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थराली में युद्धस्तर पर जारी राहत एवं बचाव अभियान

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर डटी टीमें, सीएम ले रहे पल-पल की अपडेट

मुख्य सचिव पहुंचे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र

थराली में भारी बारिश के कारण थराली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में आए मलबे के बीच राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, एसएसबी, आईटीबीपी की विभिन्न टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। मा0 मुख्यमंत्री स्वयं रेस्क्यू अभियान की निगरानी करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन तथा जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से लगातार पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा राहत एवं बचाव दलों को अपनी पूरी क्षमताओं के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं शनिवार सुबह मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर थराली में संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए चमोली के जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी से अपडेट लिया। उन्होंने आपदा के बाद जल्द से जल्द थराली में स्थिति को सामान्य करने, राहत और बचाव कार्यों को त्वरित गति से संपादित करने, स्थानीय लोगों तक मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। जो भी संसाधनों की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल घटनास्थल में तैनात किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश देते हुए थराली में पेयजल, विद्युत और संचार आपूर्ति को तत्काल बहाल करने तथा सभी विभागों, एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से राहत और बचाव कार्यों को संचालित करने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारी से राहत एवं बचाव कार्यों हेतु शासन स्तर पर किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए तुरंत अवगत कराने के निर्देश दिए।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि थराली तहसील क्षेत्र के टूनरी गदेरे में शुक्रवार देर रात्रि करीब डेढ़ बजे अतिवृष्टि से थराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा आ गया था। मलबे की चपेट में आने से एसडीएम आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। चेपड़ो बाजार, कोटद्वीप बाजार में दुकानों में मलबा भर गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं एसडीआरएफ और एनडीआरफ की टीम आपदा क्षेत्र के लिए रवाना हो गई है। कर्णप्रयाग ग्वालदम सड़क को भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे सुचारू करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

युवती का शव बरामद, मुख्यमंत्री ने जताया दुख
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस दुखद हादसे में अब तक एक युवती का शव बरामद किया जा चुका है। चेपड़ो बाजार में एक अन्य लापता व्यक्ति की तलाश की जा रही है। मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मलबे में दबने से युवती के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना पर उनके सुरक्षित व सकुशल होने की कामना की है। माननीय मुख्यमंत्री ने थराली के निवासियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव दलों द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। सरकार इस मुश्किल घड़ी में थराली के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि थराली में जिन लोगों के भी भवन खतरे की जद में हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए तथा उनके रहने, भोजन, चिकित्सा आदि की समुचित व्यवस्था की जाए।

एसईओसी से निगरानी, तड़के कंट्रोल रूम पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन सुबह ही कंट्रोल रूम पहुंचे और जिलाधिकारी से घटना की पूरी जानकारी ली। वे लगातार माननीय मुख्यमंत्री जी को रेस्क्यू अभियान की पल-पल जानकारी दे रहे हैं। अपर सचिव/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओबैदुल्लाह अंसारी सुबह पांच बजे कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने तुरंत सेना, एसएसबी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ को ग्राउंड जीरो के लिए रवाना किया। वे ग्राउंड जीरो पर कार्य कर रहीं राहत एवं बचाव कार्य कर रहीं विभिन्न एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। साथ ही उनके द्वारा राहत एवं बचाव दलों के मूवमेंट, हेली सेवाओं के साथ ही अन्य संसाधनों को क्रियाशील करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में मौजूद विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों से भी नियमित अपडेट ली जा रही है।

जिलाधिकारी ग्राउंड जीरो पर, प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा
जिला प्रशासन देर रात से ही राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कार्यों का निरीक्षण करते हुए अपने निकट पर्यवेक्षण में राहत एवं बचाव कार्य संचालित करा रहे हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से बात करते हुए संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और जल्द थराली के हालात सामान्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं तथा हरमनी के पास मार्ग सुचारु कर दिया गया है। भारी बारिश को देखते हुए थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि थराली आपदा में राहत हेतु स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर तैनात कर दी गयी है। जिसका विवरण निम्न प्रकार है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में वर्तमान में 04 चिकित्सा अधिकारी, 06 स्टाफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर मय एम्बुलेंस, जीवन रक्षक औषधी सहित अलर्ट पर हैं। वहीं 02 अतिरिक्त 108 एम्बुलैंस एवं 02 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग से तैनाती की गई है। एक अतिरिक्त चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से तैनाती की गई है।

जनप्रतिनिधियों से भी सीएम धामी ने ली जानकारी
मुख्यमंत्री धामी ने चमोली जनपद के जनप्रतिनिधियों से टेलीफोन पर वार्ता कर बादल फटने से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आपदा पर गहरा दुःख जताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने स्थानीय विधायक से वार्ता कर उनसे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यो का भौतिक निरीक्षण करने की अपेक्षी की है।

150 से अधिक अधिकारी/कर्मचारी मौके पर
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वर्तमान में मौके पर जिलाधिकारी संदीप तिवारी, एसपी सर्वेश पंवार के नेतृत्व में एसडीएम थराली, एसडीएम कर्णप्रयाग, सेना, स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसएसबी, अग्निशमन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान, स्वास्थ्य विभाग आदि के लगभग 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों में युद्धस्तर पर जुटे हैं।

वर्तमान तक प्राप्त सूचना के अनुसार 10 से 12 घरों में अत्यधिक मलबा आया है तथा 20 से 25 घरों में आंशिक जल भराव और मलबा आया है। दो घर पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं। आसपास की सड़कों और मार्गों पर भी काफी मालबा जमा है। 10 अलग-अलग मुख्य मार्ग बाधित हुए हैं। विद्युत पोलों व तारों को क्षति पहुंची है। फिलहाल विद्युत सप्लाई बंद की गई है। स्थिति सामान्य होने पर विद्युत आपूर्ति को सुचारू से किया जाएगा। मलबा हटाने के लिए पांच जेसीबी मौके पर कार्य कर रही हैं। गौचर में यूकाडा के हेलीकॉप्टर को स्टैंडबाय में रखा गया है। फिलहाल मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए हैं।

150 से अधिक लोग प्रभावित, तहसील में ठहराया गया
उक्त घटना में लगभग 150 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इन्हें तहसील परिसर में ठहराया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यहां उनके लिए भोजन, पानी, चिकित्सा के साथ ही अन्य मूलभूत जरूतरों की व्यवस्था की गई है। वहीं राहत शिविर हेतु जिलाधिकारी ने सतलुज जल विद्युत निगम का विश्राम गृह व कार्यालय परिसर कुलसारी और गढवाल मण्डल विकास निगम देवाल को तत्काल प्रभाव से अधिकृत करने के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार थराली क्षेत्र में आपदा राहत कार्य तेज गति से

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार थराली क्षेत्र में आपदा राहत कार्य तेज गति से चल रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने आपदा क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण

जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की

राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो को बनाया गया रिलीफ सेंटर

बीती रात तहसील थराली के अन्तर्गत टुनरी गदेरे में पानी बढ़ने के कारण तहसील परिसर, चेपड़ो बाजार, कोटदीप बाजार और कुछ घरों में 1 से 2 फीट मलबा घुस गया और कुछ वाहन भी मलबे में दबे है। रा.उ.नि. थराली द्वारा बताया गया कि ग्राम संगवाड़ा में एक मकान में मलबा आने के कारण एक लड़की मलबे में दब गयी थी जिसके शव को डीडीआरएफ थराली के जवानों के द्वारा रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा अतिवृष्टि के कारण ग्राम चेपड़ो में एक व्यक्ति लापता है जिसकी खोजबीन प्रशासन द्वारा की जा रही है।

जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत-बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं।शनिवार को मौके पर जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग, डीडीआरएफ
के 07 जवान, एनडीआरएफ के 27 जवान, एसडीआरएफ के 12 जवान, एसएसबी ग्वालदम के 12 जवान, बीआरओ, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की तैनाती कर दी गयी है ।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 04 चिकित्साधिकारी, 06 स्टाॅफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर मय एम्बुलेंस जीवन रक्षक औषधि सहित एलर्ट मोड पर है, इसके अतिरिक्त दो 108 एम्बुलेंस एवं 02 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग में तैनात कर दी गयी है। अतिरिक्त 02 चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से भी तैनाती की गयी है।उन्होंने बताया राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो में रिलीफ सेंटर बनाया गया है।साथ ही लोगों को रिलीफ सेंटर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गयी है।

जिलाधिकारी ने बताया मौके पर जेसीबी मशीन, रस्सी, वुड कटर, स्ट्रैचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं आपदा स्थल पर भेज दी गयीं हैं।भारी बारिश को देखते हुए आज थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

गैरसैण चाय बनाते वायरल हो गए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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गैरसैण चाय बनाते वायरल हो गए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हमेशा सोशल मीडिया में सुर्खिया बटोर लेते है मिलनसार होने के साथ साथ वो छोटे से लेकर बड़े सबको साथ में लेने का हुनर बखूबी जानते है मॉर्निंग वाक उनकी रोज़ाना दिनचर्चा का पार्ट है अकसर वो अपने दौरों पर वाक करते लोगो से मिलते वायरल होते रहे है गैरसैण में चार दिनों से सत्र को लेकर मौजूद रहने वाले धामी यहाँ भी वायरल हो रहे है वजह साफ है वाक के साथ चाय बनाते उनके वीडियो फोटो

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुबह-सुबह भराड़ीसैंण में न सिर्फ चाय की चुस्कियों का आनंद लेते दिखे, बल्कि चाय बनाते भी नजर आए। सीएम धामी विधानसभा सत्र के लिए यहां पहुंचे थे। सत्र कल बुधवार को खत्म हो गया है।

बृहस्पतिवार को सीएम धामी मॉर्निंग वॉक पर निकले। और चंद्र सिंह नेगी के प्रतिष्ठान पर चाय बनाने के साथ ही चुस्कियों का आनन्द लिया। इस दौरान उपस्थित स्थानीय लोगों की कुशलक्षेम जानी और उनसे बात कर सरकार द्वारा संचालित विकासपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक भी लिया।

सारकोट ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी मुख्यमंत्री धामी से मिली

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने सारकोट हेतु भराड़ीसैंण से सड़क स्वीकृति तथा कार्य प्रारंभ होने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। साथ ही, ग्राम में पूर्व में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों के लिए भी उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने इस अवसर पर गांव में जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु सोलर फेंसिंग की व्यवस्था, आंतरिक सड़कों के समुचित सुधार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वरोजगार से जोड़ने, गांव के मार्गों पर सोलर लाइट लगाने तथा निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में बाल रोग एवं महिला रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने ग्राम प्रधान को बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि प्रस्तुत सभी विषयों का उचित समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सारकोट आने वाले समय में प्रदेश के अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत और आदर्श बनेगा। इस अवसर पर अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली भी उपस्थित रहे।

डीएम का सख्त रुख बना नजीर महज उम्रदराज होना बहु-बच्चों को बेघर करने का लाइसेंस नहीं : डीएम

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महज उम्रदराज होना बहु-बच्चों को बेघर करने का लाइसेंस नहीं : डीएम

देहरादून, जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश एक मार्मिक प्रकरण में डीएम ने साफ संदेश दिया है कि सिर्फ बुजुर्ग होना किसी को अपने बेटे-बहू और मासूम पोती को बेदखल करने का अधिकार नहीं देता। फ्लैट के लालच में राजपत्रित पद से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग पिता ने अपने ही अल्प वेतनभोगी, बीमार बेटे और बहू को चार साल की पोती सहित घर से निकालने की कोशिश की थी। डीएम कोर्ट ने दो ही सुनवाइयों में मामले की सच्चाई परखते हुए पीड़ित परिवार को घर में पुनः प्रतिस्थापित कर न्याय दिलाया।

प्रकरण में पिता ने भरणपोषण अधिनियम के तहत बेटे के खिलाफ वाद दायर कर यह आरोप लगाया था कि बेटा-बहू उनसे मारपीट करते हैं और देखभाल नहीं करते। सुनवाई के दौरान जांच में सामने आया कि पिता शारीरिक रूप से सक्षम हैं और माता-पिता की कुल आय ₹55,000 प्रतिमाह है, जबकि बेटे अमन वर्मा और बहू मीनाक्षी की संयुक्त आय मात्र ₹25,000 है।

डीएम कोर्ट ने पाया कि बुजुर्ग दंपती ने अपने निजी स्वार्थ के लिए कानून का दुरुपयोग करते हुए परिवार को घर से निकालने का षड्यंत्र रचा था। उन्होंने बेटे के परिवार को पहले बाहरी लोगों से पिटवाया और फिर कोर्ट में झूठा मामला दाखिल किया।

डीएम का सख्त रुख बना नजीर

डीएम ने भरणपोषण अधिनियम का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वाद को खारिज किया और लाचार दंपती को पुनः घर में बसाने का आदेश दिया। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को निर्देश दिए गए कि दोनों पक्षों के निवास पर हर माह दो बार निरीक्षण कराया जाए ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी पक्ष को उसके कानूनी अधिकार से वंचित न किया जाए।

यह मामला संगीता वर्मा बनाम अमन वर्मा के रूप में दर्ज था, जिसमें पिता की मासिक पेंशन ₹30,000 और मां की ₹25,000 थी, जबकि पुत्र अमन वर्मा निजी क्षेत्र में कार्यरत है और उसकी आय ₹25,000 है। अमन के परिवार में एक चार साल की पुत्री भी है, जिसकी देखभाल और पालन-पोषण एक संवेदनशील विषय है।

प्रचलित सोच को झकझोरने वाला निर्णय

डीएम कोर्ट का यह निर्णय उन सभी मामलों के लिए मिसाल बन गया है, जहां बुजुर्ग अपने अधिकारों की आड़ में अपने ही परिवार को प्रताड़ित कर रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि भरणपोषण अधिनियम का उद्देश्य असहाय बुजुर्गों को संरक्षण देना है, न कि इसका दुरुपयोग कर पीढ़ियों के बीच की खाई को बढ़ाना।

डीएम ने यह भी कहा कि कानून की आड़ में निर्दोषों को बेघर करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी।

इस ऐतिहासिक निर्णय से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन केवल बुजुर्गों के अधिकारों का ही नहीं, बल्कि परिवार की अन्य कमजोर इकाइयों — बहू, बच्चे, और नौनिहालों — के अधिकारों का भी बराबरी से संरक्षण करेगा।


मुख्य बिंदु संक्षेप में:

  • पिता ने झूठा मामला दर्ज कर बेटे-बहू को बेदखल करने की कोशिश की
  • डीएम ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद पुत्र को पुनः घर में बसाने का आदेश दिया
  • एसएसपी को परिवार की सुरक्षा और माहवारी निरीक्षण के निर्देश
  • भरणपोषण अधिनियम के दुरुपयोग को रोकने की सख्त चेतावनी
  • यह फैसला समान प्रकृति के मामलों में नजीर बनेगा

हंगामे की भेंट चढ़ा विधानसभा का मानसून सत्र, डेढ़ दिन में सिमटी कार्यवाही

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हंगामे की भेंट चढ़ा विधानसभा का मानसून सत्र, डेढ़ दिन में सिमटी कार्यवाही उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र विपक्ष के भारी हंगामे के कारण समय से पहले ही समाप्त हो गया। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों की सभी कार्यवाही रोककर चर्चा की मांग के चलते प्रस्तावित चार दिवसीय सत्र महज डेढ़ दिन में सिमट गया।

बुधवार को सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा किया। उन्होंने विधानसभा सचिव की मेज पर पुस्तकें पटकते हुए और पीठ की ओर पर्चे उछालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस कारण सदन की कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ा, और प्रश्नकाल एक बार फिर नहीं हो सका।

हालांकि हंगामे के बीच 55 मिनट तक चली कार्यवाही में अनुपूरक विनियोग सहित नौ विधेयकों को पारित किया गया। साथ ही विभिन्न विधायकों की सूचनाएं ध्यानाकर्षण के लिए स्वीकार की गईं। इसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

कांग्रेस विधायक मंगलवार से ही सदन में डटे हुए थे और बुधवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले ही अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंचकर सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विपक्ष से शांति बनाए रखते हुए प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन विधायकों ने बात नहीं मानी।

स्थिति को देखते हुए कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए स्थगित की गई। जब कार्यवाही फिर शुरू हुई तो विपक्ष ने नारेबाजी और तीव्र कर दी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने नैनीताल की घटना को इसका प्रमुख उदाहरण बताया।

इस दौरान कुछ कांग्रेस विधायक विधानसभा सचिव की मेज पर पुस्तकें पटकने लगे और उन्हें फाड़कर पीठ की ओर उछाल दिया। अध्यक्ष ने विधायकों से ऐसा न करने की अपील की, मगर कोई असर नहीं पड़ा। अंततः सदन को 35 मिनट के लिए फिर स्थगित करना पड़ा।

सदन को चलने दो, जनता की आवाज़ को उठने दो” — सत्तापक्ष ने विपक्ष पर साधा निशाना

विधानसभा सत्र के दौरान जारी हंगामे के बीच सत्तापक्ष के विधायकों ने भी जवाबी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायकों को कुछ पोस्टरनुमा कागज दिखाए, जिन पर लिखा था — “सदन को चलने दो, जनता की आवाज़ पहुंचने दो” और “विपक्ष अवैध मदरसों को क्यों बंद नहीं होने देना चाहता?”

इन नारों को लेकर कांग्रेस ने सत्तापक्ष के इस व्यवहार को “ड्रामा” बताते हुए उसकी आलोचना की। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। स्थिति बिगड़ने से पहले विधानसभा के सुरक्षा कर्मियों ने कुछ विधायकों की मेजों से ऐसे कागज हटाकर जब्त कर लिए।

विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल गैरसैण हमेशा याद करेगा विपक्ष आचरण

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विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल गैरसैण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा सत्र विपक्ष ने नैनीताल प्रकरण को लेकर जमकर हंगामा किया, जिसके चलते प्रश्नकाल नहीं हो सका। नेता सदन पुष्कर सिंह धामी जब सदन को संबोधित कर रहे थे, उस समय विपक्ष ने सरकार की बात सुने बिना विरोध शुरू कर दिया। यह विरोध देर रात तक जारी रहा।

विपक्ष ने जिला अधिकारी और एसएसपी को हटाने की मांग को लेकर आक्रोश जताया, जबकि सरकार ने बेतालघाट प्रकरण में पहले ही दो पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी थी। इसके बावजूद विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और प्रदर्शन तेज करता रहा।

हद तो तब हो गई जब विपक्ष ने सदन में बिस्तर तक बिछा लिए और रात भर वहीं रुका। सदन की कार्यवाही से जुड़े दस्तावेजों को फाड़ने और टेबल पलटने जैसी घटनाएं भी सामने आईं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस तरह के व्यवहार से राज्य की छवि राष्ट्रीय स्तर पर बिहार जैसे राज्यों से तुलना के रूप में की जा रही है, जिसे लेकर आम जनता और जानकार वर्ग में चिंता जताई जा रही है।

गैरसैण जैसे संवेदनशील और प्रतीकात्मक स्थल पर विपक्ष का ऐसा आचरण न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता से जुड़े मुद्दे सत्र के पहले दो दिनों में पूरी तरह से हाशिए पर चले गए।
जनता को उम्मीद थी कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि गंभीरता से राज्य के मुद्दे उठाएंगे, लेकिन हंगामे और प्रदर्शन ने लोकतंत्र के इस मंच की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजभवन में स्वल्पाहार कार्यक्रम आयोजित

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजभवन में स्वल्पाहार कार्यक्रम आयोजित स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राजभवन में एक स्वल्पाहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने “संवैधानिक नेतृत्व: प्रेरक अभिव्यक्ति” नामक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक राजभवन सूचना परिसर द्वारा प्रकाशित की गई है, जिसमें राज्यपाल द्वारा दिए गए विधानसभा सत्रों के अभिभाषणों के साथ-साथ राज्य स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के भाषणों को संकलित किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक “एक शाम सैनिकों के नाम” का भी लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक में दिनांक 14 जनवरी 2025 को सशस्त्र बल वयोवृद्ध दिवस के अवसर पर राजभवन देहरादून और 11 जून 2025 को राजभवन नैनीताल में आयोजित कार्यक्रमों की गतिविधियों को दस्तावेजीकृत किया गया है। यह पुस्तक “एक शाम सैनिकों के नाम – 2025” शीर्षक से प्रकाशित की गई है।

इस आयोजन में पूर्व महाराष्ट्र राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सतपाल महाराज सहित कई सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में किया ध्वजारोहण

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भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बच्चों को राष्ट्रीय पर्व की शुभकामनाएं दीं।

मुख्य सचिव ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले ज्ञात एवं अज्ञात वीरों को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन उन असंख्य बलिदानियों की स्मृति में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है, जिनके त्याग और समर्पण के कारण हमें स्वतंत्रता मिली।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। यह लक्ष्य केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि राज्य के सतत प्रयासों और कठिन परिश्रम का प्रतिबिंब है। राज्य ने हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, जिससे हम सशक्त उत्तराखण्ड की दिशा में तेजी से अग्रसर हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की महिला शक्ति और युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी से उत्तराखण्ड को देश के श्रेष्ठतम राज्यों की श्रेणी में लाना संभव हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षा के अनुरूप वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रयासों में उत्तराखण्ड की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्य को मैन्युफैक्चरिंग हब, स्किल हब, आयुष प्रदेश और वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी फसलें, मोटे अनाज और स्थानीय उत्पाद राज्य की आजीविका को मजबूती देने में सक्षम हैं। छोटे और मध्यम किसानों को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार गंभीर प्रयास कर रही है।

प्रशासनिक सुधारों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सचिवालय और जनपद स्तर से गवर्नेंस रिफॉर्म्स की शुरुआत की जा रही है। साथ ही, प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को देखते हुए कैपेसिटी बिल्डिंग अभियान की आवश्यकता भी रेखांकित की।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में परियोजनाओं की ऑनलाइन अनुश्रवण और मूल्यांकन हेतु पीएम गति शक्ति पोर्टल (स्टेट) पर कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत विभिन्न योजनाओं जैसे कैपिटल असिस्टेंस योजना, मिसिंग लिंक योजना, मुख्यमंत्री घोषणाएं, ई-समीक्षा आदि की निगरानी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आवास विभाग का ऑनलाइन एप्लीकेशन सिस्टम भारत सरकार द्वारा “बेस्ट प्रैक्टिस” की श्रेणी में शामिल किया गया है।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती जनपदों उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के 51 गांवों का चयन कर उनके बहुमुखी विकास की योजना बनाई गई है। वहीं, ‘अपुणि सरकार’ पोर्टल को भारत सरकार द्वारा बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में मान्यता मिली है।

जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य द्वारा स्प्रिंग एवं रिवर रीजुविनेशन अथॉरिटी का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य जल स्रोतों का पुनर्जीवन और सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही ‘हाउस ऑफ हिमालय’ जैसे ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्य सचिव ने सचिवालय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह न केवल प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि विकास की दिशा तय करने वाला संस्थान भी है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ करें, ताकि राज्य और समाज निरंतर प्रगति कर सके।

उन्होंने सभी को आह्वान किया कि वे ईमानदारी, दक्षता और नवाचार की भावना के साथ कार्य करें, जिससे देश के विकास में हर निर्णय और हर प्रयास सकारात्मक भूमिका निभा सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, श्री एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव, अपर सचिव सहित सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया। इस मौके पर उन्होंने सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। साथ ही उन्होंने हाल ही में धराली व अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, शोकसंतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आपदा प्रभावित इलाकों में पुनर्वास कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीदों के सपनों के अनुरूप भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड में नवनिर्माण एवं पुनर्निर्माण के कार्य तेज़ी से चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध है और आने वाले 25 वर्षों की व्यापक योजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है। जनसहयोग से उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलवीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय में भी ध्वजारोहण किया। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।