Home Blog Page 137

उत्तराखंड कैबिनेट फैसले

0

उत्तराखंड कैबिनेट फैसले Uttarakhand Cabinet Decision 2025

पशुपालन विभाग

पशुपालन विभाग द्वारा 9 पर्वतीय जनपदों अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत, पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग के कुक्कुट पालकों के लिए कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना लागू जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत प्रारम्भिक वर्ष 2025-26 में ब्रायलर फार्म योजना के अन्तर्गत 816 एवं कुक्कुट वैली स्थापना योजना के अन्तर्गत 781 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत कुल आहार सब्सिडी -रूपये 2,83,85,000 (रूपये दो करोड़ तिरासी लाख पिच्चासी हजार मात्र) का आवंटन किया जाएगा।

परिवहन विभाग

देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के नाम से स्पेशल परपज व्हीकल का गठन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा संचालित ई-बसों को संचालित किए जाने, प्रधान मंत्री ई-बस सेवा योजना के अन्तर्गत ई-बसों के संचालन तथा वर्तमान नगर बस सेवा का संचालन सुगठित-सुव्यवस्थित करने का कार्य करेगा।

आवास विभाग

जनपद ऊधमसिंहनगर में प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित कालोनियों एवं व्यावसायिक निर्माण हेतु ग्राम फाजलपुर महरौला, तहसील रूद्रपुर अंतर्गत कुल रकबा 9.918 हे० भूमि को वर्तमान सर्किल रेट पर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधमसिंहनगर के पक्ष में आवंटन किया जाएगा।

न्याय अनुभाग

महाधिवक्ता, मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के अधिष्ठान कार्यालय में आशुलिपिक संवर्ग में वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव (वेतनमान 123100-215900, लेवल-13. ग्रेड पे-8700) का 01 पद सृजन के साथ ही आशुलिपिक (वेतनमान-29200-92300, लेवल-05) का 01 पद समर्पित किया जाएगा।

उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नवम वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी

उत्तराखंड मंत्रीमंडल फैसले Uttarakhand Mantrimandal DECISION

0

उत्तराखंड मंत्रीमंडल फैसले Uttarakhand Mantrimandal DECISION देहरादून सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सचिवालय में हुई जिसमे 6प्रस्ताव के साथ बड़े फैसले सरकार लिए है

सचिवालय में कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी देते अपर सचिव,मुख्यमंत्री/महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया उधम सिंह नगर में 9 हैक्टयर जमीन सर्किल रेट पर प्राधिकरण की मिली है फाजलपुर महरोला में जमीन की डिमांड सरकार से की थी जिसके बाद सरकार ने जमीन उपलब्ध करवाई है यहाँ पर कार्शिअल और आवासीय निर्माण किया जायेगा

महाधिक्वता कार्यालय नैनीताल में दो पदों का सर्जन किया गया है जिसको मंत्री मंडल ने फैसला लेते हुए अनुमति दी है आशुलिपिक, वरिस्ठ निजी सचिव

प्रधानमंत्री बस सेवा के लिए देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड का हुआ गठन देहरादून में ट्रैफिक समस्या का समाधान किये जाने के लिहाज से ई बसों का संचालन किया जायेगा देहरादून में अभी कुछ सिमित जगह पर बसें चल रही है

पशुपालन विभाग की कुटकुट परियोजना को बढ़ावा देते हुए उत्तराखंड के पर्वतीय ज़िलों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए तीन हज़ार मुर्गियों वाले पोल्ट्री फार्म या रोजगार सर्जन करने में ये फीड खरीद किये जाने पर उत्तराखंड सरकार ने दस रूपए किलो के हिसाब से सब्सिडी मिलेगी पर्वतीय ज़िलों में ट्रांसपोर्ट चार्ज अधिक होने से अभी तक रोजगार सर्जन करने वालो को महंगा फीड मिलता था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में प्रबुद्धजन सम्मेलन में किया प्रतिभाग, राज्य की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को साझा किया

0

cm pushkar singh dhami kashipur

काशीपुर, उत्तराखंड |
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में भाग लेते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों के साथ जनसंवाद स्थापित कर उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास में जनसहभागिता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यवासी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “विकसित भारत@2047” विजन को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” नीति के अंतर्गत भारत की तेज़ी से बढ़ती वैश्विक स्थिति को रेखांकित किया और बताया कि भारत अब एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और निर्यात का नेतृत्वकर्ता राष्ट्र बन चुका है।

उत्तराखंड में निवेश और औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस पहल

मुख्यमंत्री ने राज्य में हुए ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें से ₹1 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने राज्य में लागू की गई नई नीतियों—जैसे स्टार्टअप नीति, MSME नीति, लॉजिस्टिक नीति आदि—का ज़िक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड आज निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
उन्होंने यू-हब, अरोमा पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स का भी उल्लेख किया।

स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद, दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘वेड इन उत्तराखंड’, और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी योजनाओं को स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने का माध्यम बताया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को नीति आयोग के SDG इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “Achiever”, और स्टार्टअप रैंकिंग में “Leader” का दर्जा मिला है।

राज्य हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया गया है। इसके साथ ही, नकल विरोधी कानून ने सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता को मज़बूत किया है। राज्य में लव जिहाद, लैंड जिहाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। 9,000 एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया और मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। बीते वर्षों में 200 से अधिक अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।

स्वदेशी अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से “स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ” के मंत्र को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर छोटा प्रयास देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायकगण, महापौर दीपक बाली, जनप्रतिनिधि एवं काशीपुर क्षेत्र के सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

चंपावत में हादसा: निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल के सेप्टिक टैंक में उतरे साइट इंजीनियर और कारपेंटर की मौत

0

चंपावत में हादसा: निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल के सेप्टिक टैंक में उतरे साइट इंजीनियर और कारपेंटर की मौत डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल में हादसा, सेप्टिक टैंक में गैस से दो की मौत

डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल में सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब निर्माणाधीन गर्ल्स हाॅस्टल के सेप्टिक टैंक में कार्यदायी संस्था रामपुर की अग्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के साइट इंजीनियर और एक कारपेंटर टैंक के भीतर उतरे, जहां गैस की चपेट में आने से दोनों बेहोश हो गए

उन्हें तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को मोर्चरी में भिजवाते हुए परिजनों को सूचना दे दी है।

सीओ वंदना वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान साइट इंजीनियर शिवराज चौहान (28) पुत्र प्रेम सिंह, निवासी ग्राम चगेटी, तहसील भनोली (वर्तमान निवासी घसियारामंडी), और हसन (24) पुत्र तौकीर रजा, निवासी नौगवां बीसलपुर, पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

दोनों सेप्टिक टैंक के अंदर शटरिंग हटाने का कार्य कर रहे थे, तभी जहरीली गैस के कारण उनकी मौके पर ही हालत बिगड़ गई

चंद्रग्रहण 2025: उत्तराखंड के मंदिरों में सूतक और ग्रहण की विशेष व्यवस्था

0

चंद्रग्रहण 2025: उत्तराखंड के मंदिरों में सूतक और ग्रहण की विशेष व्यवस्था
चंद्रग्रहण से कुछ समय पहले ही सूतक काल आरंभ हो जाएगा। यह सूतक काल दोपहर 12:53 बजे से शुरू होगा। चूंकि यह दिन श्राद्ध पक्ष के अंतर्गत आता है, इसलिए ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि भोजन सूतक से पहले ही कर लेना चाहिए।

उत्तराखंड के प्रमुख मंदिरों में दोपहर 12:30 बजे से ही कपाट बंद होने लगेंगे, ताकि धार्मिक परंपराओं का पालन किया जा सके। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे मंदिरों में दर्शन की योजना सूतक काल से पहले ही बना लें।

चंद्र ग्रहण 2025 स्पर्श से मोक्ष तक कीजिये यूकॉस्ट में फ्री दीदार बस कीजिये ये काम

0

भाद्रपद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 7 सितंबर 2025 के दिन रविवार को 122 वर्षों के बाद चंद्र ग्रहण लग रहा है। जिसे भारत में स्पर्श से लेकर मोक्ष तक देखा जा सकता है।7 सितंबर को चंद्रग्रहण का स्पर्श रात्रि 9:57 बजे, मध्य 11:49 बजे व मोक्ष 1:27 बजे होगा पूर्णिमा के दिन बेहद खास दिन 7 सितम्बर 2025 चंद्र ग्रहण है धार्मिक कारण के अनुसार जिस दिन ग्रहण लगता है उस दिन मंदिरो को बंद रखा जाता है देहरादून में अगर आप भी ग्रहण देखना चाहते है तो यूकॉस्ट की वेबसाइट पर पंजीकरण करना है जिसके बाद नी शुल्क ब्लड मून देख सकते है

𝗘𝗻𝘁𝗿𝘆 𝗶𝘀 𝗙𝗥𝗘𝗘 !

For Registration https://docs.google.com/…/1FAIpQLSfDk3P6PNU…/viewform…

पूर्ण चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा तो यूकॉस्ट दिखा रहा है अद्भुत खगोलीय घटना ब्लड मून को अगर आप भी देखना चाहते हैं तो झाझरा स्थित उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) पहुंच सकते हैं। सात सितंबर को यहां शाम सात से रात एक बजे तक टेलिस्कोप से पूर्ण चंद्रग्रहण देखने का मौका मिलेगा। यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि यह सिर्फ खगोल विज्ञान का विषय नहीं बल्कि हमारे और ब्रह्मांड के बीच गहरे संबंध को महसूस करने का अवसर है।

महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी सरकार – मुख्यमंत्री

0

13 महिलाओं को तीलू रौतेली और 33 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को उत्कृष्ट सेवा कार्य सम्मान

गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्त्री शक्ति, तीलू रौतेली एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 33 आंगनवाड़ी कार्यकर्तात्रियों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीरांगना तीलू रौतेली को नमन करते हुए कहा कि, तीलू रौतेली ने महज 15 वर्ष की उम्र में अपने रण कौशल से विरोधियों को परास्त किया। जिस उम्र में बच्चे खेलना, कूदना और पढ़ना सीखतें हैं, उसी उम्र में तीलू रौतेली ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। इसलिए वीरांगना तीलू रौतेली को उत्तराखंड की झांसी की रानी कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “नारी तू नारायणी” के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहे है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की बात हो या बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना, केंद्र सरकार हर तरह से महिलाओं को सशक्त बना रही है, इसी तरह ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करके भी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश की महिलाओं को सामाजिक तौर पर मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने जहां महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए देश में सर्वप्रथम “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना” और “उद्यमिता विकास कार्यक्रम” जैसी योजनाओं के माध्यम से भी मातृशक्ति को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से तीलू रौतेली पुरस्कार राशि 31 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार धनराशि 21 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के शुरुआती चरण के विकास में आंगनवाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रामीण इलाकों में माता-पिता के बाद बच्चों को संस्कार और प्रारंभिक शिक्षा देने की शुरुआत आंगनवाड़ी केंद्रों से ही होती है। उनके दोनों बच्चों ने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार आंगनवाड़ी से ही प्राप्त किए हैं। इसलिए राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी बहनों और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की है। पहले जहां आंगनवाड़ी बहनों को 7500 रुपए का मानदेय मिलता था, उन्हें अब 9300 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह अब मिनी आंगनवाड़ी को 4500 के बजाय 6250 और सहायिकाओं को 3550 के बजाय 5250 रुपए का मानदेय मिलता है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइज़र के पद पर पदोन्नति दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी शक्ति, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य की महिलाओं के पास क्षमता और योग्यता की कमी नहीं है। महिला स्वयं सहायता समूहों के बनाए हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद, बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी मात दे रहे हैं। इसलिए वो हमेशा महिला समूहों को प्रोत्साहन देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से कहा था कि, 21वीं शताब्दी का तीसरा दशक, उत्तराखंड के नाम होने जा रहे हैं, इस क्रांति में महिला समूहों की अहम भूमिका होने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे यह कार्यक्रम पहले आठ अगस्त को आयोजित होना था, लेकिन आपदा के कारण तब आयोजन संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय आपदाओं से घिरा हुआ है, सरकार आपदा प्रभावितों तक हर संभव तरीके से पहुंचने का प्रयास कर रही है, इस काम में केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है।

इस मौके पर विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। आगंनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का एतिहासिक कार्य भी धामी सरकार ने किया। आयोजन में विधायक श्री खजान दास, सचिव श्री चंद्रेश कुमार, निदेशक श्री बंशीलाल राणा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

इन्हें मिला तीलू रौतेली पुरस्कार
अल्मोडा से मीता उपाध्याय, बागेश्वर से अलिशा मनराल, चमोली से सुरभि, चम्पावत से अनामिका बिष्ट, देहरादून से शिवानी गुप्ता, हरिद्वार से रूमा देवी, नैनीताल से नैना, पौड़ी गढ़वाल से रोशमा देवी, पिथौरागढ से रेखा भट्ट, रूद्रप्रयाग से हेमा नेगी करासी, टिहरी गढवाल से साक्षी चौहान, ऊधमसिंह नगर से रेखा और उत्तरकाशी से विजयलक्ष्मी जोशी।

तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 महिलाएं चयनित, 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी होंगी सम्मानित

0

तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 महिलाएं चयनित, 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी होंगी सम्मानित

देहरादून, 2 सितंबर 2025: उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर दिए जाने वाले प्रसिद्ध राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए इस वर्ष 13 साहसी और प्रेरणादायक महिलाओं का चयन किया गया है। साथ ही, राज्य भर से 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा।

इसकी जानकारी महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने दी। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार समारोह 4 सितंबर को आईआरडीटी सभागार, देहरादून में आयोजित किया जाएगा।

मंत्री रेखा आर्या का बयान:

“उत्तराखंड की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपनी सीमाओं से ऊपर उठकर कार्य कर रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्हें उनकी मेहनत और समर्पण का उचित सम्मान मिलना चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण के वास्तविक कार्यकर्ता हमारी आंगनबाड़ी बहनें हैं, और उन्हें वह सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए जिसकी वे हकदार हैं।

सम्मान और उद्देश्य

  • 13 महिलाएं: तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित होंगी
  • 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां: राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करेंगी
  • उद्देश्य: महिला नेतृत्व, सेवा और समाज में योगदान को सम्मानित करना

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के हर प्रयास में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि महिला शक्ति को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि अवसर और मंच भी मिले

उत्तराखंड में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजनाओं को मिली रफ्तार, राज्य सरकार और एनएचएलएमएल के बीच हुआ समझौता

0

देहरादून, 2 सितंबर 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मंगलवार को सचिवालय में एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोपवे के विकास को लेकर उत्तराखंड सरकार और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के बीच यह एमओयू (MoU) संपन्न हुआ।

समझौते के तहत परियोजना में एनएचएलएमएल की 51% और राज्य सरकार की 49% इक्विटी भागीदारी होगी। साथ ही, राजस्व साझेदारी के अंतर्गत अर्जित 90% राशि को उत्तराखंड राज्य में ही पर्यटन, परिवहन और गतिशीलता से जुड़ी परियोजनाओं में व्यय किया जाएगा।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज, और अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


🔹 परियोजनाओं का विवरण:

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्वतमाला परियोजना के तहत दो प्रमुख रोपवे परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है:

  • सोनप्रयाग से केदारनाथ:
    • लंबाई: 12.9 किलोमीटर
    • लागत: ₹4100 करोड़
  • गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब:
    • लंबाई: 12.4 किलोमीटर
    • लागत: ₹2700 करोड़ से अधिक

इन दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाना, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।


🗣️ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

“यह समझौता उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा। साथ ही यह पर्यटन, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य में रेल, रोड और रोपवे कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम ऑलवेदर रोड, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, टनकपुर-सितारगंज मार्ग, पौंटा साहिब-देहरादून, और हल्द्वानी बाईपास जैसी अनेक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये कनेक्टिविटी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।


🗣️ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने कहा:

“यह दिन उत्तराखंड में रोपवे विकास की दिशा में मील का पत्थर है। इन परियोजनाओं से केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य हर क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति कर रहा है।”


🗣️ पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का वक्तव्य:

“यह समझौता पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इन रोपवे परियोजनाओं से दूरस्थ क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पर्यटन को स्थायी आधार मिलेगा।”


👥 उपस्थित प्रमुख अधिकारीगण:

इस अवसर पर राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु
  • सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल, युगल किशोर पंत
  • अपर सचिव विनय कुमार (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय)
  • सीईओ, एनएचएलएमएल श्री राजेश मलिक
  • वाइस प्रेसिडेंट, एनएचएलएमएल श्री प्रशांत जैन
  • अपर सचिव श्री अभिषेक रोहिला, और
  • पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी शामिल थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए कृतसंकल्प होकर कार्य कर रही है।

मंगलवार को मसूरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान मसूरी में शहीद हुए आंदोलनकारी बलबीर सिंह नेगी, बेलमती चौहान, हंसा धनाई, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी और मदन मोहन ममगई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने हमारे बेहतर भविष्य के लिए अपना वर्तमान दांव पर लगाकर उत्तराखंड के निर्माण में अपना अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर 1994 का दिन राज्य के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। इस दिन मसूरी की वीरभूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस की गोलियों का सामना करना पड़ा। यह घटना उस समय के सत्ताधारी दलों के दमनकारी रवैये का प्रतीक थी, जिन्होंने एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयता के साथ कुचलने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनके और उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय में राज्य आंदोलनकारियों के केवल एक आश्रित के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था थी, परंतु अब नए कानून के अंतर्गत चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। यही नहीं, राज्य सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। इसी के साथ राज्य आंदोलनकारियों के बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था और आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सपना था कि एक ऐसा उत्तराखंड बने जहां हमारी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने “समान नागरिक संहिता” लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित कर दिए हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को पारदर्शिता के साथ रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया। इसके बाद उत्तराखंड में 25 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया, वहीं 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी उनसे ही करने का कार्य किया है। हाल ही में सरकार ने नया कानून लागू कर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के बाद एक जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में अवैध रूप से संचालित ढाई सौ से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल सभा भवन जल्द बनाने और सिफन कोर्ट का मामला जल्द हल करने की बात कही तथा मसूरी में वेंडर जोन की घोषणा सहित अन्य मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के जन्मशताब्दी समारोह को भी भव्य तरीके से मनाएगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी तहसील बनाने के लिए सीएम का आभार व्यक्त करने के साथ ही मसूरी की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, दर्जाधारी सुभाष बड़थ्वाल, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन मल्ल सहित राज्य आंदोलनकारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल हुए।