Friday, March 6, 2026
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38वें राष्ट्रीय खेल में जिम्नास्टिक में महाराष्ट्र का दबदबा, पदक बरसाए

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38वें राष्ट्रीय खेल के अंतिम दिन, जिम्नास्टिक में एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। खास तौर पर, रिदमिक और आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक की प्रतियोगिताएं दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनीं।

रिदमिक जिम्नास्टिक के क्लब्स इवेंट में महाराष्ट्र की परिना राहुल मदनपोतरा ने 25.60 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, उनकी साथी संयुक्ता प्रसेन काले ने 24.70 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। जम्मू और कश्मीर की मुस्कान राणा ने 24.35 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

रिदमिक जिम्नास्टिक के रिबन इवेंट में जम्मू और कश्मीर की मुस्कान राणा और महाराष्ट्र की संयुक्ता प्रसेन काले दोनों ने 25.550 अंकों के साथ स्वर्ण पदक साझा किया। कांस्य पदक 23.450 अंको के साथ जम्मू और कश्मीर की मन्या शर्मा और महाराष्ट्र की परिना राहुल मदनपोतरा के नाम हुआ।

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक में महिलाओं के बैलेंसिंग बीम इवेंट में पश्चिम बंगाल की रितु दास ने 11.367 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र की सताक्षी राकेश ताक्के ने 11.067 अंकों के साथ रजत और ओडिशा की प्रणति नायक ने 10.733 अंकों के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

महिलाओं के फ्लोर एक्सरसाइज इवेंट में भी पश्चिम बंगाल का दबदबा रहा। प्रणति दास ने 11.967 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी साथी प्रोति्ष्ठा समंता ने 11.533 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया। दिल्ली की स्नेहा तरियाल ने 10.800 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
पुरुषों के आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक में वॉल्टिंग टेबल इवेंट में हरियाणा के योगेश्वर सिंह ने 13.500 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा के तपेश्वरनाथ दास ने 12.833 अंकों के साथ रजत पदक और उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ वर्मा ने 12.500 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।

पैरेलल बार्स इवेंट में ओडिशा के राकेश कुमार पात्रा ने 12.600 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। उत्तर प्रदेश के आदित्य सिंह राणा ने 12.433 अंकों के साथ रजत और सर्विसेज के जतिन कुमार कन्नौजिया ने 11.967 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।

होरिजेंटल बार इवेंट में हरियाणा के योगेश्वर सिंह ने 12.367 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। दिल्ली के शयन शर्मा ने 12.233 अंकों के साथ रजत पदक और उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ वर्मा ने 11.833 अंकों के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।

इस प्रकार, 38वें राष्ट्रीय खेल का जिम्नास्टिक इवेंट शानदार प्रदर्शन से भरा हुआ रहा, जिसमें विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से पदक जीते।

राष्ट्रीय खेलों का समापन समारोह है ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी गौलापार स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 38 वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर समापन कार्यक्रम हेतु अंतिम रूप से की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने समापन समारोह को भव्यता पूर्वक सम्पन्न कराए जाने हेतु की जा रही विभिन्न तैयारियां मंच निर्माण, साज सज्जा, बैठने की व्यवस्था आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर, की जा रही सभी तैयारियां की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह की पूर्व तैयारियां का स्थलीय निरीक्षण करते हुए स्टेडियम के ऑडिटोरियम में अधिकारियों के साथ बैठक कर समापन समारोह की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है इस समापन कार्यक्रम को भव्यता से सम्पन्न करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, दर्शक दीर्घा, और अन्य सभी सुविधा बेहतर हो इसका विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत सभी प्रतियोगिताएं उत्तराखंड राज्य के भीतर ही सम्पन्न हुई, राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ा। इस हेतु सभी इंफ्रास्ट्रक्चर यहाँ तैयार किया गया। आने वाले समय में राज्य के युवाओं को इसका बेहतर लाभ प्राप्त होगा और यहाँ के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रौशन करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले उत्तराखंड राज्य 25 स्थान पर था आज पदक जीतकर 7 वें स्थान पर है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या न हो इस हेतु सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने फैनसिंग के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने निशानेबाजी प्रतिभागियों का मनोबल बढाते हुये उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,डा0 अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्य, एशियन फैनसिंग फैडरेशन के महासचिव राजीव मेहता, सचिव खेल अमित सिन्हा, आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी डा. योगेन्द्र रावत, जिलाधिकारी वंदना निदेशक खेल प्रशान्त आर्या, ले. जनरल (सेनि) हरपाल सिंह के साथ ही अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

वनों को आग से बचाने के लिए शीतलाखेत मॉडल आदर्शः मुख्यमंत्री

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वनाग्नि नियंत्रण पर आयोजित मॉक ड्रिल का लिया जायजा

कहा-वनाग्नि से निपटने में समुदायों की सहभागिता जरूरी

बेहतर रणनीति बनाने में मदद करेगा मॉक अभ्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शीतलाखेत मॉडल को आदर्श मॉडल बताया।
उन्होंने कहा कि वनों को बचाने में समुदाय किस प्रकार अपना रचनात्मक व सकारात्मक योगदान दे सकते हैं, शीतलाखेत मॉडल इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं और धीरे-धीरे सभी जनपद इसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के बेशकीमती वनों को अग्नि से बचाने के लिए स्थानीय समुदायों, ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं की सहभागिता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि समुदाय ही सबसे पहले किसी भी आपदा का सामना करते हैं और यदि वे समय पर इसकी सूचना प्रशासन को दें तथा राहत और बचाव दलों के पहुंचने से पहले छोटे-छोटे प्रयास प्रारंभ कर दें तो काफी हद तक आपदाओं के खतरों को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखण्ड में वनाग्नि नियंत्रण को लेकर पीएमओ कार्यालय के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मॉक ड्रिल का जायजा लिया। यह मॉक ड्रिल राज्य में वनाग्नि के दृष्टिकोण से सबसे अधिक प्रभावित छह जनपदों, अल्मोड़ा, चम्पावत, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और देहरादून के 16 स्थानों पर की गई। यह देश की पहली मॉक ड्रिल है जो वनाग्नि नियंत्रण में समुदायों की सहभागिता पर केन्द्रित है। 

यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से उन्होंने बारी-बारी सभी छह जनपदों के जिलाधिकारियों से मॉक ड्रिल को लेकर जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मॉक ड्रिल केवल एक अभ्यास नहीं है बल्कि यह जानने और समझने का अवसर भी है कि क्या हमारी स्ट्रेंथ है और क्या कमियां हैं ताकि उनमें सुधार किया जा सके। इससे तैयारियों को परखने के साथ ही आने वाले दिनों में वनाग्नि की घटनाओं में त्वरित नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही चुनौतियों का धरातल पर परीक्षण होगा और समाधान के रास्ते निकलेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे राज्य का 71 प्रतिशत भूभाग घने वनों से अच्छादित है और यह जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर वर्ष हमें वनाग्नि की चुनौतियों से जूझना पड़ता है और इसके कारण न सिर्फ वन संपदा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि वन्य जीवों के साथ पर्यावरण तथा स्थानीय समुदायों की आजीविका भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से प्रभावी तरीके से निपटने में सभी विभागों के साथ ही स्थानीय समुदायों को फ्रंटफुट में आकर कार्य करना पड़ेगा। वनाग्नि हो या कोई अन्य आपदा, यह विषय एक विभाग का नहीं है बल्कि समूचे तंत्र का है और सभी को इसमें ओनरशिप लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स, स्थानीय ग्रामीण और विशेषकर महिलाएं, आपदा मित्र, भारत स्काउट एंड गाइड, फायर वाचर्स, रेड क्रास, एनजीओ, पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और विद्यार्थियों को भी जागरूक और प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए वनाग्नि की पिछली घटनाओं में आई समस्याओं का ध्यान में रखते हुए आगे की योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को निर्देश दिये कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पत्र जारी किया जाए। वनाग्नि को रोकने के लिए चाल-खाल, तलैया और अन्य प्रभावी उपायों पर कार्य किए जाएं ताकि जमीन में नमी बनी रहे। इसके लिए जलागम विभाग का भी सहयोग लिया जाए।

आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वनाग्नि नियंत्रण में आधुनिक तकनीकों, जैसे सैटेलाइट मॉनिटरिंग, ड्रोन सर्विलांस, रिमोट सेंसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने गृह मंत्रालय का भी वनाग्नि नियंत्रण में सहयोग प्रदान करने के लिए आभार जताया। साथ ही वायु सेना द्वारा समय-समय पर वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। उन्होंने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की भूमिकाओं को भी सराहा।

शीतलाखेत मॉडल की विशेषताएं

  • हर वर्ष 01 अप्रैल को ओण दिवस मनाया जाता है, जिसके तहत महिलाओं द्वारा एक अप्रैल से पहले खेतों के मेड़ों में उगी कांटेदार झाड़ियों, खरपतवारों को नियंत्रित तरीके से जलाया जाता है।
  • वनाग्नि संवेदनशील क्षेत्रों में फायर पट्टी का निर्माण कर नियंत्रित फुकान किया जाता है।
    • बांज, काफल, उतीश आदि चौड़ी पत्ती प्रजाति के पेड़ों के कटान पर पाबंदी।
  • वनाग्नि नियंत्रण के लिए सभी गांवों में महिला मंगल दलों का गठन।
    • आग बुझाने में सहयोग करने वाले महिला मंगल दलों को किया जाता है सम्मानित।
  • वनाग्नि नियंत्रण में वन विभाग का पूरा सहयोग करते हैं ग्रामीण।
  • आग लगने पर महिलाओं, ग्रामीणों द्वारा पहले एक घंटे में वन विभाग के सहयोग या स्वयं ही आग को नियंत्रित करने के प्रयास आरम्भ कर दिए जाते हैं।
  • व्हाट्सप्प समूह की माध्यम से वनाग्नि आरम्भ होने की सूचना का आदान प्रदान होता है।
  • महिलाओं, युवाओं और वन कर्मियों के सहयोग से जंगल बचाओ-जीवन बचाओ अभियान संचालित।
  • 30 से अधिक गांवों की महिलाओं, युवाओं, जन प्रतिनिधियों और वन कर्मियों के व्हाट्सएप समूह का गठन।

वन विभाग के 541 कर्मचारी हुए मॉक अभ्यास में शामिल
अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में वन विभाग के 541 कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। साथ ही 4095 अग्निशमन उपकरणों को शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि वन क्षेत्र तथा गांव में अग्नि की स्थिति को सभी विभागों द्वारा आपसी समन्वय से नियंत्रित किया गया। मानव हानि, पशु हानि पर त्वरित गति से राहत और बचाव कार्य संचालित किए गए। उन्होंने बताया कि सभी 16 साइट्स पर स्थानीय समुदायों, वन पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों तथा वन विभाग के नव नियुक्त वन आरक्षियों व वन दरोगाओं को बेसिक प्रशिक्षण दिया गया।

चुनौतियों पर विस्तार से हुई चर्चा
एनडीएमए के सीनियर कंसलटेंट आदित्य कुमार ने बाद में सभी 16 साइटों के इंसीडेंट कमाण्डरों की डीब्रीफिंग ली। उन्होंने सभी से मॉक ड्रिल किस तरह से संचालित की गई, इसकी जानकारी ली। इंसीडेंट कमाण्डरों ने जो कमियां रहीं और जिन चुनौतियों का सामना किया, उनके बारे में विस्तार से बताया। समुदायों की सहभागिता किस प्रकार सुनिश्चित की गई, तकनीक का प्रयोग किस तरह किया गया, संसाधनों को किस प्रकार रवाना किया गया, आग पर कितने समय में काबू पाया गया, संचार व संवाद में कहां गैप्स रहे, इस पर विस्तार से इंसीडेंट कमाण्डरों ने जानकारी साझा की। मॉक ड्रिल के दौरान आर्मी तथा आईटीबीपी से सहयोग लिया गया तथा आईआरएस प्रणाली के तहत मॉक ड्रिल संचालित की गई।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जो सुझाव आए हैं उन पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और जो कमियां निकलकर आई हैं, उन्हें दूर किया जाएगा ताकि आने वाले दिनों में वनाग्नि से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

इस अवसर पर राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर के सुधांशु, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एनडीएमए के सीनियर कंसल्टेंट आदित्य कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, अपर सचिव विनीत कुमार, अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबेदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

केंद्रीय गृह मंत्री करेंगे राष्ट्रीय खेलों का समापन

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उद्घाटन समारोह की तरह ही होगा भव्य व विराट आयोजन

-28 जनवरी को देहरादून में प्रधानमंत्री ने किया था शुभारंभ

-राष्ट्रीय खेलों में टूटे कई रिकार्ड, शानदार खेला उत्तराखंड

38 वें राष्ट्रीय खेलों का समापन शुक्रवार 14 फरवरी को हल्द्वानी में होने जा रहा है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स काॅलेज में राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ किया था। हल्द्वानी के अंर्तराष्ट्रीय स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स में आयोजित होने वाले समापन समारोह को भी उसी स्तर का भव्य व विराट बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय खेलों में इस बार 35 खेलों की स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिनमें से दो को छोड़कर बाकी सभी मेडल टेली के खेल थे। देहरादून राष्ट्रीय खेलों का प्रमुख आयोजन स्थल रहा। इसके बाद हल्द्वानी, हरिद्वार, रूद्रपुर जैसे शहरों में सबसे ज्यादा खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं। आयोजन की खूबसूरती यह भी रही कि खटीमा, टनकपुर, अल्मोड़ा, टिहरी जैसे ठेठ पर्वतीय क्षेत्रों में भी खेल गतिविधियां संचालित की गईं।

राष्ट्रीय खेलों का समापन समारोह शुक्रवार 14 फरवरी को हल्द्वानी के अंर्तराष्ट्रीय स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स में दोपहर दो बजे से शुरू होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि बतौर उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मेघालय के मुख्यमंत्री कोंगकल संगमा, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, केंद्रीय खेल एवं युवा मामले की मंत्री रक्षा निखिल खडसे, खेल मंत्री उत्तराखंड रेखा आर्या, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष व सांसद डा पीटी ऊषा इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए मुखवा गांव में गंगा मंदिर की साज-सज्जा का काम अंतिम चरण में

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उत्तरकाशी जिले के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में तेजी से तैयारियां की जा रही है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए इस क्षेत्र को सजाया-संवारा जा रहा है और युद्ध स्तर पर सड़कों व पार्किंग के निर्माण के साथ ही अन्य तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है। हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड तक बनाई जा रही सड़क के फिनिशिंग का काम भी अंतिम चरण में है और आज प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट आज अपने वाहन से ही इस हेलीपैड तक पहॅुंचे। सड़क न होने के कारण सेना के द्वारा संचालित इस हेलीपैड के लिए अभी तक पैदल ही आवागमन करना पड़ता था। सामरिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र के इस हेलीपैड के अब सड़क से जुड़ जाने के फलस्वरूप जहां सेना को काफी सहूलियत होगी वहीं अतिविशिष्ट-जनों का आवागमन भी सुविधाजनक हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे को देखते हुए गंगाजी के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव में गंगा मंदिर की साज-सज्जा करने के साथ ही गांव के प्राचीन भवनों को संवारने का काम किया जा रहा है। मुखवा में मंदिर के पैदल मार्ग को नए सिरे से बनाने के साथ ही मंदिर के लिए सीढी का निर्माण कराया गया है। यह सभी काम अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री यहां पर पूजा-अर्चना करने के बाद हिमालय और हर्षिल घाटी के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन कर सकें, इसके लिए मंदिर परिसर में ही व्यू-प्वाइंट बनाया जा रहा है। मुखवा तक सड़क मार्ग को सुधारने व सुरक्षित बनाने के लिए अनेक कार्य कराए जा रहे हैं और गांव में पार्किंग का निर्माण भी अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने इन तमाम कार्यों का आज मौके पर जाकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को पूरी तत्परता व गुणवत्ता से सभी कार्य अविलंब पूरा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने पार्किंग स्थल पर स्मार्ट टॉयलेट बनाने के साथ ही पार्किंग की तरफ से मंदिर को जाने वाले पैदल मार्ग का सुधार किए जाने के भी निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के साथ ही गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल तथा सचिव सुरेश सेमवाल एवं पंडा-पुजारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा व व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन पर मुखवा को भव्य तरीके से सजाया-संवारा जाएगा। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के स्वागत को लेकर मंदिर समिति व ग्रामीणों के द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक मौके पर ग्रामीण प्रधानमंत्री के सम्मान में पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देने की तैयारी में भी जुटे हैं। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर मुखवा गांव में उत्साह और उत्सव का माहौल है।

जिलाधिकारी ने हर्षिल में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह निरंतर यहीं कैंप कर सभी कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करवाएं और निरंतर तैयारियों व व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि उच्चाधिकारियों के द्वारा जल्द ही यहां आकर निरीक्षण किया जाएगा लिहाजा सभी काम एक सप्ताह के अंतर्गत पूरे कर लिए जांय। जिलाधिकारी ने हर्षिल में कार्यक्रम स्थल, सड़क, पार्किंग आदि के कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही इस क्षेत्र की विद्युत व पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, सफाई तथा टायलेट्स निर्माण के कार्यों का भी जायजा लिया और सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

इस दौरान उपजिलाधिकारी भटवाड़ी मुकेश चंद रमोला एवं उप उपजिलाधिकारी पुरोला गोपाल सिंह चौहान तथा अधीक्षण अभियंता लोनिवि हरीश पांगती सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

38वें राष्ट्रीय खेल: पुरुषों में कर्नाटक और महिलाओं में हरियाणा ने हॉकी में जीता स्वर्ण

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हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय खेल 2025 में हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में हरियाणा ने महिलाओं और
कर्नाटक ने पुरुषों की श्रेणी में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

महिला हॉकी: हरियाणा बना चैंपियन
हरियाणा की महिला हॉकी टीम ने मध्य प्रदेश को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मध्य प्रदेश की छवन ऐश्वर्या ने
पांचवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि, मध्य प्रदेश इस बढ़त
को कायम नहीं रख सका और हरियाणा ने शानदार वापसी की।

हरियाणा की ओर से महिमा चौधरी (37’), इशिका (45’, 50’) और मोनिका (55’) ने गोल किए। इशिका ने दो गोल
दागे, जिनमें से एक फील्ड गोल और दूसरा पेनल्टी कॉर्नर से था।

तीसरे स्थान के मुकाबले में झारखंड ने महाराष्ट्र को 2-1 से हराकर कांस्य पदक पर कब्जा किया। झारखंड के लिए
प्रमोदनी लकड़ा (12’) ने फील्ड गोल किया, जबकि कप्तान अलबेला रानी टोप्पो (17’) ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में
बदला। महाराष्ट्र की ओर से तनुश्री दिनेश कडू (39’) ने एक गोल किया, लेकिन उनकी टीम हार गई।

पुरुष हॉकी: कर्नाटक ने यूपी को दी मात
पुरुषों के फाइनल मुकाबले में कर्नाटक ने उत्तर प्रदेश को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। उत्तर प्रदेश के
फराज़ खान ने पहले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन जल्द ही कर्नाटक के शमंथ
सीएस ने आठवें मिनट में बराबरी कर ली।

कर्नाटक के भरत महालिंगप्पा कुर्तकोटी (18’) और अभरण सुदेव बी (39’) ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर टीम को मजबूत
स्थिति में पहुंचा दिया। उत्तर प्रदेश के शारदानंद तिवारी ने 45वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से गोल किया, लेकिन यह
उनकी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था।

इससे पहले कांस्य पदक के मुकाबले में महाराष्ट्र ने पंजाब को 1-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र के
लिए वेंकटेश केंचे (36’) ने मैच का एकमात्र गोल किया।

मैच परिणाम:
महिला हॉकी:
कांस्य पदक मुकाबला: महाराष्ट्र 1-2 झारखंड
फाइनल: मध्य प्रदेश 1-4 हरियाणा

पुरुष हॉकी:
कांस्य पदक मुकाबला: महाराष्ट्र 1-0 पंजाब
फाइनल: कर्नाटक 3-2 उत्तर प्रदेश

समान नागरिक संहिता – फर्जी शिकायतकर्ता पर लगेगा जुर्माना

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उत्तराखंड समान नागरिक संहिता के तहत होने वाले आवेदनों पर कोई भी व्यक्ति, दूसरी व्यक्ति की फर्जी शिकायत दर्ज नहीं करा पाएगा। ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जा सकता है। जिसकी वसूली भू राजस्व की तर्ज पर की जाएगी। इस तरह सरकार ने यूसीसी के तहत होने वाले आवेदनों पर, झूठी शिकायतों से अडंगा लगाने वालों को भी दूर रखने का प्रावधान किया है।

अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने बताया कि समान नागरिक संहिता के तहत होने वाले आवेदनों और पंजीकरणों को हर तरह से विवाद रहित बनाने का प्रयास किया है। इसके तहत समान नागरिक संहिता, नियमावली के अध्याय 6 के नियम 20 (उपखंड 02) में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति, किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ मिथ्या शिकायत दर्ज कराता है तो उसे पहली बार में भविष्य के लिए सचेत किया जाएगा।

अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के मुताबिक ऐसा व्यक्ति यदि फिर भी आवेदन/ पंजीकरण से जुडे किसी भी अन्य मामले में मिथ्या शिकायत दर्ज करता है तो उसे दूसरी बार शिकायत करने पर पांच हजार और तीसरी बार झूठी शिकायत करने पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। अर्थदंड लगाए जाने पर शिकायतकर्ता को इसका भुगतान 45 दिन के भीतर ऑनलाइन तरीके से करना होगा। यदि वो ऐसा करने में असफल रहता है तो अर्थदंड की वसूली भू राजस्व की तर्ज पर तहसील के माध्यम से की जाएगी। इससे झूठी शिकायतों के आधार पर किसी को परेशान करने वाले लोगों का हतोत्साहित किया जा सकेगा।

न्यायालय का सम्मान, यूसीसी पर मजबूती से पक्ष रखेगी सरकार: चौहान

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महिला विरोधी और तुष्टिकरण के पैरोकार गलतफहमी मे, उतराखंड से निकलेगी समान अधिकार की गंगा

देहरादून 13 फरवरी। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने हाईकोर्ट में यूसीसी को लेकर दाखिल याचिका पर कहा कि न्यायालय का सम्मान करते हुए सरकार मजबूती से अपना जवाब देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला अधिकारों के विरोधी और विघ्न संतोषी लोगों को किसी किसी गलतफहमी मे रहने की जरूरत नही, क्योंकि प्रदेश से निकली यूसीसी की गंगा समूचे राष्ट्र को एक देश एक समान कानून के सूत्र में पिरोकर ही रहेगी।

पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों के जवाब मे उन्होंने कहा कि हम न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं, लिहाजा सरकार द्वारा शीघ्र यूसीसी पर जवाब दाखिल किया जाएगा। समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार द्वारा लंबी संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों द्वारा लाखों लोगों से रायशुमारी की गई। जिसमें सभी सामाजिक, राजनीतिक, वर्गों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों एवं संस्थानों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किए गए हैं। लगभग 3 वर्षों की लंबी और विस्तृत प्रक्रिया के बाद तैयार यूसीसी पर कानून एवं कार्यपालिका के शीर्ष जानकारों द्वारा समीक्षा की गई। विधानसभा में भी सभी पक्षों के जनप्रतिनिधियों द्वारा इस पर चर्चा की गई और अंततः आज सभी देवभूमिवासी, एक समान कानून का लाभ ले रहे हैं। भाजपा की नीयत, सरकार की नीति और जनता की यूसीसी को लेकर अपेक्षा के आधार पर हमे विश्वास है कि न्यायालय में हमारा पक्ष मजबूती से सामने आएगा। जिससे आने वाले समय में इस विषय को लेकर सभी कानूनी आपत्तियों का निस्तारण हो सकेगा।

उन्होंने याचिका को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रियाओं पर कटाक्ष किया कि महिला विरोधी और तुष्टिकरण की नीति अपनाने वालों से इससे इतर अपेक्षा नहीं की जा सकती थी। क्योंकि यही लोग संविधान निर्माताओं की इच्छा के विरुद्ध अब तक देश में यूसीसी को लागू नहीं करने वालों में हैं। यही लोगों वर्ग विशेष की तुष्टि के लिए मुस्लिम पर्सनल ला और वक्फ बोर्ड कानून लेकर आए और हिंदू कोड बिल को थोपा।

बरहाल किसी को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि देवभूमि से निकली यूसीसी की इस गंगा को अब कोई नहीं रोक सकता है। इस कानून में विद्यमान राष्ट्र एकरूपता का तत्व सभी बाधाओं को दूर करते हुए, देशवासियों को कानूनी समानता देकर रहेगा।

शानदार समापन के लिए सज गया गौलापार

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आयोजन से ठीक 24 घंटे पहले मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने परखी व्यवस्थाएं

लगभग 15000 लोगों के बैठने के किए गए हैं इंतजाम

हल्द्वानी 13 फरवरी: 38वें नेशनल गेम्स के शानदार समापन के लिए गोलापुर स्टेडियम सज कर पूरी तरह तैयार है समापन समारोह शुरू होने से ठीक 24 घंटे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने निरीक्षण कर तैयारी को अंतिम रूप दिया। समापन समारोह में करीब 15000 लोगों के बैठने के इंतजाम किए गए हैं।

निरीक्षण के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारे सभी मेहमानों ने माना है कि यह अब तक के सबसे भव्य राष्ट्रीय खेल हुए हैं, इसलिए हम खेलों का समापन भी शानदार तरीके से करने जा रहे हैं।खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने इन खेलों में अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जिससे समापन समारोह की खूबसूरती और ज्यादा बढ़ गई है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि हमारे प्रदेश के सभी पदक विजेताओं को समापन समारोह में आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा समापन समारोह में उन सभी खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने इवेंट्स में पिछले नेशनल रिकॉर्ड तोड़े हैं। खेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के परंपरागत योगासन का समापन समारोह में विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और खेल मंत्री मैं फेंसिंग के पदक विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया।

सुखविंदर और श्वेता बढ़ाएंगे शान

समापन समारोह में मशहूर बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर और कुमाऊनी गायिका श्वेता माहरा की परफॉर्मेंस भी होगी। कार्यक्रम दोपहर 2:00 बजे से शुरू हो जाएंगे। सबसे पहले दिगारी ग्रुप और श्वेता की परफॉर्मेंस रहेगी। इसके बाद औपचारिक आयोजन करीब सवा घंटे तक चलेगा। अंत में बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर जलवा बिखेरेंगे।

शूटिंग के विजेताओं को खेल मंत्री ने पहनाए पदक

रुद्रपुर की 46 वी वाहिनी पीएसी परिसर में चल रही शूटिंग प्रतियोगिता में मिक्स डबल स्किट इवेंट के विजेताओं को बृहस्पतिवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक पहनाकर सम्मानित किया। खेल मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बहुत कम समय में तैयार की गई शूटिंग रेंज को भी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की प्रशंसा मिलना अपने आप में एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर आने वाले समय में शूटरों की नर्सरी बनकर उभरेगा।

38वें राष्ट्रीय खेल में कयाकिंग और कैनोइंग स्प्रिंट के रोमांचक मुकाबले, सर्विसेज और उत्तराखंड ने दिखाया दम

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टिहरी झील के पानी में कयाकिंग और कैनोइंग स्प्रिंट के आखिरी दिन का नज़ारा देखने लायक था। 38वें राष्ट्रीय खेल में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, लय और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया। खासकर महिला और पुरुष वर्ग के 500 मीटर स्पर्धाओं में जबरदस्त टक्कर देखने को मिली।

महिला K-4 500 मीटर स्पर्धा
महिला K-4 500 मीटर रेस में ओडिशा की टीम ने सुनहरी जीत दर्ज की। श्रुति चौगुले, ओइनम बिद्या देवी, ओइनम बिनिता चानू और ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी की चौकड़ी ने 01:46.95 में रेस पूरी कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मध्य प्रदेश की टीम, जिसमें निधि, डैली बिश्नोई, मनस्विनी स्वैन और एल. मीना देवी शामिल थीं, ने 01:48.65 में फिनिश लाइन पार कर रजत पदक जीता। वहीं, केरल की अन्ना एलिजाबेथ, एलीना बिजू, एंड्रिया पॉलोस और ट्रीसा जैकब की टीम ने 01:49.19 के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा

उत्तराखंड की फेयरेंबन सोनिया देवी ने महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 02:06.935 सेकंड में रेस पूरी कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सर्विसेज की जी. पार्वती ने 02:07.800 के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि ओडिशा की ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी ने 02:08.466 के समय के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

पुरुष K-4 500 मीटर स्पर्धा
पुरुषों की K-4 500 मीटर रेस में सर्विसेज की टीम ने शानदार तालमेल और गति का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। सनी कुमार, वरिंदर सिंह, गोली रमेश और अजीत सिंह की टीम ने 01:28.320 में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। मेजबान राज्य उत्तराखंड की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी। आदित्य सैनी, विशाल ढांगी, हर्षवर्धन सिंह शेखावत और प्रभात कुमार की टीम ने 01:28.609 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। मध्य प्रदेश की टीम, जिसमें अक्षित बरोई, हिमांशु टंडन, सचिन और निंगोंबम मंजीत मीतेई शामिल थे, ने 01:30.355 में फिनिश लाइन पार कर कांस्य पदक जीता।

झील पर रोमांचक नज़ारा

टिहरी झील का वातावरण जोश और रोमांच से भरा रहा। राज्य सरकार और आयोजन समिति ने इस ऐतिहासिक स्थल पर खेलों का आयोजन कर एक नई पहचान बनाई है। खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि भारत में जल क्रीड़ा की क्षमता तेजी से बढ़ रही है।