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CM धामी ने रायपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का किया स्थलीय निरीक्षण, प्रशासन को हर संभव मदद के निर्देश

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CM धामी ने रायपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का किया स्थलीय निरीक्षण, प्रशासन को हर संभव मदद के निर्देश

देहरादून, 10 जुलाई 2025। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के रायपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए।

मुख्यमंत्री ने किरसाली चौक, आईटी पार्क, ननूरखेड़ा, आमवाला, तपोवन और शांति विहार क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।

ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने और जलभराव रोकने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि:

  • नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
  • जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए।
  • संवेदनशील इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और पूर्व चेतावनी तंत्र सक्रिय रखा जाए।

पुलिस और विभागीय अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय पुलिस बल, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और अन्य सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

“किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाए और जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।”

उन्होंने यह भी कहा कि रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए सभी विभागों में आपसी समन्वय मजबूत किया जाए और ग्राउंड लेवल पर सतर्कता बनाए रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने जनता को दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से संवाद के दौरान कहा कि राज्य सरकार हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है और प्रभावित लोगों को हर संभव राहत व सहायता प्रदान की जाएगी।

काशीपुर: सूर्या फैक्ट्री में हाइड्रोजन सिलिंडर विस्फोट, एक की मौत, 10 घायल

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काशीपुर: सूर्या फैक्ट्री में हाइड्रोजन सिलिंडर विस्फोट, एक की मौत, 10 घायल

काशीपुर, 10 जुलाई 2025। काशीपुर के मुरादाबाद रोड स्थित सूर्या रोशनी लिमिटेड परिसर में गुरुवार को सुबह एक हाइड्रोजन सिलिंडर फटने से जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों में एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया।

मृतक और घायलों का विवरण

इस हादसे में श्यामू यादव (29) निवासी ग्राम शेरवाह, जिला सीतापुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल रोहित (25), निवासी मुरादाबाद की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे आयुष्मान अस्पताल में भर्ती किया गया है।

अन्य घायल व्यक्तियों में शामिल हैं:

  • गौरव सिंह
  • गिरिजा देवी
  • मनीषा
  • रोहिताश
  • सजनी
  • आलोक
  • अंकित कुमार
  • रीता
  • पूनम
  • ज्योति

डॉक्टरों के मुताबिक इन सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और खतरे से बाहर हैं।

अधिकारियों ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी नीतिन भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एवं सीएमओ डॉ. के.के. अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।

फैक्ट्री परिसर सील, जांच शुरू

धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को बसों से बाहर भेज दिया और पूरे परिसर को सील कर दिया गया है। घटना के कारणों की प्राथमिक जांच प्रारंभ हो चुकी है। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भी सैंपल जुटाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल

विस्फोट के बाद आसपास के इलाकों में भय और भ्रम का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की है। वहीं, यह भी देखा जा रहा है कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं।

निष्कर्ष:

काशीपुर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और निगरानी तंत्र की गंभीरता पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासनिक अमले की तत्परता से तत्काल राहत कार्य संभव हुआ, लेकिन इस घटना की समग्र जांच जरूरी है ताकि ऐसे हादसे दोहराए न जाएं

देवभूमि में ‘ऑपरेशन कालनेमि’: छद्म भेषधारियों पर चलेगा सरकार का डंडा

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देवभूमि में ‘ऑपरेशन कालनेमि’: छद्म भेषधारियों पर चलेगा सरकार का डंडा

देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड में सनातन धर्म की आड़ में पाखंड फैलाने वालों और महिलाओं को भ्रमित कर ठगी करने वाले छद्म भेषधारियों पर अब सरकार का शिकंजा कसने वाला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐसे तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” चलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा और देवभूमि की पवित्र पहचान को किसी भी कीमत पर आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे छल-कपट करने वाले भेषधारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।

कालनेमि की आड़ में चल रहा पाखंड

मुख्यमंत्री ने कहा:

“जिस प्रकार कालनेमि ने रामायण काल में साधु का रूप धारण कर लोगों को भ्रमित किया था, ठीक वैसे ही आज भी कई आधुनिक कालनेमि समाज में सक्रिय हैं। ये लोग सनातन धर्म की पवित्रता को आघात पहुंचा रहे हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को लक्षित कर ठगी करने वाले, असामाजिक तत्वों, और पाखंड फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। “देवभूमि में कोई भी महिला असुरक्षित महसूस न करे, इसके लिए सख्त और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ऑपरेशन कालनेमि इसी दिशा में एक निर्णायक कदम है।”

मुख्य बिंदु:

  • सनातन धर्म की छवि खराब करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि
  • छद्म वेश में असामाजिक तत्वों की पहचान कर कानूनी कार्यवाही
  • महिलाओं को लक्षित कर ठगी करने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति
  • धार्मिक पाखंड को बढ़ावा देने वालों पर सख्त रुख
  • देवभूमि की सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा सरकार की प्राथमिकता

निष्कर्ष:

उत्तराखंड सरकार का यह कदम केवल धार्मिक पाखंड पर प्रहार नहीं है, बल्कि यह सनातन परंपरा की गरिमा और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस संदेश है। ऑपरेशन कालनेमि, आस्था की आड़ में अपराध करने वालों के लिए चेतावनी है – देवभूमि में अब पाखंड के लिए कोई जगह नहीं।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: भाजपा नेताओं के लिए ‘लिटमस टेस्ट’

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: भाजपा नेताओं के लिए ‘लिटमस टेस्ट’

देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सिर्फ स्थानीय निकायों की राजनीतिक तस्वीर तय नहीं करेंगे, बल्कि भाजपा संगठन के लिए राजनैतिक लिटमस टेस्ट भी साबित होंगे। पार्टी ने इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़ते हुए, विभिन्न जिलों और ब्लॉकों में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रभारी नियुक्त किया है। इन प्रभारियों के प्रदर्शन के आधार पर भविष्य में उनके राजनीतिक कद में वृद्धि या कमी तय मानी जा रही है।

राजनीतिक दक्षता की परीक्षा

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में खासकर ब्लॉक प्रमुख पदों पर वर्चस्व कायम करने के लिए भाजपा ने अपने अनुभवी और सक्रिय नेताओं को प्रभारी बनाकर मैदान में उतारा है। इन नेताओं की ज़िम्मेदारी सिर्फ पार्टी प्रत्याशियों को जिताने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतिगत रणनीति, मैदानी समन्वय और स्थानीय समीकरणों को साधना भी शामिल है। पार्टी नेतृत्व साफ कर चुका है कि जो प्रभारी इन चुनौतियों में सफल होंगे, उन्हें आगामी चुनावों में अहम भूमिका दी जाएगी।

प्रदेशभर में नियुक्त किए गए चुनाव प्रभारी

गढ़वाल मंडल से लेकर कुमाऊँ और तराई क्षेत्र तक लगभग हर ब्लॉक में भाजपा ने चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। इनमें कई पूर्व विधायक, जिला पंचायत सदस्य, वरिष्ठ कार्यकर्ता और संगठन के सक्रिय चेहरे शामिल हैं। उदाहरण स्वरूप:

  • उत्तरकाशी: डॉ. विजय बडोनी (नौगांव), सत्ये सिंह राणा (पुरोला), राम सुंदर नौटियाल (भटवाड़ी)
  • चमोली: हरक सिंह नेगी (पोखरी), गजेंद्र सिंह रावत (थराली), कृष्ण मणि थपलियाल (गैरसैंण)
  • देहरादून: यशपाल नेगी (विकासनगर), संजय गुप्ता (सहसपुर), ओमवीर राघव (रायपुर), नलिन भट्ट (डोईवाला)
  • पौड़ी: सुधीर जोशी (क्लजीखाल), सुषमा रावत (थलीसैंण), यशपाल बेनाम (पाबो)
  • कुमाऊं मंडल: धन सिंह धामी (धारचूला), गणेश भंडारी (मुनकोट), ललित पंत (गंगोलीहाट), सुभाष पांडे (भिकियासैंण), दीपक मेहरा (धारी), गुंजन सुखीजा (रामनगर), विवेक सक्सेना (काशीपुर), दिनेश आर्य (रुद्रपुर) इत्यादि।

पार्टी के भीतर संदेश साफ

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर सभी ब्लॉकों में प्रभारियों की तैनाती की गई है। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत बनाना है। वहीं संगठन सूत्रों का मानना है कि यह अभियान राजनीतिक छंटनी और मूल्यांकन का हिस्सा भी है।

पार्टी के लिए फायदे – नेताओं के लिए चुनौती

पार्टी को जहां इससे स्थानीय स्तर पर संगठन मजबूती और कार्यकर्ताओं में सक्रियता मिलेगी, वहीं यह नेताओं के लिए खुद को साबित करने का अवसर और चुनौती दोनों है। पंचायत चुनाव की यह प्रयोगशाला उनके नेतृत्व कौशल, रणनीतिक दृष्टिकोण और जनसंपर्क की असल परीक्षा है।

निष्कर्ष:

उत्तराखंड भाजपा ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित न रखते हुए उसे राजनीतिक नेतृत्व के परीक्षण का माध्यम बना दिया है। इन चुनावों से तय होगा कि 2027 के विधानसभा रण में पार्टी किन चेहरों पर दांव लगाएगी।

जीरो टॉलरेंस का आईना बने आईएएस सबीन बंसल

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जीरो टॉलरेंस का आईना बने आईएएस सबीन बंसल देहरादून जिला अधिकारी सरकार की छवि का आईना होता है उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस निति का अगर सही मांयने में कोई डीएम आईना बनकर काम कर रहा है तो वो है देहरादून जिला अधिकारी सबीन बंसल देहरादून बड़ा जिला होने के चलते सरकार की छवि का सन्देश पूरे प्रदेश में चला जाता है डीएम देहरादून सबीन बंसल उत्तराखंड सरकार की छवि को बेहतर सन्देश देने में कामयाब रहे है

देहरादून के जिला अधिकारी ऑफिस में हर रोज जनता दरबार लगता है जिसमे फरियादी अपनी फरियाद लेकर डीएम दरबार में पहुँचता है डीएम फरियादी की जीरो टॉलरेंस निति पर काम करते हुए जनता तक सरकार की साफ छवि का सन्देश देने का काम कर रहे है कई मामलो पर डीएम देहरादून का कड़ा एक्शन भी देखने को मिला है ज़िले में अफसरों पर कारवाही किये जाने पर भी डीएम कोई नरम रुख नहीं रखते देखे गए है ऐसे में लाजमी है कुछ अफसरों की आँखो में वो खटक रहे है

देहरादून जिला अधिकारी सबीन बंसल ने अपनी साफ छवि से सरकार का आईना बनकर प्रदेश भर में जिला अधिकारी ऐसे ही काम करे इसका सन्देश देने में कामयाब रहे है देहरादून में जनता के बीच सरकार की बेहतर छवि का लोकर्पण किये जाने में उनकी भूमिका का कोई जवाब नहीं बाकि ज़िलों के आईएएस अफसरों के लिए आईएएस सबीन बंसल बड़ा उद्धरण बन गए है

उत्तराखंड सरकार की बात जनता तक पहुंचना पाने में कितने ज़िले बेहतर काम कर रहे है इसका आकलन सरकार को करना चाहिए लेकिन जो ज़िले जनता को सरकार की विकास योजनाए से लेकर डिलीवरी नहीं देने में फिस्सडी साबित हुए है उन ज़िलों में सबीन बंसल सरीखे आईएएस अफसरों को भेजा जाना चाहिए ताकि जनता तक सरकार की डिलीवरी पहुंच सके बरहाल डीएम देहरादून पूरे प्रदेश में आईएएस अफसरों में सरकार का आईना बनकर उभर गए है

उत्तराखंड में भू उपयोग उल्लंघन मामलों पर कार्यवाही से मचा हड़कंप

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में भू अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्रदान की गई भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के मामलों में तेजी से कार्यवाही गतिमान है। राज्य में उत्तराखंड भूमि अधिनियम की धारा 154 (4) (3) क के अंतर्गत कुल 532 प्रकरणोें पर भूमि क्रय की अनुमति प्रदान की गयी है जिसके सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के 88 मामले सामने आए हैं ऐसे उल्लंघन के 42 प्रकरणों पर धारा 166-167 के तहत वाद दायर किए गये हैं। जबकि अधिनियम की धारा 154 (4) (3) ख के तहत दी गई 963 भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष 172 प्रकरणों में भू उपयोग का उल्लंघन किया जाना पाया गया है। जिसके विरूद्ध 112 मामलों में वाद दायर किए गये हैं। जबकि अधिनियम की धारा 154 (4) (1) क के अंतर्गत प्रदेश में भूमि क्रय के सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के कुल 147 प्रकरणों पर कार्यवाही गतिमान है। जिसमें देहरादून के 77 में से 50 प्रकरणों पर, हरिद्वार में 20, पौड़ी में 17, टिहरी में 29 तथा उत्तरकाशी में 1 मामले में कार्यवाही गतिमान है। जबकि अल्मोड़ा के तीन मामलों में एक प्रकरण की भूमि राज्य सरकार में निहित की गई है।

प्रदेश में भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग के उल्लंघन की दिशा में कुल 3.006 है0 भूमि की गई राज्य सरकार में निहित

प्रदेश में भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग के उल्लंघन की दिशा में कुल 3.006 है0 भूमि राज्य सरकार में निहित की गई है। जिसमें कपकोट, बागेश्वर में मै0 त्रिलोक ग्रामोद्योग सेवा समिति को मौन पालन हेतु क्रय की गई 0.040 है0, रुद्रपुर, उधमसिंहनगर में एम0एस0 स्टैण्डर्ड स्प्लिन्ट्स लि0 द्वारा डी0 सेवत्था पांडे पुत्र दूरई राजन को 1.6530 है0, सिलटोना श्री कैंची धाम, नैनीताल में श्रीमती भावनी सिंह पत्नी श्री कुवर रघुराज प्रताप सिंह, सिंह निवास 5, बद्रीहाउस शाहजनफरोड़, लखनऊ को कृषि हेतु 0.555 है0, दिगोटी द्वाराहाट, अल्मोड़ा में कृषि हेतु 0.020 है0, कटारमल चौखुटिया, अल्मोड़ा में रैनाबाड़ी हैल्थ रिजार्ट को रिसोर्टस हेतु 0.713 है0, कोट्यूड़ा, अल्मोड़ा में प्रणव सिंह पुत्र महेन्द्र प्रताप सिंह, निवासी-प0 बंगाल को आवासीय प्रयोजन हेतु 0.025 है0 भूमि शामिल है।

भूमि प्रबंधन तथा भू व्यवस्था एवं सुधार के लिए प्रदेश में सशक्त भू कानून लागू हो गया है। इसी के साथ जनभावना के अनुरूप उत्तराखंड में कृषि और उद्यान भूमि की अनियंत्रित बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। भू अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध भी लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, और इस तरह की जमीनों को राज्य सरकार में निहित किया जा रहा है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मतदान कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं: निर्वाचन आयुक्त डॉ. सन्धु

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मतदान कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं: निर्वाचन आयुक्त डॉ. सन्धु

देहरादून, 8 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखवीर सिंह सन्धु ने मंगलवार को देहरादून में प्रदेश की निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में डॉ. सन्धु ने निर्देश दिए कि प्रदेश में युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में संलग्न कार्मिकों के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर किया जाए। इसके लिए गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में एक-एक विशेष ट्रेनिंग सेंटर चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने राजनीतिक दलों से समन्वय स्थापित कर बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की तैनाती की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार नए बीएलओ की तैनाती प्रक्रिया जारी है। अगस्त व सितंबर माह में डीईओ, ईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ व बीएलए के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि आयोग के नए दिशा-निर्देशों के तहत ऐसे मतदान केंद्रों की पहचान की गई है जहां 2 किमी से अधिक की पैदल दूरी है या जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है। इन मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में लगभग 1,000 नए पोलिंग बूथ स्थापित किए जा रहे हैं।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, जिला निर्वाचन अधिकारी देहरादून डॉ. सविन बंसल, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, तथा उप जिलाधिकारी डॉ. अपूर्वा सिंह भी उपस्थित रहीं।

प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम के नाम पर व्हाट्सएप फ्रॉड, एसएसपी से की शिकायत

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प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम के नाम पर व्हाट्सएप फ्रॉड, एसएसपी से की शिकायत

देहरादून, 8 जुलाई: उत्तराखंड के प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर साइबर ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए फ्रॉड करने की कोशिश की है। ठगों ने उनके नाम और फोटो का उपयोग करते हुए एक फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार की और कई व्यक्तियों व विभागीय अधिकारियों से पैसों की मांग की।

प्रमुख सचिव ने इस संदर्भ में आज देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को औपचारिक शिकायत सौंपी। शिकायत में उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके नाम और फोटो का प्रयोग करते हुए व्हाट्सएप नंबर पर प्रोफाइल बनाई गई है। इसके जरिए अलग-अलग लोगों से अनावश्यक रूप से पैसों की मांग की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है, जिसमें विभागीय अधिकारियों को टारगेट किया गया था।

पुलिस ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी है। आरोपियों की पहचान और कार्रवाई के लिए मोबाइल नंबर व अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर प्रतिक्रिया न दें और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।

उत्तराखंड में परिवहन सेवाओं को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी ने 20 नई वातानुकूलित टैम्पो ट्रैवलर को दिखाया हरी झंडी

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उत्तराखंड में परिवहन सेवाओं को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री धामी ने 20 नई वातानुकूलित टैम्पो ट्रैवलर को दिखाया हरी झंडी

देहरादून, 7 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से आयोजित एक समारोह में उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) द्वारा संचालित 20 नई वातानुकूलित मिनी बसों (टैम्पो ट्रैवलर) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से 10 वाहन देहरादून-मसूरी और 10 वाहन हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर संचालित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई सुविधाजनक सेवाओं से ना केवल यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि मसूरी और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर लगने वाले जाम की समस्या में भी काफी हद तक कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यदि यह पहल सफल रहती है तो इस तरह की सेवाओं की संख्या को और बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक टैम्पो ट्रैवलर में सफर भी किया।

राज्य के परिवहन को बनाएंगे स्मार्ट और सस्टेनेबल

मुख्यमंत्री धामी ने कहा:

“वातानुकूलित टैम्पो ट्रैवलर राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाएंगे। यह पहल प्रदेश की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को गति देगी। हमारा प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वसनीय परिवहन सेवाओं से जोड़ा जाए।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड परिवहन निगम ने लगातार तीन वर्षों से लाभ कमाया है और इसका श्रेय निगम की नीतिगत पारदर्शिता व कर्मचारियों के सहयोग को जाता है।

डिजिटल युग की ओर बढ़ता परिवहन विभाग

सरकार द्वारा परिवहन सेवाओं में डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन बुकिंग और ट्रैकिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे आम जनता को यात्रा के दौरान सुविधा, पारदर्शिता और भरोसे का अनुभव हो रहा है।

जल्द शामिल होंगी इलेक्ट्रिक बसें

मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवहन निगम के बेड़े में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा, जिसकी खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अलावा कर्मचारियों के कल्याण हेतु कई योजनाएं लागू की गई हैं—जैसे डीए में बढ़ोतरी, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन, और नयी भर्तियों के माध्यम से मानव संसाधन में वृद्धि

उपस्थित रहे ये प्रमुख चेहरे:

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, परिवहन निगम के अध्यक्ष एल. फैनई, एमडी श्रीमती रीना जोशी सहित परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन का आयोजन, आदि कैलाश और माणा-मलारी होंगे केंद्र

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उत्तराखंड में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन का आयोजन, आदि कैलाश और माणा-मलारी होंगे केंद्र

वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में होगा शामिल, सीमांत क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा व आपदा प्रबंधन पर भी ज़ोर

देहरादून, 6 जुलाई: प्रातः कालीन बैठक में उत्तराखंड के उच्च अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार द्वारा एक नई पहल के तहत हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य के सीमांत और ऊँचाई वाले क्षेत्रों को पर्यटन के नक्शे पर और अधिक मजबूती से स्थापित करना है।

गुंजी से आदि कैलाश और नीति-माणा से मलारी तक दौड़ेगा पर्यटन

निर्देशों के अनुसार, कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश तक और गढ़वाल क्षेत्र में नीति-माणा से मलारी तक आयोजित की जाएगी। अधिकारियों को इसे राज्य के वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल करने और प्रत्येक वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका आयोजन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन और फसल सुरक्षा पर भी विशेष निर्देश

बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जाए तथा प्रभावितों को समय पर सहायता राशि प्रदान करने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड़/सोलर फेंसिंग की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसानों को राहत मिल सके।