Home Blog Page 109

राष्ट्रपति ने देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन में फुट ओवर ब्रिज और घुड़सवारी क्षेत्र का किया लोकार्पण

0

सुरक्षा, परंपरा और हिमालयी वास्तुकला के संगम से समृद्ध हुआ राष्ट्रपति निकेतन परिसर

देहरादून। माननीय राष्ट्रपति ने आज देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन में दो नई आगंतुक- केंद्रित सुविधाओं- पैदल पार पुल (फुट ओवर ब्रिज) और घुड़सवारी क्षेत्र का लोकार्पण किया। इन दोनों परियोजनाओं ने राष्ट्रपति निकेतन परिसर को आधुनिकता, सुरक्षा और विरासत के अद्भुत संगम के रूप में स्थापित कर दिया है।

राजपुर रोड पर बने 105 फीट लंबे पैदल पार पुल ने अब राष्ट्रपति निकेतन और आगामी राष्ट्रपति उद्यान (132 एकड़ परिसर) के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित कर दिया है। उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा ₹9 करोड़ की लागत से निर्मित यह पुल स्थानीय हिमालयी वास्तुकला का सुंदर उदाहरण है। रैंप और रेलिंग के साथ यह पूरी तरह सुगम पहुँच (universal access) प्रदान करता है। यह पुल अब व्यस्त राजपुरा रोड पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन गया है।

वहीं, परिसर में विकसित 0.7 एकड़ का घुड़सवारी क्षेत्र, राष्ट्रपति के अंगरक्षकों (PBG) की ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक है। सीपीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित इस अत्याधुनिक क्षेत्र में 8 घोड़ों की क्षमता वाला अस्तबल, उपचार कक्ष, स्नान व चारा कक्ष, और आगंतुकों के लिए देखने का विशेष गलियारा तैयार किया गया है।

यह नई सुविधा अब आम आगंतुकों के लिए सोमवार को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। यहाँ आगंतुकों को राष्ट्रपति सर्किट का समृद्ध अनुभव देने के लिए निर्देशित भ्रमण (Guided Tours) की भी व्यवस्था की गई है।

राष्ट्रपति निकेतन में इन दो नई परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ, यह परिसर अब न केवल सुरक्षा और संरचना के दृष्टिकोण से उन्नत हुआ है, बल्कि हिमालयी विरासत और राष्ट्रीय गौरव का भी नया प्रतीक बन गया है।

हरिद्वार : राष्ट्रपति मुर्मु ने किया पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के द्वितीय दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित

0

देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के द्वितीय दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1454 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। 62 शोधार्थियों को विद्या वारिधि और 3 शोधार्थियों को विद्या वाचस्पति की उपाधि प्रदान की गई, जबकि 615 विद्यार्थियों को परास्नातक और 774 विद्यार्थियों को स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन की विविध वनस्पतियों पर आधारित दो पुस्तकें ‘फ्लोरा ऑफ राष्ट्रपति भवन’ एवं ‘मेडिसिनल प्लांट्स ऑफ राष्ट्रपति भवन’ की प्रतिलिपियाँ भी भेंट कीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने पदक प्राप्त विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के जीवन-निर्माण में योगदान देने वाले अध्यापकों और अभिभावकों का भी विशेष अभिनंदन किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत बेटियाँ हैं तथा पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में चार गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विकसित भारत के उस स्वरूप का परिचायक है जिसमें महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय महर्षि पतंजलि की तप, साधना और ज्ञान परंपरा को आधुनिक समाज के लिए सुलभ बना रहा है। विश्वविद्यालय योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की भारत-केन्द्रित शिक्षा-दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि इसमें विश्व बंधुत्व की भावना, वैदिक ज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय और वैश्विक चुनौतियों के समाधान जैसी विशेषताएँ निहित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वसुधैव कुटुंबकम की भावना पर आधारित जीवन-मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान-प्राप्ति नहीं है, बल्कि सदाचार, तपस्या, सरलता और कर्तव्यनिष्ठा जैसे जीवन-मूल्यों को आत्मसात करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल आत्म-विकास बल्कि राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। गंगा तट पर स्थित हरिद्वार की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ये पवित्र स्थल ज्ञान और अध्यात्म का संगम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी स्वाध्याय और तपस्या जैसे आदर्शों का पालन करते हुए स्वस्थ, संस्कारित और समरस समाज के निर्माण में योगदान देंगे।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उनके देवभूमि आगमन को गर्व का क्षण बताया। राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि योग, आयुर्वेद और अध्यात्म का प्राण-केंद्र है। इस पवित्र धरती से प्रचलित योग और आयुर्वेद की परंपरा ने न केवल भारत को, बल्कि समूचे विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और सद्भाव का संदेश दिया है। उत्तराखंड की यह ऋषि-परंपरा आज भी हमें यह प्रेरणा देती है कि ज्ञान का सर्वोच्च उद्देश्य केवल आत्म-विकास नहीं, बल्कि विश्व-कल्याण है।

राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि वे दीक्षांत समारोह के पश्चात आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे तथा अपनी शिक्षा, प्रतिभा एवं प्रशिक्षण का उपयोग मानव-कल्याण के लिए करेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने जो ज्ञान अर्जित किया, वह केवल हमारे लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण के लिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को स्वीकृति दिलाकर योग के विज्ञान पर किए गए हजारों वर्षों के कार्य को वैश्विक मंच प्रदान किया। विगत कुछ वर्षों में योग और आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति आई है, और आज करोड़ों लोग इनके माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का देवभूमि उत्तराखंड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सदैव अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किया है। हाल ही में जब उन्होंने लड़ाकू विमान ‘राफेल’ में उड़ान भरी, तो पूरे देश ने उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रेरक उदाहरण देखा। उनके व्यक्तित्व में मातृत्व की ममता, सेवा का संकल्प और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का अद्भुत संगम निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी उत्तराखंड वासियों का सौभाग्य है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर हमें राष्ट्रपति का सान्निध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करके अपने बेहतर भविष्य के साथ ही अपने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में पतंजलि विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का अतुलनीय कार्य कर रहा है। यहाँ विज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जहाँ विद्यार्थी केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-मूल्यों की भी शिक्षा प्राप्त करते हैं। पतंजलि विश्वविद्यालय ने आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय से ऐसी शिक्षा पद्धति विकसित की है, जो योग, आयुर्वेद, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अनेक नवाचार कर रही है। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के साथ ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित करने की पहल की गई है। भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है। देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क और अल्मोड़ा में साइंस सेंटर के निर्माण के माध्यम से राज्य में वैज्ञानिक अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।कार्यक्रम में पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. कल्पना सैनी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उत्तराखंड: हजारों किसानों को मिलेगा Kisan Credit Card और पशुधन योजनाओं का लाभ

0

देहरादून: राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शनिवार को हिमालयन संस्कृति सभागार में पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा और सचिव वीवीआरसी पुरूषोत्तम के निर्देशन में पशुपालन प्रदर्शनी का शुभारंभ निदेशक पशुपालन डॉ. उदय शंकर पांडेय ने किया। इस दौरान पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं और अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार नौटियाल ने बताया कि नौ नवंबर तक प्रदेश में दो हजार किसान क्रेडिट कार्ड, पांच सौ सीएम राज्य पशुधन मिशन पत्र और दो सौ ग्राम्य गो सेवकों का चयन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा उत्तराखंड के सभी जिलों और विकासखंड स्तर पर नौ नवंबर तक विभिन्न कार्यक्रम और गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।

विशेष रूप से पांच नवंबर को दून विवि में अंतरराज्यीय प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन और सात नवंबर को पंतनगर में गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय में किसान एवं पशुपालकों का भव्य मेला आयोजित किया जाएगा।

पहले दिन ही प्रदेश के आठ स्थानों पर जागरूकता गोष्ठी और 13 स्थानों पर पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बद्री गाय के संरक्षण और संवर्धन कार्यक्रम के तहत 2024 पशुओं और 2037 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया। वहीं पशु प्रदर्शनी में 995 पशु और 1040 पशुपालक, पशु जागरूकता शिविर में 2061 पशु और 674 पशुपालक, और बद्री गाय जागरूकता शिविर में 1025 पशु और 1563 पशुपालक को लाभान्वित किया गया।

खटीमा: बोरे में मिली महिला की सड़ी-गली लाश, मचा हड़कंप

0

खटीमा: मंडी समिति के पीछे रेलवे पटरी के किनारे झाड़ियों में प्लास्टिक के बंद बोरे में एक महिला का शव सड़ी-गली अवस्था में पाया गया। अभी तक महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी है। शव के पास से एक मोबाइल भी बरामद हुआ है…जिसकी कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।

सूचना के अनुसार रविवार तड़के शिव कालोनी नौगवांठग्गू निवासी रवि देव ने पुलिस के 112 नंबर पर कॉल कर इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद एसएसआई ललित मोहन रावल, एसआई पंकज महर और एसआई विजय बोहरा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि प्लास्टिक के बंद बोरे में महिला का शव पड़ा हुआ था। महिला उपनिरीक्षक रुबी मौर्य ने मौके पर शव की जांच की। उन्होंने बताया कि शव के दाहिने हाथ की अंगुलियों में आनंद और कोहनी पर “आनंद लव्स” लिखा हुआ था।

शव को पुलिस ने सुरक्षित मोर्चरी में रखवा दिया है। इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी बीएस धौनी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही रविवार की सुबह रुद्रपुर से फॉरेसिंक फील्ड यूनिट की टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में महिला की पहचान के लिए सर्च अभियान भी शुरू कर दिया है। वहीं एसओजी की टीम मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने में जुटी हुई है…जिससे इस हत्या की साजिश और संदिग्धों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को महिला की पहचान हो या कोई संदिग्ध जानकारी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

24 घंटे बाद बरामद हुआ राजमिस्त्री का शव, काठगोदाम नहर में गिरने से हुआ था हादसा

0

शनिवार दोपहर कॉलटैक्स के पास एक 45 वर्षीय व्यक्ति की नहर में गिर कर बहने की सूचना मिली थी.

रुद्रपुर: काठगोदाम कॉलटैक्स नहर में एक मजदूर के गिरने की सूचना मिली. जिसके बाद देर रात तक काठगोदाम पुलिस ने सिंचाई विभाग, जलपुलिस और फायर पुलिस के साथ सर्च अभियान चलाया. रातभर की मेहनत के बाद भी मजदूर का कोई भी सुराग नहीं लगा. जिसके बाद आज एक बार फिर से सर्च अभियान चलाया गया. 24 घंटे बाद नहर में बहे राजमिस्त्री का शव बरामद हुआ. है.

काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित कॉलटेक्स में नहर में गिर कर एक मजदूर के बहने की सूचना पर पुलिस प्रशासन और सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया. आनन फानन में मजदूर की तलाश के लिए पुलिस प्रशासन ने सर्च अभियान चलाया गया. देर रात उसका कोई भी सुराग नहीं लग पाया. जिसके बाद पुलिस एक बार फिर पुलिस टीम क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया. जिसके बाद शव को बरामद कर लिया गया है.

पुलिस के मुताबिक शनिवार की दोपहर को कॉलटैक्स के पास एक 45 वर्षीय व्यक्ति की नहर में गिर कर बहने की सूचना मिली थी. जिसके बाद से मजदूर की तलाशी के लिए नहर में जल पुलिस, फायर पुलिस और सिंचाई विभाग के साथ सर्च अभियान चलाया गया. देर रात तक नहर में उसे तलाशते रहे लेकिन तब कोई भी सुराग नहीं लगा. जिसके बाद आज फिर सर्च किया गया.

दरअसल, कॉलटैक्स के पास मजदूर खड़े रहते हैं. पुलिस आशंका है कि कोई मजदूर का पैर फिसल से वह नहर में जा गिरा होगा. पानी के तेज बहाव के साथ बह गया. सर्च अभियान के दौरान गौला बेराज से नहर का पानी भी रोका गया. लगभग 15 किलोमीटर कवर नहर में पुलिस प्रशासन मजदूर को खोजती रहीं लेकिन अंधेरे के कारण सर्च अभियान में परेशानी आने से सर्च अभियान को रात्रि में रोक दिया गया. आज सुबह से एक बार फिर सर्च अभियान चलाया गया.

एसपी सीटी मनोज कत्याल ने बताया शनिवार की दोपहर में काठगोदाम पुलिस को नहर में एक 45 वर्षीय व्यक्ति की बहने की सूचना के बाद से ही टीम मजदूर की तलाश में सर्च अभियान चलाए हुए थी. काफी खोज बिन के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया. अंधेरे के कारण सर्च अभियान को रोका गया था. आज दोबारा सर्च अभियान चला कर मजदूर के शव को ढूंढ़ा गया.

पतंजलि योगपीठ हरिद्वार पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से किया प्रस्थान

0

पतंजलि विश्वविद्यालय के सुनहरे अक्षरों में आज लिखा जाएगा ऐतिहासिक पल, राज्यपाल, सीएम धामी समेत कई राजनीतिक हस्तियां शामिल

पतंजलि विश्वविद्यालय बहादराबाद में दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान करने के लिए कार्यक्रम के तहत देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से पतंजलि योगपीठ पीठ पहुंची।”

इससे पहले महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सेना के विशेष विमान से देहरादून पहुंची। जहां पर गवर्नर जनरल गुरमीत सिंह सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत अन्य राजनीतिक हस्तियां शामिल हुई हैं। वहीं इस मौके पर कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। आपको बता दें कि पतंजलि विश्वविद्यालय बहादराबाद में दीक्षांत समारोह के मौके पर छात्र छात्राओं को डिग्री प्रदान करने के पहली बार विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहुंची हैं। ये पल पतंजलि विश्वविद्यालय के गौरवशाली हैं। आज का यह ऐतिहासिक पल पतंजलि विश्वविद्यालय के सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। फिलहाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पतंजलि विश्वविद्यालय पहुंच चुकी हैं।

बड़ी खबर (नैनीताल) नहीं उड़ेंगे ड्रोन. नो फ्लाई जोन घोषित।

0

नैनीताल में 3 और 4 नवंबर को ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित – राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू

नैनीताल।
जनपद नैनीताल में 3 और 4 नवंबर 2025 को माननीय राष्ट्रपति भारत गणराज्य के भ्रमण एवं प्रवास कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सुरक्षा कारणों से पूरा नैनीताल जिला “Drone–No Fly Zone” घोषित किया गया है। इस अवधि में किसी भी प्रकार के ड्रोन, कैमरा ड्रोन, या फोटोग्राफी ड्रोन को उड़ाना सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा।

नैनीताल पुलिस मीडिया सेल ने बताया कि आदेश के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“किसी भी प्रकार के ड्रोन को बिना अनुमति उड़ाना दंडनीय अपराध है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिले में सुरक्षा के उच्चतम मानक लागू किए गए हैं,” — नैनीताल पुलिस प्रवक्ता

 

होटल प्रबंधन एवं पर्यटकों से अपील:
जिले में ठहर रहे पर्यटक, होटल संचालक, ब्लॉगर्स, वीडियोग्राफर एवं ड्रोन हैंडलर प्रशासन के इस आदेश का पूर्ण पालन करें।
साथ ही होटल प्रबंधन अपने मेहमानों को यह सूचना अनिवार्य रूप से साझा करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या कानूनी कार्यवाही से बचा जा सके।

ध्यान दें:

  • आदेश 3 और 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।
  • केवल सरकारी अनुमति प्राप्त सुरक्षा या मीडिया एजेंसियों को ही सीमित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने की छूट रहेगी।

‘मन्नत’ के बाहर जमा हुई फैंस की भारी भीड़, आधी रात को शाहरुख खान के 60वें बर्थडे का जश्न, दीदार का है इंतजार

0

शाहरुख खान का 2 नवंबर को 60वां बर्थडे है और देश-विदेश से फैंस भारी संख्या में ‘मन्नत’ के बाहर इकट्ठा हो गए हैं, जबकि वहां रेनोवेशन चल रहा है। शाहरुख ने फैंस को हिंट दिया था कि वह मिलने आएंगे और उसी दीदार के इंतजार में फैंस हैं।

शाहरुख खान का 2 नवंबर को 60वां बर्थडे है और फैंस जश्न में डूब गए हैं। वो आधी रात को किंग खान के बर्थडे मनाने के लिए ‘मन्नत’ के बाहर जमा हो गए हैं, जबकि वहां रेनोवेशन का काम चल रहा है। शाहरुख अभी कहीं और रह रहे हैं, पर उनके खास दिन को एक्स्ट्रा-स्पेशल बनाने के लिए देश के कोने-कोने से फैंस ‘मन्नत’ के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि शायद आधी रात को शाहरुख खान का दीदार होगा।

यूएई, नेपाल और इंडोनेशिया से फैंस ‘मन्नत’ पहुंच चुके हैं। उनके हाथों में शाहरुख खान के नाम के पोस्टर हैं। कुछ वीडियोज भी सामने आए हैं, जिनमें फैंस ‘हैप्पी बर्थडे शाहरुख खान’ और उनका नाम चिल्ला रहे हैं। उन्हें अब शाहरुख के आने का इंतजार है।

राष्ट्रपति के देहरादून आगमन के चलते अलर्ट मोड पर प्रशासन

0

देहरादून । महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उत्तराखंड आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने देहरादून में सुरक्षा और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश जारी किया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त/राजस्व/प्रोटोकॉल) कृष्ण कुमार मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के अंतर्गत यह आदेश जारी करते हुए राष्ट्रपति के निवास और भ्रमण क्षेत्रों के आसपास Silent Zone (ध्वनि प्रतिबंधित क्षेत्र) घोषित कर दिया है।

आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति के देहरादून में प्रवास के दौरान 2 नवंबर 2025 सुबह 10 बजे से 3 नवंबर 2025 शाम 4 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण पर विशेष नियंत्रण रहेगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार का लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड या उच्च ध्वनि वाला उपकरण प्रयोग करना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में ध्वनि की तीव्रता 40 डेसिबल (dB) से अधिक नहीं होनी चाहिए।

ये क्षेत्र रहेंगे साइलेंट जोन घोषित:

1. राजपुर रोड पर मसूरी डायवर्जन से लेकर महामहिम राष्ट्रपति निकेतन होते हुए ब्रह्म कमल चौक से सड़क के दोनों ओर 100 मीटर की परिधि में।

2. विधान सभा परिसर के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में।

यह आदेश 2 नवंबर को प्रातः 10 बजे से राष्ट्रपति के आगमन से एक घंटे पहले प्रभावी हो जाएगा और 3 नवंबर को राष्ट्रपति के प्रस्थान के एक घंटे बाद तक जो भी प्रभावी होगा,लागू रहेगा। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत दंडनीय कार्यवाही की जाएगी।

अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह आदेश सुरक्षा दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है और देहरादून के समस्त संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आदेश का पूर्ण पालन हो।

 

हल्द्वानी: 16 साल की नाबालिग का निकाह POCSO और बाल विवाह एक्ट में माता-पिता गिरफ्तार

0

हल्द्वानी में 16 साल की गर्भवती नाबालिग का निकाह कराने पर हड़कंप। युवक की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने माता-पिता पर बाल विवाह अधिनियम और युवक पर POCSO के तहत मुकदमा दर्ज किया। जानें पूरा मामला।

हल्द्वानी: हल्द्वानी में बाल विवाह का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ 16 वर्ष की गर्भवती नाबालिग का जबरन निकाह करा दिया गया। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और पुलिस ने सख्त कानूनी कार्रवाई की है। आरोपी युवक की मां की शिकायत पर जांच शुरू हुई, जिसके बाद किशोरी के माता-पिता और निकाह करने वाले युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

शिकायत के बाद हुआ चौंकाने वाला खुलासा
मिली जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी निवासी एक युवक का पड़ोस में रहने वाली 16 साल की किशोरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस दौरान किशोरी गर्भवती हो गई। किशोरी के परिवार को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने सामाजिक बदनामी से बचने के लिए नाबालिग का निकाह युवक से करा दिया। इस बीच, नाराज युवक की मां ने पुलिस स्टेशन में तहरीर दी और आरोप लगाया कि किशोरी के परिवार ने उनके बेटे पर जबरन निकाह करने का दबाव बनाया। पुलिस ने तत्काल मामले की जाँच शुरू की और दस्तावेज खंगाले, जिससे चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि लड़की सिर्फ 16 साल की है और चिकित्सकीय परीक्षण में वह चार माह की गर्भवती पाई गई।

माता-पिता और युवक पर दर्ज हुआ गंभीर मुकदमा
पुलिस ने इस पूरे मामले को बाल विवाह और यौन अपराध की श्रेणी में रखा है। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने मीडिया को बताया कि बाल विवाह जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए नाबालिग के माता-पिता के खिलाफ ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006’ के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही, नाबालिग से निकाह करने वाले आरोपी युवक के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम यानी POCSO की धारा में केस दर्ज किया गया है। आरोपी युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

कानून की अनदेखी पर पुलिस सख्त
यह घटना एक बार फिर समाज में बाल विवाह के प्रति जागरूकता की कमी को दर्शाती है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, लड़की की विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष है। इससे कम उम्र में विवाह करना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें 2 साल तक की कठोर कैद और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा हो सके।