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कमजोर वर्ग की चिंता, चार मूूल मंत्रों पर जोर, चिंतन शिविर के सत्रों में शिक्षा, आर्थिक, सामाजिक सुरक्षा और पहुंच पर हुई बात

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समापन आठ को, दो दिन के चिंतन की समीक्षा होगी

केंद्र व राज्यों के बीच और बेहतर तालमेेल बनाने की मंशा

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के चिंतन शिविर में कमजोर वर्ग की चिंता है, तो मजबूती के लिए चार मंत्रों पर सबसे ज्यादा जोर है। ये चार मंत्र हैं-शिक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और योजनाओं व सुविधाओं की वंचित वर्ग तक सीधे पहुंच। यानी वंचित वर्ग की शिक्षा, उसके आर्थिक विकास, उसकी सामाजिक सुरक्षा के ठोस इंतजाम करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सुविधाओं और तमाम योजनाओं की उस तक सीधी पहुंच हो जाए।

चिंतन दिन के पहले दिन के विभिन्न सत्रों का यही निचोड़ रहा है, जहां केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के आलोक में राज्यों की सहभागिता से वंचित वर्ग के सशक्तिकरण का संकल्प लिया गया है। चितंन शिविर के दूसरे दिन यानी आठ अप्रैल को समापन सत्र के अलावा दो अन्य सत्र भी आयोजित किए जाने हैं। इनमें से एक, सामाजिक सशक्तिकरण पर केंद्रित होगा, तो दूसरा सत्र तकनीकी होगा।

छात्रवृत्ति केे प्रस्ताव भेजने में न करें देर
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव अमित यादव ने राज्यों से जोर देकर कहा है कि अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों की छात्रवृत्ति से जुडे़ प्रस्ताव भेजने में देरी न करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के शुरूआती समय में ही छात्रवृत्ति मिल जाए, तो बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है।

दिव्यांग हित में उड़ीसा-गोवा के उदाहरण
दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के सचिव राजेश अग्रवाल ने दिव्यांगों के कल्याण के लिए गोवा और उड़ीसा में किए गए प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गोवा में समाज के कई वर्गों को साथ लेकर अच्छा काम किया गया। वहीं, उड़ीसा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा वर्करों का बेहतर उपयोग करते हुए कार्य किया गया है।

नशामुक्ति अभियान में उत्तराखंड की चर्चा
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने नशामुक्ति अभियान के बारे में बात करते हुए उत्तराखंड की चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह जगह और नौजवान का नाम नहीं बताएंगे, लेकिन उत्तराखंड में नशे की चपेट में आए इस नौजवान को जब ट्रीटमेंट दिया गया, तो उसकी स्थिति सुधर गई। इस नौजवान ने नशामुक्ति अभियान के साथ अपने को जोड़कर बुराई के खात्मे का संकल्प लिया है।

साइन लैग्वेंज में चिंतन शिविर की बातें
चिंतन शिविर के पहले दिन में दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभाग से जुड़ी तमाम बातें हुईं। पूरे कार्यक्रम के दौरान एनआईवीएच के उन एक्सपर्ट की तरफ भी प्रतिभागियों का ध्यान गया, जिन्होंने मंच पर कही जाने वाली एक-एक बात को साइन लैंग्वेज में साझा किया।

चितंन से क्या हासिल, होगी समीक्षा
दो दिनी चिंतन शिविर में आयोजित विभिन्न सत्रों मेें चर्चा से क्या महत्वपूर्ण बातें उभरकर सामने आई हैं, इस पर आठ अप्रैल को बात होगी। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार समापन समारोह पर इस पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही, उनका मीडिया से भी बातचीत का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

बीजेपी अध्यक्ष का नया चेहरा जल्द होगा घोषित उत्तराखंड में रिपीट नहीं होंगे भट्ट

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देहरादून: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा को जून 2019 में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, और उसके बाद जनवरी 2020 में उन्हें पूर्ण अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया। नड्डा का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद, जनवरी 2023 में लोकसभा चुनावों को देखते हुए उनका कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ा दिया गया था।

अब पार्टी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए तैयार है और इसके लिए विमर्श का काम तेजी से चल रहा है। दिल्ली, हरियाणा और झारखंड को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के नामों पर चर्चा पूरी हो चुकी है। पार्टी की योजना अगले हफ्ते से प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा करने की है। बता दें कि 37 संगठनात्मक राज्यों में से 19 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति अनिवार्य है। पार्टी अब तक 14 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनावों, महाकुंभ के आयोजन और संसद के बजट सत्र के कारण अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया कुछ समय के लिए स्थगित रही थी। हालांकि, इस दौरान अधिकतर राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष के लिए विमर्श पूरा हो चुका था। अब प्रधानमंत्री के बैंकॉक और श्रीलंका दौरे के बाद तमिलनाडु के दौरे के खत्म होने के बाद, प्रदेश अध्यक्षों के नामों की घोषणा के लिए अंतिम विमर्श किया जाएगा। इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अन्य वैचारिक सहयोगियों को भी विश्वास में लिया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। उत्तराखंड बीजेपी में भी नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर चर्चा की जा रही है, क्योंकि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उन्हें पुनः मौका नहीं मिलेगा और उत्तराखंड में नया अध्यक्ष चुना जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि संघ की पसंद और प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नया अध्यक्ष चुना जाएगा। यह घोषणा अगले हफ्ते तक हो सकती है, और इसके बाद नए प्रदेश अध्यक्षों के नामों की भी घोषणा की जाएगी।

500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद रामनवमी का पर्व प्रभु श्रीराम लला अयोध्या में अपने भव्य मंदिर में विराजमान होकर मना रहे- सीएम धामी

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रामनवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ स्थित पांखू के माँ कोकिला कोठग्याड़ी मंदिर में आयोजित अखंड रामायण पाठ को संबोधित किया

प्रभु श्री राम मर्यादा, भक्ति, त्याग, और धर्म के पथप्रदर्शक- मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के अटूट संकल्प और अथक प्रयासों से अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का हमारा सपना साकार हुआ- मुख्यमंत्री

रामनवमी के अवसर पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ स्थित पांखू के माँ कोकिला कोठग्याड़ी मंदिर में आयोजित अखंड रामायण पाठ को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअली संबोधित किया |

प्रदेश वासियो को राम नवमी की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभु श्रीराम से समस्त उत्तराखंड वासियों के सुख एवं समृद्धि की कामना की |

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामायण कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि हमारे जीवन का दर्पण है, मर्यादा, भक्ति, त्याग, और धर्म का पथप्रदर्शक है। भगवान श्रीराम के जीवन से हमें सीखने को मिलता है कि किस प्रकार से विषम परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन किया जाता है। माता सीता की पवित्रता, लक्ष्मण की सेवा भावना, भरत का त्याग, हनुमान जी की भक्ति — ये सभी आदर्श हमें सदाचरण की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रामायण जैसे पवित्र धर्म ग्रंथो के अखंड पाठ के आयोजन हमारी आत्मा को शुद्ध करने के साथ- साथ वातावरण को सात्त्विक बनाने और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यंत गर्व एवं हर्ष का विषय है कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दूसरी बार रामनवमी का पर्व प्रभु श्रीराम लला अयोध्या में अपने भव्य मंदिर में विराजमान होकर मना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी का सौभाग्य है कि हमें आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में एक ऐसे प्रधान सेवक मिले हैं जिनके अटूट संकल्प और अथक प्रयासों से अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का हमारा सपना साकार हुआ है।

समस्त प्रदेश वासियों से आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम प्रभु श्री राम के आदर्शों को स्वयं में धारण कर समाज में ईमानदारी, प्रेम, सेवा और सद्भावना के साथ रहने का संकल्प ले।

कार्यक्रम में फकीर राम टम्टा विधायक, गंगोलीहाट, गिरीश जोशी, जिलाध्यक्ष, भा०ज०पा० पिथौरागढ़, मनोज कार्की, भाजपा मण्डल अध्यक्ष ग्रामीण, डॉ० स्वामी वीरेन्द्रानंद जी महाराज महामण्डलेश्वर, पंचदश नाम जूना अख, कल्पना देवलाल, महापौर नगर निगम, पिथौरागढ़, दीपिका बोहरा , प्रशासक, जिला पंचायत पिथौरागढ़, शशिकला सत्याल, जिला संयोजक शिक्षिका प्रकोष्ठ तथा अन्य स्थानीय गणमान्य उपस्थित थे |

उत्तरांचल प्रेस क्लब अंतर क्रिकेट टूर्नामेंट में दून सुपर किंग व दून लायंस ने फाइनल में किया प्रवेश

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उत्तरांचल प्रेस क्लब अंतर क्रिकेट टूर्नामेंट के महाराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज में खेले जा रहे मैच के सेमीफाइनल मैच खेले गए। जिसमें दून सुपर किंग ने 05 विकेट से विजयी प्राप्त की व दून लायंस ने 04 विकेट से विजयी प्राप्त कर फाइनल में प्रवेश किया। मैच के मुख्य अतिथि वरिष्ठ हेमराज सिंह बिष्ट उपाध्यक्ष राज्य खेल परिषद के प्रतिनिधि नीरज उपाध्याय और दूसरे मैच के मुख्य अतिथि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी मौजूद थे। फाइनल 07 अपै्रल (सोमवार) को महाराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज में प्रातः 9 बजे से खेला जाएगा।

पहला मैच दून किंग राइडर और दून सुपर किंग के बीच हुआ,
दून किंग राइडर ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 107 रनों का लक्ष्य दिया। दून किंग राइडर की तरफ से विजय मिश्रा ने 38 रन, मनीष डंगवाल ने 19 रन, अरविंद रावत ने 10 रन और संजय नेगी ने 09 रन का योगदान देकर अपनी टीम के खाते में 107 रनों का लक्ष्य दिया।
दून सुपर किंग की तरफ से सुरेन्द्र डसीला और अभय कैंतुरा ने 3-3 विकेट और हर्षमणि उनियाल और कुलदीप रावत ने 1-1 विकेट लिए।

जवाब में दून सुपर किंग ने 17.4 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 113 रन बनाकर विजयी प्राप्त कर फाइनल में प्रवेश किया। दून सुपर किंग की ओर से शैलेन्द्र सेमवाल ने 23, अजय भट्ट-21, अभय कैंतुरा 20 और प्रवीण बहुगुणा ने 10 रनों का योगदान दिया।
दून किंग राइडर की ओर से अभिषेक मिश्रा और मनीष डंगवाल ने 2-2 विकेट और राकेश रावत ने 1 विकेट लिया।

दूसरा मैच दून चौंपियन और दून लायंस के बीच हुआ,
दून चौंपियन ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 151 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। दून चैंपियन की ओर से प्रकाश भण्डारी ने 51 रन, कप्तान सोबन सिंह गुसाईं ने 35 रन, शिवेश शर्मा ने 22 और शक्ति बर्थवाल ने 19 रनों का योगदान किया। दून लायंस की ओर से नागेन्द्र सिंह नेगी ने 3 विकेट, विकास गुसाई और योगेश सेमवाल ने 1-1 विकेट लिया।

जवाब में दून लायंस ने 17.2 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 152 रन बना 5 विकेट से मैच जीता। विकास गुसाई ने 88 रन, नागेन्द्र नेगी-15 और कप्तान योगेश सेमवाल ने 11 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया।
दून चैंपियन की ओर से सोबन गुसाईं, शक्ति बर्थवाल और शिवेश शर्मा ने 2-2 विकेट लिए।

पहला मैच: पहले मैच के मुख्य अतिथि हेमराज सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष राज्य खेल परिषद के प्रतिनिधि नीरज उपाध्याय ने सभी खिलाड़ियों का परिचय प्राप्त कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए उत्साह और उमंग से भरा हुआ है, क्योंकि पत्रकारों के बीच खेले जा रहे इस शानदार क्रिकेट प्रतियोगिता का सेमीफाइनल मुकाबला संपन्न हुआ। सबसे पहले मैं सभी खिलाड़ियों को बधाई देता हूँ, जिन्होंने खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ दिन-रात की परवाह किए बिना सच को सामने लाने का जुनून होता है। आप सभी अपने-अपने कलम और कैमरे से समाज को दिशा देने का काम करते हैं। ऐसे में यह क्रिकेट प्रतियोगिता न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि आपसी सहयोग, मित्रता और सामूहिकता की भावना को और प्रगाढ़ करने का एक सुंदर प्रयास भी है।

दूसरा मैच: दूसरे मैच के मुख्य अतिथि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि सेमीफाइनल मुकाबला वाकई रोमांचक रहा। बल्ले और गेंद की जुगलबंदी ने खेल के हर क्षण को यादगार बना दिया। हार-जीत तो खेल का हिस्सा है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप सबने खेल को दिल से खेला, और यही असली जीत है। मैं आयोजकों को भी साधुवाद देता हूँ, जिनके अथक प्रयासों से यह आयोजन इतने व्यवस्थित और शानदार तरीके से हो पाया। अब हम सभी को फाइनल मुकाबले का इंतज़ार है, लेकिन उससे पहले मैं यही कहना चाहूँगा। ‘खेल वही असली होता है जिसमें स्पर्धा हो, लेकिन सम्मान बना रहे। और पत्रकार वही असली होता है जो हर परिस्थिति में सत्य के साथ खड़ा हो।’

उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह कण्डारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया और सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब महामंत्री सुरेन्द्र सिंह डसीला ने किया। कामेंट्री वीके डोभाल और राजेश पोल खोल बहुगुणा ने निभाई। अंपायर की भूमिका पंकज, मिक्की और स्कोरर की भूमिका दीपक ने निभाई।

इस अवसर पर प्रेस क्लब कार्यकारिणी के खेल संयोजक अभय सिंह कैन्तुरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, कोषाध्यक्ष अनिल चन्दोला, संयुक्त मंत्री रश्मि खत्री, संप्रेक्षक शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मो. असद, शूरवीर सिंह भंडारी, संदीप बड़ोला, पंकज भट्ट, मनवर सिंह रावत, दीपक बड़थ्वाल, किशोर रावत, रमन जायसवाल, योगेश रतूड़ी आदि उपस्थित थे।

देहरादून में कल से आयोजित चिंतन शिविर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर होगा राष्ट्रीय संवाद

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सम्मेलन की अध्यक्षता माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री , भारत सरकार डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय,भारत सरकार 7-8 अप्रैल, 2025 को देहरादून, उत्तराखंड में चिंतन शिविर 2025 का आयोजन कर रहा है। इस दो-दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन में सामाजिक न्याय और कल्याणकारी पहलों का संपूर्ण मूल्यांकन करने के लिए देश भर के विशेषज्ञ और हितधारक इकट्ठा होंगे।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कन्‍वर्जेंस को बढ़ावा देना, केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय में सुधार लाना और जमीनी स्तर पर सरकारी सेवाओं का प्रभावी और समावेशी वितरण सुनिश्चित करना है।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे। इसके अलावा, इस आयोजन में माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, रामदास आठवले और माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, बी एल वर्मा भी उपस्थित रहेंगे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, पुष्कर सिंह धामी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा,इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के 21 मंत्रियों के भाग लेने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, राज्य समाज कल्याण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विकास एवं वित्त निगमों के प्रमुख भाग लेंगे। चिंतन शिविर 2025 का उद्देश्य सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण की बाधाओं को दूर करके न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के मंत्रालय के मिशन को आगे बढ़ाना है। इस विचार-विमर्श में लाभवंचित समूहों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने, कौशल निर्माण को बढ़ावा देने और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने की कार्यनीतियों पर बल दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, सफाई कर्मचारियों और बेघर या भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों जैसे समुदायों की गरिमा, पुनर्वास और समावेश सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

चिंतन शिविर में विचार विमर्श के दौरान मंत्रालय के विजन और मिशन पर भी चर्चा की जाएगी, जो मानव सम्मान, अधिकार-आधारित समर्थन और समान अवसर पर केंद्रित है। इस चर्चा में राज्य-स्तरीय नवाचारों, समुदाय-आधारित सफल मॉडलों और प्रभावशाली नीति कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य सहयोग को सुदृढ करने के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी।

प्रमुख विकास और वित्त निगमों द्वारा की जाने वाली प्रस्तुतियां ऐतिहासिक रूप से वंचित समूहों के बीच वित्तीय समावेशन और उद्यमशीलता को दर्शाएंगी। इस विचार-विमर्श में सामाजिक लेखापरीक्षा और डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक भागीदारी के लिए तंत्र को भी शामिल किया जाएगा।

इस सम्मेलन का समापन राज्य और संघ राज्य क्षेत्रों के मंत्रियों के विचारों के साथ होगा, जिसमें एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया जाएगा, जहां प्रत्येक व्यक्ति को – चाहे उसकी जाति, आयु, लिंग या क्षमता कुछ भी हो – आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

विपक्षी विधायकों के पसदीदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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विपक्षी विधायकों के पसदीदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने काम की बदौलत सबके पसदीदा नेता बनकर उभर रहे है सही फैसले जनता से लेकर विपक्ष के नेताओं को भी धामी अच्छे लग रहे है विपक्ष के द्वाराहाट कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट के सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नारे से कांग्रेस में खलबली मच गई है

सोशल मीडिया पर द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट के एक वीडियो वायरल होने पर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने प्रतिक्रिया दी है। दसौनी ने कहा की मुख्यमंत्री सिर्फ बीजेपी के नहीं समस्त प्रदेशवासियों के होते हैं, ऐसे में विधायक मदन बिष्ट की विधानसभा में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगा हुआ था और वहां से निर्वाचित विधायक होने के नाते मदन बिष्ट को प्रोटोकॉल के तहत उस कार्यक्रम में उपस्थित होना था।

गरिमा ने कहा कि वैसे भी हमारी संस्कृति “अतिथि देवो भव “की है, वैचारिक मतभेद अपनी जगह पर हैं पर जब मुख्यमंत्री मदन बिष्ट की विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे तो स्थानीय विधायक और मेजबान होने के नाते यह मदन बिष्ट का कर्तव्य बनता था कि वह प्रदेश के मुखिया के सत्कार और स्वागत में कोई कमी ना रखें। दसौनी ने जानकारी देते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक मदन बिष्ट ने प्रदेश के मुखिया से अपने क्षेत्र में एक स्पेशियलिटी अस्पताल स्वीकृत करने का निवेदन किया उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि द्वाराहाट के लोगों को दुख बीमारी में या तो अल्मोड़ा या हल्द्वानी या फिर देहरादून ले जाना पड़ता है ऐसे में एक अच्छा अस्पताल यदि उनकी खुद की विधानसभा में खुल जाएगा तो वह स्वयं अपने क्षेत्र की जनता के साथ धन्यवाद और आभार स्वरूप मुख्यमंत्री धामी का जयकारा लगाएंगे। गरिमा ने कहा कि मदन बिष्ट की इसी बात को सोशल मीडिया पर तोड़ मरोड़ कर चलाया जा रहा है।

गरिमा ने कहा की मदन बिष्ट कांग्रेस के नेता होने के साथ-साथ द्वाराहाट विधानसभा के निर्वाचित विधायक हैं और द्वाराहाट की सम्मानित जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी, जवाबदेही और प्रतिबद्धता सर्वोपरि है। ऐसे में प्रदेश का हर विधायक चाहता है कि उसके क्षेत्र में सर्वाधिक विकास और जनहित के कार्य हों,इसी कड़ी में मदन बिष्ट की भी प्रदेश के मुखिया से यही अपेक्षा है। गरिमा ने यह भी कहा की उत्तराखंड कांग्रेस को गर्व है की मदन बिष्ट एक जनप्रतिनिधि के तौर पर खरे उतरे हैं और उन्होंने अपने वैचारिक मतभेद को क्षेत्रीय जनता के विकास के आढ़े नहीं आने दिया।

प्रशासनिक फेरबदल तय डीएम बदले जाएंगे सीनियर आईएएस विभागों में होगा बदलाव

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प्रशासनिक फेरबदल तय डीएम बदले जाएंगे सीनियर आईएएस विभागों में होगा बदलाव देहरादून उत्तराखंड में मुख्य सचिव आनंद वर्धन की ताजपोशी के बाद कई अफसरों में बदलाव किया जायेगा उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई ज़िलों के जिलाअधिकारी बदल कर परिवर्तन कर सकते है आईएएस अफसर गुड बुक में जगह बनाये जाने के लिए कसरत करते देखे जा रहे है धामी की पसंद वाले अफसर को नैनीताल ज़िले में भेजा जा सकता है जबकि गढ़वाल में दो ज़िलों के डीएम बदले जाएंगे समय पूरा कर चुके आईएएस अफसरों को ज़िलों से हटाया जायेगा इस कड़ी में ऐसे आईएएस ज़िलों से हटेंगे जिसका समय ज़िलों में पूरा हो चूका है जबकि गढ़वाल में दो ज़िलों के डीएम बदले जाएंगे

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही धामी सरकार अब प्रशासनिक फेरबदल को अंजाम देगी। वरिष्ठ नौकरशाह आनंद बर्द्धन के मुख्य सचिव बनने के बाद उनके विभागों का आवंटन अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को दिया जा सकता है। तीन प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई और आर मीनाक्षी सुंदरम शासन में तैनात हैं।

सीएस बनने से खाली हुए उनके प्रमुख प्रभारों का बंटवारा इन तीनों प्रमुख सचिवों के बीच हो सकता है। इनके अलावा शासन में तैनात सचिवों को भी नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। अपर सचिव से सचिव पद पदोन्नत हुए उन नौकरशाहों को कुछ प्रमुख विभाग मिल सकते हैं, जो अभी एक या दो प्रभार देख रहे हैं।

अपर सचिव स्तर पर भी कुछ अधिकारियों के प्रभार बदले जा सकते हैं। शासन के अलावा कुछ जिलों में जिलाधिकारियों को बदले जाने की चर्चाएं गर्म हैं। माना जा रहा है कि गढ़वाल और कुमाऊं के दो-दो जिलों के जिलाधिकारियों को इधर से उधर किया जा सकता है। अगले महीने चूंकि पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है। इसलिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल पंचायत चुनाव से पहले इसी महीने होने की संभावना है।

दायित्वधारी सूचि में पुष्कर सरकार ने इनको दिया दायित्व

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दायित्व धारी सूचि में पुष्कर सरकार ने इनको दिया दायित्व देहरादून उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की दूसरी सूचि जारी की है लम्बे समय से पहली सूचि में नाम नहीं पाने वाले नेता दूसरी सूचि में नाम नहीं होने पर मायूस है ऐसे में कई बीजेपी नेता पद नहीं मिल पाने पर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे है माना जा रहा है अभी सूचि जारी होने का सिलसिला जारी रहेगा

पुष्कर सिंह धामी सरकार में इनको मिली जगह

बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
सुरेन्द्र मोघा, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड
भुवन विक्रम डबराल, उपाध्यक्ष, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
सुभाष बर्थवाल, उपाध्यक्ष, राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद
पुनीत मित्तल, उपाध्यक्ष, नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद
गिरीश डोभाल, उपाध्यक्ष, प्रदेशीय मौन परिषद
गीताराम गौड, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद
डॉ.जयपाल, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति
देशराज कर्णवाल, उपाध्यक्ष, समाज कल्याण योजनाएं एवं अनुश्रवण समिति
अजीत चौधरी, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य किसान आयोग
प्रताप सिंह पंवार, उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड
जगत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति
गीता रावत, अध्यक्ष, राज्य स्तरीय सतर्कता समिति
शंकर कोरंगा, उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद
महेश्वर सिंह महरा, उपाध्यक्ष, चाय विकास सलाहकार परिषद
सरदार मनजीत सिंह, अध्यक्ष, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति
नवीन वर्मा, उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद
अशोक नब्याल, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद

आदि कैलाश में स्थित शिव-पार्वती मंदिर के कपाट दो मई को खुलेंगे

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कुमाऊं मंडल में स्थित खास आदि कैलाश, जो अपने शिव-पार्वती मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, में कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थल का दौरा कर इसे प्रमोट करने का प्रयास किया, और इस स्थान पर आने वाले यात्रियों की बढ़ती उत्सुकता इस बात का संकेत है कि यहां पर्यटन में वृद्धि होगी।

धारचूला के व्यास घाटी में स्थित आदि कैलाश के शिव-पार्वती मंदिर के कपाट 2 मई को खोले जाएंगे। इस अवसर पर प्रशासन मई के पहले सप्ताह से यात्रियों के लिए इनर लाइन पास जारी करेगा।

आदि कैलाश विकास समिति के अध्यक्ष पुनीत सिंह कुटियाल ने बताया कि ग्राम कुटी में स्थित ज्योलिंगकांग (14500 फुट) के समीप स्थित आदि कैलाश के मंदिर के कपाट खोलने के लिए सहमति प्राप्त हो गई है। कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु आदि कैलाश, ओम पर्वत, शिव-पार्वती मंदिर, पार्वती सरोवर और गौरी कुंड के दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर के पुजारियों गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रिफ ने गुंजी, नाबी, कुटी आदि कैलाश सड़क से बर्फ हटा दी है, जिससे क्षेत्र में आवाजाही संभव हो गई है। कुटी के ग्रामीण 20 मई से प्रवास शुरू करेंगे और इस दौरान सुरक्षा कर्मी और कुमाऊं मंडल विकास निगम के कर्मचारी क्षेत्र में पहुंचेंगे। एसडीएम मंजीत सिंह ने बताया कि मई पहले सप्ताह से इनर लाइन परमिट जारी किए जाएंगे, और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन की ओर से निर्धारित तिथियों के बाद ही पर्यटकों की बुकिंग लें।

आदि कैलाश विकास समिति के अध्यक्ष पुनीत सिंह कुटियाल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखें।

प्रधानमंत्री मोदी के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 अक्टूबर 2023 को आदि कैलाश दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष करीब 31,000 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी 21 जून 2023 को योग दिवस आदि कैलाश में मनाया था, जबकि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन कर चुके हैं।

व्यवस्थाएं देखने गई अधिकारियों की टीम
आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाएगा। इसको लेकर प्रशासन की ओर से यात्री सुविधाओं के लिए बेहतर सड़क मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, और अन्य जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। इस संबंध में शुक्रवार को एडीएम योगेंद्र सिंह, धारचूला के एसडीएम मंजीत सिंह और अन्य विभागीय अधिकारियों की एक टीम व्यास घाटी का दौरा करने के लिए रवाना हुई। टीम लौटने के बाद सड़क मार्ग की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी जिलाधिकारी को प्रदान करेगी।

ऐश्वर्या की सक्रिय सियासी पारी का आगाज

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केदारनाथ विधानसभा से दिवंगत विधायक शैलारानी रावत की बेटी ऐश्वर्या रावत ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है। पहले माना जा रहा था कि वह केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करेंगी, लेकिन अब पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उन्हें राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त कर उनकी राजनीति में सक्रियता का शुभारंभ किया है।

पूर्व विधायक स्व. शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्या रावत ने इस जिम्मेदारी को सौंपे जाने पर कहा कि सरकार ने जो कार्य उन्हें दिया है, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी और जरूरतमंद महिलाओं की मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य महिलाओं को जागरूक करना और उन्हें सशक्त बनाना होगा ताकि घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों को रोका जा सके।

पिछले साल 9 जुलाई को उनकी मां, विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि उनकी राजनीतिक विरासत को कौन संभालेगा। ऐश्वर्या रावत के बारे में केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में भी कई कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, ऐश्वर्या भाजपा के कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं, और अब उन्हें महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त कर दिया गया है।

ऐश्वर्या ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं को अपनी शिक्षा, योग्यता और संस्कारों पर विश्वास करते हुए आगे बढ़ना चाहिए ताकि उनके खिलाफ होने वाले अपराधों में कमी आए और समाज में सोच बदले। उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिगों के विवाह के मामलों पर गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता है। ऐश्वर्या रावत ने यह भी कहा कि वह अपनी दिवंगत मां के सपनों और अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगी।