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Opration sindoor : कंधार से पहलगाम तक 25 मिनट में 25 साल का हिसाब बराबर

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ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा नौ आतंकी ठिकानों पर 25 सटीक-मारक मिसाइलें दागना न केवल सामरिक दृष्टिकोण से, बल्कि सुरक्षा नीति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज़ से भी अत्यंत आवश्यक था। आइए इसे दो पहलुओं से समझते हैं:

क्यों जरूरी था इन ठिकानों पर हमला?

  1. पहलगाम आतंकी हमले का बदला:
    • इन ठिकानों का सीधा संबंध पहलगाम हमले की साजिश और उसे अंजाम देने वालों से था। यह हमला भारतीय सुरक्षाबलों पर सीधा हमला था, जिसका जवाब देना राष्ट्रीय सुरक्षा और मनोबल के लिए अनिवार्य था।
  2. भविष्य के हमलों को रोकना:
    • इन शिविरों का उपयोग भर्ती, प्रशिक्षण और हथियार स्टोरेज के लिए किया जा रहा था। समय रहते इन्हें निष्क्रिय करना आवश्यक था, ताकि भविष्य में और घातक हमलों की साजिशें न रची जा सकें।
  3. POK और पाक सीमा में बढ़ती आतंकी सक्रियता:
    • खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिए थे कि इन स्थानों से भारत में घुसपैठ और आतंकी हमलों की रणनीति बन रही थी। यह कार्रवाई रोकथाम (preemptive strike) की नीति के तहत की गई।
  4. संदेश देना जरूरी था:
    • यह ऑपरेशन एक कड़ा संकेत है कि भारत अब केवल रक्षा की मुद्रा में नहीं रहेगा, बल्कि जहां जरूरत हो, वहीं प्रहार करेगा — और वह भी सटीक, संगठित और सीमित युद्धनीति के तहत।

इन ठिकानों का आतंकियों से क्या संबंध था?

  1. जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षण केंद्र:
    • बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में स्थित इन ठिकानों को जैश और लश्कर के टॉप कमांडरों का संरक्षण प्राप्त था। ये अड्डे आतंकियों के ब्रेनवॉश, ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराने के काम में सक्रिय थे।
  2. सीमापार से संचालित लॉन्च पैड:
    • कुछ शिविर “लॉन्च पैड” के रूप में काम कर रहे थे, जहाँ से प्रशिक्षित आतंकियों को LOC पार कर भारत में घुसपैठ कराने की योजना थी।
  3. ISI का प्रत्यक्ष समर्थन:
    • कई ठिकानों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से समर्थन प्राप्त था। ये स्थान आतंकियों के कम्युनिकेशन हब के तौर पर भी इस्तेमाल हो रहे थे।
  4. हाई-वैल्यू टारगेट्स की मौजूदगी:
    • सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ ठिकानों पर वरिष्ठ आतंकी कमांडर भी मौजूद थे, जिन पर पहले से इंटरनेशनल एजेंसियों की नजर थी।

इस प्रकार ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीतिक सटीकता, खुफिया समन्वय और आतंक के विरुद्ध भारत की निर्णायक नीति का जीवंत उदाहरण है।

ऑपरेशन ‘सिंदूर’: भारतीय सेना का पाकिस्तान और POK में आतंकियों पर करारा प्रहार

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ऑपरेशन ‘सिंदूर’: भारतीय सेना का पाकिस्तान और POK में आतंकियों पर करारा प्रहार

नई दिल्ली।भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में कड़ा संदेश देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। बुधवार रात करीब 1:30 बजे शुरू हुए इस संयुक्त अभियान में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को सटीक हथियार प्रणालियों से निशाना बनाया।

तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन में लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग किया गया। इन हमलों के लिए खुफिया एजेंसियों द्वारा प्रदान किए गए सटीक इनपुट के आधार पर लक्ष्य चुने गए। खास बात यह रही कि यह सभी हमले भारतीय सीमा से ही किए गए, जिससे सैन्य कौशल और रणनीतिक परिपक्वता का प्रदर्शन हुआ।

15 दिन बाद करारा जवाब

यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद की गई है, जिसमें भारतीय सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। भारत सरकार और सुरक्षा बलों ने तब यह संकल्प लिया था कि हमले के दोषियों और उनके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर उसी वचनबद्धता की कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

संदेश स्पष्ट है: भारत अब चुप नहीं बैठेगा

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों। यह कार्रवाई पाकिस्तान को यह संदेश देने के लिए भी है कि आतंकवाद को संरक्षण देने की कीमत चुकानी पड़ेगी।

जनसामान्य के लिए सूचना – मॉक अभ्यास के तहत सायरन/हूटर बजाकर किया जाएगा सतर्कता का अभ्यास

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गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं नागरिकों को हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में सतर्कता और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने हेतु एक मॉक अभ्यास आयोजित किया जा रहा है।

यह अभ्यास दिनांक 07 मई 2025 को सायं 4:00 बजे जनपद देहरादून के निम्नलिखित 5 स्थानों पर किया जाएगा, जहाँ सायरन/हूटर बजाकर नागरिकों को सतर्क किया जाएगा:

  1. धारा पुलिस चौकी
  2. ब्लाइंड स्कूल, राजपुर रोड
  3. लख्खीबाग पुलिस स्टेशन
  4. जिलाधिकारी परिसर, कलेक्ट्रेट देहरादून
  5. एमडीडीए कॉलोनी, निकट आईएसबीटी / आईएसबीटी / आराघर पुलिस चौकी

इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को हवाई हमले जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना है। साथ ही यह सिविल डिफेंस एवं आईआरएस सिस्टम की तत्परता और सक्रियता की भी समीक्षा हेतु किया जा रहा है।

निवेदन है कि आमजन इस अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें और प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्य में सहयोग प्रदान करें।

जिला प्रशासन, देहरादून

जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टोर का शुभारंभ — स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान

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जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टोर का शुभारंभ — स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टोर का शुभारंभ किया। इस पहल से राज्य के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाज़ार

अब देश-विदेश से उत्तराखंड आने वाले पर्यटक हवाई अड्डे पर ही राज्य के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद खरीद सकेंगे। यह स्टोर राज्य के किसानों, महिलाओं, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के श्रम और हुनर का प्रतिनिधित्व करता है।

भारत सरकार बनाएगी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए घोषणा की कि हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रमोशन और विकास के लिए भारत सरकार उत्तराखंड में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना करेगी। इससे गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज एक अंब्रेला ब्रांड के रूप में उभर रहा है, जिसकी पैकेजिंग, गुणवत्ता और ब्रांडिंग सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में आती है।

मुख्यमंत्री ने जताया आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह स्टोर राज्य की संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई हाउस ऑफ हिमालयाज पहल को आगे बढ़ाते हुए, उत्तराखंड सरकार स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रही है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और राज्य की आर्थिकी मजबूत हो रही है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव श्रीमती अनुराधा पाल, मनुज गोयल, ग्राम्य विकास के अपर आयुक्त राजेन्द्र सिंह रावत, मुख्य अभियंता वी.वी.एस. रावत और अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

स्कूलों में श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन, हर जिले में आवासीय हॉस्टल, शिक्षा के लिए 10 वर्षीय नवाचार योजना

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स्कूलों में श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन, हर जिले में आवासीय हॉस्टल, शिक्षा के लिए 10 वर्षीय नवाचार योजना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि राज्य के विद्यालयों में बच्चों को पाठ्यचर्या के अंतर्गत श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन कराया जाए, जिससे उनमें नैतिक मूल्यों का विकास हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए अगले 10 वर्षों का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए और दिसंबर 2026 तक का रजतोत्सव कैलेंडर बनाया जाए, जिसमें विभागीय उपलब्धियों और लक्ष्यों को दर्शाया जाए।

विद्यालयों का निरीक्षण और बुनियादी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात शुरू होने से पहले सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए। स्कूलों के रास्तों, पुलों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं।

क्लस्टर विद्यालयों में आवासीय हॉस्टल की व्यवस्था

  • प्रत्येक जनपद में पहले चरण में एक-एक आवासीय हॉस्टल स्थापित किया जाएगा।
  • 559 क्लस्टर विद्यालयों के 15 किमी दायरे में परिवहन सुविधा के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
  • हॉस्टल के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिससे बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सके।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु अन्य निर्देश

  • पाठ्य-पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई जाएं
  • शिक्षकों के तबादले पारदर्शी और नियमबद्ध हों, इसके लिए समुचित नीति तैयार की जाए।
  • एनसीसी और एनएसएस को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध तरीके से स्कूलों का चयन किया जाए।
  • सीएसआर फंड के माध्यम से औद्योगिक संस्थानों से सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं।
  • राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में सीटों की पूर्णता सुनिश्चित करने हेतु प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाए।
  • जीर्ण-शीर्ण स्कूलों की मरम्मत तेजी से की जाए और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही शिक्षा में शामिल किए जाएं:

  • नैतिक शिक्षा
  • पर्यावरणीय जागरूकता
  • राज्य की सांस्कृतिक विरासत
  • लोककथा, संगीत, कला व साहित्य
  • क्षेत्रीय कौशल विकास और स्वास्थ्य शिक्षा

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव रविनाथ रमन, अपर सचिव श्रीमती रंजना, माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक सुश्री झरना कमठान, बेसिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का किया शुभारंभ स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड की ओर एक और कदम

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मुख्यमंत्री ने 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का किया शुभारंभ — दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचेगी और सशक्त होगी महिला स्वास्थ्य देखभाल प्रदेश के सुदूरवर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर से पाँच मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU) को रवाना किया। इनमें से एक यूनिट विशेष रूप से महिलाओं की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समर्पित की गई है।

स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड की ओर एक और कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार के ‘स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड’ मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को सुदृढ़ करने का एक सार्थक प्रयास है। ये एमएमयू सप्ताह में छह दिन कार्यरत रहेंगी और आवश्यक प्राथमिक स्वास्थ्य जांच व उपचार सुविधाओं से सुसज्जित हैं।

किन जिलों में मिलेंगी सेवाएं?

  • हरिद्वार: 2 यूनिट
  • ऊधम सिंह नगर: 2 यूनिट
  • टिहरी गढ़वाल: 1 यूनिट

इन यूनिट्स का संचालन सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) द्वारा किया जाएगा तथा आरईसी (ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) द्वारा CSR पहल के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रारंभिक रूप से यह सेवा तीन वर्षों तक संचालित की जाएगी।

महिला स्वास्थ्य के लिए समर्पित यूनिट

पाँच में से एक मोबाइल मेडिकल यूनिट विशेष रूप से महिलाओं के लिए तैयार की गई है, जिसमें पूर्णतः महिला स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। यह यूनिट वंचित क्षेत्रों की महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, धनुष हेल्थ केयर के एमडी डी. एस. एन. मूर्ति, पीएनबी के उपमहाप्रबंधक सुभाष चन्द्र, पेनेसिया हॉस्पिटल के एमडी श्री अश्विनी और सीएससी स्टेट हेड दीपक सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने 139 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, योग्यता को मिला सम्मान

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 139 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें उच्च शिक्षा विभाग में 52 और चिकित्सा शिक्षा विभाग में 87 पदों पर नियुक्तियाँ शामिल हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्तों से ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य में 23,000 से अधिक अभ्यर्थियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियाँ दी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में नौकरियों का एकमात्र आधार अब योग्यता, प्रतिभा और क्षमता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे पेपर लीक जैसी समस्याओं पर रोक लगी है।

नवीन नियुक्तियाँ और विभागीय विस्तार

मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में लोक सेवा आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, ट्यूटर और मेडिकल सोशल वर्कर जैसे पद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापन एक अत्यंत जिम्मेदार कार्य है, जिससे समाज और राष्ट्र दोनों के भविष्य का निर्माण होता है। उन्होंने युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप की ओर प्रेरित करने का भी आग्रह किया और बताया कि राज्य सरकार ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे का सशक्तिकरण

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ठोस कार्य हो रहे हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, अस्पतालों का आधुनिकीकरण और चिकित्सा सेवाओं का विस्तार राज्य की प्राथमिकता है।

शिक्षा मंत्री का वक्तव्य

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग में फैकल्टी के सभी पद भरने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मेडिकल कॉलेजों में भी 70% से अधिक पद भर लिए गए हैं और शीघ्र ही 400 एसोसिएट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन एवं डॉ. जयपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

नई स्थानांतरण नीति सहित कैबिनेट ने लिए 11 महत्वपूर्ण फैसले, अडानी से बिजली खरीदेगा यूपी

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यूपी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज हुई। बैठक के बाद हुई पत्रकार वार्ता में मंत्री सुरेश खन्ना ने इस बैठक के महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी। कैबिनेट के फैसलों में प्रदेश में पार्किंग का स्थान तय करने पर चर्चा हुई। कैबिनेट ने फैसला लिया कि उत्तर प्रदेश के सभी नगर निगमों में एक समान पार्किंग नियम लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही साथ प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों की नई नियमों की घोषणा की गई।

नई तबादला नीति पर मुहर
इसी बैठक में तबादले की नई नीति पर मुहर लगी। अब प्रदेश के सभी कर्मचारियों के तबादले 15 मई से 15 जून के बीच होगी। उसके पहले संबंधित विभाग में इसकी पूरी प्रक्रिया कर ली जाएगी।

दुधवा महोत्सव कराएगी प्रदेश सरकार
योगी सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व में दुधवा महोत्सव कराने का निर्णय लिया है। दुधवा महोत्सव नवंबर में होगा। यह प्रदेश का पहला आवासीय सांस्कृतिक एवं वन्यजीव महोत्सव है। तीन दिवसीय महोत्सव-25 न सिर्फ प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और जैविक समृद्धि का उत्सव होगा, बल्कि यह पर्यटकों को जंगल की गोद में प्रकृति से जुड़ने और थारू संस्कृति को करीब से जानने का मौका भी देगा। साथ ही देश की जानी मानी हस्तियों द्वारा परफॉर्मेंस भी दी जाएगी।

अडानी से बिजली खरीदेगा यूपी
यूपी में बिजली की खरीद अडानी पॉवर लिमिटेड से होगी। लगभग 5 रूपए 38 पैसे प्रति यूनिट की दर से यह बिजली खरीदी जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक इससे 2958 करोड़ की बजत होगी।
ये हैं कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले
1- राज्य कर्मचारियों की तबादला नीति को मंजूरी, 15 मई से 15 जून के बीच होंगे तबादले
2- शहरों में नई पार्किंग नीति को मंजूरी, पीपीपी मॉडल पर बनेगी पार्किंग
3- पहले चरण में 17 नगर निगमों में पार्किंग नीति की होगी शुरूआत
4- पार्किंग के लिए पांच साल के लिए दिया जाएगा लाइसेंस
5- पार्किंग का किराया नगर निगम तय करेंगे
6- राज्य कर विभाग का दर्जा, व्यवसायिक से बदलकर सेवारत विभाग किया गया
7- उत्तरप्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क( स्थापना व विनियमन) नीति 2025 प्रस्ताव को मंजूरी
प्राइवेट बसों के लिए बनेंगे बस स्टैंड
यूपी में निजी बसों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क (स्थापना एवं विनियमन) नीति 2025 लागू करेगी। इसके तहत सभी 75 जिलों में प्राइवेट बसों के लिए बस स्टैंड बनाए जाएंगे। इन बस अड्डों पर यात्रियों और ड्राइवर-कंडक्टरों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नई नीति से यातायात व्यवस्था सुधरेगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
1500 मेगावाट बिजली की खरीद
बिजली आपूर्ति की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार 1600 मेगावाट की परियोजना से 1500 मेगावाट बिजली खरीदने का प्रस्ताव पारित करेगी। यह खरीद प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के आधार पर होगी, जिससे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रदेश में बिजली व्यवस्था बेहतर होगी।

IPS अधिकारियों के तबादले

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उत्तर प्रदेश में मंगलवार सुबह एक बार फिर आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की गई। इस बार 10 वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इससे पहले सोमवार आधी रात को 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिनमें सात जिलों के पुलिस कप्तान भी शामिल थे।

प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं:

  • उपेंद्र कुमार अग्रवाल को पुलिस महानिरीक्षक, सुरक्षा से स्थानांतरित कर पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
  • नीरा रावत के पास अब सिर्फ अपर पुलिस महानिदेशक, यूपी-112, लखनऊ की जिम्मेदारी रहेगी। प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार उनसे हटाया गया है।
  • प्रशान्त कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र से हटाकर अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।
  • केएस इमैन्युअल, जो अब तक प्रतीक्षा सूची में थे, को पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध संगठन, उत्तर प्रदेश बनाया गया है।
  • रोहन पी कनय को पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवाएं, मुख्यालय से स्थानांतरित कर पीटीएस, गोरखपुर भेजा गया है।
  • राजीव नारायण मिश्र को पुलिस उपमहानिरीक्षक/प्रभारी, पुलिस महानिरीक्षक, पूर्वी जोन पीएसी, प्रयागराज से अपर पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्धनगर नियुक्त किया गया है।
  • शिवहरि मीणा को अपर पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्धनगर से पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवाएं, मुख्यालय भेजा गया है।
  • सत्येंद्र कुमार, जो एनसीआरबी प्रतिनियुक्ति से लौटे थे और प्रतीक्षारत थे, को अब पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीटीएस मेरठ बनाया गया है।
  • राजेश कुमार सक्सेना को पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीटीएस सुल्तानपुर से पुलिस उपमहानिरीक्षक, सुरक्षा मुख्यालय भेजा गया है।
  • विकास कुमार वैद्य को पुलिस उपमहानिरीक्षक, स्थापना, मुख्यालय से स्थानांतरित कर पुलिस उपमहानिरीक्षक/उप निदेशक, उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी, मुरादाबाद नियुक्त किया गया है।

इन तबादलों से प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावशाली और संगठित बनाए जाने की दिशा में सरकार का प्रयास स्पष्ट होता है।

पुलित्जर पुरस्कार 2025: पत्रकारिता की 15 और कला की 8 श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा, प्रत्येक को मिलेगा $15,000

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pulitzer-prize 2025 के पुलित्जर पुरस्कार विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 श्रेणियों और कला जगत — जिसमें साहित्य, संगीत और रंगमंच शामिल हैं — में 8 श्रेणियों के अंतर्गत पुरस्कार दिए जाएंगे। सार्वजनिक सेवा श्रेणी के विजेता को स्वर्ण पदक, जबकि अन्य सभी विजेताओं को 15,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

इस वर्ष के विजेताओं में प्रमुख नाम 68 वर्षीय अमेरिकी उपन्यासकार पर्सीवल एवरेट और 40 वर्षीय नाटककार ब्रैंडन जैकब्स-जेनकिंस के हैं।

  • पर्सीवल एवरेट को उनके उपन्यास ‘जेम्स’ के लिए कथा साहित्य में पुलित्जर सम्मान मिला है। यह उपन्यास प्रसिद्ध अमेरिकी क्लासिक ‘द एडवेंचर्स ऑफ हकलबेरी फिन’ की कहानी को एक गुलाम की दृष्टि से पुनः प्रस्तुत करता है।
  • ब्रैंडन जैकब्स-जेनकिंस को उनके नाटक ‘Purpose’ के लिए सम्मानित किया गया है, जो एक समृद्ध अश्वेत परिवार की आंतरिक चुनौतियों को उजागर करता है। यह नाटक टोनी अवार्ड्स के लिए भी छह बार नामांकित हुआ है।

पत्रकारिता श्रेणी में प्रमुख सम्मान:

  • न्यूयॉर्क टाइम्स को चार पुलित्जर पुरस्कार,
  • न्यू यॉर्कर को तीन पुरस्कार,
  • और वाशिंगटन पोस्ट को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास की तत्काल, गहन रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित किया गया।

प्रोपब्लिका को लगातार दूसरे वर्ष प्रतिष्ठित सार्वजनिक सेवा पदक प्रदान किया गया।
इस वर्ष कविता सुराना, लिजी प्रेसर, कैसंड्रा जारामिलो, और स्टेसी क्रैनिट्ज को उन रिपोर्टों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें उन्होंने अमेरिका के सख्त गर्भपात कानूनों के चलते गर्भवती महिलाओं की समय पर चिकित्सा न मिलने के कारण हुई मौतों को उजागर किया।

इसके अलावा, एन टेलनेस को उनके साहसी संपादकीय कार्टूनों के लिए भी पुलित्जर सम्मान मिला है। टेलनेस ने हाल ही में वाशिंगटन पोस्ट छोड़ा था, जब उनके एक कार्टून को प्रकाशित करने से इनकार कर दिया गया था। पुलित्जर बोर्ड ने उनकी “निडरता” की विशेष सराहना की।