प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने व्यापक समीक्षा बैठक कर कई अहम निर्देश दिए। इस दौरान राज्य के प्रमुख रोपवे प्रोजेक्ट्स की प्रगति, चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
ब्रिडकुल बनेगा नियामक प्राधिकरण
मुख्य सचिव ने ब्रिडकुल को रोपवे परियोजनाओं के लिए रेगुलेटरी बॉडी के रूप में मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके लिए संस्थान की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का ड्राफ्ट जल्द तैयार किया जाएगा।
जागेश्वर धाम में भी रोपवे
प्राचीन जागेश्वर धाम परियोजना में रोपवे को शामिल करने के निर्देश दिए गए, जिससे श्रद्धालुओं की पहुंच आसान हो सके।
प्राथमिकता तय करने के लिए उपसमिति
प्रदेश में रोपवे निर्माण की प्राथमिकता तय करने हेतु एक उपसमिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख सचिव नियोजन करेंगे। इसमें पर्यटन, आवास, लोक निर्माण विभाग और नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल होंगे।
यह समिति तय करेगी कि किन शहरों और स्थानों पर रोपवे परियोजनाएं पहले विकसित की जाएं।
मसूरी रोपवे को लेकर सख्त निर्देश
मसूरी रोपवे परियोजना के लोअर टर्मिनल के पास सड़क मार्ग से जुड़ी अड़चनों को तीन दिन के भीतर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।
केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे की प्रगति
- केदारनाथ रोपवे के लिए एग्रीमेंट साइन हो चुका है और एलओए जारी हो चुका है
- लिडार सर्वे पूरा, तकनीकी और टोपोग्राफी सर्वे जारी
- लोअर टर्मिनल पर पार्किंग व्यवस्था और भूमि चिन्हीकरण के निर्देश
- असुरक्षित स्थानों की पहचान कर सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश
- हेमकुंड साहिब रोपवे के लिए भी एलओए जारी, भूमि सर्वेक्षण जारी
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
मुख्य सचिव ने कुंड ब्रिज और नई बाईपास सड़क को शीघ्र पूरा करने और जरूरत के अनुसार नए ब्रिज व बाईपास के सर्वे और निर्माण कार्य साथ-साथ करने के निर्देश दिए।
पर्ट चार्ट से होगी मॉनिटरिंग
सभी प्रमुख परियोजनाओं के लिए PERT चार्ट तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कार्यों में देरी न हो।यह समीक्षा बैठक स्पष्ट करती है कि उत्तराखण्ड सरकार रोपवे परियोजनाओं को केवल पर्यटन सुविधा नहीं, बल्कि आवागमन, तीर्थयात्रा और क्षेत्रीय विकास के बड़े साधन के रूप में देख रही है।

