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वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण से प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज की भेंट-उत्तराखंड की SHG महिलाओं के सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा

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आज कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज जी ने देश की माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामण जी से सौजन्य भेंट की।
 
इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड की स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका वृद्धि एवं कौशल-विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
 
बैठक के दौरान श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज ने उत्तराखंड के पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय महिला समूहों के उत्कृष्ट कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि-SHG महिलाओं ने उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी दिशा दी है।
स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन से लेकर डिजिटल लेन-देन तक हमारी बहनें स्वयं को और अपने परिवारों को सशक्त बना रही हैं।”
 
प्रदेश महामंत्री ने बैठक में निम्न विषयों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला:
•SHG उत्पादों का राष्ट्रीय स्तर पर विपणन
•स्थानीय उद्योगों व हस्तशिल्प का मूल्य संवर्धन
•महिला उद्यमिता को बढ़ाने हेतु कौशल एवं वित्तीय प्रशिक्षण
•समूह आधारित आजीविका मॉडल
•बैंक लिंकिंग और वित्तीय समावेशन
•डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा
 
माननीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारामण ने उत्तराखंड की महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिला आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, SHG समूहों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित नए आजीविका मॉडल विकसित करने का सुझाव भी दिया।
 
उन्होंने यह भी कहा कि-“SHG उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय बाज़ार और सरकारी क्रय प्रणालियों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। केंद्र सरकार इस दिशा में राज्य को हर संभव सहयोग देगी।”
 
बैठक के अंत में दीप्ति रावत भारद्वाज जी ने वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “माननीय वित्त मंत्री जी का मार्गदर्शन उत्तराखंड की महिलाओं को आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और आर्थिक उन्नति की नई ऊर्जा देगा।”
 
यह संवाद उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला नेतृत्व और SHG आधारित आजीविका को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों के 587 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

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ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसम्बर 2025

देहरादून। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों के रिक्त 587 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने इसके लिये भर्ती विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। उक्त भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसम्बर 2025 निर्धारित की है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि बीते एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत 287 चिकित्सकों तथा 180 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (महिला) के रिक्त पदों पर राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

इसी क्रम में चयन बोर्ड ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों के रिक्त 587 पदों पर भर्ती विज्ञप्ति जारी कर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं। जिसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार व पिथौरागढ़ के रिक्त 480 पद तथा बैकलॉग के 107 पद शामिल हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती के लिये ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 नवम्बर 2025 से शुरू होगी जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि उक्त भर्ती के तहत नर्सिंग अधिकारी (महिला) डिप्लोमाधारक के लिये 336 पद निर्धारित किये गये हैं। इसी प्रकार नर्सिंग अधिकारी (महिला) डिग्रीधारक के लिये 144 पद जबकि नर्सिंग अधिकारी (पुरूष) डिप्लोमाधारक 75 तथा नर्सिंग अधिकारी (पुरूष) डिप्लोमाधारक के लिये 32 पद विज्ञापित किये गये हैं।

दिल्ली की चार जिला अदालतों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

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बम धमकी के बाद दिल्ली की अदालतों में कार्यवाही ठप, परिसर पूरी तरह खाली कराए गए

नई दिल्ली। दिल्ली की कई जिला अदालतों में मंगलवार को आए बम धमकी भरे ई-मेल ने पूरे न्यायिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया। संदेश मिलते ही अदालत परिसरों को एहतियातन खाली करवा दिया गया और सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए तलाशी अभियान शुरू कर दिया। अचानक बढ़ाई गई सुरक्षा ने पूरे शहर में चिंता का माहौल बना दिया।

अदालतों में अचानक हाई अलर्ट

बम धमकी मिलने के बाद साकेत, द्वारका, पटियाला हाउस और रोहिणी स्थित अदालतों को पूरी तरह से खाली कर दिया गया। जजों, अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और वहां मौजूद आम लोगों को तत्काल परिसर से बाहर निकलने को कहा गया। बम निरोधक दस्ता और पुलिस टीमें सभी कमरों, पार्किंग और खुले स्थानों में विस्तृत जांच करती रहीं। पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई, जहां विशेषज्ञ टीमें लगातार तलाशी लेती रहीं।

साकेत कोर्ट में कार्यवाही अस्थायी रूप से रोकी गई

साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि सुरक्षा संबंधी सतर्कता के कारण कुछ समय के लिए सभी न्यायालयीन कार्य बंद कर दिए गए थे। अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे शांति बनाए रखें और बेवजह भीड़ न लगाएं। सुरक्षा जांच पूरी होते ही बाद में कार्यवाही बहाल किए जाने की संभावना जताई गई।

अतीत में भी मिल चुकी हैं धमकियाँ

दिल्ली की अदालतों को पहले भी ऐसे ई-मेल के जरिए डराने की कोशिशें हो चुकी हैं। कुछ महीने पहले दिल्ली हाईकोर्ट को भी बम की झूठी सूचना दी गई थी, जिसके चलते कार्यवाही रोकनी पड़ी थी और सभी को बाहर निकलना पड़ा था। लगातार मिल रही धमकियों ने अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं।

NIA के केस से पहले बढ़ाई गई सतर्कता

पटियाला हाउस और रोहिणी कोर्ट में तलाशी अभियान इसलिए भी तेज किया गया, क्योंकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के आरोपी जसीर बिलाल उर्फ दानिश की पेशी से पहले सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही थी। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक टीम ने पूरी इमारत की तसदीक की।

सीआरपीएफ के दो स्कूलों को भी मिली धमकी

इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे दिल्ली के प्रशांत विहार और द्वारका में स्थित दो सीआरपीएफ स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिला। तत्काल पुलिस, अग्निशमन दल और सुरक्षा बल मौके पर पहुँचे। स्कूलों को खाली कराकर व्यापक तलाशी की गई, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों ने इसे ‘होक्स’, यानी झूठी धमकी घोषित किया।

भ्रम फैलाने की कोशिशें बढ़ीं, सुरक्षा और कड़ी की गई

लगातार मिल रही फर्जी धमकियों ने पुलिस की सतर्कता और भी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि भले ही अधिकतर धमकियाँ झूठी निकलती हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

16 करोड़ से होगी नंदा की चौकी पुल की मरम्मत

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15 सितंबर की रात अतिवृष्टि में हो गया था क्षतिग्रस्त

नंदा की चौकी पुल की मरम्मत को हरी झंडी ,  16 करोड़ की डीपीआर पास

1992 की गलती अब नहीं दोहराई जाएगी , ओपन फाउंडेशन हटेगा, वेल फाउंडेशन बनेगा

सोमवार देर रात से एप्रोच मार्ग पर टाइल्स बिछाने का काम शुरू

देहरादून। प्रेमनगर और आसपास के लाखों लोगों की सबसे बड़ी समस्या रहे नंदा की चौकी पुल को लेकर आखिरकार राहतभरी खबर सामने आई है। पांवटा साहिब राजमार्ग पर स्थित यह पुल 15 सितंबर की रात अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन अब इसकी मरम्मत के लिए 16 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी मिल गई है और विभाग ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं।

इससे क्षेत्र के लोगों में दोबारा उम्मीद जग गई है कि जल्द ही इस जाम और परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

अतिवृष्टि के दौरान टौंस नदी के उफान में पुल की पांवटा साहिब छोर वाली एबटमेंट वाल ढह गई थी। कारण साफ है — पुल 1992 में ओपन फाउंडेशन पर बना था, जबकि नदी वाले क्षेत्र में वेल फाउंडेशन ही सुरक्षित विकल्प होता है।

नई डीपीआर में यह बड़ी चूक सुधारी गई है।

  • अब पूरा सुदृढ़ीकरण वेल फाउंडेशन पर होगा,
  • पुल को भविष्य के 100 साल के भार और डिस्चार्ज को ध्यान में रखकर मजबूत बनाया जाएगा।

यह बदलाव न सिर्फ तकनीकी सुधार है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भरोसे की वापसी भी है।

दो महीने से परेशानियां झेल रहे लोग — अब राहत की आहट

पुल टूटने के बाद से हाईवे पर यातायात ह्यूम पाइप वाली अस्थायी पुलिया से चल रहा है। एप्रोच रोड टूटी हुई है, जाम रोज़ का दर्द बन गया है, और स्कूल–कॉलेज जाने वाले छात्रों को कई किलोमीटर तक रूकी हुई लाइनें झेलनी पड़ रही हैं।

लोगों का सवाल — “इतने बड़े राजमार्ग पर ऐसी लापरवाही क्यों?”

स्थानीय नागरिकों का गुस्सा और चिंता दोनों चरम पर हैं।

“हमारे बच्चे रोज इस रास्ते से स्कूल जाते हैं, डर लगता है,” एक अभिभावक ने कहा।

“15–20 मिनट का रास्ता अब एक घंटे में पार हो रहा है,” रोजाना आने-जाने वाले छात्रों ने बताया।

दुकानदारों का कहना है कि फुटफॉल आधा हो गया है।

पुल की अचानक क्षति ने लोगों के भरोसे पर भी चोट की है। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि अगर समय पर मजबूत नींव बनाई जाती तो पूरे क्षेत्र को इस दुश्चक्र से नहीं गुजरना पड़ता।

उम्मीद की किरण : रात में शुरू हुआ टाइल्स बिछाने का काम

यातायात सुचारू करने के लिए बनाई गई अस्थायी ह्यूम पाइप पुलिया के एप्रोच मार्ग की स्थिति खराब हो चुकी थी। गड्ढों से भरी सड़क पर दोपहिया और चौपहिया वाहनों के फंसने की घटनाएं सामने आती रहीं।

अच्छी खबर यह है कि सोमवार देर रात से एप्रोच मार्ग पर टाइल्स बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसे मजबूती देने के बाद अस्थायी पुल पर वाहनों की आवाजाही कुछ हद तक आसान हो जाएगी। विभाग का दावा है कि मुख्य पुल बनने तक आवागमन में लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

लेकिन अब डीपीआर पास होने और टेंडर शुरू होने के बाद लोगों में राहत की भावना साफ दिख रही है।

स्थानीय निवासी इसे “सबसे बड़ी उम्मीद की खबर” बता रहे हैं।

अधिकारियों का दावा : 2–3 महीने में खुलेगा पुल

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार 16 करोड़ की लागत से सुदृढ़ीकरण कार्य होगा और दो से तीन महीने में पुल फिर से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

यह समय सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा सुकून दे रही है, क्योंकि रोजाना का जीवन फिलहाल इस पुल पर ही निर्भर है।

दिलाराम चौक स्थित राज प्लाजा में एक मोबाइल दुकान में लगी भीषण आग

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दुकान में था करीब 1 करोड़ अधिक का स्टॉक

आग की चपेट में दुकान के सभी मोबाइल, LED, LCD, चार्जर, कवर, म्यूजिक सिस्टम, एसेसरीज आदि जलकर हुई राख

देर रात 10:30 बजे हुई घटना

करीब 30 मिनट बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू

हालांकि आग लगने की क्या वजह रही, अभी तक यह पता नहीं चल पाया

देहरादून: प्रदेश में रजिस्ट्री शुल्क दोगुना, लोगों में बढ़ी चिंता

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झटका : अब हर रजिस्ट्री पर 25 हजार की जगह देने होंगे 50 हजार

देहरादून। सरकार ने रजिस्ट्री शुल्क 25 हजार रुपये से बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। अब हर रजिस्ट्री पर 50 हजार रुपये शुल्क देना होगा। इसे राजस्व बढ़ोतरी की दिशा में बेहतर कदम माना जा रहा है। इससे पहले 2015 में रजिस्ट्री शुल्क को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया था।

इस संबंध में सोमवार को वित्त विभाग के आदेशों के बाद महानिरीक्षक निबंधन (आईजी स्टांप) कार्यालय की ओर से भी सभी जिलों को पत्र जारी कर दिया गया है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में प्रति रजिस्ट्री दो प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क अधिकतम 25 हजार रुपये लिया जाता है। मसलन अगर 10 लाख रुपये की जमीन कोई खरीदता है तो इसके हिसाब से 20 हजार रुपये रजिस्ट्री शुल्क लिया जाता है।

जबकि, अगर 12.5 लाख रुपये तक की रजिस्ट्री पर दो प्रतिशत के हिसाब से 25 हजार रुपये रजिस्ट्री शुल्क होता है। इसके अलग अगर रजिस्ट्री इससे ज्यादा की है तब दो साल बाद रजिस्ट्री शुल्क में किया गया है संशोधन

प्रतिशत के स्थान पर यह शुल्क 25 हजार रुपये ही लिया जाता है। यानी रजिस्ट्री अधिकतम कितनी भी कीमत की हो रजिस्ट्री शुल्क 25 हजार रुपये ही लिया जाता है। अब इस शुल्क को अधिकतम 50 हजार रुपये कर दिया गया है।

आईजी स्टांप सोनिका ने बताया कि 10 साल बाद शुल्क में संशोधन किया गया है। उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री शुल्क एक प्रतिशत होता है। इसकी अधिकतम कोई सीमा नहीं होती। जबकि, उत्तराखंड में इसकी सीमा निर्धारित की गई है। इससे भूमि खरीदने वालों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता है।

कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी, जानिए किन कर्मियों को होगा लाभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य कर्मियों को महंगाई भत्ते का तोहफा दिया.

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा दिया है. राज्य में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में अब 3% की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इन कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाकर 58% हो गया है. राज्य में इन कर्मचारियों को इस महंगाई भत्ते का लाभ जुलाई महीने से मिलेगा.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले से सातवें पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन आहरित करने वाले सार्वजनिक निकायों, उपक्रमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के हजारों अधिकारियों–कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी.

औद्योगिक विकास अनुभाग-2 द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब कर्मचारियों का DA-55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है. यह निर्णय केंद्र सरकार की संशोधित दरों के अनुरूप लिया गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ोतरी राज्य कर्मकारों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थाओं, नगर निकायों, स्थानीय निकायों तथा पूर्णकालिक एवं अंशकालिक कर्मचारियों पर भी लागू होगी.

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता केवल उन्हीं निकायों और उपक्रमों में लागू होगा, जिनकी आंतरिक वित्तीय संसाधन क्षमता अतिरिक्त व्यय वहन करने में सक्षम है. इस आधार पर संबंधित संस्थाओं को अपने स्तर पर व्यय वहन का परीक्षण करते हुए आदेश लागू करना होगा. बढ़ती महंगाई के बीच यह कदम कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा और उनके मासिक वेतन में प्रत्यक्ष वृद्धि सुनिश्चित करेगा.

इधर सरकार के इस फैसले पर कर्मचारी संगठनों ने संतोष और आभार प्रकट किया है. राज्य निगम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश रानकोटी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शासन के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देती रही है. उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौरान यह तीन प्रतिशत की वृद्धि कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है व इससे आर्थिक बोझ कम होगा.

वहीं महासंघ के प्रदेश महामंत्री नंदलाल जोशी ने भी निर्णय का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से रखी जा रही मांग को सरकार ने सम्मान दिया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार अन्य लंबित मामलों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कर्मचारी हित में फैसले लेती रहेगी. सरकार के इस निर्णय से राज्यभर के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है.

नैनीताल पुलिस ने किया ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड गिरोह भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

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नैनीताल पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप से फ्रॉड करने वाले चार आरोपी अरेस्ट किए हैं.

नैनीताल: पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप से फ्रॉड करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने अलग-अलग शहरों के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज की तहरीर पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड व खातों में मोटी रकम के हस्तांतरण का डाटा मिला है. आरोपित क्षेत्र में रहकर बीते एक सप्ताह से ऑनलाइन गेमिंग में पैसा लगाने व बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए लोगों को प्रलोभन दे रहे थे.

ज्योलीकोट पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बाहरी व्यक्ति लोगों को गेमिंग एप की जानकारी देने के साथ ही उनके बैंक खाते व सिम कार्ड मांग रहे है. लोगों द्वारा बैंक खाता देने के एवज में खाते में आने वाली रकम का तीन प्रतिशत कमिशन के तौर पर देने का लालच दिया जा रहा है. सूचना के बाद ज्योलीकोट पुलिस चेकिंग अभियान में जुट गई. इसी बीच वाहन भुजियाघाट से ज्योलीकोट की ओर आता हुआ मिला.

वाहन रोक पुलिस ने पूछताछ की तो वाहन चालक व सवार तीनों लोगों की भूमिका संदिग्ध नजर आई. वाहन की तलाशी लेने पर भीतर बैग में मोबाइल, सिम व डेबिट कार्ड बरामद हुए. जिसके बाद पुलिस चारों को हिरासत में लेकर चौकी ले आई. जहां सख्ती से पूछताछ में चारों ने सच उगल दिया. एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि चारों ने पूछताछ में पता चला कि वह ऑनलाइन गेमिंग में प्रयोग करने के लिए लोगों के बैंक खाते लेते है.

बीते एक सप्ताह से वह क्षेत्र में रुके थे. मगर क्षेत्र के लोगों द्वारा बहुत पूछताछ करने के कारण उन्हें कोई खाता देने वाला व्यक्ति नहीं मिल सका. इसके अलावा वह इंटरनेट मीडिया में फेक अकाउंट बनाकर लोगों को ठगते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से मिले खातों और अन्य दस्तावेजों की जानकारी निकलवाने को साइबर सेल कर्मियों को बुलाकर जांच करवाई. जिसमें से एक के ई-मेल में मिले खाते से लाखों का लेनदेन होने की पुष्टि हुई.

एसएसपी ने बताया कि मामले में लालकुआं हाउसिंग अलवर राजस्थान निवासी शुभम गुप्ता, पुख्ता बाजार जहांगिराबाद बुलंदशहर निवासी पियूष गोयल, मोदीनगर गाजियाबाद निवासी ऋषभ कुमार, महावीरापुर सेक्टर पांच गुरुग्राम निवासी मोहित राठी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध बीएनएस की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

उत्तराखंड पंचायत उपचुनाव: 321 पदों पर 2266 उम्मीदवार, 27,221 निर्विरोध

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उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव की चुनावी तस्वीर साफ। 321 पदों के लिए 2266 प्रत्याशी लड़ेंगे चुनाव, जबकि 27,221 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। 20 नवंबर को मतदान और 22 नवंबर को मतगणना होगी। जिलावार उम्मीदवारों की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव की चुनावी तस्वीर अब साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अब कुल 321 पदों के लिए 2266 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। यह आंकड़ा नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद सामने आया है, जिससे साफ है कि अधिकांश रिक्त पदों पर चुनाव नहीं होगा।

बड़ी संख्या में निर्विरोध जीत
दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग ने 32,985 रिक्त पदों के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी की थी। कुल 30,800 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। राज्यभर में 27,221 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। केवल 321 पदों पर ही अब मतदान होगा, जिससे चुनाव आयोग और प्रशासन का काम काफी आसान हो गया है। नामांकन निरस्त होने और वापस लेने वाले प्रत्याशियों की संख्या भी काफी कम रही है।

321 पदों पर किस वर्ग के कितने उम्मीदवार?
जिन 321 पदों पर चुनाव होने हैं, उनमें सदस्य ग्राम पंचायत के 316 पदों के लिए 2255 उम्मीदवार, प्रधान के चार पदों के लिए नौ उम्मीदवार, और सदस्य जिला पंचायत के एक पद के लिए दो उम्मीदवार शामिल हैं। सबसे ज्यादा मुकाबला अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और पौड़ी जैसे जिलों में देखने को मिलेगा। उदाहरण के लिए, ऊधमसिंह नगर में 109 पदों के लिए 226 उम्मीदवार, जबकि पौड़ी में 60 पदों के लिए 123 उम्मीदवार मैदान में हैं। बागेश्वर में 1611 पदों के लिए 1555 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, जो एक बड़ा आंकड़ा है। अधिक जिलावार जानकारी के लिए आप राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना (External Link Suggestion) देख सकते हैं।

मतदान और मतगणना की तारीख
नामांकन प्रक्रिया 13 और 14 नवंबर को संपन्न हुई थी। नाम वापसी के बाद अब आयोग ने सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। अब 20 नवंबर को कुल 235 मतदान स्थलों पर वोट डाले जाएंगे। इसके बाद, 22 नवंबर को मतगणना की जाएगी और चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस उपचुनाव के बाद राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के रिक्त पद भर जाएंगे, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलेगी।

उत्तराखंड: सार्वजनिक जगह पर शराब पीते पकड़े गए 42 लोग

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सार्वजनिक स्थानों में बैठकर जाम छलकाना युवकों को पड़ा भारी, कुल 42 व्यक्ति दबोचे

छुट्टी के समय महिलाओं पर फब्तियाँ कसने वाले शराबियों पर सिडकुल पुलिस की बड़ी कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार द्वारा सार्वजनिक स्थानों, होटलढाबों एवं सड़क किनारे शराब पीकर हुड़दंग मचाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है।

इसी क्रम में सिडकुल क्षेत्र में फैक्ट्रियों से छुट्टी के समय राह चलने वाली महिलाओं पर शराब के नशे में फब्तियाँ कसने की मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आज दिनांक 17/11/2025 को थाना सिडकुल पुलिस द्वारा विभिन्न टीमें गठित की गईं।

पुलिस टीमों ने अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों, शराब की दुकानों व सड़क किनारे शराब पीकर हुड़दंग मचाने वाले कुल 42 व्यक्तियों को विभिन्न स्थानों से पकड़ा।

इन सभी के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 10,500/- संयोजन शुल्क वसूल किया गया। साथ ही सभी को भविष्य में ऐसी हरकत न करने की सख्त चेतावनी दी गई।