Friday, March 6, 2026
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राष्ट्रीय खेलों ने युवाओं को खेल अपनाने के लिए किया प्रेरित

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38वें राष्ट्रीय खेल का समापन करीब है। इस आयोजन ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि देशभर के युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खेलों के प्रति बढ़ती रुचि

राष्ट्रीय खेल के दौरान देशभर से आए एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से युवाओं में खेलों के प्रति नया जोश और उमंग भर दी। देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और अन्य खेल स्थलों पर युवाओं ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को लाइव खेलते देखा, जिससे उनमें भी खेलों के प्रति रुचि बढ़ी।

देहरादून के रहने वाले 17 वर्षीय आदित्य, ने कहा, “मैंने पहली बार इतने बड़े खिलाड़ियों को सामने से खेलते देखा। अब मैं भी अपने राज्य और देश के लिए पदक जीतना चाहता हूं।”

सरकारी प्रयास और नई उम्मीदें

उत्तराखंड सरकार और खेल मंत्रालय ने इस आयोजन के जरिए स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया I

खेलों में करियर की संभावनाएं

इस आयोजन के बाद युवाओं को खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जहां पहले खेलों को केवल शौक के रूप में देखा जाता था, वहीं अब छात्र-युवा इसे एक पेशेवर विकल्प के रूप में देखने लगे हैं।

38वें राष्ट्रीय खेल ने न केवल खेलों को उत्सव की तरह मनाने का मौका दिया, बल्कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ी को खेलों से जोड़ने का एक माध्यम भी बना। खेलों के प्रति युवाओं का बढ़ता रुझान और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं यह संकेत देती हैं कि भारत का खेल भविष्य उज्ज्वल है।

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड सरकार की पहल, खिलाड़ियों को मिली नई ऊर्जा

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उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल का आज अंतिम दिन है, और कल भव्य समापन समारोह का आयोजन होगा। बीते दिनों में उत्तराखंड सरकार ने खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और माननीय खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न खेल स्थलों का दौरा कर खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनकी जरूरतों को समझा और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है और सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।

खेल मंत्री ने भी विभिन्न खेल स्थलों पर जाकर खिलाड़ियों से संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया। सरकार ने न केवल खेलों के आयोजन में अहम भूमिका निभाई, बल्कि खेल सुविधाओं के उन्नयन के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

बीते दिनों में खेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्थलों पर जाकर खिलाड़ियों की हौसलाफजाई की और उन्हें प्रेरित किया कि वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रदेश में खेलों की सुविधाओं को और उन्नत किया जाएगा, ताकि भविष्य में उत्तराखंड के खिलाड़ी देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

राष्ट्रीय खेलों के इस आयोजन ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के खिलाड़ियों को नई ऊर्जा दी है। समापन समारोह से पहले राज्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चत करने के लिए दिये निर्देश

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राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए वनाग्नि की पिछली घटनाओं में आई समस्याओं का ध्यान में रखते हुए आगे की योजनाएं बनाई जाए। वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए जन भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी विभागों के साथ ही सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों और वन पंचायतों का भी वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सहयोग लिया जाए। वनों में आग लगाने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को आई.टी.पार्क देहरादून स्थित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में वनाग्नि नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयेजित मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों को एकजुटता से कार्य करना होगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को निर्देश दिये कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चत करने के लिए पत्र जारी किया जाए। वनाग्नि को रोकने के लिए शीतलाखेत मॉडल के साथ ही चाल-खाल, तलैया और अन्य प्रभावी उपायों पर कार्य किये जाएं। इसके लिए जलागम विभाग का भी सहयोग लिया जाए। आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर अधिक बल दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि से राज्य को अनेक चुनौतियों से जूझना पड़ता है। वन संपदा के नुकसान के साथ ही पशु हानि भी होती है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर नियमित जागरूकता अभियान चलाये जाए। नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सक्रिय भागीदारी दिभाएं।

वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए संयुक्त रूप से आयोजित इस मॉक ड्रिल में 06 जनपदों के 16 स्थान चिन्हित किये गये। वनाग्नि के कारण विभिन्न परिस्थितियों का किस तरह समाधान करना है, रिस्पांस टाइम कम करने, वनाग्नि को रोकने के लिए जन सहयोग और अन्य प्रभावी उपायों पर मॉक ड्रिल की गई । मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से जरूर वनाग्नि के समय उस पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वनाग्नि को रोकने के लिए राज्य को आधुनिक उपकरण देने पर भी मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एनडीएमए के सीनियर कंसल्टेंट आदित्य कुमार, अपर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, अपर सचिव विनीत कुमार, अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबेदुल्लाह अंसारी और वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

दिवंगत पत्रकार मंजुल मांजिला के परिवारजनों को हर संभव मदद करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार मंजुल मांजिला के निधन पर दुःख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को स्व. मंजुल मांजिला के हर्रावाला स्थित आवास पर पहुंचकर कर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री ने सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को दिवंगत पत्रकार मंजुल मांजिला के परिवारजनों को हर संभव मदद करने और तय प्रावधान के अनुसार उनके परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिये हैं।

इस दौरान मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

प्रयागराज महाकुंभ में आगामी दो स्नान पर्वों के लिए चलेंगी 29 स्पेशल ट्रेनें

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प्रयागराज महाकुंभ में आगामी दो प्रमुख स्नान पर्वों के लिए रेलवे 29 स्पेशल ट्रेनें संचालित करेगा। ये ट्रेनें मुरादाबाद मंडल के रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी, और इनमें से एक स्पेशल ट्रेन देहरादून से हरिद्वार होते हुए प्रयागराज के फाफामऊ स्टेशन तक चलाई जाएगी। 8 से 25 फरवरी के बीच यह ट्रेन दोनों रेलवे स्टेशनों के बीच चार-चार फेरे लगाएगी।

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान दो प्रमुख स्नान पर्व बाकी हैं, जिनमें 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान पर्व शामिल हैं। रेलवे इन दोनों स्नान पर्वों के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। रेलवे की ओर से देहरादून से फाफामऊ तक कुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।

04316 देहरादून-फाफामऊ स्पेशल ट्रेन
यह ट्रेन देहरादून से 9, 15, 16 और 23 फरवरी को चलेगी, और 04315 ट्रेन 10, 16, 17 और 24 फरवरी को फाफामऊ से देहरादून के लिए वापसी करेगी। यह ट्रेन हरिद्वार, नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ होते हुए जाएगी।

इसके अलावा, 04526 बठिंडा-फाफामऊ स्पेशल ट्रेन 8, 18 और 22 फरवरी को चलेगी, और 04525 फाफामऊ- बठिंडा स्पेशल ट्रेन 9, 19 और 23 फरवरी को संचालित होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया राष्ट्रीय मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने 38वें राष्ट्रीय खेल में वन चेतना केन्द्र, स्पोर्ट्स स्टेडियम, चकरपुर, खटीमा में मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत मलखंब प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर देश के कोने-कोने से पधारे सभी प्रतिभागियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि चकरपुर के इस नवनिर्मित स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत आयोजित इस मलखंभ प्रतियोगिता में सभी के बीच उपस्थित होकर उन्हें हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से इस बार के राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हमारे प्रदेश में हो रहा है। इस आयोजन से न केवल हमारे खिलाड़ियों को अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाने का अवसर मिल रहा है, बल्कि प्रदेश का स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर भी मज़बूत हुआ है।

इसी क्रम में चकरपुर के इस स्टेडियम को 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से युक्त किया गया है, जो हमारे युवाओं को विभिन्न खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगा। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाडियों ने अब तक 19 स्वर्ण पदकों के साथ पहली बार 81 मेडल लाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेल बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल विजेता कपिल पोखरिया , वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक विजेता विवेक पांडे,रजत पदक विजेता अमन, फुटबॉल में रजत पदक विजेता अजय बिष्ट व बीच हैंडबॉल में रजत पदक विजेता अमन जोशी को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत के पारंपरिक खेलों को न केवल सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है, बल्कि उन्हें वैश्विक पहचान भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2036 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए भेजे गए प्रस्ताव में हमारे पारंपरिक खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो और योग आदि को ओलंपिक में शामिल करने के प्रयास भी किए हैं।

उत्तराखंड में आयोजित हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों में पहली बार योग और मलखंभ जैसे हमारे पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। मलखंब केवल एक खेल नहीं, बल्कि शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता, संतुलन और आत्मसंयम का अद्भुत संगम है, ये हमारे भारत की एक ऐसी प्राचीन विरासत है, जिसे संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है। मलखंब योग, कुश्ती और जिम्नास्टिक का एक ऐसा अद्भुत मिश्रण है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को साधने की अद्वितीय क्षमता है, यही कारण है कि आधुनिक खेलों के बीच भी इसकी अपनी एक विशिष्ट पहचान बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि कई खिलाड़ी आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और मलखंभ की हमारी इस प्राचीन विरासत को विश्व स्तर पर ले जाने वाले सारथी बनेंगे।

इस अवसर पर मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खटीमा रमेश चन्द्र जोशी, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, सचिव राज्य ओलम्पिक एसोसिएशन डॉ डी के सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी जानकी कार्की सहित अनेक खिलाड़ी व खेलप्रेमी मौजूद थे।

उत्तराखंड विधानसभा पेपरलेस सत्र पहली बार विधायकों के सवाल तैयारी में सरकार

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उत्तराखंड विधानसभा में 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें पहली बार पेपरलेस सत्र आयोजित किया जाएगा। इस पहल के तहत, विधायकों के सवालों के जवाब संबंधित विभाग तैयार कर रहे हैं, और विधानसभा सचिवालय ने इस प्रणाली की पूरी तैयारी कर ली है। शुरुआत में विधायकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विधायी कार्यों और सूचनाओं के लिए पेपर का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि बजट सत्र के लिए अब तक 30 विधायकों से 512 सवाल प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि विधायकों के सवालों का उत्तर दिया जाए और राज्य के विकास व जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो। उन्होंने यह भी कहा कि सदन को गरिमापूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों का सहयोग आवश्यक है।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 16 फरवरी को सत्र के दौरान सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी।

रजिस्ट्री पेपरलेस करेगी उत्तराखंड सरकार कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव

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उत्तराखंड सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने जा रही है, साथ ही वर्चुअल रजिस्ट्री की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस सुधार के लिए चरणबद्ध तरीके से पूरी व्यवस्था को पेपरलेस किया जाएगा, जिसमें पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, आधार प्रमाणीकरण और वर्चुअल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2025 का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने का निर्णय लिया है, जिससे लोगों को वर्चुअल रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी मिलेगी। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के मुताबिक, इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद यह सुविधा जनता को उपलब्ध हो जाएगी।

इस नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अभी तक प्रदेश में स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के तहत रजिस्ट्री के बाद दस्तावेजों को स्कैन कॉपी के रूप में कार्यालय में संरक्षित किया जाता था। इस नई प्रक्रिया को मई से लागू किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार पारदर्शिता को बढ़ाने और कार्यप्रणाली को अधिक जनसुलभ बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है। इसी कड़ी में अब जमीनों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस किया जा रहा है, जिससे लोगों को अपने स्थान से ही ऑनलाइन रजिस्ट्री करने की सुविधा मिलेगी और कागज की खपत भी कम होगी, जो पर्यावरण को भी लाभकारी होगा।

टनकपुर को एक बड़े राफ्टिंग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा मुख्यमंत्री धामी

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उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने देखी देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री द्वारा 38 वें राष्ट्रीय खेलों में सोमवार को टनकपुर के बूम में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का किया गया समापन

देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, जिससे चंपावत को आदर्श जनपद बनने में लगेंगे चार चांद

टनकपुर को एक बड़े राफ्टिंग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा मुख्यमंत्री धामी

38 वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत चंपावत जिले के शारदा नदी में राफ्टिंग (डैमो) प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुई। अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रथम बार रात्रि में राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। समापन समारोह पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी ने रात्रि में आयोजित राफ्टिंग प्रतियोगिता का अवलोकन किया तथा विश्व रिकॉर्ड के साक्षी बने। मुख्यमंत्री एवं श्रीमती गीता धामी ने समापन समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आए विजेता प्रतिभागियों को मैडल प्रदान का सम्मानित किया।

उत्तराखंड में राफ्टिंग के क्षेत्र में ऋषिकेश के साथ-साथ टनकपुर शारदा क्षेत्र भी अब विकसित हो गया है। यहां लगातार राफ्टिंग हो रही है जिससे पर्यटन विकास बढेगा।

कार्यक्रम क्षेत्र (ग्राम उचौलिगोठ) के दो युवाओं की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण राफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम सादगी पूर्वक सपन्न हुआ। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरस्त किया गया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मृत दोनों व्यक्तियों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भारत नेपाल सीमा देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है जहां देवों का वास होता है और यहां के प्रत्येक घर से सेना को सैन्य बलों में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा में योगदान यहां के लोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से अब यह भूमि खेल भूमि के रूप में भी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने मैडल प्राप्त कर अपना बेहतर स्थान बना लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा उसके अनुरूप आज उत्तराखंड राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा टनकपुर के मां शारदा ने जन्म जन्मांतर अपना आशीर्वाद यहॉं के लोगों को दिया है,आने वाले समय में यहॉं राफ्टिंग से अनेक प्रकार से यहॉं के लोगों को लाभ मिलने के साथ ही माँ शारदा का आशीर्वाद मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नशा मुक्त उत्तराखंड का जो संकल्प लिया है। उन्होंने कहा निश्चित रूप से यहॉं राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेलों के आयोजन हेतु जो मूलभूत सुविधाएं राज्य में स्थापित हो गई है। उन सुविधाओं का लाभ हमारे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाएगा। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारी देवभूमि उत्तराखंड में होना बेहद गौरव और सौभाग्य की बात है। साथ ही राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का चंपावत में होना और भी अधिक गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इन खेलों के जरिए चंपावत का पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है को देश भर में पहचान मिली है। इसके अलावा देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पदक पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत में आयोजित राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता के आयोजन से जनपद को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। उन्होंने आए सभी प्रतिभागियों को बधाईयां और शुभकामनाएं प्रेषित की। साथ ही उन्होंने कहा को प्रतिभागी मेडल प्राप्त नहीं कर सके उनको भी मायूस नहीं होना है, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने कहा कि चंपावत के टनकपुर में देशभर से राफ्टिंग प्रतिभागी आए हैं, सभी ने अपना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी विजेताओं बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर चंपावत में राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिता होने से जनपद की पहचान में वृद्धि होगी तथा इसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।

इस अवसर पर एशियन फैंसिंग एसोशिएशन के महासचिव राजीव मेहता, राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह,प्रशासक जिला पंचायत ज्योति राय,ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी,अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार,चंपावत प्रेमा पाण्डे,बनबसा रेखा देवी,खटीमा रामू जोशी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह,अपर जिलाधिकारी जय वर्द्धन शर्मा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा खेल प्रबंधन के अधिकारी, गणमान्य नागरिक समेत स्थानीय जनता एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

शीश महल’ के साथ विलय की गई अन्य संपत्तियों को रद्द किया जाए

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भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) द्वारा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की घेराबंदी चुनाव के बाद भी जारी है। दरअसल, भाजपा ने सोमवार को उपराज्यपाल को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि ‘शीश महल’ के साथ विलय की गई अन्य सरकारी संपत्तियों को रद्द किया जाए। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि ‘शीश महल’ का विस्तार चार सरकारी संपत्तियों को मिलाकर किया गया है। यह बंगला भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक हथियार बना था, जिसका इस्तेमाल पार्टी ने हालिया विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए किया था।

हमारा मुख्यमंत्री इस बंगले में नहीं रहेगा
सचदेवा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी पार्टी सरकार बनाती है, तो यह निर्णय लिया जाएगा कि इस बंगले का उपयोग कैसे किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका मुख्यमंत्री इस बंगले में नहीं रहेगा। यह बंगला 2015 से अक्टूबर 2024 तक अरविंद केजरीवाल का आधिकारिक निवास था, लेकिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केजरीवाल ने इसे खाली कर दिया था।

बंगला जांच के दायरे में है
भा.ज.पा. के नवनिर्वाचित विधायक और पूर्व विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भाजपा का मुख्यमंत्री बंगले में नहीं रहेगा क्योंकि यह बंगला कथित अनियमितताओं के कारण जांच के दायरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बंगले के आसपास की भूमि का उपयोग सरकारी आवासों के निर्माण और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए किया जाएगा।

दो साल तक भाजपा ने चलाई मुहिम
भा.ज.पा. ने ‘शीश महल’ के निर्माण को लेकर अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और इस मुद्दे पर दो साल तक अभियान चलाया। भाजपा का कहना है कि केजरीवाल ने इस बंगले का पुनर्निर्माण गलत तरीके से कराया और कोरोना काल में इस पर अत्यधिक खर्च किया। महंगे पर्दे, फर्नीचर और अन्य वस्तुओं को लगाने के आरोप लगाए गए। उपराज्यपाल को लिखे पत्र में भाजपा ने यह भी दावा किया कि केजरीवाल ने पड़ोसी सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करके इस बंगले को आलीशान ‘शीश महल’ में बदल दिया। Uttarakhand Dehradun India Breaking News Latest Hindi News Indian Tourist Places Top Tourist Kedarnath Mansuri Badrinath Nainital