बैसाखी पर सीएम धामी से सिख प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात, हेमकुंड रोपवे और एक्सप्रेसवे पर बड़ा संदेश बैसाखी के मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी से सिख प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। हेमकुंड साहिब रोपवे, सिख समाज के सम्मान और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अहम चर्चा।
बैसाखी पर सम्मान और सौहार्द का संदेश
बैसाखी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिख समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की और पारंपरिक सरोपा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान कार्यक्रम में श्रद्धा, सांस्कृतिक एकता और आपसी सौहार्द का विशेष वातावरण देखने को मिला।
सिख समाज ने केंद्र-राज्य सरकार के फैसलों की सराहना
हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सिख समुदाय के लिए लिए गए फैसलों की खुलकर सराहना की।
उन्होंने खासतौर पर:
- “वीर बाल दिवस”
- गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का राष्ट्रीय सम्मान
- गुरु ग्रंथ साहिब की वापसी
जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को महत्वपूर्ण बताया।
हेमकुंड साहिब रोपवे: श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत
हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित करीब ₹1700+ करोड़ की रोपवे परियोजना को इस बैठक का मुख्य आकर्षण माना गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
यात्रा होगी आसान और सुरक्षित
बुजुर्ग और दिव्यांगों को मिलेगा लाभ
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: विकास की नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने हाल ही में शुरू हुए दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को राज्य के विकास का नया द्वार बताया।
उन्होंने कहा कि इससे:
- यात्रा समय में भारी कमी
- पर्यटन में तेजी
- निवेश और रोजगार में वृद्धि
जैसे बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “न्यू इंडिया विजन” से भी जोड़ा जा रहा है।
“तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” — विकास का विजन
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री के संकल्प — “तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” — को दोहराते हुए कहा कि राज्य तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
- सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी
- पर्यटन और तीर्थाटन
- इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है।
सिख समाज का योगदान और सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है—
चाहे वह स्वतंत्रता संग्राम हो, सेना हो या समाज सेवा।
सरकार की प्राथमिकता:
श्रद्धालुओं की सुरक्षा
यात्रा सुविधाओं का विस्तार
बेहतर स्वास्थ्य और आवास व्यवस्था
निष्कर्ष
बैसाखी के इस अवसर पर हुई यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि आस्था, विकास और सामाजिक समरसता का संदेश है।हेमकुंड रोपवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं उत्तराखंड को नए विकास आयाम देने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई पर ले जाएंगी।
