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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शुभारंभ, टनकपुर से पहला जत्था रवाना

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टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के प्रथम दल में शामिल 49 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर शुभ यात्रा के लिए रवाना किया। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा बाबा कैलाशपति से उनकी मंगलमय, सुरक्षित एवं सफल यात्रा की प्रार्थना की।

आस्था, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की इस पावन यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कनेक्टिविटी के सुदृढ़ीकरण से लेकर यात्रा मार्ग पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को देवभूमि उत्तराखंड की दिव्यता, आत्मीयता और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का श्रेष्ठ अनुभव प्राप्त हो सके।

कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल आस्था का पावन मार्ग ही नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम भी है। इस यात्रा से स्थानीय पर्यटन, रोजगार, स्वरोजगार, होमस्टे, हस्तशिल्प और व्यापार को नई गति मिल रही है, जिससे सीमांत क्षेत्र आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

देहरादून को ₹219 करोड़ की 51 विकास परियोजनाओं की सौगात, CM धामी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास|Bhadas4india

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देहरादून को ₹219 करोड़ की विकास सौगात, CM धामी और राज्यपाल ने 51 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

ऋषिकेश/देहरादून। उत्तराखंड के विकास को नई गति देते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के दौरान देहरादून जनपद के लिए ₹219.29 करोड़ की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, शिक्षा, पर्यटन, पशुपालन, पार्क विकास और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

कार्यक्रम में ₹172.78 करोड़ की लागत वाली 38 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि ₹46.50 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 13 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से देहरादून, डोईवाला, रायपुर, मसूरी, सहसपुर, विकासनगर और चकराता क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

सबसे प्रमुख परियोजनाओं में मसूरी डायवर्जन चौक से लाइब्रेरी चौक तक ₹51 करोड़ से अधिक की लागत से एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था, आईएसबीटी देहरादून के निर्माण एवं उच्चीकरण के लिए ₹27.50 करोड़, झड़ीपानी ट्रैक के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग ₹5 करोड़ तथा न्यू कैंट रोड क्षेत्र में नए पुलों का निर्माण शामिल है।

बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। रायपुर, डोईवाला, सहसपुर और कैंट क्षेत्र में नदी तट सुरक्षा, नहर पुनरोद्धार, जल वितरण प्रणाली और बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मानसून के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और संपर्क मार्गों के निर्माण एवं सुधार के लिए भी अनेक योजनाओं का शिलान्यास किया गया। सहसपुर, मसूरी, डोईवाला और रायपुर विधानसभा क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग टाइल्स, सड़क चौड़ीकरण, आंतरिक मार्गों के निर्माण और पुल निर्माण से स्थानीय आवागमन को बेहतर बनाया जाएगा।

पशुपालन और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए डोईवाला और रायपुर क्षेत्र में निराश्रित गौवंश के संरक्षण हेतु आधुनिक गौशालाओं के निर्माण की भी घोषणा की गई। वहीं उत्तराखंड औद्यानिक एकीकृत विकास सोसायटी के नए कार्यालय भवन के निर्माण से बागवानी क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

लोकार्पित परियोजनाओं में डोईवाला का अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय, रायपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का भवन, हरिपुर कालसी का स्नान घाट, कई पार्कों का निर्माण और सौंदर्यीकरण, मोटर मार्गों का उन्नयन तथा सिंचाई परियोजनाएं प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सड़क, सिंचाई, पर्यटन, शिक्षा और शहरी विकास से जुड़ी ये परियोजनाएं देहरादून जनपद के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगी।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि आधारभूत ढांचे का विकास, जनसुविधाओं का विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से देहरादून जनपद विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

ऋषिकेश सेवा पखवाड़ा में 20 हजार लोगों की सहभागिता, 3500 से अधिक लोगों को मिला लाभ|Bhadas4india

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ऋषिकेश सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, 20 हजार लोगों की सहभागिता, 3500 से अधिक लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ

ऋषिकेश। उत्तराखंड सरकार के ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत ऋषिकेश के आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम जनसेवा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 3500 से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला।

कार्यक्रम में पहुंचे नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर राज्यपाल और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके सफल पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए बधाई भी दी। पूरे आयोजन में जनसहभागिता और सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिला।

सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जनपदों के विभिन्न विभागों ने एकीकृत प्रयास के तहत आमजन को सेवाएं प्रदान कीं। शिविर का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना था।

स्वास्थ्य शिविर में 1000 से अधिक मरीजों की जांच

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विशाल स्वास्थ्य शिविर रहा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 1009 मरीजों की जांच और उपचार किया। शिविर में हड्डी रोग, स्त्री रोग, नेत्र, नाक और कान संबंधी बीमारियों के मरीजों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।

इसके अलावा बच्चों का टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड निर्माण, एक्स-रे, रक्त जांच और आयुष चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की गईं। दिव्यांगजनों के लिए प्रमाण पत्र पंजीकरण और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

पेंशन स्वीकृति से लेकर दिव्यांग उपकरण वितरण तक

समाज कल्याण विभाग ने शिविर के दौरान विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के 75 मामलों को मौके पर स्वीकृति प्रदान की। वहीं 280 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए और कई लाभार्थियों को यूडीआईडी कार्ड भी जारी किए गए।

कृषि, उद्यान, उद्योग, डेयरी, मत्स्य, रेशम, पशुपालन और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विभागों ने भी 1200 से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों और योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। सहकारिता विभाग के पांच स्वयं सहायता समूहों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रत्येक को 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

इसके अलावा कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर जापान में रोजगार पाने वाले अल्मोड़ा, देहरादून और टिहरी के तीन युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इन युवाओं को लगभग एक लाख रुपये प्रतिमाह के पैकेज पर रोजगार मिला है, जिसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाएं बनाना ही नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा पखवाड़ा इसी सोच का सशक्त उदाहरण है, जहां शासन सीधे जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

ग्राफिक एरा में शिक्षा और कौशल विकास को नई उड़ान, CM धामी ने शुरू की कौशल ज्योति योजना|Bhadas4india

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भीमताल में CM धामी ने ग्राफिक एरा के नए अकादमिक ब्लॉक और ऑडिटोरियम का किया उद्घाटन, मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

भीमताल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में नवनिर्मित अकादमिक ब्लॉक और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना का शुभारंभ भी किया तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का भविष्य उसकी सड़कों और इमारतों से नहीं, बल्कि उसके विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के सपनों से तय होता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ग्राफिक एरा ने शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में जो पहचान बनाई है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यदि संकल्प, गुणवत्ता और दूरदृष्टि का समन्वय हो तो उत्तराखंड जैसा पर्वतीय राज्य भी विश्वस्तरीय शिक्षा का केंद्र बन सकता है।

उन्होंने नए अकादमिक ब्लॉक और आधुनिक ऑडिटोरियम को विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और शोध, नवाचार तथा रचनात्मक सोच को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भीमताल जैसे पर्वतीय क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संस्थान की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क होटल मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए जाने को सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने जानकारी दी कि कुमाऊं मंडल में ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने के साथ रोजगार और चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क और अल्मोड़ा में साइंस सेंटर जैसी परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में वही युवा आगे बढ़ेगा, जो सीखने की क्षमता, नवाचार की सोच और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने का साहस रखेगा। उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां मिली हैं।

कार्यक्रम के दौरान धामी सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्राफिक एरा परिवार द्वारा विशेष आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केक काटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया।

शिक्षा मंत्री के नाम से वायरल पत्र पर उठे सवाल, अटैचमेंट व्यवस्था खत्म करने के दावों के बीच नया विवाद|Bhadas4india

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अटैचमेंट खत्म करने के दावों के बीच शिक्षा मंत्री के नाम से वायरल पत्र, शिक्षा विभाग पर उठे नए सवाल

बागेश्वर। उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में संबद्धीकरण (अटैचमेंट) व्यवस्था समाप्त करने के दावों के बीच एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नाम से जारी एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा विभाग की नीतियों और उनके क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल हो रहे पत्र में मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) बागेश्वर को निर्देशित करते हुए लिखा गया है कि “कृपया अनुरोध के अनुसार कार्ययोजित करें।” पत्र के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार बागेश्वर जिले के करुली गांव निवासी जानकी देवी ने शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर अपने पुत्र त्रिलोक सिंह के संबंध में अनुरोध किया था। पत्र में उन्होंने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि उनके पुत्र त्रिलोक सिंह वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू इंटर कॉलेज शामा में लिपिक पद पर कार्यरत हैं और घर से विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण उन्हें बीईओ कार्यालय कपकोट में संबद्ध (अटैच) किया जाए।

बताया जा रहा है कि इसी अनुरोध के संदर्भ में शिक्षा मंत्री के नाम से जारी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हालांकि पत्र की आधिकारिक पुष्टि और उसके आधार पर विभागीय स्तर पर की गई कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग लंबे समय से विद्यालयों में अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त करने और शिक्षकों तथा कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थल पर कार्य करने के निर्देश देने की बात कहता रहा है। ऐसे में इस तरह के पत्र के वायरल होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि पत्र वास्तविक है तो यह सरकार की घोषित नीति और जमीनी अमल के बीच अंतर को उजागर कर सकता है, वहीं यदि पत्र भ्रामक या अधूरा है तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर शिक्षा विभाग की कार्यशैली और पारदर्शिता पर बहस का विषय बन गया है।

ऋषिकेश से शुरू हुआ ‘सेवा पखवाड़ा’, राज्यपाल और CM धामी ने ₹219 करोड़ की 51 परियोजनाओं की दी सौगात|Bhadas4india

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  • राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पणः जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का किया शुभारंभ
  • देहरादून जनपद की ₹ 219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
  • ’मुख्यमंत्री की उपलब्धि पर राज्यपाल ने दी बधाई, विकास कार्यों की सराहना की’
  • ’उत्तराखण्ड विकास और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा – राज्यपाल’
  • जनसेवा ही सरकार का मूल मंत्र, वर्ष 2035 तक विकसित एवं श्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण का लक्ष्य-मुख्यमंत्री

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पणः जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद की ₹ 219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि यह अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक नागरिक तक सम्मान, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुँचे।

राज्यपाल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक समय तक दायित्व निभाने की उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड ने पिछले वर्षों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जिसने समानता, न्याय और सामाजिक समरसता की भावना को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सशक्त नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान तथा प्रभावी भू-कानून जैसे निर्णय जनहित और सुशासन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य की विकास यात्रा में महिलाओं, युवाओं, किसानों और सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण तथा ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राज्यपाल ने कहा कि केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास कार्य, पर्यटन और होमस्टे योजना के विस्तार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों तथा आधारभूत संरचना परियोजनाओं ने उत्तराखण्ड को विकास और निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे नवाचार आधारित क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा’ का संदेश राज्य की क्षमता और संभावनाओं पर उनके विश्वास का परिचायक है। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से इस संकल्प को साकार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज से पांच वर्ष पूर्व उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ था और यह यात्रा जनसेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश की जनता का विश्वास, स्नेह एवं आशीर्वाद ही अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन एवं जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखण्ड को विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, पर्यटन, उद्योग, निवेश, स्वरोजगार एवं सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद, होमस्टे योजना, सौर स्वरोजगार योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में निवेश, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेलों एवं जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से राज्य को नई पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राज्य की जीएसडीपी में वृद्धि, प्रतिव्यक्ति आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट, नए उद्योगों की स्थापना तथा स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या उत्तराखण्ड की प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से रिवर्स पलायन को भी गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक ऐतिहासिक एवं साहसिक निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता लागू करने, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी भावना के साथ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी, सेवा और विकास के संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को वर्ष 2035 तक विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेशवासियों के सहयोग से उत्तराखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  श्रीमती रेखा आर्य, डॉ धन सिंह रावत, श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान, बृज भूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, श्रीमती सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, विनोद चमोली, श्री सहदेव सिंह पुंडीर, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे।

राजनैतिक दिग्गजों को पछाड़ा पुष्कर सिंह धामी ने रचा इतिहास|Bhadas4india

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देहरादून उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना पांच वर्षो का कार्यकाल पूरा कर सबसे अधिक समय तक भाजपा उत्तराखंड मुख्यमंत्री बन जाने का रिकॉर्ड बना चुके है धामी का रिकॉर्ड उत्तराखंड की सियासत में हर नेता पर भारी रहा है विपक्ष से लेकर अपनों का विरोध भी धामी हसते हुए गफूर किये जाने में कामयाब रहे सत्ता में उनका वजूद बड़े बड़े राजनैतिक सूरमा हिला नहीं पाए नतीजा उत्तराखंड में पांच सालो का कार्यकाल पूरा किये जाने वाले नेता पुष्कर सिंह धामी आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की पिच पर बैटिंग करते देखे जाएंगे

देहरादून उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 का समीकरण राज्य में साफ तरह से देखा जा रहा है भाजपा कांग्रेस दोनों राजनैतिक दलों की नज़र जीत वाली सीटों पर अधिक बनी हुई है सिटिंग विधायकों के टिकट पर संकट के बादल बने हुए है ऐसे में पार्टी चेंज किये जाने का आधार टिकट नहीं मिलना होने जा रहा है वही कुछ विधानसभा में विधायकों का रिपोर्ट कार्ड जनता के अनुरूप फील गुड करवा पाने में नाकामयाब रहा है उत्तराखंड में चल रहे सर्वे में कई बड़े दावों का जिक्र मिलता नज़र आया है

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा विनिंग प्रत्याशी पर अपना ध्यान रखकर टिकट देगी जीत का आधार जनता के बीच मजबूत पकड़ वाले नेता को टिकट मिलेगा हलाकि अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कितने टिकट काटेंगे लेकिन ताजा सर्वे अनुसार एक दर्जन से अधिक सिटिंग भाजपा विधायकों का चुनाव जीत नहीं पाना भाजपा के लिए नयी समस्या का कारण बन गया है वही कांग्रेस के सिटिंग कुछ विधायकों के चुनाव में जीत की गारंटी पर भी सवाल है

उत्तराखंड में कांग्रेस भाजपा दोनों राजनैतिक दलों में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इसको लेकर भी दावेदारों में अलग अलग चर्चा चल रही है हलाकि दोनों राजनैतिक दल 2027 में अपने अपने दम पर चुनावी बिसात पर बैटिंग करने को तैयार है एंटी इंकम्बैंसी फैक्टर तेजी से सरकार के विपरीत जाने का अंदेशा बना हुआ है ऐसे में भाजपा सरकार इसको कितना मैनेज कर पायेगी ये भी आगामी प्लान तक देखने लायक होगा

मुख्स सचिव से मिली (यूएनडीपी) की भारत में डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल

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मुख्स सचिव आनन्द बर्द्धन से शुक्रवार को सचिवालय में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की भारत में डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल (Ms. Isabelle Tschan) ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार एवं यूएनडीपी के मध्य चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा हुयी।

मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड में सुश्री ईजाबेल एवं उनकी टीम का स्वागत किया। कुछ विशेष क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि स्किल एवं रोजगार, कार्बन क्रेडिट, डिजीटाईजेशन एवं ऑनलाईन सिस्टम का विकास एवं बच्चे के जन्म से ट्रेकिंग सिस्टम लागू करने के लिए यूएनडीपी द्वारा उनकी विशेषज्ञता का लाभ प्रदेश को हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की साक्षरता दर बहुत अच्छी है, यहां युवाओं को कौशल विकास पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने यूएनडीपी से प्रदेश में कौशल विकास के साथ आजीविका के क्षेत्र में कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तरखण्ड में कौशल विकास एवं रोजगार पर विशेष फोकस किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने यूएनडीपी से कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में भी सहयोग किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक हिमालयी राज्य है, जिसमें 70 प्रतिशत फॉरेस्ट लैण्ड है। यह पर्यावरण की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेश में डिजिटल और ऑनलाइन सिस्टम को बढ़ाने एवं बच्चे के जन्म से ही ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इन दोनों क्षेत्रों में यूएनडीपी से सहयोग की बात कही।

यूएनडीपी से सुश्री ईजाबेल ने बताया कि यूएनडीपी प्रदेश में सार्वजनिक नीति और सुशासन (सीपीपीजीजी) के साथ ही सतत् विकास लक्ष्य को तेजी से बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है। यूएनडीपी प्रदेश में सतत विकास लक्ष्य का स्थानीयकरण और एकीकरण, निगरानी और मूल्यांकन, सार्वजनिक नीति, उत्पादक अर्थव्यवस्था और उद्यमिता, आईटी और एमआईएस, संचार और क्षमता निर्माण के साथ ही सीएसआर और निजी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रहा है। राज्य सरकार एवं यूएनडीपी के मध्य एक व्यापक समझौता ज्ञापन हुआ है, जो जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा, जैव विविधता संरक्षण, आपदा जोखिम में कमी और लचीलापन, आजीविका, कौशल विकास (जिसमें सर्कुलर इकोनॉमी भी शामिल है), सिस्टम को मज़बूत करना एवं ज्ञान प्रबंधन के क्षेत्र में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेन्द्र सिंह भण्डारी, यूएनडीपी से सत्यन चौहान एवं प्रदीप मेहता भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना 15 अगस्त, 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश

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मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के प्रोजेक्ट निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निरन्तर मॉनिटरिंग करते हुए साप्ताहिक समीक्षा बैठक किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सचिव, शहरी विकास एवं आवास विभाग को अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत परियोजना की प्रगति की भी साप्ताहिक निगरानी किए जाने के निर्देश दिए ताकि प्रोजेक्ट को समय से पूर्ण किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि एएचपी प्रोजेक्ट के तहत निर्मित 13576 आवासों को 15 अगस्त, 2026 तक आवंटन करते हुए ऑपरेशनल करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार के साथ हुए एमओयू के अनुसार सभी प्रोजेक्टों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु सचिव, आवास विभाग, शहरी विकास, निदेशक शहरी विकास एवं सीटीसीपी संयुक्त समीक्षा बैठक करते हुए सभी प्रोजेक्टों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएँ। उन्होंने कहा कि पी.एम. स्वनिधि के लाभार्थी, पर्यावरण मित्रों एवं अन्य पात्र लाभार्थियों को उपयुक्त आवास उपलब्ध कराए जाएं।

इस अवसर पर सचिव डॉ. वी. षणमुगम, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, अपर सचिव सुश्री कल्याणी एवं सुश्री झरना कामठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट|Bhadas4india

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  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट
  • उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, तीव्र विकास, पर्यटन संभावनाओं एवं सुशासन मॉडल से कराया अवगत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने सभी पत्रकारों का देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड केवल प्राकृतिक सौन्दर्य और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि तीव्र गति से विकास के नए आयाम स्थापित करने वाला राज्य भी बन रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के पत्रकारों का उत्तराखण्ड भ्रमण राज्य की सांस्कृतिक, सामाजिक, ऐतिहासिक एवं विकास यात्रा को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परम्पराओं, लोक संस्कृति तथा हिमालयी सभ्यता के कारण देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां स्थित चारधाम, पंचकेदार, पंचबदरी, पंचप्रयाग, हेमकुंड साहिब, पूर्णागिरि, जागेश्वर, आदि कैलाश एवं ओम पर्वत जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाकर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन तथा होमस्टे आधारित पर्यटन को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी तथा विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना विकसित किए जाने के कारण उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद सीमांत क्षेत्र के इस आध्यात्मिक स्थल को वैश्विक पहचान मिली है। इसके परिणामस्वरूप आदि कैलाश सहित सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखण्ड में 25 करोड़ से अधिक पर्यटक एवं श्रद्धालु पहुंचे हैं, जो राज्य की बढ़ती लोकप्रियता तथा पर्यटन क्षेत्र में विकसित हुई आधुनिक सुविधाओं का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को वर्षभर पर्यटन (Round the Year Tourism) के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। विशेष रूप से शीतकालीन यात्रा (Winter Yatra) को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिससे चारधाम एवं अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास स्थित शीतकालीन गद्दी स्थलों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार एवं भगवान बदरीविशाल की नगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाने के उद्देश्य से केदारनाथ एवं बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत व्यापक पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष मार्गदर्शन में इन दोनों धामों में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुविधा और यात्रा अनुभव में उल्लेखनीय सुधार आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई संपर्क के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तराखण्ड तक पहुंच और अधिक सुगम होगी तथा पर्यटन और निवेश को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क नेटवर्क का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। साथ ही रेल सेवाओं एवं हवाई सेवाओं का भी लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन विकास के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आज सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश, उद्योग, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के कौशल विकास, कृषि, बागवानी तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार विकास और विरासत के संतुलन के साथ उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं। उनके माध्यम से समाज तक सही और सकारात्मक जानकारी पहुंचती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ से आए पत्रकार उत्तराखण्ड की विकास यात्रा, पर्यटन संभावनाओं, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी पहलों को निकट से जानने के बाद अपने अनुभवों को व्यापक स्तर पर साझा करेंगे, जिससे देवभूमि उत्तराखण्ड की सकारात्मक छवि देशभर में और अधिक सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों के माध्यम से समस्त छत्तीसगढ़वासियों को आगामी कुंभ में देवभूमि उत्तराखण्ड आने का सादर आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का विराट पर्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में देवभूमि पहुंचकर इस दिव्य एवं भव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे तथा उत्तराखण्ड के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक वैभव का अनुभव करेंगे।

पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तराखण्ड में हो रहे विकास कार्यों, बेहतर आधारभूत संरचना, पर्यटन क्षेत्र में हुए परिवर्तन तथा राज्य सरकार की जनहितकारी पहलों की सराहना की।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त निदेशक के. एस. चौहान, छत्तीसगढ़ सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक धनंजय राठौर तथा छत्तीसगढ़ से आए 20 से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।