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कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, हरकी पैड़ी पर लाखों भक्त लगा रहे हैं डुबकी

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कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के बाद अब सीधे बैसाखी, मकर संक्रांति जैसे बड़े स्नान साल 2026 में होंगे

हरिद्वार: साल के अंतिम स्नान कार्तिक पूर्णिमा के दिन हरिद्वार में भक्तों की भारी भीड़ देखते ही बन रही है. सुबह 3:50 के बाद शुरू हुए गंगा स्नान में अब तक लाखों श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं. चारों तरफ जहां तक नजर जा रही है, वहां पर भक्तों की भारी भीड़ ही दिखाई दे रही है.

कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब: कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था और श्रद्धा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. बुधवार तड़के से ही गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर की पैड़ी से लेकर कुशावर्त, भीमगोड़ा, चंडी और रामघाट तक हर ओर भक्तों का सैलाब दिखाई दिया. दूरदराज़ राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर आत्मिक शांति और मोक्ष की कामना की. कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान से जीवन के समस्त दोष मिटते हैं और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

हरकी पैड़ी पर लाखों भक्त लगा रहे हैं डुबकी: गंगा तटों पर हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा. हजारों दीपों से सजी गंगा की धारा का दृश्य देखते ही बन रहा था. श्रद्धालुओं ने दीपदान कर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की और भगवान विष्णु व मां गंगा की पूजा-अर्चना की. नारायण शिला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि-

पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया था. तभी से देवताओं ने पवित्र नदियों में स्नान और दान का विधान शुरू किया जो आज भी जारी है.
-मनोज त्रिपाठी, मुख्य पुजारी, नारायण शिला मंदिर-

कार्तिक पूर्णिमा के लिए सुरक्षा सख्त: भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सख्त किया. पूरे मेला क्षेत्र को 11 ज़ोन और 36 सेक्टर में विभाजित कर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया. जल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फ्लड रेस्क्यू टीमें गंगा घाटों पर तैनात हैं. ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त सीसीटीवी से हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है.

हरिद्वार का ट्रैफिक डायवर्ट किया गया: ट्रैफिक प्रबंधन के लिए रूट डायवर्जन और चेकिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो. प्रशासन की मुस्तैदी और समन्वय के चलते पूरा पर्व शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है. उम्मीद यही जताई जा रही है कि शाम तक 30 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा लेंगे. गंगा स्नान को देखते हुए हरिद्वार आने वाली सड़कों के रूट को भी परिवर्तित किया गया है. नेशनल हाईवे पर जाम ना लगे, इसके लिए भी अलग से इंतजाम किए गए हैं.

रात में रही देव दीपावली की धूम: मंगलवार रात से ही हर की पैड़ी पर देव दीपावली का आयोजन भी किया गया था, जिसमें लाखों दीपक रंग बिरंगी छटा लिए जगमगाते दिखे. आतिशबाजी से हर की पैड़ी का नजारा देखते ही बन रहा था. कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के बाद अब सीधे बैसाखी मकर संक्रांति जैसे बड़े स्नान साल 2026 में होंगे. लिहाजा श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना कर रहे हैं.

एसएसपी मणिकांत मिश्रा का अपराधियों के विरुद्ध सख्त रुख, अवैध असलहों के साथ शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

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आईटीआई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पिस्टल व दो तमंचों सहित अभियुक्त दबोचा, साथी फरार

रूद्रपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जनपद उधमसिंहनगर की पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है। इसी क्रम में थाना आईटीआई पुलिस ने एक बार फिर अवैध असलहों की सप्लाई में लिप्त एक शातिर को दबोचा है। थाना आईटीआई पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर शिवलालपुर अमर झंडादृगुलड़िया रोड से रामपुर मानपुर दत्त गांव की ओर जाने वाली सड़क पर दबिश दी। पुलिस टीम ने मौके से मौ० आलिम पुत्र मौ० हनीफ निवासी ग्राम बांसखेड़ा थाना आईटीआई (उम्र 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के पास से एक पिस्टल 32 बोर मय 01 खोखा कारतूस व 01 जिन्दा कारतूस, तथा दो तमंचे 315 बोर मय 02 जिन्दा कारतूस बरामद किए गए। सप्लाई नेटवर्क का खुलासाः पूछताछ में अभियुक्त मौ० आलिम ने बताया कि उसे ये हथियार उसके ही गांव के मोहम्मद कासिम पुत्र स्व० अब्दुल सलीम द्वारा दिए जाते थे। वह कासिम के कहने पर ये असलहे विभिन्न व्यक्तियों को पहुंचाता था। इस काम के बदले उसे 1500 से 2000 तक मिलते थे। फरार अभियुक्त मोहम्मद कासिम की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।

विधानसभा विशेष सत्र में सीएम धामी ने दोहराया अपना संकल्प, सदन में बुधवार को जवाब देगी सरकार

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उत्तराखंड विधानसभा विशेष सत्र में सीएम धामी ने सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया, विशेष सत्र को चर्चा के लिए एक दिन और बढ़ाया गया

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान आयोजित परिचर्चा में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने राज्य गठन की पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान तक का विस्तृत खाका खींचा. साथ ही सदन के सामने आगामी सालों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया. वहीं, विशेष सत्र को चर्चा के लिए एक दिन और बढ़ाया गया है. ऐसे में बुधवार सरकार अपना जवाब देगी.

सभी मुख्यमंत्रियों का योगदान सराहा: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि अटल सरकार के कार्यकाल में राज्य स्थापना के साथ ही केंद्र सरकार की ओर से राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज दिया गया. जिसके माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी और भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ पर्यटन विकास, औद्योगिक विस्तार और आर्थिक सुधारों का नया दौर शुरू हुआ.

उसके बाद साल 2002 में राज्य के प्रथम विधानसभा चुनाव के बाद नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी. उनके नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक स्थिरता स्थापित करने, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में कई अहम निर्णय लिए गए.

साल 2007 के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का कार्यकाल सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की नीति पर केंद्रित रहा. इसके बाद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के मुख्यमंत्रित्व काल में भी कई ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हुआ.

इसी कड़ी में साल 2012 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता ने कांग्रेस को सत्ता सौंपी. ये कालखंड राज्य के लिए राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक आपदाओं और विभिन्न चुनौतियों का दौर रहा. इसी दौरान केंद्र सरकार के सहयोग से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य शुरू किए गए, जिन्होंने 2013 की भीषण आपदा के बाद श्रद्धालुओं के विश्वास को पुनर्स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई.

जबकि, साल 2017 में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को प्रचंड बहुमत से जीत हासिल हुई, जिसमें त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर मिला. उनके नेतृत्व में राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में अनेक अहम सुधार शुरू किए गए.

उनके बाद तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालते हुए अल्प अवधि में ही हरिद्वार कुंभ जैसे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन का कोरोना जैसी महामारी के बीच सफल आयोजन कराया. इस तरह से तमाम मुख्यमंत्रियों का अपना-अपना योगदान रहा.

कठिन चुनौतियों के बीच निभाई जिम्मेदारी: सीएम धामी ने कहा कि जुलाई 2022 में कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा के दौर और विधानसभा चुनाव से मात्र 7 महीने पहले उन्हें राज्य के मुख्य सेवक के रूप में दायित्व संभालने का अवसर मिला. उस अल्पावधि में कई चुनौतियां थीं, ऐसे में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने राज्य में चल रही विभिन्न नीतियों और योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर नई दिशा देने का प्रयास किया.

जिसके परिणामस्वरूप साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता ने राज्य के इतिहास में पहली बार किसी एक दल को दूसरी बार भारी बहुमत से विजयी बनाया. साथ ही दोबारे राज्य की सेवा करने का अवसर दिया. उसके बाद से सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके सपनों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित होकर काम कर रही है.

प्रगति के पथ पर उत्तराखंड: सीएम धामी ने सरकार के कामकाज का विस्तार से विवरण पेश करते हुए कहा कि राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के साधनों को बढ़ाने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में 30 से ज्यादा नई नीतियों को बनाया गया. जिसके बाद समग्र विकास के विजन के साथ राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का प्रयास किया गया है. इन प्रयासों से नीति आयोग से जारी साल 2023-24 के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है.

आज प्रदेश की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. आज राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना बढ़ोतरी हुई है. राज्य गठन के समय हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 14 हजार 501 करोड़ रुपए था, जो 2024-25 में बढ़कर 3 लाख 78 हजार 240 करोड़ रुपये होने जा रहा है. इसी तरह राज्य गठन के समय हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 15 हजार 285 रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 2 लाख 74 हजार 64 रुपए के करीब है.

डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को बनाया ग्रीष्मकालीन राजधानी: उन्होंने कहा डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का काम किया. उन्होंने खुद गैरसैंण के सारकोट गांव को गोद लिया है. प्रतिपक्ष के साथियों को वहां जाकर जायजा लेना चाहिए. राज्य सरकार ने साल 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन कर 3.56 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश समझौते किए.

किसान कल्याण के लिए समर्पित: सीएम धामी कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए संकल्पित होकर लगातार काम कर रही है. एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराई जा रही है तो वहीं कृषि उपकरण खरीदने के लिए ‘फार्म मशीनरी बैंक’ योजना के माध्यम से 80 फीसदी तक की सब्सिडी भी दी जा रही है.

तीर्थाटन के साथ पर्यटन पर जोर: उन्होंने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है.

आज जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं तो वहीं ऋषिकेश और हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर पर भी काम किया जा रहा है.

देवभूमि बनी खेल भूमि: सीएम धामी ने कहा कि सरकार देवभूमि को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के लिए भी लगातार प्रयासरत है. इसी साल राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इन खेलों में उत्तराखंड ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान हासिल कर नया इतिहास रचा.

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी संकल्पित होकर काम कर रही है. जिसके अंतर्गत सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण दिया गया है.

इंफ्रा प्रोजेक्ट में तेजी: उन्होंने कहा कि आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से पहाड़ों तक रेल पहुंचाने का सालों पुराना सपना साकार होने जा रहा है. इसके साथ ही प्रदेश में रोपवे विकास की दिशा में भी उल्लेखनीय काम हो रहे हैं. केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण भी जल्द शुरू होने जा रहा है.

डबल इंजन सरकार की ओर से उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयासरत है. प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है.

वहीं, देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित करने के साथ ही हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी चल रहा है. हालांकि, अभी हमें स्वास्थ्य क्षेत्र में और अधिक काम करने की आवश्यकता है.

स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया: सीएम धामी ने कहा कि वो साफ नीयत, स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन चलाने का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं. आज उत्तराखंड में न तो किसी घोटालेबाज को संरक्षण मिलता है, न किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा जाता है.

आज भ्रष्टाचारियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करते हुए प्रदेश के इतिहास में पहली बार आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों समेत पिछले चार सालों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है.

राज्यहित में लिए दूरगामी निर्णय: उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यहित में अनेक ऐसे ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा. सरकार ने देश में सबसे पहले ‘समान नागरिक संहिता कानून’ लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने का काम किया.

डेमोग्राफी बदलाव रोकने के लिए सरकार ने प्रदेश में जहां एक ओर ‘धर्मांतरण विरोधी कानून’ बनाया. वहीं, लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसे कृत्यों को रोकने के लिए भी सख्त कार्रवाई की. प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाइयों से ही करने का काम किया गया.

इसके साथ ही देवभूमि के मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य में सख्त भू-कानून लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लेने का भी काम किया. सरकार ने राज्य में मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है. हमारी सरकार रिवर्स माइग्रेशन को लेकर योजनाबद्ध और प्रभावी तरीके से काम कर रही है. कोरोनाकाल के बाद अपने गांव लौटे कई लोगों की सफलता की कहानियां आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बनी हैं.

Breaking News:-आढ़त बाजार से तहसील चौक तक चौड़ीकरण परियोजना को मिली गति, एमडीडीए ने शुरू की रजिस्ट्री प्रक्रिया

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धामी सरकार का विज़न हुआ साकार, आढ़त बाजार परियोजना देहरादून को दिला रही नई दिशा

आढ़त बाजार से तहसील चौक तक चौड़ीकरण परियोजना को मिली गति, एमडीडीए ने शुरू की रजिस्ट्री प्रक्रिया

सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री हेतु मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा और संयुक्त सचिव गौरव चटवाल अधिकृत

मुख्यमंत्री जी की महत्वकांक्षी योजना को साकार करने पर जुटा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) शहर के यातायात दबाव को कम करने और सड़क ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आढ़त बाजार से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत प्रभावित परिसम्पत्तियों के सापेक्ष प्रतिकर वितरण एवं भूखंड आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। रजिस्ट्री के कार्य निष्पादन हेतु मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा व संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को अधिकृत किया गया है। प्रति प्रभावित परिसम्पति की रजिस्ट्री व प्रप्तिकर का कार्य एक साथ प्रारम्भ कर दिया गया है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह परियोजना देहरादून के केंद्रीय क्षेत्र में यातायात सुगमता के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रभावित संपत्तियों के स्वामियों को उचित प्रतिकर एवं वैकल्पिक भूखंड प्रदान करने की दिशा में पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में नागरिकों के सहयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और एमडीडीए सभी प्रभावितों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने जानकारी दी कि सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (प्रान्तीय खंड), देहरादून के पक्ष में प्रारंभ हो चुकी है। सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक के क्षेत्र में बायीं ओर की संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा को अधिकृत किया गया है, वहीं दायीं ओर की संपत्तियों के लिए संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को नामित किया गया है। रजिस्ट्री विलेखों को उपनिबंधन कार्यालय, देहरादून में प्रस्तुत करने हेतु लिपिक धन सिंह चौहान और दिव्यान्श श्रीवास्तव को प्रस्तुतकर्ता के रूप में अधिकृत किया गया है।

यह परियोजना देहरादून शहर के यातायात प्रबंधन और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और शहर के सतत विकास के सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा जाए। आने वाले समय में इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों से मिले सीएम धामी, आश्वासन में कही ये बातें

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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की चौखुटिया के लोगों से मुलाकात, चौखुटिया क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने पर वार्ता, सीएम धामी ने दिया ये आश्वासन

देहरादून: उत्तराखंड के चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किए जाने को लेकर स्थानीय लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं. जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों से स्थल निरीक्षण करने की बात कही. साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ ही हर मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया.

बता दें कि चौखुटिया क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए सीएम धामी ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को अपग्रेड करने के लिए शासनादेश जारी कर दिया है. इसके तहत चौखुटिया अस्पताल की क्षमता 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड कर दी गई है. साथ ही तमाम आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है.

जनहित की हर मांग पर गंभीरता से किया जाएगा विचार: वहीं, मुलाकात के दौरान सीएम धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जनहित की हर मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील है और जन आकांक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और ज्यादा सुदृढ़ बनाने के लिए काम कर रही है.

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे सीएम धामी: सीएम धामी ने बताया कि इस विषय में वो खुद स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे. साथ ही प्रगति की सीधे मॉनिटरिंग करेंगे. उन्होंने कहा कि चौखुटिया और आसपास के क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इसके लिए एक्स-रे मशीन के संचालन की जिम्मेदारी उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को दी गई है.

एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड वासियों के लिए स्थापित किया जाएगा विशेष काउंटर: वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने ये भी कहा कि आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करने के लिए एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड वासियों के लिए विशेष काउंटर स्थापित करने के लिए तत्काल बात की जाएगी. ताकि, प्रदेशवासियों को त्वरित और सरल चिकित्सा सेवा मिल सके.

ठोस स्वास्थ्य नीति पर काम कर रही सरकार: सीएम ने कहा कि प्रदेश की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ठोस स्वास्थ्य नीति पर कार्य कर रही है. मुख्यमंत्री खुद भी जल्द ही चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे. राज्य सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है.

चौखुटिया में डिजिटल एक्स-रे मशीन कराई जाएगी उपलब्ध: वहीं, मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की है कि अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता को बढ़ाते हुए इसे 30 बेड से विस्तारित कर 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा. इसके साथ ही अस्पताल में अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी. जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को नियुक्त किया गया कार्यदायी संस्था: सीएम धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पहाड़ के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े. इसी उद्देश्य से चौखुटिया में उप जिला अस्पताल के निर्माण से संबंधित कामों को तय समय में पूरा करने के लिए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है.

चौखुटिया अस्पताल के विस्तार से लोगों को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के विस्तार से चौखुटिया और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा. जिससे स्वास्थ्य उपचार में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा.

बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया को 50 बेडेड उप जिला चिकित्सालय में अपग्रेड किए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की थी. इसके बाद उत्तराखंड स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने 16 अक्टूबर 2025 को आदेश भी जारी कर दिया था. जिस आदेश में इस बात को कहा गया था कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया को 50 बेडेड उप जिला अस्पताल में अपग्रेड करने के साथ ही डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई जाएगी.

इस आदेश के बावजूद भी चौखुटिया के स्थानीय लोग स्वास्थ्य को बेहतर किए जाने को लेकर आंदोलन कर रहे थे. जिसको देखते हुए बीते दिन यानी 3 नवंबर को उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की ओर से चौखुटिया को उप जिला चिकित्सालय बनाने के लिए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को कार्य संस्था नियुक्ति कर दिया.

कीर्तिनगर में बड़ा हादसा, अलकनंदा में डूबे महिला और पुरुष, सर्च अभियान जारी

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कीर्तिनगर के ढूंढ प्रयाग घाट पर पूजा के दौरान हादसा, अलकनंदा में डूबे महिला और पुरुष, गांव में पसरा मातम

श्रीनगर: टिहरी जिले के कीर्तिनगर क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ है. जहां अलकनंदा नदी में एक महिला अचानक बह गईं. जिसे बचाने के नदी में उतरा शख्स भी तेज बहाव में बह गया. देखते ही देखते दोनों पानी में ओझल हो गए. वहीं, इस घटना के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई. मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम सर्च अभियान चला रही है.

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा कीर्तिनगर के ढूंढ प्रयाग घाट पर पूजा के दौरान हुआ है. बताया जा रहा है कि पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के जबरौली गांव से करीब 15-16 श्रद्धालु आज यानी 4 नवंबर को पूजा-अर्चना के लिए ढूंढ प्रयाग पहुंचे थे. पूजा संपन्न होने के बाद सभी श्रद्धालु स्नान के लिए अलकनंदा नदी में डुबकी लगाने लगे. इसी दौरान दोपहर करीब 12:15 बजे पूजा में शामिल आशा देवी अचानक फिसलकर नदी के गहरे पानी में चली गई. जिससे वो बहने लगीं.

महिला को बचाने की कोशिश में डूबे जसवंत सिंह: ऐसे में लोगों ने आशा बचाने की कोशिश की. इसी कोशिश में जसवंत सिंह भी पानी के तेज बहाव में फंस गए, लेकिन बाहर नहीं निकल पाए. देखते ही देखते दोनों आंखों से ओझल हो गए. जिसे देख लोगों के होश उड़ गए. मौके पर चीख पुकार के साथ अफरा-तफरी मच गई. साथ आए लोगों ने स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन शुरू की, लेकिन जब कोई सफलता नहीं मिली.

अलकनंदा नदी में खोजबीन जारी: इसके बाद उन्होंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलते ही कीर्तिनगर थाने से पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. इसके साथ ही पुलिस ने तत्काल श्रीनगर एसडीआरएफ को भी सूचना दी. कुछ ही समय में एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची. जहां पुलिस के साथ मिलकर नदी में डूबे दोनों लोगों की खोजबीन शुरू की गई.

वहीं, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और तेज जलधारा के कारण अब तक दोनों का कोई पता नहीं चल पाया है. देर शाम तक पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी. मौके पर मौजूद ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों लोग पूजा के बाद स्नान कर रहे थे और अचानक से गहराई में चले गए. फिलहाल, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है. जबकि, जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

अलकनंदा में डूबे लोगों के नाम-

  1. आशा देवी पत्नी गजपाल सिंह गुसाईं (उम्र 40 वर्ष), निवासी- जबरौली, पाबौ, पौड़ी
  2. जसवंत सिंह (उम्र 54 वर्ष), निवासी- जबरौली, पाबौ, पौड़ी

स्वर्गाश्रम क्षेत्र से गंगा में डूबे आदित्य का बैराज में मिला शव

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दिनांक 30.10.2025 को थाना मुनिकीरेती क्षेत्रांतर्गत सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम जौंक, स्वर्गाश्रम निवासी 13 वर्षीय बालक आदित्य रतूड़ी, पुत्र दिनेश प्रसाद रतूड़ी, अपने छोटे भाई विनय (आयु 11 वर्ष), किरायेदार कौशल (आयु 22 वर्ष) तथा पड़ोसी कर्मवीर (आयु 23 वर्ष) के साथ शाम के समय भागीरथी धाम के पास गंगा नदी किनारे घूमने गया था।

घूमने के दौरान आदित्य, विनय एवं कौशल गंगा नदी में कुछ दूरी तक आगे बढ़ गए। अचानक तीनों तेज धारा में बहने लगे। इस बीच कर्मवीर ने उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई। उसने विनय और कौशल को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, किंतु आदित्य गंगा की तेज धारा में बह गया।

घटना की सूचना पर पुलिस एवं एसडीआरएफ टीमों को तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू कार्य हेतु लगाया गया। पुलिस द्वारा तीन टीमें गठित की गईं। इंस्पेक्टर (एसडीआरएफ) कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम डीप डाइविंग उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुँची और सर्च अभियान प्रारंभ किया।
एसडीआरएफ टीम द्वारा लगातार कई दिनों से आधुनिक उपकरणों की सहायता से सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया।
आज दिनांक 04.11.2025 को सर्चिंग के दौरान बालक आदित्य रतूड़ी का शव पशुलोक बैराज क्षेत्र से बरामद किया गया।

शव की पहचान परिजनों द्वारा की गई है। आवश्यक पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम कार्यवाही हेतु शव को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

श्रीनगर वैकुंठ चतुर्दशी मेले का आगाज, सीएम ने किया वर्चअल शुभारंभ, डीएम ने की कमलेश्वर मंदिर में पूजा

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सीएम धामी ने पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर वैकुंठ चतुर्दशी मेले का वर्चुअल शुभारंभ किया.

श्रीनगर: पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में पौराणिक एवं प्रसिद्ध वैकुंठ चतुर्दशी मेले का मंगलवार को रंगारंग आगाज हुआ. इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से मेले का शुभारंभ किया. आवास विकास मैदान में आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रीनगर का यह मेला उत्तराखंड की प्राचीन परंपरा, आस्था और लोकसंस्कृति का जीवंत उदाहरण है. यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, पारंपरिक कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम बन चुका है.

सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए सतत प्रयासरत है. बदरीनाथ और केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य हों या ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण कार्य, सभी योजनाएं तीव्र गति से प्रगति पर हैं. श्रीनगर क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं. इसमें रोडवेज बस स्टेशन में पार्किंग का निर्माण, अलकनंदा नदी के तट पर गंगा संस्कृति केंद्र की स्थापना और श्रीनगर पालिका को नगर निगम का दर्जा देकर नगर के पार्कों, पार्किंग स्थलों और सड़कों का सुधार कार्य शामिल है.

उन्होंने कहा कि बिलकेदार और बेलकंडी क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रीनगर गढ़वाल शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है. वैकुंठ चतुर्दशी मेला यहां की ऐतिहासिक पहचान है, जिसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. इस मेले में हर वर्ग की सहभागिता, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाती है. राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे पारंपरिक मेलों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिले. उन्होंने कहा कि विकास प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंच रही है, जिससे जनसहभागिता और पारदर्शिता दोनों को बल मिलेगा.

डीएम ने की कमलेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना: पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने वैकुंठ चतुर्दशी पर्व की शुकामनाएं देते हुए भगवान कमलेश्वर महादेव को नमन किया. कार्यक्रम के बाद डीएम और मेयर ने कमलेश्वर महादेव मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की और भगवान कमलेश्वर से लोककल्याण और समृद्धि की कामना की.

इस दौरान उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला समर्पण, आस्था और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने कहा कि यह मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन न रहकर सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. विभिन्न जिलों से व्यापारी, शिल्पकार और स्वयं सहायता समूह इसमें भाग ले रहे हैं. मेले में कई नई गतिविधियां जोड़ी गई हैं, जिनमें बेबी शो, फन गेम्स, पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी, महिला स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं और विभिन्न विषयों पर गोष्ठियों का आयोजन शामिल है, जिससे कार्यक्रम और अधिक आकर्षक बना है.

हरिद्वार में सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार ध्वस्त अब तक 550 से अधिक अवैध संरचनाओं पर चला धामी सरकार का बुलडोजर

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हरिद्वार के पावर हाउस पथरी क्षेत्र में सरकारी सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी अवैध मजार को आज धामी सरकार के बुलडोजर ने ध्वस्त कर दिया।

कारवाई से पूर्व अवैध रूप से बनी संरचना को नोटिस दिया गया था। नोटिस की मियाद पूरी होने के एक सप्ताह के बाद सिंचाई विभाग और नगर प्रशासन की टीम ने जाकर इसे ध्वस्त कर दिया।

हरिद्वार जिले में एक षड्यंत्र के तहत सरकारी भूमि पर दर्जनों की संख्या में अवैध मजारें बना दी गई हैं जिन्हें प्रशासन द्वारा नोटिस देकर हटाने की कारवाई की जा रही है।

डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी इस संरचना की ध्वस्तीकरण की कारवाई में नीचे कोई अवशेष नहीं मिला।

उत्तराखंड में धामी सरकार अभी तक 550 से अधिक अवैध मजारों को ध्वस्त कर चुकी है।

चंपावत में बड़ा हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, 2 लोगों की दर्दनाक मौत एक घायल

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चंपावत जिले के लोहाघाट के डूंगरा बोरा इलाके में कार खाई में गिरी, दर्दनाक सड़क हादसे में दो की हुई मौत एक अन्य घायल.

लोहाघाट: चंपावत जिले में मंगलवार 4 नवंबर को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. डूंगरा बोरा से लोहाघाट को आ रही कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई. घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया. घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घटना स्थल पर खाई में उतर रेस्क्यू अभियान चलाया.

घटना के मुताबिक, चंपावत जिले के लोहाघाट विकासखंड के सीमांत क्षेत्र डूंगरा बोरा में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई. दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है. ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोहाघाट विकास खंड के ग्राम डूंगराबोरा निवासी मुकेश कुमार पुत्र फकीर राम मंगलवार सुबह अपनी टैक्सी वैगन आर UK03 TA/2479 से लोहाघाट की ओर आ रहे थे. कार में सवार मनीषा पुत्री हजारी राम और विक्रम राम पुत्र सुरेश राम सवार थे.

बताया गया कि डूंगरा बोरा के पास पहुंचते ही वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा. हादसे में चालक मुकेश कुमार और मनीषा की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि विक्रम राम गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल विक्रम कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह खाई से निकलकर सड़क पर पहुंचे और ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस और प्रशासन की सहायता से रेस्क्यू कार्य में जुट गए. पुलिस ने दोनों शवों को खाई से निकालकर पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है.

उधर सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार लोहाघाट जगदीश सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. तहसीलदार नेगी ने बताया दुर्घटना में मुकेश कुमार उम्र 28 वर्ष पुत्र फकीर राम निवासी डूंगरा बोरा और मनीषा उम्र 22 वर्ष पुत्री हजारी राम की मौके पर मौत हो गई है. जबकि विक्रम राम उम्र 24 वर्षी गंभीर रूप से घायल हो गए. जिन्हें जिला चिकित्सालय चंपावत उपचार हेतु भेज दिया गया है.

तहसीलदार नेगी ने बताया दोनों शवों का आयुष्मान आरोग्य मंदिर डूंगरा बोरा में पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं. फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है, जांच जारी है. दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.