Saturday, March 7, 2026
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रंगों की तरह ही हमें अपने जीवन में प्रेम ख़ुशी और सकारात्मकता के रंग भरने चाहिए डॉ शैलेन्द्र

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पत्रकार होली मिलन कार्यक्रम में आज जमकर धूम मची। आपसी प्रेम व भाईचारे के इस मिलन उत्सव में कवियों ने जहां कविताओं का वाचन कर उपस्थित लोगों के मन को गुदगुदाया वही ढोल-नगाड़ों के साथ पत्रकारों ने जमकर नृत्य करने के साथ ही एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दी।

राजपुर रोड स्थित विश्व संवाद केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक डॉ शैलेंद्र बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित रहे। उन्होंने कहा की होली का पर्व हमें असत्य पर सत्य की विजय और नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर बढ़ने का संदेश देता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भक्त प्रह्लाद की भक्ति और उसकी सत्यनिष्ठा के कारण भगवान विष्णु ने उसे बचाया और अहंकारी होलिका का अंत हुआ। इससे हमें यह सीख मिलती है कि अहंकार और अन्याय की उम्र ज्यादा नहीं होती, अंततः जीत सत्य की ही होती है। उन्होंने होली का महत्व बताते हुए कहा कि फाग उत्सव का भारतीय पंरपरा में विशेष महत्व है। यह पर्व हमें समरसता का संदेश देता है।

होली प्रेम व भाईचारे का त्योहार है, इसलिए होली को भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए। मुख्य वक्ता डॉक्टर शैलेन्द्र ने पत्रकारों द्वारा दी गई सुंदर प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा पत्रकार अपनी लेखन, प्रस्तुति, निष्पक्ष विश्लेषण और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता के माध्यम से देश व समाज को जागरूक करने का कार्य करते हैं। उनकी रचनात्मकता, सत्यनिष्ठा और साहस प्रशंसा के योग्य हैं।प्रांत प्रचार प्रमुख संजय कुमार ने सामाजिक एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि होली मिलन समारोह में आपसी नजदीकियां बढ़ती है। इस तरह के आयोजन से सामाजिक बंधुओं के बीच मेल मिलाप बढ़ता है।

आरएसएस के विभाग प्रचारक धनंजय ने कहा कि होली का त्योहार हमारी सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक और भारतीयता का प्रतीक है। सबको एक रंग में रंग देने का यह त्योहार है।

कार्यक्रम में वीरेंद्र डंगवाल पार्थ, शाक्त ध्यानी, शैलेन्द्र, चंद्रा स्वामी, अजय जोशी, जसबीर हलदार, अजय जोशी ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम के अंत में आगंतुकों का विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजक व मंच संचालन प्रांत मीडिया संवाद प्रमुख बलदेव पाराशर ने किया। होली मिलन कार्यक्रम में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, वेब पोर्टल संचालित करने वाले वरिष्ठ पत्रकारों, पत्रिका एवं मैगज़ीन के संपादकों सहित अनेक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार बंधुओंव पत्रकार बहनों ने भाग लिया।

लोकसभा के बजट सत्र में राहुल गांधी की ये है मांग

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करीब एक महीने के अंतराल के बाद संसद के बजट सत्र की कार्यवाही पुनः शुरू हो गई है। सत्र के दूसरे भाग के पहले कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक महत्वपूर्ण मांग रखी, जिसमें उन्होंने कहा कि “पूरे देश में वोटर लिस्ट पर सवाल उठ रहे हैं। सभी विपक्षी दल इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं और अब पूरा विपक्ष यही कह रहा है कि वोटर लिस्ट पर चर्चा होनी चाहिए।”

राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कहा, “हम आपकी टिप्पणी को स्वीकार करते हैं कि सरकार मतदाता सूची नहीं बनाती है, लेकिन हम इस पर चर्चा की मांग करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा, “देशभर में मतदाता सूची पर सवाल उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र सहित हर राज्य में विपक्ष ने एक स्वर में इन सवालों को उठाया है।”

वहीं, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, “चुनाव आयोग सरकार के नियंत्रण में है… यदि लोकतंत्र इसी तरह चलता रहा और चुनाव आयोग सरकार के पक्ष में काम करता रहा, तो जो परिणाम आएंगे, वे आप सबके सामने हैं… अगर यही व्यवस्था चलती रही, तो यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि सिर्फ एक दिखावा होगा… हमें कई वर्षों से इस पर संदेह है… जमीन पर क्या हो रहा है, यह सभी को पता है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।”

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत रॉय ने कहा कि मतदाता सूची में कुछ खामियां हैं, और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मुर्शिदाबाद और बर्दवान संसदीय क्षेत्रों तथा हरियाणा में एक ही ईपीआईसी (चुनावी फोटो पहचान पत्र) संख्या वाले मतदाता पाए गए हैं। टीएमसी ने यह भी कहा कि तृणमूल का एक प्रतिनिधिमंडल मतदाता सूची पर अपनी चिंताओं को उठाने के लिए नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूचियों में व्यापक संशोधन की भी मांग की, खासकर अगले साल पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले।

सौगत रॉय ने दावा किया, “कुछ गंभीर खामियां हैं। महाराष्ट्र में इस बात की चर्चा की गई है, जहां मतदाता सूचियों में गड़बड़ी हुई थी। हरियाणा में भी इस पर ध्यान दिलाया गया। अब वे पश्चिम बंगाल और असम में भी घुसने की कोशिश कर रहे हैं, जहां अगले साल चुनाव होने हैं।” तृणमूल नेता ने कहा, “पूरी मतदाता सूची में व्यापक संशोधन किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को देश को यह जवाब देना चाहिए कि इन सूचियों में गड़बड़ी क्यों हुई।”

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए बड़ा फैसला: वीआईपी दर्शन शुल्क खत्म कर सकती है धामी सरकार

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उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए बड़ा फैसला: वीआईपी दर्शन शुल्क खत्म कर सकती है धामी सरकार

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में वीआईपी दर्शन को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार एक अहम कदम उठा सकती है। राज्य सरकार की योजना है कि इस बार चार धाम यात्रा में वीआईपी दर्शन पर लिया जाने वाला शुल्क खत्म किया जाए। यह निर्णय खासतौर पर तीर्थयात्रियों के बीच अच्छे संदेश को फैलाने के लिए लिया जा सकता है, क्योंकि वीआईपी दर्शन शुल्क को लेकर पहले कई बार विवाद और असहमति हो चुकी है।

वीआईपी दर्शन शुल्क के बारे में पूर्व विवाद
2023 में, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपये का शुल्क लिया था, जिससे समिति को लाखों रुपये की आय प्राप्त हुई थी। हालांकि, इस शुल्क व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे, क्योंकि लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और इस शुल्क की लेखा-जोखा रखना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाए गए थे कि इस व्यवस्था से धार्मिक आस्था में पैसों का प्रभाव पड़ता है, जो सही नहीं है।

मुख्यमंत्री धामी का निर्णय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मुद्दे पर विशेष रूप से संवेदनशील हैं और उन्हें धर्म रक्षक के रूप में देखा जा रहा है। उनके नेतृत्व में सरकार ने यह निर्णय लिया है कि चारधाम यात्रा में वीआईपी दर्शन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह कदम उत्तराखंड सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों के बीच समानता का संदेश देने के लिए उठाया गया है।

चारधाम यात्रा की तैयारियों पर समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री धामी 10 मार्च को चारधाम यात्रा की तैयारियों पर एक समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें यात्रा से संबंधित सभी उच्च अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में यात्रा को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले किए जा सकते हैं।

पंजीकरण प्रक्रिया को और सुलभ बनाना
आगामी चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल और अधिक सुसंगत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग ने होली के बाद पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई है। इस बार पंजीकरण में आधार कार्ड को अनिवार्य किया जा सकता है, और इसके लिए पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है।

निष्कर्ष
इस फैसले से न केवल चार धाम यात्रा की साख में सुधार होगा, बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को और भी सुगम और समर्पित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम उत्तराखंड में धर्म और आस्था को सशक्त करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित हो सकता है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 37 साल का इंतजार? 1988 के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ कोई फाइनल नहीं जीत सकी टीम इंडिया

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला: एक ऐतिहासिक अवसर

भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस साल की चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला रविवार को दुबई में खेला जाएगा, और यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन चुका है। भारतीय टीम के सामने यह चुनौती होगी कि वह 12 साल बाद इस ट्रॉफी को जीते और न्यूजीलैंड के खिलाफ एक लंबा अनचाहा रिकॉर्ड भी तोड़े। 1988 के बाद से भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट फाइनल को नहीं जीता है। 37 साल बाद, अगर भारत यह मुकाबला जीतता है, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी, और टीम पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड को हराने में सफल होगी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड
भारत ने आखिरी बार 1988 में शारजाह कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया था। इसके बाद से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार तीन फाइनल हार चुका है, जिनमें 2000 चैंपियंस ट्रॉफी, 2005 वीडियोकॉन त्रिकोणीय सीरीज और 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल शामिल हैं। भारत के लिए न्यूजीलैंड हमेशा एक मुश्किल प्रतिद्वंद्वी साबित हुआ है, और आईसीसी टूर्नामेंटों में न्यूजीलैंड का भारत के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 10-6 है। खास बात यह है कि न्यूजीलैंड ने आईसीसी नॉकआउट चरण में भारत के खिलाफ चार में से तीन मुकाबले जीते हैं।

भारत के गेंदबाजी संयोजन पर नजरें
भारत का आत्मविश्वास इस बार बढ़ा हुआ है, क्योंकि उसकी स्पिन चौकड़ी ने दुबई के सपाट पिच पर शानदार प्रदर्शन किया है। वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया है। इसके अलावा रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल ने भी गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दी है। अगर फाइनल उसी पिच पर खेला जाता है, जहां भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हुआ था, तो ये चारों स्पिनर कीवी टीम को सख्त चुनौती दे सकते हैं।

न्यूजीलैंड के लिए भी स्पिनरों से उम्मीद
न्यूजीलैंड की टीम भी भारत के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के लिए अपने स्पिनरों पर निर्भर करेगी। केन विलियमसन और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी स्पिन गेंदबाजी को अच्छी तरह खेलते हैं। न्यूजीलैंड के पास भी मिचेल सैंटनर, माइकल ब्रेसवेल और रवींद्र जैसे स्पिनर हैं, जो भारत के खिलाफ सफलता प्राप्त करने के लिए अहम होंगे। पिछले साल टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था, और वे एक बार फिर 2000 के बाद पहली बार आईसीसी वनडे खिताब जीतने के लिए उसी प्रदर्शन को दोहराना चाहेंगे।

विराट और रोहित पर पूरा दारोमदार
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। कोहली हाल ही में शानदार फॉर्म में हैं और पिछले पांच मैचों में एक शतक और दो अर्धशतक जड़ चुके हैं। वहीं, रोहित शर्मा को क्रीज पर लंबे समय तक टिकने की जरूरत होगी, ताकि वे मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर से दबाव कम कर सकें। रोहित के लिए यह फाइनल बहुत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि वह लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के सितारे रहे हैं।

हार्दिक पांड्या का अहम रोल
भारत की सफलता में हार्दिक पांड्या का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। वह ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पांड्या ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन किया था, और इस बार भी उनसे बड़ी उम्मीदें होंगी।

टीमों का संभावित संयोजन:

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, ऋषभ पंत, रविंद्र जड़ेजा, वरुण चक्रवर्ती।

न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, लोकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, टॉम लाथम, डेरिल मिशेल, विल ओ’रूर्के, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, नाथन स्मिथ, केन विलियमसन, विल यंग, जैकब डफी।

निष्कर्ष:
भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह फाइनल मुकाबला एक ऐतिहासिक क्षण बन सकता है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी दुर्गति को खत्म करने और 37 साल पुरानी हार का बदला लेने का शानदार मौका मिलेगा। विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ-साथ पूरी टीम को एकजुट होकर इस जीत के लिए संघर्ष करना होगा, और यदि वे अपने प्रदर्शन को जारी रखते हैं, तो चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा हो सकता है।

उत्तराखंड को मार्च महीने में मिलेगा नया मुख्य सचिव, राधा रतूड़ी का कार्यकाल समाप्त

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उत्तराखंड को मार्च महीने में मिलेगा नया मुख्य सचिव, राधा रतूड़ी का कार्यकाल समाप्त

उत्तराखंड में इस महीने की समाप्ति तक नया मुख्य सचिव नियुक्त किया जाएगा। वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो रहा है, और इसको लेकर ब्यूरोक्रेसी में चर्चाएँ तेज हो गई हैं कि किस अफसर को राज्य का सुपर बॉस (मुख्य सचिव) बनाया जाएगा। केंद्र सरकार में गए किसी अफसर को राज्य में वापस लाया जाएगा या फिर राज्य से ही किसी वरिष्ठ अफसर को यह जिम्मेदारी दी जाएगी, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को पहले दो बार छह-छह महीने का सेवा विस्तार मिल चुका है, लेकिन इस बार उनकी तीसरी बार सेवा विस्तार मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। खुद राधा रतूड़ी भी अब मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए आवेदन कर चुकी हैं, जिससे उनकी विदाई के बाद मुख्य सचिव पद की नियुक्ति को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

मुख्य सचिव बनने के लिए वरिष्ठता की दौड़
मुख्य सचिव बनने के लिए कम से कम 30 वर्ष की सेवा अवधि जरूरी होती है। यदि वरिष्ठता के हिसाब से देखा जाए, तो 1992 बैच के आईएएस अफसर आनंदबर्धन इस शर्त को पूरा करते हैं। उनका हाल ही में केंद्र सरकार में सचिव पद के लिए इम्पैनलमेंट हो चुका है, लेकिन उन्होंने कहा है कि वे यहीं अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। वर्तमान में वे अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

उनके बाद वरिष्ठता क्रम में 1997 बैच के प्रमुख सचिव एल फैनई और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु के नाम भी शामिल हैं। ये दोनों अधिकारी अभी अपर मुख्य सचिव पद के लिए योग्य माने जा रहे हैं। सरकार के पास विकल्पों की संख्या सीमित है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि मार्च के अंत तक इस पद के लिए नियुक्ति का ऐलान कर दिया जाएगा।

उत्तराखंड में मुख्य सचिव की कुर्सी पर विराजमान होने के लिए कई कयास लगाए जा रहे हैं, और इसका फैसला मार्च के आखिर तक हो सकता है।

लड्डू गोपाल के गुलाल से होली खेलेंगे बाबा काशी मथुरा का होगा मिलाप

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लड्डू गोपाल के गुलाल से होली खेलेंगे, बाबा काशी-मथुरा का होगा मिलाप

काशी में इस बार की होली बेहद खास होने वाली है। मथुरा में लड्डू गोपाल के लिए उपहार भेजे जाएंगे। काशी और मथुरा के बीच समन्वय और श्रद्धा का आदान-प्रदान करने की यह पहल एक नई शुरुआत है। इस होली के महापर्व पर पहली बार बाबा के दरबार से लड्डू गोपाल के लिए उपहार भेजे जाएंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से मथुरा में विराजमान लड्डू गोपाल को भस्म, अबीर, गुलाल, चॉकलेट और वस्त्र भेजे जाएंगे। वहीं, मथुरा से बाबा विश्वनाथ के लिए रंगभरी एकादशी के अवसर पर अबीर और गुलाल का भेंट भेजा जाएगा। इसके लिए मंदिर न्यास और श्री कृष्ण जन्मस्थली मथुरा के पदाधिकारियों से बातचीत की गई है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि होली के मौके पर श्री काशी विश्वनाथ धाम से श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में लड्डू गोपाल के लिए उपहार भेजे जाएंगे। वहीं, मथुरा से बाबा विश्वनाथ के लिए रंगभरी एकादशी से पहले अबीर, गुलाल और रंग भेजे जाएंगे।

जन्मभूमि के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर चतुर्वेदी से बृहस्पतिवार को इस संबंध में वार्ता हुई। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से इस प्रस्ताव और अनुरोध को ई-मेल के माध्यम से भी भेजा गया है।

रंगभरी एकादशी और होली पर इन दो तीर्थ स्थलों के बीच समन्वय की यह नई पहल की जा रही है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, रंगभरी एकादशी की कथा भगवान श्री कृष्ण ने राधारानी को सुनाई थी।

सीईओ ने बताया कि श्री कृष्ण और शिव भक्ति की दो प्रमुख सनातन धाराओं को जोड़ने वाला यह आयोजन सनातन धर्म की परंपराओं को और समृद्ध करेगा। मथुरा और काशी दोनों ही मोक्षदायिनी नगरी हैं, और इन दोनों तीर्थ स्थलों के बीच श्रद्धा और समन्वय का यह आदान-प्रदान एक अभिनव पहल है। इस वर्ष की रंगभरी एकादशी और होली में इसे शामिल किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम में भी रंगभरी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, जो न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक महत्व भी रखता है। उपहार आदान-प्रदान के साथ, दोनों धामों के भक्तों को विशेष रूप से भगवान लड्डू गोपाल और बाबा विश्वनाथ से आशीर्वाद मिलेगा।

फाल्गुन शुक्ल नवमी को गुलाल, पटुका, पिचकारी और गुजिया प्रसाद के साथ होगी यात्रा
बाबा काशी विश्वनाथ के लिए आठ मार्च को फाल्गुन शुक्ल नवमी पर एक भव्य यात्रा के साथ गुलाल और अन्य सामान मथुरा से वाराणसी भेजे जाएंगे। इस यात्रा को भव्य बनाने के लिए श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने तैयारी शुरू कर दी है।

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि शनिवार को सुबह 10 बजे श्री राधाकृष्ण युगल सरकार के भाव से गुलाल, पटुका, पिचकारी और गुजिया प्रसाद के रूप में काशी विश्वनाथ धाम भेजी जाएगी।

यह यात्रा भगवान श्री केशवदेव, मां योगमाया, श्री गर्भ गृह और भागवत भवन स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर से होते हुए श्री कृष्ण जन्मस्थान के मुख्यद्वार पर पहुंचेगी। यहां से दिव्य होली प्रसाद को लेकर सुसज्जित वाहन में श्री कृष्ण जन्मभूमि के पूजाचार्य और जन्मस्थान से जुड़े भक्त काशी विश्वनाथ धाम जाएंगे।

Holashtak 2025 होलाष्टक फाल्गुन, हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना है

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फाल्गुन माह की शुरुआत हो चुकी है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होने के कारण अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। फाल्गुन, हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना है, जिसके बाद चैत्र माह आता है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। इस समय महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। होली से पहले आठ दिन की अवधि होती है, जिसे होलाष्टक कहा जाता है।

होलाष्टक के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य को करना अशुभ माना जाता है। हिंदू परंपराओं के अनुसार, इन आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती, जिससे जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं में विघ्न उत्पन्न हो सकता है। इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे शुभ कार्यों को स्थगित किया जाता है। हालांकि, इस अवधि का आध्यात्मिक महत्व भी है, और इसे शांति तथा सकारात्मकता बनाए रखने के लिए कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं इस समय क्या करें और क्या न करें।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 2025 में होलाष्टक 7 मार्च से शुरू होगा और 13 मार्च को होली से एक दिन पहले समाप्त होगा। यह अवधि होलिका दहन के साथ समाप्त होती है, जो नकारात्मकता के नाश और रंगों के उल्लास के त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है।

होलाष्टक के दौरान हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इन पवित्र श्लोकों का पाठ करने से घर में शांति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा, जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। वंचितों को भोजन, कपड़े और धन देना पुण्य कार्य है, जो समृद्धि और आशीर्वाद को आकर्षित करता है। होलाष्टक के दौरान पितृ तर्पण भी करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने से उनका आशीर्वाद और सकारात्मक कर्म प्राप्त होता है। ग्रह शांति पूजा भी करनी चाहिए। इन अनुष्ठानों के माध्यम से ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद मिलती है, जिससे जीवन में सद्भावना और सुख-शांति का वास होता है।

होलाष्टक के दौरान विवाह या किसी भी मांगलिक कार्य का आयोजन न करें। इस समय विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे समारोहों का आयोजन करना मना होता है। नई घर निर्माण की शुरुआत भी इस समय से बचना चाहिए। इसके अलावा, सोने, चांदी या वाहन की खरीदारी से भी बचें, क्योंकि इस समय कीमती धातुओं, संपत्ति या वाहनों की खरीद अशुभ मानी जाती है। किसी नए व्यवसाय या नौकरी की शुरुआत भी इस दौरान नहीं करनी चाहिए। होलाष्टक के बाद तक इंतजार करना उत्तम माना जाता है।

शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किये माँ गंगा दर्शन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में दर्शन के दौरान बहुत उत्साहित नजर आए। उनका हेलिकॉप्टर हर्षिल पहुंचा, जहां से वे सीधे मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां स्थित गंगा मंदिर में करीब 20 मिनट तक मां गंगा की विशेष पूजा अर्चना की।

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी की गई थीं और सभा में जाने के लिए सभी लोगों को पास जारी किए गए थे, ताकि कोई भी बिना अनुमति के सभा में न पहुंच सके। शीतकालीन यात्रा के इस शुभारंभ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुखबा में दर्शन करने के लिए बहुत उत्सुक दिखाई दिए। उन्होंने अपनी इस उत्सुकता को एक्स (Twitter) पर साझा किया।

उन्होंने लिखा, “मुखबा में पतित पावनी मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के दर्शन के लिए मैं बेहद उत्साहित हूं। यह पावन स्थल अपनी आध्यात्मिक महत्ता और अद्भुत सौंदर्य के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह विरासत और विकास के हमारे संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा, “मुझे खुशी है कि उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार ने इस वर्ष शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि होम स्टे सहित कई स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिल रहा है।”

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी की इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से मुखबा में हार्दिक स्वागत और अभिनंदन। आपकी प्रेरणा और मार्गदर्शन में देवभूमि के धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास हो रहा है। शीतकालीन यात्रा के माध्यम से हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त करने के लिए निरंतर काम कर रही है।”

हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने रोपवे स्वीकृति हेतु जताया डबल इंजन सरकार का आभार!

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हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने रोपवे स्वीकृति हेतु जताया डबल इंजन सरकार का आभार!

हम प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबी आधुनिक रोपवे के लिए 2730.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह रोपवे प्रति घंटे एक तरफ 1100 व्यक्तियों को ले जाने में सक्षम होगा।

हम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी को भी धन्यवाद देना चाहते हैं जिन्होंने इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उत्तराखंड राज्य भारत के सबसे सुंदर और पवित्र स्थलों में से एक है। चारधाम यात्रा जिसमें बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री शामिल हैं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हेमकुंट साहिब, जो सिख धर्म के लिए एक पवित्र स्थल है, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को और भी बढ़ाता है।

इस रोपवे के निर्माण से उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। हम फिर से प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहते हैं इस परियोजना को स्वीकृति देने के लिए।

नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा
चेयरमैन, हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट

स्पा सेन्टर और सुरा के शौकीनों के बाद हरिद्वार पुलिस की जद में आए फिटनेस जिम सेंटर

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हरिद्वार पुलिस हरी की नगरी में अपनी सक्रियता दिखा रही है। हरिद्वार, जिसे देवभूमि का प्रवेश द्वार माना जाता है, में जहां धर्म की प्रधानता है, वहीं यहां कुछ लोग गलत गतिविधियों में भी लिप्त पाए जाते हैं। हरिद्वार में शराब पर प्रतिबंध है, लेकिन फिर भी कुछ लोग कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए पुलिस ने हाल ही में कई जगहों पर अभियान चलाया है।

पहले स्पा सेंटरों और शराब के शौकीनों पर कार्रवाई करने के बाद अब हरिद्वार पुलिस की निगाहें फिटनेस जिम सेंटरों पर भी हैं। कप्तान के निर्देश पर पुलिस ने शिवालिक नगर में स्थित जिम सेंटरों का निरीक्षण किया। पुलिस ने जिम सेंटरों में स्थापित सीसीटीवी कैमरा, रजिस्टर एंट्री और साउंड सिस्टम की जांच की।

अगर किसी जिम सेंटर में कोई अनियमितता पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। इस निरीक्षण में 3 जिम संचालकों पर पुलिस एक्ट के तहत जुर्माना लगाया गया। जिन जिम सेंटरों का निरीक्षण किया गया, उनमें लाइफ लॉन्ग जिम, ऑक्सीजन फिटनेस हाउस, फिटनेस फैक्ट्री जिम, हेल्दी बिगिनिंग एरोबिक सेंटर और स्पार्टन जिम शामिल थे।

पुलिस ने जिम संचालकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग, महिलाओं के लिए महिला ट्रेनर की नियुक्ति और सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल फिटनेस जिम सेंटरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए थी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने के लिए थी कि यहां कानून और नियमों का पालन किया जा रहा है।