Sunday, March 8, 2026
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देहरादून में कल से आयोजित चिंतन शिविर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर होगा राष्ट्रीय संवाद

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सम्मेलन की अध्यक्षता माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री , भारत सरकार डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय,भारत सरकार 7-8 अप्रैल, 2025 को देहरादून, उत्तराखंड में चिंतन शिविर 2025 का आयोजन कर रहा है। इस दो-दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन में सामाजिक न्याय और कल्याणकारी पहलों का संपूर्ण मूल्यांकन करने के लिए देश भर के विशेषज्ञ और हितधारक इकट्ठा होंगे।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कन्‍वर्जेंस को बढ़ावा देना, केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय में सुधार लाना और जमीनी स्तर पर सरकारी सेवाओं का प्रभावी और समावेशी वितरण सुनिश्चित करना है।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे। इसके अलावा, इस आयोजन में माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, रामदास आठवले और माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, बी एल वर्मा भी उपस्थित रहेंगे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, पुष्कर सिंह धामी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा,इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के 21 मंत्रियों के भाग लेने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, राज्य समाज कल्याण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विकास एवं वित्त निगमों के प्रमुख भाग लेंगे। चिंतन शिविर 2025 का उद्देश्य सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण की बाधाओं को दूर करके न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के मंत्रालय के मिशन को आगे बढ़ाना है। इस विचार-विमर्श में लाभवंचित समूहों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने, कौशल निर्माण को बढ़ावा देने और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने की कार्यनीतियों पर बल दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, सफाई कर्मचारियों और बेघर या भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों जैसे समुदायों की गरिमा, पुनर्वास और समावेश सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

चिंतन शिविर में विचार विमर्श के दौरान मंत्रालय के विजन और मिशन पर भी चर्चा की जाएगी, जो मानव सम्मान, अधिकार-आधारित समर्थन और समान अवसर पर केंद्रित है। इस चर्चा में राज्य-स्तरीय नवाचारों, समुदाय-आधारित सफल मॉडलों और प्रभावशाली नीति कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य सहयोग को सुदृढ करने के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी।

प्रमुख विकास और वित्त निगमों द्वारा की जाने वाली प्रस्तुतियां ऐतिहासिक रूप से वंचित समूहों के बीच वित्तीय समावेशन और उद्यमशीलता को दर्शाएंगी। इस विचार-विमर्श में सामाजिक लेखापरीक्षा और डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक भागीदारी के लिए तंत्र को भी शामिल किया जाएगा।

इस सम्मेलन का समापन राज्य और संघ राज्य क्षेत्रों के मंत्रियों के विचारों के साथ होगा, जिसमें एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया जाएगा, जहां प्रत्येक व्यक्ति को – चाहे उसकी जाति, आयु, लिंग या क्षमता कुछ भी हो – आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

विपक्षी विधायकों के पसदीदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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विपक्षी विधायकों के पसदीदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

विपक्षी विधायकों के पसदीदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने काम की बदौलत सबके पसदीदा नेता बनकर उभर रहे है सही फैसले जनता से लेकर विपक्ष के नेताओं को भी धामी अच्छे लग रहे है विपक्ष के द्वाराहाट कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट के सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नारे से कांग्रेस में खलबली मच गई है

सोशल मीडिया पर द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट के एक वीडियो वायरल होने पर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने प्रतिक्रिया दी है। दसौनी ने कहा की मुख्यमंत्री सिर्फ बीजेपी के नहीं समस्त प्रदेशवासियों के होते हैं, ऐसे में विधायक मदन बिष्ट की विधानसभा में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगा हुआ था और वहां से निर्वाचित विधायक होने के नाते मदन बिष्ट को प्रोटोकॉल के तहत उस कार्यक्रम में उपस्थित होना था।

गरिमा ने कहा कि वैसे भी हमारी संस्कृति “अतिथि देवो भव “की है, वैचारिक मतभेद अपनी जगह पर हैं पर जब मुख्यमंत्री मदन बिष्ट की विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे तो स्थानीय विधायक और मेजबान होने के नाते यह मदन बिष्ट का कर्तव्य बनता था कि वह प्रदेश के मुखिया के सत्कार और स्वागत में कोई कमी ना रखें। दसौनी ने जानकारी देते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक मदन बिष्ट ने प्रदेश के मुखिया से अपने क्षेत्र में एक स्पेशियलिटी अस्पताल स्वीकृत करने का निवेदन किया उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि द्वाराहाट के लोगों को दुख बीमारी में या तो अल्मोड़ा या हल्द्वानी या फिर देहरादून ले जाना पड़ता है ऐसे में एक अच्छा अस्पताल यदि उनकी खुद की विधानसभा में खुल जाएगा तो वह स्वयं अपने क्षेत्र की जनता के साथ धन्यवाद और आभार स्वरूप मुख्यमंत्री धामी का जयकारा लगाएंगे। गरिमा ने कहा कि मदन बिष्ट की इसी बात को सोशल मीडिया पर तोड़ मरोड़ कर चलाया जा रहा है।

गरिमा ने कहा की मदन बिष्ट कांग्रेस के नेता होने के साथ-साथ द्वाराहाट विधानसभा के निर्वाचित विधायक हैं और द्वाराहाट की सम्मानित जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी, जवाबदेही और प्रतिबद्धता सर्वोपरि है। ऐसे में प्रदेश का हर विधायक चाहता है कि उसके क्षेत्र में सर्वाधिक विकास और जनहित के कार्य हों,इसी कड़ी में मदन बिष्ट की भी प्रदेश के मुखिया से यही अपेक्षा है। गरिमा ने यह भी कहा की उत्तराखंड कांग्रेस को गर्व है की मदन बिष्ट एक जनप्रतिनिधि के तौर पर खरे उतरे हैं और उन्होंने अपने वैचारिक मतभेद को क्षेत्रीय जनता के विकास के आढ़े नहीं आने दिया।

प्रशासनिक फेरबदल तय डीएम बदले जाएंगे सीनियर आईएएस विभागों में होगा बदलाव

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प्रशासनिक फेरबदल तय डीएम बदले जाएंगे सीनियर आईएएस विभागों में होगा बदलाव

प्रशासनिक फेरबदल तय डीएम बदले जाएंगे सीनियर आईएएस विभागों में होगा बदलाव देहरादून उत्तराखंड में मुख्य सचिव आनंद वर्धन की ताजपोशी के बाद कई अफसरों में बदलाव किया जायेगा उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई ज़िलों के जिलाअधिकारी बदल कर परिवर्तन कर सकते है आईएएस अफसर गुड बुक में जगह बनाये जाने के लिए कसरत करते देखे जा रहे है धामी की पसंद वाले अफसर को नैनीताल ज़िले में भेजा जा सकता है जबकि गढ़वाल में दो ज़िलों के डीएम बदले जाएंगे समय पूरा कर चुके आईएएस अफसरों को ज़िलों से हटाया जायेगा इस कड़ी में ऐसे आईएएस ज़िलों से हटेंगे जिसका समय ज़िलों में पूरा हो चूका है जबकि गढ़वाल में दो ज़िलों के डीएम बदले जाएंगे

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही धामी सरकार अब प्रशासनिक फेरबदल को अंजाम देगी। वरिष्ठ नौकरशाह आनंद बर्द्धन के मुख्य सचिव बनने के बाद उनके विभागों का आवंटन अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को दिया जा सकता है। तीन प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई और आर मीनाक्षी सुंदरम शासन में तैनात हैं।

सीएस बनने से खाली हुए उनके प्रमुख प्रभारों का बंटवारा इन तीनों प्रमुख सचिवों के बीच हो सकता है। इनके अलावा शासन में तैनात सचिवों को भी नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। अपर सचिव से सचिव पद पदोन्नत हुए उन नौकरशाहों को कुछ प्रमुख विभाग मिल सकते हैं, जो अभी एक या दो प्रभार देख रहे हैं।

अपर सचिव स्तर पर भी कुछ अधिकारियों के प्रभार बदले जा सकते हैं। शासन के अलावा कुछ जिलों में जिलाधिकारियों को बदले जाने की चर्चाएं गर्म हैं। माना जा रहा है कि गढ़वाल और कुमाऊं के दो-दो जिलों के जिलाधिकारियों को इधर से उधर किया जा सकता है। अगले महीने चूंकि पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है। इसलिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल पंचायत चुनाव से पहले इसी महीने होने की संभावना है।

दायित्वधारी सूचि में पुष्कर सरकार ने इनको दिया दायित्व

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दायित्व धारी सूचि में पुष्कर सरकार ने इनको दिया दायित्व देहरादून उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की दूसरी सूचि जारी की है लम्बे समय से पहली सूचि में नाम नहीं पाने वाले नेता दूसरी सूचि में नाम नहीं होने पर मायूस है ऐसे में कई बीजेपी नेता पद नहीं मिल पाने पर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे है माना जा रहा है अभी सूचि जारी होने का सिलसिला जारी रहेगा

पुष्कर सिंह धामी सरकार में इनको मिली जगह

बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
सुरेन्द्र मोघा, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड
भुवन विक्रम डबराल, उपाध्यक्ष, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
सुभाष बर्थवाल, उपाध्यक्ष, राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद
पुनीत मित्तल, उपाध्यक्ष, नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद
गिरीश डोभाल, उपाध्यक्ष, प्रदेशीय मौन परिषद
गीताराम गौड, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद
डॉ.जयपाल, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति
देशराज कर्णवाल, उपाध्यक्ष, समाज कल्याण योजनाएं एवं अनुश्रवण समिति
अजीत चौधरी, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य किसान आयोग
प्रताप सिंह पंवार, उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड
जगत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति
गीता रावत, अध्यक्ष, राज्य स्तरीय सतर्कता समिति
शंकर कोरंगा, उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद
महेश्वर सिंह महरा, उपाध्यक्ष, चाय विकास सलाहकार परिषद
सरदार मनजीत सिंह, अध्यक्ष, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति
नवीन वर्मा, उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद
अशोक नब्याल, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद

आदि कैलाश में स्थित शिव-पार्वती मंदिर के कपाट दो मई को खुलेंगे

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कुमाऊं मंडल में स्थित खास आदि कैलाश, जो अपने शिव-पार्वती मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, में कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थल का दौरा कर इसे प्रमोट करने का प्रयास किया, और इस स्थान पर आने वाले यात्रियों की बढ़ती उत्सुकता इस बात का संकेत है कि यहां पर्यटन में वृद्धि होगी।

धारचूला के व्यास घाटी में स्थित आदि कैलाश के शिव-पार्वती मंदिर के कपाट 2 मई को खोले जाएंगे। इस अवसर पर प्रशासन मई के पहले सप्ताह से यात्रियों के लिए इनर लाइन पास जारी करेगा।

आदि कैलाश विकास समिति के अध्यक्ष पुनीत सिंह कुटियाल ने बताया कि ग्राम कुटी में स्थित ज्योलिंगकांग (14500 फुट) के समीप स्थित आदि कैलाश के मंदिर के कपाट खोलने के लिए सहमति प्राप्त हो गई है। कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु आदि कैलाश, ओम पर्वत, शिव-पार्वती मंदिर, पार्वती सरोवर और गौरी कुंड के दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर के पुजारियों गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रिफ ने गुंजी, नाबी, कुटी आदि कैलाश सड़क से बर्फ हटा दी है, जिससे क्षेत्र में आवाजाही संभव हो गई है। कुटी के ग्रामीण 20 मई से प्रवास शुरू करेंगे और इस दौरान सुरक्षा कर्मी और कुमाऊं मंडल विकास निगम के कर्मचारी क्षेत्र में पहुंचेंगे। एसडीएम मंजीत सिंह ने बताया कि मई पहले सप्ताह से इनर लाइन परमिट जारी किए जाएंगे, और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन की ओर से निर्धारित तिथियों के बाद ही पर्यटकों की बुकिंग लें।

आदि कैलाश विकास समिति के अध्यक्ष पुनीत सिंह कुटियाल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखें।

प्रधानमंत्री मोदी के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 अक्टूबर 2023 को आदि कैलाश दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष करीब 31,000 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी 21 जून 2023 को योग दिवस आदि कैलाश में मनाया था, जबकि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन कर चुके हैं।

व्यवस्थाएं देखने गई अधिकारियों की टीम
आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाएगा। इसको लेकर प्रशासन की ओर से यात्री सुविधाओं के लिए बेहतर सड़क मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, और अन्य जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। इस संबंध में शुक्रवार को एडीएम योगेंद्र सिंह, धारचूला के एसडीएम मंजीत सिंह और अन्य विभागीय अधिकारियों की एक टीम व्यास घाटी का दौरा करने के लिए रवाना हुई। टीम लौटने के बाद सड़क मार्ग की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी जिलाधिकारी को प्रदान करेगी।

ऐश्वर्या की सक्रिय सियासी पारी का आगाज

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केदारनाथ विधानसभा से दिवंगत विधायक शैलारानी रावत की बेटी ऐश्वर्या रावत ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है। पहले माना जा रहा था कि वह केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करेंगी, लेकिन अब पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उन्हें राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त कर उनकी राजनीति में सक्रियता का शुभारंभ किया है।

पूर्व विधायक स्व. शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्या रावत ने इस जिम्मेदारी को सौंपे जाने पर कहा कि सरकार ने जो कार्य उन्हें दिया है, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी और जरूरतमंद महिलाओं की मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य महिलाओं को जागरूक करना और उन्हें सशक्त बनाना होगा ताकि घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों को रोका जा सके।

पिछले साल 9 जुलाई को उनकी मां, विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि उनकी राजनीतिक विरासत को कौन संभालेगा। ऐश्वर्या रावत के बारे में केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में भी कई कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, ऐश्वर्या भाजपा के कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं, और अब उन्हें महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त कर दिया गया है।

ऐश्वर्या ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं को अपनी शिक्षा, योग्यता और संस्कारों पर विश्वास करते हुए आगे बढ़ना चाहिए ताकि उनके खिलाफ होने वाले अपराधों में कमी आए और समाज में सोच बदले। उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिगों के विवाह के मामलों पर गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता है। ऐश्वर्या रावत ने यह भी कहा कि वह अपनी दिवंगत मां के सपनों और अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगी।

थाईलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध गहरे हैं, और ये दोनों देश अपनी साझेदारी को रणनीतिक स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लेने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसके बाद उन्होंने कहा कि भारत और थाईलैंड के रिश्ते कई सदियों पुराने हैं और ये हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े हुए हैं।

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि भारत-थाईलैंड संबंधों को और अधिक प्रगति और रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को थाई प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में यह बात कही। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और थाईलैंड के बीच पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और इंडो-पैसिफिक विजन में थाईलैंड का एक महत्वपूर्ण स्थान है।

डाक टिकट जारी करने के लिए थाई सरकार का आभार व्यक्त किया
प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के दौरान थाई सरकार द्वारा 18वीं सदी के ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित डाक टिकट जारी करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस डाक टिकट को जारी करने के लिए मैं थाई सरकार का आभारी हूं।

भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना
पीएम मोदी ने 28 मार्च को थाईलैंड में आए भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं भारत के लोगों की ओर से भूकंप में हुई जनहानि के लिए गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”

रामायण से जुड़ा सांस्कृतिक अनुभव
प्रधानमंत्री मोदी 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बैंकॉक पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने थाई रामायण ‘रामकियेन’ का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अनुभव को सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद समृद्ध बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, “थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था, जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।” पीएम मोदी ने कहा कि रामायण ने एशिया के विभिन्न हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ने का कार्य किया है।

गुलाबी शरारा टीम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिली

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में यंग उत्तराखण्ड के सदस्यों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने “गुलाबी शरारा” गीत की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया। उत्तराखंड के युवा टीम में अपनी मेहनत के बल पर गाने को राज्य ही नहीं बाहरी जगह पर भी फेमस कर चुके है शादी में बजते गाने की धुन पर डांस लोगो के बीच काफी अच्छा लगवा पन देता नज़र आ रहा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों ने प्रतिभा और कड़ी मेहनत से हमारी लोक संस्कृति को बढ़ाने का कार्य किया है। “गुलाबी शरारा” गीत के 300 मिलियन से अधिक व्यूज ने यह सिद्ध कर दिया है कि राज्य की युवा प्रतिभा सम्पन्न है। अपने गीत और संगीत के माध्यम से उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर यंग उत्तराखण्ड से जितेन्द्र सिंह रावत, गिरीश सिंह जीना, वरुण रावत, राकेश जोशी, नीरू बोरा, अंकित कुमार, अशीम मंगोली, रणजीत सिंह भंडारी और सौरभ सेमवाल मौजूद थे।

कोऑपरेटिव बैंकों ने लगाई मुनाफे की छलांग

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देहरादून, उत्तराखंड के 10 जनपदों के जिला सहकारी बैंक राज्य सहकारी बैंक समेत कुल 11 बैंक 250 करोड रुपए लाभ अर्जित किया है सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने आज बुधवार को बताया कि, उत्तराखंड राज्य के जिला सहकारी बैंकों ने लाभप्रदता के मामले में उल्लेखनीय प्रगति की है। सहकारी बैंकों ने इस वित्तीय वर्ष 250 करोड़ रुपये अर्जित किया है।वहीं शद्ध लाभ 112.811 से बढ़कर 12328.62 एक सौ तेईस करोड़ 28 लाख हुआ है

उन्होंने कहा कि, यह प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन इन वित्तीय संस्थानों को समर्थन देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई रणनीतियों और पहलों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डॉ रावत ने कहा वर्ष 2017 में उनके द्वारा जब सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाली गई थी तो तब उत्तराखंड के कुछ जनपदों के अधिकतर जिला सहकारी बैंक घाटे में थे आज प्रदेश के सभी जनपदों के बैंक लाभ की स्थिति में है
वर्तमान में प्रदेश भर में बैंक की 280 शाखाएं लाभ की स्थिति में है,
सिर्फ 49 बैंक शाखाएं अभी हानि की स्थिति में है इनमें से अधिकतर बैंक शाखाएं कुछ वर्ष पहले ही खुली है ,

2 वर्ष के अंदर यह शाखाएं भी लाभ की स्थिति में आ जाएगी

डॉ रावत ने बताया कि, जिला सहकारी बैंक राज्य सरकार की नीतियों को लागू करने और ग्रामीणों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन बैंकों के माध्यम से, ग्रामीण आबादी को अपनी आर्थिक स्थिति को बढ़ाने और अपनी आय को दोगुना करने के लिए सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहे हैं, उनकी समग्र समृद्धि और कल्याण में योगदान दे रहे हैं

डॉ. रावत ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला सहकारी बैंकों का लाभ स्तर निरंतर बढ़ता रहेगा। राज्य में वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इन सहकारी बैंकों की सफलता से स्पष्ट है। उन्होंने लाभ के लिए पूर्व बैंक बोर्ड, प्रशासक और बैंक अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी की लगन और कड़ी मेहनत का यह प्रमाण है। उनके प्रयासों से न केवल वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के माध्यम से, ये सहकारी बैंक राज्य में सतत आर्थिक विकास और समृद्धि प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • कीमत लाख में

जनपद सकल लाभ अनुमानित
देहरादून 1976.30
कोटद्वार 2973. 02
चमोली 3003.93
उत्तरकाशी 2476.20
हरिद्वार 795.25
उधम सिंह नगर 2057.72
नैनीताल 1600.00
टिहरी 3168.26
पिथौरागढ़ 2165.50
अल्मोड़ा 1699.01
राज्य सहकारी बैंक 3149.00

कुल सकल लाभ 25064.19

सचिव सहकारिता/प्रशासक राज्य सहकारी बैंक दिलीप जावलकर ने बताया प्रदेश में जिला सहकारी बैंक, एक राज्य सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बैंक न केवल ग्रामीणों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं, बल्कि उनकी आजीविका और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएँ और पहल भी प्रदान करते हैं। उत्तराखंड में इन सहकारी बैंकों की सफलता सकल लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि और ग्रामीणों की आय में दोगुनी वृद्धि में स्पष्ट है। उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों की सफलता के पीछे माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हैं। उनके नेतृत्व में, इन बैंकों ने ग्रामीणों को उनके आर्थिक प्रयासों में सहायता करने के लिए विभिन्न अभिनव कार्यक्रम और पहल लागू की हैं वर्तमान में माननीय सहकारिता मंत्री जी की पहल पर राज्य सहकारी बैंक में प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति की गई है जिससे अब उत्तराखंड के कोऑपरेटिव बैंकों की दशा और दिशा में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा

इन पहलों के माध्यम से, बैंकों ने न केवल अपने लाभ मार्जिन में वृद्धि की है, बल्कि ग्रामीणों की आय के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना 0% ब्याज , सस्ती ऋण सुविधाएँ, बचत विकल्प और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम प्रदान करके, जिला सहकारी बैंकों ने ग्रामीणों को अपने व्यवसाय शुरू करने और उनका विस्तार करने, कृषि में निवेश करने और अपने समग्र वित्तीय कल्याण में सुधार करने के लिए सशक्त बनाया है। इसके परिणामस्वरूप, आय के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कुट्टू के आटे की बिक्री पर धामी सरकार की सख्ती, बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा कुट्टू का आटा

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देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर से लिए गए कुट्टू के आटे के 06 सैंपल फेल, मिलावटखोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार की खाद्य कारोबारियों को चेतावनी, खुले में कुट्टू का आटा बेचा तो होगी कार्रवाई, उपभोक्ताओं से अपील सील पैक आटा ही खरीदें

नवरात्रि के दौरान व्रत उपवास में प्रमुखता से उपयोग किए जाने वाले कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कुट्टू के आटे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटी व संदूषित आटे के कारण होने वाली बीमारियों की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर राज्य में कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर नई गाईडलाइन जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी खाद्य कारोबारकर्ता खुले में कुट्टू का आटा नहीं बेच सकेगा। इसका विक्रय केवल सील बंद पैकेटों में ही किया जाएगा। इसके अलावा, पैकेट पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के अनुसार लेबलिंग नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।

खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार, कुट्टू के आटे की पिसाई की तिथि, पैकेजिंग की तिथि और एक्सपायरी डेट पैकेट पर स्पष्ट रूप से अंकित करना जरूरी होगा। इसके अतिरिक्त, हर पैकेट पर विक्रेता की खाद्य लाइसेंस संख्या दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

खाद्य कारोबारियों के लिए सख्त नियम
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कुट्टू का आटा और बीज नहीं बेचा जा सकेगा। सभी खाद्य कारोबारियों को खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड लिखित रूप में रखना होगा। बिना अनुमति के खुले में कुट्टू के आटे की बिक्री करने पर कडी कार्रवाई की जाएगी।

मिलावट से बीमार होने की घटनाएं
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देहरादून, हरिद्वार और अन्य जिलों में मिलावटी कुट्टू के आटे के सेवन से कई लोग फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों से ग्रसित होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए सरकार ने पहले से ही सख्ती बरतने का फैसला किया है।

संबंधित अधिकारियों को दिए गए कडे निर्देश
आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है कि नए नियमों का कडाई से पालन हो और इसकी नियमित जांच व निरीक्षण किया जाए। यदि कोई भी विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि वे केवल सील पैक आटा ही खरीदें और पैकेट पर अंकित निर्माण व एक्सपायरी तिथि, लाइसेंस नंबर और अन्य विवरणों को ध्यानपूर्वक जांचें।

कुट्टू के आटे के छह सैंपल फेल
आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा कुट्टू के आटे की जांच में कई नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में सघन निरीक्षण और नमूना संग्रहण किये जा रहे हैं। जिसमें कई प्रतिष्ठानों से लिए गए कुट्टू के आटे के नमूने असुरक्षित पाए गए। रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में इन नमूनों की जांच की गई। देहरादून जनपद में मैसर्स लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, विकासनगर से संग्रहित नमूना मिला असुरक्षित। यह कीट व फंगस से विषाक्त पाया गया। ब्लिंक कामर्स प्राइवेट लिमिटेड ऋषिकेश, हरिद्वार जनपद में नटराज एजेंसी, पीठ बाजार, ज्वालापुर और आशीष प्रोविजन स्टोर, खेडी मुबारकपुर, लक्सर से संग्रहित नमूने भी असुरक्षित पाए गए। इनमें मायकोटॉक्सिन विषाक्त पाया गया है। इसके अलावा अनाज मंडी रुडकी स्थित शिवा स्टोर से संग्रहित नमूना अधोमानक मिला। वहीं, जनपद ऊधमसिंहनगर में सिसोना, सितारगंज स्थित जय मैया किराना स्टोर से लिए कुट्टू के आटे के सैंपल में मायकोटॉक्सिन पाया गया। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि इन मिलावटी और असुरक्षित नमूनों को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।