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वित्त आयोग की बैठक में कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए विशेष राज्य का दर्जा और आर्थिक पैकेज की मांग की

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वित्त आयोग की बैठक में कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए विशेष राज्य का दर्जा और आर्थिक पैकेज की मांग की In the Finance Commission meeting, the Congress demanded special state status and an economic package for Uttarakhand.

छठे वित्त आयोग द्वारा आयोजित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। कांग्रेस की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने आयोग को एक विस्तृत सुझाव पत्र सौंपते हुए आग्रह किया कि उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए और इसके अनुरूप आर्थिक पैकेज प्रदान किया जाए।

धस्माना ने सुझाव पत्र में उल्लेख किया कि उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है। राज्य के गठन के पहले वर्ष की तुलना में आज राज्य का बजट आकार लगभग 24 गुना बढ़ चुका है, बावजूद इसके राज्य में पलायन एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का लगभग 67 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि शेष 33 प्रतिशत भूमि ही कृषि योग्य है, जिसमें भी अधिकांश हिस्सा असिंचित है। राज्य में राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभयारण्य और आरक्षित वन क्षेत्र बड़ी संख्या में होने के कारण विकास कार्यों की संभावनाएं सीमित हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने पर्वतीय राज्यों के लिए अलग लागत संवेदनशीलता गुणांक (Cost Disability Index) निर्धारित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रदेश कांग्रेस ने यह भी सुझाव दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, जिला पंचायतों, विकासखंडों, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों को जनसंख्या के मानदंडों में विशेष छूट दी जानी चाहिए, क्योंकि इन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व बहुत कम है।

राज्य में लगातार बढ़ते पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि एक विशेष पलायन रोधी विकास योजना तैयार कर उसे शीघ्र लागू किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयुष विभाग की समीक्षा बैठक ली

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयुष विभाग की समीक्षा बैठक ली Chief Secretary Anand Bardhan held a review meeting of the AYUSH department.

सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड, आयुर्वेद की दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने इस क्षेत्र में जनभागीदारी बढ़ाने, अनुसंधान को प्रोत्साहन देने तथा आयुष चिकित्सा पद्धति को जनसामान्य के बीच लोकप्रिय बनाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में प्रारंभिक चरण में 25 आयुष एवं वेलनेस केंद्रों को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जाए, ताकि आयुर्वेद, होम्योपैथी, पंचकर्मा और योग जैसी चिकित्सा पद्धतियों की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने इन केंद्रों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से संचालित आयुर्वेदिक अस्पतालों को उन्नत बनाकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा सकता है।

श्री बर्द्धन ने इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों की पुनः समीक्षा कर उन्हें धरातल पर उतारने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत निर्माणाधीन आयुष अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने हेतु स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। साथ ही, नए अस्पतालों के निर्माण कार्यों के साथ पद सृजन के प्रस्तावों को भी समवेत रूप से स्वीकृत कराने की बात कही।

मुख्य सचिव ने इन आयुष एवं वेलनेस केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए इस अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव आनंद स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

पुष्कर सरकार” की सख्ती से नकल माफिया पर करारा प्रहार, नवोदय परीक्षा में 17 गिरफ्तार

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पुष्कर सरकार” की सख्ती से नकल माफिया पर करारा प्रहार, नवोदय परीक्षा में 17 गिरफ्तार “Pushkar Sarkar” makes a strong strike against the cheating mafia, 17 arrested in the Navodaya exam.

देहरादून: उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प का एक और मजबूत उदाहरण सामने आया है। रविवार को आयोजित नवोदय विद्यालय की लैब अटेंडेंट परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करते हुए 17 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। इस बड़ी कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखंड में नकल करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।

देहरादून के दो परीक्षा केंद्रों — सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (पटेलनगर) और दून इंटरनेशनल स्कूल (डालनवाला) में सीबीएसई बोर्ड द्वारा दो पालियों में यह परीक्षा आयोजित की गई थी। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के पास से कुल 17 ब्लूटूथ डिवाइस बरामद की गईं, जिन्हें जूतों और कपड़ों में छिपाकर इस्तेमाल किया जा रहा था।

पहली गिरफ्तारी और उसके बाद की कार्रवाई

सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में पहली पाली के दौरान एक अभ्यर्थी सौरभ यादव (निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश) को संदिग्ध गतिविधियों के चलते पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके जूते से ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परीक्षा केंद्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया।

शाम की पाली में भी चेकिंग के दौरान सोशल बलूनी स्कूल से 7 और, जबकि दून इंटरनेशनल स्कूल से 9 अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया।

गिरफ्तार अभ्यर्थियों की सूची

सोशल बलूनी स्कूल से गिरफ्तार:

  • सौरभ यादव (आजमगढ़, उत्तर प्रदेश)
  • अमन (हिसार, हरियाणा)
  • रोबिन (बागपत, उत्तर प्रदेश)
  • अक्षय मान (सिनौली, बागपत, उत्तर प्रदेश)
  • नीरज मान (सिनौली, बागपत, उत्तर प्रदेश)
  • मोहित कुमार (बड़कला, जींद, हरियाणा)
  • अंकुश (हिसार, हरियाणा)
  • मनीष मलिक (मेरठ, उत्तर प्रदेश)

दून इंटरनेशनल स्कूल से गिरफ्तार:

  • इलू माला वेंकटेश
  • राकेश
  • विशाल भर
  • ज्योति
  • पवन
  • अखिल
  • साहिल
  • अंकुर ग्रेवाल
  • कपिल

सॉल्वर गैंग की जांच जारी

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ में पता चला है कि एक संगठित सॉल्वर गैंग इस पूरे रैकेट के पीछे है, जिसकी जड़ें उत्तराखंड से बाहर — खासकर उत्तर प्रदेश में फैली हैं। पुलिस ने इस गैंग की तलाश में विशेष टीमें गठित कर दी हैं और कुछ जिलों में दबिश भी दी जा रही है। बरामद ब्लूटूथ डिवाइसों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

मुख्यमंत्री धामी की नीति के सकारात्मक नतीजे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्त नकल विरोधी नीति का असर अब स्पष्ट रूप से दिख रहा है। नकल विरोधी कानून के तहत राज्य सरकार पहले ही कड़ी सजा और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था लागू कर चुकी है। धामी सरकार की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के चलते अब अभ्यर्थियों और माफिया के लिए राज्य में नकल करना बेहद मुश्किल हो गया है।

नकल की ‘नो एंट्री’ नीति को लेकर राज्य सरकार को जनसमर्थन भी मिल रहा है और युवाओं में ईमानदारी से परीक्षा देने के लिए विश्वास बढ़ा है।

आदि कैलाश यात्रा के तहत केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा पहुंचे गुंजी, जवानों से की मुलाकात, भगवान शिव की आराधना कर देशवासियों की समृद्धि की कामना

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आदि कैलाश यात्रा के तहत केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा पहुंचे गुंजी, जवानों से की मुलाकात, भगवान शिव की आराधना कर देशवासियों की समृद्धि की कामना Under the Aadi Kailash Yatra, Union Minister J.P. Nadda arrived in Gunji, met with soldiers, worshipped Lord Shiva, and wished for the prosperity of the countrymen.

गुंजी (पिथौरागढ़): भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा रविवार को आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा के तहत गुंजी हेलीपैड पहुंचे। इस अवसर पर स्थानीय जनसमुदाय ने पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें रंग-बिरंगी पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

हेलीपैड से सीधे श्री नड्डा आर्मी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहाँ उन्होंने सेना, आईटीबीपी तथा एसएसबी के जवानों से मुलाकात की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात बलों की तैयारियों, हथियारों व उपकरणों के संचालन की जानकारी ली और दुर्गम परिस्थितियों में भी देश की रक्षा में तत्पर जवानों के साहस की सराहना की।

उन्होंने कहा, “आप सभी देश की सीमाओं के प्रहरी हैं। आपकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से और पूरे देश की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए आपको बधाई देता हूं।” उन्होंने जवानों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया।

इसके उपरांत केंद्रीय मंत्री ने नाबी गांव में स्थानीय लोगों को भी संबोधित किया और उनके विकास से जुड़ी आवश्यकताओं पर संवाद किया।

वाइब्रेंट विलेज योजना पर प्रस्तुतिकरण

जिलाधिकारी श्री विनोद गोस्वामी ने वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत जनपद में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी एक पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने, आदि कैलाश यात्रा की व्यवस्थाओं, स्वदेश दर्शन 2.0 योजना, पीएमजीएसवाई, प्रस्तावित सड़कों और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से स्वरोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

आदि कैलाश में की पूजा-अर्चना

इसके बाद श्री नड्डा ने आदि कैलाश और पार्वती कुंड के निकट स्थित भगवान शिव के मंदिर में पहुंचकर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने क्षेत्र की आध्यात्मिक गरिमा और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा करते हुए इसे “अद्वितीय” बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश क्षेत्र के भ्रमण के पश्चात इस स्थान में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया का किया स्वागत

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया का किया स्वागत Chief Minister Pushkar Singh Dhami welcomed Dr. Arvind Panagariya, the Chairman of the 16th Finance Commission.

देहरादून: उत्तराखंड दौरे पर आए 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया एवं उनके प्रतिनिधिमंडल का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आत्मीय स्वागत एवं अभिनन्दन किया।

डॉ. पनगढ़िया के नेतृत्व में आए आयोग के प्रतिनिधिमंडल में सदस्य श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, सौम्या कांति घोष, सचिव ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव के.के. मिश्रा एवं संयुक्त निदेशक सुश्री पी. अमरूथावर्षिनी शामिल थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य सरकार और वित्त आयोग के बीच बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य सरकार आयोग के समक्ष अपने वित्तीय प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। इसके पश्चात आयोग नगर निकायों, पंचायतीराज संस्थाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेगा।

इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव वित्त दिलीप जावलकर तथा वित्त विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने किया भव्य स्वागत

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देवभूमि में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने किया भव्य स्वागत In the land of the gods, the BJP National President was given a grand welcome by the Chief Minister and other leaders.

देहरादून (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया। वे रविवार को सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत गुंजी गांव के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे।

जे.पी. नड्डा सबसे पहले देहरादून स्थित जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे, जहां उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की प्रस्तुति देखी। इसके उपरांत वे हेलिकॉप्टर के माध्यम से पिथौरागढ़ जिले के गुंजी गांव के लिए रवाना हुए, जहां वे रविवार रात्रि को प्रवास करेंगे।

गुंजी पहुंचकर नड्डा स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा वे ज्योलिंगकोंग से आदि कैलाश के दर्शन करेंगे तथा महिला फेडरेशन द्वारा संचालित होम स्टे परियोजनाओं का भी भ्रमण करेंगे। गुंजी में रात्रि प्रवास के पश्चात, वे सोमवार को देहरादून होते हुए दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

उनके उत्तराखंड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्रीगण और कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा, “धर्म, अध्यात्म, और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण देवभूमि उत्तराखंड में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा का आगमन हम सभी के लिए गौरव का विषय है। उनके दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है।”

मुख्यमंत्री धामी की पहल रंग लाई, कैंची धाम बाईपास निर्माण को मिली वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति

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मुख्यमंत्री धामी की पहल रंग लाई, कैंची धाम बाईपास निर्माण को मिली वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति Chief Minister Dhami’s initiative bore fruit, as theoretical approval for the transfer of forest land for the construction of the Kainchi Dham bypass has been received.

अब शीघ्र शुरू होगा बाईपास मार्ग का निर्माण, मिलेगा जाम से निजात

देहरादून/नैनीताल:
उत्तराखंड के लोकप्रिय धार्मिक स्थल कैंची धाम तक यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रस्तावित बाईपास मोटर मार्ग को केंद्र सरकार से वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा यह स्वीकृति दी गई है। अब शीघ्र ही बाईपास मार्ग का शेष निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

बढ़ती भीड़ और जाम को देखते हुए बाईपास की थी घोषणा

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 में एनएच-109 (ई) पर वाहनों की बढ़ती संख्या और जाम की समस्या को देखते हुए कैंची धाम के लिए बाईपास मार्ग निर्माण की घोषणा की थी। लगभग 19 किमी लंबे इस मार्ग में शिप्रा नदी पर एक सेतु का भी निर्माण प्रस्तावित है।

इस परियोजना के प्रथम 8 किमी हिस्से के चौड़ीकरण, डामरीकरण एवं निर्माण के लिए ₹1214.71 लाख की धनराशि पहले ही लोक निर्माण विभाग को जारी की जा चुकी है, और इस पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।

वन भूमि के लिए केंद्र से मिली सैद्धांतिक सहमति

मार्ग के शेष 11 किमी हिस्से में वन भूमि आने के कारण, ऑनलाइन प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया था। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं इस प्रस्ताव को लेकर हाल ही में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से मुलाकात कर अनुमति का अनुरोध किया गया था। उनके प्रयासों से गुरुवार को आयोजित REC बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

“कैंची धाम बाईपास के लिए वन भूमि प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने से निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सकेगी। इससे श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय जनता को यातायात सुविधा मिलेगी और भवाली तथा कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी।”


यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और स्थानीय लोगों की यातायात सुगमता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जनहित जरुरी देवभूमि के लाल का एक और कमाल विरोध वाली शराब दुकाने नहीं खोलेगी धामी सरकार

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जनविरोध पर सरकार का सख्त रुख: विरोध वाली शराब दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द Dhami government’s big decision in public interest – controversial liquor shops will not be opened in the land of gods.

धामी सरकार का जनहित में बड़ा फैसला — देवभूमि में नहीं खुलेंगी विवादित शराब दुकानें

देहरादून: उत्तराखंड में नई शराब की दुकानों को लेकर हो रहे जनविरोध को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। जिन स्थानों पर शराब की दुकानों का विरोध हो रहा है, वहां के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। सरकार ने इस निर्णय में राजस्व की हानि को दरकिनार कर जनहित को प्राथमिकता दी है।

राज्य के आबकारी आयुक्त हरिचंद्र सेमवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में वे सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी, जिनका स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है या जो विरोध के चलते अभी तक शुरू नहीं हो सकीं।

आबकारी नीति के तहत कार्यवाही

आदेश में सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आबकारी नीति नियमावली-2025 के नियम 28.1 और 28.4 (ए) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करें। इन नियमों के अनुसार, स्थानीय विरोध की स्थिति में नई शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं

देवभूमि में शराब के खिलाफ भावनाएं, सरकार ने माना जनमत

राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में शराब की नई दुकानों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। कई स्थानों पर महिलाओं और स्थानीय संगठनों ने खुलकर मोर्चा संभाला था। सरकार ने समय रहते जनभावनाओं को समझते हुए राजस्व हितों की बजाय सामाजिक सरोकारों को महत्व दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही इस विषय पर स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक गरिमा और जनभावनाओं के विपरीत कोई निर्णय नहीं लेगी। इस फैसले को जनहित में एक साहसिक और संवेदनशील पहल माना जा रहा है।

महल सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी हरजीत सिंह उर्फ काला कनाडा के ब्रैम्पटन में मारा गया, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हत्या का वीडियो

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महल सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी हरजीत सिंह उर्फ काला कनाडा के ब्रैम्पटन में मारा गया, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हत्या का वीडियो The main accused in the Mahal Singh murder case, Harjeet Singh alias Kala, was killed in Brampton, Canada; a video of the murder has gone viral on social media.

एनआईए से ली जाएगी जानकारी, पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की

काशीपुर (उत्तराखंड)/ब्रैम्पटन (कनाडा):
कुख्यात महल सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी हरजीत सिंह उर्फ काला (50) की कनाडा के ओंटारियो प्रांत स्थित ब्रैम्पटन शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उसकी हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि शूटरों ने उसे हाउस ऑफिस के पास निशाना बनाया। हालांकि, अब तक हरजीत की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस घटना के बाद ब्रैम्पटन पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है। हरजीत सिंह अपने पीछे माता, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गया है।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज थे मुकदमे, घोषित था इनामी अपराधी

हरजीत सिंह के खिलाफ काशीपुर कोतवाली में यूएपीए, आईपीसी की धारा 386, 302 समेत कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से कनाडा में रह रहा था, और उस पर इनाम भी घोषित किया गया था।

13 अक्टूबर 2022 को हुआ था महल सिंह का हत्याकांड

यह मामला 13 अक्टूबर 2022 का है, जब कुंडेश्वरी पुलिस चौकी क्षेत्र के जुड़का नंबर दो में स्टोन क्रशर मालिक महल सिंह की उनके घर में अखबार पढ़ते समय दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार दो शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया था।

एनआरआई हरजीत काला पर था हत्या का शक

हत्या के बाद महल सिंह के भतीजे कर्मपाल सिंह ने गांव गुलजारपुर निवासी एनआरआई हरजीत सिंह काला पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि महल सिंह की हत्या की साजिश कनाडा में बैठे हरजीत काला ने रची थी, ठीक उसी तरह जैसे सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।

स्टोन क्रशर को लेकर था विवाद, हत्या की साजिश पन्नू के साथ मिलकर रची

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हरजीत काला, महल सिंह के स्टोन क्रशर व्यवसाय में साझेदारी करना चाहता था, लेकिन इंकार किए जाने पर उसने खुद का क्रशर खोलने की योजना बनाई। इसके लिए उसने पन्नू को भारत में जमीन की तलाश और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन जब महल सिंह ने उनके क्रशर प्रोजेक्ट में रुकावट डालनी शुरू की, तो हरजीत ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।

दो शूटरों को बाहर से बुलाया गया, जिन्होंने पन्नू के साथ मिलकर रेकी की और 13 अक्टूबर को महल सिंह की हत्या कर दी। इस हत्याकांड में कुल 10 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

एसएसपी का बयान

एसएसपी ऊधमसिंह नगर, मणिकांत मिश्रा ने कहा:

“हरजीत सिंह काला की हत्या की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई है। अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में एनआईए से जानकारी ली जाएगी।