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उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले किसानों को सब्सिडी, छात्रों को मुफ्त कॉपियां

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उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को सब्सिडी, छात्रों को मुफ्त कॉपियां, आपदा में बढ़े अधिकार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में सोमवार को कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें किसानों को सब्सिडी, छात्रों के लिए मुफ्त कॉपियां, और आपदा प्रबंधन में अधिकारियों के अधिकार बढ़ाने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं।

कृषि क्षेत्र में बड़े फैसले

  • ड्रैगन फ्रूट की खेती पर 80% सब्सिडी: एक एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती पर ₹8 लाख की लागत अनुमानित है, जिसमें किसानों को 80% तक अनुदान मिलेगा।
  • कीवी नीति लागू: राज्य में 2030-32 तक 3300 हेक्टेयर में 33,000 मीट्रिक टन कीवी उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया। वर्तमान में केवल 682 हेक्टेयर में कीवी उगाई जा रही है। किसानों को 50-70% तक सब्सिडी दी जाएगी।
  • मोटा अनाज नीति: 80% अनुदान बीज, जैव उर्वरक, कीटनाशक और पोषक तत्वों पर मिलेगा। योजना दो चरणों में लागू होगी, जिसमें कुल 70,000 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य है।
  • सेब ग्रेडिंग इकाइयों पर 60% अनुदान: उत्पादन के बाद की प्रक्रिया जैसे ग्रेडिंग और संग्रहण इकाइयों को सब्सिडी दी जाएगी।

10 लाख छात्रों को मुफ्त कॉपियां

राज्य के सरकारी और अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले 10 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त कॉपियां दी जाएंगी।


आपदा प्रबंधन में बढ़े वित्तीय अधिकार

  • जिलाधिकारियों को अब ₹1 करोड़ तक खर्च की अनुमति, पहले यह सीमा ₹20 लाख थी।
  • मंडलायुक्त का अधिकार ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ किया गया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • हर जिले में एक संस्कृत ग्राम, प्रशिक्षकों को ₹20,000 मासिक मानदेय मिलेगा।
  • ड्रग्स कंट्रोलर को औषधि आयुक्त का दर्जा।
  • यूसीसी के तहत विवाह, तलाक और वसीयत का पंजीकरण सब रजिस्ट्रार के अधीन।
  • सेवर सफाई के दौरान दिव्यांग या मृतक कर्मियों के बच्चों को छात्रवृत्ति।
  • उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में यूसीसी अधिनियम लागू।
  • आईटी एवं आईटीडीए में पदों की संख्या 45 से बढ़ाकर 54।
  • यूएस नगर के सिरौली कलां को नगर पालिका का दर्जा।
  • ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को 11 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने की मंजूरी।

यह निर्णय राज्य की कृषि, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक क्षेत्र में सुधार और विस्तार की दिशा में एक ठोस कदम माने जा रहे हैं।

गैस गोदाम पर बड़े वाहनों पर डीएम की रोक

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देहरादून तपोवन रोड रायपुर निवासियों की शिकायत पर डीएम सविन बंसल ने जनहित में आबादी में अवस्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर बड़े वाहनों से गैस परिवहन पर रोक लागाते हुए 288 गैस क्षमता वाले वाहनों से गैस आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए थे। डीएम के आदेश के विरूद्ध तेल कम्पनी द्वारा मा0 न्यायालय में दायर की थी याचिका, जिस पर मा0 न्यायालय ने डीएम के आदेश को यथावत रखते हुए रिट खारिज की, जिस पर क्षेत्रवासियों द्वारा खुशी जाहिर की है।
 

लेन न० 7. फैन्डस कालोनी, त्तपोवन रोड, रायपुर देहरादून के निवासियों द्वारा अपने शिकायती पत्र  18-01-2025 के द्वारा अपने शिकायती पत्र में तपोवन रोड फ्रेन्डस कालोनी के अन्दर इण्डेन गैस का गोदाम है, यह उस समय बना था जब यहाँ कोई मकान नहीं थे। परन्तु आज पूरी कालोनी में मकान बन चुके है और यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यहाँ गैस गोदाम में रोज बदल-बदल कर ट्रक आते हैं जिसमें लगभग 300-400 सिलेण्डर आते हैं और कालोनी के अन्दर मार्ग संकरा होने के कारण किसी ना किसी घर की बाउण्ड्री व छज्जा तोड़कर नुकसान कर रहे हैं। कालोनी के अन्दर इस तरह का गोदाम जिसमें काफी भरे सिलेण्डर रहते है, जिससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम, जिला पूर्ति अधिकारियों को मौके पर जाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे। जिस पर उप जिलाधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी ने 30-01-2025 को मौके पर जाकर  जाँच के समय शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ गैस गोदाम प्रभारी तथा अपर जिला सहायक निबंधक देहरादून उपस्थित रहे। यह गैस गोदाम दून वैली सहकारी समिति द्वारा संचालित मै० सहकारी बाजार गैस सेवा का गैस गोदाम है जिस पर लगभग 11,500 से अधिक उपभोक्ता पंजीकृत है और गैस गोदाम ब्लॉक कार्यालय रायपुर के सामने रोड से लगभग 300 फुट अन्दर स्थित है।

इण्डेन ऑयल कार्पाेरेशन द्वारा इस गोदाम पर 360 वाले बड़े वाहनों से गैस की आपूर्ति की जा रही है जिससे उस गली के भवनों को नुकसान पहुँचने की सम्भावना बनी रहती है। जनहित एवं सुरक्षा कारणों के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि इस गोदाम पर छोटे ट्रकों (288 गैस सिलेण्डरों वाले वाहनों) से गैस की आपूर्ति की जाए।

डीएम ने जनहित एवं सुरक्षा कारणों के दृष्टिगत मै० सहकारी बाजार गैस सेवा, देहरादून के तपोवन रोड़ स्थित गैस गोदाम पर बड़े ट्रकों से गैस की आपूर्ति प्रतिबन्धित करते हुए इण्डेन ऑयल कार्पाेरेशन को आदेशित किया  कि विस्फोटक अधिनियम 1884 संगत अधिनियम एवं नियमों का पालन करते हुए उपरोक्त सन्दर्भित गैस गोदाम पर तत्काल छोटे ट्रकों (288 गैस सिलेण्डर वाले वाहनों) से ही गैस की पर्याप्त आपूर्ति करना सुनिश्चित करें।

चारधाम यात्रा, मसूरी पर्यटन सीजन शुरू होने से पूर्व डीएम के निर्देश 

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चारधाम यात्रा एवं मसूरी पर्यटन सीजन को लेकर जिला प्रशासन एलर्ट मोड में है। वहीं पर्यटकों की भारी आमद की संभावना के चलते जिलाधिकारी सविन बंसल व्यवस्थाओं के लेकर सख्त है। जिलाधिकारी ने मसूरी के लिए वैकल्पिक मार्ग किमाड़ी मोटर पर 15 मई तक निर्माण, मरम्मत कार्य पूर्ण करने के सख्त  निर्देश दिए। डीएम ने मसूरी-किमाड़ी मोटर मार्ग निर्माण, मरम्मत के लिए 40 लाख की धनराशि स्वीकृत की थी, जिस पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है।

चारधाम यात्रा मसूरी ग्रीष्मकाल एवं पर्यटन सीजन में पर्यटकों की भारी आमद की संभावना है, जिस पर प्रशासन सक्रिय है। वहीं डीएम ने मसूरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन शुरू होने से पूर्व शटल सेवा को ऑपरेशनल किया जाए। लाईब्रेरी चौक एवं पिक्चर पैलेस पर शटल संचालन हेतु वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था एवं शटल हेल्पडेस्क स्थापित किरने,  मसूरी नगर पालिका परिषद, पुलिस और परिवहन विभाग से समन्वय करते हुए अधिकृत पार्किंग संचालक एवं विस्तारित वाहन पार्किंग क्षेत्र हेतु उचित स्थान का निर्धारण करने के निर्देश दिए है।

पुलिस विभाग को मसूरी के होटलों में उपलब्ध पार्किंग क्षमता के अनुसार वाहनों को मुक्त एवं अधिकृत टैक्सी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। हाथीपांव बैंड पर पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चिन्हित पार्किंग स्थलों पर मार्किंग करने। मसूरी डायवर्जन, देहरादून से किंक्रेग पार्किंग तक पूरे मार्ग पर शटल पार्किंग के साइन बोर्ड एवं उचित संक्रेत लगाए जाए। अधिकृत शटल सेवा संचालक द्वारा कॉन्ट्रेक्ट एग्रीमेंट और यात्रियों की सुविधा के अनुसार टोकन सिस्टम का संचालन कराया जाए। माल रोड पर गाडियों का समय निर्धारण के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का उत्तराखंड मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत

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देहरादून उत्तराखंड के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे बीजेपी के राष्टीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ऋषिकेश एम्स के दीक्षांत समारोह पहुंचे उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका जोलीग्रांट पर स्वागत किया

एम्स ऋषिकेश के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के साथ वो उत्तराखंड में कई योजनाओं में शामिल होंगे उत्तराखंड आगमन पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का कई नेताओं के स्वागत किया है दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों को डिग्री प्रदान करने के लिए वो पहुंच गए है।

बिजली बिलों के 415.67 करोड़ रुपये दबाकर 1,27,873 उपभोक्ता गायब

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देहरादून उत्तराखंड में अफसरों को काम करने में कोई इंट्रेस्ट नहीं आता विभाग के करोड़ो रूपए का चूना सरकार के खाजने पर लगाकर एक लाख से अधिक उपभोक्ता गायब हैं लेकिन यूपीसीएल इनको नहीं खोज पाया है आखिर इनको जमीं निगल गई या आसमान इसका जवाब अफसरों के पास मौजूद नहीं उत्तराखंड में यूपीसीएल वैसे तो अपना एक रूपए भी नहीं छोड़ता लेकिन सरकार के करोड़ो रूपए लेकर एक लाख से अधिक मीटर वाले गायब है गज़ब का कारनामा उत्तराखंड में देखने को मिला है

उत्तराखंड में बिजली बिलों के 415.67 करोड़ रुपये दबाकर 1,27,873 उपभोक्ता गायब हैं। यूपीसीएल के अधिकारी इनकी तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। कहीं बिजली का मीटर नहीं है तो कहीं मालिक वर्षों से बाहर है। यूपीसीएल ने इस पूरी राशि को नॉन बिल्ड (एनबी) और स्टॉप बिल्ड (एसबी) की श्रेणी में डाला हुआा है।

बीते वर्षों में यूपीसीएल के अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां कीं। इससे उन उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती चली गई, जिनका भारी भरकम बिल था, लेकिन जब वसूली के लिए गए तो वे वहां मिले ही नहीं। या तो मकान बेचकर चले गए या फिर छोड़कर चले गए। ऐसे भी चौंकाने वाले मामले हैं, जिनमें एक ही मोहल्ले में एक नाम से कई-कई कनेक्शन हैं। माना जाता है कि एक कनेक्शन का बिल ज्यादा होने पर उसका मीटर खराब करके दूसरे मीटर से दूसरा कनेक्शन लगाया गया होगा।

यूपीसीएल प्रबंधन के लिए एनबी-एसबी श्रेणी के ये उपभोक्ता नासूर बने हुए हैं। वर्ष 2019 में इनकी संख्या 1,61,500 थी। हर साल यूपीसीएल की टीमें इस दिशा में काम करती हैं, जिससे इनकी संख्या बदलती रहती है। वर्ष 2020 में इनकी संख्या 1,58,300, वर्ष 2021 में 1,61,580, 2022 में 1,54,461, 2023 में 1,42,962, 2024 में 1,31,418 और 2025 में 1,27,873 पर पहुंची है। एनबी-एसबी की राशि 415.67 करोड़ पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने चिंता जताई है।

समान नागरिक संहिता’ विशाल जनसमुद्र से जनविश्वास का अमृत धामी हुए अभिभूत

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समान नागरिक संहिता’ विशाल जनसमुद्र से जनविश्वास का अमृत धामी हुए अभिभूत भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उत्तराखंड में सामान नागरिक सहिंता UCC लागू किये जाने पर हरिद्वार में समान नागरिक संहिता’ पर जनविश्वास की मुहर जैसा सैलाब देखने को मिला पहली बार अपार जान समर्थन के रूप में उमड़ा जनता का विश्वास राज्य के मुखिया पुष्कर सिंह धामी को अभिभूत कर गया हज़ारो की संख्या में उमड़ा सैलाब इतना अधिक था आयोजनकर्ता भी उससे उत्साहित देखे गए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाबा साहब ने ऐसे भारत की परिकल्पना की जिसमें सभी वर्गों को समान अधिकार, समान अवसर और समान गरिमा प्राप्त हो। उनका संघर्ष हम सब के लिए एक मिसाल है।

हरिद्वार केंद्रीय विद्यालय भेल परिसर में यूसीसी आभार सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे हरिद्वार की पवित्र भूमि पर बाबा साहब आंबेडकर की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में आप सभी के बीच उपस्थित होने का सुअवसर मिला है।

सीएम धामी ने कहा कि इतनी विशाल संख्या में आप सभी की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि बाबा साहब आंबेडकर आज भी हमारी सामूहिक चेतना का अभिन्न हिस्सा हैं। कहा कि मेरा मानना है, बाबा साहब का संपूर्ण जीवन ही उनका संदेश है। उन्होंने कहा कि वे एक ऐसे युगद्रष्टा थे जिन्होंने गुलाम भारत में जन्म लेकर भी अपने ज्ञान और संकल्प के द्वारा न केवल स्वयं के जीवन को बदला, बल्कि करोड़ों वंचितों, शोषितों और पीड़ितों को न्याय की राह दिखाई।

समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए किया गया। उनका संघर्ष हम सब के लिए एक मिसाल है। कहा कि भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. आंबेडकर के योगदान के लिए प्रत्येक देशवासी सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में ही ये सुनिश्चित कर दिया कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व भारतीय गणराज्य के मूल स्तंभ होंगे।

ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से आजीविका संर्वधन की अभिनव पहल

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देहरादून ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से आजीविका संर्वधन की अभिनव पहल देहरादून के विकासखंड रायपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संर्वधन की अभिवन पहल शुरू की हैं। पांच ग्राम पंचायत धनोला, अस्थल, कार्लीगाढ़, बझेत और खैरी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं घर-घर सूखा कूड़ा-कचरा एकत्र करने के साथ-साथ अपनी आजीविका संर्वधन कर रही हैं। इस कार्य में वेस्ट वॉरियर्स एनजीओ द्वारा आवश्यक आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया गया है। महिलाएं प्रतिमाह रू0 6000 तक आय सृजित करने लगी हैं।

ग्राम पंचायत में कूड़ा प्रबंधन हेतु यह एक सराहनीय प्रयास है। जहाँ समूह की महिलाएं ठोस कचरा अपशिष्ट प्रबंधन के लिये आम जनमानस को प्रेरित कर रही हैं, साथ ही अपनी आजीविका में वृद्धि कर रही हैं। निकट समय में प्रत्येक ग्राम पंचायत में 30 रू० प्रति माह प्रत्येक घर से शुल्क निर्धारित किया जाना प्रस्तावित है। जिससे समूहों को एक निर्धारित और अधिक आय अर्जित हो सकेगी। एनआरएलएम समूह की इन महिलाओं को पर्यावरण सखियों के नाम से जाना जा रहा है। ग्राम पंचायतों में उनके कार्यों की खूब सराहना भी की जा रही है। स्वजल द्वारा इस कार्य के लिए महिला समूहों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया है। समूह द्वारा घर-घर से सूखा कूड़ा उठाने के पश्चात् धनोला सेग्रीगेशन सेंटर पर लाया जाता है एवं कूड़ा पृथक्करण का कार्य किया जा रहा है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि वेस्ट वॉरियर्स एनजीओ के सहयोग से इस मॉडल को विस्तार दिया जाएगा और अन्य ग्राम पंचायतों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संर्वधन की दिशा में कार्य किया जाएगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- वक्फ कानून ठीक होता तो मुसलमान पंक्चर नहीं बनाते

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर हरियाणा के हिसार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि वक्फ कानून का सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ होता, तो आज मुस्लिम समुदाय को आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।

वक्फ कानून पर मोदी का बयान

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में वक्फ के नाम पर लाखों हेक्टेयर भूमि है, जिसका उपयोग समाज के गरीब, बेसहारा और वंचित वर्गों के हित में होना चाहिए था। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून का फायदा कुछ भू-माफियाओं ने उठाया और गरीबों को उनका अधिकार नहीं मिला। उन्होंने कहा, “अगर यह जमीन सही तरह से इस्तेमाल होती, तो आज मुसलमानों को साइकिल के पंक्चर बनाने की नौबत नहीं आती।”

उन्होंने यह भी बताया कि सैकड़ों मुस्लिम विधवा महिलाओं की चिट्ठियों के बाद सरकार ने वक्फ कानून में संशोधन किया है, और अब नया प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी आदिवासी की ज़मीन को वक्फ बोर्ड द्वारा नहीं छीना जा सकेगा।

सामाजिक न्याय और आरक्षण पर निशाना

मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने बाबा साहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय के सपने को पूरा नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान की भावना के साथ खिलवाड़ किया है और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया।

कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वहां धर्म के आधार पर पेंशन और आरक्षण दिए जा रहे हैं, जो संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

हरियाणा में रोजगार और सुशासन की चर्चा

प्रधानमंत्री ने हरियाणा की भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य में सरकारी नौकरियां पारदर्शिता से दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बिना सिफारिश और बिना खर्च के हजारों युवाओं को नौकरी मिली है, जो कांग्रेस शासन में संभव नहीं था।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर टिप्पणी

मोदी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू करने की सराहना की और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह संविधान की मूल भावना का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान को अक्षरश: लागू करने के पक्ष में है, जबकि कांग्रेस ने उसे सत्ता का हथियार बना दिया है।

कनेक्टिविटी और विकास की योजनाएं

प्रधानमंत्री ने हिसार-अयोध्या फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर हरियाणा के पहले एयरपोर्ट टर्मिनल का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि देश में 90 से अधिक हवाई अड्डों को उड़ान योजना से जोड़ा गया है और इससे कम कीमत में हवाई यात्रा संभव हो रही है। एयरलाइन कंपनियों ने 2000 नए विमान ऑर्डर किए हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

अंत में, कांग्रेस पर ऐतिहासिक आरोप

मोदी ने कहा कि जब तक डॉ. अंबेडकर जीवित थे, कांग्रेस ने उन्हें नकारा और चुनाव हरवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके विचारों को दबाने की कोशिश की और उनके योगदान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ही है जो आज उनके सपनों को साकार कर रही है।

गंगोत्री-यमुनोत्री और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं की DPR तैयार

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नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और कार्यकारी सतीश कुमार से राज्य में प्रस्तावित पांच महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने गंगोत्री-यमुनोत्री और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और बताया कि इन दोनों परियोजनाओं की Detailed Project Report (DPR) तैयार हो चुकी है। उन्होंने रेलवे बोर्ड से इन डीपीआर को जल्द अनुमोदित करने और कार्य प्रारंभ करने की मांग की।

इसके अलावा, आनंद बर्द्धन ने मेरठ से हरिद्वार तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। यह परियोजना राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इससे यात्रा की गति में सुधार होगा और पर्यटकों तथा स्थानीय जनता को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी।

उत्तराखंड में इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन से न केवल राज्य के विकास में तेजी आएगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। राज्य सरकार रेलवे बोर्ड के साथ मिलकर इन योजनाओं को जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य के नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित यातायात सुविधाएं मिल सकें।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार से मुलाकात के दौरान राज्य में प्रस्तावित पांच प्रमुख रेल परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं में से तीन प्रस्तावित हैं, जबकि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग सहित दो परियोजनाओं पर वर्तमान में काम चल रहा है।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से गंगोत्री-यमुनोत्री और टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं पर जोर दिया। गंगोत्री-यमुनोत्री रेल परियोजना की कुल दूरी 121.76 किमी है और इसमें 10 स्टेशन होंगे। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है और Detailed Project Report (DPR) रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। अब इस परियोजना पर अनुमोदन का इंतजार है।

वहीं, टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना की कुल दूरी 170.70 किमी है और इसमें 12 स्टेशन होंगे। इसका सर्वेक्षण कार्य भी पूरा हो चुका है और डीपीआर रेलवे बोर्ड को सौंप दी गई है, जिस पर अनुमोदन की प्रतीक्षा की जा रही है।

इसके अलावा, देहरादून-सहारनपुर रेल परियोजना की कुल दूरी 92.60 किमी है और इसमें आठ स्टेशन होंगे। इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य अभी चल रहा है, और इसके पूरा होने के बाद डीपीआर को रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड से इन परियोजनाओं की शीघ्र मंजूरी का अनुरोध किया, ताकि राज्य के रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा सके और यात्रा सुविधाओं में सुधार हो सके। इन परियोजनाओं से न केवल उत्तराखंड में यातायात का स्तर बेहतर होगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

चार धाम यात्रा 2025 हवाई टिकट महँगी 31 मई तक बुकिंग फुल

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देहरादून चार धाम यात्रा 2025 को लेकर यात्रा में आने वाले श्रदालु खासे उत्साहित है हवाई यात्रा के लिए बुकिंग ने पिछले साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए है ऑनलाइन माध्यम से यात्रा में आने वाले यात्रियों का सरकारी आंकड़ा राज्य के लिए खासा उत्साहित करने वाला है केदारनाथ के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। इसी दिन से गुप्तकाशी, सिरसी व फाटा हेलिपैड से हेली सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।

केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। इसी दिन से गुप्तकाशी, सिरसी व फाटा हेलिपैड से हेली सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने दो से 31 मई तक की यात्रा के लिए केदारनाथ हेली सेवा टिकटों की बुकिंग शुरू करने की आठ अप्रैल को तारीख तय की थी। इसके आधार पर आईआरसीटीसी ने टिकटों की बुकिंग के लिए वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in को खोला।

दोपहर में विंडो खुलते ही कपाट खोले जाने से लेकर 31 मई तक ऑनलाइन बुकिंग फूल हो चुकी है ऐसे में टिकटों की मारामारी इस बार अधिक रहने वाली है इस बार यात्रा मार्गो पर ऑनलाइन टिकट की ब्लैक करने वालो पर पुलिस की नज़र है हर बार यात्रा पर आने वाले यात्रियों से हेली टिकट की बुकिंग पर अधिक पैसे लिए जाते है लेकिन इस बार यात्रा बुकिंग को लेकर सरकार काफी सतर्क है

चार धाम यात्रा पर आने वाले हेली यात्री इस बार पिछली बार से अधिक पैसे देकर यात्रा करेंगे सरकार के यात्रा मार्गो पर हेली टिकट का किराया निर्धारित किया है

ये होगा प्रति यात्री आने-जाने का किराया
गुप्तकाशी से केदारनाथ -8532 रुपये
फाटा से केदारनाथ-6062 रुपये
सिरसी से केदारनाथ-6060