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भराड़ीसैंण में होगा योग दिवस का मुख्य आयोजन

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21 जून को भराड़ीसैंण में होगा योग दिवस का मुख्य आयोजन

सीएम के साथ 10 देशों के राजदूत सहित एक हजार प्रतिभागी होंगे शामिल

21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम इस बार, चमोली जनपद स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत शामिल होंगे।
निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रतिवर्ष के तरह इस बार भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इसी क्रम में मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम चमोली जनपद में स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जा रहा है।

इस आयोजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत भी शामिल होंगे, उक्त सभी गणमान्य 20 जून के दोपहर तक भराड़ीसैंण पहुंच जाएंगे। कुल मिलाकर मुख्य आयोजन में एक हजार से अधिक लोग प्रतिभाग करेंगे। इसलिए कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए, व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में भी इस दिन 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।

योग के रूप में भारत ने दुनिया को आरोग्य और स्वस्थ्य रहने का मंत्र दिया है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 21जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की है। इसी क्रम में 11वां योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भराड़ीसैंण में आयोजित किया जा रहा है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुश्किलों से जीतना सिखाता है खेल :रेखा आर्या

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मुश्किलों से जीतना सिखाता है खेल :रेखा आर्या

सेंट जोसेफ एकेडमी में प्री योगा ओलंपियाड विजेताओं को किया सम्मानित

देहरादून, 25 मई। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को सेंट जोसेफ एकेडमी में आयोजित सीआईएससीई नेशनल प्री योगा ओलंपियाड 2025 के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि योग व अन्य सभी खेल युवाओं को जीवन के संघर्षों से लड़ना सिखाते हैं और मुश्किलों को हराकर कैसे सफलता पानी है, इसका रास्ता दिखाते हैं।

रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नेशनल गेम्स में पहली बार योगासन को मुख्य प्रतियोगिता के रूप में शामिल कराया था और उम्मीद है कि जल्द ही यह एशियाड और ओलंपिक जैसी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भी शामिल किया जाएगा। खेल मंत्री ने कहा कि एक खेल के रूप में योग पूरी दुनिया में पहचान बना रहा है और हमारे प्रदेश में इसके खिलाड़ी बड़ी संख्या में तैयार हो रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों से खेल मंत्री ने कहा कि वे अपने बच्चों को खिलाड़ी बनने में सहयोग दे क्योंकि अब खेल भी एक चमकता हुआ कैरियर है।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के प्रकाश को पूरी दुनिया में फैलाने का काम किया है। उन्हीं के प्रयासों से यह संभव हो पाया है कि अब 21 जून को दुनिया के ज्यादातर देश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार खेल संस्कृति विकसित करने में जुटी हुई है। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करते हुए उन्हें अगले महीने होने वाली नेशनल प्रतियोगिता में जीत की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य ब्रदर जोसेफ एम जोसेफ, ब्रदर जेसी कैरल, अरिजीत बासु, अर्णव कुमार, मिशेल ए गार्डनर, अनुज कुमार सिंह, डा. अरविन्द कुमार कोटनाला आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में यूसीसी छाया रहा

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उत्तराखंड में यूसीसी में चार माह में डेढ लाख से अधिक आवेदन मिले : सीएम धामी

राज्य के लगभग 98 प्रतिशत गाँवो से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं

यूसीसी लागू करने में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए सीएम धामी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद दिया

मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में लागू यूसीसी पर प्रस्तुतिकरण दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में लागू समान नागरिक संहिता पर प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि यूसीसी लागू करने के लिए मजबूत सिस्टम का निर्माण किया गया है। प्रक्रिया को जनसामान्य के लिए अधिक सुलभ और सहज बनाने के लिए एक पोर्टल और समर्पित मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है। साथ ही ग्राम स्तर पर 14,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) को इससे जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ऑटो एस्केलेशन और ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम भी लागू किया गया है। व्यापक डिजिटल और भौतिक नेटवर्किंग के परिणामस्वरूप केवल चार माह की अवधि में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत राज्यभर से लगभग डेढ़ लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के लगभग 98 प्रतिशत गाँवो से आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं, जो ये दर्शाता है कि यूसीसी को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यूसीसी के सफलतापूर्वक लागू करने में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने दृष्टिपत्र के माध्यम से राज्य की जनता को ये वचन दिया था कि यदि जनादेश मिला, तो उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। चुनावों में विजय के पश्चात पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए अपना कार्य प्रारंभ कर दिया। यूसीसी के बिल का मसौदा तैयार करने के लिए 27 मई 2022 को जस्टिस रंजना देसाई जी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। समिति द्वारा उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में व्यापक जन-परामर्श किया गया।
जिसके माध्यम से समिति को लगभग 2 लाख 32 हजार सुझाव प्राप्त हुए। समिति ने न केवल आम नागरिकों से परामर्श किया, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और विभिन्न वैधानिक आयोगों के प्रमुखों से भी बातचीत की।

राज्य सरकार ने 7 फरवरी, 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर मा. राष्ट्रपति महोदया को भेजा। मा. राष्ट्रपति ने 11 मार्च, 2024 को इस ऐतिहासिक विधेयक को अपनी स्वीकृति प्रदान की। आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, 27 जनवरी, 2025 को पूरे उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया गया। इस प्रकार उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को मूर्त रूप देते हुए समान नागरिक संहिता को व्यवहारिक धरातल पर लागू किया।

मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता जाति, धर्म, लिंग आदि में अन्तर के आधार पर कानूनी मामलों में होने वाले भेदभाव को खत्म करने का एक संविधानिक उपाय है।

इसके द्वारा सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रयास किया गया है। इसके लागू होने से प्रदेश में सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सकेगा।इसके द्वारा अब हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह, तीन तलाक आदि कुप्रथाओं पर पूर्णतः रोक लगाई जा सकेगी।

संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत वर्णित हमारी अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता से बाहर रखा है, जिससे कि उन जनजातियों का और उनके रीति रिवाजों का संरक्षण किया जा सके।

समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं बल्कि ये समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में समानता से समरसता स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। जिसकी परिकल्पना हमारे संविधान निर्माताओं ने भी की थी और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों में इसे सम्मिलित किया था।

यूसीसी के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी के अंतर्गत सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से संबंधित मामलों में एक समान विधिक प्रक्रिया निर्धारित की गई है। अब पति-पत्नी को विवाह विच्छेद के लिए निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा तथा बहुविवाह की प्रथा पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इन कानूनों के अंतर्गत सभी धर्म और समुदायों में बेटी को भी संपत्ति में समान अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही, संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, अर्थात प्राकृतिक संबंधों के आधार पर, सहायक विधियों द्वारा या लिव इन संबंधों द्वारा जन्मे बच्चों का भी संपत्ति में बराबर अधिकार माना जाएगा। यूसीसी के अंतर्गत बच्चों की संपत्ति में माता-पिता को भी अधिकार प्रदान किया गया है, जिससे बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन का अधिकार प्राप्त हो।

वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, युवा पीढ़ी विशेष रूप से युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें संभावित सामाजिक जटिलताओं एवं अपराधों से बचाने के उद्देश्य से इसमें लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। यूसीसी के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु के पंजीकरण की भांति विवाह और विवाह-विच्छेद दोनों का पंजीकरण भी किया जा सकेगा। समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही इसके क्रियान्वयन हेतु एक प्रभावी एवं स्पष्ट नियमावली को भी लागू कर दिया है।

नीति आयोग बैठक में सीएम पुष्कर रखेंगे उत्तराखंड का विजन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को नीति आयोग की बैठक में शामिल हो रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री शुक्रवार दिल्ली पहुंच गए थे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और सचिव नियोजन आर.मीनाक्षी सुंदरम समेत कुछ और अधिकारी भी शनिवार को दिल्ली पहुंचे।

नीति आयोग की बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के खास मुद्दे रखकर राज्य के लिए बड़ी डिमांड कर सकते है नीति आयोग की मीटिंग पर सबकी निगाहें लगी है उत्तराखंड भविष्य की योजनाओं पर क्या पक्ष रखेगा ये भी देखना होगा माना जा रहा है अफसरों के साथ पिछले दिनों हुए होमवर्क के बाद सीएम भविष्य का विजन बैठक में रख सकते है साथ ही उत्तराखंड बड़ी डिमांड भी राज्य के लिए करेगा

हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तैयारियां अंतिम चरण में, श्रद्धालुओं पहला जत्था रवाना गवर्नर मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

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हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तैयारियां अंतिम चरण में, श्रद्धालुओं पहला जत्था रवाना गवर्नर मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी Preparations for the opening of Hemkund Sahib’s doors are in the final stage, the first batch of pilgrims has been dispatched with the Governor and Chief Minister giving the green signal.

ऋषिकेश/चमोली — पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और प्रशासन पूरी तरह से जुटा हुआ है। आस्था पथ से बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है और अब तीनों गुरुद्वारों — हेमकुंड साहिब, गोविंदघाट और घांघरिया — को सात क्विंटल फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया जा रहा है।

गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी कार्यों को समय पर पूरा किया जा रहा है। लोनिवि द्वारा घांघरिया से ऊपर पैदल मार्ग पर रेलिंग लगाने का कार्य भी जारी है, जिसे कपाट खुलने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

पहला जत्था रवाना, राज्यपाल ने दिखाई हरी झंडी

आज ऋषिकेश से सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हुआ। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जत्थे को रवाना किया। इस अवसर पर माहौल श्रद्धा और उत्साह से परिपूर्ण रहा।

इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी,,कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ऋषिकेश विधायक प्रेम चंद अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हेमकुंड साहिब की यात्रा सिख आस्था का प्रतीक मानी जाती है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी मार्ग पार कर इस पावन स्थल के दर्शन करते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं की व्यापक तैयारियां की हैं।

उत्तराखंड भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, 2027 की रणनीति का बनेगा सेनापति

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उत्तराखंड भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, 2027 की रणनीति का बनेगा सेनापति Uttarakhand BJP will soon get a new president, who will be the commander of the 2027 strategy.

देहरादून – उत्तराखंड भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। लंबे समय से इस पद को लेकर चल रहा इंतज़ार अब जून महीने में खत्म हो सकता है। पार्टी के भीतर यह नेतृत्व परिवर्तन आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति को दिशा देने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

हाल ही में पहलगाम में आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों के चलते भाजपा की सांगठनिक गतिविधियां स्थगित थीं। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि 30 अप्रैल तक प्रदेश को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन परिस्थितियों के चलते यह प्रक्रिया टल गई। अब जबकि हालात सामान्य हो रहे हैं, पार्टी फिर से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हो गई है।

प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास ने संकेत दिए हैं कि 15 जून तक उत्तराखंड को नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले सभी राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चयन किया जाना है और उत्तराखंड भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

वहीं, प्रदेश के दौरे पर आए भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने भी इस दिशा में इशारा करते हुए कहा कि संगठन पूरी तरह से सक्रिय है और उचित समय पर पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

फिलहाल प्रदेश भाजपा की कमान राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के हाथों में है। चुनाव प्रक्रिया के शुरू होने से पहले उन्हें ही सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, बदले राजनीतिक समीकरणों और नए संभावित चेहरों के बीच अन्य नाम भी दावेदारी में सामने आ सकते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी यह प्रक्रिया न केवल पार्टी के आंतरिक संतुलन को निर्धारित करेगी, बल्कि 2027 के चुनावी युद्ध में भाजपा का नेतृत्व कौन करेगा, इसका फैसला भी तय करेगी।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे उत्तराखंड, रामनगर में तीन दिवसीय गोपनीय कार्यक्रम में लेंगे भाग

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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे उत्तराखंड, रामनगर में तीन दिवसीय गोपनीय कार्यक्रम में लेंगे भाग Pandit Dhirendra Krishna Shastri reached Uttarakhand, will participate in a three-day confidential program in Ramnagar.

रुद्रपुर (उत्तराखंड) — बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। बुधवार शाम को वे हेलीकॉप्टर से पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अजय भट्ट ने उनका स्वागत किया।

पंडित शास्त्री आगामी तीन दिनों तक रामनगर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। इस कार्यक्रम को पूरी तरह से गोपनीय और निजी बताया गया है। आयोजन से जुड़ी अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे इसे लेकर स्थानीय स्तर पर जिज्ञासा और उत्सुकता बनी हुई है।

पंतनगर एयरपोर्ट से वे सीधे रामनगर रवाना हुए, जहां उनका कार्यक्रम निर्धारित है। सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक और निजी प्रकृति का है, और केवल चुनिंदा लोगों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का उत्तराखंड आगमन उन श्रद्धालुओं और अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है जो लंबे समय से उनके कार्यक्रमों का इंतज़ार कर रहे थे। हालांकि, गोपनीयता के चलते आम लोगों के लिए कार्यक्रम में भागीदारी संभव नहीं है।

एक राष्ट्र-एक चुनाव’ लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम: जेपीसी अध्यक्ष पी.पी. चौधरी

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एक राष्ट्र-एक चुनाव’ लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम: जेपीसी अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ‘One Nation-One Election’ is an important step towards strengthening democracy: JPC Chairman PP Chaudhary

देहरादून — ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की अवधारणा पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष और वरिष्ठ सांसद पी.पी. चौधरी ने इस व्यवस्था को भारतीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताया है। अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनके पास स्पष्ट और ठोस तर्कों की कमी है।

जेपीसी फिलहाल देशभर में विभिन्न हितधारकों से सुझाव और राय ले रही है। पी.पी. चौधरी ने कहा कि अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो देश की जनता को एक साथ मतदान करने का अधिकार मिलेगा और राज्यों में बार-बार होने वाले चुनावों से मुक्ति मिल सकेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे के दौरान समिति ने मसूरी रोड स्थित एक होटल में विभिन्न राजनीतिक दलों, एनटीपीसी, एनएचपीसी, टीएचडीसी और आरईसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की और उनके विचार सुने।

मीडिया से बातचीत में चौधरी ने बताया कि 1967 तक देश में लगातार 15 वर्षों तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे और उस समय कोई अराजकता नहीं फैली। वर्तमान में भी जिन राज्यों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते हैं, वहां से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

गढ़वाल सांसद और जेपीसी के सदस्य अनिल बलूनी ने कहा कि समिति देशभर में विभिन्न वर्गों से संवाद कर रही है। उत्तराखंड में भी राजनीतिक दलों, प्रशासन, स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों और नागरिकों से राय ली जा रही है। उन्होंने कहा, “देश में इस पहल को लेकर उत्साह है। एक राष्ट्र-एक चुनाव से कई फायदे होंगे और इससे संसाधनों की बचत के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया अधिक प्रभावशाली बनेगी।”

बलूनी ने यह भी जोड़ा कि केंद्र सरकार इस विषय पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन कर रही है। जब संसद में यह प्रस्ताव आया तो विपक्ष ने जेपीसी के गठन की मांग की, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। अब समिति देशभर में संवाद स्थापित कर रही है और अन्य राज्यों का भी दौरा करेगी।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और दुर्गम राज्य के लिए ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की अवधारणा विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, क्योंकि यहां बार-बार चुनाव कराना प्रशासन और संसाधनों दोनों पर अतिरिक्त बोझ डालता है। समिति को अब तक जहां-जहां से प्रतिक्रिया मिली है, वहां इसे लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला है। लोग चाहते हैं कि इसे जल्द कानून बनाकर लागू किया जाए।

कांस फिल्म फेस्टिवल में अरुषि निशंक का प्रभावशाली डेब्यू: ग्लैमर के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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कांस फिल्म फेस्टिवल में अरुषि निशंक का प्रभावशाली डेब्यू: ग्लैमर के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश Aarushi Nishank’s impressive debut at the Cannes Film Festival: Message of environmental protection with glamour

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की बेटी, प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना, अभिनेत्री, निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता अरुषि निशंक ने इस वर्ष कांस फिल्म फेस्टिवल में अपने पहले रेड कार्पेट वॉक से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा।

इस डेब्यू की खास बात सिर्फ़ उनका ग्लैमरस अंदाज़ नहीं था, बल्कि वह सशक्त संदेश था जो उन्होंने अपनी ड्रेस के ज़रिए दुनिया को दिया। अरुषि ने फैब्रिक वेस्ट (कपड़ों के कचरे) से बनी सस्टेनेबल गाउन पहनकर न सिर्फ़ सर्कुलर फैशन को प्रमोट किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक न्याय का संदेश भी दिया।

कांस के रेड कार्पेट पर जब उन्होंने कदम रखा, तो यह फैशन और सामाजिक सरोकार का अद्भुत संगम बन गया। उनकी यह पहल न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम थी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और विचारधारा की सकारात्मक छवि भी पेश की।

वित्त आयोग की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाई वित्तीय आवंटन बढ़ाने की मांग

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वित्त आयोग की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाई वित्तीय आवंटन बढ़ाने की मांग In the meeting of the Finance Commission, the public representatives raised the demand to increase financial allocation.

देहरादून, सोमवार – 16वें वित्त आयोग की टीम ने आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में राज्य के नगर निकायों, त्रिस्तरीय पंचायतों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। देहरादून के एक स्थानीय होटल में आयोजित इस बैठक में आयोग की सदस्य श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, सौम्या कांति घोष, सचिव ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव के.के. मिश्रा और संयुक्त निदेशक सुश्री पी. अमरुथा वर्षिनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


प्रथम सत्र: नगर निकायों की मांगें – स्वच्छता, पार्किंग, सीवरेज और हेरिटेज विकास पर ज़ोर

पहले सत्र में राज्य के आठ नगर निकाय प्रमुखों ने आयोग के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधियों ने तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता, सीवरेज, पार्किंग और स्थानीय अवसंरचना विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय आवंटन की मांग की।

  • मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून एक शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र होने के नाते अतिरिक्त संसाधनों की मांग करता है।
  • रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा ने बताया कि सिडकुल क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 50,000 लोगों की फ्लोटिंग आबादी रहती है, जिससे प्रतिदिन लगभग ढाई लाख टन कचरा उत्पन्न होता है, जिसके निस्तारण हेतु सहायता आवश्यक है।
  • अल्मोड़ा के मेयर अजय वर्मा ने शहर को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित करने के लिए सहयोग की मांग की।
  • हरिद्वार की मेयर किरण जैसल ने तीर्थाटन के मद्देनज़र अतिरिक्त बजट की आवश्यकता जताई।
  • मसूरी पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पार्किंग सुविधाओं के विकास और ग्रीन बोनस पर ज़ोर दिया।
  • पौड़ी पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी ने सीवर लाइन निर्माण की मांग रखी।
  • बागेश्वर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक निर्माण लागत का हवाला देते हुए बजट में वृद्धि की मांग की।
  • अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष राजेंद्र पंचायत गोस्वामी ने पार्किंग सुविधा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

इस सत्र में सचिव नितेश झा एवं नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल भी उपस्थित रहीं।


द्वितीय सत्र: पंचायत प्रतिनिधियों ने क्षेत्रफल आधारित बजट आवंटन की मांग की

त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने बजट आवंटन में क्षेत्रफल को प्रमुख आधार बनाए जाने की वकालत की।

  • देहरादून जिला पंचायत की प्रशासक मधु चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बजट में वृद्धि का सुझाव दिया।
  • पिथौरागढ़ की प्रशासक दीपिका बोरा ने आपदा प्रबंधन के लिए पंचायतों को आकस्मिक बजट देने की आवश्यकता बताई।
  • जयहरीखाल ब्लॉक के प्रशासक दीपक भंडारी ने कहा कि कई ग्राम पंचायतों को केवल साढ़े तीन लाख रुपये सालाना ही मिलते हैं, जो अपर्याप्त है।

अन्य वक्ताओं में डॉ. दर्शन सिंह दानू (देवाल), महेन्द्र सिंह राणा (द्वारीखाल), पिंकी देवी (झाझरा) शामिल थे।
सचिव पंचायती राज चंद्रेश कुमार ने बताया कि राज्य की 89% ग्राम पंचायतों की जनसंख्या 500 से कम है, जिन्हें पांच लाख रुपये से कम का वार्षिक अनुदान मिल पाता है। इसलिए, वित्तीय आवंटन बढ़ाना अत्यावश्यक है
निदेशक पंचायती राज श्रीमती निधि यादव भी बैठक में मौजूद थीं।


तृतीय सत्र: राजनीतिक दलों ने ग्रीन बोनस और विशेष सहायता की रखी मांग

तीसरे सत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं को रेखांकित करते हुए ग्रीन बोनस, कार्बन क्रेडिट, और विशेष वित्तीय सहायता की मांग उठाई।

  • भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कहा कि राज्य को पलायन रोकने के लिए टेलीमेडिसिन, महिला कुटीर उद्योग और सड़क संपर्क जैसी योजनाओं के लिए विशेष संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण हेतु जल जीवन मिशन के तहत अतिरिक्त बजट की भी मांग की।
  • कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि हिमालय की युवा अवस्था और राज्य की आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य को अतिरिक्त संसाधन दिए जाने चाहिए। उन्होंने राज्य के पर्यावरणीय योगदान के लिए प्रतिपूर्ति की मांग भी की।
  • सीपीआई (एम) के राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित ने मनरेगा की दरें बढ़ाने और आंगनबाड़ी, भोजनमाताओं को सशक्त बनाने की बात रखी।
  • आप पार्टी के उपाध्यक्ष विशाल चौधरी ने राज्य के लिए विशेष सहायता की मांग की।
  • बसपा के राज्य सचिव मदनलाल भी बैठक में उपस्थित रहे।

इस सत्र में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव डॉ. विजय जोगदंडे एवं हिमांशु खुराना भी उपस्थित रहे।