Saturday, March 7, 2026
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गौचर में मेले के दौरान कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

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आज गौचर में आयोजित कृषि मेले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मेले में पहुंचे हैं। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

गौचर में आयोजित कृषि मेले के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय, जंगली जानवरों से सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

बता दें कि आज गौचर में आयोजित कृषि मेले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मेले में पहुंचे हैं। जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी के अनुसार  शिव गंगा वेडिंग प्वाइंट पर एकत्र होकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। वहीं, कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
 

गौचर में राज्यस्तरीय कृषि मेला शुरू, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पहुंचेंगे

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चमोली के गौचर में किसान दिवस के अवसर पर राज्यस्तरीय कृषि मेला शुरू हो गया। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक अनिल नौटियाल कार्यक्रम में मौजूद हैं। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मेले में पहुंचेंगे। मेले में पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल भी लगे हैं। साथ ही खेती किसानी के उपकरण भी मौजूद हैं।

राज्यस्तरीय कृषि मेले में पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल भी लगे हैं। साथ ही खेती किसानी के उपकरण भी हैं।
यहां मैदान में जहां पहाड़ की सीढ़ीनुमा खेती दिखेगी। वहीं बागवानी के भी दर्शन होंगे। एक हिस्से में पहाड़ का पशुपालन बदरी गाय भी दिखेगी तो वहीं ट्राउट  मछली, कीवी उत्पादन सहित कई मॉडल यहां तैयार नजर आएंगे।
 

भिगोए हुए अखरोट या बादाम: हार्ट हेल्थ के लिए कौन सा बेहतर है? जानें यहां

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बादाम और अखरोट दो सबसे पॉपुलर फूड हैं. दोनों के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं और ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. हालांकि, दोनों की अपनी-अपनी खासियतें हैं. इन्हें भिगोने से इनके फायदे दोगुने हो जाते हैं. भिगोने से इनमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे इन्हें पचाना आसान हो जाता है. इन्हें दिल और दिमाग के फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए भी अच्छा माना जाता है. अखरोट रेगुलर खाने से दिमाग को फायदा होता है, जबकि बादाम ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. लेकिन इन दोनों में से ज़्यादा हेल्दी कौन सा है? हेल्दी रहने के लिए आपको क्या खाना चाहिए? इन्हें भिगोने के फायदों के बारे में जानें…

भीगे बादाम के फायदे: बादाम में विटामिन E, मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में होते हैं. इन्हें भिगोने से इनका बाहरी छिलका उतर जाता है, जिसमें टैनिन होते हैं जो पोषक तत्वों को शरीर में घुलने से रोक सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, मुट्ठी भर भीगे हुए बादाम खाने से एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं जो त्वचा, नसों और दिल की रक्षा करते हैं. आयुर्वेद में, भीगे हुए बादाम को ब्रेन टॉनिक माना जाता है क्योंकि ये दिमाग की सेहत के लिए अच्छे होते हैं. भीगे हुए बादाम याददाश्त और एकाग्रता के लिए फायदेमंद होते हैं. इनमें मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में होता है, जो नर्वस सिस्टम को शांत करने में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि बादाम खाने से तनाव कम होता है और आराम मिलता है.

भीगे हुए अखरोट खाने के फायदे: अखरोट बहुत ही सेहतमंद होते हैं. ये ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं. अखरोट एक शाकाहारी खाद्य पदार्थ है. अखरोट हृदय स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं और शरीर में सूजन कम करने के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं. काजू की तुलना में, दो भीगे हुए अखरोट एंटीऑक्सीडेंट के दोगुने फायदे देते हैं. अखरोट खाने से बढ़ती उम्र में मेंटल हेल्थ सुरक्षित रहता है. इसमें कोई शक नहीं कि मस्तिष्क के आकार के अखरोट मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं. अखरोट आमतौर पर कड़वे होते हैं. अगर आप इन्हें रात भर भिगोकर सुबह खाएं, तो इनकी कड़वाहट कम हो जाती है.

दोनों में से कौन सी चीजें जल्दी पचती हैं?
भिगोए हुए बादाम पेट के लिए बहुत अच्छे होते हैं. हालांकि, कुछ लोग बादाम को बिना भिगोए खाते हैं, जिससे पाचन संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं. कुछ लोगों को बिना भिगोए बादाम खाने के बाद पेट फूलने और भारीपन का अनुभव हो सकता है क्योंकि बादाम में फाइबर, फाइटेट्स और टैनिन जैसे तत्व होते हैं जो ज्यादा मात्रा में या ठीक से न पचा पाने पर गैस, सूजन और पेट में भारीपन पैदा कर सकते हैं, खासकर अगर आप पर्याप्त पानी न पिएं. भीगे हुए बादाम खाने से पाचन आसान हो सकता है और समस्या कम हो सकती है, लेकिन ज्यादा खाने से यह परेशानी हो सकती है.

वहीं, अखरोट में भी फाइटिक एसिड और टैनिन पाए जाते हैं. जो प्राकृतिक रूप से मेवों में मौजूद होते हैं. हालांकि, इन्हें रात भर भिगोकर खाने से इन एंटी-न्यूट्रिएंट्स (anti-nutrients) की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर पोषक तत्वों का अधिक कुशलता से अवशोषण कर पाता है. अखरोट लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं. आम तौर पर, बादाम अखरोट की तुलना में ज्यादा जल्दी पच जाते हैं, क्योंकि भीगे हुए बादाम नरम हो जाते हैं और उनमें फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे पाचन आसान हो जाता है.

दिल की सेहत के लिए कौन बेहतर
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इन्हें खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है और ब्लड वेसल का काम बेहतर होता है. अखरोट दिमाग की सेहत के लिए भी बहुत अच्छे होते हैं. इनमें मौजूद न्यूरोप्रोटेक्टिव कंपाउंड्स की वजह से अखरोट कई फायदे देते हैं. लेकिन बादाम भी कम फायदेमंद नहीं होते हैं. ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए बहुत अच्छे होते हैं. इनमें कैल्शियम और मैग्नीशियम होने के कारण ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. जहां अखरोट दिमाग और दिल की सुरक्षा के लिए बेहतर हैं, वहीं बादाम त्वचा, पाचन, हड्डियों की सेहत और मानसिक सेहत को बेहतर बनाते हैं. दोनों के अपने-अपने फायदे हैं.

कौन से बेहतर हैं?
भीगे हुए बादाम और भीगे हुए अखरोट दोनों ही सेहत के लिए अच्छे होते हैं. हालांकि, आपको यह देखना होगा कि आप कौन से फायदे चाहते हैं. अखरोट दिल और दिमाग की सेहत के लिए बेहतर हैं, जबकि बादाम ओवरऑल बैलेंस, पाचन, वजन कंट्रोल और रोज़ाना की एनर्जी के लिए अच्छे होते हैं. दोनों को एक साथ खाना सबसे अच्छा होता है. उदाहरण के लिए, अगर आप 4 बादाम खाते हैं, तो 1 भीगा हुआ अखरोट भी खाना अच्छा रहेगा.

विनय त्यागी मर्डर केस: एसआईटी करेगी हत्याकांड की जांच, खुलेगा ₹750 करोड़ का राज

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हरिद्वार: गैंगस्टर विनय त्यागी पर लक्सर में हुए गोलीकांड की निष्पक्ष जांच के लिए एसएसपी हरिद्वार ने एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) का गठन किया है. सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) के नेतृत्व में गठित एसआईटी हर एंगल से जांच करेगी. 24 दिसंबर को विनय त्यागी फायरिंग में घायल हो गया था. जबकि 27 दिसंबर को एम्स ऋषिकेश में विनय की उपचार के दौरान मौत हो गई थी.

हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने लक्सर फायरिंग घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) के नेतृत्व में बनी यह एसआईटी दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना की सभी एंगल से गहन जांच करेगी.

जांच की जिम्मेदारी सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) शिशुपाल सिंह नेगी को सौंपी गई है. उनके नेतृत्व में एसआईटी घटना से संबंधित सभी तथ्यों, सबूतों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच करेगी और तय समय के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपेगी. टीम में बहादराबाद थानाध्यक्ष एसआई अंकुश शर्मा, लक्सर कोतवाली एसआई विपिन कुमार, लक्सर कोतवाली हेड कॉन्स्टेबल विनोद कुंडलिया, रुड़की सीआईयू यूनिट कॉन्स्टेबल महिपाल को शामिल किया गया है.

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की शंका का समाधान हो सके और सच्चाई सामने आए. मृतक विनय त्यागी के परिजन भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. एसएसपी का कहना है कि एसआईटी का गठन जनविश्वास बनाए रखने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से किया गया है. जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

नैनीताल हाईवे पर बोलेरो पर पलटा ट्रक, पिचक गई कार एसडीओ के चालक की मौत

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भूसे से लदा ट्रक डिवाइडर से टकराने के बाद बोलेरो पर पलट गया। हादसे का खौफनाक वीडियो भी वहां लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गया है। यही वीडियो अब वायरल हो रहा है। भीषण हादसे में बोलेरो पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसके चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बोलेरो बिजली विभाग के एसडीओ की बताई जा रही है।

यूपी के रामपुर मे भूसे से लदा ट्रक डिवाइडर से टकराने के बाद बोलेरो पर पलट गया बिलासपुर रोड पर पहाड़ी गेट के पास बिजलीघर के सामने रविवार शाम एक ट्रक बिलासपुर की ओर जा रहा था। ट्रक में भूसा भरा हुआ था। इसी दौरान बाईं तरफ से आए बोलेरो बचाने के चक्कर में चालक ने ट्रक को पहाड़ी गेट से चमरौआ रोड की ओर मोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया और जिस बोलेरो को लड़ने से बचा रहा था, उसी पर पलट गया। ट्रक के पलटते ही बोलेरो उसके नीचे इस तरह से दब गया कि दिखाई भी नहीं दे रहा था। बोलेरो के साथ चल रहे एक बाइक सवार और एक अन्य राहगीर भी हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे।

बोलेरो चला रहे ड्राइवर की पहचान गंज थाना क्षेत्र के गूजर टोला निवासी फिरासत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार फिरासत बिजली विभाग के खौद बिजलीघर में तैनात एसडीओ का चालक था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है

हादसा रविवार शाम करीब पौने पांच बजे पहाड़ी गेट चौराहे पर हुआ। दोनों वाहन बिलासपुर गेट की ओर जा रहे थे। बोलेरो आगे चल रही थी। पहाड़ी गेट चौराहे से पहले चालक बोलेरो को मोड़ने लगा, जबकि ट्रक सीधा जा रहा था। ट्रक चालक ने अचानक बोलेरो सामने आने पर बचाने का प्रयास किया, जिसके कारण ट्रक डिवाइडर में घुस गया और डिवाइडर तोड़ते हुए बोलेरो के ऊपर पलट गया। ट्रक में लदी लकड़ी की छिल्लर सड़क पर बिखर गई और बोलेरो उसमें ढक गई।

 

नए साल में आमजन को मिलेगी बड़ी सौगात, फरवरी तक खुलेगा ऋषिकेश का बजरंग सेतु

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देहरादून: नए साल के मौके पर ऋषिकेश वासियों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. लंबे समय से निर्माणाधीन बजरंग सेतु को जल्द ही आमजन के लिए खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है. उम्मीद की जा रही है कि 26 जनवरी तक इस आधुनिक कांच के पुल का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. हालांकि यदि किसी तकनीकी कारण से थोड़ी देरी होती है, तो भी जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के प्रथम सप्ताह तक इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

ऋषिकेश में गंगा नदी पर बनाए जा रहे बजरंग सेतु का निर्माण कार्य अब लगभग अंतिम चरण में है. लोक निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों को पुल को 26 जनवरी तक पूरा करने की डेडलाइन दी जा चुकी है. विभाग का दावा है कि 2026 की शुरुआत में यह पुल पूरी तरह से तैयार होकर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा. इस पुल के खुलने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन आसान हो जाएगा.

दरअसल ऋषिकेश में स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल का निर्माण वर्ष 1929 में हुआ था. समय के साथ यह पुल काफी जर्जर हो गया और सुरक्षा कारणों के चलते वर्ष 2019 में इसे बंद कर दिया गया. लक्ष्मण झूला के बंद होने के बाद से ही उसके विकल्प के तौर पर एक नए पुल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. इसी कड़ी में बजरंग सेतु का निर्माण शुरू किया गया, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है.

बजरंग सेतु की लंबाई करीब 132 मीटर है और इसे लगभग 68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह एक आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत इसका कांच का डेक है. गंगा नदी के ऊपर कांच के पुल से गुजरना पर्यटकों के लिए एक बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव होगा. यही वजह है कि बजरंग सेतु को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.

भौगोलिक रूप से यह पुल ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित है, लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से यह टिहरी और पौड़ी जिलों को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी साबित होगा. पुल को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसमें अलग-अलग रंगों की लाइटें लगाने की योजना है. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे.

उत्तराखंड में इस तरह का यह पहला आधुनिक कांच का पुल है, जिसे नई तकनीक के साथ तैयार किया गया है. बजरंग सेतु के खुलने से न केवल यातायात को नई दिशा मिलेगी, बल्कि ऋषिकेश की पर्यटन पहचान को भी एक नई ऊंचाई मिल पाएगी.

घने कोहरे से हवाई यात्रायात प्रभावित, दून एयरपोर्ट नहीं पहुंची कई फ्लाइटें

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उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में घने कोहरे ने परेशानी बढ़ा दी है। वहीं, मौसम नए साल से पहले बारिश-बर्फबारी का तोहफा दे सकता है।

देहरादून जिले में घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं, देहरादून एयरपोर्ट पर उड़ने भी प्रभावित हुई हैं। सुबह आठ से 10 बजे के बीच आने वाली इंडिगो अहमदाबाद, इंडिगो दिल्ली, इंडिगो जयपुर और एयर इंडिया मुंबई एयरपोर्ट नहीं पहुंची।

देहरादून एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र में कल शाम से घना कोहरा छाया हुआ है। वहीं सुबह से घने कोहरे के कारण सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर वाहन लाइट जलाकर धीमी रफ्तार से चलते हुए दिखाई दिए। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को हुई। कड़ाके की ठंड में विद्यार्थियों को स्कूल जाना पड़ रहा है।
 
कोहरे से दृश्यता कम होने पर सुबह आने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं । सुबह कई उड़ाने प्रभावित हुईं। इसके अलावा कल शाम जयपुर और मुंबई से आ रही दो उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया था। अभी भी क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ है।

नए साल के जश्न पर पुलिस की पैनी नजर, हुड़दंग करने वालों की खैर नहीं, निर्धारित समय तक बजेगा म्यूजिक

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देहरादून: न्यू ईयर के आगमन पर दून पुलिस ने अपनी कमर कस ली है. एसएसपी अजय सिंह ने न्यू ईयर की तैयारियों को लेकर सभी होटल, संचालकों और आयोजकों के साथ बैठक कर प्रतिष्ठान में आयोजन से पहले फायर सेफ्टी ऑडिट और व्यवस्था करने के निर्देश दिए. निर्धारित समय सीमा के बाद लाउड म्यूजिक ना बजाने, अग्नि सुरक्षा उपकरणों को क्रियाशील स्थिति में रखने और सेफ्टी नियमों के पालन के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. साथ ही अपने प्रतिष्ठानों में आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था कराए जाने और सुरक्षा की मद्देनजर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए जाने के लिए भी निर्देशित किया.

आगामी न्यू ईयर और 31 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी के लिए एसएसपी ने जनपद के सभी होटल संचालकों, आयोजकों के साथ बैठक की. बैठक के दौरान एसएसपी ने सभी प्रतिष्ठान स्वामियों को अपने-अपने प्रतिष्ठानों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के सम्बन्ध में पहले से ही आवश्यक व्यवस्था करने और आयोजन स्थल पर सुरक्षा मानकों को समय से पूरा किए जाने के लिए सख्त हिदायत दी गई.

साथ ही प्रस्तावित कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद उत्पन्न होने की स्थिति में तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देने और अपने-अपने प्रतिष्ठानों में आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था कराए जाने और सुरक्षा के मद्देनजर से पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए जाने के सम्बंध में हिदायत दी गई. इसके साथ-साथ प्रतिष्ठानों में आने वाले विदेशों नागरिकों के सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसकी सूचना स्थानीय अभिसूचना इकाई को देना सुनिश्चित करें. अवैध गतिविधियों और हुड़दंग पर पूरी तरह से रोक लगाने, निर्धारित समय सीमा के बाद लाउड म्यूजिक न बजाने, अग्नि सुरक्षा उपकरणों को क्रियाशील स्थिति में रखने के लिए बताया गया.

इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील स्थिति में रखने और क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने से सम्बन्ध में बताते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं.सभी को अपने प्रतिष्ठानों में नियुक्त स्टाफ को भी आने-जाने वाले पर्यटकों के साथ शालीन व्यवहार रखने के लिए हिदायत दी गई. एसएसपी अजय सिंह ने बताया है न्यू ईयर का स्वागत पूर्ण हर्षोल्लास से करें, लेकिन इस दौरान शराब का सेवन कर वाहन चलाने, सार्वजनिक स्थानों पर हुडदंग मचाने से बचें. नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

Uttarakhand Weather: नए साल से पहले बारिश-बर्फबारी के आसार, आज शीत दिवस की चेतावनी

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Uttarakhand Weather Update: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कोहरा छाने से पर्वतीय इलाकों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी सूखी ठंड परेशान करेगी।

उत्तराखंड का मौसम नए साल से पहले बारिश-बर्फबारी का तोहफा दे सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30-31 दिसंबर के साथ एक-दो जनवरी को पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। उधर 29 दिसंबर को दून समेत छह जिलों में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया।

पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और नैनीताल जिले के कुछ हिस्सों में सोमवार को घना कोहरा छाया रह सकता है। हालांकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कोहरा छाने से पर्वतीय इलाकों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी सूखी ठंड परेशान करेगी। इसके अलावा 30-31 दिसंबर से दो जनवरी तक उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिले के कुछ हिस्सों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं।
 
प्रदेश के 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी की संभावना है। इसका सीधा असर प्रदेशभर के तापमान पर देखने को मिलेगा। तीन जनवरी को प्रदेशभर का मौसम शुष्क रहेगा।

नैनीताल मार्ग पर वाहन दुर्घटना: पर्यटक महिला बुरी तरह चोटिल, अन्य यात्री भी प्रभावित

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नैनीताल, 28 दिसंबर: कालाढूंगी से नैनीताल की ओर जाने वाले मुख्य पथ पर दो वाहनों के बीच हुई भिड़ंत में कई यात्री चोटग्रस्त हो गए। घटना तब घटी जब एक वाहन सड़क के किनारे खड़ा था, और पीछे से आते हुए दूसरे वाहन ने उससे टकरा दिया। इस हादसे से एक महिला को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें प्रारंभिक चिकित्सा के पश्चात उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

वाहन रुकने का कारण: साक्षियों के अनुसार, झारखंड से आई एक महिला यात्री को अचानक मतली महसूस हुई। इस वजह से वाहन को सड़क के बगल में रोक दिया गया। महिला वाहन से नीचे उतरकर सड़क के किनारे मतली से निपट रही थी, तभी पीछे से आने वाले दूसरे वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और दोनों वाहनों में तेज टक्कर हुई।

महिला की स्थिति गंभीर: टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। महिला को गंभीर चोटें लगीं, जिससे वह चलने-फिरने में अक्षम हो गईं। स्थानीय समाजसेवी पवन जाटव ने तुरंत मानवीय सहायता प्रदान की। उन्होंने एक गुजरते वाहन को रोककर घायल महिला को राजकीय बीडी पांडे अस्पताल, नैनीताल पहुंचाया।

उच्च केंद्र में स्थानांतरण: बीडी पांडे अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के दौरान चिकित्सकों ने महिला की हालत को गंभीर मानते हुए उन्हें उच्चतर चिकित्सा सुविधा वाले केंद्र में भेज दिया। हादसे में एक युवा को हल्की चोटें लगीं, जबकि अन्य चार यात्रियों को मामूली क्षति पहुंची।

“एक महिला पर्यटक सड़क के बगल में खड़ी होकर मतली से जूझ रही थी। तभी तेज गति वाली स्विफ्ट कार ने पहले एक अन्य वाहन से टक्कर ली और फिर बेकाबू होकर महिला पर उलट गई, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गईं।” – पवन जाटव, स्थानीय निवासी

बीडी पांडे अस्पताल के चिकित्सक विनोद कुमार ने कहा कि अस्पताल में लाई गई घायल महिला के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें हैं। महिला की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें उच्च केंद्र में रेफर किया गया।

महिला की पहचान: घायल महिला का नाम पुष्पलता है, जो झारखंड के नलीफ तोशी क्षेत्र की निवासी हैं। वह अपने मंगेतर राकेश के साथ कैंची धाम की यात्रा पर जा रही थीं। राकेश उत्तराखंड के भिकियासैंण में एक निजी बैंक के प्रबंधक हैं।

इसके अलावा, दो अन्य चोटिल व्यक्ति निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचे, जहां प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। दूसरी कार में चार यात्री सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि एक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और आवश्यक कार्यवाही आरंभ कर दी है।