मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव: चम्पावत को ₹62.97 करोड़ की 50 विकास योजनाओं का तोहफा
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को चम्पावत के रामलीला मैदान धूरा में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026’ में प्रतिभाग करते हुए जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने ₹62.97 करोड़ लागत की 50 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इनमें ₹11.08 करोड़ की 20 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹51.89 करोड़ की 30 नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
चम्पावत में होंगे कई महत्वपूर्ण विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने धूरा क्षेत्र में पेयजल योजना, धूरा-सेतीचौड़ मोटर मार्ग, ककनई क्षेत्र में सड़क निर्माण, विद्यालयों तक सीसी मार्ग, विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण और कई गांवों में बाढ़ सुरक्षा कार्यों की घोषणा की।
इसके अलावा लदिया नदी पर झूला पुल, सिंचाई के लिए नलकूप, सड़कों के डामरीकरण और अन्य आधारभूत परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि यहां की मेहनती और आत्मनिर्भर मातृशक्ति से भी है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
बेटियों के लिए शिक्षा और खेल सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, कॉलेज हॉस्टल और आईटीआई लैब जैसी योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बेटियों को बेहतर अवसरों के लिए अपने जिले या गांव से बाहर न जाना पड़े।
लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल महिलाओं को लखपति दीदी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें करोड़पति दीदी के रूप में आगे बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए वोकल फॉर लोकल, हाउस ऑफ हिमालयाज, हिलांस आउटलेट, फूड वैन और ई-रिक्शा जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं, जिससे महिलाएं रोजगार लेने वाली नहीं बल्कि रोजगार देने वाली बन रही हैं।
रक्षाबंधन पर मातृशक्ति के साथ मनाया उत्सव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं से रक्षा सूत्र बंधवाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कुमाऊंनी भाषा में संवाद कर मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया और कहा कि चम्पावत का स्नेह और अपनापन उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है।

