवं ढाबा संचालकों से पॉलीथिन का प्रयोग न करने और अपने प्रतिष्ठानों को स्वच्छ रखने का आग्रह किया है।

उन्होंने कर्णप्रयाग, गौचर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, ज्योतिर्मठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर स्थित होटलों को रेट लिस्ट चस्पा करने और फायर सिलेंडर रखने के निर्देश भी दिए हैं ताकि तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘चारधाम यात्रा 2025’ का शुभारंभ, श्रद्धालुओं को दिखाई हरी झंडी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘चारधाम यात्रा 2025’ का शुभारंभ, श्रद्धालुओं को दिखाई हरी झंडी

ऋषिकेश (उत्तराखंड): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईएसबीटी, ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित ‘ऋषिकेश से चारधाम यात्रा 2025’ के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए 10 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और स्मरणीय यात्रा की कामना करते हुए कहा कि बाबा केदारनाथ, बदरीविशाल, मां गंगोत्री और मां यमुनोत्री की कृपा से सभी यात्री सकुशल यात्रा पूरी करें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा अपने पूर्ववर्ती सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

श्रद्धालुओं को मिलेगी हरसंभव सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार ने हर स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालु जब यात्रा पूरी कर लौटें, तो वे उत्तराखंड की दिव्यता और सेवा भाव की अविस्मरणीय यादें अपने साथ ले जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए आजीविका और रोजगार का स्रोत भी है। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

स्वच्छता और हरित यात्रा पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने स्वच्छ और हरित चारधाम यात्रा की आवश्यकता पर बल देते हुए श्रद्धालुओं से अपील की कि वे देवभूमि की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ मास्टर प्लान पर तीव्र गति से कार्य हुआ है। इसके अतिरिक्त, गौरीकुंड-केदारनाथ रोपवे और ऑल वेदर रोड जैसी परियोजनाएं यात्रा को अधिक सुगम बना रही हैं।

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, जीएमओयू अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज, टीजीएमओसी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी, गढ़वाल मंडल कॉन्ट्रैक्ट अध्यक्ष संजय शास्त्री समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद केसरी चंद को दी श्रद्धांजलि, मेला संचालन हेतु 5 लाख की घोषणा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद केसरी चंद को दी श्रद्धांजलि, मेला संचालन हेतु 5 लाख की घोषणा

चकराता (देहरादून): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चकराता स्थित रामताल गार्डन में आयोजित शहीद वीर केसरी चंद बलिदान दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं आजाद हिंद फौज के सिपाही शहीद केसरी चंद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सम्मान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वीर शहीद केसरी चंद मेले के संचालन के लिए ₹5 लाख के अनुदान की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद केसरी चंद जैसे वीरों के बलिदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शौर्य स्थलों का निर्माण कर और प्रतिष्ठानों का नामकरण स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर कर उनकी स्मृति को चिरस्थाई बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि चकराता के गवासा पुल स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) का नाम वीर शहीद केसरी चंद के नाम पर रखा जाएगा।

विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया:

  • संस्कृति और कला के क्षेत्र में: कलम सिंह चौहान (संयुक्त निदेशक, सूचना विभाग)
  • सामाजिक सेवा के लिए: राजेंद्र सिंह तोमर
  • चिकित्सा सेवा के लिए: डॉ. प्रदीप उनियाल
  • कृषि एवं बागवानी के लिए: विजय सिंह
  • खेल क्षेत्र में: अंकित शर्मा
  • महिला उत्थान के लिए: शिल्पा चौहान

कार्यक्रम में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने शहीद केसरी चंद के योगदान को याद करते हुए कहा कि मात्र 24 वर्ष की आयु में उन्होंने देश के लिए प्राणों की आहुति दी और आज जौनसार क्षेत्र के युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा मिल रही है।

इस अवसर पर गीताराम गौड़, रामशरण नौटियाल, प्रताप सिंह रावत, मूरत राम शर्मा, नीरज कुमार शर्मा (ओएनजीसी), संजीव चौहान (अध्यक्ष, केसरी चंद समिति) और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।