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उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि, उधम सिंह नगर के डीएम को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, जानिये वजह

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पीएम जनमन कार्यक्रम में उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले ने उत्कृष्ट काम किया है. जिसके लिए डीएम को सम्मानित किया गया है.

रुद्रपुर: भारत सरकार की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) कार्यक्रम में पूरे देश में जनपद उधमसिंह नगर को चौथे स्थान मिला है. जिसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को पुरस्कार देकर सम्मानित किया. इस मौके पर जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा जनपद के सभी अधिकारियों की सक्रियता और कर्मचारियों की मेहनत से यह सम्मान मिला है.

प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएम जनमन) कार्यक्रम में उधम सिंह नगर ने पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है. उधम सिंह नगर जिलाधिकारी को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवम्बर 2023 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्य धारा से जोड़ने उनके सर्वांगीण विकास करने के लिए कार्यक्रम का शुभारम्भ किया था. इस योजना के अंतर्गत भारत के 75 जनजातीय जिलों के लगभग 75 समुदायों के 28 लाख से अधिक लोगों को मुख्यधारा में लाने का लक्ष्य रखा गया.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन जनजातीय समुदायों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है. इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आवास, सड़क, मोबाइल नेटवर्क, और आजीविका के साधन शामिल हैं. पीएम जनमन कार्यक्रम का बजट लगभग ₹24,000 करोड़ रखा गया है, जो अगले तीन वर्षों में खर्च किया जाएगा. इसका कार्यान्वयन केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के सहयोग से किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का एक और उद्देश्य जनजातीय समुदायों की परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. उत्तराखंड में जनजातीय जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण भाग भोटिया, थारू, जौनसारी और रजि समुदायों से संबंधित हैं. इन समुदायों का अधिकांश निवास सीमांत और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में है, जहां पहुंच और संसाधनों की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है. जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड में इन समुदायों के लिए बेहतर सड़क संपर्क, स्कूलों का उन्नयन, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, पोषण योजनाओं का विस्तार, और स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं.

उधमसिंह नगर में पीएम जनमन योजना के अन्तर्गत 43 जनजाति गांव हैं. जिनमें 99 तोक शामिल हैं. जिनकी जनसंख्या 40881 है. जिसमें से 6886 परिवार विशेष रूप से कमजोर परिवार हैं. जिनमे से 824 परिवार आवासविहिन चिन्हित किये गये. इन सभी परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास स्वीकृत कर प्रथम फेज में 97 परिवारो को प्रथम किस्त जारी कर दी गयी है. गदरपुर के कुल्हा गांव में जनजाति बच्चों के लिए 100 बेड का छात्रावास बनाने के लिए भूमि आवंटित कर 2.75 करोड़ की धनराशि आवंटित कर छात्रावास निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है. जिसमे 123.75 लाख की धनराशि आवंटित की गयी है. इसी तरह गदरपुर के चुनपुरी में 1आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माणाधीन व बाजपुर में 123.44 लाख से महोलीचैन, भीकमपुरी, सिंहाली व सेमलपुरी में 4 हुद्देशीय भवन निर्माणाधीन है.

देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस अब सप्ताह में तीन दिन चलेगी

देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस अब सप्ताह में तीन दिन चलेगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से उत्तराखंड को मिली बड़ी रेल सौगात
रेल मंत्रालय की मंजूरी, रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश
कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच सफर अब होगा और भी आसान

उत्तराखंड के रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस (15019/15020) की सेवा को सप्ताह में एक दिन से बढ़ाकर अब तीन दिन करने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड द्वारा आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री के प्रयासों का फल

यह निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों का परिणाम है। 8 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी, जिसमें इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के आग्रह पर रेल मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेन की सेवा आवृत्ति बढ़ाने का फैसला लिया।

नई समय-सारिणी

  • देहरादून से टनकपुर (15019 एक्सप्रेस) – अब बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी।
    (पहले केवल रविवार को संचालित होती थी)

  • टनकपुर से देहरादून (15020 एक्सप्रेस) – अब मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी।
    (पहले केवल शनिवार को चलती थी)

यात्रियों को बड़ी राहत

यह सेवा विस्तार यात्रियों की बढ़ती मांग और क्षेत्रीय संपर्क को ध्यान में रखते हुए किया गया है। रेल मंत्रालय ने इसे शीघ्र लागू करने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड का आभार जताते हुए कहा,

“देहरादून-टनकपुर रेल सेवा के विस्तार से कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच यात्रा और अधिक सहज होगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को भी बल मिलेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल संपर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में कई रेल परियोजनाओं पर तेज़ी से काम चल रहा है, जिससे निकट भविष्य में पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक रेल पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

रेल मंत्रालय के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) विवेक कुमार सिन्हा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और इसकी जानकारी अधिकतम यात्रियों तक पहुँचाई जाए।

आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत हरिद्वार में प्रदेश महामंत्री के नेतृत्व में जिला कार्यशाला का सफल आयोजन

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प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा ‘घर-घर स्वदेशी’ का यह आह्वान केवल वस्त्र, वस्तु या उत्पाद का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मगौरव और राष्ट्रनिर्माण की भावना को पुनः जगाने का संदेश है।

हरिद्वार में आज “आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान” के तहत आयोजित जिला कार्यशाला में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, उद्यमियों और युवा स्वयंसेवकों ने एकस्वर से कहा कि भारत के भविष्य की दिशा अब “स्वदेशी से स्वावलंबन” की ओर है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का “घर-घर स्वदेशी” अभियान भारत के आत्मविश्वास और आत्मगौरव का पुनर्जागरण है। उन्होंने कहा कि यह केवल स्थानीय उत्पादों के उपयोग का आग्रह नहीं, बल्कि यह भारतीय समाज की उस चेतना को जगाने का प्रयास है जो हर घर में आत्मनिर्भरता की भावना को स्थायी बनाती है।

श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सोच है “जब भारत के गाँव आत्मनिर्भर बनेंगे, तब पूरा राष्ट्र आत्मनिर्भर होगा।” उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वदेशी उद्योगों, हस्तशिल्प, और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर “लोकल से ग्लोबल” की दिशा में उदाहरण प्रस्तुत करें।

उन्होंने कहा कि आज आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक शब्द नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और मानसिक स्वतंत्रता का प्रतीक बन चुकी है। स्वदेशी अपनाने का अर्थ अपने समाज, कारीगरों, किसानों और नवाचार को सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला समूहों और उद्यमिता प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और “स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र बढ़ाओ” का संकल्प लिया।
अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने यह प्रतिज्ञा दोहराई कि वे अपने-अपने क्षेत्र में “घर-घर स्वदेशी” के संदेश को प्रसारित करेंगे और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।

बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
स्वामी यतीश्वरानंद (प्रदेश उपाध्यक्ष),
आशुतोष शर्मा (जिला अध्यक्ष),
संजीव चौधरी एवं हीरा सिंह बिष्ट (जिला महामंत्री),
विवेक चौहान (मंडल अध्यक्ष, जमालपुर कला),
राकेश सैनी (मंडल अध्यक्ष, आदर्श टिहरी नगर),
विक्रम सिंह (मंडल अध्यक्ष, लालढांग),
सुशील पंवार (मंडल अध्यक्ष, भोगपुर पंचपुरी) तथा
बलवंत सिंह पंवार (मंडल महामंत्री, हरिद्वार ग्रामीण)।

राज्य के सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने अपने खिलाफ चल रही भ्रामक खबरों को लेकर अपनाया सख्त रुख,

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सोशल मीडिया पर डीजी सूचना के खिलाफ चल रही भ्रामक खबरें और अनर्गल प्रचार को लेकर अपनाया सख्त रुख,

एसएसपी देहरादून को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई डीजी सूचना ने,

डीजी सूचना ने कहा कुछ लोग सुनियोजित तरीके से उनकी छवि को धूमिल करने का कर रहे प्रयास,

शिकायत में उन्होंने इस साजिश के पुख्ता डिजिटल सबूत भी पुलिस को सौंपे है,

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि भ्रामक खबरों से उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही हैं,

भ्रामक खबरों से विभाग की छवि को भी प्रभावित किय जा रहा है,

डीजी सूचना ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि यह पूरी मुहिम एक “गैंग” या लॉबी सिस्टम के तहत संचालित की जा रही है, जो राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।

सूचना महानिदेशक ने कहा कि, “मेरे खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है, वह किसी असंतुष्ट समूह की साजिश है।

सोशल मीडिया पर बिना किसी प्रमाण के आरोप लगाना और अफवाहें फैलाना मेरे सम्मान और मानसिक शांति दोनों के खिलाफ है।”

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह का व्यवहार न केवल आईटी एक्ट और मानहानि कानूनों का उल्लंघन है,

यह सरकारी सेवा में अनुशासन और पारदर्शिता को कमजोर करने की भी कोशिश है,

उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि इन सोशल मीडिया खातों और उनके संचालकों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के कृत्यों पर रोक लग सके।

देहरादून पछवादून डेमोग्राफी चेंज मामला, धामी सरकार ने दिये जांच के आदेश, शुरू हुई सियासत

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जिला प्रशासन और पुलिस को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और अन्य प्रमाण पत्र जारी करने वाली संस्थाओं की निगरानी करने के लिए कहा गया है.

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने देहरादून के पछादून क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में कथित डेमोग्राफी चेंज की जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों ने बताया कि त्रुटियों और धोखाधड़ी की खबरों के बीच, अधिकारियों को आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिये गये हैं. मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने कहा आधार और परिवार रजिस्टर में विसंगतियों की शिकायतों के बाद गंभीर जांच शुरू की गई है.

मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने कहा राज्य सरकार उचित दिशा-निर्देशों और कार्रवाई के साथ स्थिति की जांच पर केंद्रित है. उन्होंने आगे कहा राज्य के कई जिलों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन दर्ज किए गए हैं. जिला प्रशासन और पुलिस को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और अन्य प्रमाण पत्र जारी करने वाली संस्थाओं की निगरानी करने के लिए कहा गया है.

पछवादून क्षेत्र के कई गांवों में, खासकर मुस्लिम आबादी में वृद्धि को लेकर निवासियों ने चिंता जताई है. ग्रामीणों ने मुस्लिम परिवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है, कुछ लोग इसका श्रेय विवाहों और क्षेत्र के बाहर से रिश्तेदारों के आने को देते हैं. ढकरानी गांव के 83 वर्षीय निवासी श्याम लाल ने बताया मुस्लिम आबादी पहले कम थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें वृद्धि हुई है.

पूर्व ग्राम प्रधान मौसम सिंह ने कहा, “नहर के आसपास की खाली ज़मीनों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किए गए. उस समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें कानूनी दस्तावेज़ प्राप्त करने में मदद की. इसकी कोई जांच नहीं हुई. दुकानदार पंकज सहित स्थानीय लोगों ने भी पिछले 10-15 वर्षों में बढ़ती मुस्लिम आबादी पर चिंता जताई. जिनमें से कई स्थानीय समुदाय से परिचित नहीं हैं.

लंबे समय से यहां रहने वाली शांति देवी ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की. उन्होंने कहा क्षेत्र में मुस्लिम परिवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. दूसरी ओर, जीवनगढ़ गांव के ज़ाहिद सहित कुछ मुस्लिम निवासियों ने अपने पिछले स्थानों की समस्याओं के कारण अपने रिश्तेदारों को इस क्षेत्र में बसाने की बात स्वीकार की है. एक अन्य निवासी मोहम्मद इमरान ने बताया वह 20 सालों से इस इलाके में रह रहे हैं.

डेमोग्राफी चेंज एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है. भाजपा इसे देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा बता रही है. कांग्रेस का कहना है कि भारत के किसी भी नागरिक को देश में कहीं भी बसने का अधिकार है. भाजपा के महेंद्र भट्ट ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया. दावा किया कि कई इलाकों में बहुसंख्यक आबादी में 40-60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है.

कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने पलटवार करते हुए कहा भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. उन्होंने कहा पार्टी उत्तराखंड के अधिकांश समय सत्ता में रही है. उन्होंने आगे तर्क दिया कि नागरिकों को अपनी पसंद के अनुसार कहीं भी बसने का अधिकार है. इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे लोगों का उदाहरण दिया.

इस बार खास होगा मसूरी विंटर लाइन कार्निवल, 24 दिसंबर से शुरू होगा, जानिये इसकी वजह

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इंद्रमणि बडोनी के नाम को समर्पित किया जाएगा मसूरी विंटर लाइन कार्निवल. बैठक में पास हुआ प्रस्ताव

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में इस साल का बहुप्रतीक्षित विंटर लाइन कार्निवल खास अंदाज में आयोजित किया जाएगा. आयोजन की तैयारियों को लेकर एसडीएम मसूरी राहुल आनंद की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई. जिसमें नगर पालिका, स्थानीय कलाकारों, होटल व्यवसायियों, व्यापार मंडल और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस बार कार्निवल को उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक, ‘पहाड़ी गांधी’ के नाम से प्रसिद्ध स्व. इंद्रमणि बडोनी जी को समर्पित किया जाएगा.

बैठक में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर मसूरी विंटर लाइन कार्निवल को उनके नाम पर समर्पित करने का सुझाव दिया. जिसको सर्व समिति से बैठक में पास किया गया. तय किया गया कि कार्निवल की शुरुआत 24 दिसंबर को बडोनी जी की 100 वीं जयंती के अवसर पर होगी. बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्निवल का उद्घाटन शोभा यात्रा और इंद्रमणि बडोनी जी के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री और नाट्य प्रस्तुति के साथ होगा. जिससे नई पीढ़ी को उनके योगदान की जानकारी दी जा सके.

कार्निवल को इस बार पूरी तरह स्थानीय कलाकारों और उत्तराखंडी संस्कृति पर केंद्रित किया जाएगा. पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा नगर पालिका की ओर से इस आयोजन में पूरा सहयोग दिया जाएगा. उन्होंने एसडीएम से मांग की कि स्थानीय कलाकारों के लिए अलग से मंच निर्धारित किया जाए. जहां वे अपनी लोक कलाओं, संगीत और नृत्य का प्रदर्शन कर सकें. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय खिलाड़ियों को भी इस आयोजन में स्थान दिया जाए.

एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कार्निवल की तैयारियों की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कार्निवल का बजट काफी बड़ा होता है. फंड की व्यवस्था समय से शुरू कर दी गई है, ताकि आयोजन में कोई रुकावट न आए. एसडीएम ने बताया इस बार केवल मसूरी ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों जैसे झड़ीपानी, हैप्पी वैली और लंढौर बाजार को भी कार्निवल की साज-सज्जा और कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा. इसके ज़रिए पर्यटकों को मसूरी की पूरी सांस्कृतिक छवि देखने को मिलेगी.

ऋषिकेश में निर्माणाधीन कांच के पुल से सीधे गंगा में गिरा पर्यटक, तलाश जारी

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ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु पर बड़ा हादसा, टहलते समय गंगा में गिरा पर्यटक, एसडीआरएफ की जवान तलाश में जुटे

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में निर्माणाधीन कांच के पुल ‘बजरंग सेतु’ पर टहलते समय एक पर्यटक सीधे गंगा में जा गिरा. जो देखते ही देखते गंगा में ओझल हो गया. अब पुलिस और एसडीआरएफ की टीम गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है. फिलहाल, पर्यटक का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है.

अपने दोस्तों के साथ लक्ष्मण झूला घूमने आया था पर्यटक: जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बीती रात हुआ है. जहां दिल्ली निवासी हेमंत सोनी (उम्र 31 वर्ष) अपने साथी अमित सोनी और अक्षत सेठ के साथ लक्ष्मण झूला घूमने के लिए आया था. देर रात रास्ता बंद होने के बावजूद तीनों पर्यटक बजरंग सेतु पर घूमने के लिए चले गए. घूमते-घूमते पर्यटक बजरंग सेतु के उस हिस्से में चले गए, जहां अभी कांच का पाथ नहीं लगा है.

बजरंग सेतु से सीधे गंगा में गिरा पर्यटक: रात होने की वजह से कांच न लगे होने का अंदाजा पर्यटकों को नहीं लगा. जिससे हेमंत सोनी बजरंग सेतु से सीधे गंगा में जा गिरा. जिसे देख दोस्तों के होश फाख्ता हो गए. उन्होंने चीख पुकार मचा दी. इसके साथ ही उन्होंने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पहले पुलिस फिर बाद में एसडीआरएफ के टीम मौके पर पहुंची.

गंगा नदी में चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान: जहां रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से उसका कुछ पता नहीं लग पाया. आज फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. ताकि, उसका पता लगाया जा सके. वहीं, एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि गंगा में पर्यटक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.

घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है. परिजन दिल्ली से ऋषिकेश के लिए निकल चुके हैं. फिलहाल, गंगा में गिरे पर्यटक की तलाश की जा रही है.“- संतोष पैथवाल, लक्ष्मण झूला थाना प्रभारी

ऋषिकेश में बनाया जा रहा कांच का पुल: बता दें कि विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला के बगल में ही कांच का पुल (बजरंग सेतु) का निर्माण किया जा रहा है. जिसका काम लगभग अंतिम चरण में है. उम्मीद है कि जल्द ही कांच का पुल तैयार हो जाएगा. जिसके बाद ऋषिकेश में ही लोग ग्लास ब्रिज यानी कांच के पुल में आवाजाही कर सकेंगे. यह पुल टिहरी और पौड़ी जिले को जोड़ेगा.

बजरंग सेतु की लंबाई 132 मीटर होगी. जबकि, 5 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है. सेतु के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिलीमीटर की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ तैयार किया जा रहा है. यह सेतु देश और दुनिया के लोगों के लिए बेहद ही आकर्षण का केंद्र बनेगा. क्योंकि, कांच यह पुल दुनिया के चुनिंदा पुलों में एक होगा.

सुर्खियों में BKTC अनियमितता मामला, कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा के ही नेताओं में तकरार, जानिये पूरा माजरा

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बीकेटीसी को लेकर कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने कई आरोप लगाये हैं. जिसे लेकर अब भाजपा के ही दो नेता आमने सामने आ गये हैं.

देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच में तीखी तकरार देखने को मिल रही है. ये दोनों ही नेता बदरी केदार मंदिर समिति से जुड़े हैं. इनमें एक पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय है. दूसरे नेता वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी हैं. दोनों नेताओं के बीच तकरार बदरी केदार मंदिर समिति में गणेश गोदियाल के लगाये गये आरोपों के बाद शुरू हुई है. कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने बदरी केदार मंदिर समिति में भाजपा के पिछले कार्यकाल से लेकर अब तक चली आ रही अनियमिताओं को लेकर सवाल खड़े किये हैं.

कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने मंदिर समिति में अजेंद्र अजय के कार्यकाल के दौरान के कई मुद्दों पर सवाल खड़े किये. जिसमें से एक मुद्दा अजेंद्र अजय के कार्यकाल के दौरान उनके भाई की नियुक्ति और वेतन वृद्धि से भी जुड़ा है. इसे लेकर जब वर्तमान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा वह इस पर जांच कराएंगे. बस यही बात अजेंद्र अजय को नागवार गुजरी. इसके बाद उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को उनके तमाम कार्य याद दिला दिये.

कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने मुद्दा उठाया था कि बतौर मंदिर समिति के अध्यक्ष रहते अजेंद्र अजय ने कई अनियमितताएं की. जिसमें उन्होंने अपने भाई को लाभ पहुंचाने का काम भी किया. इस पर जब मंदिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो इस पर जांच कराएंगे. इसी बात से नाराज हुए पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मंदिर समिति में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी. अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को बताया कि वो कौन-कौन से कार्य मंदिर समिति के अधूरे छोड़कर गए थे. उन पर वर्तमान अध्यक्ष ने क्या कुछ एक्शन लिया?

मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष रहे अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की कार्य प्रणाली पर तंज कसा. उन्होंने कहा उनके द्वारा उनके भाई की वेतन वृद्धि की जांच को लेकर जो बयान दिया गया है वो केवल बयानबाजी तक सीमित ना रहे. जल्द इसकी जांच करवाएं. इसके अलावा उन्होंने हेमंत द्विवेदी को यह भी याद दिलाया है कि साल 2010-11 से लगातार मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे बीडी सिंह के कार्यकाल की भी जांच होनी चाहिए. अजेंद्र अजय ने कहा उनके कार्यकाल में बीडी सिंह को हटाया गया था. VRS लेकर बीडी सिंह आज भी मंदिर समिति के साथ चिपके हुए हैं. यह सोचने वाली बात है.

अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को याद दिलाया कि केदारनाथ में एक क्यूआर कोड का प्रकरण बहुत तेजी से उठा था. जिस पर उन्होंने मुकदमा दर्ज करवाया था. उस पर उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष को संज्ञान लेने की नसीहत दी. उन्होंने कहा उनके कार्यकाल में चमोली पुलिस ने इस मामले पर बहुत तेजी दिखाई थी. अब वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के कार्यकाल में इस मामले में पुलिस ढीली क्यों पड़ गई है? इस पर भी हेमंत द्विवेदी को जवाब देना चाहिए.

वहीं, इसके अलावा वर्तमान में मंदिर समिति में कार्यरत मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल की नियुक्ति पर भी उन्होंने सवाल खड़े किये हैं. उन्होंने कहा मंदिर समिति के सीईओ विजय थपलियाल मंदिर समिति की सेवा नियमावली के अनुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अर्हता नहीं रखते हैं. उन्होंने बताया उनके कार्यकाल में पहली बार सेवा नियमावली तैयार की गई. इस सेवा नियमावली के अनुसार मंदिर समिति का मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्लास वन ऑफिसर होना चाहिए. अभी जो अधिकारी तैनात है वह क्लास वन तो छोड़िए क्लास 2 की भी अहर्ता नहीं रखता है.अजेंद्र अजय ने कहा उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी राधा रतूड़ी को शिकायत की थी. उन्होंने कहा बीकेटीसी के अध्यक्ष को इन तमाम मामलों पर भी ध्यान देना चाहिए.

शीतकाल के लिए बंद हुये रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, जानिये अब कहां होंगे दर्शन

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रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है.

चमोली:– आज शुभ मुहूर्त में पंच केदारों में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ महादेव मंदिर के कपाट, शीतकाल के लिए परम्परानुसार पूर्ण विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं. आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में, मंदिर के मुख्य पुजारी ने पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ अंतिम पूजा-अर्चना संपन्न की. इस दौरान वातावरण शिव भक्तों के जयकारों से गूंज उठा. जिनमें अगले वर्ष फिर से यात्रा शुरू होने की आशा भरी हुई थी.

कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ जी की उत्सव विग्रह डोली अपनी शीतकालीन गद्दीस्थल श्री गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर के लिए रवाना हुई. अब अगले छह महीनों तक,शीतकाल के दौरान, श्रद्धालु चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) में कर सकेंगे.

बताते चलें करीब 11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने के लिए कई बुग्याल पार कर 19 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है. आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में भगवान रुद्रनाथ जी का प्रातः कालीन अभिषेक, पूजाएं संपन्न होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गई है. मंदिर परिसर में मौजूद सैकड़ो श्रद्धालु इस अलौकिक अवसर के साक्षी बने. उच्च हिमालई शिव धाम रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में की जाती है.

रुद्रनाथ के पुजारी सुनील तिवारी ने बताया सुबह चार बजे से भगवान रुद्रनाथ की पूजा शुरू हो गई थी. सभी पूजाएं संपन्न कराने के बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए. साढ़े सात बजे डोली ने रुद्रनाथ से प्रस्थान किया. पंच गंगा, पितृधार होते हुए पनार गुग्याल होते मोली बुग्याल पहुंचेगी. भगवान को राजभोग लगेगा (नए अनाजों का भोग)। वहां से डोली सगर गांव पहुंचेगी. यहां पर भी नए अनाज का भोग लगाया जाएगा. सूर्यास्त होने से पहले डोली गोपीनाथ मंदिर पहुंच जाएगी. यहां भगवान को नए अनाज का भोग लगाया जाएगा.छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी. उन्होंने बताया कि कपाट बंद होने पर भगवान को मंदार (बुखला) के 251 पुष्प गुच्छों से ढका जाएगा. कपाट खुलने पर इन फूलों को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है.

रुद्रनाथ मन्दिर उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान शिव का एक मन्दिर है. यह पंचकेदार में से एक है. रुद्रनाथ मंदिर भव्य प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है. रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ में की जाती है.

अशासकीय विद्यालयों में अनियमितता मामला, CBCID जांच की तैयारी, आज जारी होगा आदेश

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अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने बताया मामले में सीबीसीआईडी जांच कराने से जुड़े निर्देश मिले हैं. जिसका आदेश जल्द जारी किया जाएगा.

देहरादून: मुख्यमंत्री कार्यालय को दी गई शिकायत से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. मामला अवैध नियुक्ति और वित्तीय अनियमितता का है. जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग को जांच कराने के निर्देश दिए हैं. हालांकि अभी जांच को लेकर आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है. उम्मीद है कि शुक्रवार को सीबीसीआईडी से जांच करने से जुड़ा आधिकारिक पत्र जारी कर दिया जाएगा.

अशासकीय विद्यालयों में अवैध नियुक्ति और अनियमित का मामला वैसे तो कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार बात सीबीसीआईडी जांच तक पहुंच गई है. हालांकि शिक्षा विभाग के स्तर पर इसके लिए कोई कदम उठाए जाने की बजाय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए आदेश किए हैं.

बात पौड़ी के अशासकीय विद्यालय की है, जिसमें गलत तरीके से नियुक्ति की बात सामने आई है. हैरत की बात यह है कि यह मामला पहले ही शिक्षा विभाग के संज्ञान में आ गया था. इस पर जांच भी की गई थी लेकिन आगे मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।.यह बात एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाई. जिसके बाद सीएम धामी ने इस पर जांच के निर्देश दिए हैं.

आरोप लगाया गया है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्तियां दी गई. अशासकीय इंटर कॉलेज जाखेटी और इंटर कॉलेज डांगीधार में लिपिक के पद पर गलत तरीके से नियुक्ति की शिकायत की गई है. यहां लिपिक के अलावा शिक्षिका की भी गलत प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति की बात कही गई है. अब मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को संदर्भ में सीबीसीआईडी जांच करने के निर्देश दिए हैं. अभी इस मामले में आधिकारिक रूप से जांच सीबीसीआईडी को नहीं सौंपी गई है.

मामला अवैध नियुक्ति और करोड़ों के भ्रष्टाचार से जुड़ा है. लिहाजा इसे अब बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है. अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि प्रकरण पर सीबीसीआईडी जांच कराने से जुड़े निर्देश मिले हैं. अभी इसपर जांच के लिए आधिकारिक आदेश करने की तैयारी की जा रही है.

इससे पहले भी अशासकीय विद्यालयों को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों में गड़बड़ी की बातें सामने आती रही है. कभी इस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है. ऐसे में अब मान जा रहा है की पौड़ी के इस अशासकीय विद्यालय में गड़बड़ी पाई जाती है तो सीबीसीआईडी के स्तर पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है.