Saturday, March 7, 2026
spot_img
Home Blog Page 166

हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में किया जा रहा तेजी से कार्य

0

सनातन संस्कृति में यज्ञों का रहा है विशिष्ट स्थान – मुख्यमंत्री

सनातन संस्कृति में यज्ञों का हमेशा से ही एक विशिष्ट स्थान रहा है, हमारे वेदों में यज्ञ को धर्म का मेरुदंड कहा गया है। ये देवताओं और मनुष्यों के बीच सेतु का कार्य करते हैैं। ये न केवल हमारी आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं, बल्कि समाज को धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक रूप से भी समृद्ध बनाते हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शिव मन्दिर शंकरपुर सहसपुर में आयोजित 63वें भव्य कोटि लिंग रुद्र महायज्ञ में शामिल होकर कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सनातन परंपराओं की दिव्यता और भव्यता का जीवंत प्रमाण है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस महायज्ञ में 151 विद्वान् वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा वैदिक ऋचाओं के सामूहिक उच्चारण के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा, जिससे न केवल इस क्षेत्र में बल्कि संपूर्ण देश और प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा की वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है और दुनिया भर के देश हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में, हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट का भी भव्य निर्माण किया जाएगा, जिसके अंतर्गत यमुना जी पर विभिन्न घाटों का निर्माण होगा। इन घाटों के निर्माण के पश्चात हरिद्वार, ऋषिकेश और देवप्रयाग की भांति भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा, जिससे ये पवित्र स्थान एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। उन्होंने इस भव्य कोटि रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएँ दी और भगवान शिव से प्रार्थना कि वे राज्य के सभी निवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें।

इस अवसर पर विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर, धर्मार्थ सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य नित्यानंद सेमवाल, जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष हरबर्टपुर नीरू देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

भारतीय सनातन संस्कृति है ज्ञान विज्ञान एवं आध्यात्म का अद्वितीय संगम- मुख्यमंत्री

0

भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व जिन सिद्धांतों की खोज की थी, वे आज वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान धाम झाझरा में आयोजित कार्यक्रम में नोबेल पुरस्कार विजेता, भारत रत्न स्वर्गीय डॉ. सी.वी. रमन को भावांजलि अर्पित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून देश की पांचवी साइंस सिटी बन रही है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी हमारे राज्य को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में भी एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में अहम् भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार द्वारा तकनीक और नवाचार के उपयोग से सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जहां हम आज प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक ओर साइंस और इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, जीएसआई डैशबोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर और स्टेम लैब्स के माध्यम से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं, वहीं, रोबोटिक, ड्रोन, सेमी कंडक्टर और प्री-इनक्यूबेशन लैब की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण नवाचारों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक से भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नित-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट, जिनके सिद्धांतों ने खगोल शास्त्र और गणित को सरल बनाया, आचार्य कणाद जिन्होंने हजारों साल पहले परमाणु की व्याख्या की, आचार्य नागार्जुन जिन्होंने सदियों पहले सोना, चांदी, तांबे, लौह, पारा व अभ्रक आदि का इस्तेमाल कर औषधीय भस्म बनाने की विधि तैयार की। महर्षि सुश्रुत जिन्होंने जटिल से जटिल शल्य चिकित्सा के सिद्धांत प्रतिपादित किए। ये सभी भारत के वो वैज्ञानिक स्तंभ हैं जिनके सिद्धांतों पर आज का आधुनिक विज्ञान स्थापित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज देश में डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत वैश्विक तकनीकी क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा सके। ये सभी उपलब्धियां भारत को आत्मनिर्भर और विज्ञान-प्रधान राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं विकास, नई प्रौद्योगिकी तथा स्टार्टअप के अनुरूप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, हम प्रदेश में साइंटफिक रिसर्च और लर्निंग को बढ़ावा देते हुए साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनमी को भी मजबूत किया जा रहा है।

विज्ञान में आगे बढ रहा देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज कोरोना वैक्सीन के विकास से लेकर ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों की खोज तक के कार्य आत्मनिर्भरता के मंत्र को अपनाकर कर रहा है। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी धु्रव पर उतरने वाला पहला देश बना दिया। जहां आदित्य स्1 मिशन के माध्यम से हमने सूर्य के रहस्यों को उजागर करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। वहीं अब गगनयान मिशन के तहत भारत जल्द ही अंतरिक्ष में मानव भेजने की तैयारी कर रहा है, जो हमारी वैज्ञानिक उपलब्धियों का एक और स्वर्णिम अध्याय होगा।

ई गवर्नेंस को बढावा दे रही है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सरकारी सेवाओं को ई-गवर्नेंस के अंतर्गत ऑनलाइन पोर्टल द्वारा सरल और सुलभ बनाने का कार्य किया जा रहा है। नागरिकों को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन प्रमाणपत्र समेत कई सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध की जा रही है। यही नहीं, कृषि के क्षेत्र में भी किसानों को तकनीक से जोड़ने हेतु राज्य में स्मार्ट एग्रीकल्चर तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में ड्रोन तकनीक और सेंसर आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलगी। ई-टूरिज्म पोर्टल के माध्यम से पर्यटकों को ऑनलाइन बुकिंग और पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध किए जाने के भी प्रयास गतिमान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऐसे डैशबोर्ड की शुरुआत की गई है जो चारधाम यात्रा पर आने वाले पर्यटकों को पहले ही मौसम पूर्वानुमान से लेकर अपनी यात्रा प्लान करने में मदद करेगा। यही नहीं, हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन पर शोध के लिए डेटा एनालिटिक्स और सैटेलाइट इमेजरी का भी उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रयास उत्तराखंड को एक आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यूकॉस्ट में राज्य का पहला कम्यूनिटी साइंस रेडियो भी प्रारम्भ होने रहा है जो विज्ञान की महत्वपूर्ण जानकारियां हर घर तक पहुंचाने में सहायक होगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां इंटरनेट या अन्य संसाधन सीमित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी ही वो माध्यम हैं, जिससे हम आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाकर उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को साकार कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले निर्माणाधीन साइंस सिटी परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और साइंस म्यूजियम का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव नीतेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, सलाहकार साइंस सिटी देहरादून जी. एस. रौतेला उपस्थित थे।

India-EU: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी की सराहना की, एफटीए पर उम्मीदें

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच स्वाभाविक और प्राकृतिक साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने यह बयान हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस बयान में दिया। उन्होंने कहा, “हमने विभिन्न मुद्दों पर ईमानदार और सार्थक चर्चा की है। हमारी टीमों को पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए पर काम करने और इसे इस साल के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच दो दशकों से स्वाभाविक और रणनीतिक साझेदारी रही है, जो साझा विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्य और समृद्धि की ओर एकजुटता से आगे बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कई फैसले लिए गए हैं।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच महत्वपूर्ण निर्णय:

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और ईयू ने कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए निर्णय लिए हैं, जिनमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, हरित विकास, सुरक्षा, और कौशल पर सहयोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि दोनों पक्षों ने ग्रीन हाइड्रोजन फोरम और ऑफशोर विंड एनर्जी बिजनेस समिट आयोजित करने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और ईयू ने अंतरिक्ष संवाद शुरू करने का निर्णय लिया है और सेमीकंडक्टर, एआई और 6जी में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में एक भरोसेमंद और सुरक्षित मूल्य श्रृंखला बनाने पर चर्चा की।

सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता सहयोग आपसी विश्वास का प्रतीक है। दोनों देश साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाएंगे।

ईयू प्रमुख वॉन डेर लेयेन का बयान:

संयुक्त प्रेस बयान में यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “हमारे व्यापार और तकनीकी सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने की आवश्यकता है। विकास और आर्थिक सुरक्षा एक साथ चलते हैं, और विश्वसनीय साझेदारों से उत्पाद प्राप्त करके हम निर्भरता से बच सकते हैं और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और यूरोप दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और उनकी साझेदारी एक नए रणनीतिक एजेंडा की ओर बढ़ रही है। वॉन डेर लेयेन ने इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया और कहा कि यूरोप पहले ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और अब एफटीए पर काम करने से व्यापार संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग के प्रमुख के बीच यह वार्ता भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सहयोग की नई संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित, हेली सेवा के किराये में बढ़ोतरी

0

चारधाम यात्रा 2025 का आगाज 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई और बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खुलेंगे।

इस बार केदारनाथ हेली सेवा के किराये में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाएगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूूकाडा) ने हेली सेवा संचालन के लिए नौ एविएशन कंपनियों के साथ तीन साल का अनुबंध किया है, जिसके तहत किराये में बढ़ोतरी की योजना बनाई गई है।

हेली टिकटों की बुकिंग अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन की जाएगी। इस बार हेली सेवा के संचालन के लिए गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलिपैड से केदारनाथ के लिए हेली सेवा चलाने की तैयारी पूरी की जा चुकी है। पिछले वर्ष की तरह पवन हंस, हिमालयन हेली, ट्रांस भारत, ग्लोबल विक्ट्रा, थंबी एविएशन, केस्ट्रल एविएशन, और एयरो एयरक्राफ्ट हेली सेवा का संचालन किया जाएगा। हालांकि, केदारनाथ हेली सेवा के किराये में 5% की बढ़ोतरी की जाएगी।

किराये की बढ़ोतरी के संबंध में शासन स्तर पर 5 मार्च को बैठक होने की संभावना है। साथ ही, केदारनाथ हेली सेवा के लिए चारधाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के यात्री हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग नहीं कर सकेंगे। एक आईडी से अधिकतम छह सीटों की बुकिंग की जा सकेगी, जबकि समूह में यात्रा करने वाले यात्री एक बार में 12 सीट बुक कर सकते हैं।

केदारनाथ हेली सेवा का किराया (2023 और 2024 में और प्रस्तावित किराया):

रूट2023 किराया2024 किरायाप्रस्तावित किराया
सिरसी से केदारनाथ₹5498₹5772₹6061
फाटा से केदारनाथ₹5500₹5774₹6063
गुप्तकाशी से केदारनाथ₹7740₹8126₹8533

माणा हिमस्खलन में कुल 57 श्रमिक हुए प्रभावित, एसडीआरएफ की एक टीम जोशीमठ से हुई रवाना

0

आज दिनाँक 28 फरवरी 2025 को श्री बद्रीनाथ धाम के पास माणा में हुई हिमस्खलन की घटना के बारे में पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ, रिधिम अग्रवाल ने बताया कि माणा गाँव, ज़िला चमोली के पास हिमस्खलन की घटना में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन (BRO) के कुल 57 श्रमिक प्रभावित हुए। कमांडेंट BRO के अनुसार, अब तक 15 श्रमिक सुरक्षित हैं, जबकि 42 लापता थे। एसडीआरएफ की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है।

लामबगड़ में सड़क अवरुद्ध होने के कारण सेना से संपर्क कर मार्ग खोलने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्र के सटीक निर्देशांक प्राप्त किये गए हैं। मौसम की स्थिति में सुधार होते ही एसडीआरएफ की हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को हेलीकॉप्टर से निकटतम उपलब्ध स्थान पर उतारा जाएगा।

SDRF एवं जिला प्रशासन द्वारा BRO एवं सेना के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि SDRF ड्रोन की टीम को भी तैयारी हालात में रखा गया है। भारी बर्फबारी के कारण फिलहाल ड्रोन ऑपरेशन संभव नहीं हो पाया है।

अब तक 5 और व्यक्तियों को निकाला गया है, जिनमें से 3 घायल हैं और उन्हें सेना अस्पताल, माणा में भर्ती कराया गया है, जबकि 2 सामान्य स्थिति में हैं।

कुल श्रमिक – 57
अब तक सुरक्षित निकाले गए – 15
लापता – 42

प्रभावितों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।”

माणा गांव के निकट हिमस्खलन कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार

0

जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।

ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है।

भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।

सरकारी और व्यक्तिगत भूमि पर कब्जा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे कार्मिक को चिह्नित किया जाए जो अपने दायित्वों का निर्वहन भली भांति नहीं करते हैं। ऐसे कर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृति के लिए नियमानुसार कार्यवाही की जाए। प्रदेश में सरकारी भूमि और कई मामलों में लोगों की व्यक्तिगत भूमि पर कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। विभिन्न अपराधों में लिप्त वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमत्री ने कहा कि त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोकने और बिजली चोरी को रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। मिलावटखोरों और बिजली चोरी करने वालों पर सख्त करवाई भी की जाय। ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा निरंतर अभियान चलाए जाय। पुलिस द्वारा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित सघन चैकिंग की जाए। एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराधियों की सूची बनाकर नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर कड़ी करवाई की जाय।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देश दिए कि राज्य में यातायात प्रबंधन की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि ट्रैफिक जाम से लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। पुलिस को रात्रि कालीन गश्त बढ़ाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में और प्रयास किए जाएं। इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, बार्बर, प्लंबर जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के प्रशिक्षण और कौशल विकास की दिशा में कार्य किए जाएं।

बैठक में सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

जाने माने गुरुओं के सानिध्य में होगा अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव

0

सात दिवसीय आयोजन में 20 हजार से अधिक योग साधकों के जुटने की उम्मीद

ऋषिकेश में 01 मार्च से 07 मार्च के बीच होने जा रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में धर्म, आध्यात्म और योग जगत के जाने माने गुरुओं और योगाचार्य का भी सानिध्य मिलेगा। योग महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा।

गढ़वाल मण्डल विकास निगम और पर्यटन विभाग द्वारा, गंगा रिसोर्ट ऋषिकेश में अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा ने बताया कि आयोजन में इस बार 20 हजार से अधिक
योग साधक और प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

महोत्सव में स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, आचार्य बालकृष्ण, स्वामी आत्मस्वरूप, जया किशारी, अक्षत गुप्ता का मार्गदर्शन मिलेगा। इसके साथ ही प्रतिदिन शाम को होने वाले सांस्कृतिक समारोह में इंडियन ओशियन, प्रेम जोशुआ, ज्योति नूरान, नरेंद्र सिंह नेगी और उत्तराखंडी लोक नृत्यों की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही अलग अलग सत्रों में ग्रैंड मास्टर अक्षर, योगी अभिषेक सोती, योगिनी उषा माता, डॉ लक्ष्मी नारायण जोशी, डॉ अर्पिता नेगी, योगिनी उर्मिला पांडेय और मेघा चौधरी भी लैक्चर देंगी। प्रतिदिन देश-विदेश के योगाचार्यों द्वारा साधकों और योग प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराये जाएंगे।

तीन दशक से लगातार चल रहा आयोजन

ऋषिकेश में तीन दशक से अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा ने बताया कि गत वर्ष आयोजन में 42 देशों के 890 विदेशी मेहमानों ने प्रतिभाग किया था, इस बार यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। प्रतिभाग के लिए ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी पंजीकरण किए जा रहे हैं, ऑनलाइन पंजीकरण https://gmvnonline.com पर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार योग महोत्सव ग्रीन थीम पर आयोजित किया जा रहा है, इसलिए महोत्सव से पहले और बाद में आयोजन स्थल और गंगा तट पर विशेष सफाई अभियान संचालित किया जाएगा।

‘ऋषिकेश, सदियों से योग की भूमि रही है। देश- विदेश के योग साधक इसीलिए ऋषिकेश खींचे चले आते हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के फिट इंडिया अभियान में भी योग की अहम भूमिका है। इसलिए सरकार ऋषिकेश में योग गतविधियों को लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रही है। अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव इसी दिशा में एक कदम है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।‘

1317 एलटी शिक्षकों को एक माह में मिलेगी तैनातीः डॉ. धन सिंह रावत

0

प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में दी जायेगी प्रथम नियुक्ति

विभागीय अधिकारियों को निर्देश, नियत समय पर हो कार्रवाई

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक अध्यापक (एलटी) पद पर चयनित 1317 शिक्षकों को एक माह के भीतर नियुक्ति दी जायेगी। विभिन्न विषयों में चयनित इन शिक्षकों को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर प्रथम तैनाती दी जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां शीघ्र पूरी करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को बताया कि पर्वतीय जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों के राजकीय विद्यालयों में एक माह के भीतर एलटी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभिन्न विषयों के 1317 एलटी शिक्षकों का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। जिनमें गणित विषय में 153, सामान्य 237, विज्ञान 197, वाणिज्य 15, संस्कृत 21, उर्दू 1, इंग्लिश 164, हिन्दी 179, कला 229, संगीत 8, गृह विज्ञान 13 और व्यायाम विषय में 100 शिक्षकों का चयन किया गया है। डॉ. रावत ने बताया कि इन सभी चयनित शिक्षकों की प्रथम तैनाती गढ़वाल व कुमाऊं मण्डल के पर्वतीय एवं दुर्गम विद्यालयों में अनिवार्य रूप से की जायेगी। जिसमें गढ़वाल मंडल में चमोली, रूद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी जनपद तथा कुमाऊं मण्डल में पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर, अल्मोड़ जनपद के दुर्गम और अति दुर्गम श्रेणी के विद्यालय शामिल है। इसके अलावा देहरादून जनपद के चकराता ब्लॉक और नैनीताल जनपद के ओखलकाण्डा ब्लॉक के दुर्गम विद्यालयों में भी चयनित शिक्षकों को प्रथम तैनाती दी जायेगी।

जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 12 विभिन्न विषयों के 1544 रिक्त पदों का अधियाचन सेवा चयन आयोग को भेजा गया था। जिसके सापेक्ष आयोग ने मण्डल व शाखावार 1317 पदों पर अंतिम चयन परिणाम जारी किया जबकि अवशेष पदों का चयन परिणाम न्यायालय में योजित याचिका के निस्तारण के उपरांत जारी किया जायेगा।

डा. रावत ने कहा कि सरकार का मकसद प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है, ताकि इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में और अधिक सुधार हो और छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। नये शिक्षकों की नियुक्ति से जहां स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी वहीं छा़त्र-छात्राओं को भी पढ़ाई के लिये अन्यत्र विद्यालय नहीं जाना पड़ेगा।

10 मार्च से शुरु होगा तीन दिवसीय रेशम कृषि मेला, कृषि मंत्री गणेश जोशी करेंगे शुभारम्भ

0

रेशम विभाग द्वारा 10 मार्च से तीन दिवसीय रेशम कृषि मेले का आयोजन देहरादून के सहसपुर में किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी करेंगे।

वीरवार को देहरादून स्थित कैम्प कार्यालय में रेशम विभाग की बैठक के दौरान कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रेशम कृषि मेले की तैयारियों को अंतिम रुप दिया गया। इस रेशम कृषि मेले में शहतूती एवं ओक तसर रेशम उत्पादन में कार्यरत उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के लगभग 400 रेशम कृषक प्रतिभाग करेंगे। मेले मे रेशम उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेशम कृषको को कृषि मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जायेगा।

रेशम मेले में एक रेशम तकनीकी प्रदर्शिनी भी आयोजित की जायेगी, जिसमे उत्पादन की तकनीकियो का सजीव प्रदर्शन किया जायेगा। मेले में रेशम विशेषज्ञों द्वारा कृषको को रेशम उत्पादन से सम्बंधित तकनीकी जानकारी भी प्रदान की जायेगी। मेले में स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित रेशम क्षेत्र से जुडे हुये विभिन्न हितधारक जैसे उत्तराखण्ड रेशम विभाग, केंद्रीय रेशम बोर्ड सहित केंद्रीय रेशम बोर्ड के अनुसंधान संस्थानों के निदेशक सहित बडी संख्या में रेशम किसान प्रतिभाग करेंगे।

बयान: ‘‘रेशम किसानों के हितों के संरक्षण पर सरकार का विशेष ध्यान है। हमारे किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार हो, इसके लिए केन्द्र एवं राज्य स्तर पर अनेकों योजनाऐं संचालित की जा रही हैं। मैं रेशम कृषि मेले में अपने सभी रेशम किसानों को आमंत्रित करता हॅू‘‘: गणेश जोशी, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री, उत्तराखण्ड