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उत्तराखंड की बेटी का अपमान बना राजनीतिक मुद्दा, अखिलेश की चुप्पी पर उठे सवाल

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उत्तराखंड की बेटी का अपमान बना राजनीतिक मुद्दा, अखिलेश की चुप्पी पर उठे सवाल

राजनीति में अक्सर आपसी मतभेदों का फायदा पार्टियाँ उठाती हैं, और ऐसा ही एक मामला समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव को लेकर सामने आया है। एक मौलाना द्वारा डिंपल यादव के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी पर अब सवाल उठने लगे हैं।

डिंपल यादव का उत्तराखंड से संबंध होने के चलते यह मामला प्रदेश में भावनात्मक मुद्दा बन गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस विषय पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुस्लिम वोटों के लालच में अखिलेश यादव को शायद डिंपल यादव के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्दों से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन उत्तराखंड की जनता इस अपमान को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।”

महिला सम्मान पर सपा की राजनीति?

उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या ने भी सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि एक महिला सांसद के सम्मान को लेकर मौलाना की अपमानजनक टिप्पणी पर अखिलेश यादव की चुप्पी यह साबित करती है कि वोट बैंक की राजनीति में समाजवादी पार्टी कितनी नीचे गिर सकती है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की एक मस्जिद में हुई बैठक के दौरान कुछ मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने डिंपल यादव को “राजनीतिक हिंदू महिला” कहकर उनके पहनावे पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं। बेबी रानी ने इसे न सिर्फ एक महिला सांसद पर, बल्कि भारतीय नारी गरिमा और संस्कृति पर सीधा हमला बताया।

“राजनीतिक स्वार्थ के लिए पत्नी के अपमान पर भी चुप”

बेबी रानी मौर्या ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “अखिलेश यादव का इस पूरे मामले पर मौन यह दर्शाता है कि क्या सपा अब महिला सम्मान की परिभाषा मौलवियों से तय करवाएगी? क्या अपनी ही पत्नी और सांसद के अपमान पर सियासी फायदे के लिए चुप रहना तालिबानी मानसिकता का समर्थन नहीं है?”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि विचारधारा चाहे अलग हो, लेकिन एक महिला का अपमान भाजपा को कभी स्वीकार नहीं होगा। “सपा में इतनी भी हिम्मत नहीं बची कि वह अपनी सांसद की गरिमा की रक्षा कर सके।”

यह केवल डिंपल नहीं, भारत की हर बेटी का मुद्दा है

भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल डिंपल यादव तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की हर बेटी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” का नारा देने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी भी इस मामले पर खामोश हैं।

मनसा देवी हादसे की जांच के आदेश, सीएम धामी ने जाना घायलों का हाल

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हरिद्वार जनपद में मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग में रविवार सुबह करीब नौ बजे भगदड़ के कारण दर्दनाक घटना घटित हुई। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 06 श्रद्धालुओं की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि 28 अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं।
इस हादसे पर माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है।

माननीय मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देशित किया है कि वे सभी पीड़ितों एवं उनके परिजनों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान करें। इसके साथ ही उन्होंने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, एवं यात्रा मार्गों की व्यवस्था की गहन समीक्षा की जाए।

घायलों को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। 05 गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को तत्काल एम्स, ऋषिकेश रेफर किया गया है। शेष 23 घायलों का उपचार जिला चिकित्सालय, हरिद्वार में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों को हर संभव चिकित्सकीय सुविधा मुहैया करा रही हैं। माननीय मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें लगातार रेस्क्यू और बचाव अभियान को लेकर अवगत कराया जा रहा है।

जानकारी अथवा सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारीघटना की जानकारी मिलते ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और स्थिति की निगरानी शुरू की। उन्होंने तत्काल आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान कंट्रोल रूम में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राज कुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाहा अंसारी, विशेषज्ञ श्री हेमंत बिष्ट एवं श्री मनीष कुमार उपस्थित रहे।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन द्वारा घटना की जानकारी और प्रभावित लोगों से संपर्क स्थापित करने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार
📞 01334-223999
📱 9068197350
📱 9528250926
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून’’
📞 0135-2710334, 2710335
📱 8218867005
📱 9058441404

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इन नंबरों के माध्यम से मृतकों व घायलों की जानकारी तथा राहत कार्यों से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त की जा सकती हैं।

रेस्क्यू एवं राहत कार्य में सभी एजेंसियां सक्रिय

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की संयुक्त टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान को तेज गति से संचालित किया गया। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित तथा एसससपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की तथा अस्पताल में घायलों का हाल जाना। आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार दिया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

वहीं माननीय मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मनसा देवी सहित राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण योजना, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, दिशा संकेतक बोर्ड, पैदल मार्गों पर आपातकालीन निकासी योजना तथा स्थानीय प्रशासनिक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

अफवाहों पर ध्यान न दें-विनोद कुमार सुमन
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है और राहत कार्यों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हरिद्वार जिला चिकित्सालय में मनसा देवी पैदल मार्ग पर हुई भगदड़ में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना ।

मुख्यमंत्री से इस दौरान मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वार्ता की। मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि इस दुखद घटना में मृतकों के परिजनों के दो-दो लाख तथा घायलों को पचास-पचास हज़ार मनसा देवी ट्रस्ट द्वारा प्रदान किए जाएँगे। मृतक के परिजनों और घायलों को उनके घर तक ले जाने के लिए ट्रस्ट द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाएगी।

लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी घोटाला

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उत्तराखंड कनेक्शन के बाद हरकत में पुलिस एक्टिव नज़र आ रही है राज्य से करोड़ो रूपए लेकर गरीबो की जेब पर डाका डालते समिति की किसी को कोई खबर नहीं लगी या फिर पता होने के बाद भी जिम्मेदार इतने बड़े अंजाम देने वालो तक नहीं पहुंच पाई सवाल उठे तो अब उत्तराखंड में लोगो के सड़को पर उतर कर हंगामा किये जाने के बाद फ़िलहाल मामले की जांच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से सीबीआई से किये जाने की संस्तुति की गई है गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) से संबंधित एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा किया।

श्री स्वरूप ने बताया कि LUCC एक सहकारी समिति थी, जो मुख्यतः उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में आम जनता को वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रही थी। इस समिति ने निवेशकों को 4 से 5 वर्षों में राशि दोगुनी करने का लालच देकर भारी निवेश आकर्षित किया।

उत्तराखंड में समिति के तत्कालीन निदेशक मानवेन्द्र द्विवेदी द्वारा केन्द्रीय रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज से बिना अनुमति के अवैध रूप से करीब 35 शाखाएं स्थापित की गईं, जहां हजारों लोगों ने अपनी पूंजी निवेश की। लेकिन, समय आने पर निवेशकों को उनकी मैच्योरिटी की राशि वापस नहीं मिली और संस्था के सभी प्रबंधक व संचालक फरार हो गए।

शिकायतों के आधार पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में LUCC के खिलाफ अब तक कुल 15 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 20 आरोपी नामजद किए गए हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस सोसाइटी के खिलाफ उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भी 5 मुकदमे दर्ज हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि समीर अग्रवाल निवासी मुंबई, जो इस पूरी सोसाइटी का मुख्य संस्थापक है, वर्तमान में दुबई में रह रहा है। समीर ने कुल 6 सहकारी संस्थाएं बनाई थीं, जिनके कार्यक्षेत्र इस प्रकार हैं:

  1. LUCC – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा
  2. LJCC – मध्यप्रदेश
  3. SSV – महाराष्ट्र
  4. SS – गुजरात, राजस्थान
  5. फोर ह्यूमन – बिहार, हरियाणा
  6. विश्वास – पंजाब

उत्तराखंड में LUCC का संचालन उर्मिला बिष्ट और जगमोहन बिष्ट द्वारा किया जा रहा था। अब तक नामजद व चिन्हित 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार या वारंट बी के तहत तलब किया जा चुका है।

जांच में खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड में इस संस्था ने लगभग ₹92 करोड़ की धोखाधड़ी की है, जिससे हजारों निवेशक प्रभावित हुए हैं।

इस बहु-राज्यीय धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने शासन और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेकर पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से इस पूरे मामले की जांच कराने की सिफारिश की है।

इसके तहत उत्तराखंड शासन द्वारा गृह मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र भेजा गया है, ताकि सभी संबंधित मामलों की गहन, निष्पक्ष और त्वरित जांच CBI के माध्यम से सुनिश्चित की जा सके।

पंचायत चुनावो में मीडिया कालनेमि चूरन चटा गए

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पंचायत चुनावो में मीडिया कालनेमि चूरन चटा गए पंचायत चुनाव में मीडिया वाले छोटे से लेकर बड़े पेट वाले कालनेमि कई चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी को जीत दिलवाने का ठेका लिए घूम कर माहौल बनाते रहे चुनाव की रात पहले चुनाव वाले प्रत्याशी को पता चला उनका चूरन मतदाता तक कोई काम नहीं किया कई अब पैसे फ़ोकट में दिए जाने पर ऐसे कालनेमि मीडिया वालो को कोस रहे है लेकिन कहते है अब पछतावे होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।

दूसरे चरण का प्रचार शनिवार को थम जाएगा पंचायत प्रत्याशी ऐसे कालनेमि मीडिया वालो से सावधान रहे जो आपको चुनाव में जीत दिलवाने का सपना दिखा कर अपना चूरन बेच कर पंचायत चुनाव में धोखा कर रहे है मतदाता पंचायत चुनाव में सबसे बड़ा भरोसा है अगर उसकी कसौटी पर प्रत्याशी खरा है तो कोई ताकत चुनाव में हार नहीं दे सकती फ़िलहाल ऐसे कालनेमि अगर आपसे चुनाव में जीत दिलवाने पर पैसे की डिमांड कर रहे है तो इनकी शिकायत पुलिस से जरूर करे।

पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण में 40 विकासखंडों में 28 जुलाई को होने वाले मतदान के दृष्टिगत प्रचार का शोर शनिवार शाम पांच बजे थम जाएगा। शनिवार से ही पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो जाएगी। द्वितीय चरण में 5033 पदों के लिए 14751 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।

ये डीएम आईएएस कुछ अलग है उत्तराखंड में बन गया मिसाल

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ये डीएम आईएएस कुछ अलग है उत्तराखंड में बन गया मिसाल उत्तराखंड में एक आईएएस ऐसा भी है जो देहरादून से सरकार का साफ सन्देश देने का काम कर रहा है नाम है देहरादून डीएम सबीन बंसल ताजा मामला देहरादून आबकारी अधिकारी की हाई कोर्ट में सही पैरवी नहीं किये जाने को पेश किये तथ्य खुले तो अधिकारी को निलंबित कर दिया गया ये सब डीएम की साफ नियत से संभव हो पाया है मुख्यमंत्री के साफ सन्देश है जीरो टॉलरेंस का पालन सभी अफसरों को उत्तराखंड में करना है ताकि सरकार की साफ छवि का सन्देश जनता के बीच जाएं

अमित शाह के फलक पर चमके पुष्कर सिंह धामी, तारीफ से सियासी तापमान चढ़ा

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अमित शाह के फलक पर चमके पुष्कर सिंह धामी, तारीफ से सियासी तापमान चढ़ा देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धामी की खुलकर तारीफ की है। उत्तराखंड से लौटने के दो दिन बाद, शाह ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिससे प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है।

शनिवार को रुद्रपुर में आयोजित निवेश ग्राउंडिंग समारोह में गृह मंत्री शाह ने भाग लिया था। उस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री और शाह के बीच सामंजस्य और तालमेल साफ दिखाई दिया। एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में हुई प्रगति पर शाह ने न सिर्फ खुशी जताई, बल्कि सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई, जिससे सियासी संकेत और स्पष्ट हो गए।

सोमवार को शाह की फेसबुक पोस्ट ने उन चर्चाओं को और बल दे दिया, जो अब तक सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी और धामी के बीच निकटता तक सीमित थीं। शाह ने लिखा,

“मैदानी राज्यों की तुलना में पहाड़ी राज्यों में निवेश लाना किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं होता, लेकिन उत्तराखंड में एक लाख करोड़ से अधिक निवेश आना सभी परंपरागत धारणाओं को तोड़ता है। इसके लिए मैं राज्य की जनता की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को साधुवाद देता हूं।”

शाह की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि अब धामी केवल प्रधानमंत्री के नहीं, बल्कि गृह मंत्री के भी विश्वासपात्र नेताओं में शुमार हो गए हैं। इससे उनके राजनैतिक विरोधियों की बेचैनी बढ़ गई है, और पार्टी फोरम पर भी एक स्पष्ट संदेश गया है।

मुख्यमंत्री धामी पहले भी कई मौकों पर अपनी नीतिगत स्पष्टता, दृढ़ नेतृत्व और युवाओं से जुड़ाव के कारण चर्चा में रहे हैं। अब गृह मंत्री की प्रशंसा ने उनके राष्ट्रीय कद को और मज़बूती दी है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा, सियासी हलचल तेज

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा, सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे गए पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की घोषणा की है। हालांकि, संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन हुए इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब वे संसद के मानसून सत्र की पहली बैठक की अध्यक्षता सफलतापूर्वक कर चुके थे। इसके बाद उनके अचानक इस्तीफे की खबर ने सभी को चौंका दिया। विपक्ष ने इस मुद्दे को तुरंत लपक लिया और इस्तीफे के पीछे संभावित राजनीतिक कारणों की अटकलें तेज़ हो गईं।

गौरतलब है कि 2022 में उपराष्ट्रपति चुने गए जगदीप धनखड़ का कार्यकाल अगस्त 2027 तक था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर मुखर बयान दिए, जो अक्सर सियासी चर्चाओं का कारण बने।

हालांकि सरकारी तौर पर केवल स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया है, लेकिन इस्तीफे की टाइमिंग और अचानक हुई घोषणा के कारण इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

Investment Festival Rudarpur सरकार मनाएगी एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की उपलब्धि, अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

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सरकार मनाएगी एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की उपलब्धि, अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

उत्तराखंड सरकार कल एक विशेष निवेश उत्सव का आयोजन करने जा रही है, जिसमें अब तक राज्य में हुए एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग का जश्न मनाया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।

यह आयोजन रुद्रपुर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में दोपहर 1 बजे से शुरू होगा, जिसमें उत्तराखंड में हाल ही में स्थापित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

ऊर्जा क्षेत्र में सर्वाधिक निवेश

वैश्विक निवेशक सम्मेलन (Global Investors Summit) के तहत अब तक उत्तराखंड में सबसे ज्यादा निवेश ऊर्जा क्षेत्र में हुआ है, जिसकी ग्राउंडिंग राशि 40,341 करोड़ रुपये रही। इसके बाद विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों ने खास दिलचस्पी दिखाई है।

निवेश प्रस्तावों और ग्राउंडिंग का आँकड़ा

अब तक कुल 1,779 एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनकी अनुमानित निवेश राशि 3.57 लाख करोड़ रुपये है। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये का निवेश अब धरातल पर उतर चुका है, जिससे राज्य में 81,327 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

विभागएमओयू की संख्याप्रस्तावित निवेशग्राउंडिंग निवेश
ऊर्जा157₹1,03,459 करोड़₹40,341 करोड़
उद्योग658₹78,448 करोड़₹34,086 करोड़
आवास125₹41,947 करोड़₹10,055 करोड़
पर्यटन437₹47,646 करोड़₹8,500 करोड़
उच्च शिक्षा28₹6,675 करोड़₹5,116 करोड़
स्वास्थ्य39₹25,785 करोड़₹2,500 करोड़
अन्य374₹79,518 करोड़₹3,292 करोड़

सरकार का फोकस: निवेशकों को समर्थन, राज्य को विकास

निवेश उत्सव के दौरान निवेशकों से फीडबैक भी लिया जाएगा और उन्हें सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन नीतियों की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

“उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य सरकार हर संभव सहायता दे रही है। बेहतर आधारभूत ढांचा, शांत वातावरण और नीति-समर्थन के चलते उत्तराखंड निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यह निवेश रोजगार और समृद्धि के नए रास्ते खोल रहा है।”
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

आईएएस सबीन बंसल: उत्तराखंड सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतिबिंब

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आईएएस सबीन बंसल: उत्तराखंड सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतिबिंब

देहरादून, उत्तराखंड की राजधानी और सबसे प्रमुख जिलों में से एक, न केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है बल्कि राज्य सरकार की नीतियों की छवि का भी प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में जब किसी जिले के जिलाधिकारी की कार्यशैली सरकार की नीतियों का सजीव उदाहरण बन जाए, तो वह पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श बन जाता है। देहरादून के डीएम आईएएस सबीन बंसल ऐसे ही प्रशासनिक अधिकारी हैं, जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति को जमीन पर सख्ती से लागू करते नज़र आते हैं।

जनता से सीधा संवाद और सख्त निर्णय

डीएम कार्यालय में प्रतिदिन लगने वाला जनता दरबार आम लोगों को प्रशासन से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। फरियादियों की शिकायतों को न केवल गंभीरता से सुना जा रहा है, बल्कि ज़रूरी मामलों में त्वरित कार्रवाई भी की जा रही है। सबीन बंसल की कार्यशैली में निष्पक्षता और कठोरता साफ झलकती है। जिले के अधिकारियों पर समय-समय पर की गई सख्त कार्रवाइयों से यह संदेश स्पष्ट है कि वे किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करते।

सरकार की सकारात्मक छवि निर्माण में अग्रणी

सबीन बंसल ने देहरादून जिले में जनविश्वास और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। उनकी कार्यशैली न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में सरकार की ईमानदार और प्रतिबद्ध छवि प्रस्तुत कर रही है। उनकी साफ-सुथरी प्रशासनिक पहचान अन्य जिलों के अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा बन चुकी है।

एक मिसाल, जिसे अपनाने की ज़रूरत

यह आवश्यक है कि प्रदेश सरकार जिलों में सरकार की योजनाओं की वास्तविक डिलीवरी का मूल्यांकन करे और उन ज़िलों में जहां कार्य निष्पादन कमजोर रहा है, वहां सबीन बंसल जैसे सक्षम और प्रतिबद्ध अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि जनता तक सरकार की योजनाओं का लाभ भी सही तरीके से पहुंचेगा।

देहरादून के डीएम के रूप में आईएएस सबीन बंसल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति और ईमानदारी हो, तो सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। आज वे उत्तराखंड के उन चुनिंदा अफसरों में गिने जाते हैं, जो वास्तव में सरकार का आईना बनकर जनता और प्रशासन के बीच विश्वास की मज़बूत कड़ी बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा के लिए किया आमंत्रित, अवस्थापना विकास हेतु 400 करोड़ की मांग

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा के लिए किया आमंत्रित, अवस्थापना विकास हेतु 400 करोड़ की मांग

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने 2026 में प्रस्तावित पवित्र नंदा राजजात यात्रा के भव्य आयोजन की जानकारी दी और पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 400 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। साथ ही प्रधानमंत्री को इस पर्वतीय महाकुंभ में सम्मिलित होने का आमंत्रण भी दिया।

हरिद्वार अर्धकुंभ के लिए 3500 करोड़ की मांग

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर 3500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में पुलों की मरम्मत, पार्किंग, विद्युत आपूर्ति, जल व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और पैदल यात्रा मार्ग जैसी अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करना आवश्यक है।

विद्युत प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए आग्रह

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार और ऋषिकेश में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने और बिजली आपूर्ति को स्वचालित करने के उद्देश्य से तैयार की गई 1015 करोड़ की डीपीआर को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया।

केदारनाथ-बदरीनाथ की तर्ज पर गंगा व शारदा कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार, ऋषिकेश और चंपावत में क्रमश: गंगा व शारदा कॉरिडोर के मास्टर प्लान के अनुसार अवस्थापना विकास के लिए सीएसआर फंडिंग सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किए जाने की अपील की।

यातायात और उद्योग क्षेत्र में भी अनुरोध

  • दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल को हरिद्वार तक विस्तारित करने की मांग।
  • ऊधमसिंह नगर के नेपा फार्म को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने हेतु सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना का प्रस्ताव।
  • टनकपुर-बागेश्वर और ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं में मार्ग निर्माण की मांग।

धारचूला का घी और पुरोला का लाल चावल भेंट

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कार्तिक स्वामी मंदिर की प्रतिकृति, आदि कैलाश यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक, और उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों जैसे कनार (धारचूला) का घी, पुरोला का लाल चावल, बासमती चावल, काला जीरा, गंध रैण, जम्बू, और स्थानीय शहद की सौगात भेंट की।

जल विद्युत परियोजनाओं और नदी जोड़ो योजना पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर 596 मेगावाट की 5 जल विद्युत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने पिंडर-कोसी लिंक परियोजना को केंद्र की विशेष योजना में शामिल किए जाने की मांग की। इस परियोजना से बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल के 625 गांवों को पेयजल और सिंचाई सुविधा मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने यात्रा और जल जीवन मिशन की जानकारी ली

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री से चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, और जल जीवन मिशन की प्रगति पर विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को “विकसित भारत 2047” के विजन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध बताया और राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार प्रकट किया।