Friday, March 6, 2026
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CM की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल छह महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में श्रम, गृह, कारागार, वन और कृषि विभाग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
देहरादूनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल छह महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में श्रम, गृह, कारागार, वन और कृषि विभाग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सबसे पहले, श्रम विभाग द्वारा केंद्र सरकार को भेजा गया पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट वापस लेने का निर्णय लिया गया है। यह संशोधन कोविड काल के दौरान किया गया था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।
ईएसआई डॉक्टरों की भर्ती को लेकर भी अहम फैसला हुआ है। लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 में संशोधन कर पदों को भरा जाएगा और प्रमोशन भी दिए जाएंगे। इसके तहत कुल 94 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
गृह विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 में गठित एंटी नक्रोटेक्स टास्क फोर्स को लेकर भी कैबिनेट ने फैसला लिया। राज्य स्तर पर टास्क फोर्स के लिए 22 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी गई है।
कारागार एक्ट में हैबिचुअल ऑफेंडर यानी बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों की परिभाषा में संशोधन किया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार की परिभाषा को अपनाया गया है।
वन विभाग में कार्यरत 893 दैनिक श्रमिकों में से 314 को पहले से न्यूनतम वेतनमान मिल रहा था। अब शेष 579 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान, यानी 18 हजार रुपये देने की मंजूरी दे दी गई है।
कृषि विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना, जो 2025-26 तक लागू है, के साथ ही प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

ब्रेकिंग न्यूज़ | देहरादून में सनसनी दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या, हमलावर मौके से फरार

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुधवार को दिनदहाड़े हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया।तिब्बती मार्केट के पास एक युवक को बदमाशों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात कोतवाली डालनवाला क्षेत्र की बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और इलाके को घेरकर जांच शुरू की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूटी सवार हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। शहरभर के चेक पोस्ट पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
चौंकाने और हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात राज्य के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुई जहां से सचिवालय और पुलिस मुख्यालय मात्र 500 मीटर दूर हैं।

विकासनगर: जौनसार बावर में भालू का हमला: बकरियां चरा रहे पशुपालक की हालत गंभीर

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विकासनगर: उत्तराखंड में भालू आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य के पहाड़ी इलाके में एक बार फिर भालू ने हमला कर दिया है. भालू के हमले की घटना देहरादून जिले के पहाड़ी ग्रामीण इलाके जौनसार बावर में हुई है. यहां त्यूणी क्षेत्र के निमगा गांव के पशुपालक पर भालू ने हमला किया है. भालू के हमले से पशु पालक गम्भीर रूप से घायल हो गया है. ग्रामीण घायल को त्यूणी सरकारी अस्पताल ले गए. वहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार कर हायर सेंटर रेफर कर दिया.

अब मजबूरी नहीं बनेगी पहचान: 484 एकल महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का संबल

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मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने डीबीटी के माध्यम से 484 लाभार्थियों को भेजी ₹3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि
राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ करते हुए प्रथम चरण में जनपद बागेश्वर ( 42 लाभार्थी) , देहरादून (191), नैनीताल (75), पौड़ी (66), टिहरी ( 23) एवं उधमसिंहनगर ( 87) के कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी। इसके साथ मुख्यमंत्री ने विभागीय कैलेंडर का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को नई दिशा दी जा रही है। महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र और समाज की उन्नति संभव नहीं है। महिला के सशक्त होने से परिवार के साथ पूरा समाज सशक्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि दी जा रही है। शेष 7 जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग ₹ 4 करोड़, महीने के अंत तक डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा इस योजना में हमने विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा या किसी भी कारण से अकेले जीवन का भार उठाने वाली महिलाओं के साथ एसिड अटैक, आपराधिक घटना की पीड़िता, ट्रांसजेंडर्स को भी शामिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा इस योजना के शुरू होने से राज्य की नारी शक्ति अब नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे हैं । महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना के साथ ही ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करने जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान किए जा रहें हैं। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में लगभग 5 लाख महिलाएँ 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम किया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।
कैबिनेट मंत्री  रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब महिलाओं को किसी और के ऊपर निर्भर न रखकर खुद आत्मनिर्भर बनेंगी साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ेगी। उन्होंने कहा निश्चित ही यह योजना एकल महिलाओं की तस्वीर बदलने का काम करेंगी।
सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है। उन्होंने बताया योजना के अंतर्गत अधिकतम धनराशि ₹ 2.00 लाख तक के कार्य / परियोजना स्वीकृत किए जा रहे हैं। लाभार्थी द्वारा स्वयं के श्रोतों / लोन के रूप में ली गयी धनराशि के सापेक्ष 75 प्रतिशत अथवा ₹1.50 लाख (जो भी अधिकतम हो) धनराशि की सब्सिडी प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया योजना के अंतर्गत परियोजना हेतु महिला को विभागीय अनुदान धनराशि 75% देय होगी एवं महिला का स्वयं का अंशदान 25% अनिवार्य रूप से देय होगा।
इस अवसर पर डायरेक्टर बी एल राणा, विक्रम , आरती,  मोहित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माणः डाॅ. धन सिंह रावत

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प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जायेगा। इन विद्यालयों के भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है साथ ही उक्त निर्माण कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिये जायेंगे।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक कार्यों से लेकर शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया हो सके। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून व चमोली में जर्जर व क्षतिग्रस्त हो चुके 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण को रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है। जिसमें रूद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली, सल्या में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिये 32-32 लाख स्वीकृत किये हैं जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल में पुनर्निर्माण के लिये 40.30 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई में भवन पुनर्निमाण के लिये 39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष व प्राधानाध्यापक कक्ष के निर्माण को 20.47 लाख जबकि मल्ला वल्थी के लिये 20.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है। टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिये 34.86, सौन्दकोटी मल्ली 37.36, मंजूरीडागर 39.94 तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण के लिये 29.59 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार जनपद चमोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण को 77.11 लाख जबकि देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के भवन पुनर्निर्माण को 33.05 लाख तथा प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन के पुनर्निर्माण को 36.87 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ इन विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ ही पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।

ग्राहकों को चूना लगाकर फरार हुआ ज्वेलर, पुलिस जांच शुरू

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हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में एक ज्वेलर ने ज्वेलरी मेकिंग के नाम पर ग्राहकों के लाखों रुपये के सोने के जेवर और नकदी ले ली। इसके बाद वह फरार हो गया। इस मामले में ज्वेलर्स की पत्नी ने पूर्व में मुखानी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई है। पीड़ितों के अनुसार 228.3 ग्राम सोना समेत लाखों रुपये की नकदी लेकर भाग गया है।

मंगलवार को क्षेत्र की कई महिलाओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया कि मां भगवती ज्वैलर्स के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
पीड़ितों ने बताया कि लामाचौड़ क्षेत्र में स्थित मां भगवती ज्वैलर्स का संचालन नरेंद्र सिंह रावत और उसकी पत्नी पूजा रावत निवासी ग्राम मोड़ी ताड़ीखेत अल्मोड़ा की ओर से किया जा रहा था।
आरोप है कि नरेंद्र रावत कई वर्षों से लामाचौड़ में ही रह रहा है, क्षेत्र के कई लोगों से नए गहने बनाने, पुराने जेवर ठीक करने और सुरक्षित रखने के नाम पर भारी मात्रा में सोना और नकदी ली थी। छह फरवरी को ज्वेलर अपनी दुकान बंद कर लापता हो गया। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।

मुखानी थाना क्षेत्र के इन लोगों ने दर्ज कराई शिकायत
सात शिकायतकर्ताओं ने एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें पीड़ित पूरन सिंह बोहरा ने बताया कि 40.550 ग्राम सोने के गहने और 100 ग्राम का सिक्का ज्वेलर्स को दिया था।

इसी के साथ बसंती देवी ने 21.280 ग्राम सोना और 50 हजार नगद, 50 हजार आनलाइन दी थी। पुष्पा कन्याल ने 20 ग्राम सोना और 1.85 लाख नगद रुपए दिए।हेमलता दानू ने 26.4 ग्राम सोना और 27 हजार नगद, 48 हजार आनलाइन रुपये जमा कराए।

निर्मला निगलटिया ने 20 ग्राम सोना दिया था। जिससे वह सोने की ज्वेलरी बनवाना चाहते थे।

हल्द्वानी: चलती कार बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान

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हल्द्वानी: नैनीताल जिले के लामाचौड़ क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती हुई टाटा पंच कार में अचानक आग लग गई. गनीमत रही कि कार चला रहे युवक ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली. घटना के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. बाद में दमकल के वाहन ने आग पर काबू पाया.
सोमवार की रात्रि में करण नेगी निवासी गांधी आश्रम, पीपलपोखरा नंबर-1 अपनी टाटा पंच कार से घर लौट रहे थे. जैसे ही वह लामाचौड़ क्षेत्र में पहुंचे, तभी कार के इंजन हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा. कुछ ही पलों में कार में आग भड़क गई. आग लगते ही करण नेगी ने बिना देर किए कार को सड़क किनारे रोका और तुरंत बाहर निकल आए. उनकी तत्परता और समझदारी के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
लोगों ने घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग को दी. सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी. पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई की.

उत्तराखंड: शादी मंडप में पहुंची महिला ने दूल्हे को बताया अपना पति, पुलिस भी रही मौजूद

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उधमसिंह नगर: उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर क्षेत्र में सोमवार को एक शादी समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब एक महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और दूल्हे को अपना पति बताते हुए हंगामा कर दिया। महिला का आरोप था कि युवक उससे बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, कस्बे में एक युवक का विवाह समारोह चल रहा था। इसी दौरान गदरपुर माजरा हसन निवासी एक महिला थाने पहुंची और अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए शादी रुकवाने की मांग की। महिला की शिकायत पर थाने में तैनात महिला उपनिरीक्षक सोनिका जोशी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। जब तक पुलिस विवाह स्थल पर पहुंची, तब तक शादी की रस्में पूरी हो चुकी थीं। पुलिस ने मौके पर दोनों पक्षों से पूछताछ की और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान विवाह स्थल पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बिना तलाक दूसरी शादी अवैध
पुलिस ने दूल्हा पक्ष को स्पष्ट रूप से बताया कि पहली पत्नी के रहते बिना तलाक दूसरी शादी करना कानूनन अपराध है। वहीं, महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति जानबूझकर उसे धोखा देकर दूसरा विवाह कर रहा है। दूसरी ओर, आरोपित पति पक्ष का कहना था कि पति-पत्नी पिछले छह वर्षों से अलग-अलग रह रहे हैं और यह फैसला पंचायत के माध्यम से हुआ था। हालांकि, इस संबंध में कोई कानूनी तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
पुलिस ने न्यायालय जाने की दी सलाह
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता को आरोपित पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी। पुलिस का कहना है कि यह मामला दीवानी और पारिवारिक न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

उत्तराखंड: नाबालिगों के बाइक चलाने पर अभिभावकों पर ₹25 हजार जुर्माना

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देहरादून: दुपहिया चला रहे पांच नाबालिगों के अभिभावकों पर परिवहन विभाग ने 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने कार्रवाई की है।
संभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून संभाग डा. अनीता चमोला ने बताया कि नाबालिगों के वाहन चलाने के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 199 नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से संबंधित है। जिसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे वाहन चलाने पर माता-पिता या वाहन मालिक को जिम्मेदार माना जाता है। इसमें 25 हजार रुपये जुर्माना, तीन साल की कैद, वाहन का रजिस्ट्रेशन 12 महीने तक रद्द करने, नाबालिग को 25 वर्ष की उम्र तक लाइसेंस न मिलने का प्रावधान है। नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन संचालन के मामले में चालानों का निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाता है।
स्कूलों के पास नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही
दून शहर के कई ऐसे स्कूल हैं जहां नाबालिग नियमों को ताक पर रखकर वाहन खुद चलाकर आवाजाही करते हैं। ऐसे में वह अपने साथ औरों की जान भी जोखिम में डालते हैं। जागरूकता अभियान चलाकर विभाग अभिभावकों से यही अपील कर रहा है कि बिना लाइसेंस बच्चों को वाहन नहीं चलाने दें।
2025 में 26 हजार चालान किए गए
आरटीओ ने बताया कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 2024 के मुकाबले 25 में दोगुने चालान किए गए हैं। अप्रैल 2024 से दिसम्बर 2024 तक विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 21600 की अपेक्षा 14487 चालान किए थे। अप्रैल 2025 से दिसम्बर 2025 तक 26444 चालान किए गए।

देहरादून: ससुराल पक्ष से विवाद के बाद युवक की आत्महत्या, 9 पन्नों का नोट बना अहम सुराग

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देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पारिवारिक कलह से तंग आकर एक 30 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से नौ पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने पत्नी और ससुराल पक्ष को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली विकासनगर के कोतवाल विनोद गुसांई के अनुसार, रविवार देर रात सूचना मिली कि पहाड़ी गली चौक, कैनाल रोड स्थित एक किराए के मकान में एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है। सूचना पर चौकी प्रभारी बाजार मयंक त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पुलिस को 30 वर्षीय महेंद्र पुत्र हरिदास वर्मा, निवासी ग्राम व पोस्ट खमरोली, कालसी अचेत अवस्था में घर के अंदर बिस्तर पर पड़ा मिला। मृतक के भाई अशोक ने बताया कि महेंद्र ने चुन्नी की मदद से पंखे से फांसी लगाई थी, जिसे उसने नीचे उतारा। पुलिस तत्काल उसे विकासनगर अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पत्नी के घर छोड़ने के बाद तनाव में था युवक
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक महेंद्र पत्नी के साथ पहाड़ी गली चौक पर किराए के मकान में रहता था। महेंद्र और उसकी पत्नी संदीप एक होटल में काम करते थे। किसी कारणवश दोनों के बीच अनबन हो गई थी, जिसके बाद पत्नी घर छोड़कर कहीं चली गई। महेंद्र लगातार उसकी तलाश कर रहा था और इसी मानसिक तनाव में उसने यह कदम उठाया।
तीन साल पहले हुआ था विवाह, कोई संतान नहीं
पुलिस के अनुसार मृतक का तीन वर्ष पूर्व विवाह हुआ था, लेकिन दंपती की कोई संतान नहीं थी। पारिवारिक विवाद के चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान बताया जा रहा है।
9 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
घटनास्थल से पुलिस को नौ पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने स्पष्ट रूप से पत्नी और ससुराल पक्ष को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। नोट में उसने लिखा है कि वह पत्नी और ससुरालियों के व्यवहार से बेहद परेशान था।
पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
मृतक के पिता हरिदास ने कोतवाली में लिखित तहरीर देकर अपनी बहू आशिका और उसके मायके पक्ष पर पुत्र की मौत के लिए संदेह जताया है। तहरीर, सुसाइड नोट और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर पुलिस ने पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।