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राज्य कर्मचारियों के लिए राहतभरी खबर: अब 5400 ग्रेड वेतन तक वालों को भी एलटीसी में हवाई यात्रा की सुविधा

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राज्य कर्मचारियों के लिए राहतभरी खबर: अब 5400 ग्रेड वेतन तक वालों को भी एलटीसी में हवाई यात्रा की सुविधा Relief news for state employees: Now those with a grade pay of up to 5400 will also have the facility of air travel in LTC.

सरकार ने बदली यात्रा अवकाश की शर्तें, न्यूनतम छुट्टियों की सीमा भी घटाई

उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए यात्रा अवकाश (LTC) नियमों में बड़ा संशोधन किया है। अब ग्रेड वेतन ₹5400 तक के अधिकारी और कर्मचारी रेल के साथ-साथ हवाई यात्रा का भी लाभ उठा सकेंगे। इस संबंध में सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने आदेश जारी कर दिए हैं।

क्या है नया बदलाव?

  • अब तक एलटीसी लेने के लिए न्यूनतम 15 दिन का उपार्जित अवकाश अनिवार्य था, जिसे घटाकर 5 दिन कर दिया गया है।
  • ₹5400 ग्रेड वेतन वाले अधिकारी अब एलटीसी में वायुयान से यात्रा कर सकेंगे।
  • यदि वे हवाई यात्रा नहीं करते हैं, तो उन्हें रेल की प्रथम श्रेणी (First Class) में यात्रा की अनुमति होगी। पहले इन्हें AC 2-tier की सुविधा ही मिलती थी।
  • चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब AC 3-tier में यात्रा करने की सुविधा दी गई है, जबकि पहले उन्हें स्लीपर क्लास का ही विकल्प मिलता था।
  • अन्य श्रेणियों में भी यात्रा सुविधाओं को उन्नत किया गया है।

कर्मचारी संगठनों ने जताया आभार

सरकार के इस निर्णय का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव और सचिव वित्त का आभार व्यक्त किया है। संगठनों का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों के हित में एक सकारात्मक और सराहनीय पहल है।

कर्मचारियों की समयपालन पर सरकार सख्त,सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए निर्देश

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कर्मचारियों की समयपालन पर सरकार सख्त, महीने में चार दिन देरी से आने पर होगी कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए निर्देश The government is strict about employees’ punctuality; the General Administration Department has issued directives.

उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। अब यदि कोई कर्मचारी एक माह में चार या अधिक बार देर से कार्यालय पहुंचता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार:

  • एक दिन देर से आने पर मौखिक चेतावनी दी जाएगी।
  • दो दिन देरी पर लिखित चेतावनी जारी की जाएगी।
  • तीन दिन देरी होने पर एक दिन का आकस्मिक अवकाश (CL) काटा जाएगा।
  • चार या उससे अधिक दिन देरी से आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का यह कदम कार्यालयों में कार्य संस्कृति और अनुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

ग्रीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की बड़ी पहल 25 स्थानों पर शुरू हुई ई-चार्जिंग सुविधा

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The government’s major initiative to promote the Green Char Dham Yatra has started e-charging facilities at 25 locations.

चारधाम यात्रा को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और हरित बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने इस यात्रा सीजन में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यात्रा मार्ग पर 25 स्थानों पर ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह चालू हो चुके हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार इस वर्ष की चारधाम यात्रा को “ग्रीन यात्रा” की थीम पर आधारित किया गया है। इसी क्रम में, परिवहन विभाग और टीएचडीसी के सहयोग से कुल 38 ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 25 स्टेशन पहले ही सेवा में आ चुके हैं।

इन चार्जिंग स्टेशनों को जीएमवीएन (गढ़वाल मंडल विकास निगम) की संपत्तियों में स्थापित किया गया है। प्रत्येक स्टेशन पर 60 किलोवाट क्षमता के यूनिवर्सल चार्जर लगाए गए हैं, जिसमें दो 30-30 किलोवाट की चार्जिंग गन शामिल हैं। जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों पर ये स्टेशन स्थापित किए गए हैं ताकि अधिक से अधिक यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं।

रुद्रप्रयाग जिले में विशेष पहल

रुद्रप्रयाग जिले में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित चार जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में भी ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जो यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

हरित उत्तराखंड की दिशा में अग्रसर राज्य

यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप हरित पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। ई-वाहनों की सुविधा न केवल तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाने और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा:

“हमारा लक्ष्य सिर्फ यात्रा को आसान बनाना नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को एक पर्यावरण मित्र राज्य बनाना है, जहां पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण भी हो।”


ई-चार्जिंग स्टेशन इन प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध हैं:

उत्तरकाशी, हरिद्वार, ऋषिकेश, मंगलौर, रुड़की, बड़कोट, स्यानाचट्टी, फूलचट्टी, जानकीचट्टी, कौड़ियाला, श्रीनगर, श्रीकोट, गौचर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, कालेश्वर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, औली, पांडुकेश्वर, बद्रीनाथ, स्यालसौड़, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, घनसाली आदि।

माणा गांव में शुरू हुआ 12 वर्षों बाद पुष्कर कुंभ, दक्षिण भारत से पहुंचे श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

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माणा गांव में शुरू हुआ 12 वर्षों बाद पुष्कर कुंभ, दक्षिण भारत से पहुंचे श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान The Pushkar Kumbh, which began in Maan village after 12 years, saw devotees arriving from South India for a sacred bath.

केशव प्रयाग में आस्था और परंपरा का संगम, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

चमोली जनपद के सीमांत गांव माणा में स्थित केशव प्रयाग में 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पुष्कर कुंभ का भव्य आयोजन विधि-विधान के साथ आरंभ हो गया है। जैसे ही यह दुर्लभ आयोजन शुरू हुआ, बदरीनाथ धाम और माणा गांव में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल बढ़ गई। विशेष रूप से दक्षिण भारत से आए वैष्णव परंपरा के श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पैदल मार्गों का उन्नयन किया गया है और वहां विभिन्न भाषाओं में साइन बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग पर पुलिस बल, तथा संगम स्थल पर एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती की गई है। तहसील प्रशासन को पूरे आयोजन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पुष्कर कुंभ का ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व

पुष्कर कुंभ का आयोजन तब होता है जब गुरु (बृहस्पति) ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करता है — यह संयोग हर 12 वर्ष में एक बार आता है। इसी ज्योतिषीय स्थिति के दौरान, अलकनंदा और सरस्वती नदियों के संगम स्थल केशव प्रयाग में यह विशेष कुंभ मेले जैसा आयोजन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण भारत के महान संत रामानुजाचार्य और माधवाचार्य ने यहीं पर मां सरस्वती से ज्ञान प्राप्त किया था। इसके अलावा, महर्षि वेदव्यास ने भी यहीं तप कर महाभारत की रचना की थी।

आस्था से जुड़ता भारत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा:

“तीर्थ स्थल केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये देश की एकता और सांस्कृतिक समरसता के प्रतीक भी हैं। देशभर, विशेषकर दक्षिण भारत से श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि माणा गांव में आयोजित पुष्कर कुंभ उत्तर और दक्षिण भारत को आपस में जोड़ने वाला सेतु बन रहा है। यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सजीव करता है।”

मुख्यमंत्री ने युवक एवं महिला मंगल दलों से किया संवाद

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मुख्यमंत्री ने युवक एवं महिला मंगल दलों से किया संवाद The Chief Minister interacted with youth and women’s welfare groups.

सेवा, संस्कृति और स्वावलंबन में मंगल दलों की भूमिका सराहनीय – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में “मुख्य सेवक संवाद” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर से आए युवक एवं महिला मंगल दलों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि मंगल दलों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,000 किया जाएगा। साथ ही, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए नई नीति तैयार की जाएगी। डिजिटल मिशन के तहत मंगल दलों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, और राज्य स्तर पर एक पोर्टल तैयार किया जाएगा, जिससे सभी युवक एवं महिला मंगल दल आपस में जुड़ सकें और समन्वय स्थापित कर सकें।

मुख्यमंत्री ने मंगल दलों के सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और आपदा प्रबंधन में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ये दल उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर बदलाव लाने, जनजागरूकता बढ़ाने और आपदा के समय ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाने में मंगल दलों का योगदान उल्लेखनीय है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार मंगल दलों को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने हेतु ₹50,000 से ₹3.5 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत बजट का प्रावधान इस प्रकार किया गया है:

  • मुख्यमंत्री युवा मंगल दल स्वावलंबन योजना – ₹5 करोड़
  • मुख्यमंत्री ग्रामीण खेलकूद एवं स्वास्थ्य संवर्धन योजना – ₹2 करोड़
  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना – ₹60 करोड़
  • मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना – ₹10 करोड़
  • पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना – ₹21 करोड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संवर्धन हेतु भी प्रतिबद्ध है और मेलों व पारंपरिक पर्वों के आयोजन के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव

  • उत्तरकाशी के आज़ाद डिमरी ने प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग की।
  • बागेश्वर की खृष्टि कोरंगा ने कहा कि मंगल दलों को ब्लॉक और जिला स्तरीय बैठकों में सम्मिलित किया जाना चाहिए ताकि योजनाओं का लाभ सही तरीके से आमजन तक पहुंचे।
  • चम्पावत की मोनिका ने सुझाव दिया कि जनहित की जानकारियों हेतु एक समर्पित पोर्टल बनाया जाए।
  • चमोली के सुरजीत सिंह बिष्ट ने ग्राम स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई।
  • हरिद्वार के मनोज चौहान ने राज्य में योग और फिटनेस को बढ़ावा देने की बात रखी।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, पीएमजीएसवाई राज्य स्तरीय अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव एस.एन. पाण्डेय एवं निदेशक युवा कल्याण प्रशांत आर्य भी उपस्थित रहे।

गढ़वाल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि में बदलाव, अब 24 मई को होगी परीक्षा

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गढ़वाल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि में बदलाव, अब 24 मई को होगी परीक्षा Change in the date of the PhD entrance exam of Garhwal University, the exam will now be held on May 24.

श्रीनगर (गढ़वाल), 15 मई 2025 हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि में बदलाव किया गया है। अब यह परीक्षा 24 मई (शनिवार) को दोपहर 3 से 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

पूर्व निर्धारित तिथि 18 मई थी

कुलसचिव प्रो. आर.के. ढोडी ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में यह परीक्षा 18 मई को निर्धारित थी, लेकिन छात्र-छात्राओं द्वारा इस दिन पूर्व निर्धारित अन्य परीक्षाओं के चलते बदलाव की मांग की गई थी। छात्रों के हित को देखते हुए पुनर्निर्धारण का निर्णय लिया गया है।

आवेदन के लिए पोर्टल सिर्फ 16 मई को खुलेगा

प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने का एक और मौका दिया गया है। समर्थ ऑनलाइन पोर्टल 16 मई (शुक्रवार) को सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक के लिए फिर से खोला जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी इस अवधि में आवेदन कर सकते हैं।

एडमिट कार्ड 19 मई के बाद डाउनलोड करें

विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के प्रवेश पत्र (Admit Card) 19 मई के बाद आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड किए जा सकेंगे।

हरिद्वार: चंडी देवी मंदिर के महंत रोहित गिरी महिला से छेड़खानी के मामले में गिरफ्तार

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हरिद्वार: चंडी देवी मंदिर के महंत रोहित गिरी महिला से छेड़खानी के मामले में गिरफ्तार Haridwar: The chief priest of Chandi Devi Temple, Rohit Giri, has been arrested in a case of molestation of a woman.

हरिद्वार, 15 मई 2025
प्रसिद्ध चंडी देवी मंदिर के महंत रोहित गिरी को पंजाब पुलिस ने महिला से छेड़खानी के मामले में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। महंत के खिलाफ लुधियाना निवासी एक महिला की शिकायत पर गैर जमानती वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद पंजाब पुलिस की एक टीम हरिद्वार पहुंची और उन्हें श्यामपुर थाना क्षेत्र से दबिश देकर गिरफ्तार किया।

क्या है मामला

पुलिस के अनुसार, एक वर्ष पूर्व हरिद्वार में हवन के दौरान महिला की महंत रोहित गिरी से जान-पहचान हुई थी। महिला का अपने पति से विवाद चल रहा था, और वह आध्यात्मिक सहायता हेतु हरिद्वार आई थी। महिला का आरोप है कि उसके बाद महंत उसे अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करने लगे।

शिकायत के अनुसार, 14 मार्च को महंत लुधियाना आए, और महिला को मिलने बुलाकर उसे कार में सुनसान स्थान पर ले जाकर छेड़खानी की। लुधियाना में इस घटना को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया।

गिरफ्तारी की पुष्टि

श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने पुष्टि की कि पंजाब पुलिस की टीम ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गिरफ्तारी की है और महंत को लुधियाना ले जाया गया है।

महंत के आवास पर हंगामा

गिरफ्तारी के दौरान महंत की पहली पत्नी कुछ लोगों के साथ आवास पर पहुंची और हंगामा व तोड़फोड़ की। उन्होंने आरोप लगाया कि तलाक न होने के बावजूद रोहित गिरी ने दूसरी महिला से विवाह कर रखा है और अब एक अन्य महिला से छेड़खानी मामले में गिरफ्तारी ने हालात को और जटिल बना दिया है।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया।

उत्तराखंड को मिला नया अद्यतन मानचित्र, बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा मार्ग हुआ और सुगम

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उत्तराखंड को मिला नया अद्यतन मानचित्र, बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा मार्ग हुआ और सुगम Uttarakhand has received a new updated map, and the pilgrimage routes to Badrinath and Kedarnath have become easier.

देहरादून, 15 मई 2025 उत्तराखंड को भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) की ओर से तीसरा नवीनतम अद्यतन मानचित्र प्राप्त हुआ है। इस मानचित्र के जारी होने से हरिद्वार से लेकर बदरीनाथ और केदारनाथ तक की तीर्थ यात्रा और सुगम हो गई है। नये नक्शे में न केवल इन दो पवित्र स्थलों को विशेष रूप से दर्शाया गया है, बल्कि हिमालय क्षेत्र के अन्य तीर्थ यात्रा मार्गों को भी स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया है।

15 नई तहसीलों को स्थान

नवीनतम संस्करण में राज्य की 15 नई तहसीलों को शामिल किया गया है, जिससे अब उत्तराखंड में कुल 110 तहसीलें हो गई हैं। नक्शे में इन सभी नए तहसील मुख्यालयों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।

सड़क और रेलवे नेटवर्क भी अद्यतन

नक्शे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय रेलवे के तहत संचालित सड़क व रेलवे नेटवर्क को भी अद्यतन किया गया है। इससे यात्रा मार्गों की भौगोलिक जानकारी और ट्रैवल प्लानिंग में सटीकता मिलेगी।

महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के नामों में बदलाव

अद्यतन मानचित्र में जोशीमठ को ‘ज्योतिर्मठ’ और कौश्या कुटोली को ‘श्री कैंची धाम’ के रूप में दर्शाया गया है, जो क्षेत्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

तीसरा संस्करण

गौरतलब है कि यह उत्तराखंड राज्य का तीसरा संशोधित मानचित्र है। इससे पहले भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने 2003 और 2008 में मानचित्र जारी किए थे। नया नक्शा न केवल सटीक भू-स्थानिक डेटा प्रदान करता है, बल्कि राज्य की यात्रा, योजना और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक और बड़ी कार्रवाई: आईएसबीटी चौकी प्रभारी रंगे हाथ गिरफ्तार

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उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक और बड़ी कार्रवाई: आईएसबीटी चौकी प्रभारी रंगे हाथ गिरफ्तार

देहरादून, 14 मई 2025 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने मंगलवार को पटेलनगर थाना क्षेत्र की आईएसबीटी चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक देवेन्द्र खुगशाल को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

गैंगस्टर एक्ट की धमकी देकर मांगी थी रिश्वत

शिकायतकर्ता द्वारा सतर्कता विभाग को सूचित किया गया था कि एक लंबित भूमि विवाद की जांच कर रहे चौकी प्रभारी देवेन्द्र खुगशाल ने गैंगस्टर एक्ट लगाने की धमकी देकर ₹5 लाख की अवैध मांग की थी। शिकायत की गुप्त जांच के बाद विजिलेंस टीम ने सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के जरिए मंगलवार को आरोपी उपनिरीक्षक को रिश्वत की पहली किस्त लेते समय दबोच लिया

तीन वर्षों में 150 से अधिक गिरफ्तारियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में चलाए गए सतत भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों के अंतर्गत 150 से अधिक अधिकारियों/कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसमें नाजिर, अधीक्षण अभियंता, राजस्व अधिकारी, शिक्षण संस्थानों से जुड़े व्यक्ति और अब पुलिस अधिकारी तक शामिल हैं।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश: “जनता का शोषण बर्दाश्त नहीं”

मुख्यमंत्री धामी ने इस कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि,

उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी, जो जनता का शोषण करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनता को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

सतर्कता अधिष्ठान की अपील

यदि कोई सरकारी अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है या अवैध संपत्ति अर्जित करता है, तो नागरिक निर्भीक होकर सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर सूचना दे सकते हैं। राज्य सरकार जनसहभागिता के माध्यम से पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उत्तराखंड में विकास की नई गति: हरिद्वार कॉरिडोर, ऋषिकेश मास्टर प्लान और शारदा रिवर फ्रंट पर तेज़ी से कार्य प्रारंभ

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उत्तराखंड में विकास की नई गति: हरिद्वार कॉरिडोर, ऋषिकेश मास्टर प्लान और शारदा रिवर फ्रंट पर तेज़ी से कार्य प्रारंभ New momentum for development in Uttarakhand: Rapid commencement of work on Haridwar Corridor, Rishikesh Master Plan, and Sharda River Front.

देहरादून, 14 मई 2025 मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हरिद्वार कॉरिडोर, ऋषिकेश मास्टर प्लान और शारदा रिवर फ्रंट विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (UIIDB) द्वारा इन तीनों परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

हरिद्वार कॉरिडोर: आस्था और आधुनिकता का संतुलन

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हरिद्वार कॉरिडोर के अंतर्गत सभी परियोजनाओं की प्राथमिकता तय की जाए और जो कार्य शीघ्र क्रियान्वयन योग्य हैं, उन्हें तुरंत धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरिद्वार की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से कोई समझौता न हो।

उन्होंने ब्रह्मकुंड और महिला घाट के विस्तार तथा सती कुंड के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखते हुए उसके पुनर्विकास की योजना पर बल दिया। मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण में यह ध्यान रखने को कहा कि गंगा दर्शन बाधित न हो। जिन परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है, उन पर तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

शारदा रिवर फ्रंट: टूरिज्म और ईको-डेवलपमेंट का संगम

चंपावत जिले में शारदा रिवर फ्रंट के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने और स्थानीय जिलाधिकारी की अनुशंसाओं को सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, योजना में हेलीपैड और हेलीपोर्ट का प्रावधान रखने, वन भूमि में ईको टूरिज्म गतिविधियों को शामिल करने और कार्यों को विभागीय दायित्व अनुसार वितरित करने पर जोर दिया गया।

ऋषिकेश मास्टर प्लान: तीर्थनगरी के कायाकल्प की तैयारी

मुख्य सचिव ने ऋषिकेश मास्टर प्लान के तहत मोबिलिटी प्लान, पुराने रेलवे स्टेशन क्षेत्र का पुनर्विकास और चंद्रभागा नदी के पुनर्जीवन हेतु हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाएं समग्र और व्यवहारिक हों तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएं।

दृष्टिकोण और उद्देश्य

मुख्य सचिव ने कहा कि तीनों प्रमुख परियोजनाएं—हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा रिवर फ्रंट और ऋषिकेश मास्टर प्लान—राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय परिदृश्य को समृद्ध करने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और कनेक्टिविटी को भी नया आयाम देंगी।इस बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।