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राष्ट्रीय राजमार्ग-7 और 34 के सुधार कार्यों के लिए ₹720.67 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

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राष्ट्रीय राजमार्ग-7 और 34 के सुधार कार्यों के लिए ₹720.67 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

देहरादून, 10 जून 2025 — उत्तराखंड की सड़क कनेक्टिविटी और यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-7 (देहरादून–लालटप्पर–नेपाली फार्म खंड) और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (नेपाली फार्म–मोतीचूर खंड) के सुधार कार्यों हेतु ₹720.67 करोड़ की लागत वाली परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। परियोजना की कुल लंबाई 36.82 किमी होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच तेज, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही यह चारधाम यात्रा मार्ग को भी अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत प्रमुख जंक्शनों पर ग्रेड सेपरेशन (Grade Separation) किया जाएगा, जिससे स्थानीय और हाईवे ट्रैफिक को अलग कर यातायात दबाव कम किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, सर्विस रोड का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आने और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने की उम्मीद है।

श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास हो रहा है। यह परियोजना भी राज्य को एक नई गति देने वाली है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय रोजगार को भी मजबूती प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “गंगा पुत्र” हैं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “गंगा पुत्र” हैं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून, 10 जून 2025 — उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को “गंगा पुत्र” की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका गंगा मैया से गहरा आत्मिक जुड़ाव है। उन्होंने कहा, “जैसे गंगा मैया ने उन्हें बनारस बुलाया, वैसे ही अब उन्हें उनके मायके — देवभूमि उत्तराखंड — ने पुकारा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यात्रा सीजन लगभग छह माह तक सीमित रहता है, परंतु शीतकालीन समय में भी राज्य में पूजा-पाठ और दर्शन की अपार संभावनाएं हैं। “हमने लोगों को बताया कि शीतकाल में भी गद्दी स्थलों पर दर्शन किए जा सकते हैं और उत्तराखंड की धूप का आनंद लिया जा सकता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने ‘घाम तापो पर्यटन’ की बात कही,” उन्होंने जोड़ा।


विकसित राज्य, विकसित भारत की नींव: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक योजनाएं उत्तराखंड में संचालित हो रही हैं, जो राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा, “यदि राज्य विकसित होंगे, तभी देश भी विकसित होगा।“

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून से दिल्ली की दूरी अब कुछ ही महीनों में महज 2 से 2.30 घंटे में तय की जा सकेगी। साथ ही, रिस्पना-बिंदाल पर 26 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क के निर्माण की योजना तैयार हो चुकी है, जिसमें केंद्र सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।

उत्तराखंड को सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जिसकी सराहना मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने यह भी कहा कि जहां देश की नीतियां सभी राज्यों के लिए एक समान बनती हैं, वहीं उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए अलग रणनीति अपनाई जानी चाहिए, क्योंकि राज्य की जनसंख्या 1.25 करोड़ है लेकिन उसे हर वर्ष लगभग 8 करोड़ पर्यटकों की व्यवस्था करनी पड़ती है।


रोपवे से बदलेगी यात्रा की तस्वीर

मुख्यमंत्री धामी ने यह जानकारी भी साझा की कि हेमकुंड साहिब और केदारनाथ के लिए रोपवे परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। हेमकुंड की यात्रा अब केवल 45 मिनट में पूरी हो सकेगी, वहीं केदारनाथ यात्रा भी पहले से कहीं अधिक सहज और सुलभ होगी।


प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वर्णिम कालखंड

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के आरंभ और बीते 11 वर्षों के सुशासन के लिए हृदय से बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह कालखंड भारत के लिए एक स्वर्णिम युग रहा है। विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए आवश्यक है कि राज्य और उनके सभी विकासखंड, जनपद और पंचायतें अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जब हर इकाई विकसित होगी, तभी संपूर्ण भारत विकसित होगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच को केंद्र में रखकर उत्तराखंड सरकार लगातार कार्य कर रही है और केंद्र की योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक सफलतापूर्वक पहुंचा रही है।

Dm Dehradun Good Work जनता दर्शन में 118 शिकायतें प्राप्त, जिलाधिकारी ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश; आरटीओ व एआरटीओ का वेतन रोका, लोनिवि एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब

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जनता दर्शन में 118 शिकायतें प्राप्त, जिलाधिकारी ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश; आरटीओ व एआरटीओ का वेतन रोका, लोनिवि एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब

देहरादून, (सू.वि.) — जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 118 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें सर्वाधिक शिकायतें भूमि विवादों से संबंधित थीं। इसके अतिरिक्त विद्युत, एमडीडीए, सिंचाई, परिवहन, नगर निगम और आपसी विवादों से संबंधित प्रकरण भी शामिल रहे।

जिलाधिकारी के सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ताओं को प्रदान की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जन समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और कोई भी अधिकारी जनप्रतिनिधि के दायित्व से विमुख नहीं हो सकता।

उपस्थिति नहीं दर्ज कराने पर कार्रवाई

कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर आरटीओ और एआरटीओ का वेतन रोकने तथा लोनिवि के अधिशासी अभियंता (Xen) से स्पष्टीकरण तलब किया गया।

भूमि विवादों पर विशेष फोकस

विकासनगर तहसील से भूमि विवादों की बड़ी संख्या में शिकायतें आने पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी और तहसीलदार विकासनगर को आगामी प्रत्येक जनता दर्शन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए। साथ ही, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के समाधान हेतु एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी अपर जिलाधिकारी को दिए गए।


प्रमुख शिकायतों एवं कार्यवाहियों का विवरण

  • विधवा महिला को पुश्तैनी सम्पत्ति में दिलाया जाएगा हक: ग्राम कुंजा विकासनगर निवासी विधवा महिला व उनकी दो बेटियों को पति की संपत्ति में अधिकार दिलाने हेतु प्रशासन द्वारा पुलिस बल की उपस्थिति में कब्जा दिलाने की तैयारी की जा रही है।
  • सड़क निर्माण से खेत में मलबा: अपर तलाई निवासी कैलाश कुकरेती की शिकायत पर लोनिवि अधिकारियों ने 1 सप्ताह के भीतर मलबा हटाने की लिखित अंडरटेकिंग दी।
  • लखवाड़ बांध और NH-72 मुआवजा मामला: इस्टहोप टाउन एवं लखवाड़ बांध प्रभावितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत पर विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी (SLAO) को तत्काल मुआवजा वितरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
  • दिव्यांग सहायता: ऋषिकेश निवासी अंजना मलिक को व्हीलचेयर उपलब्ध कराने, परिवहन एवं रेलवे पास के नवीनीकरण की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
  • शिक्षा व रोजगार सहायता: एक निर्धन विधवा महिला की बालिका की शिक्षा को पुनः प्रारंभ करने के लिए ‘नंदा-सुनंदा योजना’ के तहत कदम उठाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, स्वरोजगार हेतु योजनाओं से जोड़ने के लिए भी कहा गया।
  • विधिक सहायता: संपत्ति विवाद, अवैध कब्जा, किरायेदार न हटने और रास्ता बंद किए जाने जैसी शिकायतों में पैरवी के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण से सरकारी वकील उपलब्ध कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया।
  • जोगीवाला भूमि विवाद: 77 वर्षीय वृद्धा सुशीला पुरी द्वारा अवैध निर्माण की शिकायत पर डीएम ने उप जिलाधिकारी से अभी तक की कार्यवाही की रिपोर्ट तलब करते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए।
  • एनआरएसटी केंद्र के संचालन की मांग: पर्वतीय बालमंच के प्रतिनिधि सुधीर भट्ट की फरियाद पर मुख्य शिक्षा अधिकारी से जुलाई के प्रथम सप्ताह में अध्यापक भेजने व बच्चों की परीक्षा कराने का आश्वासन लिया गया।

उपस्थित अधिकारीगण

जनता दर्शन कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), पुलिस अधीक्षक श्रीमती जया बलूनी, उप जिलाधिकारी हरिगिरि एवं अपूर्वा सिंह, ग्राम्य विकास निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, तथा बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Uttarkashi Cm Pushkar Singh Dhami मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के पुरोला में ₹210 करोड़ की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के पुरोला में ₹210 करोड़ की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तरकाशी जनपद के पुरोला में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लगभग ₹210 करोड़ की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 35 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 20 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई अहम परियोजनाओं की घोषणा की, जिनमें पुरोला स्थित खेल मैदान का उच्चीकरण, मोरी के देवरा गांव में कर्ण महाराज मंदिर एवं नौगांव स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर का सौंदर्यीकरण, नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विस्तार तथा पुरोला-नौगांव मोटर मार्ग को डूकाणा रोड होते हुए मोरी बैंड तक बाईपास के रूप में विकसित करने की योजना शामिल है। इसके अलावा मोरी पट्टी गडूगाड़ के देवजानी ओरा से केदारकांठा तक पर्यटक क्षेत्र घोषित किए जाने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से उत्तरकाशी जिले विशेषकर पुरोला और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, जीवन स्तर में सुधार आएगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ हर विधानसभा क्षेत्र में की गई घोषणाओं को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री का नेतृत्व सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उन्हें समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। राज्य में अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी है, सख्त भू-कानून लागू किया गया है और उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में हो रहे विकास कार्य पुरोला क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होंगे और पर्यटन एवं बागवानी के क्षेत्र में भी इस इलाके में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

इस अवसर पर पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने क्षेत्र की जनता की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने रंवाई क्षेत्र में अस्पताल के भूमि पूजन और मोरी-जखोल मोटर मार्ग की स्वीकृति के लिए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में जीरो टॉलरेंस, UCC लागू करने और सिल्क्यारा सुरंग बचाव अभियान जैसे ऐतिहासिक कार्यों की सराहना की।

इस कार्यक्रम में विधायक सुरेश चौहान (गंगोत्री), पूर्व विधायक माल चंद, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार, रामसुंदर नौटियाल, जगत सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष बिहारी लाल शाह, जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक श्रीमती सरिता डोभाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा 2025 में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त: 49 स्थायी केंद्र, 154 एंबुलेंस, और केदारनाथ में 17-बेड अस्पताल

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चारधाम यात्रा 2025 में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त: 49 स्थायी केंद्र, 154 एंबुलेंस, और केदारनाथ में 17-बेड अस्पताल

देहरादून उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2025 को सफल एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष विशेष तैयारियों के साथ यात्रा मार्गों पर मेडिकल व्यवस्थाओं को व्यापक रूप से मजबूत किया है।

तीन चरणों में स्वास्थ्य सेवाएं, पहाड़ी जोखिमों पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि इस बार का फोकस उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, ठंड और पुरानी बीमारियों से ग्रसित श्रद्धालुओं के लिए प्रोएक्टिव स्वास्थ्य प्रबंधन रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग, हृदय व सांस रोगियों की स्क्रीनिंग एवं प्राथमिक देखभाल को प्राथमिकता दी गई है।

रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 49 स्थायी केंद्र, 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट

  • 49 स्थायी स्वास्थ्य केंद्र और 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) को रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी जिलों में सक्रिय किया गया है।
  • हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जैसे गेटवे जिलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।
  • 57 स्क्रीनिंग कियोस्क लगाए गए हैं; जिनमें दो-दो स्क्रीनिंग सेंटर हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर में और एक कालियासौड़ (पौड़ी) में जोड़ा गया है।

केदारनाथ में 17-बेड का अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती

  • केदारनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए 17-बेड का आधुनिक अस्पताल शुरू किया गया है।
  • यात्रा मार्गों पर 31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 मेडिकल ऑफिसर और 381 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं।
  • डॉक्टरों में 47 विशेषज्ञ राज्य स्वास्थ्य सेवा, 13 केंद्र सरकार और 5 निजी मेडिकल कॉलेज से उपलब्ध कराए गए हैं।

ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से डिजिटल निगरानी

  • स्वास्थ्य विभाग ने “ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल” के माध्यम से यात्रियों के स्वास्थ्य की डिजिटल निगरानी शुरू की है।
  • चारधाम जिलों को 50 टैबलेट डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सभी स्क्रीनिंग सेंटर और MRP का डेटा तुरंत डिजिटल रूप में संकलित हो रहा है।

154 एंबुलेंस और हेली सेवा सतर्क, 29 श्रद्धालुओं को यात्रा से रोका गया

  • यात्रा मार्ग पर कुल 154 एंबुलेंस और हेली एंबुलेंस सेवा सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
  • अब तक 369 श्रद्धालुओं को एंबुलेंस से और 33 श्रद्धालुओं को हेली एंबुलेंस से रेफर कर उचित इलाज हेतु भेजा गया।
  • 29 श्रद्धालुओं को चिकित्सकीय कारणों से यात्रा न करने की सलाह दी गई, उन्हें उनके स्वास्थ्य के मद्देनजर लौटाया गया।

स्वास्थ्य विभाग का संदेश

स्वास्थ्य सचिव ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या पर तत्काल स्क्रीनिंग या एमआरपी केंद्र से संपर्क करें।

मुख्य तथ्य (Highlights):

  • ✅ 49 स्थायी केंद्र और 20 एमआरपी
  • ✅ 154 एंबुलेंस और हेली सेवा
  • ✅ केदारनाथ में 17-बेड का अस्पताल
  • ✅ 31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 मेडिकल ऑफिसर
  • ✅ 57 स्क्रीनिंग कियोस्क
  • ✅ 29 यात्रियों को रोककर लौटाया गया
  • ✅ ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से डिजिटल डेटा संग्रह

राजनैतिक बनवास सत्ता का सूखा अपनों से झेलती उत्तराखंड कांग्रेस

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राजनैतिक बनवास सत्ता का सूखा अपनों से झेलती उत्तराखंड कांग्रेस देहरादून उत्तराखंड में कांग्रेस आपसी गुटबाजी से कभी भी उभर नहीं पाई अगर उभर पाती तो पिछले दो विधानसभा चुनाव सत्ता से बहार रहकर बनवास नहीं झेल रही होती उत्तराखंड में वर्तमान कांग्रेसी सियासत में कुमायु से लेकर गढ़वाल हर जगह गुटों के खेमे बताते है अपनों की राह में अपने रोड़े बने रहे लोकसभा चुनाव इसका सबसे बड़ा राजनैतिक उदहारण है।

कांग्रेस में एक नेता जो कभी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सबसे खास हुआ करते थे उनके अनुसार उत्तराखंड में कांग्रेस सत्ता में वापिसी कर लेते अगर हरीश रावत पारिवारिक लोगो को टिकट नहीं देते या दो जगह से चुनाव नहीं लड़ते हलाकि उनका ये कहना ऑफ़ दा रिकॉर्ड रहा लेकिन समय बदला उत्तराखंड में बीजेपी सत्ता की कुर्सी पर विराजमान हो गई जिसकी कसक आज तक कांग्रेस के कई बड़े नेता अपनी पाला बदल लेने वाली कदम ताल को देते है।

उत्तराखंड कांग्रेस 2027 में सत्ता में वापिसी का सपना देख रही है सत्ता से बहार होने का सूखा कांग्रेस नेताओं को दिन रात परेशान करता है मौजूदा हालात ऐसे है अकेला चलो वाले नेता जी अपनी दावतों से जख्मो पर नमक छिड़क रहे है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा भी उत्तराखंड में गुटबाजी से परेशान है उनकी मेहनत पर भी दावत वीर हावी हो गए है करे तो क्या करे परेशान होकर कांग्रेस दरबार में हजारी लगाकर दावत वाले नेता को सबको साथ में लेकर चलने का हुक्म करवा बैठे है नतीजा कोई खास नहीं रहा नेता की फिर हल्द्वानी कुमायु में जलेबी से लेकर दावतों में मशगूल हो गए।

बरहाल उत्तराखंड कांग्रेस सत्ता में वापिसी के लिए एक नहीं दूसरी पात में मौजूद युवा छात्र सियासत भी कमजोर हो गई है जैसा जोश एक दशक पहले देखा जाता था वो अब नहीं रहा दोहरी मार से परेशान कांग्रेस अपना राजनैतिक बनवास कैसे पूरा करेगी ये भी देखना दिलचप्स होगा हलाकि एक गट गढ़वाल से गणेश गोदियाल को आगे कर नयी सियासत की पैरवी कर चूका है लेकिन इसको बड़े बरगद कैसे पनपने देंगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं।

नारसन में सीएम धामी ने ट्रैक्टर से पहुंचकर किया धन्यवाद रैली का शुभारंभ, समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक परिवर्तन

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नारसन में सीएम धामी ने ट्रैक्टर से पहुंचकर किया धन्यवाद रैली का शुभारंभ, समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक परिवर्तन

हरिद्वार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारसन स्थित महाराजा महेंद्र प्रताप स्नातक महाविद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने पर मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत चौधरी ओमपाल ढाबा लिब्बरहेड़ी से होकर स्वीटी फार्म तक की गई।

रैली की एक विशेष बात यह रही कि मुख्यमंत्री खुद ट्रैक्टर चलाकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, जिससे उनका किसान समुदाय के प्रति जुड़ाव और सम्मान प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दिया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।


UCC: संविधान निर्माता के सपने को साकार करने की दिशा में पहला राज्य — सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा:

“उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है, जहां समान नागरिक संहिता कानून लागू किया गया है। यह कदम बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के उस सपने को साकार करता है, जिसमें हर नागरिक के लिए समान कानून की कल्पना की गई थी।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह रैली उनका नहीं, बल्कि “सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों का सम्मान है” और इस भीषण गर्मी में उपस्थित होकर जनभागीदारी निभाने वाले महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों का उन्होंने विशेष आभार प्रकट किया।


किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसान हित में लिए गए निर्णयों पर प्रकाश डालते हुए कहा:

  • किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की गई
  • किसानों को 80% सब्सिडी के साथ बागवानी में प्रोत्साहन
  • गेहूं पर ₹20/कुंटल बोनस और गन्ना मूल्य में ₹20/कुंटल की वृद्धि
  • ₹1200 करोड़ की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू
  • 14,000 करोड़ की लागत से 7 नई परियोजनाएं प्रारंभ

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा:

“प्रदेश में भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हाल ही में हरिद्वार भूमि घोटाले में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है।”


मंगलौर विधानसभा को मिले विकास के उपहार

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के लिए दो बड़ी घोषणाएं की:

  1. ग्राम सभा लिब्बरहेड़ी में महाराजा सूरजमल के नाम पर खेल स्टेडियम का निर्माण
  2. मंगलौर से गुरुकुल-लंढौरा बाईपास तक सर्की रजवाहे की पटरी पर पक्की सड़क निर्माण

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी

इस अवसर पर मंच पर मौजूद प्रमुख जनप्रतिनिधियों में शामिल रहे:

  • विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह भड़ाना
  • आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिला, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल
  • सभी मंडल अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, प्रशासनिक अधिकारी — डीएम मयूर दीक्षित, एसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एडीएम दीपेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम प्रेमलाल सहित अनेक अधिकारी और सैकड़ों की संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु (हाइलाइट्स):

  • ✅ सीएम धामी ने ट्रैक्टर चलाकर किया रैली स्थल का आगमन
  • ✅ UCC को बताया सामाजिक समानता की दिशा में क्रांतिकारी कदम
  • ✅ किसानों के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा
  • ✅ भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराया
  • ✅ मंगलौर क्षेत्र के लिए स्टेडियम और सड़क निर्माण की घोषणाएं

सीएम धामी का ऐतिहासिक जनसंवाद: ट्रैक्टर चलाकर किसानों को दिया सम्मान, UCC को बताया समानता का प्रतीक

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लिब्बरहेड़ी में सीएम धामी का ऐतिहासिक जनसंवाद: ट्रैक्टर चलाकर किसानों को दिया सम्मान, UCC को बताया समानता का प्रतीक

हरिद्वार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के लिब्बरहेड़ी में आयोजित भव्य रोड शो और जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लेकर एक बार फिर यह दर्शा दिया कि उनकी राजनीति का केंद्र बिंदु जनता के बीच रहकर, जमीन से जुड़कर सेवा करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल मंच से जनसभा को संबोधित किया, बल्कि खुद ट्रैक्टर चलाकर किसानों के प्रति सम्मान और उनके श्रम का प्रत्यक्ष रूप से आदर व्यक्त किया। इस अनूठी पहल ने जनमानस को गहराई से प्रभावित किया और मुख्यमंत्री की “जमीन से जुड़े जननेता” की छवि को और प्रबल किया।


ट्रैक्टर की सवारी: किसान सम्मान का प्रतीक

मुख्यमंत्री धामी जब खेतों की पगडंडियों से होते हुए ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभालते नजर आए, तो चारों ओर उत्साह की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भीड़ ने इस दृश्य को देखा और भावविभोर होकर तालियों से स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा:

“जब मैं ट्रैक्टर चलाता हूं, तो यह केवल एक वाहन नहीं चलाना है, यह हमारे अन्नदाता भाइयों के श्रम को नमन करने की एक विनम्र कोशिश है।”


UCC: समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम

लिब्बरहेड़ी यात्रा का मुख्य उद्देश्य था — समान नागरिक संहिता (UCC) के हालिया लागू किए गए कानून को लेकर जनता से संवाद करना और उनके समर्थन के लिए आभार प्रकट करना। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि:

“UCC न किसी मजहब के खिलाफ है, न किसी वर्ग के। यह समानता, पारदर्शिता और न्याय का मूल है। यह बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के उस सपने को साकार करता है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की परिकल्पना की गई थी।”

धामी ने इसे प्रदेश में एकता, सामाजिक समरसता और नागरिक अधिकारों के समान अवसरों की दिशा में मील का पत्थर बताया।


विकास का एजेंडा: गांव, किसान और युवा केंद्र में

जनसंवाद में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकार गांव-गांव तक सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और डिजिटल सेवाएं पहुंचा रही है। युवाओं के लिए स्टार्टअप योजनाएं, तकनीकी प्रशिक्षण, और रोजगार के अवसर सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

“हमारा लक्ष्य सिर्फ विकास करना नहीं, बल्कि विकास को हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। यही असली सुशासन है,” — मुख्यमंत्री धामी।


नए उत्तराखंड की ओर एक और कदम

लिब्बरहेड़ी का यह दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक नई राजनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है — जिसमें जनता की भागीदारी, किसान सम्मान, और कानूनों पर प्रत्यक्ष संवाद शामिल है।

मुख्यमंत्री की ट्रैक्टर सवारी और UCC पर सहज, सरल संवाद इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तराखंड आज विकास और संवेदना के संतुलित पथ पर आगे बढ़ रहा है।


मुख्य संदेश:

  • ✅ मुख्यमंत्री ने खुद ट्रैक्टर चलाकर किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया
  • ✅ समान नागरिक संहिता को “सामाजिक न्याय” और “राष्ट्रीय एकता” का आधार बताया
  • ✅ युवाओं, किसानों और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया
  • ✅ जनसंवाद की शैली ने मुख्यमंत्री को जन-जन का नेता साबित किया

Haridwar Politics New Plan Pushkar Singh Dhami

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लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती पर मुख्यमंत्री धामी का संबोधन — “पाल-धनगर समाज भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक नींव” haridwar poltics new plan pushkar singh dhami

हरिद्वार, ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में धनगर समाज द्वारा आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की त्रिशताब्दी जयंती समारोह में प्रतिभाग करते हुए लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम सभा सलेमपुर का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखने की घोषणा की, बशर्ते आवश्यक प्रस्ताव एवं अनापत्ति पत्र प्राप्त हो जाएं।

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि पाल-धनगर समाज न केवल पशुपालन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का मूल आधार रहा है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

“लोकमाता अहिल्याबाई: नारी सशक्तिकरण का प्रतीक”

मुख्यमंत्री धामी ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को नारी सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल बताते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनके द्वारा काशी विश्वनाथ, द्वारका, अयोध्या, मथुरा सहित देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों का पुनर्निर्माण और संरक्षण किया गया। उन्होंने कहा:

“उस कालखंड में अहिल्याबाई होल्कर जी ने जिस दृढ़ता और नेतृत्व का परिचय दिया, वह आज भी प्रेरणा देता है।”

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों के योगदान को अब उचित स्थान मिल रहा है। उन्होंने राम मंदिर, केदारनाथ-बद्रीनाथ पुनर्निर्माण, महाकाल लोक, और विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कार्यों को इसका प्रमाण बताया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र व राज्य सरकारों की पहल

मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों — महिला आरक्षण बिल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना, और ट्रिपल तलाक जैसे कानूनों को देश में महिलाओं की स्थिति सुदृढ़ करने वाला बताया।

राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा 30% महिला आरक्षण, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, वात्सल्य योजना, आंचल अमृत योजना और नारी सशक्तिकरण योजना जैसे कार्यक्रम प्रभावी ढंग से चलाए जा रहे हैं।

राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के संरक्षण पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, और दंगा फैलाने वाली मानसिकताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। दंगारोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून राज्य में लागू किए गए हैं ताकि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफिक संरचना सुरक्षित रह सके।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

धामी ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक, हर किसी पर कार्रवाई हो रही है। हाल ही में हरिद्वार भूमि घोटाले में दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी को निलंबित किया गया है।

उपस्थित गणमान्य

कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान, विधायक आदेश चौहान, पूर्व मंत्री यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चैंपियन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल, और अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और धनगर समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे।

हिंद दी चादर’ नाटक का भव्य मंचन, मुख्यमंत्री धामी बोले – “यह केवल नाटक नहीं, समाज को प्रेरणा देने वाला संदेश है

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हिंद दी चादर’ नाटक का भव्य मंचन, मुख्यमंत्री धामी बोले – “यह केवल नाटक नहीं, समाज को प्रेरणा देने वाला संदेश है”

देहरादून, 8 जून। उत्तराखंड सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी और श्री गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘हिंद दी चादर’ नाटक का भव्य मंचन दून मेडिकल कॉलेज सभागार में किया गया। यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री नजिंदर सिंह सिरसा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा,

“‘हिंद दी चादर’ केवल एक नाटक नहीं, बल्कि समाज को प्रेरित करने वाला एक जीवंत संदेश है। हमारे सभी गुरुओं ने राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए समाज को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। उनके बलिदान, त्याग और शिक्षाएं आज भी हमें एकजुट रहने की प्रेरणा देती हैं।”

मुख्यमंत्री ने इस दौरान साहिबज़ादों के इतिहास को पाठ्यक्रमों में शामिल किए जाने की आवश्यकता भी जताई। उन्होंने कहा कि यह इतिहास प्रत्येक नागरिक, विशेषकर नई पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए।

हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना जल्द होगी शुरू

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को जल्द शुरू करने जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी। उन्होंने इसे राज्य के लिए “आध्यात्मिक समर्पण और बुनियादी ढांचे के विकास का संगम” बताया।

इस अवसर पर नाटक ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को अत्यंत प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे सभागार में मौजूद दर्शक भावविभोर हो गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से सिख गुरुओं के बलिदान, धार्मिक सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता का संदेश गूंजता रहा।