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कालूसिद्ध मंदिर में भाजपाइयों को रोके जाने पर विवाद, सीएम के हस्तक्षेप का इंतजार

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कालूसिद्ध मंदिर में भाजपाइयों को रोके जाने पर विवाद, सीएम के हस्तक्षेप का इंतजार

हल्द्वानी, 7 जून। शहर के प्रतिष्ठित श्री कालूसिद्ध मंदिर में शनिवार को आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब एसएसपी पीएन मीणा द्वारा भाजपा नेताओं को मंदिर परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया। इस घटनाक्रम ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा को प्रभावित किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो गया है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी हैं, जिनसे मामले में स्पष्ट रुख की अपेक्षा की जा रही है।

विवाद का कारण: रस्सी के इस पार भाजपा नेता

घटना के दौरान भाजपा नेता चंदन सिंह बिष्ट ने जब जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष आनंद दरम्वाल और पार्षद राजेंद्र अग्रवाल उर्फ मुन्ना को मंदिर में प्रवेश दिलाने की बात कही, तो एसएसपी का जवाब था, “पार्षद हो या मेयर, कोई फर्क नहीं पड़ता।” इस बयान से भाजपा नेता नाराज़ हो गए और काफी देर तक पुलिस व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बहस और तनाव की स्थिति बनी रही।

भावनात्मक क्षण और आरोप

चंदन सिंह बिष्ट ने इसे भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान बताया और सार्वजनिक रूप से भावुक हो गए। दायित्वधारी रेनू अधिकारी ने भी पुलिस पर कार्यकर्ताओं को अपमानित करने का आरोप लगाया। बाद में भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस पूरे मामले की शिकायत की, जिस पर सीएम ने संज्ञान लेने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के साथ कुछ को मिली एंट्री, बाकी हुए बाहर

कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री धामी पहुंचे तो उनके साथ कुछ चुनिंदा नेता और कार्यकर्ता मंदिर परिसर में प्रवेश कर सके, लेकिन बाकी को पुलिस ने रोके रखा। इससे भाजपा के अंदर ही अंदर नाराजगी की चिंगारी सुलग रही है।


व्यंग्य में वायरल: “गंजा बंदर और खबरों का भोपू”

सोशल मीडिया पर एक कथित “गंजा बंदर” नामक चरित्र द्वारा व्यंग्यात्मक पोस्टों और टिप्पणियों के जरिए इस प्रकरण को लेकर खबरें वायरल हो रही हैं। उसे एक “नेता का खबरी” कहा जा रहा है, जो अपनी तोप जैसी पोस्टों से खबरों का भोपू बजा रहा है। यह टिप्पणी आमजन में चर्चा का विषय बनी हुई है और घटना को हल्के-फुल्के मगर चुभते अंदाज़ में व्याख्यायित कर रही है।


फिलहाल माहौल शांत, लेकिन लपटें बाकी हैं

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद फिलहाल विवाद शांत नजर आ रहा है, लेकिन भाजपा के कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के भीतर असंतोष बना हुआ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले में किस तरह का निर्णय लेते हैं और प्रशासन तथा पार्टी के बीच संतुलन कैसे स्थापित करते हैं।

Ias Sabeen Bansal Good Work मजबूरी, मौनता और निष्क्रियता सुशासन का प्रतीक नहीं हो सकते :डीएम

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जौनसार-बावर में दो महीने से चला आ रहा राशन संकट खत्म, डीएम बोले – “जनता को उनके हक से वंचित रखना असंभव”

देहरादून, 07 जून 2025। (जिला सूचना अधिकारी) जौनसार-बावर क्षेत्र में दो महीने से चल रहा सरकारी सस्ता गल्ला वितरण संकट अब समाप्त हो गया है। उचित दर विक्रेताओं द्वारा लंबे समय से गोदाम से राशन और ई-पॉस मशीनें नहीं उठाई जा रही थीं, जिससे क्षेत्र में धात्री महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए गंभीर खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया था। इसके कारण मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं भी प्रभावित हो रही थीं।

इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित संज्ञान लिया और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर क्षेत्र में भेजा। समिति ने जौनसार-बावर जनजातीय क्षेत्र के सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के साथ वार्ता की और उन्हें उनके कर्तव्यों एवं प्रशासन की शक्ति का स्पष्ट रूप से आभास कराया।

डीएम का स्पष्ट संदेश: “हमारे रहते क्षेत्र में अन्न संकट नामुमकिन”

जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त लहजे में कहा:

“सीएम के प्रताप से कोई विक्रेता, व्यापारी या कर्मचारी वर्ग इतना शक्तिशाली नहीं कि जनता को उनके हक से वंचित रख सके।”
“हमारे होते हुए क्षेत्र में धात्री महिला, बुजुर्ग और बच्चे अन्न संकट से पीड़ित नहीं हो सकते।”
“भयादोहन की स्थिति में प्रशासन को घर-घर राशन पहुंचाना आता है।”

उन्होंने दो टूक कहा कि मजबूरी, मौनता और निष्क्रियता सुशासन का प्रतीक नहीं हो सकते। प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों और अधिकारों का पूरा भान है।

राशन वितरण को लेकर प्रशासन की ठोस कार्य योजना

प्रशासन द्वारा तय किया गया कि अगले सप्ताह से आंतरिक गोदामों से खाद्यान्न उठान पुनः प्रारंभ किया जाएगा। यदि कोई विक्रेता वितरण से पीछे हटता है तो प्रशासन खुद घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर काम कर चुका है।

इसके अतिरिक्त, ई-पॉस मशीन के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी घोषणा की गई है। अब सभी उचित दर विक्रेता 10 से 12 की संख्या में प्रतिदिन गोदामों से खाद्यान्न और ई-पॉस मशीनें उठाएंगे और प्रशिक्षित होंगे।

समिति की बैठक और सहमति

गठित समिति ने जौनसार-बावर सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की। सहमति बनी कि:

  • 07 जून से ई-पॉस मशीन का प्रशिक्षण शुरू होगा।
  • सभी गोदाम प्रभारी दैनिक रूप से गोदाम खोलकर वितरण सुनिश्चित करेंगे।
  • कर्मचारियों को गोदामों में निरंतर उपस्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यह प्रशासनिक कार्यवाही न केवल तत्काल संकट से उबरने का माध्यम बनी, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि जनहित में लापरवाही, टालमटोल और अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Nainital Pushkar Singh Dhami मुख्यमंत्री ने नैनीताल जनपद की ₹126.69 करोड़ की 27 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

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मुख्यमंत्री ने नैनीताल जनपद की ₹126.69 करोड़ की 27 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

लालकुआं (नैनीताल)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लालकुआं में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नैनीताल जनपद की 126.69 करोड़ रुपये लागत की 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, सीवरेज, नगर विकास, गौवंश संरक्षण और सौंदर्यीकरण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 25.93 करोड़ रुपये की लागत से 9 परियोजनाओं का लोकार्पण और 100.76 करोड़ रुपये की लागत से 18 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये योजनाएं क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूती देंगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक बदलावों और विकास कार्यों की सराहना की, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, और कश्मीर में विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल निर्माण जैसे उदाहरण देकर भारत की वैश्विक शक्ति और संकल्प का उल्लेख किया।

नैनीताल को आदर्श जनपद बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि नैनीताल जनपद को आदर्श जिला बनाने के उद्देश्य से मानसिक चिकित्सालय, कैंसर संस्थान, आयुष अस्पताल, अंबेडकर पार्क, ओपन जिम, एस्ट्रो पार्क, रिंग रोड, बाईपास रोड, पोलिनेटर पार्क और खेल विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

हल्द्वानी को क्लीन एंड ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन और सीवरेज व्यवस्था की योजनाएं लागू की गई हैं, जबकि ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही जमरानी बहुउद्देश्यीय बांध और खुरपिया इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाएं तराई क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

सांस्कृतिक पहचान और सुशासन को लेकर प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता की रक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है, और यहां देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी प्रभावी है।

गौवंश संरक्षण के लिए गौ संरक्षण कानून के तहत ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है

मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की इस यात्रा में भागीदार बनें।


लोकार्पण की गई प्रमुख योजनाएं:

  • ओखलकांडा में क्षतिग्रस्त 11 नहरों का पुनर्निर्माण
  • भीमताल में जिला आयुर्वेदिक भवन
  • रामगढ़ में मल्ला सूफी-रूसानी-दीगड़-कफूवा लोधिया मोटर मार्ग
  • बेतालघाट में मल्ली सेठी लिफ्ट सिंचाई योजना
  • हल्द्वानी में पशु चिकित्सालय में पार्किंग व ऑपरेशन थिएटर
  • कालाढूंगी में पशु चिकित्सालय भवन
  • गंगापुर कबडवाल में गौशाला (फेज-1)
  • रामनगर में राजकीय पॉलीटेक्निक भवन
  • पांडे नवाड़, हल्द्वानी में पुनर्वास केंद्र का जीर्णोद्धार

शिलान्यास की गई प्रमुख योजनाएं:

  • इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बाढ़ सुरक्षा
  • फतेहपुर, कमलुवागांजा, गुनीपुर आदि में क्षतिग्रस्त नहरों का निर्माण
  • कोटाबाग में पॉलीटेक्निक भवन
  • रामपुर चकलुवा में नलकूप
  • कैंचीधाम परिसर का विकास
  • भवाली में पर्यटक आवास गृह की मरम्मत
  • नैनीताल में पर्यटन कार्यालय भवन
  • ग्रामीण मोटर मार्गों का सुधार
  • झीड़ापानी वाटरफॉल का विकास
  • हल्द्वानी में सीवरेज योजनाएं
  • लालकुआं में गौशाला (फेज-2)
  • राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, हल्द्वानी में पुस्तकालय पुनरुद्धार

कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख हस्तियाँ:

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैड़ा, मेयर गजराज बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी, दीपक मेहरा, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, प्रताप बिष्ट, पान सिंह मेवाड़ी, रंजन बर्गली, कमलेश कबडवाल, मुकेश बोरापूर्व विधायक नवीन दुम्का सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के आयुक्त/सचिव दीपक रावत, डीआईजी रिद्धिमा अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पी.एन. मीणा, अपर जिलाधिकारी विवेक रॉय और नगर आयुक्त ऋचा सिंह की उपस्थिति भी रही।

साहित्य और संस्कृति के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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साहित्य और संस्कृति के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से राज्य के उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘साहित्य भूषण’ और ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ जैसे पुरस्कारों के तहत राज्य के वरिष्ठ साहित्यकारों को हाल ही में ₹5 लाख की सम्मान राशि देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु वित्तीय सहायता योजना के माध्यम से साहित्यकारों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी साहित्यिक और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकें और उसे आगे बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में फन् संस्था द्वारा आयोजित ‘डेरा कवि सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास सहित अनेक ख्यातिप्राप्त कवि मंच पर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सभी कवियों का स्वागत करते हुए कहा कि, “कवि केवल शब्दों के सर्जक नहीं होते, वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक होते हैं। जब समाज संकट या भ्रम की स्थिति में होता है, तब कवियों की लेखनी दिशा दिखाने और समाज को जागरूक करने का कार्य करती है।”

उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी साहित्यकारों और कवियों की रचनाओं से ऊर्जा मिली। उनकी कविताएं और लेखन आम जनमानस को देशप्रेम और स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनीं।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा को श्रद्धा पूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि यह देवभूमि सदा से रचनात्मकता की भूमि रही है। अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, सुमित्रानंदन पंत, गिरीश तिवारी ‘गीर्दा’ और नागार्जुन जैसे महान रचनाकारों की कृतियाँ आज भी हमारी वादियों में गूंजती हैं। उन्होंने कहा, “यहाँ हिमालय की ऊँचाइयों से ऊँचे विचार जन्म लेते हैं और नदियों की कल-कल ध्वनि में कविता की लय समाहित होती है।”

इस अवसर पर श्री भरत कुकरेती, श्री मयंक अग्रवाल, श्री आशुतोष, श्री कुशल कुशलेन्द्र, श्री सुदीप भोला, सुश्री कविता तिवारी, श्री रमेश मुस्कान सहित फन् संस्था के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने श्री कालू सिद्ध मंदिर में की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा में शिरकत

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मुख्यमंत्री ने श्री कालू सिद्ध मंदिर में की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा में शिरकत

हल्द्वानी। शहर के ऐतिहासिक श्री कालू सिद्ध मंदिर को नैनीताल रोड चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस अवसर पर मंदिर में नई मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत गुरुवार को हुई।

शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद लिया और नवनिर्मित मंदिर परिसर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए तेजी से कार्य कर रही है और ‘मानस खंड कॉरिडोर’ जैसी योजनाओं के माध्यम से कुमाऊं मंडल के प्रमुख मंदिरों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

मंदिर का नया भवन उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित किया गया है, जिसमें संगमरमर का प्रयोग और दीवारों पर आकर्षक नक्काशी की गई है। भवन का रंग-रोगन कार्य भी पूरा हो चुका है। नवनिर्मित मंदिर में हरि विष्णु, शनिदेव, श्री गोल्ज्यू देवता, राम दरबार, शिव परिवार, मां दुर्गा सहित 15 देवी-देवताओं की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

गुरुवार को मंदिर प्रबंधन को नए भवन की औपचारिक सुपुर्दगी कर दी गई थी। तीन दिवसीय अनुष्ठान के समापन अवसर पर रविवार, 8 जून को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में नगर निगम मेयर गजराज बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत और मंदिर समिति के कई सदस्य भी उपस्थित रहे।

कांग्रेस में एकला चलो पर पाबन्दी 2027 के लिए फार्मूला जुगलबंदी

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दिल्ली उत्तराखंड में कांग्रेस आगामी चुनावी महाभारत में अभिमन्यु बनाएं जाने का खेल खेल रही है खबर कांग्रेस के बड़े दरबार तक पहुंची तो साफ कहा गया एक जुट रहो 2027 चुनाव जीतकर दस बरस का हिसाब लेना है कांग्रेस में एक गट पर सरकार के साथ होने के आरोप भी लगे है सोशल मीडिया पर वायरल खबरे बता रही है कांग्रेस में अभिमन्यु वाला चैप्टर कौन पढ़ा रहा

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। शीर्ष नेतृत्व ने हिदायत दी कि अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं पर पार्टी सख्त कार्रवाई करेगी। कोई भी नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी न करे। 2027 के लिए सभी नेता एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करें।

बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी ने प्रदेश नेताओं के साथ उत्तराखंड में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों के बारे में चर्चा की। इस दौरान राहुल गांधी ने पार्टी में अनुशासन बनाने की हिदायत दी। पार्टी नेता आपस में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी न करें।

अन्यथा पार्टी ऐसे नेताओं को सख्त कार्रवाई करेगी। राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर पार्टी की ओर से जो कार्यक्रम तय किए जाते हैं। उसमें सभी नेताओं की भागीदारी जरूरी है। नेताओं को व्यक्तिगत यात्रा, रैली व अभियान चलाने के बजाय पार्टी कार्यक्रमों में सक्रियता दिखाएं।

बैठक में प्रदेश नेताओं ने कुमाऊं व गढ़वाल मंडल में संगठनात्मक असंतुलन का बात उठाई। उन नेताओं का तर्क था कि प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष कुमाऊं से है। इस पर राहुल गांधी ने तर्क दिया कि इससे पहले भी कुमाऊं से ही मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष व अध्यक्ष रहे हैं। शीर्ष नेताओं ने प्रदेश में संविधान बचाओ यात्रा, तिरंगा यात्रा, एक वोट मेरा अधिकार अभियान का फीडबैक लिया।

बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री नवप्रभात, हरक सिंह रावत, गोविंद सिंह कुंजवाल, उप नेता भुवन कापड़ी, काजी निजामुद्दीन, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक ममता राकेश, तिलक राज बेहड़, रवि बहादुर समेत अन्य नेता मौजूद रहे।

रोहित नेगी हत्याकांड: मंगलौर बॉर्डर पर मुख्य आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़, दोनों के पैरों में लगी गोली

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रोहित नेगी हत्याकांड: मंगलौर बॉर्डर पर मुख्य आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़, दोनों के पैरों में लगी गोली

देहरादून/मुजफ्फरनगर। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में स्टोन क्रशर संचालक और भाजपा नेता रोहित नेगी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के साथ पुलिस की शुक्रवार देर रात मंगलौर बॉर्डर पर मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बॉर्डर पर घेराबंदी, फिर चली गोलियां

पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी मुजफ्फरनगर-हरिद्वार बॉर्डर पर देखे गए हैं। जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए।

आरोपियों की पहचान

पुलिस ने दोनों की पहचान की पुष्टि करते हुए बताया:

  • मोहम्मद अजहर त्यागी, पुत्र अब्दुल रब, निवासी प्रधान पट्टी बरला, थाना पुरकाजी, जिला मुजफ्फरनगर (उ.प्र.)
  • आयुष कुमार उर्फ सिकंदर, पुत्र विजय कुमार, निवासी मालैन्डी, जिला शामली (उ.प्र.)

दोनों को लंबे समय से पुलिस टीमें वेस्ट यूपी के कई ठिकानों पर दबिश देकर तलाश रही थीं।

हत्या की गुत्थी सुलझने के करीब

गौरतलब है कि भाजपा नेता रोहित नेगी की कुछ दिन पूर्व देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। मामला हाई-प्रोफाइल होने के चलते वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश जारी थी।

अब मुठभेड़ के बाद दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से हत्या की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।

हरिद्वार में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी पर श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा में आस्था की डुबकी, हाईवे पर लगा लंबा जाम

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हरिद्वार में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी पर श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा में आस्था की डुबकी, हाईवे पर लगा लंबा जाम

हरिद्वार। गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी जैसे पावन स्नान पर्वों के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। धर्मनगरी में पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य अर्जित किया। इस दौरान हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।

तीन दिन लागू रहेगा ट्रैफिक प्लान

भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक कंट्रोल के लिए विशेष योजना लागू की है। बुधवार रात 12 बजे से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रोक दिया गया है। यह यातायात योजना 5, 6 और 7 जून तक प्रभावी रहेगी। तीर्थनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

गंगा दशहरा पर बना दुर्लभ योग

इस वर्ष गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इसे और भी अधिक पावन और फलदायी बना रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस शुभ संयोग पर गंगा स्नान, दान और तपस्या करने से व्यक्ति को अनेक गुना पुण्य की प्राप्ति होती है।

मां गंगा का अवतरण: आध्यात्मिक ऐतिहासिक महत्व

गंगा दशहरा वह पावन तिथि है जब राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र और व्यतिपात योग—इन सभी शुभ संयोगों में मां गंगा का अवतरण हुआ था। तभी से यह दिन भारतीय संस्कृति में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है।


निष्कर्ष

हरिद्वार में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी पर्व न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है। ऐसे आयोजनों में उमड़ती भीड़ यह संदेश देती है कि आधुनिक युग में भी आस्था और परंपरा की शक्ति अक्षुण्ण बनी हुई है।

6 जून 2025 को निर्जला एकादशी: व्रत, राशि परिवर्तन और लक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग

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6 जून 2025 को निर्जला एकादशी: व्रत, राशि परिवर्तन और लक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग

देहरादून। वर्ष 2025 में निर्जला एकादशी का पर्व 6 जून को मनाया जाएगा। यह व्रत सभी 24 एकादशियों में सबसे बड़ा और पुण्यदायी माना जाता है। इस बार की निर्जला एकादशी विशेष ज्योतिषीय और धार्मिक संयोगों के कारण और भी अधिक फलदायक मानी जा रही है।

इस दिन ग्रहों के राजकुमार बुध भी राशि परिवर्तन कर रहे हैं। वे 6 जून को अपनी स्वराशि मिथुन में गोचर करेंगे। इसके अतिरिक्त, यह तिथि शुक्रवार को पड़ रही है, जो मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसे में भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और ग्रहों की अनुकूलता का त्रिवेणी संयोग इस दिन को विशेष बना रहा है।


निर्जला एकादशी का महत्व

निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि महाभारत के भीम ने सभी एकादशी व्रत करने में असमर्थता जताई थी, तब ऋषि व्यास ने उन्हें सिर्फ एक व्रत — निर्जला एकादशी — करने का सुझाव दिया, जिसे करने से वर्ष की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है।

इस दिन भक्त बिना जल ग्रहण किए उपवास करते हैं और पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा, ध्यान, मंत्र जाप, आरती, और चालीसा पाठ करते हैं। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से विष्णु जी की आराधना करने से धन, समृद्धि, सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है।


इस साल के विशेष संयोग

🔹 तिथि: शुक्रवार, 6 जून 2025
🔹 व्रत: निर्जला (भीमसेनी) एकादशी
🔹 ग्रह संयोग: बुध का मिथुन राशि में गोचर
🔹 वार योग: शुक्रवार (मां लक्ष्मी का दिन)


क्या करें इस दिन

  • उपवास रखें: यदि स्वास्थ्य अनुमति दे, तो निर्जला व्रत करें (बिना जल के)।
  • भगवान विष्णु की पूजा करें: पीले पुष्प, तुलसी, और पंचामृत से पूजन करें।
  • मंत्र जाप: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।
  • दान करें: जल, फल, वस्त्र, छाता, पंखा और अनाज का दान विशेष पुण्य प्रदान करता है।
  • ध्यान और भजन-कीर्तन: पूरे दिन भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करें।

निष्कर्ष

इस वर्ष की निर्जला एकादशी व्रतधारियों और भक्तों के लिए एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ अवसर लेकर आई है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति, विशेष वार योग और देवी-देवताओं की कृपा एक साथ मिलकर इस दिन को आध्यात्मिक उत्थान और कर्म सुधार के लिए श्रेष्ठ बना रहे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 जून को करेंगे किसानों से ‘खाट पर संवाद’, डोईवाला के पाववाला सौड़ा गांव में लगेगी चौपाल

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 जून को करेंगे किसानों से ‘खाट पर संवाद’, डोईवाला के पाववाला सौड़ा गांव में लगेगी चौपाल

देहरादून, 5 जून। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 जून को एक दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचेंगे। इस दौरान वे जनपद देहरादून के डोईवाला विकासखंड के पाववाला सौड़ा गांव में आयोजित एक विशेष किसान चौपाल में भाग लेंगे। इस चौपाल की खास बात यह होगी कि केंद्रीय मंत्री पारंपरिक तरीके से खाट पर बैठकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे।

यह जानकारी उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दी। उन्होंने बताया कि इस चौपाल का उद्देश्य किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं, अनुभव और सुझाव जानना है ताकि नीतियों को जमीनी हकीकत से जोड़ा जा सके।

कृषि संकल्प अभियान के तहत होगा संवाद

किसान चौपाल के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री दोपहर को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, शाम 3 बजे, देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला में “विकसित भारत संकल्प यात्रा – कृषि संकल्प अभियान” के अंतर्गत किसानों को संबोधित करेंगे।

तैयारियां जोरों पर

प्रदेश कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस महत्वपूर्ण दौरे के मद्देनज़र अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियां समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने इसे किसानों के साथ संवाद और कृषि विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है।

गुरुवार को कृषि मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी मनोज जोशी और कृषि एवं उद्यान विभाग की टीम ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

यह दौरा केवल एक राजनीतिक या प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र की नब्ज टटोलने और किसानों की बात उनके अंदाज़ में समझने का प्रयास है।