Home Blog Page 107

एमसीडी में विकास के लिए भाजपा उम्मीदवारों को जीताना जरूरी: महाराज

0

 

पटपड़गंज विधानसभा, विनोद नगर में महाराज ने किया विशाल चुनावी सभा को संबोधित

देहरादून/दिल्ली। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने दिल्ली नगर निगम (MCD) उपचुनाव के लिए प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को जीताने की अपील करते हुए पटपड़गंज विधानसभा के विनोद नगर में विशाल चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनावों में केवल भाजपा के उम्मीदवारों को ही पार्षद चुनें ताकि भाजपा के सर्वांगीण विकास के एजेंडे का लाभ दिल्ली के हर वार्ड को मिल सके।

 

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) उपचुनाव के लिए प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को जीताने की अपील करते हुए पटपड़गंज विधानसभा के विनोद नगर वार्ड नं 198 में विशाल चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जलपान से पहले मतदान करें और एमसीडी उपचुनावों में केवल भाजपा उम्मीदवारों को ही पार्षद चुनें ताकि भाजपा के सर्वांगीण विकास के एजेंडे का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि एमसीडी उपचुनाव में कमल खिलाएं क्योंकि आपका एक एक वोट दिल्ली को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

श्री महाराज ने कहा कि अगर एमसीडी में विकास चाहिए तो भाजपा के उम्मीदवारों को जीताना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा ही वह पार्टी है जो इलाके में साफ-सफाई, सड़कें और बेसिक सुविधाओं को सही दिशा में ले जा सकती है। दिल्ली की जनता यह समझ चुकी है कि भाजपा को चुनना मतलब बेहतर रखरखाव और बेहतर विकास का चुनाव करना है। उन्होंने लोगों से विनोद नगर, वार्ड नंबर 198 से भाजपा की निगम प्रत्याशी श्रीमती सरला चौधरी के समर्थन में मतदान करने की अपील की और कहा कि उपचुनाव में भाजपा की जीत दिल्ली के भविष्य के लिए अहम है।

जनसभा के दौरान पटपड़गंज विधायक रविंद्र सिंह नेगी, विधानसभा प्रभारी अनिल शर्मा, वीरेंद्र सिंह जुयाल सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद थे।

जमरानी बांध परियोजना: सांसद अजय भट्ट ने समयबद्ध पूर्णता के निर्देश, देरी पर कंपनी पर पेनल्टी के आदेश

0

 

हल्द्वानी
जमरानी बांध परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश ताकि महत्वाकांक्षी परियोजना को ससमय राष्ट्र को समर्पित किया जा सके।
बांध निर्माण कार्य में विलम्ब करने पर संबंधी कम्पनी पर लगाई जाए पेनल्टी

सांसद अजय भट्ट ने जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। सांसद श्री भट्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी और यदि परियोजना प्रगति समय से पीछे पाई जाती है तो संबंधित कंपनी पर नियमों के अनुसार पेनल्टी लगाई जाए।

उन्होंने भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन मुआवजा धारकों को तत्काल मुआवजा वितरित किया जाए और जो भी मुआवजाधारी उपलब्ध नहीं हैं अथवा जिनका भुगतान लंबित है उनका मुआवजा सुरक्षित रूप से संरक्षित रखा जाएए ताकि उनकी उपलब्धता होने पर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग निर्माण गुणवत्ता पर सतत निगरानी तथा सभी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में महाप्रबंधक महेश कुमार खरे ने प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि डाएवर्जन टनलों का कार्य प्रगति पर है। गौलानदी में 26 मी0 एवं 09 मी0 ऊंचे काॅफर डैम का कार्य भी प्रारम्भ कर दिया गया है

उन्होंने बताया डाएवर्जन का कार्य माह जून 2026 तक पूर्ण कर लिया जायेगा व आगामी मानसून में नदी का सम्पूर्ण बहाव डाएवर्जन टनल के माध्यम से निकाला जा सकेगा तथा मुख्य बांध निर्माण का कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के अन्तर्गत आवासीय कालोनियों, कार्यालयों आदि का निर्माण व अनुरक्षण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
जमरानी बांध परियोजना निर्माण के पश्चात, जिला बरेली, रामपुर, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल के क्षेत्रों नहरों से पानी भेजा जायेगा। इन नहरों का पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्वार का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान तक 8 किमी नहरों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा जुलाई 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

उन्होंने बताया परियोजना के डूब क्षेत्र में जो 1297 परियोजना प्रभावितों में 1100 को लगभग 406.00 करोड का मुआवजा वितरित कर दिया गया है व प्रभावितों के पुर्नवास हेतु प्राग फार्म में कालोनी विकसित किये जाने का कार्य प्रगति पर है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, उप महाप्रबन्धक पीआईयू ललित कुमार, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी,परियोजना प्रबन्धक जमरानी अजय पंत, शाह नवाज, उपराजस्व अधिकारी जमरानी चन्द्र शेखर, सहायक परियोजना प्रबन्धक संजय तिवारी एवं इमरान उपस्थित थे।

सीएम धामी से मिले वर्ल्ड बॉक्सिंग कप के रजत पदक विजेता पवन बर्त्वाल

0

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ी को शानदार प्रदर्शन पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की

देहरादून। वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतने वाले उत्तराखंड के प्रतिभाशाली बॉक्सर पवन बर्त्वाल ने मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने पवन को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि खेलों को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से प्रतिभावान खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बनाने के लिए भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

सीएम ने आशा व्यक्त की कि पवन बर्त्वाल जैसे युवा खिलाड़ी आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम और अधिक रोशन करेंगे।

घटिया नमक प्रकरण में बड़ा सवाल— खाद्य मंत्री को नोटिस क्यों नहीं?

0

 

घटिया नमक प्रकरण में बड़ा सवाल— खाद्य मंत्री को नोटिस क्यों नहीं?

जन संघर्ष मोर्चा ने उठाई सरकार की कार्यप्रणाली पर शंका

विकासनगर।(उत्तराखंड बोल रहा है) घटिया और मिलावटी नमक प्रकरण को लेकर सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जन संघर्ष मोर्चा ने खाद्य मंत्री की कथित मिलीभगत और कमीशनखोरी को लेकर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार असल दोषियों को बचाने और मासूमों पर कार्रवाई करने में जुटी है।

मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारवार्ता में बताया कि खाद्य मंत्री के इशारे पर कल राशन विक्रेताओं और अन्य पर नोटिस जारी किए गए, जबकि घटिया नमक की खरीद में असली भूमिका उसी मंत्री की है, जिनके संकेत पर यह नमक लिया गया था।
नेगी ने तंज कसते हुए कहा—
“सरकारी आपूर्ति का सीलबंद नमक विक्रेताओं ने ही बांटा, तो उनका कसूर क्या? उन्होंने नमक घर में बनाकर रखा था क्या?”

मोर्चा का कहना है कि सरकार का यह कदम पूरी तरह तुगलकी फरमान है और जिम्मेदारी का बोझ उन लोगों पर डाला जा रहा है जो केवल सरकारी निर्देशों का पालन करते हैं।

नेगी ने याद दिलाया कि मोर्चा ने कई महीने पहले ही सरकार, विशेषकर खाद्य मंत्री को अघुलनशील व घटिया नमक के संबंध में आगाह किया था कि कमीशनखोरी के चलते जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न किया जाए। लेकिन सरकार ने चेतावनी को अनसुना कर दिया और आज उपभोक्ताओं को खतरा झेलना पड़ रहा है।

मोर्चा ने सवाल दागा—
“गुजरात की गंधार फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी हो गया, पर खाद्य मंत्री पर कार्रवाई कब होगी?”
क्या मंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई होगी या सरकार उन पर हाथ डालने से बच रही है?

मोर्चा ने मांग की कि—
1️⃣ खाद्य मंत्री की कथित मिलीभगत और कमीशनखोरी की जांच तत्काल शुरू की जाए।
2️⃣ राशन विक्रेताओं को जारी नोटिस तत्काल वापस लिए जाएं।
3️⃣ जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी इस गंभीर गड़बड़ी में जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो।

हरिद्वार में एक और भीषण हादसा, पिकअप ने कार को मारी टक्कर, व्यापारी की मौत, तीन लोग घायल

0

 

हरिद्वार में एक ही दिन में दो सड़क हादसों में 3 लोगों की मौत हो गई है

हरिद्वार: लक्सर हरिद्वार मार्ग पर एक और सड़क हादसा हो गया है. यहां एक अनियंत्रित पिक अप वाहन ने कार सवार को टक्कर मार दी. इस हादसे में ज्वालापुर के व्यापारी की मौत हो गई. गुरुवार देर शाम को मिस्सरपुर स्थित मैंगो फॉर्म हाउस के पास ये हादसा हुआ. हादसे में व्यापारी बिजेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हादसे में उनकी पत्नी समेत चार लोगों को भी चोटें आई हैं. गुरुवार सुबह भी लक्सर हरिद्वार मार्ग पर जियापोता गांव के पास सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई थी.

जानकारी के मुताबित ज्वालापुर के चौहानान मोहल्ला निवासी टेंट हाउस कारोबारी कार से घर लौट रहे थे. कनखल थाना क्षेत्र में मिस्सरपुर स्थित मैंगो फॉर्म हाउस के पास एक अनियंत्रित पिक अप वाहन ने उनकी कार में टक्कर मार दी. टक्कर लगते ही कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कार सवार बिजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए.

शादियों में पनीर खाने वाले सावधान! यूपी बॉर्डर से पुलिस ने पकड़ा 700 किलो ‘जहरीला’ पनीर

0

 

हरिद्वार पुलिस ने शादी समारोह में खपाने के लिए ले जा रहे 700 किलो पनीर को पकड़ा. पुलिस ‘हानिकारक’ बताकर दफनाया.

हरिद्वार: इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है. शादी समारोह में अमूमन लोगों की पसंद पनीर की सब्जी होती है, लेकिन यह पनीर सही है या नहीं इसका हमें अंदाजा नहीं होता. रोजाना सैकड़ों की संख्या में हो रही शादियों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के साथ पुलिस विभाग भी अलर्ट मोड पर है. जिसके तहत मिलावटी और नकली पनीर से लेकर अन्य खाद्य उत्पाद को जब्त कर नष्ट किया जा रहा है. इसी कड़ी में पुलिस ने उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड आ रही पनीर की एक बड़ी खेप को बॉर्डर पर ही पकड़ लिया. जिसका सैंपल लेकर पनीर को गड्ढे में दबा दिया गया.

700 किलो पनीर बरामद: बता दें कि नवंबर महीने में रोजाना सैकड़ों शादियां एक शहर में हो रही हैं. खाद्य सामग्रियों की पूर्ति के लिए न केवल उत्तराखंड बल्कि, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी पनीर मावा और अन्य खाद्य पदार्थ मंगवाए जा रहे हैं. जिसे पहाड़ों में भेजा जा रहा है. लिहाजा, इन खाद्य पदार्थों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों ही अलर्ट मोड पर है. गुरुवार को भी करीब 700 किलो पनीर उत्तर प्रदेश से देहरादून भेजा जा रहा था. जिसे पुलिस ने पकड़ लिया.

हिरासत में गाड़ी का ड्राइवर: पुलिस के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट की गाड़ी में बिना बिल और बिना फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट के पनीर को देहरादून में भेजा जा रहा था, लेकिन तभी पुलिस कर्मियों को गाड़ी पर शक हुआ. जब गाड़ी की चेकिंग की गई तो उसमें कई ड्रम मिले. जिसमें काफी मात्रा में पनीर भरा हुआ था. ऐसे में पुलिस ने तत्काल खाद्य आपूर्ति की टीम को बुलाकर सभी खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कर दिया. साथ ही ड्राइवर को हिरासत में ले लिया.

 हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल का कहना है कि दीपावली से लगातार मिलावटी खाने पीने की सामान को लेकर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की सीमा पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में इस वाहन को पकड़ा गया है. फिलहाल, यह तस्दीक की जा रही है कि यह सामान कहां से लाया गया था और किसे सप्लाई होनी थी? इसका असल मालिक कौन है? फिलहाल, सैंपल के तौर पर भी पनीर को रखकर जांच के लिए भेजा गया है.

14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली, PCC ने बनाई संचालन समिति

0

 

समिति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी बड़े नेताओं को शामिल किया, जिला और महानगर के नेताओं व विधायकों को पर्यवेक्षक बनाया गया है

देहरादून: अगले माह 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एआईसीसी बिहार चुनाव अभियान की तरह ही ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली करने जा रही है. रैली को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को एक प्रदेश स्तरीय संचालन समिति गठित कर दी है. इस समिति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी बड़े नेताओं को शामिल किया है. प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप से जिला और महानगर के नेताओं व विधायकों को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

कांग्रेस की दिल्ली रैली की तैयारी: पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में गठित की गई समिति में नेता प्रतिपक्षत यशपाल आर्या सहित पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन को शामिल किया गया है.

कांग्रेस नेता बनाए गए पर्यवेक्षक: दिल्ली में होने जा रही रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां देने के साथ ही जिला व महानगर स्तर के नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. उत्तरकाशी के पुरोला से बिहारी लाल, उत्तरकाशी से दिनेश गौड़, रुद्रप्रयाग जिले से प्रदीप थपलियाल, कोटद्वार से रघुवीर सिंह बिष्ट, महानगर कोटद्वार से पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, पौड़ी से कविंद्र, टिहरी से विधायक विक्रम सिंह नेगी, चमोली से मुकेश नेगी जो पूर्व जिला अध्यक्ष भी रहे हैं को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

इनको मिली जिम्मेदारी: इसके अलावा देवप्रयाग से पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, हरिद्वार महानगर से विधायक रवि बहादुर जबकि हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इसी तरह रुड़की महानगर से सचिन गुप्ता, रुड़की ग्रामीण से विधायक फुरकान अहमद, रुद्रपुर से विधायक तिलक राज बेहड़, हल्द्वानी से विधायक सुमित हृदयेश, अल्मोड़ा से विधायक मनोज तिवारी, पिथौरागढ़ से विधायक हरीश धामी विधायक समेत कई और नेताओं को भी कांग्रेस पार्टी ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

पर्यवेक्षक करेंगे ये व्यवस्था: गणेश गोदियाल ने बताया कि पर्यवेक्षकों को समुचित व्यवस्थाएं करने, कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित करने, परिवहन व्यवस्था करने के साथ-साथ रैली में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. समग्र मार्गदर्शन के लिए यह सभी पर्यवेक्षक अपने प्रभार वाले निर्धारित क्षेत्र में रैली से संबंधित सभी व्यवस्थाओं के संचालन से लेकर निगरानी और रिपोर्टिंग का दायित्व संभालेंगे.

उपलब्धता के अनुपात में उत्तराखंड को आवंटित हो यमुना जल: महाराज

0

 

ऊपरी यमुना नदी बोर्ड की 9वीं रिव्यू कमेटी की बैठक में सिंचाई मंत्री ने रखा उत्तराखंड का पक्ष

देहरादून/नोएडा। ऊपरी यमुना नदी बोर्ड की 9वीं रिव्यू कमेटी की बैठक प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने राज्य में सिंचाई की कमी से पर्वतीय इलाकों में उगने वाली नकदी फसल फल, सब्जी आदि की उत्पादकता में कमी से पलायन का जिक्र करते हुए उत्तराखंड राज्य को उसकी मांग के अनुसार यमुना जल आवंटित किए जाने का अनुरोध किया।

नोएडा, गौतम बुद्ध नगर स्थित ऊपरी यमुना नदी बोर्ड भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन गंगा संरक्षण विभाग, ऊपरी यमुना नदी बोर्ड द्वारा आयोजित रिव्यू कमेटी की नवीं बैठक में गुरुवार को यमुना नदी से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें जलस्तर, प्रदूषण और जल-बंटवारे के मुद्दे शामिल रहे। बैठक में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, पंचायतीराज, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ऊपरी यमुना बेसिन राज्यों उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इन पांचों राज्यों के मध्य जल बंटवारे को लेकर 12 मई 1994 को एक समझौता हुआ और यमुना बेसिन राज्यों के बीच यमुना जल प्रवाह में से उत्तर प्रदेश को कुल 4.032 बी.सी. एम. जल आवंटित किया गया था। वर्ष 2000 में उत्तराखंड अलग राज्य बनने के बाद ऊपरी यमुना नदी बोर्ड समिति का छठ सदस्य बना। लेकिन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यमुना जल बंटवारे को लेकर समझौता न हो पाने की स्थिति में केंद्र के हस्तक्षेप के बाद उत्तराखंड राज्य को उसकी मांग से लगभग 32% कम यमुना जल आवंटित किया गया।

 

श्री महाराज ने बैठक के दौरान राज्य का पक्ष रखते हुए कहा कि ऊपरी यमुना नदी बोर्ड की 8वीं रिव्यू कमेटी की 21 फरवरी 2024 की बैठक में उत्तराखंड राज्य को तत्कालीन उत्तर प्रदेश के 4.032 बी.सी.एम. यमुना जल के हिस्से में से 0.311बी.सी.एम.यमुना जल आवंटित हुआ था जो कि मांग से 32 प्रतिशत कम था। यमुना जल आवंटन को लेकर सहमति इस शर्त के साथ दी गई थी कि 2025 के बाद समझौता ज्ञापन 12 मई 1994 की समीक्षा की जाएगी।

श्री महाराज ने कहा कि उत्तराखंड राज्य को लखवाड़ एवं किशाऊ बहुउद्देश्य परियोजनाओं से निर्मित होने वाले जलाशयों के दुष्परिणाम का भी सामना करना पड़ेगा राज्य में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसलिए समझौता ज्ञापन 12 मई 1994 की समीक्षा करते हुए उत्तराखंड राज्य को यमुना जल की उपलब्धता के अनुपात में जल आवंटित किया जाये।

श्री महाराज ने दिल्ली में यमुना जल को दूषित होने से बचाने के लिए हरियाणा से यमुना नदी में अमोनिया और अन्य प्रदूषकों के निर्वहन को रोकने के लिए फैक्ट्रियों के पानी का पहले ट्रीटमेंट किया जाने का सुझाव देते हुए कहा कि इसके लिए, फैक्ट्रियों को अमोनिया-विशिष्ट उपचार प्रौद्योगिकियों में निवेश करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके अपशिष्ट का यमुना में छोड़े जाने से पहले ठीक से उपचार किया जाए।

ऊपरी यमुना नदी बोर्ड, रिव्यू कमेटी की नवीं बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, दिल्ली के सिंचाई मंत्री प्रवेश वर्मा, हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रीमति श्रुति चौधरी और राजस्थान के सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत मौजूद रहे।

क्या आपको भी बार-बार होता है माइग्रेन के चलते सिरदर्द? जरूर अपनाएं ये उपाय

0

 

बहुत से लोग माइग्रेन का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं. कुछ लोगों को बार-बार माइग्रेन का दर्द होता है, इसलिए यह उपाय आजमाएं

माइग्रेन एक आम लेकिन गंभीर सिरदर्द है जिसमें सिर के एक तरफ बहुत तेज दर्द होता है. ज्यादातर मरीजों को ऐसा महसूस होता है जैसे कोई उनके सिर में ड्रम बजा रहा हो. इस दौरान, मरीजों को न सिर्फ तेज रोशनी बल्कि आस-पास की आवाजें भी महसूस होती हैं, कभी-कभी जी मिचलाने और उल्टी के साथ. एक आम गलतफहमी यह है कि सिर्फ दवा से ही इस बीमारी से आराम मिल सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि दवा के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव और रेगुलर एक्सरसाइज, खासकर योग, माइग्रेन से आराम दिलाने में बहुत फायदेमंद हो सकते हैं.

माइग्रेन एक ऐसी समस्या है जिससे आजकल हर कोई परेशान है, चाहे वह छोटा हो या बड़ा. इससे आराम पाने के लिए इन टिप्स को जरूर फॉलो करें.

आइस पैक: जब आपको माइग्रेन का दर्द हो, तो अपने माथे, कनपटी या गर्दन पर आइस पैक लगाना एक अच्छा उपाय है. इससे प्रभावित जगह पर ब्लड फ्लो कम होगा और दर्द से राहत मिलेगी. एक तौलिया ठंडे पानी में भिगोकर प्रभावित जगह पर रखना भी फायदेमंद हो सकता है.

थोड़ी कॉफी: इसमें मौजूद कैफीन माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है. यह शरीर को पीठ दर्द की दवाओं को तेजी से एब्जॉर्ब करने में भी मदद करता है. हालांकि, कॉफी कम मात्रा में पीनी चाहिए.

शांत घर: तेज रोशनी और तेज आवाज से सिरदर्द और बढ़ सकता है. इसलिए, अपने घर को शांत और कम रोशनी वाला रखना सबसे अच्छा उपाय है. इससे सिरदर्द और मतली से जल्दी राहत मिल सकती है.

एक्सरसाइज: माइग्रेन होने पर एक्सरसाइज करना अच्छा आइडिया नहीं है. इससे दर्द और बढ़ सकता है. लेकिन, जब आपको माइग्रेन नहीं हो रहा हो तो रेगुलर एक्सरसाइज करने से सिरदर्द को रोकने में मदद मिल सकती है. एक्सरसाइज से एंडोर्फिन और दूसरे केमिकल निकलते हैं जो दर्द कम करने में मदद करते हैं. यह स्ट्रेस भी कम करता है और आपको बेहतर नींद लेने में मदद करता है.

मैग्नीशियम: मैग्नीशियम माइग्रेन के दर्द को रोकने में बहुत मददगार होता है. इसलिए, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और बादाम और काजू जैसे नट्स ज्यादा खाना अच्छा है, क्योंकि इनमें मैग्नीशियम भरपूर होता है. इसके अलावा, दूध, मछली और चिकन में मौजूद राइबोफ्लेविन भी माइग्रेन के दर्द को रोकने में मदद करता है.

नींद: बहुत ज्यादा या बहुत कम सोने से माइग्रेन का दर्द और बढ़ सकता है. इसलिए, आपको रात में 7-8 घंटे सोना चाहिए. साथ ही, हर सुबह एक ही समय पर उठना पक्का करें.

योग: एक्सरसाइज के उलट, योग में शरीर की धीमी हरकतें होती हैं. यह मन को शांत करने में भी मदद करता है. स्टडीज से पता चलता है कि योग माइग्रेन के दर्द की फ्रीक्वेंसी को कम करता है, और अगर यह होता भी है, तो दर्द कम गंभीर होता है.

ट्रिगर से बचें: कभी-कभी आप जो खाना खाते हैं, माहौल, तेज रोशनी और तेज गंध माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकते हैं. ऐसे कारणों को पहचानना और उनसे बचना सबसे अच्छा है.

मेडलाइनप्लस के एक स्टडी में कहा गया है कि हेल्दी डाइट, पूरी नींद, हर दिन एक ही समय पर सोना और वजन कंट्रोल में रखने से माइग्रेन के कारण होने वाले सिरदर्द में राहत मिलती है. इसके अलावा, एक्सपर्ट रोजाना के स्ट्रेस और एंग्जायटी से निपटने के लिए योग, मेडिटेशन और प्राणायाम करने की सलाह देते हैं. वे स्मोकिंग और शराब पीने जैसी आदतों से बचने की भी सलाह देते हैं.

भीषण दुर्घटना में दो सगे भाइयों की जान गई, सड़क पर बिखरे मिले शव

0

 

हरिद्धार: जनपद हरिद्धार में कनखल थाना क्षेत्र के ग्राम जियापोता में गुरुवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो भाईयों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार चल रहा है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक कनखल थाना क्षेत्र के ग्राम कटारपुर निवासी दो भाई साकिब और वासिक पासपोर्ट बनवाने के लिए घर से बाईक पर सवार होकर आज सुबह निकले थे। बताते हैं कि ग्राम जियापोता में सामने से आ रही दूसरी बाईक से उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवकों में एक पीछे से आ रही बस के नीचे और दूसरा ट्रक के नीचे जा गिरे। जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरी बाईक पर सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

आनन-फानन में दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत नाजुक बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हादसे के बाद ट्रक और बस चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है।