Saturday, March 7, 2026
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सड़क निर्माण के कार्य कर रहे श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें- सीएम

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मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह बदरीनाथ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बताया कि वहां पर अत्यधिक बर्फबारी हो रही है तथा 06 से 07 फीट तक बर्फ जमा है। उन्होंने आने वाले दिनों में हिमस्खलन की संभावना के दृष्टिगत जिन स्थानों में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, वहां से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को एवलांच की संभावनाओं के दृष्टिगत एडवाइजरी जारी करने को कहा।

जल्द बहाल की जाए संचार व्यवस्था-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भारी बर्फबारी के कारण जिन गांवों से सम्पर्क नहीं हो पा रहा है, उनसे तुरंत सम्पर्क किया जाए। प्रशासन की टीम को वहां भेजा जाए और उन्हें जिन चीजों की आवश्यकता हो, तुरंत भेजी जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां राशन, दवाइयों के साथ ही अन्य जरूरी सामग्रियों की उपलब्धता है। उन्होंने बदरीनाथ क्षेत्र में संचार व्यवस्था, फोन तथा इंटरनेट को तुरंत बहाल करने और जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बाधित हो गई है, वहां सेटेलाइट फोन भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिन गांवों में बिजली बाधित है, वहां जल्द विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

औली के रिसोर्ट में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें

अत्यधिक बर्फबारी के कारण हिमस्खलन की संभावनाओं के मद्देनजर औली, हर्षिल आदि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के विभिन्न रिसार्ट में रह रहे सैलानियों को सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री ने सैलानियों से अगले तीन दिन इन क्षेत्रों में यात्रा न करने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा के दृष्टिगत सभी जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।

अलकनंदा में पानी जम रहा, मा0 मुख्यमंत्री ने रेकी के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्हें यह आभास हुआ कि भारी बर्फबारी के कारण अलकनंदा नदी जम सी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेकी कर इसकी जांच की जाए कि कहीं इससे कोई खतरा तो नहीं हैघ् उन्होंने विशेषज्ञ संस्थानों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने तथा यदि कोई खतरे की स्थिति हो तो तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एरियर सर्वे, मैनुअल सर्वे तथा सेटेलाइट सर्वे कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।

रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे मा0 मुख्यमंत्री

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विगत दिवस से लगातार रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। दिनांक 28 फरवरी 2025 को दो बार माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का भ्रमण किया गया। शुक्रवार रात को भी मा0 मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम पहुंचकर इस पूरे अभियान की समीक्षा की। वहीं शनिवार को घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के उपरांत मा0 मुख्यमंत्री सीधे कंट्रोल रूम पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।

संचार व्यवस्था क्यू.डी.ए से की जा सकती है बहाल-रिद्धिम

बैठक में आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि जिन स्थानों में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं, वहां क्यू.डी.ए ;क्विक डिप्लायमेंट एंटीनाद्ध स्थापित कर संचार व्यवस्था को बहाल किया जा सकता है। मा0 मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एसडीआरएफ द्वारा बर्फ के कारण अवरुद्ध मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

युद्धस्तर पर संचालित है रेस्क्यू अभियान, कंट्रोल रूम से हो रही मॉनीटरिंग

आज दिनांक 01 मार्च 2025 को वायु सेवा का एक एम.आई.-17 हेलीकॉप्टर, तीन चीता हेलीकॉप्टर, उत्तराखण्ड सरकार के 02 हेलीकॉप्टर, एम्स ऋषिकेश से एक एयर एंबुलेंस राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी ने आवश्यकता पड़ने पर और अधिक हेलीकॉप्टर लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को दोपहर 03 बजे तक माणा/बद्रीनाथ से रैस्क्यू किये गये लोगों में से 29 लोगों को हैलीकाप्टर के माध्यम से जोशीमठ लाया गया, जिनका उपचार आर्मी हास्पिटल में किया जा रहा है।

राहत एवं बचाव कार्य में बद्रीनाथ में लगभग 200 लोग कार्य कर रहे हैं। इनमें आपदा प्रबंधन सेना, आइ.टी.बी.पी. बी0आर0ओ0, एन0डी0आर0एफ, एस0डी0आर0एफ, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वायु सेवा यूकाड़ा, अग्निशमन विभाग, खाद्य विभाग, द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।माणा स्थित आर्मी बेस कैम्प के पास आर्मी हैलीपैड़ को तैयार कर लिया गया है। बद्रीनाथ स्थित आर्मी हैलीपैड़ पर 6-7 फीट बर्फ है जिसे हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। बद्रीनाथ के पास बर्फबारी के कारण अभी भी 5-6 कि0मी0 रास्ता बंद है, जिसे खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है। लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है तथा सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। लामबगड़ से आगे कई स्थानों पर रास्ता बंद होने के कारण रैस्क्यू टीमों को घटना स्थल पर जाने में परेशानी हो रही है।

मुख्यमंत्री के प्रभावी नेतृत्व, कुशल मार्गदर्शन एवं प्रबन्धन में सभी विभाग पूरी निष्ठा, समर्पण तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत टीमें पूरे उत्साह के साथ ग्राउण्ड जीरो पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रही हैं।

05 श्रमिकों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर जारी है अभियान

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50 श्रमिकों का रेस्क्यू, मा0 मुख्यमंत्री ने किया घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण

प्रधानमंत्री ने फोन पर मुख्यमंत्री से की बात, हर संभव मदद का भरोसा दिया

दिल्ली से जीपीआर रडार मंगवाई, कंटेनरों को ढूंढने में मिलेगी मदद

माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए 17 अन्य श्रमिकों का शनिवार सुबह रेस्क्यू कर लिया गया है। उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। अब तक कुल 50 श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। शनिवार को सुबह माननीय मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और ज्योतिर्मठ में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। माननीय मुख्यमंत्री ने बताया कि 05 श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है।

शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेस्क्यू अभियान को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव दलों ने सराहनीय कार्य करते हुए अब तक 50 लोगों का रेस्क्यू कर लिया है। हिमस्खलन में फंसे 05 और श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर रेस्क्यू अभियान को लेकर अपडेट लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए चिंतित हैं और नियमित अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए माननीय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री जी का आभार जताया।

उन्होंने बताया कि 05 कंटेनरों को ट्रेस कर श्रमिकों को सुरक्षित निकालने में राहत और बचाव दलों को सफलता मिली है। अत्यधिक बर्फ होने के कारण 03 कंटेनर ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं। आर्मी, आईटीबीपी द्वारा इन कंटेनरों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कंटेनरों की तलाश के लिए आर्मी के स्निफर डाग्स की तैनाती की गई है। आर्मी की 03 टीमों द्वारा सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। दिल्ली से सेना की जीपीआर रडार ;ग्राउण्ड पेनीट्रेशन रडारद्ध मंगवाई गई है, जो बर्फ के अंदर कंटेनरों को ट्रेस करने में मदद करेगी।

उन्होंने बताया कि घायल श्रमिकों के इलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। माणा और ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में घायल श्रमिकों का उपचार किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के साथ ही स्थानीय सीएचसी और पीएचसी को एलर्ट पर रखा गया है। इस अवसर पर सलाहकार समिति, आपदा प्रबन्धन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, जीओसी उत्तराखण्ड सब-एरिया मेजर जनरल प्रेम राज, आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल, आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, यूएसडीएमए के एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक आनंद, जेसीईओ ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

सैनिक कल्याण मंत्री ने उपनल के स्थापना दिवस पर उपनल कर्मचारी का दुर्घटना बीमा को एक लाख पचास हजार करने की घोषणा

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उपनल के 21वें स्थापना दिवस पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दी शुभकामनाएं, पूर्व सैनिकों के कल्याण में उपनल की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री राहत कोष में उपनल देगा 01 करोड़ की धनराशि: सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

मुख्यमंत्री धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से दी बधाई, कहा उपनल के माध्यम से जल्द ही विदेशों में भी मिलेगा रोजगार

उपनल के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर सुबे के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों और उपनल कार्मिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की, जिनमें प्रमुख रुप से उपनल के वेलफेयर फंड के माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों के एक-एक गांव में सैनिक कल्याण के क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे। इसी प्रकार, उपनल कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर दिये जाने वाली तात्कालिक राशि को एक लाख से बढ़ाकर रुपये 1.50 लाख करने तथा मुख्यमंत्री राहत कोष में 01 करोड़ की धनराशि दिये जाने की घोषणा की।

शनिवार को देहरादून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में आयोजित उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के 21वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में जिस उद्देश्य से उपनल की स्थापना की गई थी, वह उद्देश्य आज भी पूरी तरह से सार्थक किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए गठित उपनल ने न केवल पूर्व सैनिकों, बल्कि वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को भी रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अधिकांश सैनिक 35 से 40 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जिस समय उनके ऊपर परिवार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ होती हैं। ऐसे में, उपनल इन पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने घोषणा के बाद अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में मंत्रिमण्डल द्वारा उपनल को देहरादून के गुनियालगांव में निशुल्क भूमि दिये जाने पर सहमति दी है। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सैनिकों और पूर्व सैनिकों के परिवारों को सुविधाएं प्रदान होगी और उनके क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उपनल के कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि का चयन हो गया है, और एक वर्ष के भीतर उनपल के कार्यालय का भी निर्माण कर लिया जाऐगा। उन्होंने बताया कि अब तक उपनल के माध्यम से लगभग 24,746 बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। पिछले एक वर्ष में 2,500 पूर्व सैनिकों को विभिन्न राज्यों में नियुक्ति दी गई है, और इतने ही पूर्व सैनिकों को और नियुक्ति देने की प्रक्रिया जारी है।

इस प्रयास से उपनल को वार्षिक लगभग 40 करोड़ रुपये का सर्विस चार्ज मिलने की संभावना है। सैनिक कल्याण मंत्री ने उपनल की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन प्रदेश में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है और सरकार की ओर से इसे हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
स्थापना दिवस समारोह को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से सम्बोधित किया। उन्होंने उपनल के कार्मिकों तथा उपनल के माध्यम से प्रायोजित कार्मिकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जल्द ही उपनल के माध्यम से विदेशों में भी नौकरी मिलेगी। उन्होंने राज्य के सभी पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को भी बधाई दी।

21वें स्थापना दिवस पर इन उपनल कार्मिकों को किया गया सम्मानित – स्थापना दिवस इस अवसर पर उपनल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। डीजीएम मेजर (सेनि) हिमांशु रौतेला, सूबेदार मेजर राजेंद्र प्रसाद, हवलदार सुभाष चंद्र ज़ख्मोला, हवलदार बाबूराम क्षेत्री, नायक सतेश्वर प्रसाद सती, संजय रावत, प्रियंका नेगी, नायक जीत पाल सिंह, सूबेदार दीपक सिंह नेगी।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, उपनल चेयरमैन मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, उपनल के प्रबंध निदेशक बिग्रेडियर जेएनएस बिष्ट, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, ले0 जनरल टीपीएस रावत, ले0 जनरल जयवीर सिंह नेगी, ले0 जनरल गंभीर सिंह नेगी, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, ब्रिगेडियर रमेश भाटिया, मेजर जनरल एमएस असवाल, मेजर जनरल आनंद सिंह रावत, कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी, पीटीआर शमशेर सिंह बिष्ट, कैप्टन धनराम नैनवाल, कर्नल सतीश शर्मा, ले0 कर्नल रौतेला सहित कई उपनल के कार्मिक और पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

सृजनात्मकता और प्रेरणा से भरपूर साईं सृजन पटल पत्रिका का सातवां संस्करण प्रकाशित

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डोईवाला: अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं पर्यावरणविद् डॉ. हर्षवर्ती बिष्ट ने साहित्यिक पत्रिका साईं सृजन पटल के सातवें अंक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पत्रिका के निरंतर प्रकाशन के लिए संपादक मंडल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पत्रिका उत्तराखंड की संस्कृति और समृद्ध विरासत को पाठकों तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य कर रही है।

डॉ. बिष्ट ने पत्रिका की सामग्री को सृजनात्मक और रोचक बताते हुए कहा कि इसमें संघर्ष से आगे बढ़ने वाली प्रतिभाओं को उचित स्थान दिया गया है। साथ ही, उत्तराखंड के धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन पर आधारित लेख पाठकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रहे हैं।

पत्रिका के संपादक डॉ. के.एल. तलवाड़ ने बताया कि साईं सृजन पटल में नवोदित लेखकों को विशेष स्थान दिया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिभा को एक मंच मिल सके। उन्होंने कहा कि पत्रिका में समसामयिक विषयों के साथ ऋतुओं से जुड़ी सामग्री को भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

उप संपादक अंकित तिवारी ने कहा कि पत्रिका उत्तराखंड के उन लोगों की सफलता की कहानियों को सामने ला रही है, जिन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत से पहचान बनाई है। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बताया कि मात्र सात माह के प्रकाशन में ही पत्रिका पाठकों के बीच लोकप्रिय हो चुकी है, और इसके नवीनतम अंक का पाठकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

‘साईं सृजन पटल’ पत्रिका न केवल साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा दे रही है, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता को भी सहेजने का कार्य कर रही है।

माणा क्षेत्र में कल से किए जा रहे रेस्क्यू अभियान में 49 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, शेष 5 के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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शुक्रवार को भारत-चीन सीमा पर स्थित चमोली जिले के माणा क्षेत्र में हुए भारी हिमस्खलन में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए बचाव अभियान सुबह से जारी है। आज प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं, और चमोली में हिमस्खलन का खतरा भी बरकरार है। बचाव कार्य अब भी जारी है। सड़कें अवरुद्ध होने के कारण कुल छह हेलिकॉप्टरों को लोगों को निकालने के लिए तैनात किया गया है।

लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव, पीआरओ डिफेंस देहरादून के अनुसार, अब तक 47 में से 23 मजदूरों को जोशीमठ पहुंचाया जा चुका है। दुर्भाग्यवश, एक घायल व्यक्ति की मौत हो गई है और एक अन्य की स्थिति गंभीर है। घायलों को प्राथमिकता के आधार पर निकाला जा रहा है।

बीआरओ के कर्मियों को माणा में हिमस्खलन से बचाकर हवाई मार्ग से जोशीमठ लाया जा रहा है। अब तक 55 फंसे कर्मियों में से 47 को बचा लिया गया है।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने चमोली में हुए हिमस्खलन पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार वहां के श्रमिकों को बचाने के लिए उत्तराखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। हम ईश्वर से उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना करते हैं और श्रमिकों के परिजनों से भी संपर्क बनाए रखे हैं।

भा.ज.पा. के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि बचाव अभियान निरंतर चल रहा है। लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है और सीएम धामी के नेतृत्व में बचाव दल और राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हैं।

आइटीबीपी के जवान माणा में रेस्क्यू कार्य में लगे हैं। चार घायलों को एम्स में लाए जाने की संभावना है, जिसके लिए एम्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चार घंटे के भीतर दूसरी बार आपदा परिचालन केंद्र का दौरा किया। चमोली में हिमस्खलन और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। मुख्यमंत्री लगातार अपडेट ले रहे हैं और कहा कि हम प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं।

मुख्यमंत्री जोशीमठ आर्मी हेलीपेड पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हाल जाना। माना में हुए हिमस्खलन के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जीओसी इन सी सेंट्रल कमांड, ले. जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचने वाले हैं।

एक और घायल मजदूर को ज्योर्तिमठ लाया गया है। अब आठ मजदूरों की तलाश जारी है, और सुबह से 10 मजदूरों को जवानों ने रेस्क्यू कर लिया है। अब तक कुल 47 मजदूरों को बचा लिया गया है।

चमोली के माणा में हिमस्खलन के बाद एसडीआरएफ मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया और तीन हाई एल्टीट्यूट रेस्क्यू टीमों को जौलीग्रांट, सहस्रधारा और गोचर में तैनात किया। मौसम साफ होते ही, टीमों ने रेस्क्यू उपकरणों के साथ हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी। इन टीमों में बर्फ में रेस्क्यू के लिए जरूरी उपकरण भी शामिल किए गए हैं।

पुलिस महानिदेशक रिधिम अग्रवाल ने कहा कि हाई एल्टीट्यूट रेस्क्यू के लिए तीन टीमों को तैनात किया गया है और वे घटनास्थल पर रवाना हो चुकी हैं।

माणा में फंसे मजदूरों को बचाने का अभियान जारी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि बाकी मजदूरों को भी सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, फंसे मजदूर एक कंटेनर में हैं, जो पूरी तरह से बर्फ से ढक चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के माणा क्षेत्र के लिए देहरादून से प्रस्थान किया। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे भी उनके साथ थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम धामी से फोन पर बात की और माणा में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने प्रदेश में हो रही बारिश और हिमपात की स्थिति पर भी जानकारी ली और केंद्र सरकार से हर प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया।

यदि मौसम अनुकूल रहता है, तो मुख्यमंत्री धामी शनिवार को घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा ले सकते हैं। उन्होंने रेस्क्यू के लिए वायुसेना और यूकाडा के हेलिकॉप्टरों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुक्रवार को भारी हिमस्खलन हुआ, जिसमें 55 मजदूर बर्फ में दब गए। शुक्रवार शाम तक 33 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन 22 मजदूरों का कुछ पता नहीं चल पाया था। मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था, लेकिन शनिवार को फिर से अभियान शुरू किया गया है।



मुख्यमंत्री धामी ने माणा के पास हुए हिमस्खलन में अधिकारियों को दिए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माणा के पास हुए हिमस्खलन की ली जानकारी

राज्य आपात परिचालन केंद्र से व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आई.टी पार्क देहरादून पहुंचकर जनपद चमोली के माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर हिमस्खलन के बाद रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हिमस्खलन की स्थिति के बारे में भी पूरी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अति शीघ्र घटनास्थल में पहुंचने के निर्देश देते हुए कहा कि घटनास्थल के सबसे समीप स्थित हेलीपैड को अति शीघ्र खोल जाए। जिससे रेस्क्यू अभियान में तेजी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर ड्रोन के माध्यम से नजर रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा रेस्क्यू अभियान में हेलीकॉप्टर की भी मदद लेकर रेस्क्यू में तेजी लाई जाए। उन्होंने सभी घायलों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से जरूरत पड़ने पर एम्स ऋषिकेश लाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन से निरंतर समन्वय संपर्क कर उन्हें हर संभव मदद करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जनपद चमोली में हिमस्खलन के बाद लगातार राहत बचाव का कार्य जारी है। आईटीबीपी, सेना, जिला प्रशासन, वायु सेना, सभी लोग बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सभी से निरंतर वार्ता जारी है। विजिबिलिटी ना होने के कारण वर्तमान में हेलीकॉप्टर का जाना संभव नहीं है। इस संबंध में स्नो एक्सपर्ट की सेवाएं ली जा रही हैं। आईटीबीपी के लोग घटना स्थल में विशेष रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा हमारी पहली प्राथमिकता श्रमिकों को सुरक्षित निकलना है। सभी लोग अलग अलग स्थानों से हैं, जिसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, केंद्र सरकार से निरंतर संपर्क में है। प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा रेस्क्यू अभियान में किसी भी एजेंसी की आवश्कता होने पर उनकी मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 लोगों को आईटीबीपी अस्पताल पहुंचाया गया है। बर्फबारी जारी है, कई जगहों पर मार्ग अवरुद्ध हो रहा है। कल मौसम खुलने की संभावना है, जिससे रेस्क्यू अभियान में भी तेजी आएगी। सभी रेस्क्यू दल आपस में समन्वय के साथ कार्य कर रहें हैं। उन्होंने कहा माणा हेलीपैड को भी एक्टिव किया जा रहा है। इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल गोपेश्वर में भी सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से घटना की पूरी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि माणा गांव और माणा पास के मध्य सीमा सड़क संगठन के समीप हिमस्खलन की सूचना मिली थी। यहां सेना की आवाजाही के लिए सड़क मार्ग से बर्फ हटाने वाले मजदूरों के घटना स्थल के समीप होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद सेना के साथ ही आईटीबीपी, एनडीआरफ, एसडीआरफ की रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, विनोद कुमार सुमन, विनय शंकर पांडे, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

भू कानून राजनैतिक मुद्दा नही, बल्कि राज्य की जमीनों को बचाने मे निर्णायक कदम: बहुगुणा

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भू कानून के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले जमीन बचाने की मुहिम को कर रहे कमजोर

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने भू कानून को राजनैतिक मुद्दा नही, बल्कि देवभूमि का मूल स्वरूप बनाए रखने में निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि इस कानून का जो लोग राजनैतिक कारणों से विरोध कर रहे हैं वे किसी न किसी रूप मे पहाड़ की जमीनों को माफियाओं के हाथों सौंपने के दोषी रहे हैं।

बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य वासियों की भावना के अनुरूप राज्य की सांस्कृतिक सरंक्षण के लिए सशक्त भू कानून लायी है और यह मुद्दा राजनैतिक विषय नहीं है। राज्य का विकास, समृद्धि और संबर्द्धन भाजपा के एजेंडे का हिस्सा रहा है। प्रदेश के सीमित प्राकृतिक संसाधनों और भूमि को सुरक्षित करने के हमारी सरकारों ने जनभावना के अनुसार निरंतर निर्णय लिए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों ने अपने वोट बैंक को शह और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के लिए भू माफियाओं को बढ़ावा दिया। जिसके चलते लंबे समय से एक सशक्त, व्यापक और प्रभावी भू कानून की जरूरत महसूस की जा रही थी। आज विश्वासपूर्वक कह सकते हैं कि जनसरोकारों की पूर्ति करने वाला भू कानून हम लेकर आए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा विस्तृत चर्चा के बाद लाया गया यह कानून जनता की अपेक्षाओं को पूरा करता है। सरकार, सदन और कोर्ट सभी जगह स्पष्ट कर चुकी है कि यह कानून राज्य के भू संसाधनों को बचाने की सिर्फ प्रभावी शुरुआत है और इसमें आगे जो भी बेहतर सुझाव सामने आएंगे उस पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जायेगा। हमारी नीति और नीयत शीशे की तरह साफ है। उत्तराखंड का मूल स्वरूप बचाया जाए और माफियाओं द्वारा डेमोग्राफी बदलने की साजिशों पूरी तरह नकेल कसी जाए इसके सभी प्रावधान भू कानून मे किये गए हैं। जहाँ तक कांग्रेस का सवाल है तो वह युवाओं के भविष्य को सरंक्षित करने वाले नकल विरोधी कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद और महिलाओं को अधिकार देने वाले कानून का भी विरोध करते रहे है। कांग्रेस के तुष्टिकरण के राग को जनता को जानती है।

उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये लोग कभी पहाड़ की जमीनों को बचाने के पक्ष में नहीं रहे। उन्होंने हमेशा राज्य में भू माफियाओं को पनपाने का पाप किया। सिर्फ राजनीतिक मकसद से कांग्रेस इस पूरे मुद्दे पर लगातार राजनीति कर रही है। ऐसे में जब सरकार ने इस कानून को बनाकर, सदन से पास कराया तो इनको अपने हाथ से यह मुद्दा निकलते दिख रहा है और वह सरकार के हर फैसले का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस सहित विपक्षी इस मुद्दे पर भ्रम और झूठ फैला रहे हैं ताकि पहाड़ की जमीनों को बचाने की मुहिम को कमजोर किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग उत्तराखंडियत की बात कर इस पर उंगली उठा रहे हैं, उनका राज्य निर्माण के विरोध में हाथ उठाने का इतिहास रहा है।

उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर सुझाव दिया कि राजनीतिक कारणों से कमी निकालने के बजाय, इसको अधिक सशक्त करने के लिए सकारात्मक सुझाव सामने लाने की जरूरत है।

राजनीतिक दलों में पीएम मोदी और भाजपा ही सनातन संस्कृति की प्रचारक

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भाजपा ने राहुल के डर से उत्तराखंड कांग्रेस नेताओं द्वारा महाकुंभ से बनाई दूरी को उनका असल सनातन विरोधी चेहरा बताया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, राजनीतिक दलों में पीएम मोदी और भाजपा ही सनातन संस्कृति की प्रचारक है, बाकी सभी पार्टियां चुनावों में ही मंदिरों का चक्कर लगाते हैं। सिर्फ सोशल मीडिया पर सनातन का ज्ञान बांटने वाले एक कांग्रेस दिग्गज और पूर्व सीएम अब महाकुंभ पूर्णता के बाद वहां जाने की नई नई तारीख बता रहे हैं।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका, खड़गे समेत कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के प्रयागराज में संपन्न महाकुंभ नहीं जाने की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि नेहरू-गांधी परिवार केवल चुनाव के समय मंदिरों का दौरा करता है। राज्य के कांग्रेसी नेता, पवित्र धामों को लेकर अफवाह फैलाकर, देश दुनिया के बहुसंख्यक हिंदू समुदाय को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी ही वास्तव में सनातन धर्म का समर्थन और प्रचार करते हैं। हमारे लगभग सभी नेताओं ने इस समागम में पहुंचकर 66 करोड़ सनातनियों के साथ त्रिवेणी पर स्नान ध्यान और ईश्वर से देश प्रदेश के कल्याण के लिए कामना की है।

उन्होंने तंज किया कि 45 दिन तक चले इस धार्मिक महोत्सव में न कांग्रेस नेतृत्व ने शिरकत की और न ही उनके डर से देवभूमि के उनके नेता हिम्मत कर पाए। ये सोशल मीडिया कर सनातन का ज्ञान बांटते हैं और आलोचना होने पर अब उनके एक बड़े नेता और पूर्व सीएम कुंभ समाप्ति के बाद वहां जाने को लेकर नई नई तारीखों की घोषणा कर रह हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सनातन धर्म और दुनिया के इस सबसे बड़े आयोजन में जाना गांधी परिवार ने जरूरी नहीं समझा। लेकिन उससे भी दुखद है कि देवभूमि में उनकी पार्टी प्रतिनिधियों का आलाकमान के खौफ से महाकुंभ नहीं जाना। इतना ही नहीं ये सभी अब तक अयोध्या श्री राम जन्मभूमि मंदिर जाने का साहस भी नहीं जुटा पाए हैं।

उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा, सम्भवतः अपनी परिवार की धार्मिक पृष्ठभूमि अस्पष्ट होने के कारण गांधी परिवार महाकुंभ से दूर रहा हो। लेकिन सनातन धर्म के ध्वजवाहक उत्तराखंड का निवासी होने के बावजूद स्थानीय कांग्रेस नेताओं का वहां नहीं जाना बेहद शर्मनाक है।

उन्होंने कहा, कांग्रेस केवल राजनीतिक फायदे के लिए हिंदू धर्म का इस्तेमाल करती है और इसे लोग अब बखूबी समझ चुके हैं।

ट्रांसजेंडर अदिति शर्मा की मेहनत को सभी ने सराहा, डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से दिखाई गई अदिति शर्मा की स्ट्रगल

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रंगारंग कार्यक्रम के बीच मनी “निवाला प्यार का” की वर्षगांठ

निवाला प्यार की वर्षगांठ आज बहुत ही धूमधाम से रंगारंग कार्यक्रमों के बीच रिस्पना पुल स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में मनाई गई। इस मौके पर अदिति शर्मा जो की एक ट्रांसजेंडर है और निवाला प्यार का फूड ट्रक चलाती हैं के जीवन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी रिलीज की गई । इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मेयर सौरभ थपलियाल मौजूद रहे।

मेयर सौरभ थपलियाल ने अदिति शर्मा के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि निगम की ओर से अदिति और अदिति जैसे उनके अन्य भाई बहनों को भी पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। यदि वे स्वावलंबी बनने के लिए निगम की ओर से किसी भी प्रकार की सहायता चाहते हैं तो उनको हर प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि भारतीय जनता युवा मोर्चा की नेशनल वाइस प्रेसिडेंट नेहा जोशी राज्य मंत्री संस्कृति विभाग मधु भट्ट राज्य मंत्री विनोद उनियाल पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भी अपने विचार व्यक्त कर कार्यक्रम की सराहना की एवं अदिति शर्मा के उज्जवल भविष्य की कामना की।

मौके पर कार्यक्रम की शुरुआत हिंदू रक्षा दल के संस्थापक महंत स्वामी अनुपम नंद गिरि एवं हिंदू रक्षा दल के धर्म प्रचारक स्वामी शिव ओम बाबा ने मंत्र उच्चारण कर दीप प्रज्वलित करवा कराई। सभी सम्मानित अतिथियों ने दीप प्रज्वल कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर ज्योति ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसके पश्चात् एक डॉक्यूमेंट्री का भी विमोचन किया गया। डॉक्यूमेंट्री बनाने में फिल्म डायरेक्टर अनिल वोहरा क्रिएटिव डायरेक्टर धीरज दुआ एक्ट्रेस जुनकी बेगम प्रोडक्शन कंट्रोलर डॉक्टर जितेंद्र सिंह अमित कपूर आदि का बहुत सहयोग रहा।

उन्होंने डॉक्यूमेंट्री बनाने के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया। इस मौके पर डीन एवं प्रोवाइस चांसलर उत्तरांचल यूनिवर्सिटी डॉक्टर राजेश बहुगुणा, सोशल जस्टिस फाऊंडेशन की फाउंडर डॉ आशा लाल, मधु मरवा पार्षद केदारपुर दर्शन लाल बिंजुला, जगदंबा नौटियाल, विजय भट्ट , पूर्व मंडल अध्यक्ष, पार्षद बंजारावाला रुचि रावत, जयवीर रावत, एडवोकेट आकाश वर्मा, डॉ जितेंद्र सिंह कुलदीप राणा दीपा जोशी सरिता लिंगवाल लता सेनीवाल आकाशवाणी से भारतीय आनंद एवं मधु दानू सहित अजय पानीवाली बहन बिष्ट डिंपल चौधरी देवयानी सुमन लता विजयवाणी की फाउंडर प्राची चंद्र आचार्य वर्षा माटा ललिता कोटिया आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में पारस कुमार का विशेष सहयोग रहा वन संचालन में तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक प्रिया गुलाटी का सहयोग रहा इस मौके पर अदिति शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

पदक विजेताओं को नौकरी देने की कवायद शुरू, खेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए आदेश

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प्रदेश की खेल अवस्थापनाओं के लिए लेगेसी प्लान तैयार करने के भी निर्देश

प्रदेश सरकार ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की कवायद शुरू कर दी है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक बुलाकर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।

खेल मंत्री के कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पदक विजेताओं के जॉब ऑफर का प्रस्ताव तैयार जल्द कैबिनेट में लाने के लिए कहा गया है। खेल मंत्री ने बताया कि इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सरकार ने पदक विजेताओं के लिए जो नगद इनाम राशि की घोषणा की थी, उस पर अमल की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को खिलाड़ियों की नगद इनाम राशि उन्हें जल्द से जल्द दिलवाने के लिए कहा है। बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में अब जितनी खेल अवस्थापनाएं, स्टेडियम, ऑडिटोरियम, मल्टीपरपज हॉल, साइकलिंग वैलोड्रोम, शूटिंग रेंज आदि तैयार हो गई हैं, उनकी देखरेख व संचालन आदि के लिए भी नीति बनाने की जरूरत है। खेल मंत्री ने अधिकारी से कहा कि इसका लेगेसी प्लान तैयार करके इस दिशा में तेजी से कदम उठाएं। बैठक में विशेष खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

टीम इवेंट के हर खिलाड़ी को मिलेगी नौकरी

*राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने कुल 103 मेडल जीते हैं। इनमें से जो मेडल टीम इवेंट में आए हैं, उन टीमों के हर खिलाड़ी को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इस कोटे में सरकारी नौकरी के लिए खिलाड़ी के पास उत्तराखंड का मूल निवास या स्थाई निवास सर्टिफिकेट होना आवश्यक है। खास बात यह है कि गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 4200 ग्रेड पे वाली नौकरी दी जाएगी जबकि सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को ₹2800 या ₹2000 ग्रेड पे वाली नौकरी ऑफर की जाएगी। खिलाड़ियों को यह नौकरियां ज्यादातर खेल और युवा कल्याण विभाग व पुलिस विभाग में दी जाएंगी।

ट्रायल की तारीखें जल्द घोषित करें

बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री खिलाड़ी उदीयमान उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लिए नए खिलाड़ियों का चयन करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। खेल मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा विभाग के कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए हर जिलों के अधिकारियों से चर्चा कर जल्द ट्रायल की तारीखें घोषित करें। खेल मंत्री ने कहा कि इसके लिए अगले सत्र में स्कूल कॉलेज खुलने का इंतजार ना किया जाए, बल्कि अभी से इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।