चुनावी साल से पहले टिहरी में पीएम मोदी की प्रस्तावित जनसभा के कई मायने
चुनावी वर्ष से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित टिहरी दौरे ने प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। कोटीकॉलोनी में प्रस्तावित बड़ी जनसभा को आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के संभावित साहसिक पर्यटन कार्यक्रम भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री टिहरी झील में कोटीकॉलोनी से डोबरा-चांठी तक बोटिंग कर सकते हैं। इसे टिहरी झील में साहसिक पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह कार्यक्रम होता है तो राज्य में पर्यटन और निवेश को भी बड़ा संदेश जाएगा।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।
बृहस्पतिवार को टीएचडीसी के मुख्य महाप्रबंधक आरआर सेमवाल, एएसपी दीपक सिंह, एसडीएम कमलेश मेहता और जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने कोटीकॉलोनी क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने टिहरी झील में संचालित क्रूज और बार्ज बोट का निरीक्षण कर सुरक्षा और संचालन व्यवस्थाओं को परखा।
इसके अलावा राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीम ने भी संभावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा इंतजामों का परीक्षण किया। प्रशासनिक स्तर पर जनसभा स्थल, यातायात व्यवस्था, वीवीआईपी मूवमेंट और पर्यटन गतिविधियों को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

