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कुट्टू आटे से फूड प्वाइजनिंग बीमार पीड़ितों से मिले मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री

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देहरादून में नवरात्रि के पहले दिन कुट्टू का आटा खाने से अचानक फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आने से हड़कंप मच गया। जब बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती होने लगे, तब प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल पुलिस ने देहरादून में उन दुकानों से खरीदी गई कुट्टू आटे की आपूर्ति को लेकर लोगों से इसे न खाने की अपील की है।

नवरात्रि में कुट्टू आटे का सेवन आमतौर पर अधिक होता है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या खाद्य विभाग ने इस आटे के सैंपल लिए थे या नहीं। यदि खुले बाजार में यह आटा बिना जांच के बिक रहा था, तो हादसा होने के बाद अब इस पर जांच क्यों की जा रही है? क्या अफसरों की कोई जिम्मेदारी थी? फिलहाल इस मामले में विभिन्न जगहों पर जांच अभियान चलाया जा रहा है।

कुट्टू आटा खाने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने अस्पताल जाकर बीमार लोगों का हालचाल लिया। राजधानी के कोरोनेशन और दून अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हुए हैं। सीएम धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून जिला अस्पताल का दौरा कर मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए अस्पताल प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए।

बताया जा रहा है कि कुट्टू आटा खाने से फूड प्वाइजनिंग के मामले बढ़े हैं। इस घटना के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, विकासनगर, पटेलनगर, और कोतवाली क्षेत्र से देहरादून के विभिन्न स्टोरों और गोदामों में वितरित कुट्टू आटे को पुलिस ने तत्काल जप्त कर लिया है। कार्रवाई लगातार जारी है।

रुड़की गंगनहर के लक्ष्मीनारायण घाट पर प्रतिदिन होगी आरती

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देहरादून, उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। यहाँ माँ गंगा की पवित्र धारा बहती है, और चार धाम से लेकर कुमाऊं मंडल में कई ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल हैं जिनका गहरा जुड़ाव राज्य से है। पहले केवल हरिद्वार में ही माँ गंगा की आरती होती थी, लेकिन अब उत्तराखंड सरकार ने रुड़की में भी चैत्र मास के प्रथम नवरात्र पर रविवार को माँ गंगा की आरती का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीनारायण घाट पर कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया, और फिर विधिपूर्वक एवं मंत्रोच्चारण के साथ माँ गंगा का पूजन किया गया।

हरिद्वार और ऋषिकेश की तर्ज पर रुड़की में गंगनहर के लक्ष्मीनारायण घाट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ गंगा की आरती का ऐतिहासिक शुभारंभ किया। इस दौरान रुड़की में पहली बार आयोजित भव्य और दिव्य आरती को देखने के लिए गंगनहर के दोनों घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जैसे ही आरती शुरू हुई, ऐसा लगा जैसे हरिद्वार के प्रसिद्ध हरकी पैड़ी से माँ गंगा की धारा रुड़की पहुंची हो। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालुओं की आँखों में भावुकता के आँसू छलक पड़े।

रुड़की में चैत्र मास के प्रथम नवरात्र पर माँ गंगा की आरती का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीनारायण घाट पर कन्याओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया, फिर विधिपूर्वक आरती की शुरुआत हुई। शाम करीब साढ़े पांच बजे घाट पर बने पांच आरती स्थलों पर पुरोहितों ने बड़े दीपकों को प्रज्ज्वलित किया। इन स्थलों को स्टील के चोकोर घेरे के रूप में तैयार किया गया था, जिनमें से एक स्थान पर मुख्यमंत्री ने खुद आरती का दीपक लिया। जैसे ही शंखनाद के साथ माँ गंगा की आरती शुरू हुई, ऐसा लगा जैसे हरिद्वार से माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर वह रुड़की के लक्ष्मीनारायण घाट पर विराजमान हो गईं। मुख्यमंत्री के साथ-साथ दोनों घाटों पर उमड़े श्रद्धालुओं ने मिलकर माँ गंगा की आरती का आयोजन किया।

चार धाम यात्रा 2025 अक्षय तृतीया पर 30 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

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उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का आगाज 30 अप्रैल से होगा, जब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसके बाद, केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई और बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले जाएंगे। यात्रा की तैयारियों में जुटी उत्तराखंड सरकार इस बार विशेष आयोजन के साथ-साथ विभिन्न भाषाओं में प्रचार-प्रसार भी कर रही है।

चैत्र माह प्रतिपदा और हिन्दू नववर्ष के अवसर पर गंगोत्री धाम मंदिर समिति ने गंगोत्री धाम के कपाट खोलने की तिथि और समय तय कर लिया है। आगामी 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन शुक्ल पक्ष में सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर विधिविधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे।

समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि पंचांग गणना के आधार पर धाम के कपाट खोलने का समय और तिथि निर्धारित की गई है। मां गंगा की विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव से 29 अप्रैल को दोपहर में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। मां गंगा की विग्रह डोली पैदल यात्रा करते हुए करीब 15 किमी दूर स्थित भैरों घाटी में भैरव मंदिर पहुंचेगी। वहां रात्रि विश्राम के बाद 30 अप्रैल को सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी।

AI Risks: ‘घिबली’ अवतार सावधानी हटी दुर्घटना घटी

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आजकल लोग अपनी तस्वीरें घिबली (Ghibli) स्टाइल में बनाने का बहुत शौक लगाते हैं। नेता हो या सेलिब्रिटी, हर कोई सोशल मीडिया पर अपनी घिबली स्टाइल में बनाई गई तस्वीरें शेयर कर रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफार्मों पर इन तस्वीरों की बाढ़ सी आ गई है। लोग अपनी और अपने बच्चों की एआई-जनरेटेड तस्वीरें बेझिजक तरीके से पोस्ट कर रहे हैं। लेकिन यह जितना मजेदार लगता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है।

लोग न सिर्फ चैटजीपीटी, बल्कि कई अन्य एआई टूल्स का इस्तेमाल करके अपनी एआई-जनरेटेड तस्वीरें बना रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये तस्वीरें कहां स्टोर हो रही हैं और क्या इस ट्रेंड का हिस्सा बनकर बिना सोचे-समझे अपनी तस्वीरें एआई प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करना सुरक्षित है?

लापरवाही पड़ सकती है भारी!
असल में, एआई टेक्नोलॉजी को हल्के में लेना आपके लिए महंगा साबित हो सकता है। बिना सोचे-समझे किसी भी एआई प्लेटफॉर्म पर अपनी तस्वीरें अपलोड करना आपको मुश्किल में डाल सकता है। कुछ साल पहले Clearview AI नाम की कंपनी पर आरोप था कि उसने बिना इजाजत सोशल मीडिया और न्यूज वेबसाइट्स से 3 अरब से ज्यादा तस्वीरें चुराई और यह डेटा पुलिस और निजी कंपनियों को बेच दिया था।

इसके अलावा, मई 2024 में ऑस्ट्रेलिया की Outabox कंपनी का डेटा लीक हुआ था, जिसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों के फेशियल स्कैन, ड्राइविंग लाइसेंस और पते चोरी हो गए थे। यह डेटा एक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया था, जिससे हजारों लोग पहचान चोरी (Identity Theft) और साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए थे।

आपके चेहरे से कोई और कमा रहा है पैसा
अगर आपको लगता है कि एआई से अपनी तस्वीरें जनरेट करवाना सिर्फ मनोरंजन का हिस्सा है और इसका कोई बुरा असर नहीं होगा, तो आपको फिर से सोचना चाहिए। Statista की रिपोर्ट के मुताबिक, फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (Facial Recognition Technology) का बाजार 2025 तक 5.73 बिलियन डॉलर और 2031 तक 14.55 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

इसलिए, अपनी तस्वीरों को एआई प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करते समय हमें बेहद सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है, क्योंकि यह केवल एक मजेदार ट्रेंड नहीं बल्कि एक बड़ा साइबर खतरा बन सकता है।

विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान, पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का दौरा किया और वहां संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के नए भवन ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर में एक और महत्वपूर्ण स्थान का दौरा किया। इस दौरान, वे संघ के स्मृति मंदिर गए और वहां से दीक्षाभूमि पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। 1956 में, डॉ. आंबेडकर ने यहां अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म को अपनाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

नागपुर यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। वे दीक्षाभूमि में स्तूप के अंदर गए और वहां रखी आंबेडकर की अस्थियों को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की डायरी में हिंदी में अपने संदेश में लिखा, “मैं अभिभूत हूं कि मुझे नागपुर में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के पांच ‘पंचतीर्थ’ में से एक दीक्षाभूमि पर जाने का अवसर मिला। यहां के पवित्र वातावरण में बाबासाहब के सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस किया जा सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “दीक्षाभूमि लोगों को गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए समान अधिकार और न्याय की व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस अमृत कालखंड में हम बाबासाहब के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण करना ही बाबासाहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2017 में दीक्षाभूमि का दौरा किया था।

केदारनाथ यात्रा की तैयारियां हुई लगभग पूरी, यात्रियों के प्रवास की उत्तम होंगी व्यवस्थाएं

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आगामी 2 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के दौरान धाम में एक रात में अधिकतम 15,000 श्रद्धालुओं के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पैदल मार्ग के पड़ावों पर भी 2,000 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने यात्रा की तैयारियों का खाका तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही धरातल पर लागू किया जाएगा। इस साल भी गढ़वाल मंडल विकास निगम को यात्रियों के भोजन और रात्रि प्रवास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

केदारनाथ धाम, जो समुद्रतल से 11,750 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, में पुनर्निर्माण के तहत कई नए भवन बनकर तैयार हो गए हैं, जिनसे प्रशासन को यात्री व्यवस्था में मदद मिलेगी। इसके अलावा, टेंट और अन्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाएगा ताकि धाम में एक रात में 15,000 श्रद्धालुओं को रात्रि प्रवास की सुविधा मिल सके। प्रशासन का कहना है कि तीर्थपुरोहितों के आवासीय और व्यवसायिक भवनों, साथ ही जीएमवीएन के कॉटेज में भी यात्रियों को ठहराया जाएगा। यहां निजी टेंट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

इसके अलावा, गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग के विभिन्न पड़ावों जैसे जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट, और बेस कैंप में भी यात्रियों के रात्रि प्रवास की व्यवस्था की जाएगी। यहां 2,000 यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पूरे यात्राकाल में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी व्यवस्थाएं और तैयारियां 25 अप्रैल तक सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पूरी कर ली जाएंगी।

गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से लिनचोली के बीच बर्फ सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब, लोनिवि के मजदूर लिनचोली से छानी कैंप के बीच बर्फ सफाई में जुटे हुए हैं, जहां संवेदनशील स्थानों पर तीन फीट से अधिक बर्फ पड़ी हुई है।

2 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के लिए पैदल मार्ग से केदारनाथ तक एक रात में 17,000 यात्रियों के ठहरने का इंतजाम किया जा रहा है। इन दिनों रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच बर्फ सफाई का काम जारी है। इन सभी तैयारियों को आगामी 25 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है – अनिल कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ

भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति सफल, कांग्रेस के आरोप निराधार

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तीन साल में 80 आरोपी किये गए रंगे हाथ गिरफ्तार

राज्य मे सर्वाधिक 5 गुना राजस्व अर्जित करने वाला विभाग है खनन

बिजली, पुलिस, लोनिवि, शिक्षा विभाग में आए सबसे ज्यादा मामले

भाजपा ने कांग्रेस के द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की उल्लेखनीय उपलब्धियों मे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलेरेंस की नीति भी रही है और जो भी मामले विपक्ष या आम जन के द्वारा लाये गए उनका न केवल संज्ञान लिया गया, बल्कि कार्यवाही को भी अंजाम दिया गया। वहीं राज्य मे खनन से पांच गुना राजस्व प्राप्त होने के बावजूद भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद और दुष्प्रचार है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पूर्व केबिनेट मंत्री विधायक राजपुर ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल मे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नैतिक साहस दिखाते हुए बिना काल खंड देखकर उन सभी मामलों की जांच करायी जो कि एक नजीर है। इनमे विस मे भर्ती घोटाले हो या नौकरियों मे हो रहे भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। इसी के चलते राज्य मे नकल विरोधी कानून अस्तित्व मे आया जो कि देश मे नजीर बना। भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकार की ताबड़तोड़ मुहिम जारी है। तीन वर्षों में लगभग 80 से अधिक लोगों को रिश्वतखोरी में रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है जबकि दर्जनों लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में हिरासत में लिया गया है। यह अभियान लगातार जारी है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

खजान दास ने कहा कि अब तक सामने आये मामलों मे यह साफ हुआ कि भ्रष्टाचार मे लिप्त व्यक्ति चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बक्शा नही गया और सलाखों के पीछे भेजा गया। इसके लिए सतर्कता विभाग को विशेष रूप से सक्रिय करने के साथ ही विशेष टोल फ्री नम्बर 1064 भी जारी कर दिया गया। इस एप के माध्यम से आरोपियों की रंगेहाथ गिरफ्तारी में तेजी आई है। बिजली, पुलिस, लोनिवि, शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा मामले इस दौरान सामने आये।

उन्होंने कहा कि राज्य मे आज खनन ऐसा विभाग है जो कि पूर्व की अपेक्षा 5 गुना राजस्व अर्जित कर रहा है। यह राज्य की अर्थिकी के लिए अहम बना हुआ है। वहीं माफियाओं पर भी लगाम लगी है और 8 गुना दंड वसूला गया है। उन्होंने कहा कि अब पहले जैसी खनन रोकने गए अधिकारियों को कुचलने की कोशिश, शासन प्रशासन का सरंक्षण बीती बात हो गयी है। राजस्व वृद्धि और माफिया पर अंकुश लगने पर विपक्ष को आरोप प्रत्यारोप के बजाय सरकार की पीठ थपथपानी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर माफियाओं के साथ सांठ गाँठ और उनके ही इशारे पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया।

खजान दास ने कहा कि धामी सरकार के तीन साल भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए जाने जाते हैं। केंद्र के सहयोग से राज्य मे लाखों करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं। ऐसे मे राज्य आगामी दशक का श्रेष्ठ राज्य बनने की दिशा मे अग्रसर है और कांग्रेस इन उपलब्धियों को पचा नही पा रही है। वह विभाजन और तुष्टिकरण जैसे मुद्दों के सहारे आगे बढ़कर दुष्प्रचार पर उतर गयी है। जनता इसे स्वीकार नही करेगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सैकड़ों समस्याओं का मौके पर कराया निस्तारण

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सरकार के 3 साल पूरे होने के उपलक्ष में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की जनसुनवाई

गैर हाजिर रहने वाले अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब

प्रदेश सरकार के 3 साल पूरे होने के उपलक्ष में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में जनसुनवाई एवं बहुउद्देशीय शिविर में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सैकड़ो समस्याओं का निस्तारण कराया और कई मामलों में अधिकारियों को तुरंत तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

विकासखंड ताकुला के सोमदेव ग्राउंड में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस शिविर में मेरे समक्ष जो भी समस्याएं आई हैं उनके निस्तारण में परिणाम भी दिखना चाहिए। अगर दिए गए निर्देशों को परिणाम में नहीं बदला तो सरकार अधिकारियों को बदलने में देर नहीं लगाएगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने एक सड़क के लंबे समय से टूटे होने की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी विभाग को कहा कि आज ही इसका निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार करिए। इसके अतिरिक्त शिविर में बिजली का बिल ज्यादा आने, नए खंबे लगवाने, बिजली के तारों के झूलने की समस्या, पेयजल आपूर्ति सही न होने की समस्या, पुल के निर्माण में दिक्कत, अस्पतालों में स्टाफ की कमी जैसी समस्याएं भी लोगों ने मंत्री के समक्ष उठाई, जिनका संबंधित विभाग के अधिकारी की मौजूदगी में निस्तारण किया गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या नें मौके पर मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों से कहा की समस्याओं का निस्तारण एक निश्चित समय सीमा के अंदर होना चाहिए।

शिविर में जल निगम के मुख्य अभियंता की जगह सहायक अभियंता के आने पर मंत्री ने मुख्य अभियंता का स्पष्टीकरण तलब किया है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र, महिला, उद्यमी और किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में मंत्री ने जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर और किट वितरित की, साथ ही मरीजों को उपचार भी मुहैया कराया गया।

इस अवसर पर अल्मोड़ा नगर निगम मेयर अजय वर्मा, अल्मोड़ा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, सोमेश्वर मंडल अध्यक्ष अंजलि, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र कैड़ा और सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को नव संवत्सर तथा चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर के साथ ही चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दी है। चैत्र नवरात्रि को शक्ति की उपासना का पर्व बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का प्रतीक है। नवरात्र का यह पर्व समाज में नारी के महत्व और सामर्थ्य को दर्शाता है। इस अवसर पर किया जाने वाला कन्या पूजन नारी शक्ति के महत्व का प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी से नारियों के सम्मान की भी अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वेदों और पुराणों में चैत्र नवरात्रि को विशेष महत्व दिया गया है। इसे आत्मशुद्धि तथा सद् प्रवृत्ति का आधार माना गया है। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का पूजन करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। चैत्र नवरात्रों की प्रदेश में धार्मिक महत्ता के दृष्टिगत सभी प्रमुख देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की परम्परा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सनातन परम्परा में किसी भी शुभ कार्य के प्रारम्भ में संकल्प लेने का विधान रहता है। शक्ति के अनुष्ठान का यह पर्व रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों के प्रति प्रेरणा प्रदान करने वाला हो इसका हमें संकल्प लेना होगा। यह पर्व हमें नवीन उत्साह के साथ देश व समाज की सेवा की भी प्रेरणा देता है। यह नवसंवत्सर सभी के जीवन में सुख, समृद्धि प्रदान करने वाला हो इसकी भी मुख्यमंत्री ने कामना की है।

जन समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे स्टेडियम, देहरादून में राज्य सरकार के सेवा, सुशासन और विकास के तीन साल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जन समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हाथीबड़कला से सर्वे स्टेडियम तक भव्य रोड शो में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्थापना वर्ष के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्य के शहरों में देवभूमि सिल्वर जुबली पार्क का निर्माण किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग की स्वयं सहायता समूह को क्रेडिट कार्ड लिंकेज के चेक, लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट और कृषि यंत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में शहरों से लेकर सुदूर गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य पूर्ण कर जल्द ही पहाड़ों में रेल का सपना साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, उड़ान योजना के माध्यम से देहरादून, अल्मोड़ा, उत्तराकाशी, गौचर और पिथौरागढ़ सहित प्रदेश के लगभग 12 नगरों के लिए हेली सेवाएँ प्रारंभ होने से राज्य की एयर कनेक्टिविटी मजबूत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। साथ ही देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदी के ऊपर फोरलेन एलिवेटेड रोड का निर्माण करने की योजना भी तैयार की जा रही है। देहरादून में 1400 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। शहर में स्मार्ट स्कूलों की स्थापना करने के साथ ही लैंसडाउन चौक पर 650 पाठकों की क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। एक ओर जहां, शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आमजन के हित में सरकार के लिए गए फैसले देश में नजीर बन गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में अनेकों जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के साथ ही इन योजनाओं को प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लेकर कार्य किया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही हमने लगभग सभी योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रय़ास किया है कि प्रदेश वासियों को घर बैठे ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

गौरतलब है कि सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देहरादून के साथ ही पूरे प्रदेश में जनपद, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में, एक ही स्थान पर लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही आवेदन और निस्तारण आदि की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, दर्जधारी राज्य मंत्री डॉ. देवेंद्र भसीन, कैलाश पंत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी मीरा सकलानी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।