रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी का संदेश, महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण पर दिया जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास, स्नेह, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को मजबूत करने के साथ-साथ नारी सम्मान और सामाजिक सद्भाव का भी प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और संवेदनशीलता की भावना को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और उनके बिना समृद्ध एवं विकसित उत्तराखंड की कल्पना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उत्तराखंड सरकार भी महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष सुविधा देते हुए बताया कि 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के सम्मान और उनकी प्रगति के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सहयोगी बनना होगा, तभी सशक्त उत्तराखंड और विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा।

