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उत्तराखंड में यहां शिक्षिका का मिला जला हुआ शव, केयरटेकर से पूछताछ जारी

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उत्तराखंड के रुद्रपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में बंद घर में शिक्षक का जला हुआ शव बरामद, शक के दायरे में केयरटेकर, जांच पड़ताल जारी

रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर के कौशल्या फेज 2 कॉलोनी स्थित एक घर में महिला का जला हुआ शव मिला है. जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. महिला 14-15 सालों से एक व्यक्ति (केयरटेकर) के साथ घर में रहती थी. महिला किच्छा स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी और कुछ समय से बीमार चल रही थी. पुलिस ने केयरटेकर को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी हुई है. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

दरअसल, रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंद घर में महिला का जला हुआ शव मिला. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया है. बताया जा रहा है कि महिला के साथ एक व्यक्ति केयरटेकर के रूप में 14-15 सालों से रह रहा था. जो रुद्रपुर में एक होटल चलाता है. फिलहाल, पुलिस केयरटेकर से पूछताछ कर रही है.

किच्छा सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी महिला: जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से अल्मोड़ा की निवासी महिला किच्छा स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी. बताया जा रहा है महिला यूपी निवासी केयरटेकर विवाहित अजय मिश्रा के साथ रहती थी. अजय मिश्रा दक्ष चौराहे पर होटल चलाता है. मंगलवार सुबह वो घर के मुख्य गेट पर ताला मार कर होटल चला गया था. घर पर महिला अकेली थी.

दोपहर को जब केयरटेकर अजय मिश्रा घर पहुंचा तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था. जैसे ही उसने जोर लगा कर दरवाजा खोला तो सामने महिला का जला हुआ शव पड़ा हुआ था. शोर सुन आसपास के लोग भी जमा हो गए. जिसके बाद सोसायटी के पदाधिकारियों ने पुलिस को मामले की सूचना दी. सूचना मिलते ही रुद्रपुर कोतवाली पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए.

शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार चल रही थी महिला: पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस टीम को पता चला कि महिला काफी लंबे वक्त से शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार चल रही थी. हालांकि, कॉलोनी वासियों ने केयरटेकर पर महिला की हत्या कर शव जलाने का आरोप लगाया है. फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की इंतजार में है.

मामला संदिग्ध है. केयरटेकर अजय मिश्रा से पूछताछ की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा. फिलहाल, मामले की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है.“- नवीन बुधानी, एसएसआई, रुद्रपुर कोतवाली

मसूरी में अनियंत्रित जीप ने तीन कारों और एक स्कूटी को रौंदा, बाल-बाल बचे पर्यटक, टला बड़ा हादसा

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जीप की टक्कर में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि बाकी दो कारों को भी को नुकसान हुआ है.

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. यहां हनीमून होटल के पास खड़ी गाड़ियों पर एक जीप अचानक अनियंत्रित होकर चढ़ गई. हादसे में तीन कारें और एक स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं. गनीमत रही कि उस वक्त कोई व्यक्ति वाहनों के भीतर मौजूद नहीं था, वरना घटना गंभीर रूप ले सकती थी.

स्थानीय लोगों के अनुसार हनीमून होटल के आगे पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण सामग्री (सीमेंट, बजरी आदि) पहुंचाने के लिए मंगलवार को एक लोडिंग जीप साइट पर जा रही थी. तभी अचानक जीप का ब्रेक फेल हो गया. वाहन चालक ने कई बार कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन जीप सीधा होटल की पार्किंग में घुस गई. इसके बाद जीप वहां खड़ी तीन कारों से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. बाकी दो कारों को भी को नुकसान हुआ है. वहीं, पास में खड़ी एक स्कूटी भी जीप की चपेट में आ गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, “अगर जीप उन गाड़ियों से न टकराती, तो वह सीधा नीचे माल रोड की ओर जा गिरती. नीचे उस समय काफी भीड़ थी. ऐसे में जनहानि की संभावना बहुत ज्यादा थी. हादसे की जानकारी मिलते ही मसूरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को तुरंत घेर लिया. पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों की जांच की. ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.

ड्राइवर ने बताया वह निर्माण साइट पर सामान छोड़ने जा रहा था, तभी अचानक गाड़ी के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया. हैंडब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन जीप रुक नहीं पाई. सीधा पार्किंग में जा घुसी.

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला ब्रेक फेल का प्रतीत हो रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही पुष्टि की जाएगी. हादसे में जिन गाड़ियों को नुकसान पहुंचा, वे दिल्ली और हरियाणा से आए पर्यटकों की थीं. हादसे के समय सभी लोग अपने होटल कमरों में थे. एक पर्यटक ने बताया हम मसूरी घूमने आए थे. होटल में आराम कर रहे थे. तभी होटल प्रबंधन ने बताया कि हमारी गाड़ी को टक्कर मार दी गई है. नीचे जाकर देखा तो पूरी गाड़ी पिचक चुकी थी. बीमा भी क्लेम नहीं हो पाएगा, क्योंकि मामला तीसरे पक्ष से टक्कर का है. उन्होंने प्रशासन से दोषी पक्ष से मुआवज़ा दिलाने की मांग की है.

स्थानीय नागरिकों ने हादसे के बाद हनीमून होटल के आगे चल रहे निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि यहां पर एमडीडी द्वारा कई ऐसे क्षेत्रों में नक्शे पास किए गए हैं, जो नोटिफाइड और संवेदनशील ज़ोन में आते हैं. पिछले बोर्ड के समय कई प्लॉट्स को अवैध रूप से वैध ठहराया गया. इन फर्जी सर्टिफिकेट्स के चलते आज ऐसे निर्माण हो रहे हैं जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हैं. इस हादसे को चेतावनी समझा जाना चाहिए.

दून अस्पताल के बाहर फायरिंग मामला, पुलिस के हत्थे चढ़ा गोलीकांड का मास्टरमाइंड

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दून अस्पताल के सामने युवक पर फायरिंग करने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 5 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं.

देहरादून: दून अस्पताल के सामने फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने आईटी पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया है. विवाद के कारण आरोपी के कहने पर उसके साथियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था. घटना के बाद से ही गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी फरार चल रहा था. पुलिस घटना में शामिल 5 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

ये है मामला: दरअसल, 18 अक्टूबर की रात देहरादून के कैनाल रोड स्थित सरकारी कैंटीन पर पैसों के लेन-देन और महिला पर अभद्र टिप्पणी को लेकर दिशांत व उसके साथियों का नृपेंद्र धामा उर्फ काव्यांश धामा, रोहन आर्य और विशाल तोमर के साथ विवाद हुआ था. इसके बाद काव्यांश धामा, रोहन और विशाल के कहने पर दून अस्पताल के पास रात को ही दिशांत पर काव्यांश के तीन अन्य साथियों सोहेल खान, शानू और जावेद ने गोली चला दी थी. जिसमें दिशांत घायल हो गया था. साथ ही आरोपी फरार हो गए थे.

घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 अक्टूबर को रोहन और विशाल तोमर को गिरफ्तार किया था. उसके बाद 22 अक्टूबर की रात को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में सोहेल खान, शानू और जावेद को गिरफ्तार किया गया. ये मुठभेड़ छिद्दरवाला से लालतप्पड़ में हुई थी. जहां तीनों ने बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग भी की थी.

इस दौरान पुलिस की तरफ से भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई. जहां दो आरोपियों के पैर में गोली लगी. गोली लगने के बाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से दो तमंचे, चार जिंदा और कारतूसों के दो खोखे बरामद हुए थे. इस मुकदमे में घटना का मास्टरमाइंड आरोपी नृपेंद्र धामा उर्फ काव्यांश धामा घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था. जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की ओर से लगातार उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिशें दी जा रही थी.

क्या बोली पुलिस? मामले में नगर कोतवाली प्रभारी प्रदीप पंत ने बताया कि तमाम प्रयासों से 28 अक्टूबर को पुलिस टीम ने घटना के मुख्य षड्यंत्रकारी आरोपी नृपेंद्र धामा उर्फ काव्यांश धामा को मुखबिर की सूचना पर आईटी पार्क के पास से गिरफ्तार किया है. जिसे पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है.

बनभूलपूरा हिंसा को संभालकर ‘हीरो’ बने, पंचायत चुनाव से लगा ‘दाग’, ऐसा रहा प्रह्लाद मीणा का कार्यकाल

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नैनीताल एसएसपी आईपीएस प्रह्लाद नारायण मीणा का ट्रांसफर, उतार-चढ़ाव वाला रहा दो साल का कार्यकाल, खूब चर्चाओं में रहे मीणा

नैनीताल: बीती रोज उत्तराखंड में शासन ने कई आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. जिसमें नैनीताल जिले के एसएसपी का भी तबादला किया गया है. जिसके तहत आईपीएस प्रह्लाद नारायण मीणा से नैनीताल की जिम्मेदारी वापस लेते हुए मंजूनाथ टीसी को नया कप्तान बनाया गया है. अगर आईपीएस मीणा के कार्यकाल की बात करें तो नैनीताल एसएसपी रहते हुए उनका दो साल का कार्यकाल उतार-चढ़ाव वाला रहा.

बता दें कि आगामी 3 और 4 नवम्बर को धामी सरकार ने राज्य स्थापना दिवस को लेकर विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है. ऐसे में सत्र आहूत होने से पहले सरकार ने बड़े पैमाने पर कई जिलों समेत मुख्यालय स्तर पर आईपीएस और पीपीएस यानी प्रांतीय पुलिस सेवा के तबादले किए हैं. जिसमें नैनीताल जिले का कप्तान भी बदला गया है.

बताया जा रहा है कि सत्र में प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार को सदन में घेर सकता था. जिसमें सबसे पहला जिला नैनीताल था. पिछले दो सालों से नैनीताल जिले की कमान प्रह्लाद नारायण मीणा संभाले हुए थे, लेकिन पंचायत चुनाव के दौरान कोर्ट से लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर एसएसपी मीणा रहे. लिहाजा, अब शासन ने सत्र से पहले नैनीताल जिले की कमान मंजूनाथ टीसी को सौंपी है.

कैसा रहा बतौर कप्तान मीणा का 2 साल का कार्यकाल: गौर हो कि बीती 14 सितंबर 2023 को आईपीएस प्रह्लाद नारायण मीणा ने नैनीताल एसएसपी के रूप में कमान संभाली थी. तब से लेकर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में कई मामलों का खुलासा किया, लेकिन एसएसपी तब काफी चर्चाओं में आए, जब उन्होंने बनभूलपुरा में हुए हिंसा में खुद कमान संभालने हुए अपने एक-एक जवान और अन्य कर्मियों को सकुशल हिंसा क्षेत्र से बाहर निकाला.

इस दौरान वे पूरे घटनाक्रम में काफी आक्रामक रूप में दिखाई दिए थे. इतना ही नहीं हिंसा के आरोपियों को उन्होंने जेल भेजने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. इस सबके बीच उन्होंने ऑपरेशन रोमियो और शाम को नशा कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर जनता के मन में अपनी जगह बना ली.

इतना ही नहीं समय-समय पर उन्होंने अधीनस्थों के पेच भी कसे, लेकिन पंचायत चुनाव में सही निर्णय और दबाव के बीच वो अपनी सख्त छवि को बरकरार नहीं रख पाए. जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हुए बवाल को सुलझाने के बजाय उन्होंने मामले को और उलझा दिया. जिस कारण उन्हें कोर्ट की फटकार के साथ विपक्षी दल के विरोध का सामना करना पड़ा.

सत्र में हंगामे की आशंका को देखते हुए शासन ने उनसे नैनीताल की कमान को हटाते हुए पुलिस सतर्कता मुख्यालय की कमान सौंपी है. अब उनकी जगह मंजूनाथ टीसी नैनीताल जिले के नए एसएसपी होंगे. इस तरह से देखा जाए तो उनका कार्यकाल काफी उठा पटक वाला रहा है.

देहरादून आढ़त बाजार शिफ्टिंग अपडेट, 3 नवंबर से शुरू होगी रजिस्ट्री प्रक्रिया

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प्राधिकरण स्तर पर अधिकांश कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. बाकी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा रहा है.

देहरादून: आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना पर एमडीडीए 3 नवंबर से प्रभावित भू-स्वामियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करेगा. साथ ही रजिस्ट्री से पहले सभी भू-स्वामी से एक शपथ पत्र (अफिडेविट) लिया जाएगा. जिसमें यह उल्लेख होगा कि रजिस्ट्री की तारीख से 15 दिनों के भीतर वह अपने प्रभावित निर्माणों को खुद ध्वस्त करेंगे, यदि निर्धारित अवधि में ऐसा नहीं किया जाता,तो एमडीडीए,पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे. इस प्रक्रिया में भू-स्वामी को किसी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं होगी.

दरअसल, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की. जिसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया. निर्माण की समीक्षा के दौरान लेखपाल नजीर अहमद ने आढ़त बाजार के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया. उन्होंने बताया प्राधिकरण स्तर पर अधिकांश कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. बाकी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा रहा है. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन भू-स्वामियों की पत्रावलियां किसी न्यायिक प्रक्रिया या वाद-विवाद में लंबित नहीं हैं. जिनका स्वामित्व विधिवत सिद्ध हो चुका है, उन्हें जल्द ही भू-खण्ड आवंटन और धनराशि वितरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. साथ ही 3 नवंबर 2025 से रजिस्ट्री कार्य शुरू किया जाए. इसके तहत पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री समय से पूरी की जाएगी. जिससे परियोजना के अगले चरणों को गति मिल सके.

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया परियोजना का उद्देश्य केवल भौतिक ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि पुराने व्यापारिक क्षेत्र को नई ऊर्जा और पहचान देना है. देहरादून के केंद्र में एक ऐसा आधुनिक बाजार विकसित कर रहे हैं जो स्थानीय पहचान को बनाए रखते हुए सुविधाजनक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित हो. एमडीडीए के अनुसार, इस परियोजना को पारदर्शिता, जनसुविधा और समयबद्ध क्रियान्वयन की भावना से आगे बढ़ाया जा रहा है. जिससे शहर का यह ऐतिहासिक क्षेत्र नई पहचान के साथ पुनर्जीवित हो सके.

वहीं, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस पहल को देहरादून के विकास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया. आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ व्यापारिक ढांचे को नई दिशा देगी. यह एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों में किसी भी नागरिक को असुविधा न हो और सभी प्रक्रियाएं सही ढंग से पूरी हों. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास माडल के रूप में स्थापित हो.

छांगुर धर्मांतरण मामला, आगरा से देहरादून लाये गये 5 आरोपी, कोर्ट ने भेजा जेल

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बरेली निवासी एक व्यक्ति ने थाना प्रेमनगर में धर्मांतरण मामले को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी.

देहरादून: अवैध रूप से धर्मान्तरण के सम्बन्ध में थाना प्रेमनगर में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. मुकदमे की विवेचना के दौरान पांच आरोपियों को तलब करने के लिए पुलिस ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया. न्यायालय के आदेश पर आगरा पुलिस ने जिला कारागार आगरा में निरुद्ध 5 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया. साथ ही आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने पांचों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है.

दरअसल, बरेली निवासी एक व्यक्ति ने थाना प्रेमनगर में अपनी छोटी बहन के आगरा पुलिस द्वारा धर्मान्तरण के अपराध में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के सम्पर्क में होने और व्यक्तियों द्वारा उनकी बहन को अपनी बातों में फंसाकर उसका ब्रेनवॉश करते हुए उसका धर्मान्तरण करने व उसे अन्य हिन्दू युवक/युवतियों को भी धर्म परिवर्तन करने का मामला दर्ज करवाया. शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया.

मुकदमे की जांच में जानकारी मिली कि बहन की फेसबुक के माध्यम से आयशा उर्फ कृष्णा नाम की महिला से जान पहचान हुई. जिसने उसे अपनी बातों में फंसाकर लालच देते हुए अपने अन्य साथियों अब्दुल रहमान, उसके पुत्र अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला के साथ मिलकर उसका धर्मान्तरण कराते हुए उसे अन्य युवक युवतियों को भी इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया. उसे प्रलोभन देते हुए उसके खाते में पैसे जमा कराए.

आरोपी अब्दुल रहमान ने पीड़ित युवती को सहसपुर निवासी अब्दुर रहमान से मिलाते हुए उस पर रानीपोखरी निवासी एक अन्य पीड़िता को धर्म परिवर्तन करने के लिए उकसाने का भी प्रयास किया. सभी आरोपियों को आगरा पुलिस ने आगरा में दर्ज धर्मान्तरण से सम्बन्धित मुकदमे में गिरफ्तार किया. मुकदमे की विवेचना के दौरान प्रकाश में आए तथ्यों और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों को वारंट बी पर तलब करने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया.

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कोर्ट के आदेश अनुसार आगरा पुलिस ने जिला कारागार आगरा में निरुद्ध पांचों आरोपियों को देहरादून न्यायालय के समक्ष पेश किया. जहां प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह निवासी नगर दिल्ली,एसवी कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर निवासी गोवा,अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह निवासी देहरादून,अब्दुल रहीम निवासी दिल्ली और अब्दुल्ला निवासी दिल्ली को जेल भेज दिया है.

हल्द्वानी :(दुखद) यहां कार ने युवती को मारी टक्कर, दर्दनाक मौत

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हल्द्वानी। रोजाना हो रही सड़क दुर्घटनाओं से हल्द्वानी शहर की सड़केँ लाल हो चुकी है, आज हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक परिवार के घर में कोहराम मचा दिया है। यहां नैनीताल की तरफ से आ रही इनोवा कार ने बरेली रोड पर गांधी इंटर कॉलेज के पास सड़क पार कर रही शहनाज (23) को टक्कर मार दी। वाहन के तेज रफ्तार होने के कारण युवती कार के बोनट से टकराकर कई फीट ऊपर उछलकर सड़क पर गिर गई। हादसे के बाद चालक भाग गया।

सिर पर चोट लगने से गंभीर घायल युवती की एसटीएच में इलाज के दौरान रविवार देर रात मौत हो गई। भाई का कहना है कि मेडिकल पुलिस चौकी में तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

शहर के उजाला नगर निवासी लईक अहमद ने बताया कि पिता खलील अहमद के इंतकाल के बाद वह ई रिक्शा चलाकर परिवार चलाता है। बृहस्पतिवार को उसकी बहन को बरेली रोड पर सड़क बरेली रोड पर गांधी इंटर कॉलेज के पास इनोवा ने टक्कर मारी, वह किनारे दुकान से गुल्लक खरीदने गई थी। गुल्लक खरीदकर घर लौटने के लिए वह सड़क पार कर रही थी।

इसी दौरान नैनीताल रोड से नीचे की ओर जा रही इनोवा गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती कई फीट उछलकर नीचे गिर गई। शहनाज के सिर व अन्य जगहों पर गंभीर चोट आई। इसके बाद वाहन चालक गाड़ी लेकर भाग गया।
शहनाज का इलाज एसटीएच में चला लेकिन वह बच नहीं सकी। एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज की मदद से घटना को अंजाम देने वाले वाहन की तलाश की जाएगी और कड़ी कार्रवाई भी कराएंगे।

 

अख़बार वितरण के बहाने छेड़छाड़: महिला से जबरदस्ती ‘आई लव यू’ लिखकर किया प्रेम का इज़हार, कोर्ट ने सुनाई सज़ा

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देहरादून। अखबार बांटने के बहाने एक हॉकर्स का एकतरफा प्रेम जताना उसे भारी पड़ गया। महिला से जबरन संबंध बनाने की कोशिश करने और लज्जा भंग करने के मामले में अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए एक साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामला प्रेमनगर क्षेत्र का है। आरोपी हॉकर्स शैलेंद्र सिंह कनैठा वहां अखबार वितरित करता था। वह लंबे समय से एक महिला के घर अखबार डालता था और धीरे-धीरे एकतरफा प्रेम का इजहार करने लगा। कभी मिलने को कहता, तो कभी अपने मोबाइल नंबर के साथ “कॉल करो” लिखकर अखबार डालता।

22 फरवरी 2020 को उसने हद पार करते हुए अखबार पर पेन से “आई लव यू” और “कल बाला सुंदरी मंदिर चलेंगे” लिख दिया। जब महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने जबरदस्ती घर के अंदर उसका हाथ पकड़ लिया। शोर मचाने पर महिला के रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ सोनम रावत की अदालत ने सुनवाई के बाद शैलेंद्र सिंह कठेत को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने) के तहत दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।

मुसलमान कौम नमकहराम नहीं है, बस बराबरी का हक चाहता है – ओवैसी

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असदुद्दीन ओवैसी बिहार में पहुंचे, मुस्लिम वोटरों को साधने में जुटे

“मुसलमान कौम नमकहराम नहीं है, बस बराबरी का हक चाहता है” – ओवैसी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से पहले, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पहली बार मुंगेर पहुंचे। यहाँ उन्होंने अपनी पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन के लिए वोट मांगे। मोनाजिर हसन पहले जदयू और राजद के साथ रहकर चार बार विधायक रह चुके हैं और पिछली सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

मुंगेर विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक मुस्लिम मतदाता होने के कारण ओवैसी ने इस क्षेत्र को अपनी चुनावी रणनीति का प्रमुख केंद्र बनाया है। ओवैसी ने कहा,

“मुसलमान कौम नमकहराम नहीं है। दशकों तक उनका वोट इस्तेमाल हुआ, लेकिन उन्हें उपेक्षा ही मिली। अब मुस्लिम वोटर किसी के झांसे में नहीं आने वाले हैं। अब आर-पार की लड़ाई होगी और मुसलमान अपना हक खुद लेंगे।”

ओवैसी ने राजद और एनडीए पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव का 15 साल का शासन “जंगलराज पार्ट-1” था, जबकि वर्तमान एनडीए सरकार “जंगलराज पार्ट-2” है। दोनों सरकारें मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही हैं। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ नीति पर भी तंज कसा और कहा कि भाजपा ने एक भी मुसलमान को चुनावी टिकट नहीं दिया।

महागठबंधन और वीआईपी प्रमुखों पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर 3 फीसदी वाले उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो 17 फीसदी मुसलमान अपने ही वोट से मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकते।

मंगलवार को सदर प्रखंड स्थित चरवाहा विद्यालय में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील की कि वे मोनाजिर हसन के पक्ष में वोट देकर महागठबंधन के वोट बैंक में सेंध लगाएँ।

बिहार निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, मुंगेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 333,480 मतदाता हैं, जिनमें 176,751 पुरुष, 156,711 महिला और 18 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुनस्यारी पहुंचे, जनता और जवानों से किया आत्मीय संवाद

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुनस्यारी पहुंचे, जनता और जवानों से किया आत्मीय संवाद

“जनसेवा और सीमाओं की सुरक्षा – यही उत्तराखंड की पहचान है”  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय मुनस्यारी दौरे पर पहुंचे। मुनस्यारी हेलीपैड (राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, जी.जी.आई.सी.) पर पहुंचने पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पुलिस बल द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

भव्य स्वागत के उपरांत मुख्यमंत्री ने भारी संख्या में उपस्थित मुनस्यारी क्षेत्र की माताओं, बहनों और स्थानीय नागरिकों का अभिवादन किया। उन्होंने लोगों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके स्नेह और समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि विकास की रोशनी हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सीमांत क्षेत्रों के लोगों को बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है।

इसके बाद मुख्यमंत्री श्री धामी ने आईटीबीपी की 14वीं बटालियन, मुनस्यारी पोस्ट का दौरा किया। वहां जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री ने जवानों से भेंटकर सीमा सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा,

“आपके त्याग, अनुशासन और समर्पण से ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं।”

मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी के अधिकारियों और जवानों को राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं भी दीं।

दौरे के दौरान श्री धामी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं और जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा की तथा अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अपने कॉलेज के पुराने मित्रों से भी भेंट की और आत्मीय संवाद करते हुए पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने मित्रों के साथ स्मृति स्वरूप तस्वीरें खिंचवाईं और उनके परिवारों के कुशलक्षेम की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री के आगमन से मुनस्यारी क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी का यह स्नेहपूर्ण और जनसंपर्क से भरपूर दौरा सीमांत क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक रहा।