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छत्तीसगढ़ फायर डिपार्टमेंट भर्ती 2025: 295 पदों पर निकली वैकेंसी, 1 जुलाई से करें आवेदन Goverment Job Fire-Department-Recruitment-2025

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छत्तीसगढ़ फायर डिपार्टमेंट भर्ती 2025: 295 पदों पर निकली वैकेंसी, 1 जुलाई से करें आवेदन

छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने कुल 295 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इसमें स्टेशन ऑफिसर, फायर मैन, वाहन चालक, ऑपरेटर, मैकेनिक, स्टोर कीपर जैसे विभिन्न पद शामिल हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2025 से शुरू होगी और इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई 2025 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन आधिकारिक वेबसाइट cghgcd.gov.in पर किया जा सकता है।


रिक्तियों का विवरण: कुल 295 पद

पद का नामपदों की संख्या
स्टेशन ऑफिसर (सब इंस्पेक्टर)21
वाहन चालक14
वाहन चालक सह ऑपरेटर86
फायर मैन117
स्टोर कीपर32
मैकेनिक2
वॉचरूम ऑपरेटर19
वायरलेस ऑपरेटर (संविदा)4

शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता

पद के अनुसार योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है:

  • स्टेशन ऑफिसर (SI) – बीएससी या बीई (फायर साइंस) मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से।
  • वाहन चालक/ऑपरेटर – 12वीं पास एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस।
  • फायर मैन – 12वीं उत्तीर्ण।
  • स्टोर कीपर – 12वीं पास।
  • मैकेनिक – 12वीं पास + ITI से डीजल मैकेनिक ट्रेड डिप्लोमा।
  • वॉचरूम ऑपरेटर – 12वीं पास और प्रशिक्षित नगर सैनिक।
  • वायरलेस ऑपरेटर (संविदा) – 12वीं पास और वायरलेस ऑपरेटर प्रशिक्षण प्राप्त नगर सैनिक।

आयु सीमा (As on 01.07.2025)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 28 वर्ष
  • आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) को अधिकतम आयु में 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया

  • सभी पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) अनिवार्य होगी।
  • इसके बाद लिखित परीक्षा या अन्य प्रक्रिया (यदि विभाग द्वारा निर्धारित हो) के आधार पर चयन होगा।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • आवेदन शुरू होने की तिथि: 1 जुलाई 2025
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2025

पत्नी का गला काटकर हत्या पति ने लगाया फांसी

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हरिद्वार कनखल थाना क्षेत्र स्थित वसंत कुंज कॉलोनी में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने पहले अपनी पत्नी का गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी, और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पति ऋषि और पत्नी वर्षा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। कॉलोनी में घटना को लेकर दहशत का माहौल है।

पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं और घटना के पीछे के कारणों की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि घटना सोमवार की देर रात की बताई जा रही है। मामले की जांच की जा रही है।

नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक, सभी विभागों को आपसी समन्वय के निर्देश

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नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक, सभी विभागों को आपसी समन्वय के निर्देश

देहरादून – नंदा देवी राजजात यात्रा 2025 की तैयारियों को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय और सहभागिता के साथ कार्य करें ताकि यात्रा का संचालन सुचारु और सफल हो सके।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि यात्रा की बेहतर व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों, नंदा राजजात यात्रा समिति के सदस्यों और स्थानीय हितधारकों के सुझावों को शामिल करना अनिवार्य है।

उच्च स्तरीय समिति का गठन और अनुभवों से सीख

अधिकारियों को यात्रा के सफल संचालन हेतु एक उच्च स्तरीय समिति के गठन के निर्देश दिए गए। साथ ही पिछली यात्राओं के अनुभवों के आधार पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

बुनियादी सुविधाएं और तकनीकी संसाधन सुनिश्चित करने के निर्देश

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के ठहराव, भोजन, पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, दूरसंचार सुविधाओं को सुदृढ़ करने और यात्रा के दौरान डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे यात्रियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

स्वास्थ्य और आपात सुविधाएं हों तैयार

यात्रा के दौरान हेल्पलाइन नंबर जारी करने, मेडिकल कैंपों की स्थापना, तथा चिकित्सकों और चिकित्सीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।

संस्कृति और पर्यटन का संरक्षण व प्रचार

नंदा देवी राजजात से संबंधित लोक गीतों और लोक कथाओं का अभिलेखीकरण कर उनकी विरासत को संजोने की बात कही गई। साथ ही, पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए कि यात्रा के विभिन्न पड़ावों और सांस्कृतिक महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

यातायात और मूलभूत ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी जोर

यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना (सड़क, पेयजल, शौचालय आदि) की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, जहां से श्रद्धालु और डोलियां यात्रा में सम्मिलित होती हैं।

17 जून से पुनः शुरू होंगी केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं, DGCA रखेगा सख्त निगरानी

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देहरादून15 जून को गौरी माई खर्क में हुए हेलिकॉप्टर हादसे के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा दो दिनों के लिए स्थगित की गई केदारनाथ हेली सेवा अब 17 जून, मंगलवार से पुनः शुरू की जा रही है। मौसम अनुकूल रहने पर हेली सेवाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी।

छह कंपनियों के हेलीकॉप्टर भरेंगे उड़ान

केदारघाटी के विभिन्न हेलिपैड से छह अधिकृत हेली कंपनियों के हेलीकॉप्टर तीर्थयात्रियों को लेकर केदारनाथ के लिए उड़ान भरेंगे। इस दौरान DGCA की टीम प्रत्येक शटल की सख्त निगरानी करेगी और सभी उड़ानें DGCA OC-2-2023 दिशा-निर्देशों के तहत ही संचालित होंगी।

सुरक्षा दिशा-निर्देश हुए और सख्त

DGCA ने सभी हेली ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तकनीकी जांच, मौसम अपडेट और उड़ान संचालन के हर चरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हेली सेवा से जुड़ी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।

UCADA और प्रशासन की पुष्टि

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती सोनिका ने जानकारी दी है कि 17 जून से केदारनाथ के लिए हेली सेवाएं पुनः शुरू की जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्री-मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए यदि मौसम खराब होता है, तो सुरक्षा के लिहाज से उड़ानें स्थगित की जा सकती हैं।

हेली सेवा नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने भी पुष्टि की है कि सेवाएं तय समय के अनुसार ही बहाल की जाएंगी।

कालागढ़ में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप

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कालागढ़ (उत्तराखंड) – कालागढ़ की नई कॉलोनी स्थित आवास संख्या बी-227 में रविवार शाम एक 19 वर्षीय नवविवाहिता तहजिबा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता मंसूर खान की शिकायत पर पति समेत ससुराल पक्ष के पांच सदस्यों के खिलाफ दहेज हत्या और गला घोंटकर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

मृतका के पिता ने अपने दामाद आमान खान पर एक अन्य महिला से प्रेम संबंध रखने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने आशंका जताई है कि इसी कारण उनकी बेटी की हत्या की गई।

जनवरी में हुई थी शादी

जानकारी के अनुसार, आमान खान उत्तराखंड वन विभाग में कार्यरत है और कालागढ़ में अपने सरकारी आवास पर परिवार के साथ रहता है। उसका विवाह इसी वर्ष जनवरी 2025 में बिजनौर के कासमपुरगढ़ी निवासी मंसूर खान की बेटी तहजिबा से हुआ था।

मंसूर खान ने बताया कि रविवार को उन्होंने जब बेटी से संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन नहीं उठा। कुछ देर बाद पड़ोसियों से सूचना मिली कि तहजिबा की मृत्यु हो गई है। जब वे मौके पर पहुंचे, तो देखा कि बेटी का शव पलंग पर पड़ा था और घर के अन्य सदस्य वहां से फरार थे।

दहेज प्रताड़ना और प्रेम प्रसंग का आरोप

मृतका के पिता का आरोप है कि विवाह के बाद से ही तहजिबा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने तहरीर में आमान खान के अलावा उसकी मां, बहन, भाई और भाभी को भी आरोपित किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक युवती का भी जिक्र किया है, जिसके साथ आमान के प्रेम संबंध होने की बात उन्होंने अपनी बेटी से सुनी थी।

मामले की जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा

पुलिस ने आरोपी आमान खान को हिरासत में ले लिया है। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कोटद्वार में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया गया है। सीओ कोटद्वार निहारिका सेमवाल ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर दहेज हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

आमान खान के आवास को सील कर दिया गया है ताकि सभी साक्ष्य सुरक्षित रह सकें। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री खट्टर से की मुलाकात, ऊर्जा व शहरी विकास परियोजनाओं पर मांगा सहयोग

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मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री खट्टर से की मुलाकात, ऊर्जा व शहरी विकास परियोजनाओं पर मांगा सहयोग

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास तथा शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की और उत्तराखंड की प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-हरिद्वार क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत और स्वचालित किए जाने की मांग रखी ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके।

उन्होंने राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं को गति देने के लिए भी विशेष आग्रह किया। इसके तहत:

  • कुमाऊं और अपर यमुना क्षेत्र में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ₹4000 करोड़ के वायबिलिटी गैप फंड की मांग की गई।
  • दुर्गम व पहाड़ी क्षेत्रों में पंप स्टोरेज परियोजनाओं के विकास के लिए ₹3800 करोड़ की अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता जताई।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने विशेष वित्तीय सहायता की भी मांग की, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लाभार्थियों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए बैंकों, एनबीएफसी और अन्य वित्तीय संस्थानों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को मोदीपुरम, मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में यातायात व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ शहरीकरण और आर्थिक विकास को भी गति देगी।

हेलिकॉप्टर हादसों को लेकर सख्त हुए मुख्यमंत्री धामी, हेली सेवाओं पर नई एसओपी के निर्देश

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हेलिकॉप्टर हादसों को लेकर सख्त हुए मुख्यमंत्री धामी, हेली सेवाओं पर नई एसओपी के निर्देश

उत्तराखंड में हाल ही में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेली सेवाओं के संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि राज्य में हेलिकॉप्टर उड़ानों की सुरक्षा में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि हेली सेवाओं के लिए एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाए। इस एसओपी में हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण और समयबद्ध जांच, साथ ही उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य होगा।

तकनीकी समिति का गठन होगा

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए, जो हेली सेवा संचालन से जुड़ी सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और नियमानुसार संचालित हों।

पिछली दुर्घटनाओं की भी होगी दोबारा जांच

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य में अब तक हुई सभी हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति आज की दुर्घटना की भी हर पहलू से गहराई से जांच करे। समिति प्रत्येक दुर्घटना के पीछे के कारणों की पहचान करेगी और दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति करेगी।

तीर्थाटन और आपात सेवाओं में हेली सेवाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हेली सेवाएं तीर्थाटन, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सरकार हरसंभव प्रयास करेगी कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कैंची धाम का 61वां स्थापना दिवस: बाबा नीब करौरी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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कैंची धाम का 61वां स्थापना दिवस: बाबा नीब करौरी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

रविवार को कैंची धाम अपना 61वां स्थापना दिवस मना रहा है। तड़के सुबह से ही बाबा नीब करौरी महाराज के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस वर्ष का कैंची मेला ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिसकी झलक पहले ही देखने को मिल गई थी। शुक्रवार शाम मेले से एक दिन पूर्व ही 10,000 से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच चुके थे।

भोर से शुरू हुई पूजा-अर्चना

रविवार सुबह 4:45 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के देवी-देवताओं और बाबा नीब करौरी महाराज को भोग अर्पित किया गया। इसके साथ ही पारंपरिक मालपुए के प्रसाद का वितरण शुरू हो गया। देशभर से श्रद्धालु कैंची धाम में दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के लिए पहुंच रहे हैं।

शटल सेवा से सुगम आवागमन

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हल्द्वानी, भीमताल, भवाली और नैनीताल से विशेष शटल सेवाएं चलाई जा रही हैं, ताकि यातायात में कोई व्यवधान न हो और श्रद्धालु आसानी से कैंची धाम पहुंच सकें।

मंदिर प्रबंधक ने दी जानकारी

धाम के प्रबंधक प्रदीप साह ‘भय्यू’ ने बताया कि सुबह बाबा को भोग लगाने के साथ ही प्रसाद वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंदिर परिसर में व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रशासन और स्वयंसेवक लगातार कार्यरत हैं।

Kedarnath Helicopter Crash केदारनाथ में हेलीकॉप्टर हादसा: 7 की मौत, 23 महीने की बच्ची भी शामिल

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केदारनाथ में हेलीकॉप्टर हादसा: 7 की मौत, 23 महीने की बच्ची भी शामिल

रविवार सुबह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ। केदारनाथ मार्ग पर आर्यन एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक 23 महीने की बच्ची भी शामिल है। हादसे में हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन राजीव की भी मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद प्रशासन ने अगले आदेश तक हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 5:30 बजे हेलीकॉप्टर गौरी माई खर्क के ऊपर जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हेलीकॉप्टर केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी की ओर जा रहा था। शुरुआती जांच में खराब मौसम को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।हेलीकॉप्टर नोडल अधिकारी राहुल चौबे और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने दुर्घटना की पुष्टि की है। सबसे पहले गौरीकुंड क्षेत्र में घास काट रही नेपाली मूल की महिलाओं ने क्रैश की सूचना दी।

मृतकों की पहचान

हादसे में महाराष्ट्र के जयसवाल परिवार के तीन सदस्य — राजकुमार जयसवाल, श्रद्धा जयसवाल और उनकी 23 महीने की बेटी काशी जयसवाल — की जान चली गई। इनके अलावा तुष्टि सिंह, विनोद नेगी, विक्रम सिंह रावत और पायलट कैप्टन राजीव की भी मौत हुई। विक्रम सिंह रावत बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) में कार्यरत थे।बताया जा रहा है कि हादसे के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई, जिससे सभी शव बुरी तरह झुलस गए।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“जनपद रुद्रप्रयाग में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। बाबा केदार से प्रार्थना है कि सभी यात्रियों को शांति प्रदान करें।”

मखेत गांव में महिला पर हमलावर गुलदार को वन विभाग ने मार गिराया

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मखेत गांव में महिला पर हमलावर गुलदार को वन विभाग ने मार गिराया

रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक स्थित मखेत गांव में एक महिला पर जानलेवा हमला करने वाले गुलदार को आखिरकार वन विभाग की टीम ने ढेर कर दिया। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात एक बजे के बाद की गई, जिसकी सूचना बुधवार सुबह ग्रामीणों को मिली।

घटना मंगलवार शाम की है, जब गांव की रामेश्वरी देवी अपने घर के पास बगीचे में निराई-गुड़ाई कर रही थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पातीं, गुलदार ने उनकी गर्दन पर गंभीर वार कर उन्हें झाड़ियों की ओर घसीट लिया।

शाम करीब साढ़े सात बजे रामेश्वरी देवी का बेटा चंद्रशेखर दुकान से घर लौटा और मां को न पाकर बुजुर्ग पिता से पूछा। पिता ने बताया कि वह खेत गई हैं। खेत पर पहुंचने पर चंद्रशेखर की नजर खून के धब्बों पर पड़ी। शोर मचाने पर अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंचे और खोजबीन शुरू की गई। कुछ देर बाद महिला का शव खेत से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में मिला।

इस घटना से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि गुलदार का आतंक पिछले कई दिनों से बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 30 मई को डांडा गांव में 59 वर्षीय रूपा देवी को भी गुलदार ने खेत में काम करते समय मार डाला था, जबकि 25 फरवरी को देवल गांव में एक बुजुर्ग महिला की भी इसी तरह जान गई थी। इसके बावजूद वन विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी।

ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने बीते दिनों मखेत गांव में शिकारी तैनात किया था, जिसके द्वारा मंगलवार रात को गुलदार को ढेर कर दिया गया।