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बी.बी.ए. तृतीय वर्ष का छात्र कुनाल वर्मा बहा गंगा की तेज धारा में- सर्चिंग अभियान जारी

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थाना लक्ष्मण झूला क्षेत्रांतर्गत मस्तराम घाट पर आज सायं लगभग 05:00 बजे एक युवक के गंगा नदी में नहाते समय अचानक गहराई में डूब जाने की सूचना प्राप्त हुई।

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला से रेस्क्यू टीम को तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों एवं स्कूबा डाइविंग सेट के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। टीम ने मौके पर पहुँचकर तुरंत स्थिति का आकलन किया और गंगा नदी में सर्च ऑपरेशन आरंभ किया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डूबे हुए युवक की पहचान कुनाल वर्मा पुत्र सुरेश वर्मा, आयु 20 वर्ष, निवासी जीरकपुर, चंडीगढ़ के रूप में हुई है।
उक्त युवक बी.बी.ए. तृतीय वर्ष का छात्र है, जो अपने चार दोस्तों के साथ ऋषिकेश घूमने आया हुआ था। सायं के समय नहाते हुए वह गंगा की तेज धारा में बह गया।

एसडीआरएफ टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर आधुनिक उपकरणों, डीप डाइविंग तकनीक एवं बोट की सहायता से सघन सर्च अभियान संचालित किया जा रहा है। टीम के प्रशिक्षित गोताखोर नदी की गहराई और प्रवाह की तीव्रता का आकलन कर लगातार सर्चिंग कर रहे हैं।

घटनास्थल पर स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। अंधेरा अधिक हो जाने के कारण आज का सर्च ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जिसे कल प्रातः पुनः प्रारंभ किया जाएगा।

प्रभारी इंस्पेक्टर (एसडीआरएफ) कविंद्र सजवाण ने बताया कि नदी की गहराई, प्रवाह की तीव्रता एवं दृश्यता की कमी के कारण सर्चिंग में कठिनाई आ रही है, फिर भी टीम पूर्ण मनोयोग से सर्च अभियान में जुटी हुई है।

संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को दिया आशीर्वाद — ‘देवभूमि के धर्म-संरक्षक’ की उपाधि

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उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष: देशभर के संतों ने धामी सरकार के सांस्कृतिक संरक्षण व विकास कार्यों की सराहना की

मुख्यमंत्री आवास में आध्यात्मिक संगम — आशीर्वाद, शुभकामनाएँ और सांस्कृतिक दृष्टि का सम्मान

उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवास आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक सौहार्द का केंद्र बन गया, जब देशभर के प्रमुख संतों एवं धर्माचार्यों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक संरक्षण और अध्यात्मिक समृद्धि के प्रति उनके प्रयासों की सराहना की।

संत समाज ने प्रदेश के लिए सकारात्मक बदलाव, विरासत संरक्षण और धार्मिक-सांस्कृतिक मानकों को सुदृढ़ करने वाले निर्णयों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद प्रदान किया और उन्हें “देवभूमि का धर्म-संरक्षक” बताया। संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री आवास में आध्यात्मिक संगम में आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी जी महाराज, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी,परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी,अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविंद्रपुरी महाराज, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री,पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण,प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी,चिंतक और लेखक डॉ. कुमार विश्वास सहित अनेकों प्रतिष्ठित संत-महात्मा एवं धर्माचार्य भेंट करने वाले प्रमुख संत-महात्माओं में शामिल रहे |

सभी संतों ने मुख्यमंत्री को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए राज्य के सांस्कृतिक सम्मान और अध्यात्मिक धरोहर संरक्षण को लेकर उनके समर्पण की सराहना की।

संत समाज ने की सीएम धामी की प्रशंसा
संतों ने कहा कि “मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला नेतृत्व प्रदान किया है। उनके प्रयासों से देवभूमि की मूल आत्मा और सनातन विरासत सुरक्षित और सुदृढ़ हुई है।”

उन्होंने राज्य सरकार की उन नीतियों की भी सराहना की जिनसे सामाजिक-सांस्कृतिक अनुशासन, धार्मिक स्थलों का संरक्षण, आध्यात्मिक पर्यटन विकास तथा परंपरा-संरक्षण को नया आयाम मिला है।

कुम्भ-2027 को भव्य, दिव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए संत समाज तथा सरकार मिलकर कार्य करेंगे

संत समाज ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हरिद्वार कुम्भ-2027 को भव्य, दिव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए वे सरकार के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर कार्य करेंगे। संतों ने कहा कि कुम्भ केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आध्यात्मिक चेतना का महासंगम है, जिसे ऐतिहासिक स्वरूप देना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।

संतों ने यह भी कहा कि कुम्भ की तैयारी के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। यातायात, अधोसंरचना, घाटों का सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्थाएँ, स्वच्छता और तीर्थ विकास जैसे क्षेत्रों में जो योजनाएँ बन रही हैं, वे आने वाले वर्षों में हरिद्वार को विश्व आध्यात्मिक धरोहर केंद्र के रूप में और अधिक प्रतिष्ठित करेंगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि—
“ देवभूमि उत्तराखंड को कुम्भ-2027 में एक नए आयाम तक पहुँचाने की जो दूरदृष्टि मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत की है, वह प्रेरणादायक है। सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित निर्णय, पारदर्शिता और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान से हमें पूर्ण विश्वास है कि यह कुम्भ इतिहास में अपना स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।”

संत समाज ने आश्वस्त किया कि—
“ हम सभी संत-महात्मा, अखाड़े और धर्म संस्थान एक परिवार की तरह एकजुट होकर कुम्भ की सफलता के लिए निरंतर योगदान देंगे। कुम्भ के आयोजन में चाहे आध्यात्मिक मार्गदर्शन हो या जन-आस्था का प्रबंधन, हर मोर्चे पर हमारा सहयोग निरंतर रहेगा।”

सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विकास का केंद्र बन रहा उत्तराखंड

संत समाज ने यह भी कहा कि उत्तराखंड आज तेजी से वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र और शांति-स्थल के रूप में उभर रहा है, जिसका श्रेय राज्य सरकार की सांस्कृतिक दृष्टि और दूरदर्शी नेतृत्व को है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी संतों और आध्यात्मिक गुरुओं ने प्रदेश वासियों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं और उत्तराखंड की रजत जयंती को आध्यात्मिक रूप से ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री ने किया प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का शुभारंभ

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प्रवासी उत्तराखंडी हैं देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर- मुख्यमंत्री

*“विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है राज्य -मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दून विश्वविद्यालय में राज्य स्थापना के रजत रजत जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप एक मिनट का मौन भी रखा गया।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि की संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट लोक संस्कृति, भाषा और बोली में झलकने वाली आत्मीयता हमें विश्वभर में जोड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी जहां भी रहते हैं, अपने साथ देवभूमि की संस्कृति और अपनी मिट्टी की सुगंध लेकर चलते हैं। राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन इसी उद्देश्य से किया है ताकि उनके सुझाव और अनुभव राज्य के विकास की मुख्यधारा में शामिल किए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अनेक प्रवासी स्वयं अपने गांवों को गोद लेकर विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार “विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। “एक जनपद दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालयाज”, “स्टेट मिलेट मिशन”, “नई पर्यटन नीति”, “वेड इन उत्तराखंड” और “सौर स्वरोजगार योजना” जैसी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों में नीति आयोग की रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में उत्तराखंड को “एचीवर्स” तथा “स्टार्टअप रैंकिंग” में “लीडर्स” श्रेणी प्राप्त होना राज्य के सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कार्य कर रही है, जिसके तहत चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि स्वर्ण जयंती वर्ष तक उत्तराखंड ऐसा राज्य बने जहां हर युवा को सम्मानजनक रोजगार मिले, पलायन रुके और प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो। “विकास भी, विरासत भी” की भावना के साथ राज्य सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि वे भी राज्य के इस विकास अभियान में भागीदार बनें।

पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल  भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हमारी देवभूमि का रहस्य और विरासत ईमानदारी तथा परिश्रम में निहित है। इसके कारण उत्तराखंड का व्यक्ति देश-विदेश में अपनी प्रतिभा, कर्मठता और ईमानदारी से कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी ताकत को पहचानना होगा। आज अनेक मानकों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे सभी प्रवासी अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहेंगे और राज्य के विकास में निरंतर योगदान देंगे।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड की अनेक हस्तियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में अपने कार्यों के बल पर विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने सभी प्रवासी उत्तराखंडियों से अपील की कि वे जिन भी क्षेत्रों में दक्ष हैं, राज्य के विकास में उस क्षेत्र में अवश्य योगदान करें। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को राज्य के विकास में जो भी सहयोग देना है, उसमें राज्य सरकार पूरा समर्थन देगी।

दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष और प्रवासी उत्तराखंडी मोहन सिंह बिष्ट ने इस सम्मेलन के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड हमारी आत्मा और संस्कृति की धरोहर है। उत्तराखंड की मिट्टी की खुशबू, बोली की मिठास और लोकनृत्यों की ध्वनि हमारे हृदय में सदा गूंजती रहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रवासी उत्तराखंडी और फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने बताया कि उन्होंने रुद्रप्रयाग जनपद में अपने पैतृक गांव को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक और लोककला की दृष्टि से समृद्ध राज्य है, इसलिए हमें अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य करना होगा।

प्रवासी उत्तराखंडी और राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का यह दिन हमारी मिट्टी की महक, संस्कृति की आत्मा और अपनत्व का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की ठंडी हवा में माँ की ममता बसती है। उत्तराखंड हमारी आस्था, परिश्रम और संस्कारों की भूमि है। उन्होंने कहा कि आज हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे और उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना पूरा योगदान देंगे।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि आज राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जैविक कृषि, औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड के संकल्प के साथ शासन, प्रशासन एवं जनभागीदारी से राज्य आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए तेजी से कार्य कर रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के साथ राज्य ने खेल भूमि के रूप में नई पहचान बनाई है। सरकार की पारदर्शी नीति और अनवरत प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में तीव्र वृद्धि हुई है।

प्रवासी उत्तराखंडी और भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय में निदेशक पूर्णेश गुरूरानी ने कहा कि उत्तराखंड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग सेंटर स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हिमालय फाइबर के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के दोनों मंडलों में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखंडियों ने राज्य के विकास के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा राज्य के लिए किए जाने वाले संभावित योगदान की जानकारी साझा की।

इस अवसर पर विधायक श्री किशोर उपाध्याय, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, सचिवगण और देशभर से आए प्रवासी उपस्थित थे।

हड़कंप! ड्रग लाइसेंस और GST के बिना बेच दी ₹13 करोड़ की नकली दवाइयां, महिला समेत 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज

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देहरादून में ड्रग लाइसेंस और GST के बिना करोड़ों की नकली दवाइयां बेचने पर 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया.

देहरादून: उत्तराखंड निकली दवाइयों के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ ने फिर बड़ी कार्रवाई की है. एसटीएफ ने बिना ड्रग लाइसेंस और बिना जीएसटी के फर्जी फार्मा कंपनी खोलकर दवाइयों का करोड़ों का व्यापार करने वाले 6 आरोपियों के खिलाफ थाना डालनवाला में मुकदमा दर्ज कराया है. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गैस्ट्रो, ब्लड प्रेशर और पेन किलर जैसी सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली नकली दवाई कई राज्यों में सप्लाई की हैं.

एसटीएफ के एसआई नरोत्तम बिष्ट ने थाना डालनवाला में शिकायत दर्ज कराई है कि नकली दवाइयां की खरीद फरोख्त जांच के बाद फार्मा कंपनी के मालिक निवासी पानीपत, हरियाणा को कुछ समय पहले गिरफ्तार किया था. फार्मा की जांच कराई गई तो पता चला कि फार्मा फर्जी है. इस पते पर ऐसी कोई फर्म संचालित होते नहीं पाई गई. फर्म के खातों को चेक किया गया तो पाया कि फर्म का बैंक खाता बिना किसी जीएसटी और ड्रग लाइसेंस के 18 अक्टूबर 2023 को खोला गया है.

खाते की जांच में पता चला कि पिछले दो सालों में नकली दवा के व्यापार संबंधित करीब 13 करोड़ से अधिक का लेन देन हुआ है. इस लेनदेन के संबंध में कोई भी दस्तावेज बिल, जीएसटी रिटर्न आदि आरोपी और उसकी पत्नी ने नहीं बनाए हैं. अधिकतर लेन देन दवाइयां की खरीद फरोख्त करने वाली फर्मों में किए गए हैं. साथ ही दवाइयां खरीदने और बेचे जाने संबंधी कोई बिल प्राप्त नहीं हुआ है.

आरोपी और उसकी पत्नी ने संदिग्ध फर्म से शोभा त्यागी और गौरव त्यागी निवासी रुड़की के यस बैंक राजपुर रोड, प्रोफेसर अनुराधा निवासी कनखल के पीएनबी शाखा गुरुकुल कांगड़ी, अभिनव शर्मा निवासी कनखल, हरिद्वार के एचडीएफसी बैंक और गौरव त्यागी निवासी रुड़की के खाते में दवाइयों की राशि का अवैध लेन देन किया है. साथ ही कई अन्य राज्यों में भी इस फार्मा की ओर से नकली दवाइयां के अवैध व्यापार से संबंधित बैंक खाता नंबर प्राप्त किए गए हैं.

बता दें कि पिछले दिनों सेलाकुई में नकली दवाइयों की फैक्ट्री में छापामारी करने के बाद एसटीएफ की टीम ने कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिसमें से इस आरोपी को भी गिरफ्तार किया था और उसके बाद जेल भेज दिया गया था.

एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रदीप कुमार, श्रुति, गौरव त्यागी, शोभा त्यागी, अभिनव शर्मा और अनुराधा ने उत्तराखंड और अन्य राज्यों में नकली दवाइयां का अवैध व्यापार किया है. जिसके तहत एसटीएफ के एसआई नरोत्तम बिष्ट की तहरीर के आधार पर 6 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और एसटीएफ मामले की जांच कर रही है.

हल्द्वानी में दो बाइकों की भिड़ंत,फर्नीचर कारोबारी की मौत रिश्तेदार गंभीर घायल

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काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार इलाके में मंगलवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में फर्नीचर कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उसका रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों अपनी दुकान से घर लौट रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी के उजाला नगर निवासी असलम सैफी की खेड़ा, गौलापार में फर्नीचर की दुकान थी। मंगलवार देर शाम असलम अपने रिश्ते के भाई नासिर के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें याद आया कि उनका हेलमेट दुकान में ही रह गया है। वे वापस लौट रहे थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने असलम को मृत घोषित कर दिया। नासिर की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है।

वहीं, दूसरी बाइक का चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। खेड़ा चौकी प्रभारी रवीन्द्र राणा ने बताया कि असलम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी कार्रवाई बुधवार को की जाएगी। फरार बाइक सवार की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।

गौरतलब है कि पिछले दस दिनों में गौलापार क्षेत्र में दो बाइकों की भिड़ंत का यह तीसरा हादसा है। इन दुर्घटनाओं में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिससे क्षेत्र के लोगों में दहशत और प्रशासन के प्रति नाराजगी दोनों बढ़ती जा रही है।

 

PM मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने तड़के 5:30 बजे एफआरआई पहुंचे डीएम सविन बंसल

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मुख्यमंत्री के राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष उत्सव को भव्य बनाने कार्यक्रम स्थल पर 24×7 कार्यों की मॉनिटरिंग हेतु दिए गए निर्देशों के क्रम में डीएम तड़के पहुंचे कार्यक्रम स्थल

राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती महोत्सव पर माननीय प्रधानमंत्री के एफआफआई परिसर में आयोजित कार्यक्रम को भव्य बनाने तथा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम स्थल पर 24×7 कार्यों की मॉनिटरिंग के दिए गए निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सुबह तड़के 5:30 बजे आयोजन स्थल पर पहुंच तैयारियों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी।

देहरादून में 25 नवंबर से शुरू होगी पहली महिला क्रिकेट लीग, पुरुष लीग 1 दिसंबर से!

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देहरादून। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के तत्वाधान में देहरादून में पहली बार महिला क्रिकेट लीग की शुरुआत हो रही है जो 25 नवंबर से देहरादून के अलग अलग क्रिकेट ग्राउंड्स पर आयोजित होगी।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के संयोजक पीसी वर्मा ने देहरादून के एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि देहरादून में पहली बार महिला क्रिकेट लीग का आयोजन हो रहा है इस लीग के लिए जो भी इच्छुक खिलाड़ी है वो 8 नवंबर से 20 नवंबर तक एसोसिएशन के हाथी खाना रायपुर कार्यालय से निशुल्क पंजीकरण फॉर्म प्राप्त कर सकते है।साथ ही उन्होंने बताया कि स्वीकृत फॉर्म वाले खिलाडियों के ट्रायल 23 और 24 नवंबर को होंगे जिसके आधार पर 15 सदस्यीय टीमें गठित की जाएंगी।

वहीं पुरुष लीग में के लिए इच्छुक खिलाड़ी क्रिकेट क्लब अकादमी स्कूल और कॉलेज से 8 नवंबर से 20 नवम्बर तक सुबह 12 बजे से 3 बजे तक पंजीकरण फॉर्म प्राप्त कर सकते है प्रत्येक टीम में 20 खिलाड़ी शामिल हो सकेंगे ये मैच 1 दिसंबर से शुरू होंगे।

उत्तराखंड स्थापना दिवस पर अल्मोड़ा में “ट्रेक एवं स्वच्छता अभियान” आयोजित

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उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत पर्यटन विभाग, अल्मोड़ा द्वारा आज एक विशेष “ट्रेक एवं स्वच्छता अभियान” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

अभियान के दौरान युवाओं को पर्वतीय खेलों और साहसिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के तहत अल्मोड़ा कैंट क्षेत्र के डोलीडाना इलाके में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने कहा कि यह अभियान न केवल सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि यह हमें अपनी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा और संवर्धन के लिए प्रेरित भी करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रयासों में निरंतर भागीदारी निभाएं।

कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के अधिकारी, स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवी संगठन और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

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ग्रेटर नोएडा शहर की बगल में जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन का समय आ गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 नवंबर 2025 के बाद जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर होने वाली जनसभा में दो लाख से अधिक नागरिक भाग लेंगे।

जेवर एयरपोर्ट का असली नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है

ग्रेटर नोएडा शहर की बगल में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरणा (यीडा) यमुना सिटी बसा रहा है। यीडा की यमुना सिटी में जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण बनकर तैयार हो गया है। जेवर एयरपोर्ट का असली नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखा गया है। यह एयरपोर्ट गे्रटर नोएडा क्षेत्र के प्रसिद्ध नगर जेवर के पास स्थापित हुआ है। इसी कारण आम बोलचाल की भाषा में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम जेवर एयरपोर्ट पड़ गया है। जिस प्रकार दिल्ली में स्थापित एयरपोर्ट का पूरा नाम इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है किन्तु उस एयरपोर्ट को आम बोलचाल की भाषा में पालम एयरपोर्ट कहा जाता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ  में स्थित एयरपोर्ट का असली नाम चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट है किन्तु आम बोलचाल की भाषा में उसे लखनऊ एयरपोर्ट कहा जाता है। ठीक इसी प्रकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जेवर एयरपोर्ट कहा जाता है।

प्रधानमंत्री ने हामी भर दी है जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के लिए हामी भर दी है।  प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी में बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  22 नवंबर के बाद किसी भी दिन जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं। जेवर एयरपोर्ट के उदघाटन की तारीख की घोषणा प्रधानमंत्री कार्यालय जल्दी ही कर देगा। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के उदघाटन के अवसर पर होने वाली जनसभा में दो लाख से अधिक नागरिक भाग से सकते हैं।

जेवर एयरपोर्ट पर होने वाली जनसभा की तैयारियां तेज

जेवर एयरपोर्ट पर होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नोएडा का जिला प्रशासन, नोएडा पुलिस कमिश्नरी का पुलिस प्रशासन, यीडा का प्रशासन तथा भारतीय जनता पार्टी का संगठन अपने–अपने स्तर से जेवर एयरपोर्ट पर होने वाली जनसभा की तैयारियों में जुट गया है। नोएडा पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बताया है कि जेवर एयरपोर्ट पर जनसभा की व्यवस्था के लिए जेवर एयरपोर्ट के पास एक अस्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है, जिसमें एक इंस्पेक्टर सहित 12 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की लैंडिंग की तैयारी को ध्यान में रखते हुए हेलीपैड से सभा स्थल तक पहुंचने के लिए सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। पुलिस ने एयरपोर्ट क्षेत्र, रास्तों और आयोजन स्थल पर तैनाती के पॉइंट तय कर दिए हैं।

सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सर्विलांस और वायरलेस प्रणाली भी सक्रिय की गई है। इस दौरान मंगलवार को जनसभा की तैयारियों को लेकर सूरजपुर में नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, यापल सीईओ क्रिस्टोफ श्लमैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने आयोजन स्थल और एयरपोर्ट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी लैंडिंग, यात्री प्रबंधन, और यातायात नियंत्रण जैसी तैयारियों की रणनीति बनाई। साथ ही पुलिस ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास अस्थायी चौकी स्थापित कर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की है।

जेवर एयरपोर्ट से प्रथम चरण में रोज उड़ेंगी 150 फ्लाइट

प्रथम चरण में जेवर एयरपोर्ट 3,300 एकड़ में विकसित किया गया है तथा इसके पास एक रनवे होगा, जिसकी सालाना यात्री संभालने की क्षमता 1.2 करोड़ रहेगी। जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के समय प्रतिदिन लगभग 150 फ्लाइट्स का संचालन होगा, जिसके लिए तैयारियां पूरी हैं। DGCA की रिपोर्ट और लाइसेंस प्रक्रिया के बाद ही औपचारिक रूप से यात्रियों की उड़ानें शुरू होंगी। जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के बाद जैसे–जैसे यात्री संख्या बढ़ेगी, दूसरे रनवे व अन्य विस्तार का कार्य शुरू होगा। तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 14 गांवों से लगभग 1858 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा रही है। भविष्य में पांच रनवे और प्रति वर्ष 30 करोड़ यात्री सेवा देने की क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट्स बनेगा। 

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन व संचालन के लिए विस्तृत सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है, जिसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को तैनात किया जाएगा। सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल, नेविगेशन उपकरण, संचार प्रणाली आदि पर डीजीसीए की टीम ने व्यापक परीक्षण किया है। जेवर एयरपोर्ट को जोडऩे के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट से 25 किमी लंबी सडक़ निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। इस प्रकार जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन और संचालन अब अंतिम प्रक्रिया में है और यात्रियों को जल्द ही इसकी विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।

जहरीले कफ सिरप कांड में फरार चल रही ज्योति सोनी गिरफ्तार, 22 बच्चों की मौत से जुड़ा मामला

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नई दिल्ली। 22 बच्चों की मौत से जुड़े जहरीले कफ सिरप मामले में लंबे समय से फरार चल रही सहआरोपी ज्योति सोनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ज्योति, मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी है और उस पर सबूत छिपाने व अपराध में मदद करने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, ज्योति परासिया में एक मेडिकल स्टोर चलाती थी। सोमवार को एसआईटी ने उसे परासिया से हिरासत में लिया। डीएसपी जितेंद्र जाट के मुताबिक, फरारी के दौरान ज्योति बैंगलुरु और बनारस में छिपी रही। इस दौरान उसने जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की भी कोशिश की थी। पुलिस को सूचना मिलने पर एसआईटी ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

ड्रग विभाग की जांच में खुलासा हुआ था कि ज्योति ने फॉर्मासिस्ट सौरभ जैन और न्यू अपना फार्मा के संचालक राजेश सोनी के साथ मिलकर जहरीले कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ़’ के स्टॉक में हेराफेरी की थी और कई अहम जानकारियां छिपाईं। तीनों ने मिलकर डॉक्टर प्रवीण सोनी को बचाने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश की थी। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

जहां सौरभ और राजेश पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे, वहीं अब ज्योति भी पुलिस के कब्जे में है। उसकी गिरफ्तारी के बाद परासिया में चर्चा का माहौल है। कुछ लोगों का कहना है कि उसने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी है, सरेंडर नहीं।

एसआईटी अब ज्योति से यह जानने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसने किन-किन से संपर्क किया और सबूतों को नष्ट करने में उसकी भूमिका क्या रही।