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थाईलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध गहरे हैं, और ये दोनों देश अपनी साझेदारी को रणनीतिक स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लेने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसके बाद उन्होंने कहा कि भारत और थाईलैंड के रिश्ते कई सदियों पुराने हैं और ये हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े हुए हैं।

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि भारत-थाईलैंड संबंधों को और अधिक प्रगति और रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को थाई प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में यह बात कही। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और थाईलैंड के बीच पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और इंडो-पैसिफिक विजन में थाईलैंड का एक महत्वपूर्ण स्थान है।

डाक टिकट जारी करने के लिए थाई सरकार का आभार व्यक्त किया
प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के दौरान थाई सरकार द्वारा 18वीं सदी के ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित डाक टिकट जारी करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस डाक टिकट को जारी करने के लिए मैं थाई सरकार का आभारी हूं।

भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना
पीएम मोदी ने 28 मार्च को थाईलैंड में आए भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं भारत के लोगों की ओर से भूकंप में हुई जनहानि के लिए गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”

रामायण से जुड़ा सांस्कृतिक अनुभव
प्रधानमंत्री मोदी 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बैंकॉक पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने थाई रामायण ‘रामकियेन’ का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अनुभव को सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद समृद्ध बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, “थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था, जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।” पीएम मोदी ने कहा कि रामायण ने एशिया के विभिन्न हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ने का कार्य किया है।

गुलाबी शरारा टीम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिली

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में यंग उत्तराखण्ड के सदस्यों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने “गुलाबी शरारा” गीत की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया। उत्तराखंड के युवा टीम में अपनी मेहनत के बल पर गाने को राज्य ही नहीं बाहरी जगह पर भी फेमस कर चुके है शादी में बजते गाने की धुन पर डांस लोगो के बीच काफी अच्छा लगवा पन देता नज़र आ रहा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों ने प्रतिभा और कड़ी मेहनत से हमारी लोक संस्कृति को बढ़ाने का कार्य किया है। “गुलाबी शरारा” गीत के 300 मिलियन से अधिक व्यूज ने यह सिद्ध कर दिया है कि राज्य की युवा प्रतिभा सम्पन्न है। अपने गीत और संगीत के माध्यम से उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर यंग उत्तराखण्ड से जितेन्द्र सिंह रावत, गिरीश सिंह जीना, वरुण रावत, राकेश जोशी, नीरू बोरा, अंकित कुमार, अशीम मंगोली, रणजीत सिंह भंडारी और सौरभ सेमवाल मौजूद थे।

कोऑपरेटिव बैंकों ने लगाई मुनाफे की छलांग

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देहरादून, उत्तराखंड के 10 जनपदों के जिला सहकारी बैंक राज्य सहकारी बैंक समेत कुल 11 बैंक 250 करोड रुपए लाभ अर्जित किया है सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने आज बुधवार को बताया कि, उत्तराखंड राज्य के जिला सहकारी बैंकों ने लाभप्रदता के मामले में उल्लेखनीय प्रगति की है। सहकारी बैंकों ने इस वित्तीय वर्ष 250 करोड़ रुपये अर्जित किया है।वहीं शद्ध लाभ 112.811 से बढ़कर 12328.62 एक सौ तेईस करोड़ 28 लाख हुआ है

उन्होंने कहा कि, यह प्रभावशाली वित्तीय प्रदर्शन इन वित्तीय संस्थानों को समर्थन देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई रणनीतियों और पहलों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डॉ रावत ने कहा वर्ष 2017 में उनके द्वारा जब सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाली गई थी तो तब उत्तराखंड के कुछ जनपदों के अधिकतर जिला सहकारी बैंक घाटे में थे आज प्रदेश के सभी जनपदों के बैंक लाभ की स्थिति में है
वर्तमान में प्रदेश भर में बैंक की 280 शाखाएं लाभ की स्थिति में है,
सिर्फ 49 बैंक शाखाएं अभी हानि की स्थिति में है इनमें से अधिकतर बैंक शाखाएं कुछ वर्ष पहले ही खुली है ,

2 वर्ष के अंदर यह शाखाएं भी लाभ की स्थिति में आ जाएगी

डॉ रावत ने बताया कि, जिला सहकारी बैंक राज्य सरकार की नीतियों को लागू करने और ग्रामीणों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन बैंकों के माध्यम से, ग्रामीण आबादी को अपनी आर्थिक स्थिति को बढ़ाने और अपनी आय को दोगुना करने के लिए सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहे हैं, उनकी समग्र समृद्धि और कल्याण में योगदान दे रहे हैं

डॉ. रावत ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला सहकारी बैंकों का लाभ स्तर निरंतर बढ़ता रहेगा। राज्य में वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इन सहकारी बैंकों की सफलता से स्पष्ट है। उन्होंने लाभ के लिए पूर्व बैंक बोर्ड, प्रशासक और बैंक अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी की लगन और कड़ी मेहनत का यह प्रमाण है। उनके प्रयासों से न केवल वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के माध्यम से, ये सहकारी बैंक राज्य में सतत आर्थिक विकास और समृद्धि प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • कीमत लाख में

जनपद सकल लाभ अनुमानित
देहरादून 1976.30
कोटद्वार 2973. 02
चमोली 3003.93
उत्तरकाशी 2476.20
हरिद्वार 795.25
उधम सिंह नगर 2057.72
नैनीताल 1600.00
टिहरी 3168.26
पिथौरागढ़ 2165.50
अल्मोड़ा 1699.01
राज्य सहकारी बैंक 3149.00

कुल सकल लाभ 25064.19

सचिव सहकारिता/प्रशासक राज्य सहकारी बैंक दिलीप जावलकर ने बताया प्रदेश में जिला सहकारी बैंक, एक राज्य सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बैंक न केवल ग्रामीणों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं, बल्कि उनकी आजीविका और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएँ और पहल भी प्रदान करते हैं। उत्तराखंड में इन सहकारी बैंकों की सफलता सकल लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि और ग्रामीणों की आय में दोगुनी वृद्धि में स्पष्ट है। उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों की सफलता के पीछे माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हैं। उनके नेतृत्व में, इन बैंकों ने ग्रामीणों को उनके आर्थिक प्रयासों में सहायता करने के लिए विभिन्न अभिनव कार्यक्रम और पहल लागू की हैं वर्तमान में माननीय सहकारिता मंत्री जी की पहल पर राज्य सहकारी बैंक में प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति की गई है जिससे अब उत्तराखंड के कोऑपरेटिव बैंकों की दशा और दिशा में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा

इन पहलों के माध्यम से, बैंकों ने न केवल अपने लाभ मार्जिन में वृद्धि की है, बल्कि ग्रामीणों की आय के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना 0% ब्याज , सस्ती ऋण सुविधाएँ, बचत विकल्प और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम प्रदान करके, जिला सहकारी बैंकों ने ग्रामीणों को अपने व्यवसाय शुरू करने और उनका विस्तार करने, कृषि में निवेश करने और अपने समग्र वित्तीय कल्याण में सुधार करने के लिए सशक्त बनाया है। इसके परिणामस्वरूप, आय के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कुट्टू के आटे की बिक्री पर धामी सरकार की सख्ती, बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा कुट्टू का आटा

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देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर से लिए गए कुट्टू के आटे के 06 सैंपल फेल, मिलावटखोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार की खाद्य कारोबारियों को चेतावनी, खुले में कुट्टू का आटा बेचा तो होगी कार्रवाई, उपभोक्ताओं से अपील सील पैक आटा ही खरीदें

नवरात्रि के दौरान व्रत उपवास में प्रमुखता से उपयोग किए जाने वाले कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कुट्टू के आटे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटी व संदूषित आटे के कारण होने वाली बीमारियों की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर राज्य में कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर नई गाईडलाइन जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी खाद्य कारोबारकर्ता खुले में कुट्टू का आटा नहीं बेच सकेगा। इसका विक्रय केवल सील बंद पैकेटों में ही किया जाएगा। इसके अलावा, पैकेट पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के अनुसार लेबलिंग नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।

खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार, कुट्टू के आटे की पिसाई की तिथि, पैकेजिंग की तिथि और एक्सपायरी डेट पैकेट पर स्पष्ट रूप से अंकित करना जरूरी होगा। इसके अतिरिक्त, हर पैकेट पर विक्रेता की खाद्य लाइसेंस संख्या दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

खाद्य कारोबारियों के लिए सख्त नियम
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कुट्टू का आटा और बीज नहीं बेचा जा सकेगा। सभी खाद्य कारोबारियों को खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड लिखित रूप में रखना होगा। बिना अनुमति के खुले में कुट्टू के आटे की बिक्री करने पर कडी कार्रवाई की जाएगी।

मिलावट से बीमार होने की घटनाएं
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देहरादून, हरिद्वार और अन्य जिलों में मिलावटी कुट्टू के आटे के सेवन से कई लोग फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों से ग्रसित होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए सरकार ने पहले से ही सख्ती बरतने का फैसला किया है।

संबंधित अधिकारियों को दिए गए कडे निर्देश
आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है कि नए नियमों का कडाई से पालन हो और इसकी नियमित जांच व निरीक्षण किया जाए। यदि कोई भी विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भी चाहिए कि वे केवल सील पैक आटा ही खरीदें और पैकेट पर अंकित निर्माण व एक्सपायरी तिथि, लाइसेंस नंबर और अन्य विवरणों को ध्यानपूर्वक जांचें।

कुट्टू के आटे के छह सैंपल फेल
आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा कुट्टू के आटे की जांच में कई नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में सघन निरीक्षण और नमूना संग्रहण किये जा रहे हैं। जिसमें कई प्रतिष्ठानों से लिए गए कुट्टू के आटे के नमूने असुरक्षित पाए गए। रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में इन नमूनों की जांच की गई। देहरादून जनपद में मैसर्स लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, विकासनगर से संग्रहित नमूना मिला असुरक्षित। यह कीट व फंगस से विषाक्त पाया गया। ब्लिंक कामर्स प्राइवेट लिमिटेड ऋषिकेश, हरिद्वार जनपद में नटराज एजेंसी, पीठ बाजार, ज्वालापुर और आशीष प्रोविजन स्टोर, खेडी मुबारकपुर, लक्सर से संग्रहित नमूने भी असुरक्षित पाए गए। इनमें मायकोटॉक्सिन विषाक्त पाया गया है। इसके अलावा अनाज मंडी रुडकी स्थित शिवा स्टोर से संग्रहित नमूना अधोमानक मिला। वहीं, जनपद ऊधमसिंहनगर में सिसोना, सितारगंज स्थित जय मैया किराना स्टोर से लिए कुट्टू के आटे के सैंपल में मायकोटॉक्सिन पाया गया। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि इन मिलावटी और असुरक्षित नमूनों को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा कुट्टू का आटा, खुला बेचा तो होगी कार्रवाई

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राज्य के विभिन्न जनपदों में कुट्टू के आटे के सैंपल की जांच के परिणामों के बारे में जानकारी दी गई है। रुद्रपुर स्थित राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा किए गए सघन निरीक्षण में कई सैंपल फेल पाए गए हैं, जिनमें कीट, फंगस और मायकोटॉक्सिन जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं।

यहां पर कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं:

  1. मैसर्स लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, विकासनगर (देहरादून) से लिया गया सैंपल में कीट और फंगस पाया गया।
  2. ब्लिंक कामर्स प्राइवेट लिमिटेड, ऋषिकेश और अन्य दुकानों (हरिद्वार जिले के ज्वालापुर और लक्सर से) से लिए गए सैंपल में मायकोटॉक्सिन विषाक्त पाया गया।
  3. शिवा स्टोर, रुड़की से लिया गया सैंपल भी फेल पाया गया।
  4. जय मैया किराना स्टोर, सितारगंज (ऊधमसिंहनगर) से लिया गया कुट्टू का आटा भी मायकोटॉक्सिन से संक्रमित पाया गया।

इन फेल हुए सैंपल्स के आधार पर, संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और उन पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामला दायर किया जाएगा।

आयुक्त द्वारा दिए गए सख्त निर्देश के तहत, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को नए नियमों के सख्ती से पालन की हिदायत दी है। यदि कोई विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले, और विक्रेताओं द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन न हो।

पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड सियासत के राजनैतिक अर्जुन,तीन सालो में राजनैतिक विरोधियो का किया विध्वंस

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पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड सियासत के राजनैतिक अर्जुन,तीन सालो में राजनैतिक विरोधियो का किया विध्वंस देहरादून उत्तराँचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में रायपुर विधायक की बॉलिंग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़े शॉट खेल कर ग्राउंड में बच्चो से लेकर मीडिया वालो की बीच वाहवाही लूटी दोपहर में धामी के क्रिकेट ग्राउंड में बल्ले से लगे शॉट बता रहे थे वो खेलो को लेकर फिट है शाम होते होते पुष्कर सिंह धामी ने राजनैतिक शॉट लगाकर बीजेपी दायित्वधारी की लिस्ट जारी कर खास और जनता के बीच 20आम कार्यकर्ताओं को राज्य मंत्री के पद से नवाजा अपने तीन सालो में राजनैतिक विरोधियो का विध्वंस करते हुए कई मोर्चो पर डटे रहे आपदा से लेकर हर सफल किरदार में धामी का वजूद विरोधी खेमे का नूर चुराता देखा गया है

पुष्कर सिंह धामी अपने राजनैतिक कौशल से उत्तराखंड ही नहीं हाईकमान का दिल जीत पाने में सियासत के बेताज बादशाह बनकर उभर गए है पुष्कर सिंह धामी का तीन साल कार्यकाल पूरा होने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके काम काज को सो अंक देकर उत्तराखंड की राजनीति का अर्जुन बना दिया है राजनैतिक गुरु के रूप में नरेंद्र मोदी राजनैतिक दोर्णाचार्य की भूमिका में नज़र आ रहे है

23 मार्च को धामी सरकार ने तीन वर्ष पूरे किए। 29 मार्च को पीएमओ की ओर से चिट्ठी जारी की गई, जो तीन दिन बाद सार्वजनिक की गई है। इस चिट्ठी के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई संदेश में सीएम पुष्कर सिंह धामी को कर्मठ व ऊर्जावान बताया। कहा, जनशक्ति से यह दशक उत्तराखंड का होगा। जिसमें प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान गढ़ेगा। कहा, देवभूमि उत्तराखंड अपने आप में असीम संभावनाओं को समेटे हुए है। यहां की पराक्रमी और परिश्रमी जनता में वह सामर्थ्य है कि वह अपने प्रयासों से राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक लेकर जा सके। मुझे पूरा विश्वास है कि जनशक्ति से यह दशक उत्तराखंड का होगा। इस नई पहचान के साथ उत्तराखंड आजादी के अमृत काल में विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।

चिट्ठी में प्रधानमंत्री ने लिखा, सीएम धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीन वर्ष ”सेवा, सुशासन और विकास” के रूप में समर्पित रहे हैं, जो राज्य के उत्थान में एक बड़ी उपलब्धि है। अपनी विरासत पर गर्व के भाव के साथ आगे बढ़ता हुआ उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। आज से 25 वर्ष पूर्व जिस विकास और पहचान को स्थापित करने के लिए उत्तराखंड का गठन हुआ था, आज राज्य उस दिशा में तेजी से अग्रसर है। इसके लिए एक ठोस कार्य योजना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, परिवहन एवं पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा उत्तराखंड के हितों के लिए चिंतनशील रहते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के नए आयाम छू रहा है। उनका यह संदेश हमें और भी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

पुष्कर सरकार में मिले दायित्व बीस नेताओं की पहली लिस्ट जारी

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उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने पहली लिस्ट में बीजेपी नेताओं को पद दिए गए है पिछले लम्बे समय से मांग कार्यकर्त्ता कर रहे थे लिस्ट में जगह बनाये जाने में श्याम अग्रवाल से लेकर हेमराज बिष्ट धामी के करीब नेताओं में शामिल है उत्तराखंड के 20 वरिष्ठ राजनैतिक कार्यकर्ताओं को अत्यंत अहम दायित्व प्रदान करके उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने संगठन के प्रति समर्पण को बड़ा मान दिया है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में विभिन्न महानुभावों को विभागीय दायित्व सौंपे गये है।
सौंपे गये विभागीय दायित्वों से प्रदेश में विभागीय जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण में भी मदद मिलेगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन महानुभावों को दायित्व सौंपे गये हैं उनमें हरक सिंह नेगी जनपद चमोली को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, सुश्री ऐर्श्वया रावत रूद्रप्रयाग को उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग, श्रीमती गंगा विष्ट जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, श्याम अग्रवाल जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड आवास सलाहकार परिषद, श्रीमती शांति मेहरा जनपद नैनीताल को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, भगवत प्रसाद मकवाना जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी आयोग, हेमराज विष्ट जनपद पिथौरागढ को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद, रामचंन्द्र गौड जनपद चमोली को अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, पूरन चंद नैलवाल जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद, रामसुन्दर नौटियाल जनपद उत्तरकाशी उपाध्यक्ष भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण, श्रीमती सायरा बानो जनपद ऊधम सिंह नगर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग, श्रीमती रेनू अधिकारी जनपद नैनीताल को अध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, सुश्री रजनी रावत जनपद देहरादून उपाध्यक्ष समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, ओम प्रकाश जमदग्नि जनपद हरिद्वार उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद, भूपेश उपाध्याय जनपद बागेश्वर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद, कुलदीप कुमार जनपद देहरादून अध्यक्ष उत्तराखण्ड वन पंचायत सलाहकार परिषद, ऋषि कण्डवाल जनपद पौडी उपाध्यक्ष सिंचाई सलाहकार समिति, वीरेन्द्र दत्त सेमवाल जनपद टिहरी उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड हतकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, अजय कोठियाल जनपद टिहरी अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, श्याम नारायण पाण्डे जनपद नैनीताल उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का दायित्व सौंपा गया है।

LSG vs PBKS Prediction Dream11Team

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लखनऊ सुपर जाएंट्स (एलएसजी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच आईपीएल 2025 का 13वां मुकाबला शुरू हो गया है पहले टॉस जीतकर पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी चुनी है। मुकाबले में टीम का मुकाबला देखने लायक रहेगा पंजाब टॉस जीतेगा और बॉलिंग चुनेगा जबकि मैच लखनऊ जीतेगी

ऋषभ पंत की अगुआई वाली लखनऊ सुपर जाएंट्स का सामना अपने तीसरे मैच में श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स के साथ मंगलवार को हो रहा है। आईपीएल 2025 के ग्रुप चरण के 13वें मुकाबले में दोनों टीमें आमने-सामने है दोनों की ही नजरें जीत की लय बरकरार रखने पर टिकी हुई है । लखनऊ ने पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को हराया था, जबकि पंजाब ने गुजरात टाइटंस को हराकर शुरुआत की थी।

लखनऊ सुपर जाएंट्सः ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, डेविड मिलर, आयुष बडोनी, अब्दुल समद, शार्दुल ठाकुर, रवि बिश्नोई, आवेश खान, शमार जोसेफ, दिग्वेश राठी।

पंजाब किंग्सः प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, सूर्यांश शेडगे, अजमातुल्लाह ओमरजई, मार्को यानसेन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल।

कन्या पूजन से समझें कि हर महिला सम्मान योग्य है: नवरात्रि में नारी सम्मान के आचरण

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कन्या पूजन से समझें कि हर महिला सम्मान योग्य है: नवरात्रि में नारी सम्मान के आचरण नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा को समर्पित होता है, जिसमें माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हर रूप नारी सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है। इस पर्व के दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है, और यह सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। कहते हैं कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है।

कन्या पूजन के दौरान हम यह संदेश प्राप्त करते हैं कि हर नारी में देवी का वास है और उसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हालांकि, कन्या पूजन के अवसर पर हम नन्ही बच्चियों को तो सम्मान देते हैं, लेकिन महिलाओं को उसी सम्मान से अक्सर वंचित कर दिया जाता है। इस अवसर से हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हर महिला सम्मान योग्य है, चाहे वह किसी भी उम्र या स्थिति में हो।

नारी सम्मान के लिए अपनाएं ये आचरण:

  1. समानता का भाव
    महिलाओं को पुरुषों या परिवार के किसी अन्य सदस्य से कम नहीं समझना चाहिए। हमें उन्हें बराबरी का दर्जा देना चाहिए। महिलाओं को परिवार, कार्यस्थल और समाज में समान अधिकार मिलें, यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
  2. समान अवसर
    बेटियों को भी वही अवसर मिलने चाहिए जो बेटों को मिलते हैं। उन्हें शिक्षा, करियर और जीवन के हर क्षेत्र में प्रोत्साहित करें ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें।
  3. सुरक्षा को प्राथमिकता दें
    महिला सुरक्षा को हर नागरिक की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह केवल परिवार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें समाज में भी एक सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण बनाने की आवश्यकता है, जिसमें महिलाएं बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें और स्वतंत्र रूप से जीवन जी सकें।

नवरात्रि के इस समय में, जब हम कन्या पूजन करते हैं, तो यह हमें यह भी याद दिलाता है कि नारी का सम्मान करना एक जीवनदायिनी कार्य है। हमें अपनी सोच और आचरण में सुधार लाकर नारी के सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए।

कुट्टू आटा सहरानपुर से सप्लाई हुआ था देहरादून पुलिस की छापेमारी

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कुट्टू आटा सहारनपुर से सप्लाई हुआ था, देहरादून पुलिस की छापेमारी देहरादून में नवरात्रि के अवसर पर ग्राहकों द्वारा कुट्टू के आटे का सेवन किया जा रहा था, लेकिन हाल ही में कुट्टू आटा खाने से कुछ लोग बीमार हो गए। इस घटना के बाद करीब 90 लोग बीमार हुए हैं और उनका इलाज कोरोनेशन और दून अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया और पता चला कि कुट्टू का आटा सहारनपुर से देहरादून में विभिन्न स्टोरों और गोदामों में सप्लाई हुआ था। पुलिस ने विकासनगर क्षेत्र के लक्ष्मी ट्रेडर्स और शिवपाल चौहान, जो शिमला बायपास पटेल नगर क्षेत्र में गोदाम संचालित करते हैं, से जानकारी प्राप्त की। इसके बाद पुलिस ने अन्य स्थानों जैसे अग्रवाल ट्रेड स्टोर दीपनगर, लक्ष्मी स्टोर बंजारा वाला, संजय स्टोर करनपुर, शर्मा स्टोर रायपुर, केदारपुरम MDDA कॉलोनी, कोहली ट्रेडर्स दर्शनी गेट और कई अन्य स्टोरों से कुट्टू के आटे को जप्त किया।

पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकानों और गोदामों से कुट्टू के आटे को जब्त किया गया और छापेमारी का सिलसिला जारी रखा गया। इसके साथ ही जनता से अपील की गई है कि यदि उन्होंने विकासनगर, पटेलनगर, या कोतवाली क्षेत्र के किसी भी गोदाम या दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा है, तो वे उसका सेवन न करें। वे कुट्टू आटे की प्रमाणिकता की पुष्टि करने के बाद ही उसका सेवन करें।

मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लिया और पीड़ितों से मुलाकात की। इसके बाद जिलाधिकारी देहरादून और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस ने 2 घंटे के भीतर 22 दुकानों और स्टोरों को चिन्हित कर उनकी छापेमारी की और सील कर दिया, जहाँ से कुट्टू का आटा खरीदा गया था।

पुलिस प्रशासन ने सघन पूछताछ के बाद यह जानकारी प्राप्त की है कि कुट्टू के आटे का मुख्य सप्लायर सहारनपुर से था। इस मामले में जिलाधिकारी सहारनपुर से संपर्क किया गया और उनके गोदाम में कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। इसके बाद, सहारनपुर में कार्रवाई की जा रही है और देहरादून से पुलिस की एक टीम सहारनपुर भेजी गई है।

इस घटना के बाद पुलिस द्वारा लगातार दुकानों और गोदामों में रेड मारी जा रही है और ऐसे सभी खाद्य पदार्थों को जब्त किया जा रहा है जिनमें मिश्रण किए जाने की संभावना हो सकती है।