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मृत्यु प्रमाण पत्र प्रकरण में लापरवाही; डीएम ने डीपीआरओ का रोका वेतन तो जारी हुए प्रमाण पत्र

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इठारना में आयोजित बहुउ‌द्देशीय शिविर प्राप्त शिकायत पर प्रदत्त निर्देशों का अनुपालन करने पर हुई थी कार्रवाई
प्रमाण पत्र जारी होने के उपरान्त ही जिला प्रशासन ने दी वेतन आहरण की संस्तुति
देहरादून, दिनांक 11 फरवरी 2026 (सूवि) जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिले के विकास खंड डोईवाला ग्राम इठारना, तहसील ऋषिकेश में 01.12.2025 को आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त शिकायतों के क्रम में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत गौहरी माफी निवासी प्रदीप सिंह पुत्र स्व० भगत सिंह द्वारा अपने पिताजी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने तथा बलबीर सिंह रावत पुत्र स्व० चन्दन सिंह द्वारा अपनी माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न किए जाने संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी।
प्रकरण में में उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश के पत्र 18.12.2025 के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश निर्गत किए गए थे। तत्पश्चात कार्यालय 29.12.2025 द्वारा सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकासखंड डोईवाला को निर्देशित किया गया कि प्रकरण पर तीन दिवस के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराएं।
इसके बावजूद पंचायतराज स्तर पर समयबद्ध कार्यवाही न किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी को प्राप्त हुई। शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों पर अपेक्षित कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण के निस्तारण तक जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिसके फलस्वरुप जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है।
वेतन रोकने की कार्रवाई के तत्पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत गौहरी माफी द्वारा प्रदीप सिंह के पिता स्व० भगत सिंह तथा बलबीर सिंह रावत की माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र 08.02.2026 को जारी कर दिया गया है। प्रकरण के निस्तारण उपरांत जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर लगी रोक हटाए जाने के संबंध में पत्रावली उच्च स्तर पर प्रस्तुत की गई है। जिला प्रशासन के सख्त निर्देश हैं कि जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर क्षम्य नही होगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की हिलाहवाली स्वीकार्य नहीं होगी ।

बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण: सुप्रीम सुनवाई से पहले सख्ती, रात 11 के बाद दुकानें बंद

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हल्द्वानी। बनभूलपुरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रात 11 बजे के बाद भी खानपान समेत अन्य सामग्री की दुकानें खुली रहती हैं। जिस पर पुलिस ने इन दुकानदारों के विरुद्ध सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। साथ ही दुकान बंद करने के निर्देश मिलने के बावजूद अगर व्यापारी फिर दुकानें खोलता पाया गया तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 23 या 24 फरवरी को सुनवाई संभावित है। सुनवाई से पहले ही क्षेत्र में फिर पुलिस एक्टिव हो गई है। बनभूलपुरा क्षेत्र में रात के समय लोगों का झुंड न लगे, इसको लेकर पुलिस क्षेत्र में गश्त भी कर रही है।

दरअसल, बनभूलपुरा में देर रात तक हमेशा चहल-पहल रहती है। भोजन, कपड़े, डेली नीड्स आदि की दुकानें भी खुली रहती हैं। इस दौरान लोग भी इकट्ठा होते हैं। अधिकतर दुकानें खुली रहने से लोगों का जमावड़ा भी लग जाता है। हालांकि पुलिस का मानना है कि क्षेत्र में रात के समय शांति रहने पर यहां अपराध भी कम होंगे।

जबकि रेलवे भूमि प्रकरण को लेकर सुप्रीम सुनवाई से पहले लोग तरह-तरह की अफवाहें न उड़ाएं, इसको लेकर भी विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। रात में दुकानें बंद होने के चलते चहल-पहल भी कम रहेगी। इससे अफवाहों पर भी लगाम लगेगी और दुकानें बंद होंगी तो लोग भी बाहर नहीं निकलेंगे।

उत्तराखंड: अस्पताल में बच्चे को छोड़ भागा सगा भाई, नर्सिंग स्टाफ ने निभाई इंसानियत

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देहरादून: भाई की राह देखता रहा गुलशन, दो महीने बीत गए। दून अस्पताल में गुलशन का मामला केवल एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का आईना है। Doon Medical College Hospital से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुलशन नाम का 12 साल का लड़का अपने भाई द्वारा छोड़े जाने के बाद दो महीने से ऑर्थो वार्ड में अकेला इंतज़ार कर रहा है।

देहरादून के दून हॉस्पिटल से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 12 साल का बच्चा गुलशन पिछले दो महीनों से अकेले ऑर्थो वार्ड में रह रहा है। घटना न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर चिंतन को मजबूर करती है।

भाई के साथ इलाज के लिए आया था गुलशन
गुलशन 3 दिसंबर को अपने बड़े भाई के साथ Haridwar से देहरादून पहुंचा था। उसे जांघ की हड्डी की सर्जरी करवानी थी। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा सफलतापूर्वक उसका इलाज किया गया और ऑपरेशन के बाद उसे ऑर्थो वार्ड में भर्ती किया गया।

इलाज के बाद भाई हुआ लापता

इलाज के मात्र दो दिन बाद ही गुलशन का भाई उसे अस्पताल में अकेला छोड़कर चला गया। शुरुआत में स्टाफ को लगा कि वह किसी जरूरी काम से गया होगा, लेकिन जब कई दिन बीत गए और वह वापस नहीं लौटा, तब चिंता बढ़ने लगी। नर्सिंग स्टाफ द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
शक होने पर पुलिस को दी गई सूचना

जब लगातार संपर्क नहीं हो पाया, तो अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग स्टाफ को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस अब बच्चे के परिजनों का पता लगाने और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

नर्सिंग स्टाफ बना गुलशन का सहारा
इस मुश्किल समय में अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ गुलशन के लिए परिवार बन गया है। वही उसकी देखभाल कर रहे हैं, समय पर खाना दे रहे हैं और मानसिक रूप से भी उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं। स्टाफ का कहना है कि वे बच्चे को अकेला महसूस नहीं होने देंगे।

दून अस्पताल में गुलशन का मामला केवल एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का आईना है। एक मासूम का दो महीने तक अकेले अस्पताल में रहना सिस्टम की कमजोरी और पारिवारिक लापरवाही दोनों को उजागर करता है।

CM की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल छह महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में श्रम, गृह, कारागार, वन और कृषि विभाग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
देहरादूनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल छह महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में श्रम, गृह, कारागार, वन और कृषि विभाग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सबसे पहले, श्रम विभाग द्वारा केंद्र सरकार को भेजा गया पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट वापस लेने का निर्णय लिया गया है। यह संशोधन कोविड काल के दौरान किया गया था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।
ईएसआई डॉक्टरों की भर्ती को लेकर भी अहम फैसला हुआ है। लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 में संशोधन कर पदों को भरा जाएगा और प्रमोशन भी दिए जाएंगे। इसके तहत कुल 94 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
गृह विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 में गठित एंटी नक्रोटेक्स टास्क फोर्स को लेकर भी कैबिनेट ने फैसला लिया। राज्य स्तर पर टास्क फोर्स के लिए 22 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी गई है।
कारागार एक्ट में हैबिचुअल ऑफेंडर यानी बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों की परिभाषा में संशोधन किया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार की परिभाषा को अपनाया गया है।
वन विभाग में कार्यरत 893 दैनिक श्रमिकों में से 314 को पहले से न्यूनतम वेतनमान मिल रहा था। अब शेष 579 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान, यानी 18 हजार रुपये देने की मंजूरी दे दी गई है।
कृषि विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना, जो 2025-26 तक लागू है, के साथ ही प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

ब्रेकिंग न्यूज़ | देहरादून में सनसनी दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या, हमलावर मौके से फरार

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुधवार को दिनदहाड़े हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया।तिब्बती मार्केट के पास एक युवक को बदमाशों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात कोतवाली डालनवाला क्षेत्र की बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और इलाके को घेरकर जांच शुरू की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूटी सवार हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। शहरभर के चेक पोस्ट पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
चौंकाने और हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात राज्य के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुई जहां से सचिवालय और पुलिस मुख्यालय मात्र 500 मीटर दूर हैं।

विकासनगर: जौनसार बावर में भालू का हमला: बकरियां चरा रहे पशुपालक की हालत गंभीर

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विकासनगर: उत्तराखंड में भालू आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य के पहाड़ी इलाके में एक बार फिर भालू ने हमला कर दिया है. भालू के हमले की घटना देहरादून जिले के पहाड़ी ग्रामीण इलाके जौनसार बावर में हुई है. यहां त्यूणी क्षेत्र के निमगा गांव के पशुपालक पर भालू ने हमला किया है. भालू के हमले से पशु पालक गम्भीर रूप से घायल हो गया है. ग्रामीण घायल को त्यूणी सरकारी अस्पताल ले गए. वहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार कर हायर सेंटर रेफर कर दिया.

अब मजबूरी नहीं बनेगी पहचान: 484 एकल महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का संबल

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मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने डीबीटी के माध्यम से 484 लाभार्थियों को भेजी ₹3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि
राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ करते हुए प्रथम चरण में जनपद बागेश्वर ( 42 लाभार्थी) , देहरादून (191), नैनीताल (75), पौड़ी (66), टिहरी ( 23) एवं उधमसिंहनगर ( 87) के कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी। इसके साथ मुख्यमंत्री ने विभागीय कैलेंडर का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को नई दिशा दी जा रही है। महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र और समाज की उन्नति संभव नहीं है। महिला के सशक्त होने से परिवार के साथ पूरा समाज सशक्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि दी जा रही है। शेष 7 जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग ₹ 4 करोड़, महीने के अंत तक डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा इस योजना में हमने विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा या किसी भी कारण से अकेले जीवन का भार उठाने वाली महिलाओं के साथ एसिड अटैक, आपराधिक घटना की पीड़िता, ट्रांसजेंडर्स को भी शामिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा इस योजना के शुरू होने से राज्य की नारी शक्ति अब नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे हैं । महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना के साथ ही ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करने जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान किए जा रहें हैं। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में लगभग 5 लाख महिलाएँ 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम किया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।
कैबिनेट मंत्री  रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब महिलाओं को किसी और के ऊपर निर्भर न रखकर खुद आत्मनिर्भर बनेंगी साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ेगी। उन्होंने कहा निश्चित ही यह योजना एकल महिलाओं की तस्वीर बदलने का काम करेंगी।
सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है। उन्होंने बताया योजना के अंतर्गत अधिकतम धनराशि ₹ 2.00 लाख तक के कार्य / परियोजना स्वीकृत किए जा रहे हैं। लाभार्थी द्वारा स्वयं के श्रोतों / लोन के रूप में ली गयी धनराशि के सापेक्ष 75 प्रतिशत अथवा ₹1.50 लाख (जो भी अधिकतम हो) धनराशि की सब्सिडी प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया योजना के अंतर्गत परियोजना हेतु महिला को विभागीय अनुदान धनराशि 75% देय होगी एवं महिला का स्वयं का अंशदान 25% अनिवार्य रूप से देय होगा।
इस अवसर पर डायरेक्टर बी एल राणा, विक्रम , आरती,  मोहित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माणः डाॅ. धन सिंह रावत

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प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जायेगा। इन विद्यालयों के भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है साथ ही उक्त निर्माण कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिये जायेंगे।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक कार्यों से लेकर शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया हो सके। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून व चमोली में जर्जर व क्षतिग्रस्त हो चुके 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण को रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है। जिसमें रूद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली, सल्या में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिये 32-32 लाख स्वीकृत किये हैं जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल में पुनर्निर्माण के लिये 40.30 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई में भवन पुनर्निमाण के लिये 39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष व प्राधानाध्यापक कक्ष के निर्माण को 20.47 लाख जबकि मल्ला वल्थी के लिये 20.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है। टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिये 34.86, सौन्दकोटी मल्ली 37.36, मंजूरीडागर 39.94 तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण के लिये 29.59 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार जनपद चमोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण को 77.11 लाख जबकि देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के भवन पुनर्निर्माण को 33.05 लाख तथा प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन के पुनर्निर्माण को 36.87 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ इन विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ ही पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।

ग्राहकों को चूना लगाकर फरार हुआ ज्वेलर, पुलिस जांच शुरू

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हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में एक ज्वेलर ने ज्वेलरी मेकिंग के नाम पर ग्राहकों के लाखों रुपये के सोने के जेवर और नकदी ले ली। इसके बाद वह फरार हो गया। इस मामले में ज्वेलर्स की पत्नी ने पूर्व में मुखानी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई है। पीड़ितों के अनुसार 228.3 ग्राम सोना समेत लाखों रुपये की नकदी लेकर भाग गया है।

मंगलवार को क्षेत्र की कई महिलाओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया कि मां भगवती ज्वैलर्स के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
पीड़ितों ने बताया कि लामाचौड़ क्षेत्र में स्थित मां भगवती ज्वैलर्स का संचालन नरेंद्र सिंह रावत और उसकी पत्नी पूजा रावत निवासी ग्राम मोड़ी ताड़ीखेत अल्मोड़ा की ओर से किया जा रहा था।
आरोप है कि नरेंद्र रावत कई वर्षों से लामाचौड़ में ही रह रहा है, क्षेत्र के कई लोगों से नए गहने बनाने, पुराने जेवर ठीक करने और सुरक्षित रखने के नाम पर भारी मात्रा में सोना और नकदी ली थी। छह फरवरी को ज्वेलर अपनी दुकान बंद कर लापता हो गया। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।

मुखानी थाना क्षेत्र के इन लोगों ने दर्ज कराई शिकायत
सात शिकायतकर्ताओं ने एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें पीड़ित पूरन सिंह बोहरा ने बताया कि 40.550 ग्राम सोने के गहने और 100 ग्राम का सिक्का ज्वेलर्स को दिया था।

इसी के साथ बसंती देवी ने 21.280 ग्राम सोना और 50 हजार नगद, 50 हजार आनलाइन दी थी। पुष्पा कन्याल ने 20 ग्राम सोना और 1.85 लाख नगद रुपए दिए।हेमलता दानू ने 26.4 ग्राम सोना और 27 हजार नगद, 48 हजार आनलाइन रुपये जमा कराए।

निर्मला निगलटिया ने 20 ग्राम सोना दिया था। जिससे वह सोने की ज्वेलरी बनवाना चाहते थे।

हल्द्वानी: चलती कार बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान

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हल्द्वानी: नैनीताल जिले के लामाचौड़ क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती हुई टाटा पंच कार में अचानक आग लग गई. गनीमत रही कि कार चला रहे युवक ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली. घटना के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. बाद में दमकल के वाहन ने आग पर काबू पाया.
सोमवार की रात्रि में करण नेगी निवासी गांधी आश्रम, पीपलपोखरा नंबर-1 अपनी टाटा पंच कार से घर लौट रहे थे. जैसे ही वह लामाचौड़ क्षेत्र में पहुंचे, तभी कार के इंजन हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा. कुछ ही पलों में कार में आग भड़क गई. आग लगते ही करण नेगी ने बिना देर किए कार को सड़क किनारे रोका और तुरंत बाहर निकल आए. उनकी तत्परता और समझदारी के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
लोगों ने घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग को दी. सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी. पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई की.