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हल्द्वानी RTO का नया आदेश:सीज गाड़ियों को 90 दिनों में नहीं छुड़ाया तो 91वें दिन में नीलामी, मालिक की होगी जिम्मेदारी

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हल्द्वानी में परिवहन विभाग कार्यालय परिसर में लंबे समय से बड़ी संख्या में खड़ी सीज गाड़ियां अब विभाग के लिए मुसीबत बन गई हैं। स्थिति यह है कि परिसर सीज वाहनों से पूरी तरह भर चुका है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 90 दिन के भीतर वाहन रिलीज न कराने पर नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है।

संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) इन्फोर्समेंट अरविंद पांडे ने बताया कि सीज नोटिस जारी होने के बाद भी वाहन स्वामी वाहन छुड़ाने नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण परिसर अनावश्यक रूप से अव्यवस्थित हो रहा है।

लंबे समय तक खड़े रहने से वाहनों की हालत खराब होती

लंबे समय तक खड़े रहने से वाहनों की हालत खराब होती जा रही है और उनकी बाजार कीमत भी तेजी से गिर रही है। उन्होंने बताया कि अब से किसी भी वाहन को सीज करने के दौरान नोटिस पर स्पष्ट रूप से 90 दिन में गाड़ी छुड़ाने और ऐसा न करने पर 91वें दिन नीलामी प्रक्रिया शुरू होने का उल्लेख किया जाएगा। यदि वाहन स्वामी निर्धारित समय में वाहन नहीं लेता है, तो विभाग नीलामी पोर्टल पर गाड़ी की बोली प्रक्रिया शुरू कर देगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी।

RTO पांडे ने बताया कि परिसर में करीब 120 छोटे-बड़े वाहन लंबे समय से खड़े थे, जिनमें से लगभग 40 वाहनों की नीलामी की जा चुकी है। शेष वाहनों की नीलामी प्रक्रिया भी जल्द आगे बढ़ाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग में एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 48 नए पद सृजित

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स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में होगी नई तैनाती, मजबूत होंगी व्यवस्थाएं

देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एएनएम और एमपीडब्ल्यू के 24-24 नए पद सृजित कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इन सभी 48 पदों के सृजन को अनुमोदन प्रदान किया है। इन पदों पर तैनाती के बाद प्रदेशभर के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेन्द्रों व एएनएम सेंटरों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत आधार मिलेगा तथा टीकाकरण अभियान को भी गति मिलेगी।

राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण व विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि आमजन को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसी क्रम में प्रदेश के 9 जनपदों में पूर्व से स्थापित 15 व नवीन प्रस्तावित 8 स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के लिए एएनएम और एमपीडब्ल्यू के 23-23 पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा जनपद उत्तरकाशी के नौगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कंसेरू में आईपीएचएस मानकों के अनुरूप एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 1-1 पद स्वीकृत किए गए हैं।

इनमें एमपीडब्ल्यू के 24 पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि एएनएम के पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। विभाग का कहना है कि नवसृजित पदों पर जल्द तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

-“स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एएनएम व एमपीडब्ल्यू के 24-24 पद सृजित कर दिए गए हैं। इन पदों पर शीघ्र ही तैनाती की जाएगी। इससे आमजन को प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं टीकाकरण अभियान में उल्लेखनीय सुधार होगा।”
डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड

2027 हरिद्वार कुंभ की तैयारियाँ तेज, मुख्यमंत्री धामी ने गंगा तट पर संतों संग की महत्वपूर्ण बैठक

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पहली बार गंगा किनारे हुई बैठक में प्रमुख स्नान तिथियों की हुई घोषणा

हरिद्वार। 2027 के कुंभ के भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार में गंगा किनारे सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ बैठक की। कुंभ के भव्य आयोजन के लिए पहली बार गंगा तट पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी की। उन्होंने 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति, 06 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी 2027 को वसंत पंचमी, 20 फरवरी 2027 को माघ पूर्णिमा, 06 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि (अमृत स्नान), 08 मार्च 2027 को फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान), 07 अप्रैल 2027 को नव संवत्सर (नव वर्ष), 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति (अमृत स्नान), 15 अप्रैल 2027 को श्रीराम नवमी तथा 20 अप्रैल 2027 को चैत्र पूर्णिमा के स्नान की तिथियों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए अखाड़ों के आचार्यों से सुझाव एवं मार्गदर्शन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी निर्णयों में संतगणों की परम्पराओं, आवश्यकताओं एवं सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि कुंभ के सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन के लिए उन्हें संतगणों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि संतों की प्रेरणा, सुझाव और आशीर्वाद के बिना इस महायोजना की पूर्णता की कल्पना भी संभव नहीं है। हमारा प्रयास है कि सभी के अमूल्य सुझावों से कुंभ 2027 की तैयारियों को और अधिक व्यापक, सुव्यवस्थित और संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार कुंभ 2027 को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में आयोजित कुंभ कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण केवल अल्प अवधि के लिए आयोजित किया गया था और शाही स्नान भी प्रतीकात्मक रूप से ही संपन्न हुआ था, लेकिन वर्ष 2027 में होने वाला हरिद्वार कुंभ कई दृष्टियों से ऐतिहासिक और विशेष महत्व का होगा। इस बार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 के कुंभ की तुलना में कई गुना अधिक होने की संभावना है। राज्य सरकार ने हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए अभी से व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग और फायर विभाग सहित सभी संबंधित विभाग सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सभी संभव उपाय सुनिश्चित करेंगे। कुंभ के दौरान पूर्व में घटित दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आकस्मिक आपात स्थिति की तैयारी पहले से ही प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले अधिकारियों का भी पूर्ण सहयोग लिया जाएगा, ताकि हर प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके। कुंभ के दौरान नगर और घाट क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए विशेष टीमों का गठन कर कचरा प्रबंधन, जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अखाड़ों के आचार्य एवं संतगणों द्वारा संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि भव्य एवं दिव्य कुंभ के आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ने अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ भोजन भी किया।

इस दौरान महंत रविन्द्र पुरी महाराज- पंचायती निरंजनी अखाड़ा,  महंत कौशल गिरी महाराज- पंचायती आनंद अखाड़ा, महंत हरिगिरी महाराज- पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा, डॉ. साधनानन्द  महाराज- पंचअग्नि अखाड़ा,  महंत सत्यगिरि महाराज- पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा,  महंत सत्यम गिरी महाराज- पंचायती अटल अखाड़ा,  महंत मुरली दास महाराज- पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा,  महंत वैष्णव दास महाराज- पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा,  महंत राजेन्द्र दास  महाराज- पंच निर्मोही अनी अखाड़ा,  महंत दुर्गादास महाराज- पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा,  महंत भगतराम दास महाराज- पंचायती नया उदासीन अखाड़ा,  महंत जसविंदर महाराज- पंचायती निर्मल अखाड़ा, सांसद राज्यसभा कल्पना सैनी, विधायक हरिद्वार  मदन कौशिक, विधायक रानीपुर  आदेश चौहान, विधायक रुड़की  प्रदीप बत्रा, महापौर नगर निगम हरिद्वार श्रीमती किरन जैसल, महापौर नगर निगम रुड़की श्रीमती अनीता देवी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा/पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आयुक्त गढ़वाल मंडल  विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल  राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी हरिद्वार  मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा मौजूद थे।

MDDA की बड़ी कार्रवाई – देहरादून के कई क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग व निर्माण पर बुलडोज़र, कई साइटें सील और ध्वस्त

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देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण, गैरकानूनी प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे आवासीय व व्यावसायिक ढांचों के खिलाफ आज व्यापक अभियान चलाया। मसूरी, विकासनगर, सेरपुर और देहरादून के विभिन्न इलाकों में एमडीडीए की टीमों ने अवैध निर्माणों को सील किया और कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

एमडीडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना अनुमति की प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज की कार्रवाई उसी सख्ती का हिस्सा है, जिसे लागू करने के लिए प्राधिकरण लगातार अभियान चला रहा है।

कैम्पटी–मसूरी रोड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
पहली कार्रवाई कैम्पटी मसूरी रोड पर खुशहाल सिंह द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण पर की गई। बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे इस निर्माण को टीम ने मौके पर सील कर दिया। कार्रवाई में अवर अभियंता अनुराग नौटियाल और सुपरवाइज़र मौजूद रहे।
टीम ने स्पष्ट किया कि बिना एमडीडीए स्वीकृति किसी भी प्रकार का व्यावसायिक ढांचा खड़ा करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

 

हर्बटपुर में 20 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
दूसरी कार्रवाई हर्बटपुर में हुई, जहां लखन सिंह और जगवीर सिंह द्वारा विवेकानंद अस्पताल के निकट लगभग 20 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने बुलडोज़र चलवाकर पूरी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

कल्याणपुर पोंटा रोड में 15–20 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
तीसरी कार्रवाई कल्याणपुर पोंटा रोड क्षेत्र में प्रवीन बंसल द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और आसपास के क्षेत्र में भी निरीक्षण किया।

सेरपुर–सेलाकुई में 30 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
चौथी कार्रवाई सेरपुर, सेलाकुई क्षेत्र में जब्बार अली द्वारा लगभग 30 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर हुई। एमडीडीए टीम ने पूरे क्षेत्र को चिन्हित कर बुलडोज़र से ध्वस्त कराया। यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन अवैध कॉलोनियों के बढ़ते प्रसार को देखते हुए एमडीडीए ने इसे निगरानी में रखा हुआ है।

एमडीडीए ने दोहराया कि अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही, प्राधिकरण ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति अवश्य जानने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी कार्रवाइयों के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता नितेश राणा, अवर अभियंता अमन पाल, ललित सिंह और संबंधित सुपरवाइज़र मौके पर उपस्थित रहे।

एमडीडीए प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे सभी आवासीय व व्यावसायिक निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आज की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत और सख्त कदम उठाए जाएंगे। सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के लिए एमडीडीए अपनी कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा।

प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किसी प्रकार की प्लाटिंग, कॉलोनी या निर्माण वैध नहीं माना जाएगा। जनता से अपील है कि किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले उसकी कानूनी स्थिति अवश्य जांचें। एमडीडीए नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण रोकने के लिए निरंतर अभियान चला रहा है।

भालू के आतंक से उत्तरकाशी परेशान,एक और ग्रामीण बना भालू का शिकार, गंभीर रूप से घायल हरीश हायर सेंटर रैफर,मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक सजवान

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देहरादून/उत्तरकाशी

पहाड़ों में नहीं थम रहा जंगली जानवरों का आतंक।

उत्तरकाशी के रैथल गाँव में ग्रामीण पर एक भालू ने हमला कर घायल दिया। गम्भीर रूप से घायल हरीश से मिलने पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँच गए और चिकित्सकों से मिल कर बेहतर से बेहतर इलाज देने को वार्ता की।

बताते छपे कि भटवाड़ी प्रखंड के रैथल गाँव में भालू के हमले में ग्रामीण हरीश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह घटना अत्यंत चिंताजनक है और क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वन्यजीव आतंक पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

ग्रामीणों की सतर्कता और स्थानीय वनकर्मियों के सहयोग से घायल को तुरंत जिला अस्पताल उत्तरकाशी पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफ़र कर दिया है।

घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने चिकित्सकों से घायल के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि

क्षेत्र में जंगली भालुओं का आतंक लगातार बढ़ ही रहा है। वन विभाग को अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे आक्रामक भालुओं को आदमखोर घोषित कर नियंत्रित किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने आगे कहा कि वे इस कठिन समय में क्षेत्र की जनता के साथ पूर्ण मजबूती से खड़े हैं और सरकार की तरफ से प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

Dehradun: अभाविप ने 77 लाख सदस्यों के साथ बनाया नया कीर्तिमान

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देहरादून: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपने सदस्यों की संख्या को लेकर फिर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 18 लाख की ऐतिहासिक वृद्धि के साथ सदस्यों की संख्या 77 लाख से अधिक हो गई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार को देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में बसाए गए भगवान बिरसा मुंडा नगर में चल रहे विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में विद्यार्थी परिषद की संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूरे देश में 76,98,448 लोगों ने सदस्यता ग्रहण की है। पिछले वर्ष अभाविप ने 59 लाख 36 हज़ार सदस्य बनाए थे। इस प्रकार इस वर्ष 18 लाख सदस्य बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है।

सोलंकी ने कहा कि छात्रों के मुद्दे उठाने और उनके हितों की बात करने के कारण अभाविप का छात्रों के बीच भरोसा बढ़ा है। संगठन ने शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं के लिए सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के पक्ष में आवाज उठाने, महिलाओं को नेतृत्व देने की दिशा में बढ़ने के लिए विद्यार्थी परिषद ने अच्छा प्रयास किया है।

Pithoragarh: BRO ने किया ब्रिज निर्माण, यात्रा हुई आसान

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आदि कैलाश क्षेत्र में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की 65 आरसीसी ग्रेफ ने 14,500 फीट की ऊंचाई पर 100 फीट का वैली ब्रिज सिर्फ 6 दिनों में तैयार कर दिया। यह ब्रिज पार्वती कुंड से निकलने वाले विंचिती नाले पर बनाया गया है।

40 टन क्षमता वाले इस बैली ब्रिज को 30 मजदूरों ने लगातार काम करके पूरा किया। ऊंचाई, मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद इतनी कम समय-सीमा में निर्माण पूरा होना बीआरओ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

ब्रिज बनने से अब आदि कैलाश क्षेत्र में स्थानीय लोगों, सीमा पर तैनात जवानों और पर्यटन से जुड़े वाहनों की आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम हो गई है।

कर्नल ने बताया क्यों जरूरी था यह ब्रिज

765 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह ने कहा कि विंचिती नाले में बारिश के मौसम में पानी बढ़ने और मिट्टी धंसने से आवाजाही रुक जाती थी। जवानों की मूवमेंट, लॉजिस्टिक सप्लाई और स्थानीय लोगों की यात्रा में बार-बार दिक्कतें आती थीं। उन्होंने बताया कि 1.2 करोड़ की लागत से बना यह ब्रिज अब पूरे रूट को स्थायी और सुरक्षित कनेक्टिविटी देता है, जिससे वाहनों का संचालन निर्बाध हो गया है।

ज्योलिंगकांग तक सड़क पूरी तरह पक्की, 36 किमी सफर अब 1 घंटे से कम

वहीं, ज्योलिंगकांग आदि कैलाश तक भी अब पक्की सड़क बन चुकी है। गुंजी से कुटी होते हुए ज्योलिंगकांग तक 36 किलोमीटर की दूरी तय करने में पहले ढाई घंटे का समय लगता था। डामरीकरण होने के बाद अब यह सफर एक घंटे से भी कम समय में तय हो रहा है।

आदि कैलाश आने वाले पर्यटकों, सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ ही स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम हुआ है। कुटी के ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि जब तक सड़क नहीं थी उन्हें कुटी से आदि कैलाश जाने में पांच घंटे लगते थे। अब केवल 30 मिनट में पहुंच रहे हैं।

शिव का पुराना धाम है आदि कैलाश

आदि कैलाश को भगवान शिव का प्राचीन धाम माना जाता है। इसे ‘छोटा कैलाश’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसका स्वरूप कैलाश पर्वत से मिलता-जुलता है। शिव–पार्वती मंदिर, पार्वती कुंड, गौरी कुंड और भीम की खेती यहां के प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। रुंग समुदाय इसे अपनी विरासत और आस्था का केंद्र मानता है।

5 नवंबर को हो चुके कपाट बंद

भगवान शिव-पार्वती मंदिर के कपाट इस साल 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर विधि-विधान से बंद किए गए। पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परंपरा निभाई। कपाट बंद होने से पहले 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर दर्शन किए। हल्की बर्फबारी के बीच कपाट बंदी की प्रक्रिया पूरी की गई।

मंदिर के कपाट अब अगले साल मई में खोले जाएंगे। पुजारी भी बर्फबारी बढ़ने से पहले कुटी गांव लौट गए हैं। मौसम सामान्य होने और मार्ग साफ होने के बाद ही प्रशासन यात्रा की औपचारिक शुरुआत करता है।

35 हजार से ज्यादा भक्त पहुंचे इस साल

30 मई से शुरू हुई यात्रा में इस वर्ष 35 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश पर्वत, ओम पर्वत, गौरी कुंड, पार्वती कुंड और भीम की खेती के दर्शन किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद सड़क सुधार और सुरक्षा प्रबंधन बेहतर हुआ है, जिससे पर्यटकों की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अतिक्रमण नहीं हटा…तो अधिकारियों पर गिरेगी गाज: जिलाधिकारी सविन बंसल

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देहरादून के हरबर्टपुर नगर पालिका क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण को समय पर ना हटा पाने को लेकर जिलाधिकारी देहरादून ने प्रशासनिक अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की है… जिलाधिकारी ने ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी तक दे डाली… डीएम की चेतावनी के बाद अधिकारियों के हाथ पैर फूले हुए है… दरअसल हाल ही में डीएम के द्वारा ली गई अधिकारियों की एक बैठक मे अधिकारियों से ही उनके विभाग की संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने की समय सीमा मांगी गई है… जिलाधिकारी ने तय समय सीमा में अतिक्रमण न हटा पाने वाले अधिकारियों पर वेतन रोकने के साथ ही निलंबन व सेवा बाधित करने की चेतावनी तक दे डाली ।

हरबर्टपुर नगर पालिका क्षेत्र में भी लंबे अरसे से 3 अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाही अधर मे लटकी पड़ी है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी हरबर्टपुर को 2 दिन के भीतर चयनित 3 अवैध अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए हैं… डीएम ने चेतावनी दी है की अगर लंबे समय से चयनित ये 3 अतिक्रमण जल्द नहीं हटे तो अधिशासी अधिकारी के ऊपर निलंबन की कार्यवाही की जाएगी। वही इस मामले में अधिशासी अधिकारी हरबर्टपुर बी.एल.आर्य ने बताया कि चयनित तीनों अतिक्रमण को हटाने के लिए तारीख तय हो चुकी है… जिसके लिए कार्यवाही के दौरान मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की मांग की गई है। वही डी.एम के आदेश के बाद हरकत में आए लोक निर्माण विभाग ने भी विकासनगर नगरपालिका के अधिकारियों व व्यापार मंडल को पत्र लिखकर 29 नवंबर तक नेशनल हाईवे पर मौजूद विकासनगर बाजार के पटरी और फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया है… वरना 30 नवंबर को विभाग खुद सकती के साथ अतिक्रमण हटाएगा…जिसका हरजाना भी अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा।

कबाड़ होंगे 15 साल पुराने वाहन! उत्तराखंड स्क्रैप पॉलिसी पर काम तेज, जानिये क्या है खास

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मुख्य सचिव ने राज्यों के लिए विशेष सहायता योजना और विभिन्न विभागों द्वारा लागू किए जा रहे सुधारों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की.

देहरादून: उत्तराखंड में 15 साल पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग अब तेजी से लागू होगी. मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और सड़क सुरक्षा से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट सुधारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से लागू किया जाए.

मुख्य सचिव ने राज्यों के लिए विशेष सहायता योजना और विभिन्न विभागों द्वारा लागू किए जा रहे सुधारों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने कहा जो विभाग समय पर रिफॉर्म्स लागू नहीं कर पाएंगे, उनके विभागाध्यक्षों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी. उन्होंने परिवहन विभाग को चेताया कि 15 वर्ष पुरानी गाड़ियों की स्क्रैपिंग नीति में तेजी लाना आवश्यक है, ताकि सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों को प्रभावी बनाया जा सके. साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक इनफोर्समेंट सिस्टम को अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए.

मुख्य सचिव ने कहा सभी विभाग भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट और आर्थिक सहायता का 100 प्रतिशत लाभ लेने की दिशा में प्रयास करें. प्रत्येक विभाग को अपने मंत्रालयों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए अधिक से अधिक प्रोजेक्ट तैयार करने पर जोर दिया गया. उन्होंने वित्त एवं नियोजन विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ लेने को कहा.

राजस्व विभाग को भूमि सुधार से संबंधित रिफॉर्म्स को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए. बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागों को जो स्टेट शेयर जारी किया जाना है, उसे अगले दो दिनों में रिलीज कर दिया जाएगा. मुख्य सचिव ने यात्रा गाइड और यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी विभागों को निर्देशित किया कि इसके लिए व्यापक तैयारी और समय-समय पर समीक्षा सुनिश्चित की जाए.

राज्य सरकार द्वारा सुधारों को तेज़ी से लागू करने के लिए उठाए गए इन कदमों से पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग नीति और परिवहन क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है.

अग्निवीर भर्ती में अल्मोड़ा के 20 युवाओं का चयन, जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

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अल्मोड़ा जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने चयनित अभ्यर्थियों को एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया.

अल्मोड़ा: राज्य सरकार के निर्देशानुसार युवाओं को सैन्य भर्ती की तैयारी के लिए दी जा रही प्रशिक्षण व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम सामने आया है. खेल कार्यालय अल्मोड़ा द्वारा संचालित अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण में शामिल 50 युवाओं में से 20 युवाओं ने भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त कर जनपद का नाम रोशन किया है. यह उपलब्धि न केवल अल्मोड़ा के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रशिक्षण व्यवस्था की प्रभावशीलता को भी दर्शाती है.

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने चयनित अभ्यर्थियों को एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया. इस दौरान उन्होंने सफल उम्मीदवारों के साथ संवाद कर उनके अनुभवों और तैयारी से जुड़े पहलुओं को जाना.

जिलाधिकारी ने कहा कि अनुशासन, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं. उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि चयनित अभ्यर्थी अन्य प्रशिक्षुओं के लिए रोल मॉडल हैं, जिनसे सीख लेकर वे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.

जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करने वाले कोच सागर सिंह बिष्ट को भी सम्मानित किया. उन्होंने कोच की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत और समर्पण के कारण ही युवा प्रतियोगी वातावरण में बेहतर प्रदर्शन कर पा रहे हैं. खेल कार्यालय द्वारा चलाई जा रही इस विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था को उन्होंने युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया.

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी खोलते हैं. कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, जिला खेल अधिकारी महेशी आर्य, उप क्रीड़ा अधिकारी अरुण बंगयाल, खेल प्रशिक्षक और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अन्य युवा भी उपस्थित रहे.

अधिकारियों ने चयनित अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और अन्य युवाओं को अधिक मेहनत कर आने वाली भर्तियों में बेहतर सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया. अग्निवीर भर्ती में हुई यह सफलता अल्मोड़ा जिले के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है, जो बताती है कि उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर युवा किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं.