Saturday, March 7, 2026
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तीन साल के जश्न से निकलीं रोजगार की तीन गारंटी

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उपनल व संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनेगी

छात्रों-युवाओं पर फोकस, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण

दस करोड़ रूपये तक के सरकारी कार्य स्थानीय ठेकेदारों को ही

परेड ग्राउंड देहरादून में सेवा, सुशासन और विकास के तीन वर्ष पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित

तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर रविवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों-युवाओं, उपनल और संविदाकर्मियों के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और स्नातक डिग्री प्राप्त युवाओं को राज्य सरकार आर्थिक सहायता देगी। एक समर्पित मंच के माध्यम से उनके रोजगारपरक कौशल को विकसित करने लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए, सरकार एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी। उपनल एवं संविदाकर्मियों को नियमित नियुक्ति के लिए शीघ्र ही एक ठोस नीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा, दस करोड़ रूपये तक के सरकारी कार्य प्रदेश के स्थानीय ठेकेदारों को ही दिए जाएंगे।

सेवा, सुशासन और विकास के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की जोशपूर्ण उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में सबसे पहले उत्तराखण्ड के अमर बलिदानियों और सरदार भगत सिंह जी, राजगुरू जी और सुखदेव जी को शहीद दिवस पर भावांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड ने विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त की है। विभिन्न चुनौतियों के बावजूद इन तीन वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग जो बोलने में सावधानी नहीं रखते उनके कारण प्रदेश में कभी-कभी क्षेत्रवाद या जातिवाद की बातें सुनाई देती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का कोई भी व्यक्ति यदि संकीर्ण क्षेत्रवाद या जातिवाद की बात करता है तो वो न केवल उन आंदोलनकारी के साथ अन्याय करता है, जिन्होंने इस प्रदेश के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया बल्कि वो अपनी मातृ-भूमि के खिलाफ भी कार्य करता है।

तीन वर्ष की उपलब्धियों और प्रमुख निर्णयों को सिलसिलेवार सामने रखा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार की तीन वर्ष की उपलब्धियों को सिलसिलेवार सामने रखा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन वर्षों से जहां एक ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में कार्य किया है, वहीं प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित 30 से अधिक नई नीतियां बनाकर उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर कई नई योजनाएं लागू की हैं। इसका परिणाम है कि हर क्षेत्र में उत्तराखण्ड की प्रगति साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर प्रदान करना, प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों को दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण, वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा, सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को पुनः प्रारंभ करना, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना, 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधाओं का खास तौर पर जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को मिले पहले स्थान के साथ ही
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी का जिक्र करते हुए बेरोजगारी दर में रिकार्ड कमी की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखण्ड ने राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे सतत आर्थिक सुधारों का ही ये परिणाम है कि 2023-24 की तुलना में इस वर्ष राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इतना ही नहीं प्रति व्यक्ति आय में हमने 11.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने जी-20 बैठकों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि देवभूमि से समान नागरिक संहिता की पवित्र गंगा प्रवाहित होने से पूरे देश में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने अपने संबोधन में नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। दंगा और धर्मांतरण विरोधी कानूनों की भी चर्चा की। भू-कानून के संबंध में उन्होंने कहा कि इससे देवभूमि की इस पुण्य धरा को भू-माफियाओं से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हमने जनता से जो वायदे किए, उन्हें पूरा किया। अब तक हम 2022 में जारी अपने दृष्टि पत्र के करीब 70 प्रतिशत से अधिक वादों को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। अन्य वादे भी जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।

‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ पुस्तिका का विमोचन
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की विकास पुस्तिका ‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ का विमोचन किया। इसमें सरकार द्वारा 03 साल में जनहित में लिये गये फैसले, योजनाएं और उपलब्धियां शामिल की गई हैं। ‘देवभूमि रजत उत्सव- संकल्प से सिद्धि’ कलेण्डर का डिजिटल विमोचन और कंटेंट क्रिएटर कंपटीशन का डिजिटल शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

बाल भिक्षावृत्ति निवारण: शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने वाले 13 बच्चों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान बाल भिक्षावृति निवारण प्रयास के अन्तर्गत इंटेन्सिव केयर सेंटर साधूराम इण्टर कॉलेज देहरादून में प्रवेशरत शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े 13 बच्चों को सम्मानित किया गया। लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई भूमि के भू स्वामियों को अनुग्रह अनुदान के रूप में कुल 10 करोड़ की धनराशि वितरित की गई। अटल आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने चेक और चाबी सौंपी। राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया और सराहनीय कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये।

कार्यक्रम के दौरान सरकार के 03 वर्ष पूरे होने पर कलाकारों द्वारा राज्य की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सरकार के 03 वर्ष पूरे होने पर कनक चौक से परेड ग्राउंड तक रोड शो में प्रतिभाग किया और विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया।

सभी जिलों में हुए कार्यक्रम
सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सभी जनपदों में सजीव प्रसारण किया गया। जनपदों और ब्लॉक स्तर तक अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविरों और शिविरों के माध्यम से सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से लोगों का लाभान्वित किया गया। प्रभारी मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बतौर मुख्य अतिथि जनपद स्तरीय कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया ।

इस अवसर पर देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, भाजपा के महानगर देहरादून अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी दीपम सेठ, जनप्रतिनिधिगण, शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून अजय सिंह एवं बड़ी संख्या में जनता उपस्थित थी।

राज्य सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ाया आगे

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युवाओं के बीच पहुंच मुख्यमंत्री ने लगाए पुश-अप्स।

मुख्यमंत्री का राज्यवासियों से आवाहन : रोजाना आधा घंटा करें व्यायाम, खाएं पौष्टिक आहार और नशे से रहें दूर।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को एथलैक्टिस ग्राउण्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में राज्य सरकार ( सेवा, सुशासन और विकास ) के 03 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर फिट इण्डिया रन का फ्लैग ऑफ किया।

खिलाड़ियों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने पुश-अप्स लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया एवं उन्हें फिट रहने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर, उन्हें फिट इंडिया की शपथ भी दिलवाई। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे ड्रोन कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले युवाओं को ड्रोन भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य सरकार के 3 वर्ष पूरे हुए हैं। यह 3 वर्ष सेवा, सुशासन, विकास और जनहित को समर्पित रहे। उन्होंने युवाओं को देखकर अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वो भी बचपन में अधिकांश समय शारीरिक, खेल गतिविधियां में बीतते थे। उन्होंने कहा आज जिन भी खिलाड़ियों ने देश का नाम बढ़ाया है, उनकी यात्रा असाधारण परिस्थितियों में शुरू हुई। उन्होंने युवाओं से जीवन में अपने सपनों के प्रति पक्की इच्छाशक्ति और विकल्प रहित संकल्प रखने का आवाहन किया।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों खासकर युवाओं से रोजाना आधा घंटा व्यायाम करने, पौष्टिक आहार ग्रहण करने एवं नशे से दूर रहने का आवाहन किया है। उन्होंने कहा सभी युवाओं ने मिलकर उत्तराखंड का अभिमान बढ़ाना है। आम नागरिक की फिटनेस ही उत्तराखंड राज्य की ताकत है। उन्होंने कहा हम सबने मिलकर फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। उन्होंने सभी से स्वयं को फीट रखने एवं अपने आसपास के लोगों को भी स्वस्थ रहने के लिये प्रेरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट, स्वस्थ्य और मजबूत भारत के सपने को साकार करने का रास्ता है। फिट इंडिया, स्वस्थ मन और जीवंत आत्मा का भी आधार है। फिट उत्तराखंड से ही समृद्ध उत्तराखंड बनेगा। जहां हर व्यक्ति उन्नति कर राज्य की प्रगति में योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए फिट इंडिया मूवमेंट शुरू किया। यह फिट इंडिया मूवमेंट अब जन आंदोलन बना गया है जो हर घर, गांव और शहर तक पहुंचा है। राज्य सरकार भी इस मिशन में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा सरकार, राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से ही पूरे देशवासियों को मोटापे, ओबेसिटी, एवं सही खाना पान को लेकर जागरूक किया था। उन्होंने कहा राज्य द्वारा 38 वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की गई। जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में भी की थी। 38 वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 103 पदक प्राप्त कर पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल किया। राज्य सरकार द्वारा राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दुगना एवं राज्य के सभी पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के अंतर्गत विभिन्न विभागों में सेवायोजित किए जाने का भी निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित एवं खेल उपकरण भी क्रय किए जा रहे हैं। जो राज्य के खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे। उत्तराखंड राज्य के बालक-बालिकाओं को फिट रखने एवं खेलों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना जैसी अनेकों योजनाओं शुरू की गई रहैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल किट देने, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रदेशीय टीमों के खिलाड़ियों को रेल/बस किराया दिये जाने, खिलाड़ियों को खेल में चोटिल/दुर्घटना हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की सुविधा भी दी जा रही है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल प्रशांत आर्य, संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल, जिला अधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह, राजेश ममगाई एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

तीन साल में 285 करोड़ की धनराशि से विद्यालयों में जुटाई बुनियादी सुविधाएं

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भौतिक संसाधनों से सम्पन्न होंगे सूबे के माध्यमिक विद्यालयः डॉ. धन सिंह रावत

कहा, छात्रों की दी नये भवन, प्रयोगशाला, कम्प्यूटर और फर्नीचर की सौगात

नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से भौतिक संसाधनों से युक्त किया जा रहा है। विगत तीन वर्षों में विभाग ने 285 करोड़ की धनराशि से विभिन्न राजकीय विद्यालयों में भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराई है। जिसमें जर्जर हो चुके विद्यालयों में नये भवन, शौचालय व प्रयोगशालाओं का निर्माण किया गया, साथ ही छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिये कम्प्युटर व फर्नीचर भी उपलब्ध कराये गये।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा के बुनियादी ढ़ांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने विगत तीन वर्षों में विभिन्न राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को भौतिक संसाधन उपलब्ध करा कर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार विद्यालयों की आवश्यकता के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से भौतिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है ताकि राज्य में शिक्षा का स्तर और बेहतर हो सके। उन्होंने बताया कि विगत तीन वर्षों में विभाग ने 25343 लाख की धनराशि से 459 माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न निर्माण कार्य करवाये, जिसमें नये विद्यालय भवन, कक्षा-कक्ष और प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इसी अवधि में 212 विद्यालयों में पृथक से शौचालयों का भी निर्माण किया गया जिस पर 843 लाख का बजट खर्च किया गया। इसी प्रकार 1445 लाख की धनराशि से 2297 माध्यमिक विद्यालयों में 72245 फर्नीचर सेट उपलब्ध कराये गये।

विभागीय मंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य शत-प्रतिशत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में फर्नीचर सेट उपलब्ध कराना है ताकि किसी भी छात्र को जमीन पर बैठकर पढ़ना न पड़े। उन्होंने कहा कि छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिये प्रत्येक विद्यालय को कम्प्यूटर उपलब्ध कराये गये हैं। विगत तीन वित्तीय वर्षों में सरकार ने 1562 माध्यमिक विद्यालयों में 2057 कम्प्यूटर सेट उपलब्ध कराये, जिस पर 924 लाख की धनराशि व्यय की गई। डॉ. रावत ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। फर्नीचर और कम्प्यूटर की उपलब्धता से विद्यालयों में सुविधाजनक वातावरण तैयार होगा, जिसका लाभ वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राएं आसानी से उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से भौतिक संसाधन जुटाये जायेंगे।

पिछले तीन वर्षों में उत्तराखण्ड में सेवा, सुशासन और विकास के स्थापित हुए हैं नये आयाम -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को वर्तमान सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम अल्मोड़ा में आयोजित चिकित्सा एवं बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग किया। सेवा सुशासन और विकास की थीम पर आधारित इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों एवं आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि बीते तीन सालों में हमने राज्य को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत अल्मोड़ा की इस पुण्य धरा में आयोजित यह कार्यक्रम जन उपयोगी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में शपथ लेते ही उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक हम राज्य को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित और आत्मनिर्भर नहीं बना देते है तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। हमने अब तक विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य करने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य हित से जुड़े निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेेगी इसी का प्रमाण है कि हमने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करके देश में नया कीर्तिमान बनाया है। राज्य में सशक्त भू कानून लाकर उत्तराखंड को संरक्षित करने का काम किया है। पिछले तीन वर्षों में उत्तराखण्ड में सेवा, सुशासन और विकास के नये आयाम स्थापित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई कनेक्टविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों को इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का काम मजबूती के साथ किया है। पिछले तीन वर्षों में सरकार द्वारा औद्यौगिक नीति, स्टार्टअप नीति सहित ऐसी 30 नितियां बनाकर राज्य में निवेश को आकर्षित करने का कार्य किया है। जहां हम एक ओर राज्य की मुख्य समस्या पलायन से निपटने की दिशा में भी लगातार प्रयास कर रहे हैं वहीं रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में लगे विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह स्टाल मात्र औपचारिकता न रहे बल्कि इनके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के करबला में स्वामी विवेकानंद द्वार का भी किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के करबला में पहुंचकर राम कृष्ण मिशन द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद द्वार का भी लोकार्पण किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए उनके आदर्शों के अनुरूप कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी हमारे ही नहीं बल्कि विश्व के आदर्श हैं। हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

गौ सेवा कर जिला बछिया योजना का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर पशुपालन विभाग द्वारा प्रारंभ की गई जिला बछिया योजना का भी शुभारंभ कर गौमाता की पूजा की तथा गुड एवं चारा खिलाकर गौ सेवा एवं संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस योजना की जानकारी दी तथा कहा कि इस योजना के तहत किसानों को ऐसी गाय दी जाएंगी जो यहां की भौगौलिक एवं वातावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को एक मजबूत एवं सशक्त राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल को बेमिसाल बताया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की संकल्पना को दोहराया।

स्टालों के माध्यम से लोगों ने उठाया लाभ

इस कार्यक्रम में 50 विभागीय स्टाल लगाए गए थे। इन स्टालों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में राज्य में नवनिर्मित लागू कानून समान नागरिक संहिता के स्टाल के माध्यम से लोगों के विवाह पंजीकरण जैसे अनेक कार्य किए गए। चिकित्सा विभाग के स्टालों के माध्यम से लोगों की निशुल्क जांचें की गई तथा दवाएं दी गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग उपकरण वितरित किए गए।

इस दौरान विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, रानीखेत प्रमोद नैनवाल, अल्मोड़ा मनोज तिवारी, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी सीएस मर्ताेलिया, अपर पुलिस अधीक्षक हरवंश सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी,पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा आम जनमानस उपस्थित रहे।

सामाजिक समरसता, आर्थिक विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक रहे तीन साल

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धामी सरकार ने तीन साल में गढ़ी “विकसित उत्तराखंड” की नींव

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। ये तीन साल केवल राजनीतिक स्थिरता के नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आर्थिक मजबूती और विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हुए हैं। इन तीन वर्षों में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि से उन निर्णयों को अमलीजामा पहनाया, जिनका उत्तराखंड के लोगों ने दशकों तक स्वप्न देखा था।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, मूल भावनाओं और जनसरोकारों को सर्वोपरि रखते हुए निर्णायक फैसले लिए हैं। वर्षों से प्रतीक्षित समान नागरिक संहिता और सख्त भू-कानून को लागू कर उन्होंने प्रदेश की आकांक्षाओं को नई उड़ान दी है। दंगारोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और लैंड जिहाद पर सख्त कार्रवाई कर उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड में सामाजिक समरसता और आस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह केवल कानूनी फैसले नहीं, बल्कि एक नई नीति दृष्टि का संकेत हैं, जो उत्तराखंड को देशभर में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

राज्य की प्रगति के प्रमाण आंकड़ों में भी झलकते हैं। सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक में उत्तराखंड ने अपनी स्थिति को और मजबूत किया है, जो यह दर्शाता है कि यह प्रदेश आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम हुआ है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का राजकोषीय घाटा तेजी से कम हुआ है और अब वह जितना ऋण ले रहा है, उससे अधिक चुकाने की स्थिति में है। इससे वित्तीय अनुशासन और सरकार की आर्थिक प्रबंधन क्षमता का स्पष्ट संकेत मिलता है।

चारधाम यात्रा ने बीते तीन वर्षों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हर वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को न केवल संजीवनी मिली है, बल्कि पर्यटन आधारित आजीविका भी पुष्ट हुई है। मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटन को और अधिक समावेशी बनाने के लिए शीतकालीन यात्रा की पहल की, जिससे प्रदेश की आर्थिकी को नया आधार मिलेगा। उत्तराखंड अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सतत पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का आदर्श उदाहरण भी बन रहा है।

आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर भी सरकार की तत्परता और प्रभावी निर्णय क्षमता देखने को मिली। सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन, केदारघाटी में आई आपदा या चमोली में हुए हिमस्खलन के दौरान सरकार ने जिस कुशलता से राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया, उसने यह साबित किया कि उत्तराखंड अब केवल आपदाओं से जूझने वाला राज्य नहीं, बल्कि उनका पूर्वानुमान और प्रबंधन करने वाला राज्य बन चुका है।

रोजगार के क्षेत्र में उत्तराखंड ने ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। सरकारी भर्तियों के माध्यम से 20,000 से अधिक पद भरे गए और बेरोजगारी दर में 4.4% की कमी दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। ‘होम स्टे’ योजना के माध्यम से हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है, जिससे पलायन की समस्या पर प्रभावी रोक लगी है। अब उत्तराखंड के गांव फिर से आबाद हो रहे हैं, और लोग अपने ही प्रदेश में आर्थिक अवसर तलाश रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और उद्यमशीलता के मोर्चे पर भी सरकार ने ठोस पहल की है। जी-20 की तीन सफल बैठकों का आयोजन, 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी, अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों ने यह साबित कर दिया है कि उत्तराखंड अपनी वैश्विक पहचान को नए सिरे से गढ़ने में सफल हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तक, सभी ने धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना की है। यह इंगित करता है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय परिदृश्य में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रयास किए हैं। स्थानीय त्योहारों और मेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यटन को नई दिशा मिली है, बल्कि पारंपरिक लोक कलाओं और हस्तशिल्प को भी वैश्विक पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने खुद को एक स्थिर, सशक्त और समावेशी राज्य के रूप में स्थापित किया है। उनकी नीतिगत पारदर्शिता, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और दूरदर्शी दृष्टि ने प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उत्तराखंड अब केवल ‘देवभूमि’ नहीं, बल्कि ‘विकसित उत्तराखंड’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। यह तीन साल केवल उपलब्धियों के नहीं रहे, बल्कि भविष्य के प्रति एक नए विश्वास का संचार करने वाले भी रहे हैं। आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विकास और सशक्तिकरण के नए प्रतिमान स्थापित करेगा, यह विश्वास अब और भी दृढ़ हो चुका है।

सीएम के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने शुरू की बुनियादी शिक्षा को डिजिटल बनाने की नवीन अभिनव पहल

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अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी प्रेक्टिकली सीखेंगे, विज्ञान अंग्रेजी व तकनीकि शिक्षा

इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन से ऑनलाइन पढ़ाए और सिखाए जाएंगे कठिन विषय।

जिला प्रशासन, आईआईटी मद्रास संचालित ट्रस्ट के साथ साइन किया एमओयू।

प्रथम चरण में 01 अप्रैल से 20 स्कूलों में शुरू होगी ऑनलाइन टीचिंग।

डीएम ने स्कूलों को उपलब्ध कराए ऑनलाइन टीचिंग हेतु जरूरी उपकरण।

30 मई तक सभी स्कूलों में होगा, एलईडी स्क्रीन, इन्टरनेट वाई-फाई

आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के उपयोग से देहरादून जिले में बेसिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को जिला प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए शनिवार को जिला प्रशासन ने आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, ओपन मेंटर ट्रस्ट और तारा जोशी फाउंडेशन के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया। इसके तहत कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को स्कूल में गठित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को बेसिक स्कूलों में ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन हेतु जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विद्यालयों में टीवी दे दिए गए है, उन सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से नेटवर्क की सुविधा दी जाए। ऐसे विद्यालय जहां पर ऑनलाइन पढ़ाई के लिए टीवी, इंटरनेट और अन्य उपकरणों की जरूरत है, प्रोजेक्ट उत्कर्ष में इसका प्रस्ताव उपलब्ध करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए पर्याप्त धनराशि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर होने के साथ बच्चों को इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन से कठिन विषयों को सीखने समझने में सरलता होगी। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत संचालित शैक्षणिक कार्याे की नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

ओपन मंेंटर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी पी0 नागराजन और विद्या शक्ति के ग्लोवल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा तारा जोशी फाउंडेशन के साथ मिलकर स्थानीय हिन्दी भाषा में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को गणित, साइंस और अंग्रेजी विषय इंटरैक्टिव सिमुलेशन (वर्चुअल लैब) और गेमीफिकेशन (खेल-खेल में) के माध्यम से सरल तरीके से पढ़ाए और सिखाए जाएंगे। कहा कि बच्चे जो विजुअल देखते है, तो उसको सिमुलेशन के माध्यम से आसानी से समझ सकते है। ऑनलाइन लाइव कक्षाओं में टू-वे कम्यूनिकेशन की सुविधा है, जिससे बच्चे अपने शंकाओं का समाधान मौके पर कर सकेंगे। प्रत्येक सप्ताह के अंत में बहुविकल्पी प्रश्नों पर आधारित टेस्ट भी लिया जाएगा। इससे बच्चों की प्रोग्रेस को एनालिसिस किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन को लेकर बेसिक शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, ओपन मंेंटर ट्रस्ट के नागराजन पी0, विद्या शक्ति के ग्लोबल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम, तारा जोशी फाउंडेशन से किरन जोशी आदि मौजूद थे।

डी आई टी विश्वविद्यालय में एच आर कॉन्क्लेव आयोजित, एआई के युग में नियुक्ति के नए युग को समझना विषय पर चर्चा

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डी आई टी विश्वविद्यालय में आज एक दिवसीय एच आर कॉन्क्लेव विश्वविद्यालय के करियर डेवलपमेंट सेल की ओर से आयोजन किया गया जिसमें “भावी नेतृत्व के कौशल को उजागर करना” विषय पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सचिव स्किल डेवलपमेंट एंड एंप्लॉयमेंट डिपार्मेंट श्री सी रविशंकर मौजूद रहे। इस मौके पर अन्य महानुभावों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान 80 के करीब कंपनियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सभी मौजूद अतिथियों ने दी प्रज्वलित कर की । कार्यक्रम की शुरुआत डी आई टी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ जी रघुरामा ने अपने स्वागत भाषण के साथ की जिसमें उन्होंने जोर दिया कि मानव संसाधन (एचआर) हर कंपनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षा अनुसंधान, नवाचार और सैद्धांतिक ज्ञान में योगदान देती है, जबकि उद्योग वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। आगे रहने और भविष्य की चुनौतियों के लिए चुस्त और अच्छी तरह से तैयार कार्यबल सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डीआईटी विश्वविद्यालय और आईएमएस यूनिसन ने एनएचआरडी के सहयोग से इस मानव संसाधन सम्मेलन का आयोजन किया।

डीआईटी एक बहु-विषयक विश्वविद्यालय है, जिसमें इंजीनियरिंग, कंप्यूटिंग, फार्मेसी, वास्तुकला और प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता है।
आईएमएस यूनिसन आतिथ्य प्रबंधन, कानून, जनसंचार और अन्य विषयों में विशेषज्ञता रखता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सी रविशंकर ने अपने वक्तव्य में कहां कि यह भाषण भविष्य के नेतृत्व को सही कौशल के साथ तैयार करने के महत्व पर जोर देता है, खासकर तेजी से तकनीकी परिवर्तन के युग में। वक्ता, सी. रविशंकर ने कई प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला जिनमें भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की अनिश्चितता मुख्य रहा। उन्होंने कहा कि भविष्य अप्रत्याशित है, और आज प्रासंगिक कौशल सेट अप्रचलित हो सकते हैं।

क्षाविदों, उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच निरंतर सहयोग भविष्य की जरूरतों की पहचान करने और उन्हें अपनाने के लिए महत्वपूर्ण है। इसी के साथ उन्होंने भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश विषय पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत में 2047 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है।

हालांकि, कार्यबल को कौशल प्रदान करने में विफल रहने से अवसर छूट सकते हैं, जैसा कि उन देशों में देखा गया है जहां कामकाजी आबादी बूढ़ी हो रही है। सी रविशंकर ने रोजगार में प्रौद्योगिकी की भूमिका विषय पर बात करते हुए कहां की एआई और स्वचालन कई नौकरी भूमिकाओं की जगह ले लेंगे, लेकिन सहानुभूति, अखंडता और नैतिकता जैसे मूल मानवीय मूल्य अपूरणीय बने रहेंगे।

शिक्षा को तकनीकी कौशल के साथ-साथ इन मानवीय पहलुओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने डी आई टी विश्वविद्यालय एवं आईएमएस द्वारा आयोजित इस एच आर कॉन्क्लेव की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बहुत खुशी है इस बात की कि वे इस कार्यक्रम का हिस्सा है और उनको बहुत गर्व महसूस हो रहा है यह बोलते हुए कि यह उत्तराखंड का पहला ऐसा कार्यक्रम है जहां पर इस तरह के विषयों पर चर्चा की जा रही है इसके लिए डी आई टी विश्वविद्यालय एवं आईएमएस बधाई के पात्र हैं।

कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि डॉ. टीवी राव अध्यक्ष टीवीआरएलएस, पूर्व प्रोफेसर आईआईएम अहमदाबाद फाउंडर प्रेसिडेंट ऑफ़ नेशनल एचआरडी नेटवर्क ने मूर्त बनाम अमूर्त संपत्ति विषय पर चर्चा की उन्होंने कहा कि 2025 तक, कॉर्पोरेट बाजार मूल्य का 90% अमूर्त संपत्ति होगी। अमूर्त (ब्रांडिंग, प्रतिष्ठा) पर अत्यधिक जोर मूर्त विकास (कौशल, बुनियादी ढांचे) द्वारा समर्थित होना चाहिए।
उदाहरण: भारतीय आईटी दिग्गजों ने अमूर्त संपत्तियों को मूर्त में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया है। उन्होंने बताया कि एचआर सभी के लिए है।
एचआर एक विभाग से सभी व्यवसायों के लिए एक रणनीतिक कार्य में विकसित हुआ है।

मानव संसाधन ( एच आर) को केवल संख्याओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए – लोगों में अनंत क्षमताएँ हैं।
एचआर का महत्व अक्सर करियर में बाद में महसूस किया जाता है; इस पर शिक्षा के शुरुआती दौर में जोर दिया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान एनएचआरडीएन के नेशनल प्रेसिडेंट प्रेम सिंह सहित एनएचआरडीएन उत्तराखंड चैप्टर के अध्यक्ष मिस्टर अल्ताफ हुसैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस मौके पर वीभिन्न विषयों पर पैनल डिस्कशन का आयोजन भी किया गया जिनमें “पीढ़ीगत आकांक्षाओं को जोड़ना, सामूहिक भविष्य के लिए कार्यस्थल की गतिशीलता को समझना” और “एआई के युग में नियुक्ति के नए युग को समझना” विषय मुख्य रहे जिन पर चर्चा की गई

कार्यक्रम का समापन वाइस चांसलर आईएमएस यूनिवर्सिटी डॉ अनिल सुब्बाराव पायला ने सभी सम्मानित अतिथियों को मोमेंटो प्रदान कर एवं धन्यवाद भाषण सहित किया।

कार्यक्रम के कन्वीनर एवं प्लेसमेंट सेल DIT यूनिवर्सिटी प्रवीण सेमवाल एवं को कन्वीनर डॉक्टर प्रियंका चोपड़ा का विशेष सहयोग रहा।

भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर जारी रहेगा प्रहार, महत्वपूर्ण मुद्दों को हमने कभी ठंडे बस्ते में नहीं डालाः मुख्यमंत्री

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तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने साझा कीं प्राथमिकताएं

यूसीसी, भू-कानून, दंगा रोधी, नकल विरोधी कानून आदि पर चर्चा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर सरकार का प्रहार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान अनेक चुनौतियों सामने आईं, लेकिन उनका जनता के बीच खडे़ होकर सामना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी केे कथन के अनुसार ही उत्तराखण्ड प्रगति कर रहा है। निश्चित तौर पर यह दशक उत्तराखण्ड का होगा।

तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शनिवार कोे सीएम आवास स्थित मुुख्य सेवक सदन में पत्रकारोें से बातचीत की। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया और भविष्य के लिए अपनी प्राथमिकताओं को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि भाजपा की सरकार वापसी नहीं कर पाएगी। क्योंकि इस तरह की परिपाटी नहीं रही है। मगर जनता ने भाजपा को आशीर्वाद देकर फिर से राज सौंप दिया। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष में सरकार के सामने कई तरह की चुनौतियां आईं, लेकिन सरकार ने धरातल पर जाकर उसका सामना किया। रैणी, सिलक्यारा, केदार घाटी से लेकर हालिया माणा की आपदा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संकट के समय पीछे रहकर काम नहीं किया जाता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 में जिस विकसित भारत का संकल्प लिया है, उसमेें अपनी भूमिका निभाने के लिए उत्तराखण्ड पूरी सार्मथ्य से काम कर रहा है। उन्होंने कनेक्टिविटी के विस्तार की बात करते हुए कई उदाहरण दिए और कहा कि उत्तराखण्ड अपनी क्षमताओं का आंकलन करते हुए इसी अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में अवैध निर्माण, कब्जों, अतिक्रमण केे खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। भ्रष्टाचार पर और सख्त प्रहार किए जाएंगेे।

यूसीसी, भू-कानून, नकल विरोेधी जैसे कानूनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महत्वपूर्ण मसलों को ठंडे बस्ते में डालने में यकीन नहीं करती। इसलिए प्रमुख मुद्दों पर फैसले किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण समेत लखपति दीदी जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन से मातृ शक्ति के कल्याण के लिए ठोस कदम आगे बढ़ाए गए हैं। आंदोलनकारियों के लिए दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रवासी उत्तराखण्डियों के सम्मेलन केे माध्यम सेे प्रवासियों को राज्य के साथ जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में राज्य का पूरे देश में 13 वां स्थान पर आना सुखद संकेत है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हो या जी-20 बैठकों का आयोजन उत्तराखण्ड को इन आयोजनों से दूरगामी लाभ मिला है। सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में देश में पहला स्थान महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा है। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष मेें राज्य का सालाना बजट एक लाख करोड़ को पार कर जाना बताता है कि चुनौतियों के बावजूद हम सही राह पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में कुंभ और इसके बाद नंदा राजजात का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार इसके लिए तैयारी कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से जुड़ी सफलता की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा समेेत राज्य के कई स्थानों पर पहुंचकर पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान किया।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, महंत दिलीप रावत, राजकुमार पोरी और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड की पुण्य भूमि प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से भरपूर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट मैरियट रिजॉर्ट शुभांरभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मेरियट समूह को नए रिजॉर्ट के शुभारंभ अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की पुण्य भूमि प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से भरपूर है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क पूरे विश्व के वन्यजीव और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक यहां आकर राज्य की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं। इस नए रिसॉर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन संभावनाओं को नया आयाम मिलेगा और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने नई पर्यटन नीति के अंतर्गत निवेशकों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है। आज कई बड़े होटल समूह और रिसॉर्ट उत्तराखंड में निवेश कर रहे हैं। तीर्थाटन और पर्यटन हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। जिससे प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और व्यवसाय के अवसर प्राप्त होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। केदारखंड की भांति मानसखंड कॉरिडोर योजना के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। राज्य में इस वर्ष से शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ की गई है। जिसको प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर्षिल- मुखबा के दौरे पर आए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार, राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को बढ़ावा दे रही है। राज्य में फिल्म शूटिंग को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम प्रारंभ किया गया है।उत्तराखंड देश-विदेश के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। रामनगर, मसूरी और नैनीताल के साथ ही औली, चौकोरी, मुन्स्यारी जैसे पर्यटक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र में स्थान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

इस दौरान रामनगर में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, मेयर दीपक बाली, विनय जिंदल जी, रेखा जिंदल जी, विकास जिंदल जी, अरूण कुमार, बांके गोयनका एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाए- मुख्यमंत्री

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राज्य के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाए।

सरकारी प्रक्रियाओं में सरलीकरण और डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

कर चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए।

राज्य स्थापना से अब ट्रेड टैक्स/वैट/जीएसटी कलक्शन में 48 गुना से अधिक की हुई वृद्धि।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाए। इस दीर्घकालिक योजना में आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 10 सालों की राज्य के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाए। राज्य की आर्थिकी से जुड़े पर्यटन, तीर्थाटन, ऊर्जा,कनेक्टिविटी, उद्योग, कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, समाजिक कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। राज्य में 2047 तक की वित्तीय स्थिति के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बजट प्रबंधन के लिए नीति निर्माण में डेटा एनालिटिक्स और रिसर्च का उपयोग किया जाए। योजना बनाने में विशेषज्ञों और आम जन के सुझाव भी लिये जाएं। सरकारी प्रक्रियाओं में सरलीकरण के साथ डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में राजस्व प्राप्ति के लिए कर राजस्व, गैर कर राजस्व, औद्योगिक निवेश, डिजिटल कर संग्रह और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय बजट 2024-25 में लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। जबकि राजस्व व्यय 90.50 प्रतिशत हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कलक्शन बढ़ाने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं। कर चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए। छापामारी की कार्रवाई निरंतर की जाए। एआई और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर अधिक ध्यान दिया जाए। जीएसटी फाइल करने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्थापना के बाद से ट्रेड टैक्स/वैट/जीएसटी कलक्शन में 48 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। कलक्शन 233 करोड़ से बढ़कर 11289 करोड़ हुआ है। राज्य के कर स्रोतों में जीएसटी और वैट की भागीदारी 62 प्रतिशत, एक्साइज की 19 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट की 05 प्रतिशत, स्टैंप की 08 प्रतिशत और खनन की 05 प्रतिशत भागीदारी है। राज्य में आईटीसी फ्रॉड के 848 मामलों और 165 फेक फर्मों को चिन्हित किया गया है। राज्य में फेक जीएसटी रजिस्ट्रेशन को चिन्हित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 51 जीएसटी रजिस्ट्रेशन गैर मौजूद पाये जाने पर उनका पंजीकरण निरस्त किया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल, उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी एवं जीएसटी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।