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मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कर युवाओं ने जताया आभार — मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुँचा

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मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कर युवाओं ने जताया आभार — मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुँचा

देहरादून:उत्तराखंड युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में एक युवा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के लिए रोजगार प्रयासों और अन्य जनहित के मुद्दों पर लिए गए निर्णयों को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना

भाजयुमो महामंत्री मुलायम सिंह रावत ने कहा:

“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी युवाओं के लिए हर मोर्चे पर संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। उनकी सरकार ने जिस तरह युवाओं की बात सुनी और समाधान के लिए पहल की, वह सराहनीय है।”

युवा वर्ग की ओर से धन्यवाद

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में युवाओं से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेने और उनकी बेहतरी के लिए लगातार प्रयास करने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। युवा मोर्चा ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को बेहतर अवसर और सुरक्षित भविष्य मिलेगा।

स्पा सेंटर बंद कीजिए सरकार” — राकेश उत्तराखंडी की मुख्यमंत्री धामी से गुहार

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स्पा सेंटर बंद कीजिए सरकार” — राकेश उत्तराखंडी की मुख्यमंत्री धामी से गुहार

देहरादून: राजधानी में बढ़ते स्पा सेंटरों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राकेश उत्तराखंडी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि राज्य में चल रहे ऐसे सभी स्पा सेंटरों को तत्काल बंद किया जाए, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक मर्यादाओं के विरुद्ध हैं।

मुख्यमंत्री का आश्वासन:

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस विषय पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और गरिमा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यवसाय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

मुख्यमंत्री से युवाओं की मुलाकात

उत्तराखंड युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत के नेतृत्व में युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, UKSSSC घोटाले में CBI जांच और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार की सक्रियता को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

राकेश उत्तराखंडी का बयान:

रुद्रसेना देवभूमि उत्तराखंड-हिमाचल के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी ने कहा:

“कुछ दिन पूर्व मेरे संज्ञान में राज्य में चल रहे स्पा सेंटरों की गतिविधियाँ आईं। मैंने खुद कई स्थानों पर जाकर हालात देखे और पाया कि ये केंद्र देवभूमि की संस्कृति को चोट पहुँचा रहे हैं। इस पर तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है।”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की सरकार पहले भी लव जिहाद, लैंड जिहाद, अवैध मदरसे और डेमोग्राफिक बदलाव जैसे संवेदनशील मामलों पर कठोर निर्णय ले चुकी है। अब समय है कि स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे अनैतिक धंधों पर भी लगाम लगाई जाए।

UKSSSC घोटाले पर युवाओं की भूमिका

पूर्व में UKSSSC पेपर लीक मामले में भी राकेश उत्तराखंडी और मुलायम सिंह रावत ने युवाओं के साथ मिलकर CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। मुख्यमंत्री धामी ने उनकी मांगें स्वीकार करते हुए CBI जांच के आदेश दिए और परीक्षा को रद्द किया।

मुख्यमंत्री को धन्यवाद

मुख्यमंत्री आवास पहुंचे युवाओं ने प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता देने और पारदर्शी प्रशासन देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

देहरादून में तेज़ रफ्तार का कहर — भाजयुमो महामंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट की सड़क हादसे में मौत

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देहरादून में तेज़ रफ्तार का कहर — भाजयुमो महामंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट की सड़क हादसे में मौत

देहरादून, शुक्रवार:
राजधानी देहरादून में एक बार फिर तेज़ रफ्तार ने एक ज़िंदगी छीन ली। शुक्रवार देर शाम सेंट ज्यूड चौक के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महामंत्री जितेंद्र सिंह बिष्ट की मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिष्ट डीएवी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष भी थे और हादसे के समय अपने ऑफिस से बाहर निकलकर सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान एक वर्कशॉप से टेस्टिंग के लिए निकली तेज़ रफ्तार कार अनियंत्रित होकर आई और उन्हें ज़ोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में मौके पर ही बिष्ट गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कार वर्कशॉप से निकली थी टेस्टिंग के लिए

पुलिस के अनुसार, हादसे की वजह बनी कार एक वर्कशॉप से टेस्टिंग के लिए बाहर निकाली गई थी। प्रारंभिक जांच में कार की रफ्तार काफी अधिक बताई जा रही है और वाहन पर चालक का नियंत्रण नहीं रहा।

शोक की लहर

जितेंद्र सिंह बिष्ट की असामयिक मृत्यु से भाजयुमो कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय में शोक की लहर है। पार्टी नेताओं ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है और परिवार को सांत्वना दी है।

बच्चों की सुरक्षा पर मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश – कफ सिरप बिक्री पर statewide निगरानी, 350 से अधिक सैंपल लिए गए, दर्जनों मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में औषधि विभाग का व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 350 से अधिक कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। कई अन्य विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड में ऐसा कोई सिरप न बिके, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने। यह सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।”

राज्यभर में औचक निरीक्षण अभियान तेज

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर प्रदेश के सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमें सक्रिय हैं। मेडिकल स्टोर्स, होलसेल डिपो, फार्मा इंडस्ट्री और बच्चों के अस्पतालों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार प्रतिदिन अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी के निर्देशन में यह अभियान चरणबद्ध रूप से जारी है।

देहरादून में बड़े स्तर पर कार्रवाई

औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जॉलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किए गए।
बच्चों की सर्दी-खांसी की कुछ दवाएँ अलग से भंडारित पाई गईं, जिन्हें मौके पर ही सील कर बिक्री पर रोक लगा दी गई।
एक मेडिकल स्टोर को बंद किया गया और 11 औषधियों के नमूने जांच हेतु लिए गए। निरीक्षण के दौरान SYP. Coldrif, SYP. Respifresh-TR और SYP. Relife जैसी प्रतिबंधित दवाएँ स्टोर्स पर नहीं मिलीं।

ऋषिकेश, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी छापेमारी

  • ऋषिकेश: औषधि निरीक्षक निधि रतूड़ी की टीम ने राजकीय एसपीएस चिकित्सालय और जॉलीग्रांट क्षेत्र में निरीक्षण किया। जहाँ बच्चों के सिरप अलग से भंडारित पाए गए, उन्हें सील कर दिया गया।
  • हल्द्वानी: मुखानी क्षेत्र में सात मेडिकल स्टोर्स की जांच की गई, जिनमें से दो से कफ सिरप के नमूने लिए गए।
  • अल्मोड़ा और बागेश्वर: औषधि निरीक्षकों ने औचक जांच के दौरान तीन सिरप के नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए।

मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट संदेश — “बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “प्रत्येक मेडिकल स्टोर, अस्पताल और फार्मा यूनिट की जांच सुनिश्चित की जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

स्वास्थ्य मंत्री की अपील — “डॉक्टर और फार्मासिस्ट जिम्मेदारी निभाएं”

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बाल चिकित्सकों से अपील की कि वे दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न लिखें।
उन्होंने कहा कि “डॉक्टर और फार्मासिस्ट दोनों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सेहत को सर्वोपरि रखें।”

स्वास्थ्य सचिव की चेतावनी — “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

FDA आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि “हर जिले की टीम से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है और जहाँ भी लापरवाही पाई जाएगी, वहाँ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

अभियान जारी रहेगा जब तक असुरक्षित दवाइयाँ पूरी तरह समाप्त नहीं

अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है— राज्य के नागरिकों, विशेषकर बच्चों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियाँ ही मिलें।
उन्होंने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से असुरक्षित औषधियों का पूर्ण उन्मूलन नहीं हो जाता।

उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षा निरस्त

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उत्तराखंड: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को प्रस्तावित परीक्षा निरस्त देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 21 सितंबर, 2025 को आयोजित की गई प्रतियोगी परीक्षा को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। आयोग की ओर से परीक्षा निरस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच हेतु सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया था। आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी है।

मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, सीबीआई जांच की संस्तुति

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि,

“आयोग ने सीमित समय में अधिकतम जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की, जो सराहनीय है। राज्य सरकार इस रिपोर्ट का परीक्षण कर अभ्यर्थियों के हित में आगे का निर्णय लेगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके।

भविष्य में सुधार के संकेत

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि:

“हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की कोई गुंजाइश न रहे। हमारा उद्देश्य अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का राज्य की परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल रखना है।”

सियासी विवाद को मिल सकती है राहत

परीक्षा रद्द किए जाने के साथ ही इस मुद्दे पर लंबे समय से जारी राजनीतिक घमासान को भी विराम लगने की उम्मीद की जा रही है। सरकार के इस फैसले को परीक्षा में गड़बड़ी से प्रभावित हुए अभ्यर्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बिहार चुनाव 2025: ओपिनियन पोल में NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

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बिहार चुनाव 2025: ओपिनियन पोल में NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में जारी हुए शुरुआती ओपिनियन पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। जनता का मूड फिलहाल स्पष्ट नहीं है, और मतदाता दोनों पक्षों को बराबरी की टक्कर दे रहे हैं।

क्या कहता है ओपिनियन पोल?

ओपिनियन पोल के शुरुआती रुझानों के अनुसार:

  • NDA को लगभग 42% वोट शेयर मिलने का अनुमान है।
  • वहीं, महागठबंधन (जिसमें RJD, कांग्रेस, और वाम दल शामिल हैं) को 41-42% वोट शेयर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
  • अन्य पार्टियों और निर्दलीयों को 16-17% वोट मिलने की संभावना है।

इस आंकड़े से यह साफ हो रहा है कि मुकाबला बेहद रोमांचक और नजदीकी हो सकता है। सीटों का गणित छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगा।

मुख्य चेहरे और मुद्दे

  • NDA की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से चेहरा बने रहेंगे, हालांकि BJP की भूमिका भी इस बार ज्यादा निर्णायक मानी जा रही है।
  • महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को चुनौती देने वाला प्रमुख चेहरा माना जा रहा है, जो रोजगार और शिक्षा को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।
  • जनता के बीच मुख्य मुद्दों में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कानून-व्यवस्था सबसे ऊपर हैं।

छोटे दल बन सकते हैं किंगमेकर

ओवैसी की AIMIM, चिराग पासवान की LJP (रामविलास), उपेन्द्र कुशवाहा की RLM जैसी पार्टियाँ सीमित सीटों पर लड़कर NDA या महागठबंधन की किस्मत को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में ये दल संभावित किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं।

क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा रुझान बरकरार रहते हैं तो बिहार में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है, जिसमें सरकार गठन के लिए गठबंधन की राजनीति और भी जटिल हो जाएगी।


निष्कर्ष: चुनावी समर का बिगुल बज चुका है

बिहार चुनाव 2025 को लेकर भले ही अभी मतदान में समय हो, लेकिन ओपिनियन पोल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुकाबला बेहद कांटे का होने जा रहा है। दोनों प्रमुख गठबंधन रणनीति में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहेंगे। अगला चुनाव न सिर्फ बिहार की राजनीतिक दिशा तय करेगा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी सियासी संकेत देगा।

मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला लंदन फोर्ट अब ‘सोरगढ़ किला’

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मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला लंदन फोर्ट अब ‘सोरगढ़ किला’ मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के लिए 1029 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विभिन्न विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन के लिए कुल ₹1029 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों और राज्य योजना के तहत दी गई है।

स्थानीय निकायों को बड़ा बजट

मुख्यमंत्री ने पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत:

  • गैर निर्वाचित निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय छमाही के लिए ₹3 करोड़,
  • जिला पंचायतों को तृतीय त्रैमासिक किश्त के रूप में ₹361.25 करोड़,
  • शहरी स्थानीय निकायों को तृतीय त्रैमासिक किश्त हेतु ₹333.25 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

आपदा प्रबंधन हेतु विशेष प्रावधान

मानसून के दौरान संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए:

  • हरिद्वार जनपद के लिए आपदा न्यूनीकरण निधि से ₹1 करोड़,
  • उत्तरकाशी जिले के धराली और स्यानाचट्टी जैसे क्षेत्रों में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत हेतु ₹3 करोड़ अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है।

इसके अलावा, विभिन्न जनपदों और विभागों को आपदा मोचन निधि से:

  • राजस्व परिषद देहरादून को ₹2 करोड़,
  • देहरादून जनपद को ₹16 करोड़,
  • उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को ₹25 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

पौड़ी और यमकेश्वर को मिला अतिरिक्त बजट

पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में चार सेतुओं के उच्चीकरण और एक मोटर मार्ग निर्माण हेतु ₹18.23 लाख की स्वीकृति दी गई है।
वहीं, विकासखण्ड यमकेश्वर के दिवोगी कान्द्रा भवालातोक में विन नदी के किनारे बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए ₹2.58 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

जेसीबी व मलबा हटाने के कार्यों के लिए स्वीकृति

प्राकृतिक आपदा से सड़कों पर आए मलबे को हटाने हेतु तैनात जेसीबी मशीनों और पूर्व वर्षों के बकाया भुगतानों के लिए 13 जनपदों को प्रति जनपद ₹2 करोड़ की दर से कुल ₹26 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

लंदन फोर्ट अब ‘सोरगढ़ किला’ के नाम से जाना जाएगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में स्थित ऐतिहासिक लंदन फोर्ट का नाम बदलकर ‘सोरगढ़ किला’ रखने की घोषणा की है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। यह निर्णय स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

भाजपा युवा मोर्चा में कुमाऊं-गढ़वाल बैलेंस का फार्मूला, विपुल मैंदोली बने प्रदेश अध्यक्ष

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भाजपा युवा मोर्चा में कुमाऊं-गढ़वाल बैलेंस का फार्मूला, विपुल मैंदोली बने प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश इकाई में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही संगठन ने कुमाऊं-गढ़वाल के बीच संतुलन साधने की स्पष्ट कोशिश की है। ऋषिकेश निवासी विपुल मैंदोली को युवा मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे लंबे समय से युवा मोर्चा से जुड़े हुए हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। माना जा रहा है कि विपुल मैंदोली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के करीबी माने जाते हैं।

इस पद को लेकर पिछले कई महीनों से चर्चाएं जारी थीं, और कई वरिष्ठ नेताओं की नजरें भी इस अहम जिम्मेदारी पर थीं। लेकिन तमाम दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने मैंदोली के नाम पर मुहर लगाई।

युवा वर्ग को साधने की रणनीति

साल 2027 में प्रस्तावित उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने युवा मोर्चा के माध्यम से युवा वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है। यही वजह है कि संगठन के इस बदलाव को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई टीम में कुछ नए चेहरों को भी शामिल किए जाने की संभावना है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।

महामंत्री पदों पर भी संतुलन

भाजपा ने दो प्रदेश महामंत्रियों की भी घोषणा की है:

  • दीपेंद्र कोश्यारी, नैनीताल निवासी और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे
  • मुलायम सिंह रावत, टिहरी निवासी

दीपेंद्र कोश्यारी की यह सक्रिय राजनीति में नई पारी मानी जा रही है। लंबे समय से उनके किसी पद पर नियुक्त होने की चर्चा थी, लेकिन अब युवा मोर्चा के महामंत्री के रूप में उन्हें जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मुलायम सिंह रावत भी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और उन्हें टिहरी गढ़वाल से संगठनात्मक संतुलन साधने के लिए अहम भूमिका सौंपी गई है।

दिल्ली दरबार से संतुलन की मुहर

सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व युवा मोर्चा का अध्यक्ष पद कुमाऊं मंडल को देने की योजना में था, लेकिन जिन दो नामों पर सहमति नहीं बन पाई, उनके स्थान पर नया नाम तलाशा गया और अंततः विपुल मैंदोली पर सहमति बनी।

पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष शंशाक रावत, जो बच्ची सिंह रावत के बेटे हैं, के कार्यकाल को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया रही। उनके प्रदर्शन को लेकर दिल्ली नेतृत्व पूरी तरह संतुष्ट नहीं था, यही कारण रहा कि उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया गया।

फिलहाल, दोनों महामंत्री — दीपेंद्र कोश्यारी (कुमाऊं) और मुलायम सिंह रावत (गढ़वाल) — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करीबी माने जाते हैं, जिससे नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल की उम्मीद की जा रही है।

बद्री-केदार धाम पहुंचे मुकेश अंबानी, की विशेष पूजा-अर्चना

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बद्री-केदार धाम पहुंचे मुकेश अंबानी, की विशेष पूजा-अर्चना

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। हर साल की तरह इस बार भी अंबानी परिवार की उत्तराखंड चारधाम यात्रा की परंपरा जारी रही।

सुबह लगभग 8:00 बजे मुकेश अंबानी विशेष विमान से देहरादून एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वह अपने सहयोगियों के साथ दो हेलिकॉप्टरों के माध्यम से बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए। दोनों पवित्र स्थलों पर उन्होंने विधिवत दर्शन और पूजा संपन्न की।

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दर्शन के बाद अंबानी दोपहर में देहरादून लौट आए और फिर अपने निजी विमान से मुंबई के लिए रवाना हो गए।

गौरतलब है कि अंबानी परिवार बीते कई वर्षों से चारधाम यात्रा करता आ रहा है और बद्री-केदार धामों में विशेष आस्था रखता है। उनके आगमन से न केवल धार्मिक स्थलों में एक नई ऊर्जा महसूस होती है, बल्कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच भी उत्साह का माहौल बन जाता है।

नशा मुक्त दून के लिए महा आगाज, नशे के सौदागरों, पैडलरों पर शिकंजा कसने की तैयारी

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मुख्यमंत्री के विजन ‘‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’’ के संकल्प को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रभावी रणनीति तैयार कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक हुई। जिसमें नशीले पदार्थो के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विभागों को समन्वय बनाते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि राजधानी में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में संचालित दवा फैक्ट्री एवं मेडिकल स्टोर का निरंतर निरीक्षण करते हुए नशीले पदार्थो की रोकथाम हेतु सघन जांच की जाए। सभी मेडिकल स्टोर पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी स्थापित कराए जाए। जिलाधिकारी ने सीएमओ को पर्याप्त संख्या में ड्रग्स टेस्टिंग किट खरीदने और स्पेशल टास्क फोर्स के माध्यम से सभी सरकारी, गैर सरकारी कॉलेज, यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षण संस्थानों में वृहद स्तर पर ड्रग्स टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए। इसके लिए डीएम ने स्वास्थ्य महकमे को मौके पर ही फंड स्वीकृत किया। डीएम ने कहा कि प्रत्येक माह नियमित रूप से एंट्री ड्रग्स गतिविधियों की समीक्षा की जाए। जिलाधिकारी की पहल पर जिला स्तर से पब्लिक हेल्पलाइन नबंर, डेडिकेटेड सेल बनाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने स्कूलों में गठित एंटी ड्रग्स समिति को सीधे एसटीएफ से लिंक करवाने के निर्देश भी दिए है, ताकि एंटी ड्रग्स गतिविधियों का त्वरित कम्यूनिकेशन हो सके।

जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को रायवाला ओल्ड एज होम को शीघ्र नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को सभी नशा मुक्ति केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने और स्थानीय स्तर पर तैनात पटवारी व पुलिस से संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट लेने को कहा। जिलाधिकारी ने विद्यालयों के आसपास एवं नशा के संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाने, निजी एवं शासकीय सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी को सक्रिय करने, समितियों के नाम की सूची उपलब्ध कराने, नशीले पदार्थो के अवैघ कारोबार की सूचना देने हेतु शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर के माध्मय से मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 और एनसीवी मानस पोटर्ल का व्यापक प्रचार प्रसार कराने और हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए। ताकि नशे के अवैघ करोबार को जड़ से खत्म किया जा सके।

जिलाधिकारी ने मादक पदार्थो की डिमांड एवं सप्लाई चौन को तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी औषधि नियंत्रक सहित सभी प्रर्वतनकारी संस्थाओं को मिलकर काम करते हुए प्रवाभी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्षो का विशलेषण करते हुए मादक पदार्थो के कारोबार में सलिप्त नेटवर्क और लिंकेज का पता लगाया जाए। सड़कों पर यातायात नियमों की चौकिंग के दौरान ड्रग्स टेस्टिंग भी की जाए। मादक पदार्थों के प्रचलन को रोकने और इसके दुष्प्रभावों के बारे में वृहद स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाए। आशा वर्कर, सेविका, सहायिका के माध्यम से गांव-गांव तक नागरिकों को नशीले पदार्थों के सेवन से बचने के लिए जागरूक किया जाए। प्रत्येक नागरिक को मानस हेल्पलाइन नंबर एवं पोर्टल की जानकारी हो, ताकि कोई भी नागरिक इस अवैध कारोबार के बारे में आसानी से प्रशासन को सूचना दे सके।

बैठक में डीएफओ मंयक गर्ग, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जय भारत सिंह, एसडीएम सदर हरिगिरी, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश कुमार शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी वीरेन्द्र कुमार जोशी, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूडी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, तहसीलदार कालसी सुशीला कोठियाल सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।