यह खबर उत्तराखंड में आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन की गंभीरता और तेजी को दर्शाती है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए गए।
क्या हैं मुख्य फैसले और निर्देश?
1. निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी
मुख्य सचिव ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स के शासनादेश (GO) जारी न होने पर नाराजगी जताई और सभी आपत्तियां दूर कर 3 दिन के भीतर GO जारी करने के निर्देश दिए।
2. भूमि अधिग्रहण और आवंटन
कुंभ के लिए जरूरी जमीनों का अधिग्रहण और आवंटन तुरंत शुरू करने और 30 जून तक पूरा करने को कहा गया।
3. ट्रैफिक और कनेक्टिविटी प्लान
- मेलाधिकारी, IG कुंभ और रेलवे अधिकारियों को संयुक्त बैठक कर ट्रैफिक प्लान फाइनल करने के निर्देश
- सड़कों, जंक्शनों और स्पर मार्गों का निर्माण/मरम्मत जल्द पूरा करने पर जोर
- आसपास के जिलों में भी पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
4. आकस्मिक (Emergency) प्लान
भीड़ और आपात स्थिति को देखते हुए अलग से आकस्मिक ट्रैफिक प्लान तैयार रखने को कहा गया।
5. स्वच्छता पर विशेष फोकस
- पूरे मेला क्षेत्र के लिए डेडिकेटेड सैनिटेशन प्लान बनाने के निर्देश
- पार्किंग, शौचालय, भोजन और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर
6. सूचना और सुविधा केंद्र
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटक सूचना केंद्रों की संख्या बढ़ाने को कहा गया।
7. सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
कुंभ के दौरान रोज़ाना लोक संस्कृति, पौराणिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए गए, ताकि उत्तराखंड की संस्कृति को वैश्विक मंच मिले।
क्या है इसका महत्व?
कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में:
- बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर
- सुचारु यातायात
- स्वच्छता और सुरक्षा
- और सांस्कृतिक प्रस्तुति
इन सभी पर एक साथ काम करना बेहद जरूरी होता है।
कुल मिलाकर
सरकार इस बार संगठित, समयबद्ध और आधुनिक प्रबंधन के साथ कुंभ मेला आयोजित करने की दिशा में काम कर रही है। साफ है कि प्रशासन इस बार कोई भी चूक नहीं चाहता और हर स्तर पर तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटा है।

