इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने काशीपुर में राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का किया शुभारम्भ
उत्तराखण्ड के नगरों में स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे को मिला नया आयाम
मुख्यमंत्री ने 46 करोड़ 24 लाख के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष समारोह की श्रृंखला में काशीपुर में मंगलवार को राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने 46 करोड़ 24 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया तथा दिव्यांग सशक्तिकरण कौशल विकास वाहन व नगर निगम काशीपुर के 14 कूड़ा एकत्रित करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में, जब हमारे शहर अपने स्वरूप में ढल रहे थे, तब हमारे निकायों के सामने बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक संसाधनों का भी अभाव हुआ करता था। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं ने भी विकास कार्यों की गति को अत्यधिक प्रभावित किया। परंतु इन 25 वर्षों की इस गौरवमयी यात्रा में हमारे राज्य ने अनेकों चुनौतियों का सामना करते हुए विकास, समृद्धि और सुशासन के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी राज्य की आत्मा उसके गाँवों में बसती है तो शहरों में हमारे नागरिकों के सपने और आकांक्षाएँ आकार लेते हैं। इसी सोच के साथ हमने शहरी विकास को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है। आज हमारे नगर स्वच्छता, सड़क व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखण्ड का नगरीय स्वरूप तेजी से बदला है। वर्ष 2001 में जहाँ राज्य की शहरी जनसंख्या लगभग 16 प्रतिशत थी, वहीं आज यह बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। यही नहीं, राज्य गठन के समय राज्य में केवल 63 स्थानीय निकाय थे और देहरादून एकमात्र नगर निगम हुआ करता था, लेकिन आज राज्य में 107 नगरीय निकाय और 11 नगर निगम शहरों के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के समय शहरी विकास विभाग का बजट जहाँ केवल 55 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 13 सौ करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है। बीते 25 वर्षों में हमारे शहरों ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर भी सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर चलते हुए भारत को विकास और समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढाँचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने खुद के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखण्ड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार साढ़े 82 करोड़ रुपये की लागत से 52 स्थानीय निकायों में 115 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी किया जा रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 1100 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक हब परियोजना एवं 100 करोड़ रुपये की लागत से अरोमा पार्क परियोजना भी संचालित की जा रही है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, अन्य जनप्रतिनिधि, सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा उपस्थित थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किए बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन, सुरक्षा के चलते कैंची धाम मंदिर रहा बंद
नैनीताल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार सुबह बाबा नीब करौरी महाराज के प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर में दर्शन किए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद रखा।
राष्ट्रपति के दर्शन के बाद मंदिर को पुनः भक्तों के लिए खोल दिया गया। उनके आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आस-पास के इलाकों में पुलिस बल की कड़ी निगरानी रही, वहीं श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए थोड़ी देर इंतज़ार करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति मुर्मू अपने उत्तराखंड दौरे के तहत आज कैंची धाम पहुंचीं और कुछ देर ध्यान लगाया। इसके बाद वे कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी।
राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बाबा नीब करौरी महाराज के भक्तों का मानना है कि राष्ट्रपति का आगमन कैंची धाम के लिए एक शुभ संकेत है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मां नयना देवी मंदिर में की पूजा, राष्ट्रहित का मांगा आशीर्वाद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को अपने नैनीताल प्रवास के दौरान मां नयना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और राष्ट्र की सुख-शांति एवं खुशहाली की कामना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को अपने नैनीताल प्रवास के दौरान मां नयना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और राष्ट्र की सुख-शांति एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मू का मंदिर समिति के सदस्यों ने पारंपरिक रूप से पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत व अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का नैनीताल दौरा: प्रेसीडेंट का आज ये है शेड्यूल, नयना देवी मंदिर से शुरुआत फिर कैंची धाम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नैनीताल में हैं। वे नयना देवी मंदिर और कैंची धाम के दर्शन करेंगी। उन्हें कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेना है, जहां मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा और डिग्रियाँ प्रदान की जाएंगी। इस दौरान नैनीताल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है।
नैनीताल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को नयना देवी मंदिर के दर्शन के बाद बाबा नीब करौरी स्थापित कैंची धाम के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के नयना देवी मंदिर दर्शन कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस से सुबह से ही सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की है। पैदल आने जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। मंदिर के आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात हैं।
नयना देवी मंदिर से कार्यक्रम की शुरुआत
- राष्ट्रपति मुर्मु के नैनीताल दौरे के दूसरे दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत मां नयना देवी मंदिर दर्शन के साथ होगी। वह 8 बजकर 50 मिनट पर मां नयना देवी मंदिर पहुंचेंगी।
- राष्ट्रपति इसके बाद राजभवन, नैनीताल के मुख्य द्वार का शिलान्यास समारोह में प्रतिभाग करने के पश्चात नीम करोरी बाबा आश्रम, कैंची धाम के लिए प्रस्थान करेंगी
- सुबह 10:05 से 10:35 तक नीब करौरी बाबा आश्रम के दर्शन करने के बाद नैनीताल को वापस आएंगी। पूर्वाह्न 11:15 बजे कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल पहुंचेंगी और पूर्वाह्न 11:25 से 12:15 बजे तक विवि के दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करेंगी। दोपहर 12:15 बजे कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से प्रस्थान कर 12:25 बजे राजभवन, नैनीताल पहुंचेंगी। अपराह्न 2:30 बजे राज भवन, नैनीताल से प्रस्थान करेंगी।
मेधावियों का होगा सम्मान, 16 हजार से अधिक की डिग्री
कुमाऊं विश्विद्यालय नैनीताल के 20 वें दीक्षा समारोह में 89 में से 18 मेधावी छात्रों को मेडल, 16 हजार से अधिक छात्रों को डिग्री जबकि 233 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान करेगी। विवि के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति दीक्षा समारोह में शामिल हो रही हैं। जिसको लेकर छात्रों, प्राध्यापकों व कर्मचारियों में उत्साह है। कुलपति प्रो. दीवान एस रावत के अनुसार राष्ट्रपति के समारोह से प्रस्थान के बाद मेधावियों को उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत भी मेडल प्रदान करेंगे। समारोह में विश्विद्यालयों के कुलपति सहित अन्य विशिष्टजन शामिल होंगे।
“कमबैक क्वीन” स्नेह राणा ने पूरा किया पिता का सपना: वर्ल्ड कप जीत पर देहरादून के सिनौला गाँव में दीवाली जैसा जश्न
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के आईसीसी वर्ल्ड कप जीतते ही, टीम की स्टार खिलाड़ी स्नेह राणा के देहरादून स्थित सिनौला गाँव में उत्सव का माहौल बन गया। न सिर्फ ढोल-नगाड़े बजे, बल्कि स्नेह के संघर्ष और सफलता की कहानी ने हर किसी की आँखें खुशी और गर्व के आँसुओं से भर दीं।
परिवार की भावनाएँ और संघर्ष
- माँ का गर्व: स्नेह राणा की माँ विमला राणा ने जब टीवी पर बेटी को ट्रॉफी उठाते देखा, तो उनकी आँखें नम हो गईं। उन्होंने भावुक होकर कहा, “स्नेह ने पिता का सपना पूरा कर दिया।” यह जीत परिवार के सालों की मेहनत और उम्मीद का फल है।
- बचपन का जुनून: माँ ने बताया कि जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, स्नेह ने क्रिकेट से दोस्ती कर ली थी। वह बचपन से ही काफी मेहनती थीं और वर्षा हो या ठंड, सुबह-सुबह प्रैक्टिस के लिए निकल जाती थीं।
- बड़ी बहन का उत्साह: स्नेह की बड़ी बहन रुचि राणा ने कहा कि भले ही दीवाली खत्म हो गई हो, लेकिन उनकी असली दीवाली तो फाइनल जीतने के बाद ही मनी। सेमीफाइनल जीतने के बाद ही उन्हें यकीन हो गया था कि बेटियाँ फाइनल में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगी।
कमबैक क्वीन” की कहानी
स्नेह के क्रिकेट के प्रति जुनून ने ही उन्हें मुश्किल दौर से बाहर निकाला:
- चोट का संघर्ष: 2016 में खेल के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर हो गई थीं।
- शानदार वापसी: उन्होंने करीब चार साल बाद भारतीय टीम में दोबारा वापसी की। उनके इसी जुनून और दृढ़ता की वजह से उन्हें भारतीय टीम में “कमबैक क्वीन” कहा जाने लगा।
एकेडमी और कोच का जश्न
स्नेह के बचपन के कोच नरेंद्र शाह ने भी इस सफलता पर खुशी जताई।
- एकेडमी का उत्सव: जिस लिटिल मास्टर क्रिकेट एकेडमी से स्नेह ने क्रिकेट सीखा, वहाँ बच्चों ने उनकी तस्वीर के साथ तिरंगा लहराकर जश्न मनाया।
- कोच की राय: कोच नरेंद्र शाह और किरन शाह ने कहा कि स्नेह हमेशा से अनुशासित, जुझारू और समर्पित खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने बताया कि मुश्किल दौर में भी स्नेह ने हार नहीं मानी और अपनी फिटनेस, बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर लगातार मेहनत की।
28 दिन बाद काली नदी के किनारे मिला था प्रदीप दरियाल का शव, फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
5 अक्टूबर को प्रदीप दरियाल अपनी स्कॉर्पियो से हल्द्वानी से पिथौरागढ़ के लिए चले थे, इसी के बाद से वो लापता थे
पिथौरागढ़: लापता होने के 28 दिन बाद काली नदी किनारे मृत मिले मुनस्यारी के प्रदीप दरियाल के शव का फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम हुआ. पोस्टमार्टम के लिए अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज से एक्सपर्ट को बुलाया गया था. पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
5 अक्टूबर को हल्द्वानी से चले थे प्रदीप दरियाल: मुनस्यारी के पातों गांव निवासी 25 वर्षीय युवक प्रदीप दरियाल पुत्र ललित सिंह 05 अक्टूबर को हल्द्वानी से स्कार्पियों वाहन से धारचूला के लिए निकला था. युवक के लापता होने पर जब ढूंढ खोज की गई तो उसका वाहन पिथौरागढ़-धारचूला एनएच के किनारे बलुवाकोट के पास काली नदी किनारे दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिला जबकि प्रदीप लापता था.
28वें दिन मिला था प्रदीप दरियाल का शव: प्रदीप के परिजनों की ओर से बलुवाकोट कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी. प्रदीप का पता नहीं चलने पर क्षेत्रवासियों में पुलिस के खिलाफ नाराजगी थी. पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने मुनस्यारी में प्रदर्शन किया था. मुनस्यारी दौरे में सीएम के सामने इसकी उच्च जांच करने की मांग की थी. दो दिन पूर्व लापता प्रदीप का शव घटनास्थल से लगभग 40 किमी दूर काली नदी किनारे पड़ा मिला. परिजनों ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में पीएम कराने की मांग की थी. इसके चलते रविवार को पोस्टमार्टम नहीं हुआ.
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम: सोमवार को अल्मोड़ा मेडिकल कालेज से फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ एनएल गर्विस पिथौरागढ़ पहुंचे. उनकी मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया. प्रदीप का डीएनए और बिसरा भी सुरक्षित रखा गया है. पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव मुनस्यारी ले गए. काली नदी के तट पर मिले के बाद प्रदीप के शव का रविवार को स्वजनों ने बगैर फॉरेंसिक एक्सपर्ट के पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज से फॉरेंसिक के एक्सपर्ट को बुलाया.
जहां कार मिली वहां से 40 किमी दूर मिला शव: प्रदीप दरियाल, जो 26 वर्ष के थे, बीती 5 अक्टूबर को स्कार्पियो वाहन लेकर धारचूला जा रहे थे और दूंगातोली के पास लापता हो गए थे. उनका वाहन काली नदी के किनारे क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला था. 28 दिन बाद तल्ला बगड़ क्षेत्र से प्रदीप का शव बरामद हुआ. शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाया गया था. रविवार को पोस्टमार्टम होना था, लेकिन परिजनों ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट के बिना इसे कराने से मना कर दिया. पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने मामला सीएमओ के समक्ष रखा. सीएमओ ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखकर फॉरेंसिक एक्सपर्ट भेजने की मांग की. परिजनों ने पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से कराने, बिसरा सुरक्षित रखने और डीएनए सैंपल लेने की भी मांग की थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज: पिथौरागढ़ के सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि-
परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है. फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करा दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.
-गोविंद बल्लभ जोशी, सीओ, पिथौरागढ़-
कौन थे प्रदीप दरियाल? प्रदीप दरियाल हल्द्वानी और पिथौरागढ़ के बीच कार चलाते थे. वो मुनस्यारी के पातो गांव के रहने वाले थे. बीती 5 अक्टूबर को नैनीताल जिले के हल्द्वानी से यात्रियों को लेने के लिए वो करीब 3:00 बजे अपने स्कॉर्पियो वाहन संख्या 04TB6174 पर सवार होकर धारचूला के लिए चले थे. काफी समय बीत जाने के बाद भी वो यात्रियों को लेने नहीं पहुंचे, तो यात्रियों ने उनसे संपर्क करने के लिए फोन किया. इस दौरान प्रदीप का फोन बंद आया. इसकी जानकारी यात्रियों ने पुलिस को दी. अगले दिन यानी 6 अक्टूबर को प्रदीप दरियाल का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हालत में पिथौरागढ़ धारचूला NH ढुंगांतोली थाना बलुवाकोट में काली नदी के किनारे मिला. काफी खोजबीन के बाद भी चालक प्रदीप का कुछ पता नहीं चल सका था. आखिरकार 28वें दिन जहां प्रदीप की स्कॉर्पियो मिली थी वहां से 40 किलोमीटर दूर उनका शव मिला.
देहरादून में आपस में भिड़े दो लोग एक की गई जान, हिरासत में शख्स
देहरादून में पुरानी रंजिश के चलते आपसी मारपीट में एक व्यक्ति की मौत, दो महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था मृतक
देहरादून: प्रेमनगर थाना क्षेत्र के स्मिथ नगर इलाके में पुरानी रंजिश के चलते दो लोगों के बीच विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में मारपीट शुरू हो गई. जिससे एक व्यक्ति के नाक से खून निकलना शुरू हो गया. जिससे वो संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश हो गया. जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बेहोश व्यक्ति को अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं, पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जिससे पूछताछ जारी है.
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के पहाड़गंज निवासी 45 वर्षीय अरुण कुमार उर्फ डीके देहरादून के मोहनपुर पावर हाउस के पास स्मृति विहार में पिछले कई सालों से किराए के कमरे में रह रहा था. सोमवार शाम को अरुण कुमार प्रेमनगर क्षेत्र के स्मिथ नगर में स्थित एक नाई की दुकान से बाहर निकला तो आरोपी के साथ विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गला दबा दिया. जिसके कारण अरुण की नाक से खून निकलना शुरू हो गया और मुंह के बल सड़क पर गिर गया.
वहीं, स्थानीय लोगों की सूचना पर प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अरुण को अस्पताल भिजवाया. जहां पड़ताल के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद आरोपी पैदल ही फरार हो गया. पुलिस ने घटनास्थल की जांच पड़ताल करते हुए आसपास लोगों से पूछताछ की. साथ ही मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाकर घटनास्थल से सबूत जुटाए.
प्रेमनगर थाना प्रभारी कुंदन राम ने बताया कि घटना के संबंध में जानकारी जुटाने पर आसपास के लोगों ने बताया कि अरुण का किसी बात को लेकर एक अन्य व्यक्ति से झगड़ा हुआ था. आपसी मारपीट में वो बेहोश होकर सड़क पर गिर गया और दूसरा व्यक्ति मौके से फरार हो गया.
उन्होंने बताया कि अरुण के खिलाफ साल 2022 में प्रेमनगर थाने में जान से मारने का प्रयास में मुकदमा पंजीकृत होना पाया गया है. जिसमें उसके दो महीने पहले ही जमानत पर बाहर आने की जानकारी मिली है. घटना में पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. जिससे पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने बताया कि अरुण और उसके बीच पहले हुई मारपीट के कारण आपसी रंजिश चल रही थी.
नाई की दुकान के पास दोनों के बीच हुई मारपीट: सोमवार यानी 3 नवंबर को प्रेमनगर क्षेत्र में नाई की दुकान के पास दोनों के आमने-सामने मिलने पर उनके बीच फिर से झगड़ा हो गया. फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए कोरोनेशन अस्पताल भिजवा दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों की जानकारी मिल पाएगी. अब मामले में पुलिस की ओर से अग्रिम आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
“प्रेमनगर क्षेत्र में हुई एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की घटना के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत जांच की जा रही है. तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया जाएगा. एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है. अभी तक की जांच में हिरासत में लिए गए व्यक्ति की ओर से अरुण की हत्या करने के इरादे से हमला किया जाना या किसी हथियार से हत्या किए जाने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं. किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इस संबंध में विस्तृत विवेचना की जा रही है.“- अजय सिंह, एसएसपी, देहरादून
विकास के पथ पर ट्रिपल इंजन की ताकत
उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष : विकास के नए आयामों की ओर एक सुनहरा कदम
उत्तराखंड को नई ऊँचाइयों की ओर ले जाती सरकार : दीप्ति रावत भारद्वाज”
उत्तराखंड राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आगामी 4 नवंबर को माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की अध्यक्षता में भव्य नगर निकाय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
इस सम्मेलन की तैयारियों को लेकर आज काशीपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज जी ने प्रतिभाग किया। बैठक में माननीय महापौर श्री दीपक बाली जी, महामंत्री श्री कुंदन परिहार जी, पार्षदगण, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आगामी नगर निकाय सम्मेलन के सफल आयोजन हेतु विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज जी ने कहा कि —
उत्तराखंड विकास के पथ पर ट्रिपल इंजन की ताकत — मोदी, धामी और बाली — की साझी दृष्टि से निरंतर आगे बढ़ रहा है।
उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती हम सबके लिए गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है। यह अवसर न केवल राज्य की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भविष्य के विकास पथ पर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्प भी है।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, और आगामी सम्मेलन इस दिशा में एक प्रेरणादायक मंच सिद्ध होगा।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने रजत जयंती वर्ष के इस ऐतिहासिक अवसर को सफल एवं अविस्मरणीय बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने काशीपुर में हुई इस बैठक के उपरांत बाजपुर आगमन पर हुए स्नेहिल एवं आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।
रजत जयंती वर्ष-विशेष सत्र पर महाराज ने रखा सरकार की उपलब्धियां का दस्तावेज
देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज उत्तराखंड राज्य निर्माण में शहीद हुए आंदोलनकारी को नमन करते हुए उत्तराखंड की रजत जयंती पर विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य वर्ष 2000 से पूर्व उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते उत्तराखण्ड का उसकी क्षमता के अनुरूप विकास नहीं हो पा रहा था। प्रदेश की जनता ने अपने अधिकारों की लम्बी लड़ाई लड़ी और पृथक राज्य उत्तराखण्ड का निर्माण किया गया। 15 अगस्त 1996 को तत्कालीन प्रधानमंत्री एच०डी० देवगौड़ा ने लालकिले की प्राचीर से उत्तराखंड राज्य बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की। उसके पश्चात 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने भी लाल किले से इस संकल्प को दोहराया और इसके बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में सत्ताइसवें राज्य के रूप में 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड का गठन किया गया। जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार संवारने का काम कर रहे हैं।
प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को उत्तराखंड की रजत जयंती के मौके पर विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा को विस्तार से रखने के साथ-साथ प्रदेश सरकार के आगामी वर्षों के विजन और योजनाओं की जानकारी भी सदन को दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार प्रदेश के चौमुखी विकास के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने प्रदेश में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण निर्माण विभाग, पर्यटन, संस्कृति, पंचायती राज विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम, नागरिक उड्डयन, सूचना प्रौद्योगिकी, पेयजल और ऊर्जा विभाग की 25 वर्षों की उपलब्धियों का दस्तावेज सदन में प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य में सड़कों का विस्तार होने के साथ-साथ बड़ी संख्या में मोटर मार्गो का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के समय प्रदेश में कल 15470 किलोमीटर सड़के थी जिनकी संख्या आज बढ़कर 43765 किलोमीटर हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग के विजन 2050 की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मानसखंड मंदिर माला परियोजना के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं के 16 प्राचीन मंदिरों को जोड़ने वाली सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य गठन के पश्चात 1113 करोड़ की धनराशि से 21296 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर 1860 बसावटों को सड़क संपर्क से संयोजित किया गया। ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान तक 282 ग्रामीण मोटर मार्ग जिनकी लागत 377 करोड़ 34 लाख है का निर्माण किया गया। राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी जो मोटर मार्ग से वंचित रह गई है उसे मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना प्रारंभ की गई है।
पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने सदन को बताया कि 2000 से लेकर अब तक पर्यटन क्षेत्र में बड़ा कार्य हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक राज्य में आ चुके हैं जबकि चार धाम यात्रा में इस वर्ष तीर्थ यात्रियों का आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंच चुका है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना होम स्टेट की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना से अब तक 118 लोग लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कई धार्मिक सर्किटो का भी निर्माण करने के साथ-साथ मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत प्राचीन मंदिरों वे अवस्थाना सुविधा विकसित की जा रही है। भविष्य की योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन की तरह ही केदार खंड मंदिर वाला मिशन योजना को भी धरातल पर उतरने का प्रयास कर रही है। संस्कृति विभाग क्यों उपलब्धियां की जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्री ने बताया कि राज्य गठन के पश्चात प्रदेश के लगभग 100 पुराने देवालयों, मंदिरों और स्मारकों का सर्वेक्षण कराकर उनके विकास हेतु विरासत का अंगीकार योजना को मंजूरी दी गई है। संस्कृति विभाग का आगामी लक्ष्य प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रेक्षागृह, सनातन पुस्तकालय, थीम पार्क और संस्कृत ग्राम की स्थापना करने का है।
प्रदेश में पंचायती राज विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा की जानकारी देते हुए पंचायती राज मंत्री श्री महाराज ने कहा कि राज्य में पंचायत को सशक्त करने के लिए 73वें संविधान संशोधन के तहत 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों के हस्तांतरण हेतु कार्यवाही गतिमानहै। सिंचाई विभाग के अब तक की उपलब्धियां के विषय में उन्होंने बताया कि जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में 3808 करोड़ की बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना पर काम चल रहा है जबकि देहरादून में 2491 करोड़ 96 लाख की लागत की सौग बांध परियोजना की प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद हरिद्वार के 74 गांव को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए 35 किलोमीटर लंबी इकबालपुर नहर प्रणाली तथा कनखल एवं जगजीतपुर नहर की क्षमता विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा पिछले 25 वर्षों में 520 सोलर पंप सेट 1595 डीजल 40 पंप सेट को सोलर में परिवर्तित किया गया है।
प्रदेश के जलागम मंत्री जलागम विभाग द्वारा राज्य गठन के बाद किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए सदन को अवगत कराया की जलागम विभाग द्वारा विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के अंतर्गत 1148 करोड़ की लागत से प्रदेश के आठ जनपदों में धान की खेती से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने 3100 हेक्टेयर बंजर भूमि का पुनरुद्धार और 2000 जल स्रोतों का उपचार किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि भागीरथ मोबाइल ऐप के माध्यम से आम जन को जल स्रोतों के चिन्हीकरण और उपचार में भागीदार बनाया गया है धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा के तहत अभी तक 6000 जल स्रोतों का चिन्नीकरण किया जा चुका है।
नागरिक उद्यान विभाग की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने बताया कि राज्य में अनेक स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया है। उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना किए जाने का भी प्रयास किया जा रहा है जिससे विश्व के देशों से लोग यहां आकर योग-ध्यान के साथ-साथ चारधाम यात्रा का लाभ उठा सकें। उन्होंने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी,ऊर्जा एवं पेयजल विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का ब्यावर प्रस्तुत प्रस्तुत करने के साथ-साथ राज्य को 2047 तक पूर्ण रूप से विकसित करने का विजन भी प्रस्तुत किया।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष की हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य के विकास के लिए धामी सरकार द्वारा 101175.33 रूपए का बजट प्रस्तुत करना है। जिसका उद्देश्य आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित कर बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद 24659 करोड़ की धनराशि की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना भी उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर निश्चित रूप से प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी होगा।
20 हजार की रिश्वत लेते डॉक्टर रंगेहाथ गिरफ्तार
नैनीडांडा के सीएचसी प्रभारी ने पोस्टिंग फिक्स’ कराने के लिए मांगे 20 हजार, विजिलेंस ने मौके पर किया फिक्स!
देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। देहरादून सेक्टर की ट्रैप टीम ने पौड़ी जनपद के नैनीडांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष त्रिपाठी को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
नर्सिंग अधिकारी से मांगी थी रिश्वत
विजिलेंस के अनुसार, डॉ. त्रिपाठी ने अदालीखाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी से उसकी तैनाती उसी स्थान पर बनाए रखने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने रणनीति बनाकर जाल बिछाया और आरोपी डॉक्टर को रिश्वत की रकम लेते हुए दबोच लिया।
घर की भी ली तलाशी, संपत्ति जांच शुरू
गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान की हल्द्वानी सेक्टर टीम ने डॉ. त्रिपाठी के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। टीम अब उनकी चल-अचल संपत्तियों और आय से अधिक संपत्ति अर्जन की दिशा में भी जांच कर रही है।
विजिलेंस टीम को मिला पुरस्कार
इस सफल कार्रवाई के लिए सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ट्रैप टीम को ₹2,500 का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्भीक होकर करें शिकायत
सतर्कता अधिष्ठान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगता है या अनुचित संपत्ति अर्जित करता है, तो उसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दें। अधिष्ठान ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए जनता की भागीदारी सबसे अहम है।
